गुरदासपुर: जिले के सरकारी अस्पताल में पिछले छह दिनों से जन्म और मृत्यु के प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करने वाले लोग परेशान हो रहे हैं। जिसका कारण उक्त कार्यालय का कर्मचारी कई दिनों से बिना सूचना के कार्यालय नहीं आ रहा है।
लोगो के अनुसार कार्यालय की सारी जिम्मेदारी एक ही महिला पर डाली गई है। उसी के नाम पर जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने वाली साइट की आईडी बनी है और उसके मोबाइल पर ही ओटीपी आता है। जिसने 15 दिन की छुट्टी ली थी। इन 15 दिनों में कार्यालय का कर्मचारी उसे फोन कर ओटीपी लेता रहा, लेकिन छुट्टी खत्म होने के 6 दिन गुजर जाने के बावजूद वह कार्यालय नहीं आई और छह दिनों से उसका मोबाइल भी बंद चल रहा है।
अस्पताल में रोजाना औसतन 15 से 25 लोग मृत्यु और जन्म के प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करते हैं, लेकिन पिछले छह दिनों से कई लोग लगातार चक्कर मार रहे हैं और निराश होकर वापस जा रहे हैं।
गुरदासपुरः जिले के गांव कलेरकलां के मौजूदा सरपंच सुधीर चाबा ने बीडीपीओ धारीवाल पर कार्यालय में उनके साथ दुर्व्यवहार करने तथा झूठी शिकायत दर्ज कराने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि वह 4 मार्च को बीडीपीओ कार्यालय में मीटिंग के संबंध में बीडीपीओ से मिलने गए थे, जहां बीडीपीओ गुरमीत सिंह ने उनके साथ धक्का-मुक्की की तथा बाद में पुलिस को बुलाकर उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज करवा दिया। इसलिए उन्होंने पंजाब सरकार से मांग की है कि बीडीपीओ धारीवाल के खिलाफ बनती कानूनी कार्रवाई की जाए और उनके खिलाफ दर्ज झूठा मामला रद्द किया जाए।
वहीं बीडीपीओ धारीवाल गुरमीत सिंह ने अपने उपर लगे सभी आरोपों को नकारते हुए कहा कि सरपंच को गांव का कोरम पूरा करने के लिए बुलाया गया था। सरपंच ने दफ्तर में आकर उनके साथ बदसलूकी की और उनकी वीडियो बना रहा था। जब उन्होंने उसे वीडियो बनाने से रोका तो सरपंच भड़क गया और दफ्तर की फाइल लेकर वहां से भागने लगा, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचित किया और पुलिस ने सरपंच व सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
इस संबंध में आज गांव क्लेरकलां में पत्रकार वार्ता करते हुए गांव के सरपंच सुधीर चाबा व पंचायत सदस्यों ने बताया कि बीडीपीओ गुरमीत सिंह ने 3 मार्च की शाम को उन्हें पत्र भेजकर 4 मार्च को मीटिंग के लिए बुलाया था, जबकि वे इतने कम समय में मीटिंग में नहीं पहुंच सकते थे, इसलिए वे अकेले ही बीडीपीओ गुरमीत सिंह से मिलने कार्यालय गए थे, जिन्होंने उन्हें बताया था कि वे मीटिंग के लिए काफी लेट हो गए हैं और सभी सदस्य कहीं बाहर गए हैं तथा हमें मीटिंग के लिए और समय दिया जाए, लेकिन बीडीपीओ ने उनके साथ सही व्यवहार नहीं किया, जिसके चलते वे उनकी वीडियो बना रहे थे, क्योंकि पंजाब के मुख्यमंत्री ने भी कहा है कि अगर कोई अधिकारी किसी की बात नहीं सुनता या भ्रष्टाचार करता है तो उसकी वीडियो बनाकर भेजी जाए, इसलिए वे अपने बचाव के लिए वीडियो बना रहे थे, लेकिन बीडीपीओ ने उन पर हमला कर दिया तथा उनके साथ हाथापाई की, जिसका वीडियो भी उनके पास है तथा उन्होंने पुलिस बुलाकर अपने कर्मचारियों के बयान दर्ज करवाए तथा उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज करवाया है।
वहीं पंचायत सदस्य ने कहा कि पर्चे में लिखा है कि सरपंच के साथ पंचायत सदस्य भी मौजूद थे, लेकिन उस समय सरपंच अकेले ही बीडीपीओ से मिलने गए थे, जबकि उनके साथ कोई भी पंचायत सदस्य नहीं गया था। यह झूठा पर्चा सरपंच के खिलाफ दर्ज करवाया गया है।
गुरदासपुरः आमतौर पर लोग अलग-अलग कारनामे कर अलग-अलग रिकॉर्ड अपने नाम करते रहते हैं। कई लोगों के अजीब कारनामों के रिकॉर्ड गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज होते हैं। इसी के साथ जानवरों के भी अलग-अलग रिकॉर्ड बनते ही रहते हैं। ताजा मामला में गुरदासपुर की एक मुर्गी ने नया रिकॉर्ड बनाया है।
जानकारी मुताबिक, पंजाब के गुरदासपुर में गांव पेरोवाल स्थित पोल्ट्री फार्म में रहने वाली मुर्गी ने 232 ग्राम वजन का अंडा देकर राष्ट्रीय पुरस्कार जीता है। इससे पहले ये रिकॉर्ड 210 ग्राम का अंडा देने वाली मुर्गी के नाम था जो महाराष्ट्र में थी। अब गुरदासपुर जिले की एक मुर्गी ने 232 ग्राम वजन का अंडा देकर यह रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
पोल्ट्री फार्म के मालिक गुरुनो निहाल सिंह ने बताया कि उनके पिता ने 500 मुर्गियों से इस पोल्ट्री फार्म की शुरुआत की थी। आज इस पोल्ट्री फार्म में 50,000 मुर्गियां हैं और मुर्गियां हर दिन 45,000 अंडे देती हैं, जिन्हें हम अलग-अलग इलाकों में बेचते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी मुर्गी द्वारा ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम करने पर हमें बहुत खुशी हो रही है।
गुरदासपुरः जिले में बढ़ रही क्राइम की वारदातों पर नकेल कसते हुए पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सीआईए स्टाफ ने आरोपियों के कब्जे से 2 पिस्तौल और 3 कारतूस बरामद किए है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी दो अलग-अलग मामलों में शामिल है। आरोपियों की पहचान ऋतिक और गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ऋतिक के गैंगस्टरों के साथ संबंध बताए जा रहे हैं और उसने अपने साथियों के साथ मिलकर कई वारदातें भी की हैं। वह पिछले काफी समय से पुलिस से भाग रहा था। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर आरोपी के घर पर दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया है। वहीं गुरप्रीत अपने कई साथियों के साथ मिलकर कई वारदातों में शामिल रहा है। दोनों पर पहले से ही कई मुकदमे दर्ज हैं। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और अन्य गिरफ्तारियां और रिकवरी होने की उम्मीद है।
गुरदासपुरः जिले में पुलिस प्रशासन और किसानों में झड़प होने का मामला सामने आया है। मिली जानकारी के अनुसार गांव भरथ में पुलिस जमीन का कब्जा लेने पहुंची, जहां किसानों ने प्रशासन का विरोध करना शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस प्रशासन और किसानों में धक्का-मुक्की शुरू हो गई। जिसमें कई किसानों के घायल होने की खबर है, वहीं इस झड़प में कई किसानों की पगड़ियां उतर गई।
दरअसल, लंबे समय से राष्ट्रीय राजमार्ग दिल्ली जम्मू कटरा एक्सप्रेस का काम रुका हुआ है क्योंकि कुछ किसानों ने अपनी जमीन नहीं दी जा रही है और समय-समय पर किसानों द्वारा उस जगह पर विरोध प्रदर्शन भी किया जा रहा था। आज श्रीहरगोबिंदपुर के भरथ नंगल झौर और आसपास के गांवों में प्रशासन द्वारा तड़के सुबह 4 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग दिल्ली जम्मू कटरा एक्सप्रेस के अधीन आने वाली जमीन पर पुलिस और प्रशासन द्वारा कब्जा लेना शुरू कर दिया गया, जिसके विरोध में किसान मजदूर संघर्ष समिति पंजाब के जिला गुरदासपुर के विभिन्न जोनों से लगभग 25 किसान मौके पर पहुंचे।
वहां किसानों और पुलिस के बीच झड़प हुई, जिसमें करीब 7 किसान घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। किसान नेताओं का कहना है कि प्रशासन द्वारा 24 फरवरी को भी इसी तरह गांव चीमा खड्डी, भरथ, मेतले, नंगल चौर की जमीनों पर कब्जा लेने की बड़ी कोशिश की गई थी। जत्थेबंदी की नीति के अनुसार, जो किसान पूरी रकम प्राप्त कर चुके हैं या जो लोग प्रशासन के साथ सहमति करके जमीनें छोड़ रहे हैं, उनके लिए जत्थेबंदी जमीनी विवाद में अड़िका नहीं बनेगी, लेकिन सारी नीति डीसी गुरदासपुर उमा शंकर जी के साथ तय की गई थी।
इसकी उच्च स्तरीय बैठकें डीआईजी बॉर्डर रेंज अमृतसर, डीसी गुरदासपुर, डिवीजनल कमिश्नर जालंधर, मुख्य सचिव और मुख्य मंत्री पंजाब के साथ कई बार तय होने के बाद लंबी विचार चर्चा के बाद यह तय हुआ था कि बिना पैसे दिए किसानों की जमीनों पर कब्जा नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज 11 मार्च को तड़के सुबह बड़ी फोर्सों के साथ इन गांवों में फिर से कब्जा लेना शुरू किया गया और किसान मजदूर महिलाओं पर अत्याचार किया गया, जिसमें किसानों के वाहन भी तोड़े गए। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में तीखे एक्शन का ऐलान किया जाएगा और जमीन के पूरे मुआवजे नहीं मिलने तक कब्जे नहीं छोड़े जाएंगे।
गुरदासपुरः श्री हरगोबिंदपुर साहिब गुरदासपुर रोड के पास पन्नू रेस्टोरेंट के पास लाइटों वाले चौक पर देर रात सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान गांव वरसालचक्क के जसपाल सिंह के रूप में हुई है।
जानकारी अनुसार जसपाल सिंह अपने मोटरसाइकिल पर श्री हरगोबिंदपुर साहिब से अपने गांव वरसालचक्क जा रहा था, जब वह पन्नू रेस्टोरेंट के पास पहुंचा तो पीछे से एक अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे जसपाल सिंह सड़क पर गिर गया और मौके पर ही मौत हो गई। जब परिवार को मौत की सूचना मिली तो वह मौके पर पहुंचा। इंसाफ की मांग को लेकर परिवार ने शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया।
मौके पर पहुंचे एसएचओ बिक्रम सिंह ने घटना स्थिति का जायजा लिया और परिवार को कार्रवाई का भरोसा दिलाया। जिसके बाद परिवार ने रोड खाली किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर बटाला पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
गुरदासपुर: व्यक्ति द्वारा जहरीला पदार्थ निगल कर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान जिंतेंद्र शर्मा के तौर पर हुई है। बताया जा रहा है कि पलविंदर कौर नामक महिला ने जितेंद्र को अपना बेटा बनाकर उससे लाखों रुपए की ठगी की। बताया जा रहा है कि पलविंदर कौर ने मृतक के माध्यम से अन्य फाइनेंसरों से लाखों रुपए ले लिए। जब फाइनेंसर जितेंद्र से पैसे वापिस मांगने लगे तो, जितेंद्र ने अपनी मां से पैसे मांगने शुरू कर दिए। जिसके बाद पलविंदर कौर उसे धमकियां देने लगी। बताया जा रहा है कि कल रात भी जब जितेन्द्र पलविंदर से पैसे मांगने उनके घर गया तो उसके साथ मारपीट की गई।
परिजनों ने आरोप लगाया कि पलविदंर और उसके पति द्वारा जतिंदर को झूठे केस में फंसाने की धमकी भी दी गई थी, जिससे परेशान होकर जतिंदर ने सल्फास निगल लिया और कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। जांच अधिकारी गुरमीत सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि मृतक की पत्नी भारती की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। मृतक की पत्नी ने बताया कि उसके पति ने कोई जहरीला पदार्थ निगल लिया है। जांच अधिकारी ने बताया कि मृतक की पहचान जितेंद्र कुमार(40) के तर पर हुई है। उन्होंने कहा कि एफआईदर्ज कर ली है। इस मामले में 3 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। परिवार का कहना है कि जब तक दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, तब तक मृतक का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
गुरदासपुरः जिले में चोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला सदर थाना के अंतर्गत गांव पुरेवाल अरायां से सामने आया है जहां, चोरों ने एक मेडिकल स्टोर को निशाना बनाया और करीब 5,000 रुपये की नकदी और हजारों रुपये की दवाइयां चुराकर ले गए। घटना के बाद दुकान मालिक ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है।
जानकारी देते हुए दुकान मालिक सिकंदर पाल सिंह ने बताया कि वह कमालपुर अफगाना में रहता है और पूरेवाल अरैया में पाल मेडिकल स्टोर के नाम से मेडिकल स्टोर चलाता है। उन्होंने बताया कि वह रोज की तरह रात करीब 8 बजे अपना स्टोर बंद कर घर चला गया था। अगले दिन सुबह करीब 5 बजे उस गांव के किसी व्यक्ति ने फोन पर बताया कि उसकी दुकान पर चोरी हो गई है और दुकान के शटर खुले हुए हैं। जब वे दुकान पर आया तो देखा कि चोर करीब 5 हजार रुपए नकद और 15-16 हजार रुपए की दवाइयां चोरी करके ले गए हैं। उन्होंने घटना के बाद पुलिस को सूचित कर दिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
गुरदासपुरः जिले के हलका श्री हरगोबिंदपुर में लोगों ने पूर्व सरपंच के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दरअसल, गांव बाघा के लोगों ने अपने पूर्व सरपंच निशान सिंह पर गंभीर आरोप लगाए है। लोगों का आरोप है कि पूर्व सरपंच ने कच्चे मकानों की ग्रांटें योग्य उम्मीदवारों को नहीं दी। आरोप है कि पूर्व सरपंच ने अपने चहेतों को कच्चे घरों की ग्रांटें दे दी। गांव वासियों ने कहा कि पशुओं के लिए शेड बनाने के लिए एक लंबरदार को 3 शेड बनाने की ग्रांट दी गई, जबकि एक व्यक्ति को एक ही दी जा सकती है।
उन्होंने कहा कि अयोग्य व्यक्तियों के नाम पर जाली हस्ताक्षर करके उन्हें सरकारी ग्रांट मुहैया करवाई गई।जिसकी गांव वासियों ने प्रशासन से जांच करने के अपील की है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद पूर्व सरपंच के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। दूसरी ओर, पूर्व सरपंच निशान सिंह का कहना है कि घर-घर जाकर मौका देखकर उन्हें ही सरकारी ग्रांट मुहैया कराई गई है, जो वास्तव में सरकारी ग्रांट के हकदार थे।
वहीं फर्जी साइन किए जाने के मामले में कहा कि किसी भी पंचायती सदस्य के जाली हस्ताक्षर नहीं किए गए हैं, जो गांव के लोग जाली हस्ताक्षर बता रहे हैं, वे इसकी उच्च अधिकारियों से जांच करवा सकते हैं। वहीं, जब बीडीपीओ सुखजीत कौर से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि गांव के लोगों द्वारा पूर्व सरपंच निशान सिंह के खिलाफ शिकायत दी गई है, जिसकी बारीकी से जांच की जाएगी। यदि आरोप सही पाए गए, तो कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
गुरदासपुरः जिले में जीटी रोड पर हंगामा होने की घटना सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार सीता राम पेट्रोल पंप के पास उस समय एक अजीब स्थिति उत्पन्न हो गई, जब एक बुजुर्ग व्यक्ति बार-बार गाड़ियों के नीचे आने की कोशिश कर रहा था। जब वह इसमें सफल नहीं हो पाया और गाड़ियों वाले उसे बचाते-बचाते आगे निकलते जा रहे थे, तो उसने सिर पर बंधा पगड़ा ले जाकर अपने गले में डालकर गला घुटने की कोशिश भी की। पास के दुकानदारों और इकट्ठा हुए राहगीरों ने वहाँ से गुजर रही सड़क सुरक्षा फोर्स की गाड़ी को रोका। इसके बाद बुजुर्ग को समझा-बुझाकर गाड़ी में बिठा लिया गया। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, बुजुर्ग झगड़ा करके खुदकुशी करने निकला था।
वहीं सड़क सुरक्षा फोर्स के कलानौर रोड के इंचार्ज बिक्रमजीत सिंह ने बताया कि वे पुलिस लाइन से गाड़ी में तेल डालने जा रहे थे। जब लोगों ने उन्हें रोककर पूरी बात बताई, तो उन्होंने बुजुर्ग को बिठाकर थाना सिटी गुरदासपुर ले गए। लेकिन उसके हाथ में चोट लगी हुई थी, इसलिए उसे सिविल अस्पताल गुरदासपुर में भर्ती करवाया गया और उसके पारिवारिक सदस्यों को सूचना दे दी गई। उन्होंने बताया कि बुजुर्ग गांव शिशरां थाना भैणी मियां खान का रहने वाला है।