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  • CM भगवंत मान ने की राष्ट्रपति से मुलाकात, गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी समारोह में आने का दिया न्यौता

    CM भगवंत मान ने की राष्ट्रपति से मुलाकात, गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी समारोह में आने का दिया न्यौता

    नई दिल्ली: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान आज भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिले। उन्होंने श्रीआनंदपुर साहिब में आयोजित होने वाले श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस समारोहों में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। दोनों की मुलाकात राष्ट्रपति भवन में हुई। इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भारत की राष्ट्रपति से अनुरोध किया कि वे इस ऐतिहासिक अवसर पर आयोजित पवित्र समारोहों में शामिल हो। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी को इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनने का आग्रह किया गया है और उनके दौरे की रूपरेखा को जल्द ही अंतिम रूप दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन समारोहों का विस्तृत कार्यक्रम राष्ट्रपति महोदया के साथ साझा कर दिया गया है और उनसे अनुरोध किया गया है कि वे अपनी सुविधा अनुसार इनमें शामिल हों।

    पंजाब सरकार की देख-रेख में होगा आयोजन

    भगवंत सिंह मान ने भारत के राष्ट्रपति को बताया कि राज्य सरकार ने पंजाबभर में इन पवित्र आयोजनों को गरिमा और श्रद्धा के साथ मनाने के लिए पहले ही कई कार्यक्रमों की योजना बनाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हिंद की चादर’ (धर्म के रक्षक) श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर पंजाब सरकार बड़े पैमाने पर आयोजन करेगी। उन्होंने कहा कि यह श्रृंखलाबद्ध कार्यक्रम पूरे राज्य में अत्यंत श्रद्धा और सम्मान के साथ होंगे, जिनका मुख्य आयोजन श्री आनंदपुर साहिब की पवित्र धरती पर राज्य सरकार की देखरेख में होगा।

    जिलों में होंगे लाइट एंड साउंड शो

    मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार की ओर से गुरुद्वारा सीस गंज साहिब में अरदास और गुरुद्वारा श्री रकाब गंज साहिब से विशाल कीर्तन दरबार के आयोजन के साथ ये स्मृति समारोह पिछले शनिवार से आरंभ हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर से 18 नवंबर तक पंजाब के सभी ज़िलों में लाइट एंड साउंड शो आयोजित किए जाएंगे, जिनमें गुरु तेग बहादुर जी के जीवन और उनके दर्शन पर प्रकाश डाला जाएगा। इसी तरह गुरु साहिब के चरणों से पवित्र हुए नगरों और कस्बों में कीर्तन दरबार सजेगा और 18 नवंबर को श्रीनगर (जम्मू और कश्मीर) में भी कीर्तन दरबार आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि 19 नवंबर को श्रीनगर से नगर कीर्तन निकाला जाएगा जिसमें सैकड़ों कश्मीरी पंडित भी शामिल होंगे। इसी प्रकार 20 नवंबर को तख्त श्री दमदमा साहिब (तलवंडी साबो), फरीदकोट और गुरदासपुर से तीन नगर कीर्तन निकाले जाएंगे, और ये चारों नगर कीर्तन 22 नवंबर को श्री आनंदपुर साहिब में एक साथ संपन्न होंगे।

    आनंदपुर साहिब में आयोजित होंगे भव्य समारोह

    भगवंत सिंह मान ने बताया कि इस पवित्र अवसर के उपलक्ष्य में 23 से 25 नवंबर तक श्री आनंदपुर साहिब में भव्य समारोह आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इन आयोजनों में आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के ठहरने की सुविधा के लिए “चक नानकी” नामक “टेंट सिटी” स्थापित की जाएगी। इसके साथ ही गुरु साहिब के जीवन-दर्शन और उनके अमर संदेश पर आधारित प्रदर्शनियों, ड्रोन शो और अंतर-धार्मिक सम्मेलन का भी आयोजन होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 24 नवंबर को श्री आनंदपुर साहिब में पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें देश की प्रमुख हस्तियाँ गुरु साहिब के जीवन, उनके दर्शन और धार्मिक स्वतंत्रता व मानवाधिकारों की रक्षा के लिए दी गई उनकी अतुलनीय शहादत पर अपने विचार साझा करेंगी।  
  • पंजाब सरकार ने की बाढ़ प्रभावित जिलों के किसानों को मुफ्त गेहूं के बीज वितरण की शुरुआत

    पंजाब सरकार ने की बाढ़ प्रभावित जिलों के किसानों को मुफ्त गेहूं के बीज वितरण की शुरुआत

    CM Mann ने 7 ट्रकों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

    अमृतसर (ens) : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने हाल ही में आई बाढ़ के दौरान लगभग पांच लाख एकड़ जमीन में अपनी फसल गंवाने वाले किसानों को दो लाख क्विंटल गेहूं के बीज मुफ्त प्रदान करने के लिए आज सात ट्रकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ के कारण राज्य के किसानों को अनगिनत मुश्किलों का सामना करना पड़ा है और सरकार इस गंभीर संकट की घड़ी में राज्य के किसानों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि हाल ही में आई बाढ़ के कारण राज्य के किसानों को भारी नुकसान सहना पड़ा है, जिसके चलते राज्य सरकार ने उन्हें 74 करोड़ रुपए के दो लाख क्विंटल बीज मुफ्त प्रदान करने का फैसला किया है।

    भगवंत सिंह मान ने कहा कि बाढ़ प्रभावित जिलों के किसानों को मुफ्त बीज वितरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है और इसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। राज्य के मेहनती किसानों ने देश को अनाज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य के किसान बाढ़ के कारण बड़े संकट का सामना कर रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार उन्हें इस समस्या से बाहर निकालने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इन किसानों को आगामी रबी की फसल बोने में मदद करने के लिए गेहूं के बीज मुफ्त प्रदान किए जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ के दौरान हुई तबाही के कारण किसानों के लिए पैदा हुई मुश्किलों को कम करने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा किया गया यह एक छोटा सा प्रयास है। बाढ़ों के कारण हुई तबाही का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता, क्योंकि पंजाब को पहले कभी इतना नुकसान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि राज्य के मेहनती, बहादुर और दृढ़ किसानों ने बाढ़ के कहर का डटकर सामना किया है और वे राष्ट्रीय खाद्य पूल में अनाज का योगदान देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

    मुख्यमंत्री ने दुख व्यक्त किया कि बाढ़ के कारण 2,300 से अधिक गांव डूब गए, 20 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए और पांच लाख एकड़ जमीन में फसलें तबाह हो गईं। इन बाढ़ों के दौरान 56 लोगों की जान चली गई और लगभग सात लाख लोग बेघर हो गए। 3,200 सरकारी स्कूल क्षतिग्रस्त हो गए, 19 कॉलेज मलबे में तब्दील हो गए, 1,400 क्लीनिक और अस्पताल बर्बाद हो गए, 8,500 किलोमीटर सड़कें तबाह हो गईं और 2,500 पुल ढह गए।

    भगवंत सिंह मान ने कहा कि प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार लगभग 13,800 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है, हालांकि वास्तविक आंकड़ा इससे भी अधिक हो सकता है।

  • ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान के तहत पंजाब में 94 नशा तस्कर गिरफ्तार , 298 स्थानों पर की छापेमारी

    ‘युद्ध नशे विरुद्ध’ अभियान के तहत पंजाब में 94 नशा तस्कर गिरफ्तार , 298 स्थानों पर की छापेमारी

    चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा राज्य से नशों के सफाए के लिए चलाए जा रहे व्यापक अभियान “युद्ध नशों विरुद्ध” के 237वें दिन भी यह मुहिम पूरे जोश के साथ जारी रही। आज पंजाब पुलिस ने राज्यभर में 298 स्थानों पर छापेमारी करते हुए 73 एफआईआर दर्ज कीं और 94 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया। इस तरह अब तक 237 दिनों में कुल 33,950 नशा तस्कर पकड़े जा चुके हैं। छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 197 ग्राम हेरोइन, 40 किलो भुक्की, 1029 नशीली गोलियां/कैप्सूल तथा 12,800 रुपये की ड्रग मनी बरामद की है।

    उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य के पुलिस कमिश्नरों, डिप्टी कमिश्नरों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को पंजाब को नशामुक्त राज्य बनाने का लक्ष्य सौंपा है। नशों के खिलाफ जारी इस अभियान की निगरानी हेतु राज्य सरकार ने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय कैबिनेट सब-कमेटी का गठन भी किया है। इस व्यापक अभियान में 62 गज़टेड अधिकारियों की देखरेख में 1000 से अधिक पुलिस कर्मियों वाली 120 से अधिक पुलिस टीमें शामिल हुईं, जिन्होंने राज्यभर में 298 छापे मारे। पूरे दिन चले इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस टीमों ने 340 संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ भी की।

    राज्य सरकार ने नशों के उन्मूलन के लिए तीन-स्तरीय रणनीति — प्रवर्तन (इन्फोर्समेंट), नशामुक्ति (डी-एडिक्शन) और रोकथाम (प्रिवेंशन) लागू की है। इसी क्रम में पंजाब पुलिस ने आज 44 व्यक्तियों को नशा छुड़ाने और पुनर्वास उपचार के लिए तैयार किया, जो अभियान के ‘डी-एडिक्शन’ हिस्से की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

  • श्री गुरु तेग बहादर जी की 350वीं जयंती पर पंजाब सरकार ने भेजा देशभर के CM को न्योता

    श्री गुरु तेग बहादर जी की 350वीं जयंती पर पंजाब सरकार ने भेजा देशभर के CM को न्योता

    चंडीगढ़: पंजाब सरकार श्री गुरु तेग बहादर साहिब जी की शहादत के 350 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भव्य स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इस ऐतिहासिक अवसर पर देशभर के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रण पत्र देने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सभी कैबिनेट मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी है। कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों को निमंत्रण पत्र पहले ही दिए जा चुके हैं, जबकि शेष राज्यों को भी शीघ्र निमंत्रण दिए जाएंगे।

    इस संबंध में जानकारी देते हुए एक प्रवक्ता ने बताया कि हरपाल सिंह चीमा और लाल चंद कटारूचक्क को ओडिशा, पश्चिम बंगाल और असम के मुख्यमंत्रियों को निमंत्रण पत्र देने की जिम्मेदारी दी गई है। इसी प्रकार, अमन अरोड़ा और तरुनप्रीत सिंह सौंद दिल्ली, उत्तर प्रदेश, गुजरात और उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रण देंगे। डॉ. बलबीर सिंह और हरदीप सिंह मुंडियां छत्तीसगढ़ और झारखंड के मुख्यमंत्रियों को, जबकि हरभजन सिंह ई.टी.ओ. और बरिंदर कुमार गोयल को केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और पुडुचेरी के मुख्यमंत्रियों को निमंत्रण देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    इसी तरह, हरजोत सिंह बैंस और पर्यटन व सांस्कृतिक मामलों के सलाहकार दीपक बाली को महाराष्ट्र, बिहार, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रण देने की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, डॉ. बलजीत कौर और महिंदर भगत मध्य प्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों को निमंत्रण पत्र सौंपेंगे। लालजीत सिंह भुल्लर और डॉ. रवजोत सिंह मेघालय, त्रिपुरा, सिक्किम, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर (जहां राष्ट्रपति शासन लागू है) और नागालैंड में जाकर निमंत्रण पत्र देंगे। दूसरी ओर, गुरमीत सिंह खुड्डियां और संजीव अरोड़ा आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और गोवा के मुख्यमंत्रियों को निमंत्रण पत्र सौंपेंगे।

  • IAS Officers एसोसिएशन ने ‘मिशन चढ़दी कला’ के समर्थन में दिया पांच लाख रुपये का दान

    IAS Officers एसोसिएशन ने ‘मिशन चढ़दी कला’ के समर्थन में दिया पांच लाख रुपये का दान

    चंडीगढ़: पंजाब राज्य आईएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन ने आज राज्य के बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री के मिशन चढ़दी कला में पाँच लाख रुपये का योगदान देने की घोषणा की। एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की और बताया कि वे इस वर्ष दिवाली सादगीपूर्वक मना रहे हैं तथा मिशन चढ़दी कला को पाँच लाख रुपये का योगदान दे रहे हैं।

    उल्लेखनीय है कि अधिकारियों ने इससे पहले भी राज्य के बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए अपनी एक दिन की तनख़्वाह का योगदान दिया है।

  • Punjab News: ठेके का करिंदा लापता, नहर किनारे मिला संदिग्ध परिस्थितियों में सामान, देखें वीडियो

    Punjab News: ठेके का करिंदा लापता, नहर किनारे मिला संदिग्ध परिस्थितियों में सामान, देखें वीडियो

    मोबाइल, चप्पल और स्कूटर नहर से हुआ बरामद

    फरीदकोटः शराब के ठेके में काम करते एक व्यक्ति के लापता होने का मामला सामने आया है। आशंका जताई जा रही है कि व्यक्ति की ओर से नहर में छलांग लगाई गई है। नहर के पास से व्यक्ति की चप्पलें, मोबाइल और स्कूटर बरामद हो गया है। जानकारी अनुसार फरीदकोट का बाल कृष्ण डोगर बस्ती का रहना वाला है और शराब के ठेके पर काम करता है, सुबह जब वह काम पर न पहुंचना तो उसकी तलाश की तो नहर के पास से उसका मोबाइल, स्कूटर और चप्पलें बरामद हुई है। जिसके बाद पारिवार मेंबर मौके पर पुहंचे और पुलिस को सूचित किया। जिसके बाद पीसीआर मुलाजिमने मौके पर पहुंच स्थिति का जायजा लिया। लापता व्यक्ति के बेेटे ने बताया कि सुबह ठेके के मालिक ने घर में फोन किया कि आज ठेका नहीं खोला है। उसने बताया कि उनके पिता सुबह ही घर से काम पर चले गए थे। जिसके बाद उन्होंने जांच की तो पता चला कि नहर किनारे कुछ सामान बरामद हुआ है। जिसके बाद वह मौके पर पहुंचे। उनकी ओर से पुलिस को सुचित किया गया है। पिता की तालाश की जा रही है।
  • Punjab News : CM MANN ने किसानों को लेकर केंद्र सरकार पर साधा निशाना, देखें वीडियो

    Punjab News : CM MANN ने किसानों को लेकर केंद्र सरकार पर साधा निशाना, देखें वीडियो

    केंद्र सरकार से किसानों से वार्ता करने की अपील

    चंडीगढ़। किसान विरोधी रवैये के लिए केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बुधवार को स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसान विरोधी सख्त कानून को पिछले दरवाजे से पास करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा की जा रही किसी भी कोशिश का राज्य सरकार जोरदार विरोध करेगी।

    यहां अपने सरकारी आवास पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से शंभू और खनौरी सीमा पर किसान आंदोलन चल रहा है। उन्होंने बताया कि किसान संगठनों ने पिछले साल जनवरी-फरवरी में केंद्र सरकार से विस्तारपूर्वक वार्ता की थी, और राज्य सरकार ने इस वार्ता के लिए पुल का काम किया। मान ने कहा कि किसानों की मांगें मुख्य रूप से केंद्र सरकार से संबंधित हैं, और इसमें पंजाब की कोई भूमिका नहीं है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सत्ता में आने के बाद मोदी सरकार ने किसानों के प्रति कोई संवेदनशीलता नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि अब केंद्र सरकार पीछे के दरवाजे से काले कानून लागू करने का प्रयास कर रही है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि किसानों की सभी मांगें केंद्र सरकार से जुड़ी हुई हैं, लेकिन मोदी सरकार इस पर उदासीन बनी हुई है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की ओर से मरण व्रत जारी है परंतु केंद्र सरकार को उनकी परवाह नहीं है, जबकि राज्य सरकार ने उनकी स्वास्थ्य देखभाल के लिए 50 से अधिक डॉक्टरों की नियुक्ति की है। मान ने बताया कि उन्होंने खुद डल्लेवाल को फोन कर उनका मरण व्रत समाप्त करने की अपील की थी, परन्तु केंद्र सरकार ने अन्नदाताओं की भावनाओं को शांत करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार चाहती है कि शांतिपूर्ण ढंग से बैठे डल्लेवाल और किसानों को धरने की जगह से हटा दिया जाए, भले ही इस आंदोलन से कानून व्यवस्था में कोई समस्या पैदा नहीं हो रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वह हैरान हैं कि केंद्र सरकार किसानों के साथ बातचीत करने से बच रही है और इस जिम्मेदारी को राज्य सरकार पर डालने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की शिकायतों का समाधान करने के बजाय किसानों पर ही जिम्मेदारी डालने का प्रयास कर रही है। मान ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की समस्याओं को हल करने के बजाय फिर से काले कानून लागू करने की तैयारी कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसी भी ऐसे कदम का समर्थन नहीं करेगी, जो पंजाब और उसके किसानों के हितों के खिलाफ हो। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों की कीमती जानें बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को पहले ही लागू कर रही है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह विरोधाभास की स्थिति है क्योंकि किसानों के मुद्दे केंद्र से संबंधित हैं और हरियाणा सरकार किसानों पर बल प्रयोग कर रही है, लेकिन पूरी स्थिति के लिए पंजाब को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री ने किसान नेता डल्लेवाल से अपना मरण व्रत समाप्त करने की अपील करते हुए कहा कि उनकी जान देश और किसानों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पंजाब के किसानों द्वारा देश के लिए दिए गए इतने बड़े योगदान के बावजूद उनके साथ बातचीत शुरू करने के लिए कोई कदम नहीं उठा रही है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि केंद्र को अपनी अहंकारी और बेरुखी भरी नीति छोड़कर सभी संबंधित पक्षों के साथ खुलकर बातचीत करनी चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों को डीएपी खाद उपलब्ध कराने में असफल रही है और राज्य से चावल की खरीद अब तक पूरी नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इन समस्याओं को हल करने के बजाय राज्य, विशेष रूप से किसानों और सरकार के बीच फूट डालने की कोशिश कर रही है, जो पूरी तरह से अस्वीकार्य है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार गन्ना किसानों को सबसे ज्यादा एसएपी दे रही है और राज्य में पानी के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि उनकी सरकार कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब को किसान आंदोलन से निपटने के लिए न तो एयर एंबुलेंस की जरूरत है और न ही अतिरिक्त बलों की, लेकिन केंद्र सरकार को सभी पक्षों, विशेष रूप से किसानों के साथ बातचीत शुरू करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य की शांति और कानून-व्यवस्था को हर कीमत पर बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनावों में लाभ लेने के लिए केंद्र को इतना नीचे नहीं गिरना चाहिए। भगवंत सिंह मान ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों के साथ बातचीत करके इस मुद्दे को हल करने से बच रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इस मुद्दे को रोजाना केंद्र सरकार के समक्ष उठा रहे हैं, लेकिन केंद्र किसानों की किसी भी मांग पर ध्यान नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि राज्य का विषय है, लेकिन केंद्र सरकार अपने फैसले को राज्य पर थोपने की कोशिश कर रही है, जो अनुचित है। मान ने कहा कि यह सच्चाई है कि मोदी सरकार को अपने फैसले लागू करने के लिए बल प्रयोग करने की आदत हो गई है। उन्होंने कहा कि मोदी के पास खुद को विश्व गुरु के रूप में पेश करने का समय है, लेकिन वह अपने देशवासियों की समस्याओं का समाधान नहीं करना चाहते।