Category: Punjab>Phagwara

  • ग्रीन बेव हैरीटेज सोसायटी का पर्यावरण बचाने का प्रयास

    ग्रीन बेव हैरीटेज सोसायटी का पर्यावरण बचाने का प्रयास

    मंदिरों में रूदाक्ष, विल व आंवला के लगवाए जा रहे है पोधे

    पर्यावरण व ऐतिहासिक इमारतों की करो संभाल, बिरसा रहे सुरक्षित जीवन हो

    कपूरथला/चंद्रशेखर कालिया: ग्रीन बेव हैरीटेज सोसायटी। पंजीक ृत कपूरथला ने पर्यावरण व एतिहासिक ईमारतों को वचाने हेतू कपूरथला शहर में शिक्षा संस्थानों, मंदिरों, र्पाकों व अन्य स्थानों पर बिभिन्न प्रकार के पोधे लगवाने की मुहिम शुरू की है जिसके अन्र्तगत नीम, कदम, मोरिंगा, चकरसिया, विल, आंवला, रूद्राक्ष आदि के पोधे लगवाए जा रहे है। सोसायटी ने बिशेष मुहिम चला कर सावन महीने से पहल अन्य राज्यों से रूद्राक्ष व विल तथा आंवला के पोधे मंगवा कर शहर के समस्त मंदिरों बिशेषकर शिव मंदिरों में यह पोधे लगवाए जा रहे है जिससे न केवल पर्यावरण को बचाया जा सके बल्कि भगवान शिव भोले की कृपा भी शहरवासियों पर वनी रहे।

    सोसायटी अध्यक्ष सुभाष चंद्र व महासचिव  ऐडवोकेट पवन कालिया ने वताया कि सोसायटी का गठन कपूरथला रियासत के बारिस टिकका शत्रुजीत सिंह जी की प्रेरणा से किया गया है जिसका उदेश्य न केवल पर्यावरण को वचाना है, इसके साथ शहर की एतिहासिक ईमारतों की हो रही दुर्दशा से इसकी सुरक्षा भी करनी है। उन्होने वताया कि ५ जून को बिश्व पर्यावरण दिवस है इस अवसर पर सोसायटी की और से अलग अलग संस्थानों व मंदिरो में हजारों पोधे लगवाए जाएगें। इस मुहिम के तहत आज सोसायटी ने महाराणी सहिवा मंदिर, मंडी मंदिर, शिवबाडी मंदिर व हिन्दू कन्या कालेज में दर्जनों अलग प्रकार के पोधे वितरित किए। इस सुवसर पर सोसायटी के अन्य सदस्य डाकटर सुशील सल्होत्रा, शिव कुमार कालिया, ऐडवोकेट हितेश गुप्ता, ऐडवोकेट भास्करा नंद, चन्द्रशेकर कालिया आदि उपस्थित रहे।

  • ਕੁਦਰਤ ਨਾਲ ਸਾਂਝਾ ਪਾਈਏ ਵਾਤਾਵਰਨ ਬਚਾਈਏ: ਗੁਰਮੁਖ ਸਿੰਘ ਢੋਡ

    ਕੁਦਰਤ ਨਾਲ ਸਾਂਝਾ ਪਾਈਏ ਵਾਤਾਵਰਨ ਬਚਾਈਏ: ਗੁਰਮੁਖ ਸਿੰਘ ਢੋਡ

    ਕਪੂਰਥਲਾ/ਚੰਦਰ ਸ਼ੇਖਰ ਕਾਲੀਆ: ਡਾ ਅੰਬੇਡਕਰ ਮਿਸ਼ਨ ਸੁਸਾਇਟੀ ਕਪੂਰਥਲਾ (ਰਜਿ) ਵਲੋਂ 05 ਜੂਨ ਦਿਨ ਐਤਵਾਰ ਨੂੰ ਵਾਤਾਵਰਣ ਦਿਵਸ ਕਾਜਲੀ ਰੋਡ ਕਪੂਰਥਲਾ ਵਿਖੇ ਮਨਾਇਆ ਜਾ ਰਿਹਾ। ਬੀੜ ਸ਼ਿਕਾਰਗਾਹ ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਨਾਨਕ ਦੇਵ ਜੈਵਿਕ ਵਿਭਿੰਨਤਾ ਬਗ਼ੀਚਾ, ਜਿਥੇ ਅਲਗ ਅਲਗ ਪ੍ਰਕਾਰ ਦੇ ਪੌਦੇ ਲਗਾਉਣ ਦਾ ਉਪਰਾਲਾ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਨਾਲ ਚੰਦਨ ਦੇ ਪੌਦੇ ਵੀ ਲਗਾਏ ਜਾਣਗੇ।

    ਸ੍ਰੀ ਗੁਰੂ ਨਾਨਕ ਦੇਵ ਜੈਵਿਕ ਵਿਭਿੰਨਤਾ ਬਗ਼ੀਚਾ ਬਹੁਤ ਹੀ ਖੂਬਸੂਰਤ ਅਤੇ ਸਿੱਖਿਆਦਾਇਕ ਆਪਣੇ ਆਪ ਚ ਇੱਕ ਸੰਸਥਾ ਹੈ ਜੋ ਜੰਗਲਾਤ ਵਿਭਾਗ ਵੱਲੋਂ ਬਹੁਤ ਵਧੀਆ ਉਪਰਾਲਾ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਹੈ। ਪੇੜ ਪੌਦਿਆਂ ਦੀ ਪੜ੍ਹਾਈ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਲਈ ਇੱਕ ਵਰਦਾਨ ਸਾਬਿਤ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ।

    ਬੀੜ ਸ਼ਿਕਾਰਗਾਹ ਕਪੂਰਥਲਾ ਵਿਖੇ ਕਈ ਕਿਸਮਾਂ ਦੇ ਜੰਗਲੀ ਜੀਵ ਅਤੇ ਪਹਾੜੀਨੁਮਾ ਇਹ ਜੰਗਲ ਮਨ ਮੋਹ ਲੈਂਦਾ। ਆਉ ਸਾਰੇ ਰਲ ਮਿਲ ਕੇ ਇਸ ਜੰਗਲ ਨੂੰ ਹੋਰ ਖੂਬਸੂਰਤ ਬਣਾਉਣ ਚ ਯੋਗਦਾਨ ਪਾਈਏ, ਇੱਕ ਇੱਕ ਪੌਦਾ ਲਗਾਈਏ, ਵਾਤਾਵਰਣ ਨੂੰ ਸ਼ੁੱਧ ਬਣਾਈਏ, ਆਪ ਸਭ ਨੂੰ ਬੇਨਤੀ ਹੈ ਕਿ ਆਪ ਸਭ ਐਤਵਾਰ 05 ਜੂਨ ਨੂੰ ਸ਼ਾਮ 04:30 ਵਜੇ ਇਸ ਜਗ੍ਹਾ ਤੇ ਪਹੁੰਚ ਕੇ ਪੌਦੇ ਲਗਾ ਵਾਤਾਵਰਣ ਬਚਾਉਣ ਲਈ ਆਪਣਾ ਆਪਣਾ ਯੋਗਦਾਨ ਪਾਈਏ।

  • बैंक मैनेजर ने धोखे से 13 खाताधारकों के खाते से निकाले थे 26.76 लाख रुपये, दो साल बाद मामला दर्ज

    बैंक मैनेजर ने धोखे से 13 खाताधारकों के खाते से निकाले थे 26.76 लाख रुपये, दो साल बाद मामला दर्ज

    कपूरथला/चंद्रशेखर कालिया: गांव भाणोलंगा में स्थित पंजाब ग्रामीण बैंक शाखा के मैनेजर ने विभिन्न खाता धारकों के खाते से 26 लाख 76 हजार 276 रुपये निकलवाकर और फरार हो गया था। थाना सदर पुलिस ने शिकायत के आधार पर राजस्थान निवासी बैंक मैनेजर के खिलाफ केस दर्ज किया है।पंजाब ग्रामीण बैंक के मैनेजर करतार चंद निवासी वार्ड नंबर 13 शास्त्री नगर बदरोवा रोड पठानकोट, जिला गुरदासपुर ने एसएसपी कपूरथला को की गई शिकायत में बताया कि गांव भाणोलंगा स्थित पंजाब ग्रामीण बैंक में प्रमोद कुमार निवासी गांव कुंडल खाजूवाल बीकानेर राजस्थान बतौर बैंक मैनेजर कार्यरत था।

    वर्ष 2020 में उसने बैंक के 13 खाता धारको के खातों से 26 ट्रांजेक्शन करवा कर 26 लाख 76 हजार 276 रुपये निकलवा ली। एसएसपी ने बैंक में लाखों रुपये की हेराफेरी की जांच का जिम्मा डीएसपी पीबीआइ स्पेशल क्राइम आर्थिक अपराध और साइबर क्राइम को सौंपा। इस मामले की जांच करने में अपराध शाखा को दो वर्ष लग गए। जांच के बाद आरोपित पर लगे आरोप सही पाए गए। थाना सदर कपूरथला की पुलिस ने इस मामले को डीए लीगल के पास भेजा था जिसकी सिफारिश के बाद आरोपित के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। उधर, पैसे गंवाने वाले खाताधारकों को अभी तक उनके पैसे नही मिले हैं। अब आरोपित के खिलाफ केस दर्ज होने पर उन्हें पैसे मिलने की उम्मीद जगी है।

    यह भाणोलंगा बैंक का कोई अकेला मामला नही है, इससे पहले भी कई बैंकों के अधिकारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत से कई खाताधारकों को करोड़ों रुपये का चूना लग चुका है। विरासती शहर के सबसे चर्चित बांबे मोर्टस का केस था, जिसमें लगभग चार बैंकों के साथ रीजनल मैनेजरों की मिलीभगत से सात करोड़ की हेराफेरी हो चुकी है। आरोपी सालों से विदेश में रह रहा है लेकिन पुलिस उसको अभी तक देश नहीं ला सकी थी।

    इस केस में जाली दस्तावेज तैयार कर एकम एम्पेक्स कपूरथला के साथ सात करोड़ रुपये की ठगी मारने के मामले में चीफ ज्डयूशीयल मजिस्ट्रेट कपूरथला की ओर से एसबीआइ के एजीएम विपन नेगी एवं एजीएम अदिति वालिया तथा एसबीआइ चंडीगढ़ के ब्रांच मैनेजर धर्मेद्र तिवाड़ी, एसबीआइ चंडीगढ़ की गरिमा प्रहार एवं मोहाली के सीए राजीव सिंह जेल की हवा खा चुके है। जाली दस्तावेज तैयार कर एकम एम्पेक्स साथ सात करोड़ रुपये की ठगी मारने के मामले में क्राइम ब्रांच द्वारा की गई जांच की रिर्पोट थाना सिटी पुलिस की ओर से मार्च माह 2020 दौरान सीजीएम कोर्ट में पेश की गई जिसमें विभिन्न बैंकों के कई अधिकारियों की मिलीभगत सामने आई थी।

  • जेल में बैठे कैदी व गैंगस्टर फोन पर नशा का नेटवर्क चला रहे

    जेल में बैठे कैदी व गैंगस्टर फोन पर नशा का नेटवर्क चला रहे

    माडर्न जेल में बंद गैंगस्टर जरमनजीत सिंह खडूरिया से मोबाइल फोन एवं सिम बरामद

    कपूरथला/चंद्रशेखर कालिया: गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या की जिम्मेदारी लेने वाले लारेंस बिशनोई जैसे गैंगस्टर जेल में बैठे ही अपने नेटवर्क चला रहे हैं। इसके बावजूद माडर्न जेल प्रशासन जेल की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है। जेल से अक्सर मोबाइल मिल रहे है तथा जेल में बैठे कैदी व गैंगस्टर फोन पर नशा का नेटवर्क चला रहे हैं। थेह कांजला स्थित माडर्न जेल में बंद चौहला साहिब के चंबा निवासी गैंगस्टर जरमनजीत सिंह उर्फ निक्का खडूरिया से तलाशी दौरान मोबाइल फोन एवं सिम बरामद हुआ है।

    जेल प्रशासन की शिकायत पर थाना कोतवाली की पुलिस ने आरोपित के खिलाफ केस दर्ज किया है। उधर एक अन्य विचाराधीन कैदी से दो मोबाइल फोन, दो सिम एवं एक हेडफोन बरामद किया गया है। आरोपित अमनदीप सिंह उर्फ अमना के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।हालांकि जेल में 13 जैमर लगे हैं। इसके बावजूद भी जेल में मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना बहुत ही हैरानीजनक है। इसके अतिरिक्त मार्डन जेल में आए दिन चेकिग के दौरान नशा पुलिस की ओर से बरामद किया जाता रहा है। बीते दिनों जेल से 50 ग्राम तंबाकू बरामद किया गया था। इससे पहले जेल के मुलाजिमों से ही नशीले पदार्थ बरामद किया था।

    सूत्रों की माने तो जेल में कुछ कथित कर्मचारियों की मिलीभगत से कैदी व विचाराधीन कैदियों तक मोबाइल पहुंच रहा है।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कथित तौर पर कुछ पुलिस कर्मचारियों की मिलीभगत से जेल में हवालातियों व कैदियों के पास मोबाइल फोन पहुंचाए जा रहे हैं। इन आरोपितों को काबू करने के लिए जेल में कुछ कर्मचारियों को सिविल ड्रेस में तैनात किया गया है। हालांकि जेल में जैमर भी लगे हुए लेकिन नेटवर्क सिर्फ 2-जी होने के कारण पूरी तरह काम नहीं करते हैं। जेल में मोबाइल फोन पर नशे का बड़ा नेटवर्क भी चल रहा है जिससे जेल में बैठे अपराधी अपने साथियों से नशे की सप्लाई करवाते हैं। जेल सुपरिटेंडेंट का कहना है कि समय-समय पर जेल में सर्च अभियान चलाया जा रहा है।

    पिछले एक महीने में विचाराधीन कैदियों व कैदियों से 23 मोबाइल बरामद किया गया है। सभी मोबाइल फोन थाना कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि कुछ पुलिस मुलाजिम पैसे के लालच में कैदियों व विचाराधीन कैदियों तक मोबाइल पहुंचाते हैं। इसके बावजूद भी पुलिस आने-जाने हर व्यक्ति पर कड़ी नजर बनाए रखे हुए है। उन्होंने कहा कि सरकार को जेल में लगाए गए जैमर को 4-जी में तबदील करने के लिए पत्र लिखा गया है। केंद्रीय जेल में चलाई गए तलाशी अभियान के दौरान जेल प्रबंधन को गैंगस्टर समेत दो कैदियों से 3 मोबाइल, 4 सिमें और 1 ईयरफोन बरामद हुआ है। जेल प्रबंधन ने कब्जे में लेकर इसकी सूचना जेल के उच्चाधिकारियों और थाना कोतवाली पुलिस को दी।

    थाना कोतवाली पुलिस ने जेल के सहायक सुपरिंटेंडेंट की शिकायत पर दोनों कैदियों के खिलाफ धारा 52ए प्रीजन एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है।जेल के सहायक सुपरिंटेंडेंट अमरजीत सिंह ने बताया कि वह सीआरपीएफ टीम के साथ जेल में बंद कैदियों व हवालातियों की बैरकों की तलाशी ले रहे थे। इस दौरान जेल प्रबंधन को कैदी अमनदीप सिंह उर्फ अमना निवासी गांव सैचां से 2 मोबाइल, 3 सिमें, 1 ईयरफोन बरामद हुआ। थाना कोतवाली पुलिस ने जेल के सहायक सुपरिंटेंडेंट की शिकायत पर कैदी के खिलाफ धारा 52ए प्रीजन एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है। वहीं, जेल के सहायक सुपरिटेंडेंट जसप्रीत सिंह सीआरपीएफ टीम के साथ जेल में तलाशी अभियान चला रहे थे। इस दौरान जेल में बंद गैंगस्टर कैदी जर्मनजीत सिंह उर्फ निक्का खडूरिया निवासी चंबा खुर्द तरनतारन से 1 मोबाइल और एक सिम बरामद हुआ। जेल प्रबंधन ने मोबाइल कब्जे में लेकर इसकी सूचना थाना कोतवाली पुलिस को दे दी।

  • सिद्धू मूसेवाला की मौत का जिम्मेदार मानते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान अस्तीफा दें: उमेश शारदा

    सिद्धू मूसेवाला की मौत का जिम्मेदार मानते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान अस्तीफा दें: उमेश शारदा

    कपूरथला/चन्द्र शेखर कालिया: पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद कानून व्यवस्था लगातार खराब होती जा रही है।सरकार द्वारा लगातार लिए जा रहे गलत फैसलों का अंजाम आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।कांग्रेसी नेता व मशहूर गायक सिद्धू मूसेवाला का सरेआम कत्ल भी पंजाब सरकार के गलत फैसले का ही परिणाम है।उक्त आरोप भाजपा के प्रदेश कार्यकारणी के सदस्य उमेश शारदा ने जारी प्रेस बयान में लगाए।शारदा ने कहा कि पंजाब में बदलाव की बड़ी-बड़ी बातें करने वाले भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल सहित सभी आप नेता बदलाव के सवाल पर गायब हो जाते हैं।शारदा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से सवाल किया कि क्या यही है पंजाब में बदलाव?जहां कोई भी सुरक्षित नहीं।

    मूसेवाला की हत्या के लिए सीधा मान जिम्मेदार हैं,इसलिए उन पर हत्या का केस दर्ज होना चाहिए।शारदा ने कहा कि मान सरकार द्वारा कई बड़े नेताओं की सिक्योरिटी वापस लेकर उसे सार्वजनिक कर दिया गया।उक्त नेताओं में कई नेता ऐसे थे,जिन्हें जान का खतरा होने के कारण सिक्योरिटी दी गई थी।पंजाब सरकार द्वारा सिक्योरिटी वापस लेकर उक्त नेताओं की जान से खिलवाड़ तो किया ही गया।साथ ही उसे जन तक करके उनकी जान के पीछे पड़े लोगों को इशारा किया गया कि अब वह आसानी से उन पर हमला कर सकते है।

    सरकार की नालायकी के कारण ही आज सिद्धू मूसेवाला को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।शारदा ने कहा कि अगर अब भी सरकार ने सबक नहीं लिया तो आने वाले दिन पंजाब और पंजाब के लोगों के लिए और भी भयानक हो सकते हैं।उन्होंने कहा कि लोगों ने बड़ी उम्मीद के साथ पंजाब की कमान आम आदमी पार्टी को सौंपी थी,लेकिन मान सरकार ने पहले ही दो महीने में साबित कर दिया है कि सरकार चलाना उनके बस की बात नहीं है।

    पंजाब के लोगों को अपने भविष्य की चिता सताने लगी है।लोगों में सबसे बड़ी चिता ये है कि उन्हें कहीं फिर से आतंकवाद के पुराने दौर न गुजरना पड़ जाएं।शारदा ने मांग की है कि सिद्धू मूसेवाला की मौत का जिम्मेदार मानते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान,डीजीपी पंजाब और अन्य संबंधित अधिकारियों पर हत्या का मामला दर्ज किया जाए।

  • अल्पसंख्यकों की शिक्षा और रोज़गार प्रदान करना और भेदभाव की रोकथाम कमीशन का मुख्य लक्ष्य: इकबाल सिंह लालपुरा

    अल्पसंख्यकों की शिक्षा और रोज़गार प्रदान करना और भेदभाव की रोकथाम कमीशन का मुख्य लक्ष्य: इकबाल सिंह लालपुरा

    3 जून को गुरू अर्जुन देव जी के शहादत पर्व को समर्पित होगी ‘इंटरफेथ कनवैन्शन’

    अल्पसंख्यकों के लिए जारी 15 नुकाती प्रोग्राम को लागू करने का लिया जायज़ा

    अलग-अलग-धर्मों के प्रतिनिधियों के साथ की भेंट

    कपूरथला/चन्द्र शेखर कालिया: केंद्री अल्पसंख्यक कमीशन के चेयरमैन स. इकबाल सिंह लालपुरा ने कहा है कि केंद्रीय कमीशन देश भर में अल्पसंख्यकों के हकों की सुरक्षा के लिए पूरी लगन के साथ काम कर रहा है और विशेष कर अल्पसंख्यकों की शिक्षा, रोज़गार प्राप्ति और उन के साथ किसी भी किस्म के भेदभाव की रोकथाम को पहल दी जा रही है। 

    आज यहाँ उन्होंने कमीशन की तरफ से डिप्टी कमिश्नर विशेष सारंगल, अतिरिक्त डिप्टी कमीशनरों और अन्य विभागीय आधिकारियों के साथ मीटिंग के दौरान जहाँ अल्पसंख्यकों के लिए केंद्र सरकार के 15 नुकाती भलाई प्रोग्राम को लागू करने की समीक्षा की वही अलग -अलग धर्मों के प्रतिनिधियों के साथ मीटिंग करके उन की समस्याएँ सुनी। 

    उन्होंने कहा कि वह गुरू नानक देव जी धरती पर आ कर भाग्यशाली महसूस कर रहे हैं और गुरू साहिब के उपदेशों अनुसार श्री गुरु अर्जुन देव जी के शहादत दिवस को समर्पित 3 जून को नई दिल्ली में ‘इंटर फेथ’ कनवैन्शन भी करवाई जा रही है, जिस में सब धर्मों के धार्मिक नेता भाग ले कर सर्व सांझेदारी का संदेश देंगे।

    उनहोंने यह भी कहा कि ज़िला स्तर पर ‘सदभावना समिति’ का गठन भी किया जाये जिसको कमीशन की तरफ से अल्पसंख्यकों की भलाई के लिए सालाना 1करोड़ रुपए देने की भी व्यवस्था है। 

    उन्होंने आधिकारियों को कहा कि अल्पसंख्यकों के लिए जारी भलाई स्कीमों को इन्न -बिन्न लागू किया जाये जिससे उन को बनता लाभ मिल सके। उन्हें आंगणवाड़ी के द्वारा बच्चों के विकास, स्कूली शिक्षा, उर्दू की शिक्षा, मदरस्यों के नवीनीकरन, अल्पसंख्यकों के बच्चों के लिए वज़ीफ़े, स्व रोज़गार को तेज़ी देने वाली योजनाएँ, तकनीकी शिक्षा के द्वारा कौशल विकास, आर्थिक गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता और कर्ज़ योजना, केंद्रीय और प्रांत सरकारों में भर्ती के लिए प्रशिक्षण, अल्पसंख्यकों के रहन -सहन स्तर को ऊँचा उठाना, दंगों की रोकथाम और पीडितों के पुनर्वास के यतनों की समीक्षा की। 

    इस अवसर पर डिप्टी कमिश्नर की तरफ से कमीशन के चेयरमैन को विश्वास दिलाया गया कि ज़िला कपूरथला में आपसी भाईचारे और शान्ति के लिए गठित ‘पीस समिति’ की मीटिंगों लगातार होंगी वही अल्पसंख्यकों के लिए चल रही भलाई योजनाओं को व्यापक रूप में लागू किया जायेगा। इस से पहले उन्होंने स्थानीय रैस्ट हाऊस में अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर विकास एस पी आंगरा के नेतृत्व में स्वागत किया गया। मीटिंग के दौरान अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर फगवाड़ा डा. नयन जस्सल, सहायक कमिश्नर रणजीत सिंह और अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

  • संत बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल को राज्यसभा सदस्य के लिए नाम घोषित करने गुरपाल सिंह इंडियन ने किया स्वागत

    संत बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल को राज्यसभा सदस्य के लिए नाम घोषित करने गुरपाल सिंह इंडियन ने किया स्वागत

    कपूरथला/चन्द्र शेखर कालिया: पिछले 22 सालों से निस्वार्थ भाव से दूषित हो रही नदियों और पर्यावरण के क्षेत्र में काम कर रहे पद्मश्री पर्यावरण प्रेमी संत बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल को आम आदमी पार्टी की ओर से राज्यसभा सदस्य के लिए नाम घोषित करने पर आम आदमी पार्टी के जिला प्रधान गुरपाल सिंह इंडियन ने खुशी जाहिर करते हुए स्वागत किया और उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।

    उन्होंने कहा किसंत बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल के राज्यसभा में पहुंचने से प्रदेशवासी बेहद खुश हैं। इंडियन ने कहा कि संत सीचेवाल के राज्य सभा सदस्य बनने के साथ पंजाब के दूषित हो रही नदियों और कम हो रहे भूजल स्तर का मुद्दा केंद्र बिंदू में आ जाएगा।इंडियन ने कहा कि संत सीचेवाल ने पंजाब में अलग-अलग जगहों पर वंचितों के लिए स्कूल और कॉलेज भी बनवाए हैं।सीचेवाल को सार्क पर्यावरण पुरस्कार मिला है और दलाई लामा द्वारा भी सम्मानित किया गया है। इको बाबा के नाम से विख्यात सीचेवाल को टाइम मैगजीन ने दुनिया में पर्यावरण के शीर्ष 30 नायकों में से एक के रूप में सम्मानित किया था।

    सीचेवाल के काम का समर्थन दिवंगत राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने किया, जो दो बार उनके गांव सीचेवाल में उनसे मिलने आए थे।उन्होंने कहा कि बाबा बलबीर सिंह सींचेवाल के काली बीन नदी को साफ-सुथरा बनाने की गाथा आज हर शख्‍स सुनाता है।कभी किसी मदद के नहीं मिलने के चलते वह अपने अभियान पर अकेले निकल पड़े थे। उन्होंने कहा कि सीचेवाल के राज्य सभा सदस्य बनने से पर्यवरण में सुधर के लिए आवाज बुलंद होगी।उन्होंने कहा कि पेड़-पौधों का संरक्षण सीधे-सीधे मानव सभ्यता के विकास से जुड़ा मुद्दा है। हमारी प्राकृतिक संपदा जितनी मजबूत और विकसित होगी,उतना ही हम और हमारा समाज गतिमान होगा।

    जल, जंगल और जमीन के विकास के लिए हम सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे तभी धुंधली होती पर्यावरण संरक्षण की इस तस्वीर को साफ किया जा सकता है।पेड़-पौधे,नदियां और वन्य जीव-जंतु हमारी सांस्कृतिक व सभ्यता का वाहक हैं,ऐसे में हम सभी को इस दिशा में सामूहिक रूप से प्रयास करने चाहिए।इस अवसर पर लीगल विंग के जिला प्रधान नितिन बिट्टू,ट्रांसपोर्ट विंग जिला प्रधान करनैल सिंह,एससी विंग जिला कोडिनेटर अनमोल गिल,आदि उपस्थित थे।

  • डिप्टी कमिशनर ने नवजीवण और नवकिरन केंद्र का किया दौरा

    डिप्टी कमिशनर ने नवजीवण और नवकिरन केंद्र का किया दौरा

    मिशन रैड स्काई के अंतर्गत नशा छोड़ने वालों को रोजगार मुखी प्रशिक्षण देने पर ज़ोर

    कपूरथला/चन्द्र शेखर कालिया: डिप्टी कमिशनर कपूरथला विशेष सारंगल ने आज सिविल अस्पताल कपूरथला में नवजीवण केंद्र और नवकिरन केंद्र (नशा छुड़ाओ केंद्र) का दौरा करके नशा छोड़ने के लिए भर्ती हुए व्यक्तियों को मिल रही सुविधाओं, नशा छोड़ने की सफलता दर पर नशा छोड़ने वालों के पुर्नवास के लिए किये जा रहे य़त्नों की समीक्षा की। उन्होंने नशा छुड़ाओ केंद्र में भर्ती युवाओ के साथ बातचीत कर उनका हाल -चाल जाना और उनको नशो के बुरे प्रभावों के बारे में जागरूक किया। 

    उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि नशा छोड़ने के लिए भर्ती हुए युवाओं के साथ अच्छा व्यवहार अपनाते हुए उनके पुर्नवास के लिए और गंभीर यत्न किये जाएँ। 

    उन्होंने कहा कि ‘मिशन रैड स्काई ’ के अंतर्गत नशा छोड़ने वालों की रोज़गार ब्यूरो के द्वारा प्लेसमेंट की तरफ विशेष ध्यान दिया जाए, जिससे वह समाज की मुख्य धारा में शामिल हो कर अपना योगदान के सकें। डिप्टी कमिशनर ने ओट कलीनिकों के पास रजिस्टर्ड युवाओं को दवाओं की स्पलाई का भी जायज़ा लिया और कहा कि ऐसे युवाओं को कौंसलिंग की तरफ और ज्यादा ध्यान दिया जाए। डा. सन्दीप भोला ने बताया कि जिले में 15 ओट क्लीनिक कार्यशील है, जिनके साथ 10 हज़ार के करीब नौजवान रजिस्टर्ड है।

    उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, नशा छुड़ाओ अभियान के इंचार्ज डा.सन्दीप भोला को निर्देश दिए कि वह नशा छोड़ने वाले नौजवानों की दर में विस्तार करने के लिए नतीजामुखी पहुँच अपनाए। 

    उन्होंने यह भी कहा कि ज़िला प्रशासन की तरफ से नशा छोड़ने वाले युवाओं को आई.टी.आईज़, रोज़गार ब्यूरो के द्वारा रोजगार प्रशिक्षण दे कर स्व रोज़गार के काबिल बनाने के लिए विशेष मुहिम जल्द शुरू की जाएगा।

    उन्होंने कहा कि ज़िला प्रशासन नशा छुड़ाओ यतनों को और तेज करने के लिए सामाजिक और धार्मिक संस्थानों का भी सहयोग लेगा। इसके इलावा उन्होंने माता-पिता  की भूमिका को अहम इकरार देते डिप्टी कमिशनर ने कहा कि वह पंजाब सरकार की तरफ से नशा रोकने के लिए किये जा रहे यतनों में सक्रिय रोल अदा करे। इस मौके एस.एम.ओ. डा. सन्दीप धवन और स्वास्थ्य विभाग के और अधिकारी भी उपस्थित थे।

  • ‘ਮਿਸ਼ਨ ਖਾਕੀ’ ਕਰ ਹਰ ਮੈਦਾਨ ਫਤਹਿ ਤਹਿਤ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਦੀ ਰਜਿਸਟ੍ਰੇਸ਼ਨ ਸ਼ੁਰੂ

    ‘ਮਿਸ਼ਨ ਖਾਕੀ’ ਕਰ ਹਰ ਮੈਦਾਨ ਫਤਹਿ ਤਹਿਤ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਦੀ ਰਜਿਸਟ੍ਰੇਸ਼ਨ ਸ਼ੁਰੂ

    ਜਾਗਰੂਕਤਾ ਤਹਿਤ ਸ਼ਹਿਰ ਵਿਚ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਥਾਵਾਂ ’ਤੇ ਹੋਰਡਿੰਗ ਲਗਾਏ

    ਕਪੂਰਥਲਾ/ਚੰਦਰ ਸ਼ੇਖਰ ਕਾਲੀਆ: ਪੰਜਾਬ ਸਰਕਾਰ ਵਲੋਂ ਪੰਜਾਬ ਪੁਲਿਸ ਵਿੱਚ 10 ਹਜ਼ਾਰ ਤੋਂ ਵੱਧ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਅਸਾਮੀਆਂ ਲਈ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤੀ  ਭਰਤੀ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਵਾਸਤੇ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਸਰੀਰਕ ਤੇ ਲਿਖਤੀ ਪ੍ਰੀਖਿਆ ਦੀ ਤਿਆਰੀ ਵਾਸਤੇ ‘ਮਿਸ਼ਨ ਖਾਕੀ’ ਕਰ ਹਰ ਮੈਦਾਨ ਫਤਹਿ ਤਹਿਤ ਰਜਿਸਟ੍ਰੇਸ਼ਨ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੱਤੀ ਗਈ ਹੈ। 

    ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਸ਼੍ਰੀ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਸਾਰੰਗਲ ਤੇ ਐਸ.ਐਸ.ਪੀ. ਕਪੂਰਥਲਾ ਸ਼੍ਰੀ ਰਾਜਬਚਨ ਸਿੰਘ ਸੰਧੂ ਵਲੋਂ ਬੀਤੇ ਦਿਨੀਂ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤੇ ਇਸ ਮਿਸ਼ਨ ਤਹਿਤ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਪੇਸ਼ੇਵਾਰ ਲੀਹਾਂ ’ਤੇ ਸਿਖਲਾਈ ਦੇ ਕੇ ਭਰਤੀ ਵਿਚ ਸਹਾਇਤਾ ਕਰਨਾ ਹੈ। ਇਸ ਬਾਰੇ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਜਾਗਰੂਕ ਕਰਨ ਲਈ ਜਿਲ੍ਹੇ ਵਿਚ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਥਾਵਾਂ ’ਤੇ ਹੋਰਡਿੰਗ ਵੀ ਲਗਾਏ ਗਏ ਹਨ। 

    ਇਸ ਸਿਖਲਾਈ ਕੋਰਸ ਦਾ ਲਾਭ ਉਠਾਉਣ ਲਈ ਪ੍ਰਾਰਥੀਆਂ ਨੂੰ ਟ੍ਰੇਨਿੰਗ ਦੇ ਲਿੰਕ  https://tinyurl.com/mission-khaki ਤੇ ਮਿਤੀ 31 ਮਈ ਤੱਕ ਰਜਿਸਟਰ ਕਰਨਾ ਹੋਵੇਗਾ। ਰਜਿਸਟਰ ਪ੍ਰਾਰਥੀਆਂ ਨੂੰ ਓਲੰਪੀਅਨ ਐਸ.ਪੀ. ਮਨਜੀਤ ਕੌਰ ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਹੇਠ ਯੋਗ ਕੋਚਾਂ ਦੁਆਰਾ ਸੀ-ਪਾਈਟ ਸੈਂਟਰ ਥੇਹ ਕਾਂਜਲਾ ਅਤੇ ਜਿਲ੍ਹੇ ਵਿੱਚ ਹੋਰ ਪ੍ਰਮੁੱਖ ਸਥਾਨਾਂ ’ਤੇ ਸਰੀਰਕ ਸਿਖਲਾਈ ਮੁਹੱਈਆ ਕਰਵਾਈ ਜਾਵੇਗੀ। 

    ਡਿਪਟੀ ਕਮਿਸ਼ਨਰ ਨੇ ਨੌਜਵਾਨਾਂ ਨੂੰ ਇਸ ਸਿਖਲਾਈ ਕੋਰਸ ਦਾ ਵੱਧ ਤੋਂ ਵੱਧ ਲਾਭ ਉਠਾਉਣ ਦੀ ਅਪੀਲ ਕਰਦਿਆਂ ਮਿਤੀ 31 ਮਈ ਤੱਕ ਦਿੱਤੇ ਗਏ ਲਿੰਕ ਉੱਪਰ ਰਜਿਸਟਰ ਹੋਣ ਲਈ ਕਿਹਾ ਹੈ। ਵਧੇਰੇ ਜਾਣਕਾਰੀ ਲਈ ਜਿਲ੍ਹਾ ਰੋਜ਼ਗਾਰ ਅਤੇ ਕਾਰੋਬਾਰ ਬਿਊਰੋ, ਕਪੂਰਥਲਾ ਦੇ ਹੈਲਪਲਾਈਨ ਨੰਬਰ 98882-19247 ’ਤੇ ਸੰਪਰਕ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ।

  • राज्यसभा उम्मीदवार पद्मश्री संत बलबीर सिंह सीचेवाल आधुनिक युग के भागीरथ

    राज्यसभा उम्मीदवार पद्मश्री संत बलबीर सिंह सीचेवाल आधुनिक युग के भागीरथ

    संत सीचेवाल ने अस्तित्व खो चुकी 160 किलोमीटर  काली बेईं नदी को स्वच्छ बनाया

    जनता की भागीदारी के बिना कोई भी अभियान सफल नहीं हो सकता- संत सीचेवाल

    काली बेईं के भगीरथ हैं संत सीचेवाल, कहा- अंतिम सांस तक रहेगी प्रदूषण से जंग

    कपूरथला/चंद्रशेखर कालिया: राज्यसभा के लिए पंजाब से पद्मश्री संत बलबीर सिंह सीचेवाल आप के उम्मीदवार आधुनिक युग के भागीरथ है। वह काली बेईं नदी के भागीरथ हैं। संत सीचेवाल ने प्रदूषण के कारण लगभग अस्तित्व खो चुकी 160 किलोमीटर लंबी काली बेईं नदी को स्वच्छ बनाया है। अब इस नदी में स्वच्छ जलधारा बह रही है और यह देश के लिए एक उदाहरण बन चुकी है। सीवरेज के पानी को देसी ढंग से ट्रीट कर खेती के लिए इस्तेमाल करने वाले सीचेवाल के मॉडल को कई राज्य सरकारें लागू भी कर चुकी हैं। वह कहते हैं कि प्रदूषण से उनकी जंग जारी रहेगी। ब्यास की सहायक नदी काली बेईं एक समय सीवरेज व फैक्टरियों का गंदा पानी गिरने से गंदे नाले में तब्दील हो गई थी। इससे करीब 93 गांवों की 50 हजार एकड़ जमीन पर सूखे की चपेट में आ गई थी।

    वर्ष 2000 में संत सीचेवाल ने इसे पुनर्जीवित करने का प्रण लिया और जनचेतना यात्रा आरंभ की। कारसेवा के जरिए उन्होंने काली बेईं को फिर स्वच्छ बनाया। बेईं में सीवरेज को रोकने के लिए बिना सरकारी मदद सीवर लाइन बिछाई तो लोगों ने भी खुलकर दान दिया। इस नदी के गंदे पानी को एक बड़े तालाब में जमा किया जाने लगा। तालाब डालने से पहले पानी को तीन गहरे गड्ढों से गुजारा गया।देसी तकनीक से निर्मित यह सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पूरी तरह कामयाब रहा। ट्रीटमेंट के बाद यह पानी खेती में प्रयोग होता है और बंजर जमीन पर फिर हरियाली लहराने लगी है। विश्व की प्रतिष्ठित मैगजीन टाइम्स की सूची में शामिल है। उनका लक्ष्य  राज्य के सभी जलस्रोतों को ग्रीन व स्वच्छ करना है। उन्होंने तो छोटी सी कोशिश की थी, जिसके साथ लोग जुड़ते गए और कारवां बनता चला गया। अपनी भावी कार्ययोजना के सवाल पर उन्होंने कहा कि अभी तो बहुत ज्यादा काम पड़ा है और वक्त तेज से बीतता चला जा रहा है।

    पवित्र काली बेई का काम भी अभी चल रहा है। इसके अलावा काला संघिया ड्रेन व बुढ़ा नाला को साफ करना हमारे लिए बड़ी चुनौती है, लेकिन परमात्मा की कृपा व कार सेवकों की मदद से वह इस कार्य को अंजाम तक पहुंचाने में सफल रहेंगे। बलबीर सिंह सीचेवाल ने इस नदी को साफ करने का संकल्प लिया था। उन्होंने अपने साथी और सहयोगी स्वयं सेवकों के साथ मिलकर इसके तटों का निर्माण किया और नदी के किनारे-किनारे सड़कें बनाई। सीचेवाल ने लोगों के बीच जनजागृति अभियान चलाया। इसके तहत लोगों से अपना कूड़ा करकट कहीं और डालने को कहा गया, नदी में मिलने वाले गंदे नालों का रुख मोड़ा गया और सबसे बड़ी बात नदी के किनारे बसे लोगों को इसकी पवित्रता और शुध्दि को लेकर जागरुक बनाया गया। उनके संकल्प और मेहनत ने एक नदी को गंदे नाले से इठलाती, इतराती वल खाती नदी में बदल दिया।

    गंगा व देश की अन्य नदियों को साफ व स्वच्छ करने की तरकीब के सवाल संत सीचेवाल ने कहा कि जनता की भागीदारी के बिना कोई भी अभियान सफल नहीं हो सकता। सरकारें चाहे जितनी कोशिश करें, जब तक देश की जनता व आम लोग इस कार्य में भागीदार नहीं बनेंगे नदियों को साफ करने का सपना कभी साकार नहीं हो सकता है। सरकारी तंत्र में फैले भ्रष्टाचार के चलते तमाम सरकारी योजनाएं बीच में ही दम तोड़ जाती है और करोड़ों रुपये कागजों में खर्च हो जाते हैं।

    देश व राज्य के नदियों की सफाई में सरकारों की भूमिका के सवाल पर संत सीचेवाल ने कहा कि प्राकृतिक जलस्रोतों को साफ व स्वच्छ रखना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन हमारे राजनेता आमजन से जुड़ी बुनियादी जरूरतों की तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं। इस कारण पंजाब का भूजल भी दूषित हो चुका है।उन्होंने कहा कि पंजाब के ज्यादातर इलाकों का पानी पीने लायक नहीं रहा। इस वजह से मालवा क्षेत्र कैंसर की चपेट में है। काला संघिया ड्रेन व बुड्ढ़ा नाले के आसपास बसे गावों के लोग दूषित पानी की वजह से अनेक बीमारियों से पीडि़त हैं। संत सीचेवाल ने कहा कि प्राकृतिक जलस्रोतों में दूषित पानी डालने वालों के खिलाफ अपराधिक मामला दर्ज होना चाहिए, क्योंकि यह मानवता के खिलाफ बड़ा अपराध है। सीचेवाल ने कहा मेरी सभी राजनीतिक दलों से अपील करते हैं कि वह लोगों को साफ जल व स्वच्छ वातावरण मुहैया करवाने का वचन दे।