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  • मोदी जी देश के हर वर्ग की चिंता करने वाले एक संवेदनशील नेता हैं: उमेश शारदा

    मोदी जी देश के हर वर्ग की चिंता करने वाले एक संवेदनशील नेता हैं: उमेश शारदा

    मान सरकार भी पंजाब में पेट्रोल और डीजल पर वेट कम कर पंजाब की जनता को महंगाई से राहत दे,भाजपा 

    कपूरथला/चन्द्र शेखर कालिया: भाजपा प्रदेश कार्यकारणी के सदस्य उमेश शारदा ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क घटाने के फैसले का स्वागत करते हुए रविवार को कहा कि चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिस्थिति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने जनता को बड़ी राहत दी है। ईंधन उत्पादों की लगातार बढ़ती कीमतों से आम जनजीवन पर पड़ रहे असर को देखते हुए सरकार ने शनिवार को पेट्रोल एवं डीजल पर लगने वाले उत्पाद शुल्क में क्रमशः आठ रुपये एवं छह रुपये प्रति लीटर तक की कटौती करने की घोषणा की। इसके साथ ही सरकार ने एलपीजी सिलेंडर पर भी 200 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी देने की घोषणा की।

    प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को एक साल में 12 गैस सिलेंडरों पर यह सब्सिडी दी जाएगी। शारदा ने कहा कि इस चुनौतीपूर्ण वैश्विक स्थिति में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क घटाकर और गैस सिलेंडर पर 200 रुपये की सब्सिडी देकर आम जनता को बहुत बड़ी राहत दी है। अन्य क्षेत्रों के लिए भी कई ऐसे कदम उठाए हैं जिससे उत्पादों के दाम में कमी आएगी।शारदा ने कहा कि मोदी जी एक संवेदनशील नेता हैं जो देश के हर वर्ग की परवाह करते हैं। शारदा ने कहा कि मोदी जी देश के हर वर्ग की चिंता करने वाले एक संवेदनशील नेता हैं।इसलिए पिछले आठ वर्षों से देश के गरीब,किसान और आम जनता के हितों की चिंता हमेशा से मोदी सरकार के निर्णयों के केंद्र में रही है।इस जन-हितैषी निर्णय के लिए मोदी जी और निर्मला सीतारमण जी का आभार व्यक्त करता हूं।उमेश शारदा ने कहा कि पंजाब की मान सरकार को लोगो को लॉलीपाप देने और झूठे वादों के हवाई क़िले दिखाने के बजाए मोदी सरकार से जनता कि भलाई के लिए किये जा रहे कार्य से सीख लेते हुए पंजाब में भी पेट्रोल और डीजल पर वेट कम कर पंजाब की जनता को महंगाई से राहत देनी चाहिए।

  • पेट्रोल व डीजल पर वैट कम कर महंगाई से त्रस्त आमजन को राहत डी है: चेतन सूरी

    पेट्रोल व डीजल पर वैट कम कर महंगाई से त्रस्त आमजन को राहत डी है: चेतन सूरी

    कपूरथला/चन्द्र शेखर कालिया: महंगाई से त्रस्त आमजन को सरकार ने राहत देने की कोशिश की है। केंद्र सरकार ने सब्सिडी घटाकर तेल की कीमतों को नियंत्रण में करने की पहल की है। इससे पेट्रोल पर 9:30 रुपये व डीजल पर सात रुपये कम होंगे।राज्य सरकार ने वैट कम कर दिया तो यह पैसा और भी कम हो जाएगा। उज्ज्वला गैस उपभोक्ताओं को 200 रुपये प्रति सिलेंडर पर सब्सिडी देने का फैसला किया गया है। इससे चूल्हा फूंक रही महिलाओं को राहत मिलेगी। उक्त बातें भाजपा मंडल प्रधान चेतन सूरी ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही।

    सूरी ने पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क घटाने के केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि मैं केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेट्रोल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में कमी के लिए घोषित फैसलों का स्वागत करता हूं, जिससे पेट्रोल की कीमतों में 9.5 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में 7 रुपये प्रति लीटर की कमी आएगी, और 200 रुपये प्रति गैस सिलेंडर की सब्सिडी प्रदान की जाएगी।

    सूरी ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार आम लोगों के लिए राहत देने के लिए प्रतिबद्ध है।सरकार ने तेल की कीमत कम करने के लिए जिन ठोस उपायों का प्रयोग किया है उससे आयात शुल्क घटाने से कई चीजों के दाम काबू में आएंगे। देश के हित में बड़ा फैसला है।इससे कीमतों में राहत आएगी।तेल की कीमत कम होने से रसोई उपयोगी खाद्यान की कीमतें भी नियंत्रित होंगी।सूरी ने मोदी सरकार का आभार जताते हुए कहा कि जन अपेक्षाओं और लोक कल्याण को समर्पित इस निर्णय का समाज के हर वर्ग को लाभ मिलेगा।

  • साइंस सिटी ने मनाया अंतरराष्ट्रीय जैविक विभिन्नता दिवस

    साइंस सिटी ने मनाया अंतरराष्ट्रीय जैविक विभिन्नता दिवस

    कपूरथला/चन्द्र शेखर कालिया: सभी स्त्रोत व सेवाएं जैविक विभिन्नता से ही मिलते है और धरती को सेहतमंद बनाने के लिए इनकी बहुत अहम भूिमका है। हालांकि हममें से बहुत से लोग जानबूझ कर जैविक विभिन्नता को नुक्सान नहीं पहुंचाते है। लेकिन बहुत सी कार्रवाही जैसे जंगलों की कटाई, जंगली जीवों के ठिकाणों पर कब्जे करने व उनके खात्में, साल में एक से अधिक फसलों को लेने की लालसा समेत मानव गतिविधियों के कारण जलवायु इतनी तेजी से बदल रहा है कि इसने कुदरत को भी पीछे छोड़ दिया है। खोज यह संकेत करती है कि विश्व की जीडीपी में वार्षिक 40 ट्रिलियन रुपए व एक करोड़ से अधिक नौकरियां जैविक विभिन्नता के क्षेत्र का योगदान है। इसलिए जैविक विभिन्नता के स्त्रोतों को बचाने के लिए सकारात्मक कदम उठाने बहुत जरुरी है। यह बात सचिव विज्ञान टेक्नालोजी व पर्यावरण पंजाब राहुल तिवाड़ी ने पुष्पा गुजराल साइंस सिटी की ओर से अंतरराष्ट्रीय जैविक विभिन्नता दिवस सबंधी शुरु की गई 22 दिवसीय 22 एक्शन मुहिम के समापन समारोह मौके करवाए गए वेबिनार दौरान कही। 

    साइंस सिटी की डायरेक्टर जनरल डा.नीलिमा जेरथ ने बताया कि हर देश का अपने जैविक स्त्रोतों पर संप्रभुता संपन्न अधिकार है। इसलिए हम सभी का कर्त्तव्य व जिम्मेवारी बनती है कि जैविक विभिन्नता की संभाल के साथ-साथ इनसे होने वाले लाभ भी समान वितरण व स्थायी प्रयोग को यकीनी बनाया जाए। धरती को सेहतमंद रखने व आर्थिक मजबूती के लिए जैविक विभिन्नता की संभाल का संदेश फैलाने की बहुत जरुरत है। पुष्पा गुजराल साइंस सिटी की ओर से अंतरराष्ट्रीय जैविक विभिन्नता दिवस मनाने को लेकर तैयार किए प्रोग्राम अनुसार 1 मई से 22 मई तक 22 दिवसीय 22 कार्यों की शुरुआत मुहिम के अधीन गतिविधियों व वेबिनारों की श्रृंखला चलाई गई। यह मुहिम जैविक विभिन्नता को बचाने व धरती को सेहदमंद रखने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। इस मुहिम को इन दिनों दौरान काफी बढ़ावा मिला है। पजाब की बहुत सी विद्ययक संस्थाओं के विद्यार्थियों व अध्यापकों ने इस मुहिम दौरान करवाए गए कार्यों में भाग लिया। इस मुहिम तहत सभी प्रोग्राम व सरगर्मियां राष्ट्रीय जैविक विभिन्नता अथारिती भारत सरकार व वैस्ट सीड इंिडया प्राइवेट लिमटिड के सहयोग से करवाए जा रहे है। 

    साइंस सिटी की विज्ञानी डा.लवलीन बराड़ व शिक्षा सहायक कमलजीत कौर ने मुहिम दौरान किए गए कार्यों की रपोर्ट पेश की। इस मौके संयुक्त राष्ट्र के पर्यावरण प्रोग्राम (यूएनईपी) की पर्यावरण सलाहकार गायत्री राघवा ने मुख्य प्रवक्ता के तौर पर शामल होते हुए कहा कि आज का दिन हमारे भोजन व सेहत को बनाए रखने के लिए जैविक विभिन्नता की संभाल प्रति जागरुक होने व काम करने का मौका देता है।

    संयुक्त राष्ट्र विकास प्रोग्रामों की स्थायी विकास के लक्ष्यों की कोआर्डीनेशन सेंटर से नविंदता माथुर ने जैविक विभिन्नता से सबंधित अलग-अलग लक्ष्यों व इसकी संभाल के लक्ष्यों की प्राप्ति कैसे की जा सकती है के बारे मे जानकारी दी। पंजाब जैविक विभिन्नता बोर्ड के प्रमुख विज्ञानी गुरहिरमिंदर सिंह ने बताया कि राज्य में जैविक विभिन्नता एक्ट 2002 को लागू करना बोर्ड की जिम्मेवारी है और जिला स्तर पर बनाई गई जैविक विभिन्नता प्रबंधक कमेटियां सराहनीय कार्य कर रही है। 

    खोज डायरेक्टर ईस्ट वैस्ट सीड्ज प्राइवेट लिमिटेड गरीश पाटिल ने बताया कि इस कंपनी का उद्देश्य वातावरण व जैविक विभिन्नता की रक्षा के लिए वचनबद्ध प्रोग्रामों को वित्तीय सहायता देना है। जोकि हर कारोबार को चलाने के लिए बहुत जरुरी है। इसके साथ जागरुकता, संभाल की जरुरत व धरती पर जीवन के असिस्तत्व के लिए बुनियादी महत्व के मुद्दे जैविकों की रक्षा का प्रबंध कर रहे है।

    साइंस सिटी के डायरेक्टर डा.राजेश ग्रोवर ने कहा कि जैविक विभिन्नती की सुरक्षा व संभाल के लिए ठोस प्रबंध होने बहुत जरुरी है। बढ़ती हुई आबादी, ग्रीन हाऊस गैसों की निकासी में हो रही दिन ब दिन बढ़ौतरी व दुनिया के कई हिस्सों में पानी, भोजन की कमी व लकड़ी के बालन के प्रयोग कारण जैविक विभिन्नता का नुक्सान हो रहा है।

    इस मौके पाइनर इंटरनेशनल स्कूल रुड़का कलां, कमला नेहरु पब्लिक स्कूल फगवाड़ा व डीएवी माडल हाई स्कूल कपूरथला को जैविक विभिन्नता की संभाल के लिए शुरु की गई मुहिम दौरान बढ़िया प्रदर्शन करने वाले स्कूल घोषित किए गए है। इसके साथ ही एसएमवी कालेज जालंधर, सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल गोबिंदगढ़, सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल टेरा, सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल गौहर, डीएवी एडवर्ड गंज सीनियर सेकेंडरी स्कूल मलोट व मैपल इंटरनेशनल स्कूल गोराया को प्रशंसा पत्र से सम्मानित किया गया। इस  दौरान बच्चों के फोटोग्राफी, पोस्टर बनाने व ऊर्जा के ऑडिट मुकाबले करवाए गए। जिसमें विजेता रहे बच्चों को सम्मानित भी किया गया।

  • आप सरकार पेट्रोल और डीजल पर वेट कम कर पंजाब की जनता को राहत प्रदान करे: रणजीत सिंह खोजेवाल 

    आप सरकार पेट्रोल और डीजल पर वेट कम कर पंजाब की जनता को राहत प्रदान करे: रणजीत सिंह खोजेवाल 

    कपूरथला (चन्द्रशेखर कालिया)। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय वजहों से बढ़ रही कीमतों और महंगाई को देखते हुए केंद्र सरकार ने शनिवार को एक अहम फैसले में पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क कम करने का फैसला किया है। केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल पर आठ रुपये और डीजल पर छह रुपये प्रति लीटर उत्पाद शुल्क हटाए जाने के बाद पंजाब सरकार से भी पेट्रोल और डीजल परभी वैट कम करने की मांग करते हुए पूर्व चेयरमेन और भाजपा जिला उपप्रधान रणजीत सिंह खोजेवाल ने कहा कि पंजाब की आप सरकार को भी पेट्रोल और डीजल पर वेट कम कर पंजाब की जनता को महंगाई से राहत प्रदान करनी चाहिए। खोजेवाल ने कहा ‘पेट्रोल पर 8 रुपये और डीजल पर 6 रुपए प्रति लीटर की कटौती ऐतिहासिक है।हर सिलिंडर पर 200 रुपये की सब्सिडी से गरीबों को राहत मिलेगी। 

    इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए प्रधानमंत्री जी का हार्दिक अभिनंदन  है। नरेन्द्र मोदी सरकार जन-जन के कल्याण के लिए कटिबद्ध हैं।विपक्षी राज्य सरकारें अपने-अपने राज्य में पेट्रोल और डीजल के मूल्य में कटौती करें। विपक्ष क्यों अपने राज्य में पेट्रोल, डीजल और गैस पर राहत नहीं दे रही। हर सिलिंडर पर 200 रुपये की सब्सिडी से गरीबों को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि महंगाई जिससे आम हो या खास सभी परेशान है ये एक्साइज ड्यूटी में कटौती बड़ी राहत है। 

    क्योंकि इस राहत का असर ना केवल गाड़ियों के चलाने पर होगा बल्कि कई और सामान सस्ते होंगे।खोजेवाल ने कहा पीएम मोदी ने के लिए हमेशा लोग पहले होते हैं। इस फैसले, विशेष रूप से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में महत्वपूर्ण कमी से संबंधित, विभिन्न क्षेत्रों पर सकारात्मक प्रभाव डालेंगे, हमारे लोगों को राहत प्रदान करेंगे और ‘ईज ऑफ लिविंग’ को आगे बढ़ाएंगे।

  • “विश्व तंबाकू निषेध दिवस” तंबाकू के दुष्परिणामों से किया जाएगा जागरूक

    “विश्व तंबाकू निषेध दिवस” तंबाकू के दुष्परिणामों से किया जाएगा जागरूक

    कपूरथला/चन्द्र शेखर कालिया: राज्य तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ से प्राप्त दिशा-निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए सिविल सर्जन डॉ. गुरिंदरबीर कौर ने जिले के सभी स्वास्थ्य प्रखंडों को 31 मई तक तंबाकू विरोधी गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए हैं. इस संबंध में जानकारी देते हुए सिविल सर्जन डॉ. गुरिंदरबीर कौर ने कहा कि प्रखंड के सभी वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों को सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान और धूम्रपान करने वालों को भगाने के खिलाफ गतिविधियों को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।

    उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें आम जनता और स्कूलों में छात्रों को तंबाकू के दुष्प्रभाव के बारे में जागरूक करेंगी. सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम-2003 को लागू करने के लिए जिले में एक विशेष अभियान चलाया जाएगा और 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाएगा। उन्होंने सामाजिक संगठनों, पंचायतों और युवा मंडलों से भी इस अभियान में सहयोग करने की अपील की. इस मौके पर डीएचओ डाॅ. कुलजीत सिंह, मास मीडिया ऑफिसर राज रानी, ​​डिप्टी मास मीडिया ऑफिसर शरणदीप सिंह, बीईई रविंदर जस्सल आदि उपस्थित थे।

  • सरकारी शिक्षा ढांचे में सेहतमंद और रचनात्मक ढांचा सृजन करने के लिए राज्य सरकार वचनबद्ध: गुरपाल सिंह इंडियन 

    सरकारी शिक्षा ढांचे में सेहतमंद और रचनात्मक ढांचा सृजन करने के लिए राज्य सरकार वचनबद्ध: गुरपाल सिंह इंडियन 

    कपूरथला/चन्द्र शेखर कालिया: पंजाब सरकार की तरफ से राज्य के सरकारी स्कूलों में 15 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों को मुफ्त वर्दी देने के लिए 92.95 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।राज्य सरकार के इस कदम के साथ सरकारी स्कूलों में पढ़ते विद्यार्थियों को बड़ी सहूलियत मिलेगी।ये बातें आम आदमी पार्टी के जिला प्रधान गुरपाल सिंह इंडियन पत्रकारों से बातचीत के दौरान ने कही। उन्होंने बताया कि पहली से आठवीं कक्षा तक की समूह लड़कियों को पहली से आठवीं कक्षा तक के समूह एससी,एसटी,बीपीएल लड़कियों को मुक्त वर्दी मिलेगी। इनकी कुल गिनती 15,491,92 है।

    राज्य सरकार की तरफ से प्रति विद्यार्थी 600 के हिसाब के साथ वर्दी खरीदने के लिए स्कूल प्रबंधक कमेटियों (एसएमसी) को कुल 92.95 जारी कर दिए गए हैं।इंडियन ने बताया कि मुफ्त वर्दी हासिल करने वाले कुल लाभ पत्री विद्यार्थियों में से 8 ,45,429 लड़कियों के लिए 50.72 करोड रुपये ,5,45,993 एससी लड़कियों के लिए 32.75 करोड़ रुपए और 1,57,770 बीपीएल लड़कियों के लिए 9.46 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।पंजाब सरकार शिक्षा के क्षेत्र में सुधार करने के लिए वचनबद्ध है और सरकारी स्कूलों में पढ़ते विद्यार्थियों को जहां मियारी शिक्षा दी जा रही है, वहीं विद्यार्थियों को अन्य सहुलतें भी दी जा रही है।उन्होंने कहा कि सरकार ईमानदारी से इस क्षेत्र में काम करेगी।उन्होंने कहा कि सरकार की भ्रष्टाचार के खि़लाफ़ ज़ीरो टॉलरैंस है।उन्होंने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में काम करने के लिए वह ज़मीनी स्तर पर फीडबैक लेकर काम करेंगे। 

    उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने की भी जरूरत है,जिससे उनको नौकरी ढूंढने वालों से नौकरी प्रदान करने वाला बनाया जा सके।इस अवसर पर जिला इवेंट मैनेजर कुलविंदर सिंह चाहल,एससी विंग के कोडिनेटर अनमोल कुमार गिल,बलबीर सिंह राणा,कुलविंदर सिंह किंदा,यूथ नेता  सुरजीत सिंह विक्की, सरबजीत सिंह खुखरेन,जगजीवन सिंह भिंडर,विकास मोमी,गुरभेज सिंह औलख, दारा सिंह,सरूप लाल आदि उपस्थित थे।

  • ਜੈਵਿਕ—ਵਿਭਿੰਨਤਾਂ ਦੀ ਸਾਂਭ—ਸੰਭਾਲ ਲਈ ਭਾਈਚਾਰਕ ਯਤਨ  

    ਜੈਵਿਕ—ਵਿਭਿੰਨਤਾਂ ਦੀ ਸਾਂਭ—ਸੰਭਾਲ ਲਈ ਭਾਈਚਾਰਕ ਯਤਨ  

    ਜੈਵਿਕ—ਵਿਭਿੰਨਤਾਂ ਦੀ ਸਾਂਭ—ਸੰਭਾਲ ਲਈ ਭਾਈਚਾਰਕ ਯਤਨ  

    ਜੈਵਿਕ ਵਿਭਿੰਨਤਾ ਦੀ ਰੱਖਿਆ ਲਈ ਹਰ ਕੋਈ ਹੋਵੇ ਜਾਗਰੂਕ

    ਕਪੂਰਥਲਾ/ਚੰਦਰ ਸ਼ੇਖਰ ਕਾਲੀਆ: ਪੁਸ਼ਪਾ ਗੁਰਾਲ ਸਾਇੰਸ ਸਿਟੀ ਵਲੋਂ ਸੰਯੁਕਤ ਰਾਬਟਰ ਦੀਆਂ ਸੇਧ— ਲੀਹਾਂ *ਤੇ  ਕੌਮਾਂਤਰੀ ਜੈਵਿਕ — ਵਿਭਿੰਨਤਾਂ  ਦਿਵਸ ਮਨਾਉਣ ਦੇ ਉਲੀਕੇ ਗਏ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮਾਂ ਦੇ ਹਿੱਸੇ  ਵਜੋਂ  ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤੀ  ਗਈ   ਮੁਹਿੰਮ  ਦੇ 19 ਵੇਂ ਕੰਮ  ਅਧੀਨ “ ਜੈਵਿਕ—ਵਿਭਿੰਨਤਾ ਤੇ ਵਾਤਾਵਰਣ  ਦੀ ਬੇਹਤਰੀ ਲਈ ਵਤਾਵਰਣ ਸੰਬੰਧੀ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਕਿਵੇਂ ਉਪਰਾਲੇ ਕਰ ਰਹੀਆਂ ਹਨ” ਦੇ ਵਿਸ਼ੇ *ਤੇ ਇਕ ਵੈਬਨਾਰ ਦਾ ਆਯੋਜਨ ਕੀਤਾ ਗਿਆ।

    ਇਸ ਮੌਕੇ *ਤੇ ਹਾਜ਼ਰ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਅਤੇ ਅਧਿਅਪਕਾਂ ਨੂੰ  ਜੈਵਿਕ—ਵਿਭਿੰਨਤਾਂ ਦੇ ਰੱਖ—ਰਖਾਵ ਦੀ ਲੋੜ ਤੋਂ ਜਾਣੂ ਕਰਵਾਉਂਦਿਆਂ ਸਾਇੰਸ ਸਿਟੀ ਦੀ ਡਾਇਰੈਕਟਰ ਜਨਰਲ ਡਾ.ਨੀਲਿਮਾ ਜੈਰਥ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਧਰਤੀ *ਤੇ ਜੈਵਿਕ—ਵਿਭਿੰਨਤਾਂ ਦੀ ਹੋਂਦ  ਵਾਤਾਵਰਣ ਸੰਤੁਲਨ  ਇਕ ਅਜਿਹਾ ਧਨ ਹੈ ਜਿਸ ਦਾ ਕੋਈ ਮੁੱਲ ਨਿਰਧਾਰਤ ਨਹੀਂ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ । ਜੈਵਿਕ ਵਿਭਿੰਨਤਾ ਦੇ ਪੱਖੋਂ ਭਾਰਤ ਇਕ ਅਮੀਰ ਦੇਸ਼ ਹੈ।ਰਵਾਇਤੀ ਤੌਰ *ਤੇ ਭਾਰਤ ਦੇ ਸਥਾਨਕ ਸਮਾਜਕ ਭਾਈਚਾਰਿਆਂ ਵਲੋਂ  ਜੈਵਿਕ ਵਿਭਿੰਨਤਾ ਨੂੰ ਸਾਂਭ ਕੇ ਰੱਖਿਆ ਗਿਆ ਹੈ ਜੋ ਕੁਦਰਤੀ ਸਰੋਤਾਂ ਦੇ ਹਮੇਸ਼ਾਂ ਰੱਖਵਾਲੇ ਰਹੇ ਹਨ ਪਰ ਬੀੇਤੇ  ਕੁਝ ਦਹਾਕਿਆਂ ਤੋਂ ਤਰੱਕੀ ਦੀ ਖੋਜ਼ ਵਿਚ ਲੱਗੇ  ਮੁਨੱਖਤਾਂ ਦੇ ਦੁਰ ਪ੍ਰਭਾਵਾਂ ਦੇ ਕਾਰਨ ਜੈਵਿਕ ਵਿਭਿੰਨਤਾਂ *ਤੇ ਨਾਕਾਰਾਤਮਕ ਪ੍ਰਭਾਵ ਪਏ ਹਨ।  ਮਨੁੱਖਤਾ ਵਲੋਂ ਕੀਤੇ ਗਏ ਨੁਕਸਾਨ ਦੇ ਕਾਰਨ ਅਤੇ ਜੈਵਿਕ —ਵਿਭਿੰਨਤਾਂ ਦੀ ਮਹਹੱਤਾ ਨੂੰ ਵੇਖਦਿਆਂ ਕੁਦਰਤੀ ਵਾਤਾਵਾਰਣ ਨੂੰ ਸਾਂਭਣਾ ਸਾਡੇ ਲਈ ਬਹਤ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ।ਇਸ ਲਈ ਲੋੜ ਹੈ ਇਕ ਵਾਰ ਫ਼ਿਰ ਤੋਂ  ਹਰੇਕ ਭਾਰਤ ਵਾਸੀ ਇਸ ਪਾਸੇ ਵੱਲ ਜਾਗਰੂਕ ਹੋ ਕੇ  ਕੁਦਰਤ ਦੀ ਸੰਭਾਲ ਲਈ ਉਸਾਰੂ ਕਦਮ ਚੁੱਕੇ ਤਾਂ ਜੋ ਸਾਰਿਆਂ ਦੇ ਸਾਂਝੇ ਭਵਿੱਖ ਦਾ ਨਿਰਮਾਣ ਹੋ ਸਕੇ। ਲੋਕਾਂ ਦੀ ਸਹਾਇਤਾ ਤੋਂ ਬਿਨ੍ਹਾਂ ਸਰਕਾਰ ਇੱਕਲਿਆਂ ਜੈਵਿਕ—ਵਿਭਿੰਨਤਾ ਦੀ ਸਾਂਭ —ਸੰਭਾਲ ਅਤੇ ਸਥਾਈ ਵਿਕਾਸ ਦੇ ਟੀਚੇਂ ਪ੍ਰਾਪਤ  ਨਹੀਂ ਕਰ ਸਕਦੀ।

    ਵੈਬਨਾਰ ਦੌਰਾਨ ਵਰਲਡ ਵਾਈਡ ਫ਼ੰਡ ਫ਼ਾਰ ਨੇਚਰ ਇੰਡੀਆ ਦੀ ਡਾਇਰੈਕਟਰ ਸਾਸ਼ਨ, ਕਾਨੂੰਨ ਅਤੇ ਨੀਤੀ ਡਾ. ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਉਪੱਲ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਡਬਲਯੂ.ਡਬਲਯੂ ਇੰਡੀਆ ਦਾ  ਮੁੱਖ ਉਦੇਸ਼ ਸੰਸਾਰ ਦੀ ਜੈਵਿਕ ਵਿਭਿੰਨਤਾਂ ਦੀ ਸਾਂਭ—ਸੰਭਾਲ, ਅਧਿਐਨ   ਦੇ ਨਾਲ—ਨਾਲ  ਮੁੜਨਿਵਿਆਉਣ ਯੋਗ ਊਰਜਾ ਦੇ ਸਰੋਤਾਂ ਦੀ ਸਥਾਈ ਵਰਤੋਂ ਨੂੰ ਯਕੀਨੀ ਬਣਾਉਣਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ  ਦੱਸਿਆ ਕਿ  ਕਿ ਇਹ ਇਕ ਵਿਗਿਆਨਕ ਸੰਸਥਾਂ ਹੈ ਜੋ  ਪ੍ਰਜਾਤੀਆਂ ਅਤੇ ਇਹਨਾਂ ਦੇ ਰਹਿਣ ਬਸੇਰਿਆਂ ਦੀ ਸਾਂਭ—ਸੰਭਾਲ, ਜਲਵਾਯੂ —ਪਰਿਵਰਤਨ, ਜਲ ਅਤੇ  ਵਾਤਾਵਰਣ ਦੀ ਸਿੱਖਿਆ ਸਣੇ ਹੋਰ ਬਹੁਤ ਸਾਰੀਆਂ ਸਮੱਸਿਆਵਾਂ ਨੂੰ ਹੱਲ ਕਰਨ ਲਈ ਯਤਨਸ਼ੀਲ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆਂ ਕਿ  ਸੁਰੱਖਿਆਂ ਦੇ  ਵੱਖ—ਵੱਖ ਮੁੱਦਿਆ  ਦੀ ਪੂਰੀ ਸਮਝ ਨੂੰ ਦਰਸਾਉਣ ਲਈ  ਡਬਲਯੂ.ਡਬਲਯੂ ਇੰਡੀਆ ਦਾ ਦ੍ਰਿਸ਼ਟੀ ਕੋਣ ਬਹੁਤ ਵਿਸ਼ਾਲ ਹੈ ਅਤੇ  ਕਈ ਸਾਲਾਂ ਤੋਂ ਸਰਕਾਰਾਂ,ਗੈਰ—ਸਰਕਾਰੀ ਸੰਗਠਨਾਂ, ਸਕੂਲਾਂ, ਕਾਲਜਾਂ, ਕਾਰਪੋਰੇਟਾਂ, ਵਿਦਿਆਰਥੀਆ ਨਾਲ ਮਿਲਕੇ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਕੁਦਰਤੀ ਸੰਭਾਲ ਦੇ ਸਮੁੱਚੇ ਮੁੱਦਿਆਂ ਪ੍ਰਤੀ ਉਤਸ਼ਾਹਿਤ  ਕੀਤਾ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈੇ। 

    ਊਰਜਾ ਅਤੇ ਸਰੋਤ ਸੰਸਥਾਂ ( ਟੀ ਈ ਆਰ.ਆਈ) ਦੀ ਐਸੋਸ਼ੀਏਟ ਡਾਇਰੈਕਟਰ ਵਾਤਾਵਰਣ ਸਿੱਖਿਆ ਅਤੇ ਜਾਗਰੂਕਤਾ ਡਾ. ਲਿਵਲੀਨ ਕੇ ਕਾਹਲੋਂ ਵੀ ਇਸ ਮੌਕੇ ਹਾਜ਼ਰ ਸੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਬੱਚਿਆਂ ਨੂੰ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੰਦਿਆਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਇਸ ਸੰਸਥਾਂ ਨੇ  ਊਰਜਾ ਦੇ ਖੇਤਰ ਦੀਆਂ ਸਮੱਸਿਆਵਾਂ, ਵਾਤਾਵਰਣ ਅਤੇ ਮੌਜੂਦਾ ਵਿਕਾਸ ਦੇ ਪੈਟਰਨਾਂ ਦੇ  ਵਿਸ਼ਵ ਪੱਧਰ *ਤੇ  ਅਸਥਿਰ ਹੱਲ ਵਿਕਸਿਤ ਕੀਤੇ ਹਨ ।   ਇਹ  ਸੰਸਥਾਂ  ਨਾ ਸਿਰਫ਼ ਗਿਆਨ ਦੇ ਅਨੁਸ਼ਾਸ਼ਨਾਂ ਵਿਚ ਫ਼ੈਲੀਆਂ ਬੌਧਿਕ ਚੁਣੌਤੀਆਂ ਪਛਾਨਣ ਦੇ ਯਤਨ ਕਰਦੀ ਹੈ  ਸਗੋਂ ਇਸ ਨੇ ਵਿਕਾਸ ਦੇ ਰਾਹ ਦੀਆਂ ਅਗਵਾਈ ਕਰਨ ਵਾਲੀਆਂ ਖੋਜਾਂ, ਸਿਖਲਾਈਆ ਅਤੇ ਪ੍ਰਦਸ਼ਨ ਪ੍ਰੋਜੈਕਟਾਂ ਨੂੰ ਵਿਕਾਸ ਵੱਲ ਤੋਰਿਆ ਹੈ। ਟੇਰੀ ਸੰਸਥਾਂ ਸਮੱfਆਵਾਂ ਅਧਾਰਤ ਅਤਿ—ਅਧੁਨਿਕ ਤਕਨੀਕਾਂ ਦੇ ਸਮਾਜ ਨੂੰ ਲਾਭ ਪੰਹੁਚਾਉਣ ਵਿਚ ਵੀ ਸਹਾਈ ਹੈ। 

    ਵੇਬਨਾਰ ਦੌਰਾਨ  ਵਾਤਾਵਰਣ ਸੰਚਾਰ ਕੇਂਦਰ ਦੀ ਮੁਖੀ ਅਲਕਾ ਤੋਮਰ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਸੰਸਥਾਂ ਬੱਚਿਆਂ, ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਅਤੇ ਵੱਡਿਆਂ ਨੂੰ ਵਾਤਾਵਰਣ ਦੇ ਮੁੱਦਿਆਂ ਪ੍ਰਤੀ ਜਾਗਰੂਕ ਕਰਨ ਲਈ ਵਚਨਬੱਧ ਹੈ।ਸਾਡੇ ਵਲੋਂ  ਲਗਾਤਾਰ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀਆਂ ਗਤੀਵਿਧੀਆਂ ਰਾਹੀਂ ਜਿੱਥੇ ਲੋਕਾਂ ਵਿਚ ਜਾਗਰੂਕਤਾ ਆਈ ਹੈ ਉੱਥੇ ਹੀ ਹੋਲੀ—ਹੋਲੀ ਉਹਨਾਂ ਦੇ ਵਿਵਹਾਰ ਵਿਚ ਤਬਦੀਲੀਆਂ ਆਉਣ ਲੱਗੀਆਂ ਹਨ। ਇਹ ਸੰਸਥਾਂ ਵਿਵਹਾਰ ਵਿਚ  ਅਜਿਹੇ ਬਦਲਾਵ  ਲਿਆਉਣ ਵਂਲ ਅਗਰਸਰ ਹੈ ਜਿਹਨਾਂ ਨਾਲ ਵਾਤਾਵਰਣ ਅਤੇ ਇਹਨਾਂ ਨਾਲ ਸਬੰਧਤ ਮੁੱਦੇ  ਸਾਡੀ ਰੋਜ਼ਮਰਾਂ ਦੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਦਾ ਹਿੱਸਾ ਬਣਨ।

  • पंचायत विभाग ने मकसूदपुर में लिया 23 एकड़ ज़मीन का कब्ज़ा

    पंचायत विभाग ने मकसूदपुर में लिया 23 एकड़ ज़मीन का कब्ज़ा

    अतिरिक्त डिप्टी कमिशनर विकास और डी.डी.पी.ओ की निगरानी में कार्यवाही हुई पूरी

    कपूरथला/चन्द्र शेखर कालिया: पंजाब सरकार की तरफ से पंचायत विभाग की ज़मीनों ’से नाजायज कब्ज़े हटाक कर उसको विभाग की नीति के अंतर्गत खेती योग्य जमीन को ठेके पर देने की नीति के अंतर्गत कपूरथला जिले के गाँव मकसूदपुर में 23 एकड़ ज़मीन को कब्ज़े से मुक्त करवा कर ग्राम पंचायत को कब्ज़ा दिलाया गया है। 

    अतिरिक्त डिप्टी कमिशनर विकास श्री एस पी आंगरा और ज़िला विकास और पंचायत अधिकारी स. हरजिन्दर सिंह संधू की उपस्थिति में विभाग की तरफ से कब्ज़ा लेने की प्रक्रिया पूरी की गई। 

    जानकारी अनुसार ग्राम पंचायत मकसूदपुर की खेती योग्य 23 एकड़ ज़मीन पर गाँव के लोगों ने नाजायज कब्ज़ा किया था और पंजाब सरकार की तरफ से नाजायज कब्ज़े छुडाने की नीति के अंतर्गत ब्लाक नडाला के अंतर्गत मकसूदपुर में कब्ज़ा गाँव की पंचायत को दिलाया गया।

    अतिरिक्त डिप्टी कमिशनर और डी.डी.पी.ओ ने कहा कि नाजायज कब्ज़ा करने वाले 31 मई तक स्वंय कब्ज़ा छोड़ दे, जिसके बाद विभाग उनके विरुद्ध कार्यवाही करेगा। इस अवसर पर रणजोध सिंह एस.एच.ओ., गुरदीप सिंह कानूगो, रणजीत सिंह पटवारी, जसविन्दर सिंह, सुखविन्दर सिंह पंचायत सचिव उपस्थित थे।

  • धान की सीधी बिजाई करें, 30% पानी, ईंधन और मजदूरी बचाएं: गुरपाल सिंह इंडियन 

    धान की सीधी बिजाई करें, 30% पानी, ईंधन और मजदूरी बचाएं: गुरपाल सिंह इंडियन 

    आप नेताओं ने खेतीबाड़ी अफसर से की बैठक,कहा सीधी बिजाई के लिए किसानो को करे जागरूक 

    कपूरथला/चन्द्र शेखर कालिया: धान की सीधी बिजाई के लिए किसानो को जागरूक करने के लिए आम आदमी पार्टी के नेताओं ने जिला प्रधान गुरपाल सिंह इंडियन के नेतृत्व में खेतीबाड़ी अफसर सुरिंदर कुमार से मुलाकात कर एक बैठक की।इस बैठक में जिला प्रधान गुरपाल सिंह इंडियन ने खेतीबाड़ी अफसर सुरिंदर कुमार को किसानो को धान की सीधी बिजाई के लिए कैंप लगाकर जागरूक करने के लिए कहा गया।

    इस दौरान खेतीबाड़ी अफसर सुरिंदर कुमार ने आप नेताओं को विस्वाश दिलाया की सर्कार के आदेशों अनुसार जगह जगह कैंप लगाकर किसानो को धान की सीधी बिजाई के लिए जागरूक किया जायेगा। गुरपाल सिंह इंडियन ने कहा कि प्रदेश के कई जिलों में लगातार पानी का जलस्तर कम हो रहा है। कई जिलों को रेड जोन घोषित किया जा चुका है। यानी कि कई जिलों में पानी इतना नीचे जा चुका है कि जिससे कई जिले ये रेड जोन घोषित करने पड़े। उन्होंने कहा कि इस लिए सरकार पानी बचाने के लिए किसानों को धान की सीधी बिजाई के लिए जागरूक कर रही है। सीधी बिजाई करने वाले किसान को प्रोत्साहन राशि 1500 एकड़ दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सीधी बुवाई से करीब पंद्रह से बीस प्रतिशत पानी की बचत होती है। इससे खेती खर्चा में करीब पचीस से तीन हजार रुपये प्रति एकड़ कटौती होती है।

    उन्होंने किसानों को धान की प्रमुख किस्में पीआर 130, पीआर131, पीआर 128, पीआर 129 की बुर्वाइ के लिए एक से 15 जून और पीआर 126 व बासमती 1121 व पूसा बासमती 1509 और पंजाब बासमति सात की बुवाई का समय 16 जून से 30 जून तक है।धान की सीधी बुवाई को भारी जमीनों में करना चाहिए। एक एकड़ के लिए दस किलो बीज को दस से बारह घंटे तक पानी में भिगोकर रखे, फिर दो-तीन घंटे छाव में रखें। इसके बाद दस किलो बीज को तीस ग्राम स्प्रिट दवा को तीस मिलीलीटर पानी में घोलकर बीज को उपचारित करें। फिर धान की ड्रिल से बीज को जमीन में बिजाई करें। उन्होंने कहा कि धान की परंपरागत बिजाई की तुलना में में कम पानी खर्च होता है। साथ ही ईंधन, समय और खेती की लागत के नजरिए से भी फायदेमंद है। सीधी बिजाई तकनीक पानी के किफायती उपयोग तथा मिट्टी का समुचित ध्यान रखने की प्रेरणा देती है। जीवाश्म ईंधन जैसे डीजल, पेट्रोल का अधिक उपयोग पर्यावरण को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करता है। ऐसे ईंधन का उपयोग परंपरागत बिजाई की तुलना में कम होता है। जमीन एवं जल-संसाधन संरक्षण के साथ-साथ मजदूरी व ऊर्जा की बचत होगी। इस अवसर पर जगजीवन सिंह भिंडर, वीरकमलजीत सिंह, सीनियर नेता कुलविंदर सिंह चाहल, सीनियर नेता गुरपेज सिंह ओलख, यूथ विंग सुरजीत सिंह विक्की आदि उपस्थित थे।

  • साइंस सिटी ने अनुवांशिक तौर पर जेनेटिक मॉडिफिकेशन आग्रेजम का निरीक्षण व प्रभावों के विषय पर करवाया वेबिनार

    साइंस सिटी ने अनुवांशिक तौर पर जेनेटिक मॉडिफिकेशन आग्रेजम का निरीक्षण व प्रभावों के विषय पर करवाया वेबिनार

    कपूरथला/चन्द्र शेखर कालिया: पुष्पा गुजराल साइंस सिटी की ओर से अंतरराष्ट्रीय जैविक विभिन्नता दिवस मनाने के लिए तैयार किए प्रोग्राम अनुसार 1 मई से 22 मई तक 22 कार्यों की शुुरु की गई मुहिम के अधीन गतिविधियां व वेबिनारों क आयोजन किया जा रहा है। यह मुहिम जैविक विभिन्नता को बचाने व धरती को सेहतमंद रखने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। इसी मुहिम के तहत अनुवंशिक तौर पर जेनेटिक मॉडिफिकेशन आग्रेजम का निरीक्षण व प्रभावों के विषय पर एक वेबिनार का आयोजन किया गया। वेबिनार में राष्ट्रीय खेतीबाड़ी विज्ञानी अकेडमी के सचिव व ग्लोबल प्लांट कौंसल के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के मेंबर डा.प्रो.के.सी बांसल मुख्य प्रवक्ता के तौर पर शामिल हुए। 

    डा.बांसल ने जानकारी देते हुए बताया कि खेती के पौधे संशोधित जीवों की एक सबसे बढ़िया उदाहरण है। खेतीबाड़ी में अनुवंशिक इंजीनियरिंग तकनीकें जहां खेती की फसलों की पैदावार बढ़ाने, भोजन या दवाईयों के उत्पादन लागत घटाने में सहायक हो, वहीं इनसे कीटनाशक दवाईयों की घटती जरुरत ने पौष्टिक तत्वों की रचना, कीड़ों व बीमारियों की रोधकता, भोजन सुरक्षा व दुनिया की बढ़ती जनसंख्या के लिए डाक्टरी सहूलतों में बढ़ौतरी हुई है। इसके अलावा ऐसी तकनीकों से थोड़े समय दौरान पकने वाली फसलों में बेहद तरक्की की हुई है और यह फसलें एलुमिनियम, बोर्न, नमक, सूखा, ठंड व अन्य पर्यावरण तबदीली को भी सहन कर सकती है। पैदावार को बढ़ाने व बीमारियों के खतरों को घटाने के लिए बहुत से जानवरों को भी अनुवंशिक तौर पर इसके घेरे में लाया जा रहा है। 

    साइंस सिटी की डायरेक्टर जनरल डा.नीिलमा जेरथ ने कहा कि कुछ वर्षों के दौरान सिंथेटिक तकनीकें अनुकूल तकनीकों के एक ऐसे साधन के तौर पर उभर कर सामने आई है, जिनके जरिए लोग डीएनए का अध्ययन, व्याख्यान, संसोधन व डिजाइन तैयार करने के योग्य बना है। इनसे ही धरती के जीवों की प्रजातियों व पर्यावरण तक पहुंच कर इन सैलों व रुपों पर कार्यों के प्रभावों बारे तेजी से पता लगाया जाता है। इसके अलावा अनुवंशिक तौर पर उन्नत फसलों ने संभाल के ऐसे तरीकों को अपनाया है, जिनसे कीटनाशक दवाईयों के प्रयोग को घटा कर जड़ी बूटियों के लिए शाखाओं का वातावरण पैदा किया जा रहा है। इन तकनीकों के पर्यावरण व हमारी सेहत पर अधिक से अधिक सकारात्मक प्रभाव होने चाहिए। यदि कोई नाकारात्मक प्रभाव है तो उसे कम करने के लिए हर टेक्नोलॉजी का प्रयोग बड़े ध्यान व सावधानी से करना चाहिए। 

    इससे पहले इस मुहिम के तहत कारोबारी घराणों का सामाजिक व्यवहार व जि्मेवारी के ‌िवषय पर भी एक वेबिनार का आयोजन िकया गया। इस वेबिनार में कन्या महाविद्यालय कालेज जालंधर की सहायक प्रोफेसर डा.नरिंदरजीत कौर ने जानकारी देते हुए बताया कि बहुत से कारोबारी जैव विभिन्नता पर निर्भर है। निर्भरता का स्तर अलग-अलग क्षेत्रों के लिए अलग-अलग हो सकता है। लेकिन जैविक विभिन्नता का नुक्सान हम सबके लिए खतरा है। यदि विभिन्नता को बचाने के लिए आवश्यक कदम न उठाए गए तो इससे भोजन सप्लाई की कमी के साथ-साथ हमारे अर्थव्यवस्था को बड़ा नुक्सान सहन करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि श्रृंगार (कॉस्मेटिक) व दवाईयों के उद्योग आदि में बहुत से हानिकारक रसायण के प्रयोग करने से पर्यावरण को नुक्सान पहुंच सकता है। इसलिए इन उद्योगों को शाकाहारी बदलाव ढूंढने चाहिए।