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  • पंजाब को बचाने के लिए फसली विविधीकरण अपनाएं; मुख्यमंत्री भगवंत मान का कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों से आह्वान

    पंजाब को बचाने के लिए फसली विविधीकरण अपनाएं; मुख्यमंत्री भगवंत मान का कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों से आह्वान

    लुधियाना, 13 नवंबर 2024: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) में आयोजित “जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा संक्रमण के संदर्भ में कृषि-खाद्य प्रणाली का रूपांतरण” विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में वैज्ञानिकों और कृषि विशेषज्ञों से राज्य के किसानों के लिए एक प्रेरक मार्गदर्शक बनने का आह्वान किया। मान ने जोर दिया कि कृषि में फसली विविधीकरण को अपनाना आवश्यक है ताकि पंजाब की कृषि को जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों से सुरक्षित रखा जा सके। अपने उद्घाटन भाषण में मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की भूमि और जल संसाधनों पर गहरे संकट का सामना हो रहा है, खासकर धान और गेहूं की पारंपरिक फसलों के कारण। उन्होंने वैज्ञानिकों से आग्रह किया कि वे किसानों को जल-संवेदनशील फसलों की ओर मार्गदर्शन करें। उन्होंने कहा, “3,000 लीटर पानी में केवल एक किलो चावल का उत्पादन होता है। इस प्रकार, यह संसाधन संकट हमारे लिए एक गंभीर चेतावनी है कि फसली विविधीकरण को जल्द अपनाना होगा।”

    कृषि वैज्ञानिकों की महत्वपूर्ण भूमिका

    मुख्यमंत्री मान ने इस मौके पर कहा कि किसानों को टिकाऊ कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए कृषि वैज्ञानिकों का मार्गदर्शन आवश्यक है। “अगली पीढ़ियां हमें हमारे कार्यों के लिए जिम्मेदार ठहराएंगी। यदि हम अभी कदम नहीं उठाते हैं, तो भविष्य में इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे,” मान ने कहा। मान ने कहा कि राज्य का कृषि उत्पादन एक स्थिरता के स्तर पर पहुंच गया है। “अब हमें फसली विविधीकरण की ओर बढ़ते हुए फलों और सब्जियों जैसे उच्च मूल्य की फसलों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए,” उन्होंने कहा। इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित होगी, और पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने याद किया कि पंजाब ने देश की खाद्यान्न सुरक्षा में हमेशा एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हरित क्रांति के दौर में, राज्य के मेहनती किसानों ने अपनी प्राकृतिक संपदाओं का अत्यधिक दोहन किया। मान ने कहा कि अब समय आ गया है कि हम राज्य की उर्वर भूमि और जल संसाधनों को सुरक्षित रखने के लिए वैकल्पिक फसलें अपनाएं।

    कृषि को टिकाऊ बनाना और किसानों की आर्थिक सुरक्षा

    मान ने बताया कि फसली विविधीकरण से न केवल किसान समुदाय की आजीविका सुरक्षित होगी, बल्कि यह कृषि क्षेत्र को स्थायित्व प्रदान करने का भी एक साधन होगा। उन्होंने वैज्ञानिकों से अपील की कि वे ऐसी तकनीकें विकसित करें जो जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का सामना कर सकें और राज्य के किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएं।
  • Punjab News: पंजाब के विकास परियोजनाओं में तेजी, मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने अधिकारियों को दिए निर्देश

    Punjab News: पंजाब के विकास परियोजनाओं में तेजी, मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने अधिकारियों को दिए निर्देश

    चंडीगढ़, 12 नवंबर 2024: पंजाब सरकार की प्राथमिकता के तहत राज्य में विकास कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से आज स्थानीय सरकार मंत्री डॉ. रवजोत सिंह की अध्यक्षता में उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारुचक, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह, विभिन्न जिलों के नगर निगम आयुक्त, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर और नगर परिषदों के कार्यकारी अधिकारी भी शामिल हुए। पंजाब सरकार के मुख्य उद्देश्य “गैबेज-फ्री सिटी” पर जोर देते हुए डॉ. रवजोत सिंह ने अधिकारियों को राज्य भर में चल रहे विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। Highlights:
    • पंजाब में स्वच्छता की पहल: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का विजन है कि पंजाब के शहर कचरा मुक्त बनाए जाएं।
    • विकास कार्यों में तेजी: स्वच्छ भारत मिशन, अमृत मिशन और 15वें वित्त आयोग के तहत परियोजनाओं पर जोर।
    • विकास कार्यों के लिए धन की कमी नहीं: मंत्री ने कहा कि सभी आवश्यक विकास कार्यों के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी।
    बैठक की शुरुआत में मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने स्वच्छ भारत मिशन, अमृत मिशन, और 15वें वित्त आयोग के तहत चल रही विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राज्य के सभी जिलों में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य नागरिकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है, जिसके लिए विकास कार्यों में देरी सहन नहीं की जाएगी। डॉ. रवजोत सिंह ने सीवरेज और जल शोधन संयंत्रों के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार हो जाने पर जल्द से जल्द निविदाएं आमंत्रित करने के निर्देश दिए ताकि कार्य जल्द शुरू किए जा सकें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इन परियोजनाओं के लिए पंचायती भूमि की पहचान की जाए और यदि पंचायती भूमि उपलब्ध नहीं है, तो सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार वैकल्पिक निजी भूमि का अधिग्रहण किया जाए।

    “कचरा मुक्त शहर” बनाने पर जोर

    मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि पंजाब के सभी शहरों को कचरा मुक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने फील्ड अधिकारियों को निर्देशित किया कि शहरों में कहीं भी कचरे के ढेर नजर न आएं और प्रभावी कचरा प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाए। मंत्री ने डोर-टू-डोर कचरा एकत्रीकरण और इसके अलगाव की प्रक्रिया को मजबूत बनाने पर जोर दिया। सफाई व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए, उन्होंने अधिकारियों से कहा कि दैनिक सफाई और सीवर प्रणाली की समय पर सफाई सुनिश्चित की जाए ताकि बरसात के मौसम में गंदा पानी सड़कों पर न फैले। इसके अतिरिक्त, नागरिकों को स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, स्ट्रीट लाइट्स का कार्यशील रहना, तालाबों की सफाई और सौंदर्यीकरण जैसे कार्यों पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।

    विकास परियोजनाओं के लिए धन की कमी नहीं

    मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने अधिकारियों को यह भी आश्वासन दिया कि विकास कार्यों के लिए राज्य सरकार द्वारा पर्याप्त धनराशि प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि किसी शहरी निकाय को अतिरिक्त धनराशि की आवश्यकता होती है, तो उसे मुख्यालय में प्रस्ताव भेजना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए धन की कोई कमी नहीं छोड़ी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सभी परियोजनाएं समय सीमा के भीतर पूरी की जाएं ताकि नागरिकों को जल्द से जल्द इनका लाभ मिल सके।

    बैठक में अन्य प्रमुख अधिकारियों की उपस्थिति

    इस समीक्षा बैठक में अन्य प्रमुख विधायकों, जिनमें एस.एस. आहलूवालिया, गुरदेव सिंह मान, गुरलाल घनौर, अजीत पाल सिंह कोहली, डॉ. चरणजीत सिंह, इंद्रजीत कौर मान, रमन अरोड़ा, जीवन जोत कौर, और दलबीर सिंह टोंग शामिल थे। बैठक में स्थानीय सरकार विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव तेजवीर सिंह, निदेशक गुरप्रीत सिंह खैरा, पीएमआईडीसी सीईओ दीप्ति उप्पल और हलका प्रभारी भी मौजूद थे। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य सभी नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर प्रदान करना है, जिसके लिए सरकार ने विभिन्न योजनाओं के तहत परियोजनाओं को प्राथमिकता दी है। बैठक के दौरान, मंत्री ने नगर निगमों के अधिकारियों से कहा कि वे प्रतिदिन के कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखें।
  • Punjab News: जालंधर में रिकॉर्ड धान उठान, एक दिन में 35,000 MT की उठान, 1970 करोड़ रुपये का .. .

    Punjab News: जालंधर में रिकॉर्ड धान उठान, एक दिन में 35,000 MT की उठान, 1970 करोड़ रुपये का .. .

    जालंधर, 12 नवंबर 2024: पंजाब के जालंधर जिले में धान की फसल उठान में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की गई है, जहाँ एक ही दिन में 35,078 मीट्रिक टन (MT) धान की उठान की गई। यह इस सीजन का सबसे बड़ा दैनिक रिकॉर्ड है। जालंधर के डिप्टी कमिश्नर (DC) डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने आज बताया कि जिला प्रशासन द्वारा मंडियों में धान की उठान के काम को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अंतर्गत किसानों के हितों का ध्यान रखते हुए समय पर फसल उठान और भुगतान की प्रक्रिया को सुनिश्चित किया जा रहा है। Highlights:
    • रिकॉर्ड 35,000 MT धान की उठान: जालंधर में एक ही दिन में 35,078 MT धान उठाई गई, जो इस सीजन का अब तक का सबसे ऊँचा आंकड़ा है।
    • किसानों को 1970 करोड़ का भुगतान: प्रशासन ने किसानों के लिए 1970 करोड़ रुपये का भुगतान सुनिश्चित कर दिया है, जिससे उन्हें समय पर आर्थिक सहायता मिल सके।
    • प्रशासन की सख्त निगरानी: डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि फसल उठान में कोई भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी और अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई होगी।
    डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने कहा कि प्रशासन धान की खरीद प्रक्रिया को सुचारू और तेज बनाने के लिए हरसंभव कदम उठा रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक 4,95,235 MT धान की उठान पूरी हो चुकी है, जिसमें सरकारी एजेंसियों द्वारा धान की बड़ी मात्रा को नियंत्रित तरीके से उठाने का काम किया गया है। उनके अनुसार, मंडियों में खरीद और उठान के साथ-साथ किसानों को समय पर भुगतान देने के लिए प्रशासन के स्तर पर व्यापक तैयारियाँ की गई हैं।

    किसानों को मिला 1970 करोड़ का भुगतान

    किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के उद्देश्य से, जालंधर प्रशासन ने 1970 करोड़ रुपये का भुगतान सुनिश्चित किया है। प्रशासन के इस कदम से किसानों को समय पर वित्तीय सहायता मिल रही है, जिससे वे आने वाले रबी सीजन की तैयारी कर सकते हैं। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि पेंडिंग भुगतान की स्थिति को खत्म करने के लिए प्रशासन ने विशेष कदम उठाए हैं। सभी मंडियों में खरीद और उठान की गति को बढ़ाया गया है ताकि किसानों को मंडियों में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार नियमित रूप से मंडियों में धान की खरीद और उठान की प्रक्रिया की समीक्षा कर रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई किसान फसल उठान में देरी या भुगतान में रुकावट का शिकार न हो।

    धान खरीद और उठान पर डीसी की सख्त निगरानी

    डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने कहा कि प्रशासन मंडियों में धान की खरीद और उठान की प्रक्रिया को नियंत्रित और पारदर्शी तरीके से कर रहा है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि उठान में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा लापरवाही पाई जाती है, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर मंडी में उठान की प्रक्रिया सुचारू रूप से चलती रहे और सुनिश्चित किया जाए कि किसानों को कोई असुविधा न हो। साथ ही, डॉ. अग्रवाल ने बताया कि सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि फसल उठान के काम में तेजी लाई जाए, ताकि मौसम या अन्य किसी वजह से उठान में किसी प्रकार की समस्या न आए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मंडियों में किसी प्रकार की अव्यवस्था या असुविधा की स्थिति को सख्ती से नियंत्रित किया जाएगा।

    प्रशासन की योजना और सुचारू व्यवस्था

    प्रशासन ने मंडियों में धान की उठान के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। इसके तहत सरकारी एजेंसियों द्वारा पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि फसल उठान की प्रक्रिया बाधारहित और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि प्रशासन ने हर मंडी में उठान की व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त मशीनरी और जनशक्ति लगाई है। उन्होंने कहा कि अगले कुछ दिनों में उठान की प्रक्रिया में और तेजी लाई जाएगी ताकि खरीफ फसल की जल्द से जल्द निपटान हो सके। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार सभी मंडियों में उठान और खरीद प्रक्रिया को नियमित रूप से मॉनिटर किया जा रहा है, जिससे समय पर फसल उठान और भुगतान सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि प्रशासन किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए हरसंभव प्रयास कर रहा है ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

    पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता

    डिप्टी कमिश्नर ने पंजाब सरकार की ओर से आश्वासन देते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदेगी और समय पर उसका भुगतान करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही खरीद प्रक्रिया की निगरानी की जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसान अपनी उपज को सही कीमत पर बेच सकें। डॉ. अग्रवाल ने यह भी बताया कि प्रशासन का उद्देश्य है कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिले और उठान के दौरान कोई दिक्कत न हो। उल्लेखनीय है कि सरकारी एजेंसियों द्वारा अब तक 8,72,308 MT धान की खरीद की जा चुकी है, जो इस सीजन की कुल खरीद में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
  • Punjab News: Deputy Speaker Jai Krishan Singh Rouri ने परिवार संग किया अयोध्या के राम मंदिर में दर्शन – जानिए इस यात्रा की खास बातें

    Punjab News: Deputy Speaker Jai Krishan Singh Rouri ने परिवार संग किया अयोध्या के राम मंदिर में दर्शन – जानिए इस यात्रा की खास बातें

    चंडीगढ़, 11 नवम्बर 2024: पंजाब विधानसभा के डिप्टी स्पीकर जयकृष्ण सिंह रौरी (Deputy Speaker Jai Krishan Singh Rouri) ने अपने परिवार के साथ अयोध्या (Ayodhya) के पवित्र राम मंदिर (Ram Mandir) में दर्शन किए। उनके अनुसार, इस मंदिर की यात्रा उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण लक्ष्य रही है, जिसे आज राम लल्ला (Ram Lalla) के आशीर्वाद से उन्होंने पूरा किया। जयकृष्ण सिंह रौरी ने इस यात्रा के दौरान कहा, “अयोध्या (Ayodhya) की इस पवित्र धरती पर आना मेरे लिए हमेशा से एक सपना था। मैं वर्षों से इस स्थान पर आकर भगवान रामचंद्र (Lord Ramchandra) का आशीर्वाद प्राप्त करने का इच्छुक था, और आज परिवार के साथ यह सपना पूरा हुआ।” उन्होंने कहा कि उन्होंने देश की प्रगति, मानवता के कल्याण और समाज में शांति व सद्भावना के लिए भगवान से प्रार्थना की।

    अयोध्या यात्रा का खास महत्व

    डिप्टी स्पीकर ने बताया कि राम मंदिर (Ram Mandir) न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह देश में एकता और शांति का प्रतीक भी है। राम लल्ला का मंदिर अब पूरे देशवासियों के लिए गर्व का स्थान बन चुका है। यह मंदिर विभिन्न संप्रदायों के लोगों को जोड़ने का काम करता है और उनमें धार्मिक सहिष्णुता का संदेश देता है। जयकृष्ण सिंह रौरी ने कहा, “राम मंदिर (Ram Mandir) का महत्व केवल एक धार्मिक स्थल से बढ़कर है। यह मंदिर हमारे देश की संस्कृति और हमारे मूल्यों का प्रतीक है। इस पवित्र स्थल पर दर्शन करना मेरे लिए एक भावनात्मक अनुभव रहा।” उनके अनुसार, इस यात्रा के माध्यम से वह अपने परिवार के साथ पवित्रता और भक्ति की अनुभूति करना चाहते थे।

    राम मंदिर – श्रद्धा और शांति का प्रतीक

    अयोध्या (Ayodhya) का राम मंदिर (Ram Mandir) भारत के प्राचीन गौरव और आस्था का केंद्र है। जयकृष्ण सिंह रौरी ने कहा कि राम मंदिर के दर्शन करने से उन्हें न केवल शांति मिली, बल्कि इससे उनके मन में एक नई ऊर्जा का संचार भी हुआ। राम मंदिर में आने वाले हर भक्त के लिए यह स्थान एक आस्था और शांति का स्थल है। मंदिर का निर्माण भारत की सांस्कृतिक धरोहर को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है। रौरी ने अपने भाषण में कहा, “यह मंदिर देश के हर नागरिक के लिए एक महत्वपूर्ण स्थल है। यहाँ का हर कोना भगवान राम (Lord Ram) की उपस्थिति का अनुभव कराता है और लोगों को सच्चाई और शांति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।”

    देश और समाज के लिए प्रार्थना

    डिप्टी स्पीकर रौरी ने भगवान राम से देश की प्रगति और समाज की भलाई के लिए विशेष प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि आज देश को एकता और सद्भाव की अधिक जरूरत है, और राम मंदिर इस संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का एक महत्वपूर्ण साधन बन सकता है। रौरी ने यह भी कहा कि भगवान रामचंद्र का आशीर्वाद सभी लोगों को एकता और शांति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। अयोध्या (Ayodhya) जैसे पवित्र स्थल पर आकर उन्हें इस बात का अहसास हुआ कि भारतीय संस्कृति और धर्म की जड़ें कितनी गहरी हैं।

    देशवासियों को राम मंदिर के प्रति आस्था

    राम मंदिर (Ram Mandir) आज के समय में भारतीय आस्था का मुख्य प्रतीक बन गया है। लाखों लोग हर साल यहाँ दर्शन के लिए आते हैं और अपनी आस्था का प्रदर्शन करते हैं। डिप्टी स्पीकर रौरी ने कहा कि यह मंदिर उन सभी के लिए एक प्रेरणा स्रोत है, जो भगवान राम की शिक्षाओं और आदर्शों का पालन करना चाहते हैं। इस यात्रा में रौरी ने परिवार के साथ समय बिताया और मंदिर के इतिहास और धार्मिक महत्व को भी समझा। उन्होंने बताया कि यह अनुभव उन्हें जीवन भर याद रहेगा और इस पवित्र स्थान पर आकर उन्होंने नई ऊर्जा का अनुभव किया।

    अयोध्या में शांति और सद्भाव की अपील

    अंत में, डिप्टी स्पीकर जयकृष्ण सिंह रौरी ने कहा कि उन्होंने भगवान राम से प्रार्थना की कि देश में शांति और सद्भाव बना रहे। राम मंदिर (Ram Mandir) से उन्हें यह प्रेरणा मिली कि समाज में हर व्यक्ति एक दूसरे के प्रति सहिष्णुता और सम्मान का भाव रखे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि राम मंदिर से निकलने वाला यह शांति और एकता का संदेश पूरे देश में गूंजेगा और समाज में हर व्यक्ति में एकता का भाव पैदा करेगा।
  • Punjab Crime News: गुरप्रीत सिंह हरी नौ हत्या मामला, पंजाब पुलिस ने टारगेट किलिंग्स को नाकाम किया, आतंकवादी अर्श डल्ला के दो शूटर्स गिरफ्तार!

    Punjab Crime News: गुरप्रीत सिंह हरी नौ हत्या मामला, पंजाब पुलिस ने टारगेट किलिंग्स को नाकाम किया, आतंकवादी अर्श डल्ला के दो शूटर्स गिरफ्तार!

    चंडीगढ़/फरीदकोट, 11 नवंबर 2024: पंजाब पुलिस (Punjab Police) ने गैंगस्टर से आतंकवादी बने अर्श डल्ला (Arsh Dalla) के दो शूटरों को गिरफ्तार कर गुरप्रीत सिंह हरी नौ (Gurpreet Singh Hari Nau) हत्या मामले को सुलझाने में बड़ी सफलता पाई है। पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल चार संभावित टारगेट किलिंग्स (target killings) को रोका गया है, बल्कि तीन सनसनीखेज मामलों का भी खुलासा हुआ है। इस ऑपरेशन को स्टेट स्पेशल ऑपरेशंस सेल (SSOC) मोहाली, एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) और फरीदकोट जिला पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से अंजाम दिया गया।

    गिरफ्तार शूटरों की पहचान और उनके आपराधिक इतिहास का खुलासा

    फरीदकोट की सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) डॉ. प्रज्ञा जैन (Dr Pragya Jain) ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनमोलप्रीत सिंह उर्फ विशाल, निवासी भादौड़, बरनाला और नवजोत सिंह उर्फ नीतू, निवासी निज्जर रोड, खरड़ के रूप में हुई है। पुलिस टीमों ने उनके एक सहयोगी बलवीर सिंह उर्फ कालू, जो आरोपी नवजोत सिंह का भाई है, को भी गिरफ्तार किया है। बलवीर ने अपराधियों को शरण और सहायता प्रदान की थी। सभी गिरफ्तार आरोपी पहले से ही आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं।

    हत्या में प्रयुक्त हथियार और अन्य सामान की बरामदगी

    पुलिस ने इनके पास से दो अत्याधुनिक पिस्तौलें – एक ज़िगाना 9mm पिस्तौल जिसमें सात जिंदा कारतूस, और एक .30 बोर पिस्तौल जिसमें चार जिंदा कारतूस, ₹27,500 नकद और एक फर्जी आधार कार्ड भी बरामद किया है। इन वस्तुओं का उपयोग विभिन्न आपराधिक कार्यों को अंजाम देने के लिए किया जा रहा था।

    गुरप्रीत सिंह हरी नौ की हत्या का खुलासा

    गुरप्रीत सिंह हरी नौ उर्फ भोदी की 9 अक्टूबर 2024 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह गांव गुरुद्वारा साहिब से अपने घर लौट रहे थे, जब उन पर हमला हुआ। एसएसपी डॉ. प्रज्ञा जैन के अनुसार, अर्श डल्ला ने नवजोत उर्फ नीतू को गुरप्रीत सिंह को टारगेट करने का निर्देश दिया था। नवजोत ने इस कार्य को पूरा करने के लिए अपने सहयोगी अनमोलप्रीत सिंह उर्फ विशाल को भी शामिल किया।

    शूटर्स की गिरफ्तारी और फरारी के दौरान ठिकानों का खुलासा

    हत्या को अंजाम देने के बाद, आरोपी कई शहरों में विभिन्न ठिकानों पर छिपते रहे, जिनमें अमृतसर, एसबीएस नगर, हिमाचल- पंजाब बॉर्डर, चंडीगढ़, मोहाली और खरड़ शामिल थे। अर्श डल्ला ने उन्हें धन और नशीले पदार्थों की आपूर्ति भी की थी, जो उन्हें अधिकांशतः सार्वजनिक स्थानों से प्राप्त होते थे।

    ग्वालियर में हत्या और अन्य आपराधिक मामलों का संबंध

    जांच के दौरान यह भी पता चला कि अर्श डल्ला के निर्देश पर आरोपियों ने 8 नवंबर को ग्वालियर, मध्य प्रदेश में जसवंत सिंह गिल की हत्या की थी। जसवंत एक आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी थे, जिन्हें 15 दिनों के लिए पैरोल पर रिहा किया गया था। हत्या के बाद आरोपी पंजाब लौट आए थे, जहाँ खरड़ में पुलिस ने एक संयुक्त ऑपरेशन में उन्हें गिरफ्तार किया।

    जिरकपुर में धमकी और फायरिंग की घटना

    इन आरोपियों का जिक्रपुर में 18 अक्टूबर को एक व्यापारी को धमकी देने और फायरिंग करने में भी हाथ था। इस घटना में उन्होंने मुख्य प्रवेश द्वार पर अर्श डल्ला का नाम लिखी पोस्टर लगाई थी। पुलिस ने इस मामले में सीसीटीवी फुटेज की मदद से उनकी पहचान की। फुटेज में उन्हें बाइक पर आते, फायरिंग करते और पोस्टर लगाते देखा गया।

    आगे की जांच और संभावित टारगेट किलिंग्स का खुलासा

    एसएसपी डॉ. प्रज्ञा जैन ने बताया कि इस गिरफ्तारी से कम से कम चार संभावित टारगेट किलिंग्स को नाकाम कर दिया गया है। आरोपी पंजाब में प्रमुख शहरों में विभिन्न प्रतिष्ठित व्यक्तियों को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे, जिसे पुलिस की सतर्कता ने विफल कर दिया। इस मामले में कोटकपूरा पुलिस स्टेशन में FIR नंबर 159 दर्ज की गई है।
  • पंजाब को बचाने के लिए फसली विविधीकरण अपनाएं; मुख्यमंत्री भगवंत मान का कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों से आह्वान

    पंजाब को बचाने के लिए फसली विविधीकरण अपनाएं; मुख्यमंत्री भगवंत मान का कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों से आह्वान

    लुधियाना, 13 नवंबर 2024: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) में आयोजित “जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा संक्रमण के संदर्भ में कृषि-खाद्य प्रणाली का रूपांतरण” विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में वैज्ञानिकों और कृषि विशेषज्ञों से राज्य के किसानों के लिए एक प्रेरक मार्गदर्शक बनने का आह्वान किया। मान ने जोर दिया कि कृषि में फसली विविधीकरण को अपनाना आवश्यक है ताकि पंजाब की कृषि को जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों से सुरक्षित रखा जा सके। अपने उद्घाटन भाषण में मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की भूमि और जल संसाधनों पर गहरे संकट का सामना हो रहा है, खासकर धान और गेहूं की पारंपरिक फसलों के कारण। उन्होंने वैज्ञानिकों से आग्रह किया कि वे किसानों को जल-संवेदनशील फसलों की ओर मार्गदर्शन करें। उन्होंने कहा, “3,000 लीटर पानी में केवल एक किलो चावल का उत्पादन होता है। इस प्रकार, यह संसाधन संकट हमारे लिए एक गंभीर चेतावनी है कि फसली विविधीकरण को जल्द अपनाना होगा।”

    कृषि वैज्ञानिकों की महत्वपूर्ण भूमिका

    मुख्यमंत्री मान ने इस मौके पर कहा कि किसानों को टिकाऊ कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए कृषि वैज्ञानिकों का मार्गदर्शन आवश्यक है। “अगली पीढ़ियां हमें हमारे कार्यों के लिए जिम्मेदार ठहराएंगी। यदि हम अभी कदम नहीं उठाते हैं, तो भविष्य में इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे,” मान ने कहा। मान ने कहा कि राज्य का कृषि उत्पादन एक स्थिरता के स्तर पर पहुंच गया है। “अब हमें फसली विविधीकरण की ओर बढ़ते हुए फलों और सब्जियों जैसे उच्च मूल्य की फसलों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए,” उन्होंने कहा। इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित होगी, और पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने याद किया कि पंजाब ने देश की खाद्यान्न सुरक्षा में हमेशा एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हरित क्रांति के दौर में, राज्य के मेहनती किसानों ने अपनी प्राकृतिक संपदाओं का अत्यधिक दोहन किया। मान ने कहा कि अब समय आ गया है कि हम राज्य की उर्वर भूमि और जल संसाधनों को सुरक्षित रखने के लिए वैकल्पिक फसलें अपनाएं।

    कृषि को टिकाऊ बनाना और किसानों की आर्थिक सुरक्षा

    मान ने बताया कि फसली विविधीकरण से न केवल किसान समुदाय की आजीविका सुरक्षित होगी, बल्कि यह कृषि क्षेत्र को स्थायित्व प्रदान करने का भी एक साधन होगा। उन्होंने वैज्ञानिकों से अपील की कि वे ऐसी तकनीकें विकसित करें जो जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का सामना कर सकें और राज्य के किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएं।
  • Punjab University Elections: मुख्यमंत्री ने पंजाब विश्वविद्यालय सीनेट चुनाव की मांग की, उपराष्ट्रपति को लिखा पत्र

    Punjab University Elections: मुख्यमंत्री ने पंजाब विश्वविद्यालय सीनेट चुनाव की मांग की, उपराष्ट्रपति को लिखा पत्र

    चंडीगढ़, 13 नवंबर 2024: Punjab University Elections, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब विश्वविद्यालय (पं. विवि) चंडीगढ़ में सीनेट चुनावों के त्वरित आयोजन के लिए भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से हस्तक्षेप की अपील की है। एक औपचारिक पत्र के जरिए, मान ने बताया कि पं. विवि की सीनेट का कार्यकाल 31 अक्टूबर 2024 को समाप्त हो गया है और नए चुनावों की घोषणा में हो रही देरी ने छात्रों, शिक्षकों और पूर्व छात्रों में गहरी निराशा पैदा की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पं. विवि का गठन 1947 के विभाजन के बाद पंजाब राज्य के शैक्षिक नुकसान की भरपाई के लिए हुआ था, और यह विश्वविद्यालय पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 के तहत पंजाब के क्षेत्रों में अपनी भूमिका निभाता आ रहा है। उन्होंने बताया कि हर चार वर्षों में सीनेट के चुनाव एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत आयोजित किए जाते रहे हैं। इस बार चुनावों में देरी से विवि के विभिन्न हितधारकों में असंतोष और चिंता का माहौल है।

    पंजाब विश्वविद्यालय का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व

    पंजाब विश्वविद्यालय का गठन विभाजन के बाद पंजाब यूनिवर्सिटी एक्ट, 1947 के तहत हुआ था ताकि पंजाब राज्य के शैक्षिक हितों की रक्षा हो सके। 1966 में पंजाब पुनर्गठन अधिनियम के बाद भी विवि के संचालन और इसके चुनावों में पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बनाए रखा गया। भगवंत मान ने कहा कि विवि का वर्तमान परिदृश्य राज्य के लोगों के भावनात्मक और सांस्कृतिक जुड़ाव का हिस्सा है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनावों में देरी न केवल विवि के नियमों का उल्लंघन है बल्कि पंजाब के सांस्कृतिक हितों पर भी असर डालता है। मान के अनुसार, सीनेट चुनावों में देरी ने विवि के छात्रों, शिक्षकों और पेशेवरों के बीच व्यापक असंतोष उत्पन्न कर दिया है। उन्होंने बताया कि चुनाव न कराकर नामांकन से इसे बदलने के सुझाव से विवि की लोकतांत्रिक आत्मा को कमजोर किया जा सकता है, जो राज्य के लिए चिंताजनक है।

    उपराष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग

    मुख्यमंत्री ने भारत के उपराष्ट्रपति से इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह करते हुए कहा कि विवि प्रशासन और चंडीगढ़ के संघ राज्य क्षेत्र के प्रशासन को समय पर और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन करते हुए चुनाव आयोजित करने की सलाह दी जाए। मान का कहना है कि देरी का यह सिलसिला विवि के हितधारकों में निराशा फैला रहा है और लोकतंत्र की गरिमा को आघात पहुंचा रहा है।

    शिक्षाविदों की प्रतिक्रिया

    इस मामले पर कई शिक्षाविदों और विशेषज्ञों ने भी प्रतिक्रिया दी है। वे इस चुनाव में देरी को विवि की साख के खिलाफ बताते हुए विवि प्रशासन से शीघ्रता से चुनाव की घोषणा की मांग कर रहे हैं। उनका मानना है कि समय पर चुनाव न होने से विवि की प्रतिष्ठा और उसकी लोकतांत्रिक पहचान को आघात लग सकता है।
  • Punjab News: पंजाब के विकास परियोजनाओं में तेजी, मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने अधिकारियों को दिए निर्देश

    Punjab News: पंजाब के विकास परियोजनाओं में तेजी, मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने अधिकारियों को दिए निर्देश

    चंडीगढ़, 12 नवंबर 2024: पंजाब सरकार की प्राथमिकता के तहत राज्य में विकास कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से आज स्थानीय सरकार मंत्री डॉ. रवजोत सिंह की अध्यक्षता में उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारुचक, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह, विभिन्न जिलों के नगर निगम आयुक्त, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर और नगर परिषदों के कार्यकारी अधिकारी भी शामिल हुए। पंजाब सरकार के मुख्य उद्देश्य “गैबेज-फ्री सिटी” पर जोर देते हुए डॉ. रवजोत सिंह ने अधिकारियों को राज्य भर में चल रहे विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। Highlights:
    • पंजाब में स्वच्छता की पहल: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का विजन है कि पंजाब के शहर कचरा मुक्त बनाए जाएं।
    • विकास कार्यों में तेजी: स्वच्छ भारत मिशन, अमृत मिशन और 15वें वित्त आयोग के तहत परियोजनाओं पर जोर।
    • विकास कार्यों के लिए धन की कमी नहीं: मंत्री ने कहा कि सभी आवश्यक विकास कार्यों के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी।
    बैठक की शुरुआत में मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने स्वच्छ भारत मिशन, अमृत मिशन, और 15वें वित्त आयोग के तहत चल रही विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि राज्य के सभी जिलों में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य नागरिकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करना है, जिसके लिए विकास कार्यों में देरी सहन नहीं की जाएगी। डॉ. रवजोत सिंह ने सीवरेज और जल शोधन संयंत्रों के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार हो जाने पर जल्द से जल्द निविदाएं आमंत्रित करने के निर्देश दिए ताकि कार्य जल्द शुरू किए जा सकें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इन परियोजनाओं के लिए पंचायती भूमि की पहचान की जाए और यदि पंचायती भूमि उपलब्ध नहीं है, तो सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार वैकल्पिक निजी भूमि का अधिग्रहण किया जाए।

    “कचरा मुक्त शहर” बनाने पर जोर

    मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि पंजाब के सभी शहरों को कचरा मुक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने फील्ड अधिकारियों को निर्देशित किया कि शहरों में कहीं भी कचरे के ढेर नजर न आएं और प्रभावी कचरा प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाए। मंत्री ने डोर-टू-डोर कचरा एकत्रीकरण और इसके अलगाव की प्रक्रिया को मजबूत बनाने पर जोर दिया। सफाई व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए, उन्होंने अधिकारियों से कहा कि दैनिक सफाई और सीवर प्रणाली की समय पर सफाई सुनिश्चित की जाए ताकि बरसात के मौसम में गंदा पानी सड़कों पर न फैले। इसके अतिरिक्त, नागरिकों को स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, स्ट्रीट लाइट्स का कार्यशील रहना, तालाबों की सफाई और सौंदर्यीकरण जैसे कार्यों पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।

    विकास परियोजनाओं के लिए धन की कमी नहीं

    मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने अधिकारियों को यह भी आश्वासन दिया कि विकास कार्यों के लिए राज्य सरकार द्वारा पर्याप्त धनराशि प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि किसी शहरी निकाय को अतिरिक्त धनराशि की आवश्यकता होती है, तो उसे मुख्यालय में प्रस्ताव भेजना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए धन की कोई कमी नहीं छोड़ी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सभी परियोजनाएं समय सीमा के भीतर पूरी की जाएं ताकि नागरिकों को जल्द से जल्द इनका लाभ मिल सके।

    बैठक में अन्य प्रमुख अधिकारियों की उपस्थिति

    इस समीक्षा बैठक में अन्य प्रमुख विधायकों, जिनमें एस.एस. आहलूवालिया, गुरदेव सिंह मान, गुरलाल घनौर, अजीत पाल सिंह कोहली, डॉ. चरणजीत सिंह, इंद्रजीत कौर मान, रमन अरोड़ा, जीवन जोत कौर, और दलबीर सिंह टोंग शामिल थे। बैठक में स्थानीय सरकार विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव तेजवीर सिंह, निदेशक गुरप्रीत सिंह खैरा, पीएमआईडीसी सीईओ दीप्ति उप्पल और हलका प्रभारी भी मौजूद थे। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य सभी नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर प्रदान करना है, जिसके लिए सरकार ने विभिन्न योजनाओं के तहत परियोजनाओं को प्राथमिकता दी है। बैठक के दौरान, मंत्री ने नगर निगमों के अधिकारियों से कहा कि वे प्रतिदिन के कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखें।
  • Punjab News: जालंधर में रिकॉर्ड धान उठान, एक दिन में 35,000 MT की उठान, 1970 करोड़ रुपये का .. .

    Punjab News: जालंधर में रिकॉर्ड धान उठान, एक दिन में 35,000 MT की उठान, 1970 करोड़ रुपये का .. .

    जालंधर, 12 नवंबर 2024: पंजाब के जालंधर जिले में धान की फसल उठान में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की गई है, जहाँ एक ही दिन में 35,078 मीट्रिक टन (MT) धान की उठान की गई। यह इस सीजन का सबसे बड़ा दैनिक रिकॉर्ड है। जालंधर के डिप्टी कमिश्नर (DC) डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने आज बताया कि जिला प्रशासन द्वारा मंडियों में धान की उठान के काम को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अंतर्गत किसानों के हितों का ध्यान रखते हुए समय पर फसल उठान और भुगतान की प्रक्रिया को सुनिश्चित किया जा रहा है। Highlights:
    • रिकॉर्ड 35,000 MT धान की उठान: जालंधर में एक ही दिन में 35,078 MT धान उठाई गई, जो इस सीजन का अब तक का सबसे ऊँचा आंकड़ा है।
    • किसानों को 1970 करोड़ का भुगतान: प्रशासन ने किसानों के लिए 1970 करोड़ रुपये का भुगतान सुनिश्चित कर दिया है, जिससे उन्हें समय पर आर्थिक सहायता मिल सके।
    • प्रशासन की सख्त निगरानी: डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि फसल उठान में कोई भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी और अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई होगी।
    डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने कहा कि प्रशासन धान की खरीद प्रक्रिया को सुचारू और तेज बनाने के लिए हरसंभव कदम उठा रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक 4,95,235 MT धान की उठान पूरी हो चुकी है, जिसमें सरकारी एजेंसियों द्वारा धान की बड़ी मात्रा को नियंत्रित तरीके से उठाने का काम किया गया है। उनके अनुसार, मंडियों में खरीद और उठान के साथ-साथ किसानों को समय पर भुगतान देने के लिए प्रशासन के स्तर पर व्यापक तैयारियाँ की गई हैं।

    किसानों को मिला 1970 करोड़ का भुगतान

    किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के उद्देश्य से, जालंधर प्रशासन ने 1970 करोड़ रुपये का भुगतान सुनिश्चित किया है। प्रशासन के इस कदम से किसानों को समय पर वित्तीय सहायता मिल रही है, जिससे वे आने वाले रबी सीजन की तैयारी कर सकते हैं। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि पेंडिंग भुगतान की स्थिति को खत्म करने के लिए प्रशासन ने विशेष कदम उठाए हैं। सभी मंडियों में खरीद और उठान की गति को बढ़ाया गया है ताकि किसानों को मंडियों में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार नियमित रूप से मंडियों में धान की खरीद और उठान की प्रक्रिया की समीक्षा कर रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई किसान फसल उठान में देरी या भुगतान में रुकावट का शिकार न हो।

    धान खरीद और उठान पर डीसी की सख्त निगरानी

    डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने कहा कि प्रशासन मंडियों में धान की खरीद और उठान की प्रक्रिया को नियंत्रित और पारदर्शी तरीके से कर रहा है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि उठान में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा लापरवाही पाई जाती है, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर मंडी में उठान की प्रक्रिया सुचारू रूप से चलती रहे और सुनिश्चित किया जाए कि किसानों को कोई असुविधा न हो। साथ ही, डॉ. अग्रवाल ने बताया कि सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि फसल उठान के काम में तेजी लाई जाए, ताकि मौसम या अन्य किसी वजह से उठान में किसी प्रकार की समस्या न आए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मंडियों में किसी प्रकार की अव्यवस्था या असुविधा की स्थिति को सख्ती से नियंत्रित किया जाएगा।

    प्रशासन की योजना और सुचारू व्यवस्था

    प्रशासन ने मंडियों में धान की उठान के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। इसके तहत सरकारी एजेंसियों द्वारा पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि फसल उठान की प्रक्रिया बाधारहित और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि प्रशासन ने हर मंडी में उठान की व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त मशीनरी और जनशक्ति लगाई है। उन्होंने कहा कि अगले कुछ दिनों में उठान की प्रक्रिया में और तेजी लाई जाएगी ताकि खरीफ फसल की जल्द से जल्द निपटान हो सके। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार सभी मंडियों में उठान और खरीद प्रक्रिया को नियमित रूप से मॉनिटर किया जा रहा है, जिससे समय पर फसल उठान और भुगतान सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि प्रशासन किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए हरसंभव प्रयास कर रहा है ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।

    पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता

    डिप्टी कमिश्नर ने पंजाब सरकार की ओर से आश्वासन देते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदेगी और समय पर उसका भुगतान करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही खरीद प्रक्रिया की निगरानी की जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसान अपनी उपज को सही कीमत पर बेच सकें। डॉ. अग्रवाल ने यह भी बताया कि प्रशासन का उद्देश्य है कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिले और उठान के दौरान कोई दिक्कत न हो। उल्लेखनीय है कि सरकारी एजेंसियों द्वारा अब तक 8,72,308 MT धान की खरीद की जा चुकी है, जो इस सीजन की कुल खरीद में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
  • Punjab Crime News: गुरप्रीत सिंह हरी नौ हत्या मामला, पंजाब पुलिस ने टारगेट किलिंग्स को नाकाम किया, आतंकवादी अर्श डल्ला के दो शूटर्स गिरफ्तार!

    Punjab Crime News: गुरप्रीत सिंह हरी नौ हत्या मामला, पंजाब पुलिस ने टारगेट किलिंग्स को नाकाम किया, आतंकवादी अर्श डल्ला के दो शूटर्स गिरफ्तार!

    चंडीगढ़/फरीदकोट, 11 नवंबर 2024: पंजाब पुलिस (Punjab Police) ने गैंगस्टर से आतंकवादी बने अर्श डल्ला (Arsh Dalla) के दो शूटरों को गिरफ्तार कर गुरप्रीत सिंह हरी नौ (Gurpreet Singh Hari Nau) हत्या मामले को सुलझाने में बड़ी सफलता पाई है। पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल चार संभावित टारगेट किलिंग्स (target killings) को रोका गया है, बल्कि तीन सनसनीखेज मामलों का भी खुलासा हुआ है। इस ऑपरेशन को स्टेट स्पेशल ऑपरेशंस सेल (SSOC) मोहाली, एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) और फरीदकोट जिला पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से अंजाम दिया गया।

    गिरफ्तार शूटरों की पहचान और उनके आपराधिक इतिहास का खुलासा

    फरीदकोट की सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) डॉ. प्रज्ञा जैन (Dr Pragya Jain) ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनमोलप्रीत सिंह उर्फ विशाल, निवासी भादौड़, बरनाला और नवजोत सिंह उर्फ नीतू, निवासी निज्जर रोड, खरड़ के रूप में हुई है। पुलिस टीमों ने उनके एक सहयोगी बलवीर सिंह उर्फ कालू, जो आरोपी नवजोत सिंह का भाई है, को भी गिरफ्तार किया है। बलवीर ने अपराधियों को शरण और सहायता प्रदान की थी। सभी गिरफ्तार आरोपी पहले से ही आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं।

    हत्या में प्रयुक्त हथियार और अन्य सामान की बरामदगी

    पुलिस ने इनके पास से दो अत्याधुनिक पिस्तौलें – एक ज़िगाना 9mm पिस्तौल जिसमें सात जिंदा कारतूस, और एक .30 बोर पिस्तौल जिसमें चार जिंदा कारतूस, ₹27,500 नकद और एक फर्जी आधार कार्ड भी बरामद किया है। इन वस्तुओं का उपयोग विभिन्न आपराधिक कार्यों को अंजाम देने के लिए किया जा रहा था।

    गुरप्रीत सिंह हरी नौ की हत्या का खुलासा

    गुरप्रीत सिंह हरी नौ उर्फ भोदी की 9 अक्टूबर 2024 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह गांव गुरुद्वारा साहिब से अपने घर लौट रहे थे, जब उन पर हमला हुआ। एसएसपी डॉ. प्रज्ञा जैन के अनुसार, अर्श डल्ला ने नवजोत उर्फ नीतू को गुरप्रीत सिंह को टारगेट करने का निर्देश दिया था। नवजोत ने इस कार्य को पूरा करने के लिए अपने सहयोगी अनमोलप्रीत सिंह उर्फ विशाल को भी शामिल किया।

    शूटर्स की गिरफ्तारी और फरारी के दौरान ठिकानों का खुलासा

    हत्या को अंजाम देने के बाद, आरोपी कई शहरों में विभिन्न ठिकानों पर छिपते रहे, जिनमें अमृतसर, एसबीएस नगर, हिमाचल- पंजाब बॉर्डर, चंडीगढ़, मोहाली और खरड़ शामिल थे। अर्श डल्ला ने उन्हें धन और नशीले पदार्थों की आपूर्ति भी की थी, जो उन्हें अधिकांशतः सार्वजनिक स्थानों से प्राप्त होते थे।

    ग्वालियर में हत्या और अन्य आपराधिक मामलों का संबंध

    जांच के दौरान यह भी पता चला कि अर्श डल्ला के निर्देश पर आरोपियों ने 8 नवंबर को ग्वालियर, मध्य प्रदेश में जसवंत सिंह गिल की हत्या की थी। जसवंत एक आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी थे, जिन्हें 15 दिनों के लिए पैरोल पर रिहा किया गया था। हत्या के बाद आरोपी पंजाब लौट आए थे, जहाँ खरड़ में पुलिस ने एक संयुक्त ऑपरेशन में उन्हें गिरफ्तार किया।

    जिरकपुर में धमकी और फायरिंग की घटना

    इन आरोपियों का जिक्रपुर में 18 अक्टूबर को एक व्यापारी को धमकी देने और फायरिंग करने में भी हाथ था। इस घटना में उन्होंने मुख्य प्रवेश द्वार पर अर्श डल्ला का नाम लिखी पोस्टर लगाई थी। पुलिस ने इस मामले में सीसीटीवी फुटेज की मदद से उनकी पहचान की। फुटेज में उन्हें बाइक पर आते, फायरिंग करते और पोस्टर लगाते देखा गया।

    आगे की जांच और संभावित टारगेट किलिंग्स का खुलासा

    एसएसपी डॉ. प्रज्ञा जैन ने बताया कि इस गिरफ्तारी से कम से कम चार संभावित टारगेट किलिंग्स को नाकाम कर दिया गया है। आरोपी पंजाब में प्रमुख शहरों में विभिन्न प्रतिष्ठित व्यक्तियों को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे, जिसे पुलिस की सतर्कता ने विफल कर दिया। इस मामले में कोटकपूरा पुलिस स्टेशन में FIR नंबर 159 दर्ज की गई है।