Category: Health

  • वैज्ञानिकों ने बनाई कैंसर की Super Vaccine, सफल रहा टेस्ट, जल्द होगी बाजारों में बिक्री!

    वैज्ञानिकों ने बनाई कैंसर की Super Vaccine, सफल रहा टेस्ट, जल्द होगी बाजारों में बिक्री!

    सेहत: अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ मैसाचुसेट्स एमहर्स्ट के वैज्ञानिकों ने ऐसी सुपर वैक्सीन बनाई है। जिसको लैब में चूहों पर किए गए टेस्ट में कैंसर को पूरी तरह से रोक दिया है। यह वैक्सीन शरीर की इम्यूनिटी को ऐसे एक्टिव करेगी। इससे जो असामान्य तौर पर कोशिकाएं बढ़ेगी उसको पहचानकर आसानी से नष्ट किया जा पाएगा ताकि कैंसर शुरु न हो। टेस्ट में जिन चूहों को यह वैक्सीन दी गई वो महीनों तक स्वस्थ रहे। वहीं बिना वैक्सीन वाले चूहों को यह कैंसर हो गया। वैज्ञानिकों का यह कहना है कि यह खोज भविष्य में कैंसर शुरु होने से पहले ही रोक लेगी।

    कैंसर से लड़ेगी यह वैक्सीन

    यह वैक्सीन शरीर के नैचुरल इम्यून सिस्टम को सिखाएगी कि ऐसी कोशिकाएं नष्ट की जाए जो कैंसर का कारण बनती है। इससे शरीर में कैंसर नहीं फैलेगा। बीमारी होने का खतरा भी कम होगा। जानकारी के अनुसार, यह वैक्सीन सिर्फ एक तरह का कैंसर खत्म नहीं करेगी बल्कि मेलानोमा, पैनक्रियाटिक कैंसर और ब्रेस्ट कैंसर जैसे कई खतरनाक कैंसरों से बचाव करेगी। टेस्ट में वैक्सीन लगे हुए चूहों में ट्यूमर नहीं बना। इससे यह साबित हो गया है कि शरीर को कैंसर से लड़ना सिखाया जा सकता है। सबसे खास बात यहां पर यह है कि यह वैक्सीन कैंसर को शरीर के दूसरे हिस्सों में भी फैलने से रोकेगी। कैंसर से होने वाली ज्यादातर मौतें मेटास्टेसिस के कारण होती है। यह स्थिति उस समय बनती है जब कैंसर लिवर, फेफड़े या फिर किसी अन्य अंग में पहुंच जाएगा।

    वैक्सीन में है कई तरह की खासियत

    यह वैक्सीन आम वैक्सीन से बिल्कुल अलग है। यह वायरस या बैक्टीरिया से बचाएगा। इसके अलावा यह कैंसर के खिलाफ भी काम करती है। इसमें एक खास चीज भी मौजूद है जिसको वैज्ञानिकों ने सुपर एडजुवेंट नाम दिया है। यह शरीर के इम्यून सिस्टम को ज्यादा तेजी से एक्टिव करेगी जिसे कैंसर की कोशिकाएं जल्द ढूंढकर खत्म की जा पाएंगी।

    बाजार में जल्द उपलब्ध होगी वैक्सीन

    एक्सपर्ट्स की मानें तो अभी इसकी रिसर्च शुरुआती दौर में है। इसका अभी परीक्षण सिर्फ चूहों पर ही हुआ है। इसका इंसानों में इस्तेमाल करने से पहले कई साल तक और टेस्टिंग की जरुरत भी होगी। यदि इंसानों पर होने वाले ट्रायल में भी यह वैक्सीन कारगार रही है। इससे कैंसर के रोकथाम का तरीका बदल जाएगा। इसकी मदद से कैंसर शुरु होने से पहले ही रोका जा पाएगा। उन लोगों के लिए यह फायदेमंद होगी जिनके परिवार में कैंसर की कोई हिस्ट्री या जिन्हें जेनेटिक रुप से कैंसर का खतरा ज्यादा है।
  • Skin में दिखने वाले ये 5 बदलाव हो सकते हैं इस Cancer की शुरुआत, भूलकर भी न करें नजरअंदाज

    Skin में दिखने वाले ये 5 बदलाव हो सकते हैं इस Cancer की शुरुआत, भूलकर भी न करें नजरअंदाज

    हेल्थः आज दुनियाभर में महिलाओं की सेहत के लिए ब्रेस्ट कैंसर एक गंभीर चुनौती बन चुका है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत में हर साल बड़ी संख्या में महिलाओं की मौत ब्रेस्ट कैंसर के कारण होती है। वहीं, डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2022 में दुनिया भर में करीब 6.7 लाख लोगों की जान इस बीमारी से गई।

    एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर ब्रेस्ट कैंसर के शुरुआती लक्षणों को समय रहते पहचान लिया जाए, तो इलाज न सिर्फ आसान हो सकता है बल्कि जान बचने की संभावना भी काफी बढ़ जाती है। खास बात यह है कि ब्रेस्ट कैंसर के कई शुरुआती संकेत स्किन में होने वाले बदलावों के रूप में दिखाई देते हैं, जिन्हें अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं।

    1. ब्रेस्ट की स्किन का धंसना या गड्ढेदार दिखना
    अगर ब्रेस्ट की स्किन अचानक अंदर की ओर खिंची हुई, धंसी हुई या गड्ढेदार दिखाई देने लगे, तो यह चिंता का संकेत हो सकता है। एक्सपर्ट्स बताते हैं कि ऐसा तब होता है जब स्किन के नीचे मौजूद टिश्यू सिकुड़ने लगते हैं। कई मामलों में न दर्द होता है और न ही गांठ महसूस होती है, फिर भी इसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।

    2. स्किन का लाल या असामान्य रूप से गर्म होना
    ब्रेस्ट की स्किन का लाल पड़ना या छूने पर गर्म महसूस होना अक्सर लोग रैश, एलर्जी या इन्फेक्शन समझ लेते हैं। लेकिन अगर लालिमा लंबे समय तक बनी रहे या धीरे-धीरे फैलने लगे और सामान्य इलाज से ठीक न हो, तो डॉक्टर से जांच कराना बेहद जरूरी है।

    3. ब्रेस्ट में सूजन और संतरे के छिलके जैसी स्किन
    अगर एक ब्रेस्ट अचानक भारी, बड़ा या कसा हुआ महसूस होने लगे और उसकी स्किन मोटी होकर संतरे के छिलके जैसी दिखे, तो यह गंभीर संकेत हो सकता है। बिना किसी चोट या संक्रमण के ऐसी सूजन दिखे तो तुरंत मेडिकल सलाह लेनी चाहिए।

    4. निप्पल से खून मिला डिस्चार्ज
    एक्सपर्ट्स के अनुसार, बिना किसी दवा या दबाव के निप्पल से अपने आप निकलने वाला खून मिला डिस्चार्ज बेहद गंभीर संकेत है। खासतौर पर जब यह समस्या सिर्फ एक ही ब्रेस्ट में हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

    5. निप्पल या आसपास की स्किन में बदलाव
    अगर निप्पल अंदर की ओर धंसने लगे, उसकी दिशा बदल जाए या उसके आसपास की स्किन में पपड़ी, छिलना या खुजली जैसी समस्या लगातार बनी रहे, तो यह भी ब्रेस्ट कैंसर का शुरुआती लक्षण हो सकता है।

    डिस्क्लेमर: यह जानकारी जागरूकता के लिए है। किसी भी लक्षण की पुष्टि के लिए डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

  • सुबह का Breakfast स्किप करना पड़ सकता है भारी, इस बीमारी का बढ़ सकता है खतरा

    सुबह का Breakfast स्किप करना पड़ सकता है भारी, इस बीमारी का बढ़ सकता है खतरा

    हेल्थः आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बड़ी संख्या में लोग एक गंभीर गलती कर रहे हैं, और वह है सुबह का नाश्ता न करना। कई लोगों को लगता है कि नाश्ता छोड़ने से उनकी सेहत पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा, जबकि कुछ का मानना है कि एक वक्त का खाना कम करने से वजन घटाने में मदद मिलेगी। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार, यह सोच सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।

    डॉक्टर्स का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति नियमित रूप से सुबह का नाश्ता नहीं करता, तो इससे शरीर पर कई नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं। सुबह का नाश्ता न केवल शरीर को ऊर्जा देता है, बल्कि कई गंभीर बीमारियों से भी बचाव करता है।

    सुबह हेल्दी नाश्ता करने से शरीर को पूरे दिन काम करने के लिए जरूरी ऊर्जा मिलती है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, जो लोग सुबह नाश्ता नहीं करते, उनमें टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा 33 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। वहीं, नियमित नाश्ता करने वालों का वजन और ब्लड शुगर लेवल संतुलित रहता है।

    नाश्ता छोड़ने से ब्लड शुगर पर असर
    विशेषज्ञों के अनुसार, नाश्ता छोड़ने से शरीर में लंबे समय तक खाना नहीं पहुंचता, जिसके बाद अगला भोजन अधिक मात्रा में किया जाता है। इससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ता है। अगर यह आदत लंबे समय तक बनी रहती है, तो शरीर की ब्लड शुगर को नियंत्रित करने की क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे डायबिटीज जैसी बीमारी का खतरा बढ़ जाता है।

    नाश्ता करने से शरीर को मिलता है यह फायदा
    नाश्ता करने से शरीर को भरपूर ऊर्जा मिलती है, जिससे मानसिक और शारीरिक दोनों तरह का काम बेहतर तरीके से किया जा सकता है। सुबह हेल्दी ब्रेकफास्ट या नट्स खाने से शरीर को जरूरी विटामिन्स, मिनरल्स और फाइबर मिलते हैं। इससे दिमाग तेज रहता है, थकान कम होती है और शरीर स्वस्थ बना रहता है।

  • सर्दियों में रूखी और बेजान त्वचा से हैं परेशान? Diet में शामिल करें ये सब्जियां और फल

    सर्दियों में रूखी और बेजान त्वचा से हैं परेशान? Diet में शामिल करें ये सब्जियां और फल

    हेल्थः सर्दियों की शुरुआत होते ही ठंड का असर सबसे ज्यादा हमारी त्वचा पर दिखाई देने लगता है। इस मौसम में त्वचा रूखी, बेजान और खुरदुरी नजर आने लगती है। चेहरे की नमी कम हो जाती है, जिससे स्किन टाइट महसूस होती है। अक्सर लोग इससे राहत पाने के लिए तरह-तरह की क्रीम और मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन यह उपाय केवल कुछ समय के लिए ही असर दिखाते हैं।

    डॉक्टर्स के मुताबिक, सर्दियों में ब्लड सर्कुलेशन पर असर पड़ता है और ठंडी हवाओं के कारण शरीर की प्राकृतिक नमी कम हो जाती है। इसका सीधा असर त्वचा पर पड़ता है। ऐसे में त्वचा की अंदर से देखभाल करना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों का कहना है कि सही डाइट अपनाकर सर्दियों में त्वचा को अंदर से हेल्दी और ग्लोइंग बनाए रखा जा सकता है।

    पालक: सर्दियों में मिलने वाली पालक विटामिन और फाइबर से भरपूर होती है। यह त्वचा को पोषण देने के साथ-साथ शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करती है। पालक को सब्जी, रोटी या सलाद के रूप में डाइट में शामिल किया जा सकता है।

    संतरा: संतरा विटामिन C का बेहतरीन स्रोत है, जो त्वचा को मजबूत बनाता है और कोलेजन बनने की प्रक्रिया को सपोर्ट करता है। नियमित रूप से संतरे का सेवन त्वचा में निखार लाने में मदद करता है।

    चुकंदर: डर्मेटोलॉजिस्ट सर्दियों में चुकंदर को एक सुपरफूड मानते हैं। यह ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है, जिससे त्वचा को जरूरी पोषण मिलता है। चुकंदर को सलाद या जूस के रूप में लिया जा सकता है।

    शकरकंद: शकरकंद बीटा कैरोटीन से भरपूर होता है, जो त्वचा को मुलायम और कोमल बनाए रखने में मदद करता है। यह पेट को साफ रखता है और शरीर को गर्म भी रखता है, जिससे सर्दियों में त्वचा सुरक्षित रहती है।

    गाजर: गाजर में मौजूद बीटा कैरोटीन और विटामिन A त्वचा की कोशिकाओं की मरम्मत में मदद करते हैं और त्वचा को रूखा होने से बचाते हैं। गाजर को जूस या सलाद के रूप में डाइट में शामिल किया जा सकता है।

  • स्ट्रेस हार्मोन ज्यादा होने के कारण होती है Anxiety, जानें इसे दूर करने के तरीके

    स्ट्रेस हार्मोन ज्यादा होने के कारण होती है Anxiety, जानें इसे दूर करने के तरीके

    सेहत: कुछ लोग किसी भी काम को करने से पहले चिंता में आ जाते हैं। उनका दिमाग परेशान होने लगता है। इस समस्या को अंग्रेजी में एंग्जाइटी कहते हैं। नया काम शुरु होने से पहले यह काफी आम है हालांकि एंग्जाइटी यदि ज्यादा हो तो शरीर को नुकसान भी हो सकता है। ज्यादा तनाव लेने के कारण सिर्फ मेंटल हेल्थ ही नहीं बल्कि शरीर पर भी बहुत असर होता है।

    स्ट्रेस हार्मोन होता है ज्यादा

    एंग्जायटी के कारण शरीर में स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल का लेवल ज्यादा हो जाता है। इसके कारण नींद कम आना, खाना देर से पचना जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा डॉक्टर्स की मानें तो इस बारे में लोग किसी से बात भी नहीं करते। उनका मानना है कि लोग उन्हें जज करेंगे। यदि वह खुल कर इस बारे में लोगों या डॉक्टर से बात नहीं तो उनकी आम जिंदगी पर काफी ज्यादा असर होगा। उन्हें गलत ख्याल आने लगेंगे। शरीर एंग्जाइटी के कारण हमेशा एक्टिव रहता है जिसके कारण उसकी शरीर की सारी एनर्जी उसमें चली जाती है।

    ऐसे दूर करें एंग्जायटी

    . अपने सांसों और बैठने-उठने के तरीके और पोश्चर पर ध्यान दें। . मन में पॉजिटिव विचार लेकर आएं। खुद से अच्छी-अच्छी बात करें। . इसके अलावा उन दोस्तों के साथ बात करें जिनके साथ आपको अच्छा महसूस हो। बिना किसी हिचकिचाहट के साथ अपनी बातों को शेयर करें। . इसके अलावा योगा करें। रोज सुबह बाहर टहलने के लिए जाएं। . आराम और मन को शांति देने वाले गानें सुनें। शरीर को महसूस करवाएं कि आप किसी भी परेशानी में नहीं है। . जब आपको कुछ अजीब महसूस हो तो आराम करें और लंबी-लंबी सांस लें। . बीच-बीच में अपने शरीर को आराम दें नहीं तो आपकी पूरी एनर्जी लो हो सकती है। . अगर आपको यह लगता है कि एंग्जाइटी के कारण आपकी रोज की रुटीन पर असर हो रहा है तो डॉक्टर की सलाह लें।    
  • आंखों में छिपे ये लक्षण बताएंगे इन बीमारियों के संकेत

    आंखों में छिपे ये लक्षण बताएंगे इन बीमारियों के संकेत

    हेल्थः डायबिटीज-हाई कोलेस्ट्रॉल उन बीमारियों में से हैं जो किसी भी उम्र में हो सकती हैं। अक्सर लोगों को इन बीमारियों के लक्षण जब तक नजर नहीं आते वो लोग उनकी जांच नहीं कराते या फिर ये नहीं मानते कि उन्हें ऐसी कोई समस्या है। अक्सर सभी आंखों की समस्याओं को सिर्फ नजर से जोड़कर देखते हैं जैसे धुंधला दिखना, सिरदर्द या देर तक स्क्रीन देखने से जलन, लेकिन डॉक्टर मानते हैं कि आंखें आपके सेहत में आ रही गड़बड़ियों को भी काफी आराम से बता सकते हैं। कई बार डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी बीमारियां शुरुआत में कोई बड़ा लक्षण नहीं देतीं लेकिन उनके पहले संकेत आंखों और आंखों के आसपास दिखने लगते हैं।

    यदि आपकी आंखों की पलकों पर और उनके अंदरूनी कोनों के पास पीले या हल्के सफेद धब्बे दिखने लगें तो उन्हें जैंथेलाज्मा कहा जाता है और ये अक्सर खून में बढ़े कोलेस्ट्रॉल का संकेत हो सकते हैं। कई बार आंख की रंगीन पुतली के चारों ओर सफेद या ग्रे रंग की रिंग दिखाई देने लगती है। इसे कॉर्नियल आर्कस कहा जाता है। बुजुर्गों में यह उम्र से जुड़ा सामान्य बदलाव हो सकता है लेकिन 40 साल से कम उम्र में इसका दिखना हाई कोलेस्ट्रॉल का रेड फ्लैग माना जाता है। यह रिंग आंख की कॉर्निया में फैट जमा होने से बनती है और आमतौर पर नजर पर असर नहीं डालती।

    अगर आपकी नजर कभी साफ और कभी अचानक धुंधली हो जाती है तो इसे सिर्फ थकान या मोबाइल स्क्रीन का असर मान लेना सही नहीं। ब्लड शुगर के उतार-चढ़ाव का असर सीधे आंखों के लेंस पर पड़ता है जिससे फोकस बदल जाता है और नजर धुंधली हो सकती है।

    आंखों में लगातार लालिमा, तैरते हुए काले धब्बे (फ्लोटर्स), रोशनी की चमक या अचानक नजर कम होना जैसे लक्षण कभी भी नजरअंदाज नहीं करने चाहिए। डायबिटीज के मरीजों में यह डायबिटिक रेटिनोपैथी का संकेत हो सकता है। वहीं हाई ब्लड शुगर आंखों की बारीक नसों को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाती है।

  • सर्दियों में सूज रही है हाथ-पैर की अंगुलियां? ये घरेलू नुस्खा आएगा काम

    सर्दियों में सूज रही है हाथ-पैर की अंगुलियां? ये घरेलू नुस्खा आएगा काम

    हेल्थः ठंड का मौसम आते ही सर्दी-जुकाम के साथ कई दूसरी परेशानियां भी बढ़ जाती हैं। इन्हीं में से एक है हाथ-पैरों की अंगुलियों में सूजन। ठंडे पानी में काम करना, शीत हवा के संपर्क में आना या ब्लड फ्लो का धीमा होना इसकी आम वजहें मानी जाती हैं। कई लोग हर सर्दी में इस समस्या से जूझते हैं। लेकिन कुछ घरेलू उपाय है, जिससे जल्द राहत मिल सकती है।

    अंगुलियों की सूजन कैसे करें कमः अगर आपकी उंगलियां सूझ गई है तो एक छोटी डली फिटकरी को एक गिलास पानी में उबालकर उस पानी से हाथ-पैर धोएं। इससे लाभ होगा। फिटकरी में एंटीसेप्टिक, एंटी-इन्फ्लेमेटरी और कसैला गुण होते हैं, इसी वजह से यह सूजन कम करने में मदद कर सकती है। फिटकरी में कसैला गुण होता है, जो सूजे हुए टिश्यू को सिकोड़ने में मदद करता है। इससे दर्द और जलन कम होती है। सूजन कई बार इन्फेक्शन की वजह से होती है। फिटकरी बैक्टीरिया की ग्रोथ को रोककर इन्फेक्शन फैलने से बचाती है। फिटकरी खून बहना कम करती है और घाव को जल्दी सूखने में मदद करती है। जिससे सूजन धीरे-धीरे घटती है।

    फिटकरी का इस्तेमाल करते समय बरतें ये सावधानियां
    – फिटकरी खाने में इस्तेमाल न करें
    – ज्यादा मात्रा या रोजाना इस्तेमाल से जलन हो सकती है।
    – गंभीर सूजन या इन्फेक्शन में डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

  • क्या आप भी खाना खाते समय देखते हैं मोबाइल, एक्सपर्ट्स से जानें सेहत पर कैसे होगा असर?

    क्या आप भी खाना खाते समय देखते हैं मोबाइल, एक्सपर्ट्स से जानें सेहत पर कैसे होगा असर?

    सेहत: खाना खाते समय मोबाइल देखना एक आम आदत बन गई है। छोटे बच्चे तो बिना इसके खाना ही नहीं खाते। वहीं पेरेंट्स भी बच्चों को खिलाने के लिए मोबाइल का सहारा लेते हैं ताकि उनका ध्यान भटक जाए और वो पूरा खाना खा लें। एक्सपर्ट्स की मानें तो यह आदत बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी की सेहत को धीरे-धीरे बुरा असर डाल रही है। इस आदत को लेकर उन्हें गंभीर चेतावनी भी दी गई है।

    बच्चों पर होता है असर

    एक्सपर्ट्स की मानें तो खाना खाने का समय सिर्फ पेट भरने का नहीं बल्कि बच्चों के मानसिक और सामाजिक विकास का भी अहम हिस्सा होता है। इस दौरान माता-पिता की आंखों में देखकर बात करना, आवाज सुनना और चेहरे के हाव-भाव समझना सीखता है परंतु जब बच्चे खाना खाते समय मोबाइल स्क्रीन में देखते हैं तो यह प्रक्रिया रुक जाती है। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे बच्चों में बोलने की समस्या हो सकती है क्योंकि वो शब्दों को सुनने, समझने और दोहराने की प्रैक्टिस नहीं कर पाते। मोबाइल देखकर खाना खाने से बच्चों के व्यवहार पर भी असर होता है। बच्चे किसी चीज पर ध्यान नहीं लगा पाते और खुद से खाना खाने की क्षमता भी उनमें देरी से विकसित होती है।

    इंसुलिन रेजिस्टेंस का बढ़ेगा खतरा

    मोबाइल देखकर खाना खाने से सिर्फ छोटे बच्चे ही नहीं बड़े लोगों पर असर होता है। इससे ध्यान भटकता है और व्यक्ति बिना सोचे समझे ज्यादा कैलोरी खा लेता है। इससे वजन बढ़ने का खतरा रहता है। पोर्शन साइज और पेट भरने की संकेतों पर यदि आप ध्यान नहीं देते तो लंबे समय से मेटाबॉलिक समस्याएं भी हो सकती है। इसके अलावा इंसुलिन रेजिस्टेंस का खतरा बढ़ सकता है। ध्यान भटकने के कारण जरुरत से ज्यादा खाना, प्रोसेस्ड फूड का सेवन और ब्लड शुगर स्पाइक्स जैसी कंडीशन बनेगी जिससे आगे चलकर इंसुलिन रेजिस्टेंस का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में एक्सपर्ट्स का कहना है कि अपनी इस आदत को सुधारने से आप कई तरह की गंभीर परेशानियों से बच सकते हैं।
  • 10 हजार की बजाय रोजाना इतने कदम चलें, Health रहेगी दुरुस्त और बीमारियां भी होंगी दूर

    10 हजार की बजाय रोजाना इतने कदम चलें, Health रहेगी दुरुस्त और बीमारियां भी होंगी दूर

    हेल्थः फिट रहने के लिए रोजाना दस हजार कदम चलने की जरूरत नहीं, हाल ही में एक रिसर्च के अनुसार अगर आप एक दिन में सात हजार कदम चलते हैं तब भी आपकी सेहत दुरुस्त रहेगी। रिसर्च से पता चलता है कि रोज 7,000 कदम चलना भी लंबी उम्र और दिल की सेहत के लिए उतना ही फायदेमंद है जितना दस हजार कदम चलना। जो लोग रोज सिर्फ 2,000 कदम चलते थे, उनकी तुलना में जो लोग 7,000 कदम चलते थे, उनमें कार्डियोवैस्कुलर बीमारी का खतरा 25% कम है।

    वॉक से रोजाना बर्न होने वाली कैलोरी की कुल संख्या बढ़ जाती है। आप से जितनी ज़्यादा कैलोरी बर्न करेंगे, फैट लॉस से बर्न होने वाली कैलोरी में उतनी ही ज्यादा बढ़ोतरी होगी, खासकर पेट के आस-पास के हिस्से में, जिससे हेल्दी वज़न बनाए रखने में मदद मिलती है।

    रोज चलने से शरीर में खून का सर्कुलेशन बेहतर होता है, जिससे कार्डियोवस्कुलर सिस्टम बेहतर होता है। रोजाना वॉक करने से शरीर से पसीना निकलता है और बॉडी डिटॉक्स होती है। इस वजह से स्किन हेल्दी होती है। हर लंबी दूरी तक चलने से ताज़ी हवा, धूप और प्रकृति के संपर्क में आने से आपका मूड बेहतर हो सकता है, चिंता कम हो सकती है और एनर्जी लेवल बढ़ सकता है।

  • सर्दियों में झड़ रहे हैं बाल तो अपनाएं ये घरेलू नुस्खे, दूर होगी Hair Problem

    सर्दियों में झड़ रहे हैं बाल तो अपनाएं ये घरेलू नुस्खे, दूर होगी Hair Problem

    सेहत: सर्दियों के इस मौसम में बाल झड़ने की दिक्कत रहती है। काफी लोगों का यह कहना है कि जैसे ही सर्दियों का मौसम आता है तो बाल और भी तेजी से झड़ने लगते हैं। इसका कारण है ठंडी और सूखी हवा स्कैल्प की नमी खींच लेती है। इससे सिर की त्वचा ड्राई हो जाती है जिससे रुसी बढ़ती है और बालों की जड़ें कमजोर होती हैं। इससे हेयरफॉल तेजी से होने लगता है। इसके अलावा गर्म पानी से बार-बार बाल धोना, ओवर स्टाइलिंग और पोषण की कमी भी झड़ते बालों का कारण बनती है। ऐसे में सर्दियों के मौसम में बालों को एक्स्ट्रा देखभाल की जरुरत पड़ती है।

    प्याज का रस लगाएं

    यदि आपको बालों को झड़ने से रोकना है तो प्याज का रस आपकी बहुत मदद करेगा। प्याज के रस में सल्फर पाया जाता है। यह कोलेजन प्रोडेक्शन को बढ़ाएगा जिससे नई हेयर ग्रोथ में मदद मिलेगी। इससे आपके बालों को जड़े मजबूत होगी। प्याज का रस स्कैल्प पर 20-25 मिनट के लिए लगाएं। इसके बाद बाल धो लें। हफ्ते में 1-2 बार जरुर लगाएं।

    गर्म पानी से न धोएं बाल

    सर्दियों में सभी नहाने के लिए गर्म पानी इस्तेमाल करते हैं परंतु यदि आपके बाल कमजोर हैं और बहुत टूट रहे हैं तो सिर पर गर्म पानी न डालें। इससे बालों की नमी कम हो जाएगी और यह रुखे और बेजान हो सकते हैं। इससे आपका स्कैल्प भई ड्राई होगा। सिर में डैंड्रफ जैसे बैक्टीरियल इंफेक्शन भी कम होगा।

    आयरन और प्रोटीन फूड खाएं

    बालों की ग्रोथ और उन्हें टूटने से बचाने के लिए आयरन और प्रोटीन से भरपूर फूड प्रोड्कट्स जरुर खाएं। यह आपके बालों को मजबूत बनाएंगे। मेथी, पालक और ब्रोकली जैसे आयरन फूड्स, दाल, सोया, पनीर जैसे प्रोटीन स्त्रोत, बादाम और अखरोट जैसे ओमेगा-3 फूड, गाजर और चुकंदर सब्जियां और तिल, गुड़ जैसे खून बढ़ाने वाले फूड्स रोज खाने से शामिल करने से आपके बालों को जड़ें मजबूत होगी और झड़ना कम होगा।

    नारियल का दूध

    यह भी बालों की ग्रोथ के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा। इसमें पर्याप्त मात्रा में आयरन और पोटैशियम पाया जाता है। यह बालों को मजबूत बनाएगा। इसको अपने स्कैल्प पर अच्छे से लगा लें। इसके बाद नारियल के दूध में थोड़ा नींबू निचोड़ें और इसे बालों में लगाएं। इससे बालों की ग्रोथ भी होगी और यह मजबूत भी बनेंगे।

    ग्रीन टी

    बहुत से लोग ग्रीन टी वजन कम करने के लिए पीते हैं लेकिन आप शायद यह नहीं जानते कि ग्रीन टी के कवर को इस्तेमाल करने के बाद काफी लोग फेंक देते हैं ऐसे में आप उस कवर में बची हुई पट्टी को गरम पानी में मिलाकर अपने स्कैल्प पर लगाएं। कुछ देर के लिए इसे ऐसे ही रहने दें । फिर अपने बालों को अच्छी तरह से धो लें। ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं जो हेयर ग्रोथ को बढ़ाने और बालों को झड़ने से रोकेगी।