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  • पंजाब में मात्र 16 दिनों में S.I.R. के तहत 1 करोड़ से अधिक गणना प्रपत्रों का डिजिटलीकरण: अनिंदिता मित्रा

    पंजाब में मात्र 16 दिनों में S.I.R. के तहत 1 करोड़ से अधिक गणना प्रपत्रों का डिजिटलीकरण: अनिंदिता मित्रा

    चंडीगढ़: पंजाब भर में घर-घर जाकर गणना करने की विशेष गहन पुनरीक्षण (एस.आई.आर.) प्रक्रिया निरंतर तेज़ी से जारी है। 25 जून, 2026 को इसकी शुरुआत के मात्र 16 दिनों के भीतर राज्य में 1 करोड़ से अधिक गणना प्रपत्रों का सफलतापूर्वक डिजिटलीकरण कर लिया गया है। उल्लेखनीय है कि राज्य के सभी घरों में 99.34 प्रतिशत गणना प्रपत्रों का वितरण पहले ही पूरा किया जा चुका है, जो यह दर्शाता है कि पूरे प्रदेश के मतदाताओं तक व्यापक पहुंच सुनिश्चित की गई है।

    इस संबंध में जानकारी देते हुए पंजाब की मुख्य चुनाव अधिकारी (सी.ई.ओ.) अनिंदिता मित्रा ने बताया कि शुद्ध एवं अद्यतन मतदाता सूची तैयार रखने तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए गणना प्रपत्रों का संग्रहण और उनका डिजिटलीकरण अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बूथ लेवल अधिकारियों (बी.एल.ओ.), पर्यवेक्षकों, सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ए.ई.आर.ओ.) तथा निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों (ई.आर.ओ.) के निरंतर प्रयासों की विशेष सराहना की, जिनके सहयोग से राज्य के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों तथा 24,453 मतदान केंद्रों पर गणना प्रपत्रों का समयबद्ध वितरण, संग्रहण और डिजिटलीकरण सुनिश्चित किया गया है।

    उन्होंने बताया कि इस अभियान को और गति देने तथा जनसहभागिता को अधिकतम बढ़ावा देने के उद्देश्य से 11 एवं 12 जुलाई, 2026 को पंजाब के सभी मतदान केंद्रों पर प्रातः 8:00 बजे से अपराह्न 3:00 बजे तक दो दिवसीय विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों के दौरान शेष गणना प्रपत्र भरे जाएंगे, एकत्र किए जाएंगे और उनका डिजिटलीकरण किया जाएगा।
    साथ ही मतदाता सूची की त्रुटियों एवं लिंकिंग संबंधी विसंगतियों को दूर किया जाएगा तथा नागरिकों को अपने मतदाता विवरणों के सत्यापन एवं अद्यतन कराने में सहायता प्रदान की जाएगी। मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि इस विशेष पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत 24,453 बी.एल.ओ. 25 जून से 24 जुलाई, 2026 के दौरान पूरे पंजाब में 2,14,61,043 मतदाताओं तक पहुंच सुनिश्चित कर रहे हैं।

    उन्होंने आगे बताया कि मतदान केंद्रों का युक्तिकरण (रैशनलाइजेशन) 24 जुलाई, 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद 3 अगस्त, 2026 को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। दावे एवं आपत्तियां 3 अगस्त से 2 सितंबर, 2026 तक प्रस्तुत की जा सकेंगी, जबकि उनका निपटारा 3 अगस्त से 28 सितंबर, 2026 के बीच किया जाएगा। मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि अंतिम मतदाता सूची 1 अक्टूबर, 2026 को प्रकाशित की जाएगी। अनिंदिता मित्रा ने सभी पात्र नागरिकों से अपील की कि वे इन विशेष शिविरों में सक्रिय रूप से भाग लें तथा यह सुनिश्चित करें कि उनके मतदाता संबंधी सभी विवरण पूर्ण, सही एवं अद्यतन हों, ताकि स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।

  • पशुधन की स्वास्थ्य सेवाओं में देरी, अनुपस्थिति और लापरवाही के लिए कोई स्थान नहीं

    चंडीगढ़ : राज्य की पशुधन स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पंजाब के पशुपालन, डेयरी विकास एवं मत्स्य पालन मंत्री स गुरमीत सिंह खुड्डियां ने आज पशु चिकित्सा अधिकारियों, निरीक्षकों तथा अन्य कर्मचारियों को जनता के प्रति जवाबदेही के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। एस.ए.एस. नगर स्थित लाइवस्टॉक कॉम्प्लेक्स में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्री खुड्डियां ने राज्यभर के सभी पशु चिकित्सालयों और डिस्पेंसरियों के कार्यों, आधारभूत ढांचे तथा स्वच्छता व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। कुछ संस्थानों की खराब स्थिति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कैबिनेट मंत्री ने पशुपालन निदेशक को निर्देश दिए कि भवनों की तत्काल मरम्मत, रखरखाव तथा आवश्यक सेवाओं के उन्नयन का कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कराया जाए। स गुरमीत सिंह खुड्डियां ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक पशु चिकित्सा संस्थान में 24 घंटे बिजली तथा स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने टीकों के सुरक्षित संरक्षण के लिए उपयुक्त कोल्ड स्टोरेज व्यवस्था की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि वैक्सीन भंडारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही के लिए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की प्रत्यक्ष जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने कहा, “पशुपालकों को बिना किसी परेशानी के समय पर और सम्मानजनक सेवाएं मिलनी चाहिए। अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी ड्यूटी के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध रहें तथा यह सुनिश्चित करें कि सभी लाभार्थियों तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी पक्षपात, देरी अथवा टालमटोल के समय पर पहुंचे।” पशुपालन मंत्री ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि ड्यूटी के दौरान लापरवाही, अनुपस्थिति, देरी अथवा जन शिकायतों को लंबित रखना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में सेवा नियमों के अनुसार कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि कार्य के प्रति किसी भी प्रकार की ढिलाई या शिथिलता के लिए विभाग में कोई स्थान नहीं है।
     
  • वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने ‘रंगला पंजाब विकास योजना’ में तेजी लाने के दिए निर्देश

    वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने ‘रंगला पंजाब विकास योजना’ में तेजी लाने के दिए निर्देश

    चंडीगढ़: राज्य की आधारभूत ढांचा परियोजनाओं में तेजी लाने की दिशा में एक निर्णायक कदम उठाते हुए पंजाब के वित्त एवं योजना मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां महात्मा गांधी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (मगसीपा) में आयोजित व्यापक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए ‘रंगला पंजाब विकास योजना’ की नियमित निगरानी, समयबद्ध क्रियान्वयन तथा गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए। वित्त मंत्री ने सभी संबंधित प्रशासनिक विभागों के प्रमुखों को चल रहे विकास कार्यों पर सतत एवं प्रभावी निगरानी रखने के निर्देश दिए।

    योजना के पहले दो चरणों की प्रगति की समीक्षा करते हुए तथा तीसरे चरण की रणनीति पर चर्चा करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने पंजाब के मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा तथा अतिरिक्त मुख्य सचिव जसप्रीत तलवाड़ के साथ राज्य के सभी उपायुक्तों को निर्धारित समय-सीमाओं का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राज्यभर से आए उपायुक्तों को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने योजना के फेज-1 की सभी परियोजनाओं को 31 जुलाई तथा फेज-2 की परियोजनाओं को 31 अगस्त तक हर हाल में पूरा करने की सख्त समय-सीमा निर्धारित की। इसके अतिरिक्त उन्होंने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे 15 अगस्त तक शुरू किए जा सकने वाले फेज-3 के कार्यों सहित अन्य विकास परियोजनाओं की पहचान कर उनकी विस्तृत सूची तैयार करें।

    घटिया निर्माण कार्यों के प्रति सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को दोहराते हुए मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा ने कार्यान्वयन एजेंसियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदमों की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने उपायुक्तों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं की वास्तविक तस्वीरें सीधे फील्ड से अपलोड की जाएं, ताकि कार्य की प्रगति और गुणवत्ता का प्रमाण उपलब्ध हो सके। उन्होंने चेतावनी दी कि अपने कर्तव्य में लापरवाही बरतने अथवा निर्माण मानकों से समझौता करने वाले किसी भी अधिकारी के विरुद्ध सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी अतिरिक्त उपायुक्त (विकास) को भी निर्देश दिए कि वे अपने स्टाफ के माध्यम से योजना के अंतर्गत चल रहे सभी कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें।

    इन निगरानी उपायों को और प्रभावी बनाते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव जसप्रीत तलवाड़ ने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे उपमंडल मजिस्ट्रेटों (एस.डी.एम.) को विधानसभा क्षेत्रवार जिम्मेदारियां सौंपें तथा उन्हें नियमित रूप से फील्ड दौरे कर परियोजनाओं की प्रगति एवं गुणवत्ता का व्यक्तिगत निरीक्षण करने के लिए भी कहा जाए। यह समीक्षा बैठक राज्य के उपायुक्तों के लिए विकास कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने संबंधी अपनी रणनीतियां और जमीनी स्तर पर किए जा रहे प्रयासों को साझा करने का महत्वपूर्ण मंच भी बनी। जिला अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में इस महत्वाकांक्षी विकास योजना को निर्धारित समय में पूरा करने के लिए उठाए जा रहे कदमों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। इस दौरान हुई रचनात्मक चर्चा में उपायुक्तों ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं को और अधिक सुगम बनाने तथा पंजाब में आधारभूत ढांचा विकास कार्यों को गति देने के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव और फीडबैक भी साझा किए।

  • अमृतसर में 8.3 किलोग्राम हेरोइन और 2 लाख रुपये की ड्रग मनी सहित एक नाबालिग समेत दो गिरफ्तार

    अमृतसर में 8.3 किलोग्राम हेरोइन और 2 लाख रुपये की ड्रग मनी सहित एक नाबालिग समेत दो गिरफ्तार

    चंडीगढ़/अमृतसर : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशानुसार पंजाब को नशा मुक्त राज्य बनाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने एक नाबालिग समेत दो आरोपियों को 8.378 किलोग्राम हेरोइन और 2 लाख रुपये की ड्रग मनी सहित गिरफ्तार कर सीमा पार संचालित हो रहे मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। यह जानकारी आज यहां पुलिस महानिदेशक (डीजीपी), पंजाब, गौरव यादव ने दी। गिरफ्तार आरोपी की पहचान लवप्रीत सिंह उर्फ लव (28), निवासी गांव खासा, अमृतसर के रूप में हुई है, जबकि दूसरा आरोपी नाबालिग है। डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार आरोपी सीमा पार बैठे तस्कर के इशारे पर काम कर रहे थे और विभिन्न स्थानों से हेरोइन की खेप प्राप्त कर उसे पूरे राज्य में आगे सप्लाई करते थे।

    उन्होंने कहा कि मामले के आगे-पीछे के सभी संबंधों का पता लगाने के लिए गहन जांच की जा रही है ताकि इसमें शामिल सभी आरोपियों की पहचान कर पूरे सप्लाई नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके।
    कार्रवाई का विवरण साझा करते हुए पुलिस आयुक्त (सीपी) अमृतसर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि पुख्ता सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीमों ने आरोपी लवप्रीत उर्फ लव को उसके नाबालिग साथी सहित प्रारंभिक रूप से 2 किलोग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार नाबालिग आरोपी के खुलासे के आधार पर पुलिस ने 3.01 किलोग्राम अतिरिक्त हेरोइन तथा 2 लाख रुपये की ड्रग मनी बरामद की, जिससे इस मामले में कुल बरामदगी 5.01 किलोग्राम हो गई।

    पुलिस आयुक्त ने बताया कि मामले की गहन जांच के दौरान यह भी सामने आया कि सीमा पार बैठा तस्कर एक अन्य तस्करी मॉड्यूल भी संचालित कर रहा है। उन्होंने कहा कि जांच में प्राप्त जानकारी के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीमों ने एक लक्षित अभियान के दौरान एक निश्चित स्थान से 3.368 किलोग्राम अतिरिक्त हेरोइन बरामद की। उन्होंने यह भी बताया कि एक अलग मामले में दो अन्य आरोपियों की पहचान कर उन्हें भी नामजद किया गया है। इस संबंध में दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। पहला मामला थाना छेहरटा में एनडीपीएस अधिनियम की धाराओं 21, 21-सी, 25 एवं 29 के तहत एफआईआर संख्या 145 दिनांक 29.06.2026 तथा दूसरा मामला थाना इस्लामाबाद में एनडीपीएस अधिनियम की धाराओं 21 एवं 29 के तहत एफआईआर संख्या 199 दिनांक 03.07.2026 के तहत दर्ज किया गया है।

  • 3500 रुपये की रिश्वत लेते पटवारी को विजिलेंस ब्यूरो ने किया काबू

    3500 रुपये की रिश्वत लेते पटवारी को विजिलेंस ब्यूरो ने किया काबू

    चंडीगढ़ : पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के दौरान राजस्व हलका धौल खुर्द, सब-रजिस्ट्रार मलौद, जिला लुधियाना में तैनात पटवारी गुरजीत सिंह को 3500 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू किया है। इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए राज्य विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि उक्त आरोपी को गांव धौल खुर्द, थाना मलौद, जिला लुधियाना के एक निवासी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। प्रवक्ता ने आगे बताया कि शिकायतकर्ता के माता-पिता का वर्ष 2016 में निधन हो गया था और उसकी माता के नाम पर गांव धौल खुर्द में 3 बिस्वे का एक प्लॉट था। इस प्लॉट की विरासती इंतकाल शिकायतकर्ता तथा उसके छह भाई-बहनों के नाम दर्ज किया जाना था। शिकायतकर्ता ने आवश्यक दस्तावेज तैयार कर पटवारी गुरजीत सिंह को सौंप दिए। आरोपी ने दस्तावेज अपने पास रख लिए और इंतकाल दर्ज करने के लिए 5,000 रुपये रिश्वत की मांग की। प्रवक्ता ने आगे बताया कि शिकायतकर्ता द्वारा अनुरोध किए जाने पर आरोपी पटवारी के साथ 3500 रुपये में सौदा तय हो गया। शिकायतकर्ता ने रिश्वत मांगने संबंधी पूरी बातचीत भी रिकॉर्ड कर ली थी। अवैध रिश्वत देने के लिए तैयार न होने के कारण शिकायतकर्ता ने विजिलेंस ब्यूरो रेंज लुधियाना से संपर्क किया। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने दो सरकारी गवाहों की उपस्थिति में आरोपी पटवारी को शिकायतकर्ता से 3500 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस संबंध में विजिलेंस ब्यूरो थाना लुधियाना में आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है तथा मामले की आगे की जांच जारी है।
     
  • बरिंदर कुमार गोयल द्वारा ससराली कॉलोनी के समीप सतलुज धुस्सी बांध के कार्यों का जायज़ा

    बरिंदर कुमार गोयल द्वारा ससराली कॉलोनी के समीप सतलुज धुस्सी बांध के कार्यों का जायज़ा

    चंडीगढ़ : पंजाब के जल संसाधन तथा खनन एवं भू-विज्ञान मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने आज लुधियाना के ससराली कॉलोनी गांव के नज़दीक सतलुज दरिया के धुस्सी बांध पर चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर तथा उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं ताकि लोगों के जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। बरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि ससराली कॉलोनी गांव में लगभग 3300 फुट लंबा बांध क्षतिग्रस्त हो गया था जिसकी पुनर्निर्माण परियोजना प्रगति पर है। इस कार्य पर लगभग 11.75 करोड़ रुपये की लागत आ रही है। परियोजना के तहत लगभग 2,00,000 घन मीटर मिट्टी का उपयोग किया जा रहा है जिसमें से लगभग 1,50,000 घन मीटर कार्य पूरा किया जा चुका है जबकि शेष कार्य भी शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा।

    उन्होंने बताया कि इस पुनर्निर्माण कार्य की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि दरिया किनारे के कटाव को रोकने के लिए बांध के नदी की ओर वाले अंदरूनी हिस्से में पी.पी.एम.एफ. (पॉलीप्रोपाइलीन मल्टीफिलामेंट) जियोट्यूब लगाए जा रहे हैं। इस परियोजना के तहत कुल लगभग 450 जियोट्यूब लगाए जाने हैं जिनमें से करीब 325 जियोट्यूब पहले ही स्थापित किए जा चुके हैं और शेष कार्य भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पी.पी.एम.एफ. जियोट्यूब परियोजना पंजाब में अपनी तरह की पहली पहल है जो नदी तट संरक्षण तथा बाढ़ प्रबंधन के लिए आधुनिक जियोसिंथेटिक इंजीनियरिंग तकनीकों के उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।

    जल संसाधन मंत्री ने निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की और मौके पर चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार राज्य के बांधों को मज़बूत बनाने तथा बाढ़ के संभावित खतरे को कम करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि धुस्सी बांध के सुदृढ़ होने से सतलुज नदी के किनारे बसे गांवों और क्षेत्रों को बड़ी राहत मिलेगी तथा बरसात के दौरान पानी के दबाव से होने वाले नुकसान को रोकने में सहायता मिलेगी।

    गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों के दौरान सभी सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जाए। जहां भी आवश्यकता हो वहां अतिरिक्त मशीनरी और मानव संसाधन तैनात कर कार्य में तेज़ी लाई जाए। उन्होंने स्थानीय लोगों से भी बातचीत की तथा उनकी समस्याओं और सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने भरोसा दिलाया कि लोगों की सुरक्षा और कल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा वर्षा ऋतु के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध पहले ही किए जा रहे हैं।

    उप मंडल मजिस्ट्रेट लुधियाना पूर्वी श्रीमती जसलीन कौर भुल्लर ने बताया कि ज़िला प्रशासन जल संसाधन विभाग के साथ पूर्ण समन्वय बनाकर निर्माण कार्यों की लगातार निगरानी कर रहा है। उन्होंने कहा कि संवेदनशील स्थानों पर विशेष नज़र रखी जा रही है तथा किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा करने तथा जनहित को ध्यान में रखते हुए सभी कार्य समय पर पूरे करने के निर्देश दिए। उन्होंने दोहराया कि पंजाब सरकार राज्य के बुनियादी ढांचे को मज़बूत बनाने, बाढ़ प्रबंधन को और प्रभावी बनाने तथा लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

  • अमन अरोड़ा ने स्टार्टअप विकास को बड़ा बढ़ावा देने के लिए पंजाब निवेशक सर्कल और न्यूरॉन 2.0 लॉन्च किया

    अमन अरोड़ा ने स्टार्टअप विकास को बड़ा बढ़ावा देने के लिए पंजाब निवेशक सर्कल और न्यूरॉन 2.0 लॉन्च किया

    चंडीगढ़ : राज्य को प्रौद्योगिकी के नए युग का अग्रदूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने आज दो महत्वपूर्ण पहलों की शुरुआत की। इनमें पहला प्रमुख प्रयास ‘पंजाब निवेशक सर्कल’ है, जो उच्च संभावनाओं वाले स्टार्टअप्स को उद्यम पूंजी निवेशकों, उद्योग जगत के अग्रणी नेताओं और इकोसिस्टम सहयोगियों से जोड़ने के लिए एक समर्पित मंच प्रदान करता है। दूसरी महत्वपूर्ण पहल ‘स्टार्टअप पंजाब हब-न्यूरॉन 2.0’ है, जो डीप-टेक इनक्यूबेशन और उन्नत कौशल को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। इन दोनों पहलों का उद्देश्य नवाचार-संचालित उद्यमों के लिए पंजाब को भारत का सबसे पसंदीदा गंतव्य बनाना है।

    स्टार्टअप पंजाब द्वारा मोहाली स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ नैनो साइंस एंड टेक्नोलॉजी में आयोजित उद्घाटन समारोह में सूचना प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा, कृषि, विनिर्माण तथा डीप-टेक सहित विभिन्न क्षेत्रों के 14 नवाचारी स्टार्टअप्स ने पिचिंग सत्र प्रस्तुत किए। इस कार्यक्रम ने उद्यमियों, निवेशकों और सलाहकारों को एक मंच पर एकत्र होकर अपने स्टार्टअप्स की विकास योजनाएं प्रस्तुत करने तथा फंडिंग, रणनीतिक मार्गदर्शन और दीर्घकालिक साझेदारी के अवसरों पर विचार-विमर्श करने का अवसर प्रदान किया।

    जन सभा को संबोधित करते हुए उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार व्यवहारिक, नवाचारी और सुदृढ़ अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

    उन्होंने कहा, “स्टार्टअप पंजाब ने नीतिगत प्रोत्साहन, सीड फंडिंग और इनक्यूबेशन सहायता प्रदान की है। पंजाब निवेशक सर्कल के माध्यम से अब हम नवाचार और निवेश के बीच मौजूद महत्वपूर्ण अंतर को समाप्त करने के लिए एक दीर्घकालिक संस्थागत मंच तैयार कर रहे हैं। सरकार एक सक्षम इकोसिस्टम तैयार कर सकती है, लेकिन सतत विकास के लिए निवेशकों के साथ मजबूत साझेदारी आवश्यक है।”

    श्री अमन अरोड़ा ने राज्य में बढ़ रहे स्टार्टअप्स की जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में पंजाब में 2500 से अधिक डीपीआईआईटी-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप हैं। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप पंजाब ने 6.8 करोड़ रुपये से अधिक की सीड फंडिंग के माध्यम से 222 से अधिक स्टार्टअप्स की सहायता की है। राज्य के समावेशी विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स में से लगभग आधे में कम-से-कम एक महिला निदेशक है, जो पंजाब के आर्थिक क्षेत्र में महिला उद्यमियों की बढ़ती भागीदारी का प्रमाण है।

    उद्योग मंत्री ने स्टार्टअप पंजाब हब-न्यूरॉन 2.0 का भी उद्घाटन किया, जो पहले के कार्यक्रम का उन्नत संस्करण है। उन्होंने बताया कि न्यूरॉन पहल ने 114 तकनीकी स्टार्टअप्स को विकसित किया, 67 बौद्धिक संपदा (इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी) फाइलिंग में सहायता प्रदान की, लगभग 2700 रोजगार सृजित किए तथा स्टार्टअप्स को लगभग 890 करोड़ रुपये के कुल मूल्यांकन तक पहुंचाने में सहयोग दिया। उन्होंने कहा कि न्यूरॉन 2.0 का उद्देश्य एक समर्पित साइबर सुरक्षा प्रयोगशाला और अत्याधुनिक कौशल अवसंरचना स्थापित करके इस इकोसिस्टम को और अधिक मजबूत बनाना है।

    इस कार्यक्रम में स्टार्टअप्स, निवेशकों और सलाहकारों के बीच नेटवर्किंग सत्र भी आयोजित किए गए, जिससे भविष्य के निवेश और रणनीतिक सहयोग का मार्ग प्रशस्त हुआ। इन दोनों पहलों के शुभारंभ के साथ पंजाब सरकार ने स्टार्टअप्स और नवाचार-संचालित उद्यमों के लिए राज्य को भारत के सबसे पसंदीदा गंतव्यों में शामिल करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

    इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रशासनिक सचिव श्री गुरकिरत किरपाल सिंह, पंजाब विकास आयोग की वाईस चेयरमैन श्रीमती सीमा बंसल, इन्वेस्ट पंजाब के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अमित ढाका, निदेशक श्री जसप्रीत सिंह तथा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

  • कर विभाग ने 55.35 करोड़ रुपये के फर्जी बिलिंग घोटाले के मास्टरमाइंड को किया गिरफ्तार

    कर विभाग ने 55.35 करोड़ रुपये के फर्जी बिलिंग घोटाले के मास्टरमाइंड को किया गिरफ्तार

    चंडीगढ़ : पंजाब के वित्त, आबकारी एवं कर मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज घोषणा की कि पंजाब राज्य कर विभाग ने जालंधर स्थित एक फर्म के मालिक को 55.35 करोड़ रुपये के फर्जी बिलिंग घोटाले को अंजाम देने के आरोप में गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण कार्रवाई से लगभग 8.35 करोड़ रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के लेन-देन को सफलतापूर्वक रोका गया है, जिसके माध्यम से गलत एकीकृत जीएसटी (आईजीएसटी) रिफंड दावों के जरिए सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा था।

    यहां जारी एक प्रेस बयान में खुफिया सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई का विवरण देते हुए आबकारी एवं कर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि राज्य जीएसटी विभाग ने पंजाब जीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 69 के तहत जालंधर स्थित मैसर्स रैमसन्स कॉर्पोरेशन (GSTIN: 03BFDPB3574F1ZZ) के मालिक भूपिंदर शर्मा को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह फर्म वस्तुओं की वास्तविक आपूर्ति किए बिना जीएसटी चालान जारी कर बड़े पैमाने पर फर्जी बिलिंग और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट घोटाले में संलिप्त थी।

    घोटाले के वित्तीय पैमाने की जानकारी देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि इस फर्म ने लगभग 55.35 करोड़ रुपये की फर्जी बिलिंग की, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 8.35 करोड़ रुपये का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट गलत तरीके से प्राप्त किया गया और आगे अन्य फर्मों को स्थानांतरित किया गया। इस फर्जी आईटीसी का उपयोग कुछ विनिर्माण इकाइयों द्वारा निर्यात पर भुगतान किए गए आईजीएसटी के रिफंड का दावा करने के लिए किया गया, जिससे सरकारी खजाने को प्रत्यक्ष और भारी वित्तीय नुकसान हुआ।

    कार्रवाई का विवरण देते हुए श्री चीमा ने कहा कि जांच के दौरान एकत्र किए गए ठोस साक्ष्यों के आधार पर राज्य कर विभाग की एक विशेष टीम ने 9 जुलाई 2026 को आरोपी को गिरफ्तार किया। उन्होंने बताया कि इस घोटाले से संबंधित अपराध पंजाब जीएसटी अधिनियम, 2017 की कठोर धाराओं के तहत गैर-जमानती हैं।

    जांच के अगले चरण के संबंध में वित्त मंत्री ने कहा कि मामले में शामिल अन्य व्यक्तियों के पूरे नेटवर्क की पहचान करने, फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट के वास्तविक प्रवाह का पता लगाने तथा कर चोरी की कुल राशि का आकलन करने के लिए जांच तेजी से जारी है। इस घोटाले में शामिल पाए जाने वाले सभी व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    कर धोखाधड़ी के प्रति पंजाब सरकार के कड़े रुख को दोहराते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा सरकारी राजस्व की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। फर्जी इनवॉयसिंग, बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट और कर धोखाधड़ी में शामिल प्रत्येक व्यक्ति अथवा संस्था के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि ऐसी अवैध गतिविधियां न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि ईमानदार करदाताओं के लिए अस्वस्थ कारोबारी वातावरण भी पैदा करती हैं।

    वित्त मंत्री ने विभाग की आधुनिक कार्यप्रणाली पर बल देते हुए कहा कि कर विभाग को चौकसी बढ़ाने तथा कर चोरों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार खुफिया सूचना आधारित प्रवर्तन, उन्नत डेटा विश्लेषण तथा कर चोरी के नेटवर्क के विरुद्ध समन्वित जांच के माध्यम से सरकारी राजस्व की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

     

  • ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत 2.42 लाख से अधिक मरीजों को मिला लाभ, कैशलेस हुआ इलाज

    ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत 2.42 लाख से अधिक मरीजों को मिला लाभ, कैशलेस हुआ इलाज

    चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की प्रमुख ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’, जिसकी शुरुआत इसी वर्ष 8 जनवरी को की गई थी, पिछले छह महीनों के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में उभरी है। इस अवधि में 2,42,917 मरीजों को 4,79,602 कैशलेस उपचार उपलब्ध कराए गए, जिनकी कुल लागत लगभग 852 करोड़ रुपये रही। इस योजना ने हजारों परिवारों को महंगे इलाज के आर्थिक बोझ से राहत प्रदान की है। अब तक 47 लाख से अधिक स्वास्थ्य कार्ड पंजीकृत किए जा चुके हैं। यह योजना राज्य में यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज के लक्ष्य को तेजी से आगे बढ़ाते हुए प्रत्येक पात्र परिवार को प्रतिवर्ष 10 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध करा रही है।

    पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि इस योजना ने सामान्य स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ महंगे और विशिष्ट उपचारों की जरूरतों को भी सफलतापूर्वक पूरा किया है, जिससे प्रत्येक नागरिक को बिना किसी आर्थिक कठिनाई के गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री सेहत योजना परिवारों को महंगे इलाज के खर्च से सुरक्षा प्रदान करने वाली एक सामाजिक सुरक्षा योजना है। 47 लाख से अधिक पंजीकरण और 852 करोड़ रुपये के कैशलेस उपचार इस बात का प्रमाण हैं कि लोगों ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की उस सोच पर भरोसा जताया है, जिसके तहत प्रत्येक घर तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं।”

    योजना के लाभों की जानकारी साझा करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि क्रॉनिक हीमोडायलिसिस इस योजना के अंतर्गत सबसे अधिक लाभ प्राप्त करने वाला उपचार रहा है। इसके तहत 1.58 लाख से अधिक डायलिसिस सत्र किए गए। लेप्रोस्कोपिक गॉलब्लैडर (पित्ताशय) सर्जरी के लगभग 12,400 ऑपरेशन किए गए हैं। इसके अतिरिक्त प्राइमरी टोटल नी रिप्लेसमेंट, सिजेरियन डिलीवरी, सामान्य प्रसव, हिस्टरेक्टॉमी, हिप रिप्लेसमेंट तथा जनरल लैपरोटॉमी जैसी सेवाओं का भी बड़ी संख्या में लाभ उठाया गया, जिनमें प्रत्येक के लगभग 8,700 से 8,900 मामले दर्ज किए गए।

    उन्होंने कहा, “उपचार संबंधी आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान कर रही है। जहां हजारों लाभार्थियों को प्रतिदिन डायलिसिस, मातृ स्वास्थ्य सेवाएं और आपातकालीन उपचार मिल रहे हैं, वहीं हृदय, ऑर्थोपेडिक और अन्य गंभीर शल्य चिकित्सा की आवश्यकता वाले मरीजों को भी पूरी तरह निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।”

    यह योजना पंजाब के हजारों लाभार्थियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है।

    संगरूर की निवासी बलजिंदर कौर, जो लगभग 10 वर्षों से घुटनों के गंभीर दर्द से पीड़ित थीं, ने इस योजना के तहत निःशुल्क नी रिप्लेसमेंट कराया। उन्होंने कहा, “10 वर्षों तक घुटनों के दर्द से जूझने के बाद मुझे स्वास्थ्य कार्ड के माध्यम से निःशुल्क उपचार मिला। आज मैं दर्द से मुक्त होकर खुशहाल जीवन जी रही हूं।”

    लुधियाना की बीना देवी लंबे समय से पित्ताशय की पथरी से पीड़ित थीं, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण ऑपरेशन नहीं करा पा रही थीं। उन्होंने कहा, “स्वास्थ्य कार्ड की सहायता से मुझे निःशुल्क उपचार मिला और अब मैं स्वस्थ जीवन की ओर अग्रसर हूं।”

    डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि भगवंत मान सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए सूचीबद्ध अस्पतालों के नेटवर्क का विस्तार, जन-जागरूकता अभियान को तेज करने तथा पंजीकरण प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है, ताकि प्रत्येक पात्र परिवार इस योजना का लाभ उठा सके।

     

     

  • फूलों के बीज उत्पादन के लिए 40 प्रतिशत सब्सिडी दे रही है सरकार : मोहिंदर भगत

    फूलों के बीज उत्पादन के लिए 40 प्रतिशत सब्सिडी दे रही है सरकार : मोहिंदर भगत

    चंडीगढ़ : बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार किसानों की आय बढ़ाने और बागवानी को अधिक लाभदायक बनाने के लिए कई किसान-हितैषी योजनाएं लागू कर रही है। बागवानी मंत्री ने बताया कि फूलों की खेती को पुष्पित करने के उद्देश्य से सरकार द्वारा बागवानी योजनाओं के तहत फूलों के बीज उत्पादन करने वाले किसानों को तीन वर्षों तक प्रति एकड़ लागत पर 40 प्रतिशत सब्सिडी या अधिकतम 14,000 रुपये प्रति एकड़ दी जाती है।

    उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाले फूलों के बीजों के उत्पादन को बढ़ावा देना और किसानों के लिए आय के अतिरिक्त अवसर पैदा करना है। भगत ने किसानों से अपील की कि वे बागवानी विभाग की विभिन्न योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएं और किसी भी जानकारी या सहायता के लिए अपने नजदीकी बागवानी कार्यालय से संपर्क करें।