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  • पंजाब : हिट एंड रन कानून के खिलाफ ट्रक ड्राइवरों के बाद टैक्सी ड्राइवरोंं ने किया रोष प्रदर्शन, देखें वीडियो

    संगरुर : आजाद टैक्सी यूनियन की तरफ से पूरे जिले में एक दिन की हड़ताल की गई। उन्होंने कहा कि यह कानून हमारे लिए बहुत ज्यादा घातक है। केंद्र सरकार के द्वारा जारी किए गए कानून के खिलाफ अपनी गाड़ियों के ऊपर काले झंडे और विरोध जताते हुए बैनर लगाकर पूरे संगरूर शहर में निकला टैक्सी ड्राइवर ने रोष प्रदर्शन किया। टैक्सी ड्राइवर ने बड़ी गिनती में इकट्ठे होकर एक दिन की हड़ताल की और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी। उन्होंने कहा कि 6 जनवरी को भवानीगढ़ के नजदीक कालाझाड़ टोल प्लाजा घेरा जाएा और बड़े स्तर पर केंद्र के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। केंद्र सरकार की तरफ से हिट एंड रन कानून में शोध की गई है। जिसमें की अगर किसी सड़क हादसे में किसी पीड़ित की मौत हो जाती है तो ड्राइवर के खिलाफ 10 साल की सजा और 7 लख रुपए जुर्माना तक का संविधान बनाया गया है। इस कानून के खिलाफ लगातार बस ट्रक और टैक्सी चालकों की तरफ से प्रदर्शन किया जा रहे है और बड़े स्तर पर हड़ताल की जा रही है। बात की जाए तो कल की तो ट्रक ऑपरेटरों की तरफ से अपनी हड़ताल खत्म की गई है। आज टैक्सी यूनियन की तरफ से एक दिन की हड़ताल करके केंद्र सरकार के द्वारा बनाए गए कानून के खिलाफ संगरूर में बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया गया है। बातचीत दौरान टैक्सी यूनियन आजाद के अध्यक्ष बलजिंदर सिंह ने बताया कि यह कानून हमारे लिए बहुत ज्यादा घातक है। कोई भी सड़क हादसा कोई भी ड्राइवर जानबूझकर नहीं करता।

    अगर कहीं पर सड़क हादसा हो जाता है तो वहां के लोग बिना किसी की गलती जाने ड्राइवर पर टूट पड़ते है, कई जगह मारपीट की जाती है। उन्होंने कहा कि अगर बात पंजाब के बाहर की जाए तो बिहार जैसे राज्यों में तो कई जगह से ऐसी घटनाएं सामने आई है कि हादसे के बाद ड्राइवर को आग लगाकर जला दिया गया। जिसके कारण जब कभी अगर किसी से ऐसा हादसा हो जाए तो ड्राइवर के पास सबसे पहले अपनी जान बचाने के लिए भगाने का ही रास्ता होता है। उन्होंने कहा कि यह कानून केंद्र सरकार जब तक वापस नहीं लगी, तब तक हमारी तरफ से प्रदर्शन लगातार तेज होता रहेगा। 6 जनवरी को हमारी तरफ से बठिंडा चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर भवानीगढ़ के पास बने सबसे बड़े टोल प्लाजा कल झाड़ टोल प्लाजा पर बड़े स्तर पर टैक्सी यूनियन ड्राइवर की तरफ से प्रदर्शन किया जाएगा। केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर विरोध किया जाएगा। अगर इस कानून को केंद्र सरकार वापस नहीं लेती तो आने वाले चुनाव में भी हमारी तरफ से केंद्र सरकार के खिलाफ वोट डाले जाएंगे और उनके खिलाफ प्रचार किया जाएगा।

  • पंजाबः मरन व्रत पर बैठे 108 एम्बुलेंस कर्मचारी की बिगड़ी हालत

    संगरूरः सुनाम उधम सिंह वाला से बड़ी खबर सामने आई है। जहां 108 एम्बुलेंस कर्मचारी यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अमनदीप सिंह ने एक प्रेस बयान के माध्यम से कहा कि लगभग 2 महीने से सभी कर्मचारी और ईएमटी अपनी जायज मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर है। इसके बावजूद कर्मचारी मरीजों को निरविघन एंबुलेंस सेवा दे रहे हैं, लेकिन एंबुलेंस का प्रबंधन करने वाली कंपनी कर्मचारियों की मांगों का समाधान करने के बजाय कर्मचारियों को नौकरी से निकालकर सच्चाई की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कंपनी के अधिकारियों ने कंपनी में गाड़ियों की सर्विसिंग कराने के बजाय अपने परिचित मैकेनिकों से गाड़ियों की मरम्मत करवा रहे है।

    प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जीवन रक्षक प्रणाली में प्रयुक्त उपकरणों के खराब होने के कारण कर्मचारियों को जनाक्रोश का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि संगठन के पांच साथियों गुरजीत सिंह, बलजिंदर सिंह, हरमीत सिंह, बलविंदर गुरु और शरणजीत कौर ने 20 दिसंबर से मोहाली एंबुलेंस बेस पर अपनी भूख हड़ताल को मरन व्रत में बदल दिया है और इस दौरान कामरेड हरमीत सिंह की हालत बिगड़ गई है। जिसका सिविल अस्पताल मोहाली में इलाज चल रहा है। यूनियन नेताओं ने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा का स्तर ऊंचा उठाने के वादे के साथ सत्ता में आई प्रदेश की आप सरकार ने संघर्षरत कर्मचारियों की मांगों पर तत्काल ध्यान नहीं दिया तो आने वाले दिनों में साथियों संगठन के सदस्य अपने परिवारों के साथ पहुंचेंगे और वाहनों की चाबियां मुख्यमंत्री को सौंपेंगे। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष अमनदीप सिंह, परमिंदर सिंह, सुखराज सिंह, सागर अरोड़ा, अरविंद चौहान, गुरप्रीत सिंह और अमन संगरूर मौजूद रहे।

  • पंजाब : ट्रैफिक पुलिस की ओर से लोगों को किया जा रहा जागरूक, देखें वीडियो

    संगरूर : बढ़ती ठंड और घने कोहरे के कारण जहां हर दिन बड़ी दुर्घटनाएं हो रही है। वहीं ट्रैफिक पुलिस संगरूर लोगों को सचेत कर रही है। जिसके तहत आज जिला ट्रैफिक प्रभारी के नेतृत्व में शहीद भगत सिंह चौक संगरूर में टैक्सी और टेंपो चालकों से बातचीत की गई। पवन कुमार शर्मा ने उन्हें समझाया और बताया कि घना कोहरा है।

    जिसके कारण 50 मीटर या 100 मीटर से आगे कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा है। अपनी गाड़ियों की रफ्तार को धीरे रखें अपनी सवारी को पहले ही कह कर रखें कि अगर 4 घंटे का सफर है तो इसमें 5- से 6 घंटे लगेंगे। जिससे सवारी सुरक्षित रहेगी और आप भी सुरक्षित रहेंगे।

  • पंजाबः इस मामले में तहसीलदार और 2 पटवारी गिरफ्तार

    संगरूर: पंजाब विजीलैंस ब्यूरो ने चलाई भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम के दौरान आज मुनक के तहसीलदार (सेवामुक्त) संधूरा सिंह, संगरूर जिले के हलका बल्लरां के पटवारी धरमराज और भगवान दास पटवारी (सेवामुक्त) को कृषि योग्य ज़मीन के ग़ैर-कानूनी तबादले और इंतकाल करवाने के एवज़ में 7 लाख रुपए की रिश्वत लेने के दोष अधीन गिरफ़्तार किया है। राज्य विजीलैंस ब्यूरो के सरकारी प्रवक्ता ने खुलासा किया कि एफआईआर नंबर 18 तारीख़ 27.12.2023 की गहराई से तफ्तीश करने के बाद आइपीसी की धारा 420, 465, 467, 468, 471, 120-बी के अंतर्गत विजीलैंस ब्यूरो के आर्थिक अपराध शाखा लुधियाना के थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। एफआईआर में नामज़द किये गए मुलजिमों में संधूरा सिंह, तहसीलदार (सेवामुक्त), धरमराज पटवारी, मिट्ठू सिंह पटवारी (दोनों हलका बल्लरां, ज़िला संगरूर), भगवान दास, पटवारी ( सेवामुक्त) और एक निजी व्यक्ति बलवंत सिंह निवासी गाँव बल्लरां, ज़िला संगरूर शामिल हैं।

    और जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि इस जांच के दौरान गाँव बल्लरां में गुरतेज सिंह और अन्य की 25 कनाल 15 मरले ज़मीन का तबादला गाँव रायपुर, तहसील जाखल, हरियाणा में बलवंत सिंह की ज़मीन के साथ जाली तबादला और इंतकाल ( नंबर 10808) इंदराज कराने का खुलासा हुआ है। धरमराज पटवारी ने इस फर्जी इंतकाल को अंजाम देने के लिए बलवंत सिंह से 7 लाख रुपए की रिश्वत ली थी। इसके बाद, धरमराज पटवारी ने इस इंतकाल की मंजूरी तहसीलदार संधूरा सिंह (अब सेवामुक्त) से जमांबन्दी में ऐंट्रियों के साथ मिलाने के लिए 15. 05. 2019 की बैक डेट से प्राप्त की, जिसकी समय सीमा 15. 05. 2023 थी।

    प्रवक्ता ने माल रिकार्ड में अनियमितताओं को उजागर करते हुए बताया कि पटवारी ने इंतकाल की मंजूरी के लिए एंट्री बाल प्वाइंट पैन के साथ की थी, उसी तारीख़ को अन्य ऐंट्रियों के उलट, जै़ल पैन का प्रयोग करके दर्ज की गई थीं। इसके इलावा, दोषी पटवारी ने अपने दोष को छिपाने के लिए इस इंतकाल की कापी कानूनगो के दफ़्तर को भी न भेजी। इस जांच के दौरान पता लगा कि गुरतेज सिंह और अन्य और बलवंत सिंह के बीच कोई पारिवारिक बटवारा नहीं हुआ था। इसके इलावा बलवंत सिंह के पास हरियाणा के गाँव जाखल में कोई ज़मीन भी नहीं थी। साल 1966 से गाँव बल्लरां में ज़मीन के मालिक होने का दावा कर रहे बलवंत सिंह ने तबादले के द्वारा ज़मीन का मालिक बनने के लिए धरमराज पटवारी के पास पहुँच की, जिसने 10 लाख रुपए की माँग की। बातचीत के बाद धरमराज पटवारी ने बलवंत सिंह से 7 लाख रुपए की रिश्वत ले ली।

    प्रवक्ता ने आगे कहा कि यहाँ से धरमराज पटवारी के तबादले के बाद मिट्ठू सिंह पटवारी ने शिकायतकर्ता के माल रिकार्ड में फेरबदल करके धोखे के साथ उनके हिस्से 57 कनाल 11 मरले से घटा कर 31 कनाल 16 मरले ज़मीन कर दी। इस ग़ैर- कानूनी कार्यवाही के द्वारा बलवंत सिंह को 25 कनाल 15 मरले ज़मीन का गैर-कानूनी तबादले से मालिक बना दिया। इन कार्यवाहियों को छिपाने के लिए, मिट्ठू सिंह पटवारी ने जमाबन्दी रजिस्टर में से पन्ना नंबर 134 से 138 को हटा दिया और रजिस्टर के बाकी पन्नों के उलट, क्रम संख्या के बिना वाले नये पन्ने जोड़ दिए।

    जांच के दौरान सामने आया कि मिट्ठू सिंह पटवारी ने 07. 05. 2021 को माल रिकार्ड में यह हेराफेरी की थी। फिर बलवंत सिंह ने उक्त ज़मीन अपने पोते बलराज सिंह को करार नंबर 53 तारीख़ 26. 04. 2022 के द्वारा तबदील कर दी। इसके बाद भगवान दास पटवारी ने इंतकाल नंबर 11123 तारीख़ 8. 7. 2022 दर्ज किया और 14. 07. 2022 को मंजूरी प्राप्त कर ली। जब शिकायतकर्ता गुरतेज सिंह को इस बारे पता लगा तो उसने शिकायत दर्ज करवाई तो भगवान दास पटवारी ने इंतकाल नंबर 16 तारीख़ 18. 07. 2022 को दुरुसत कर दिया परन्तु वह माल रजिस्टर में इंतकाल नं 11123 तारीख़ 18. 07. 2022 के आधार पर सेल डीड/ वसिका नं. 53 तारीख़ 2026. 2022 का हवाला देने में असफल रहा। प्रवक्ता ने बताया कि मामले की आगे जांच की जा रही है और बाकी दोषियों को भी जल्द ही काबू कर लिया जायेगा।

  • पंजाबः रेलवे ट्रैक पर बैठे कई किसानों को पुलिस ने लिया हिरासत में, देखें वीडियो

    संगरूरः पंजाब में गन्ना किसान आज रेलवे ट्रैक पर बैठ गए है। इस दौरान किसानों ने अंबाला श्री गंगानगर रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया है। दरअसल, इससे पहले किसानों ने धूरी रेलवे जंक्शन पर धरना देना था, लेकिन कई किसान नेताओं की गिरफ्तारी के बाद किसानों ने अपनी रणनीति बदल दी। वहीं इस मामले को लेकर पुलिस ने किसानों को समझाने की कोशिश की, लेकिन किसान ट्रैक जाम करने पर अड़े रहे। जिसके बाद पुलिस ने कई किसानों को हिरासत में ले लिया और बस में बिठाकर ले गई। 

    दरअसल, किसानों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन ने गन्ना किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष जसविंदर सिंह सोमा समेत कई किसान नेताओं के घरों पर छापेमारी की और उनके साथ जबरदस्ती उठाने की की कोशिश की गई। किसानों ने कहा कि चीनी मिल मालिकों और प्रशासन ने हमारे साथ हुई बैठकों में हमारी मांगें मानी थीं लेकिन अब वे अपनी बात से मुकर गए हैं। 

  • पंजाबः एक बार फिर से किसानों ने रेलवे ट्रैक किया जाम, देखें वीडियो

    संगरूरः पंजाब में गन्ना किसानों ने एक बार फिर से प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसी के चलते आज धूरी के गांव अलाल में गन्ना किसानों ने अंबाला श्री गंगानगर रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया है। दरअसल, इससे पहले किसानों ने धूरी रेलवे जंक्शन पर धरना देना था, लेकिन कई किसान नेताओं की गिरफ्तारी के बाद किसानों ने अपनी रणनीति बदल दी। वहीं आज किसानों के रेलवे ट्रैक जाम करने की आज की कॉल को लेकर इससे पहले धूरी रेलवे स्टेशन पर भारी मात्रा में पुलिस तैनात कर दी गई थी।

    दरअसल, किसानों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन ने गन्ना किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष जसविंदर सिंह सोमा समेत कई किसान नेताओं के घरों पर छापेमारी की और उनके साथ जबरदस्ती उठाने की की कोशिश की गई। किसानों ने कहा कि चीनी मिल मालिकों और प्रशासन ने हमारे साथ हुई बैठकों में हमारी मांगें मानी थीं लेकिन अब वे अपनी बात से मुकर गए हैं। बता दें कि गन्ना किसान अपनी मांगों को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे हैं, जिसे लेकर कुछ दिन पहले किसानों ने धूरी गन्ना मिल के बाहर धरना भी दिया था।

    जिसके बाद मुख्यमंत्री के ओएसडी, मिल और मिल के बीच एक घंटे तक किसानों की बैठक हुई थी। किसानों का कहना है कि इस मीटिंग में धुरी प्रशासन का आयोजन भी किया गया जिसमें किसानों की सभी लंबित मांगों पर विचार किया गया। जिसमें गन्ना किसानों की बकाया भुगतान, गन्ने की खरीद और अगले साल गन्ना मिल चालू रखने की मुख्य मांगें मान ली गईं थी, लेकिन धरना खत्म होने के बाद किसानों ने आरोप लगाया कि मिल अपने वादे से मुकर गई है। जिसके चलते किसानों ने एक बार फिर संघर्ष का रास्ता चुना है। 

  • पंजाब: किसानों का रेल रोको ऐलान, रेलवे स्टेशन छावनी में हुआ तब्दील

    संगरूरः किसानों के धरने की कॉल को लेकर धुरी रेलवे स्टेशन छावनी में तब्दील हो गया है। दरअसल, गन्ना किसानो ने हाल ही में धुरी रेलवे स्टेशन पर धरना दिया था और अपनी मांगों को लेकर ट्रेनें रोकने का ऐलान किया था। जिसके बाद पुलिस प्रशासन ने धूरी रेवले स्टेशन पर भारी संख्या में पुलिस तैनात कर दी ताकि किसान रेलवे स्टेशन से आगे न बढ़ सकें। दरअसल, किसानों ने 27 दिसंबर को धूरी रेलवे स्टेशन घेर ट्रेनें रोकने का ऐलान किया था।

    वहीं किसानों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन ने गन्ना किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष जसविंदर सिंह सोमा समेत कई किसान नेताओं के घरों पर छापेमारी की और उनके साथ जबरदस्ती उठाने की की कोशिश की गई। किसानों ने कहा कि चीनी मिल मालिकों और प्रशासन ने हमारे साथ हुई बैठकों में हमारी मांगें मानी थीं लेकिन अब वे अपनी बात से मुकर गए हैं। बता दें कि गन्ना किसान अपनी मांगों को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे हैं, जिसे लेकर कुछ दिन पहले किसानों ने धूरी गन्ना मिल के बाहर धरना भी दिया था।

    जिसके बाद मुख्यमंत्री के ओएसडी, मिल और मिल के बीच एक घंटे तक किसानों की बैठक हुई थी। किसानों का कहना है कि इस मीटिंग में धुरी प्रशासन का आयोजन भी किया गया जिसमें किसानों की सभी लंबित मांगों पर विचार किया गया। जिसमें गन्ना किसानों की बकाया भुगतान, गन्ने की खरीद और अगले साल गन्ना मिल चालू रखने की मुख्य मांगें मान ली गईं थी, लेकिन धरना खत्म होने के बाद किसानों ने आरोप लगाया कि मिल अपने वादे से मुकर गई है। जिसके चलते किसानों ने एक बार फिर संघर्ष का रास्ता चुना है। 

  • पंजाबः किसान यूनियन के प्रधान सहित कई नेता गिरफ्तार

    संगरूरः भारतीय किसान यूनियन एकता (आजाद) के अध्यक्ष जसविंदर सिंह लोंगोवाल को पुलिस ने आज सुबह उनके घर से गिरफ्तार कर लिया है और इसी तरह हैप्पी नमोल, दिलबाग सिंह हरिगढ़, जसविंदर सिंह पेदनी आदि नेताओं को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। जिसके बाद किसान जत्थेबंदियों की ओर से कड़ी निंदा की जा रही है। इस मौके पर किसान यूनियन के नेताओं ने कहा कि शीघ्र बैठक कर संघर्ष को तेज किया जा रहा है।