Category: Health

  • सुबह उठकर चाय-बिस्कुट खाना देगा इन बीमारियों को न्यौता, अभी से बरतें सावधानी!

    सुबह उठकर चाय-बिस्कुट खाना देगा इन बीमारियों को न्यौता, अभी से बरतें सावधानी!

    सेहत: देश में ऐसे कई लोग हैं जो अपने सुबह की शुरुआत गर्मा-गर्म चाय और बिस्कुट के साथ करते हैं। बिना चाय और बिस्कुट के उन लोगों का दिन ही नहीं शुरु होता परंतु अब हेल्थ एक्सपर्ट्स ने ऐसा दावा कर दिया है जिसके बाद लोग अपनी इस आदत को छोड़ सकते हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह आदत जितनी नॉर्मल लगती है उतनी ही सेहत के लिए खतरनाक भी हो सकती है। चाय और बिस्कुट का यह कॉम्बिनेशन आपके पाचन तंत्र, ब्लड शुगर और मेटाबॉल्जिम पर सीधा असर डालता है। इससे कई तरह की परेशानियां बढ़ सकती है।

    एसिडिटी और जलन

    चाय में कैफीन और टैनिन जैसे पदार्थ मौजूद होते हैं। यह खाली पेट में जाकर एसिड बढ़ सकते हैं। इसके अलावा बिस्कुट में रिफाइंड मैदा मौजूद होता है जो शुगर एसिडिटी और जलन को ज्यादा ट्रिगर करेगा। ऐसे में चाय और बिस्कुट एक साथ खाने से एसिडिटी और जलन जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।

    गैस और ब्लोटिंग

    चाय और बिस्कुट का कॉम्बिनेशन आपकी आंतों में मौजूद गुड बैक्टीरिया को कमजोर करेगा। इससे आपकी पाचन क्षमता कम होगी और पेट में भारीपन, गैस और ब्लोटिंग जैसी दिक्कतें हो सकती है।

    कब्ज जैसी दिक्कतें

    चाय में टैनिन भी होता है जो पानी की कमी बढ़ा सकता है। वहीं बिस्कुट में फाइबर कम मात्रा में पाया जाता है इसके कारण कब्ज और पेट साफ न होने जैसी दिक्कतें हो सकती है।

    पेट की बढ़ेगी चर्बी

    बिस्कुट में रिफाइंड आटा, शुगर और अनहेल्दी फैट मौजूद होता है। सुबह यदि आप इनका सेवन करेंगे तो यह फैट स्टोर करते हैं। इससे धीरे-धीरे आपके पेट की चर्बी बढ़ जाएगी।

    बढ़ेगी ब्लड शुगर

    सुबह सबसे पहले यदि आप मीठे या रिफाइंड कार्ब्स वाले बिस्कुट खाएंगे तो आपका ब्लड शुगर तेजी से बढ़ेगा और फिर अचानक से गिरेगा। यह आदत लंबे समय में इंसुलिन रेजिस्टेंस और डायबिटीज का कारण बन सकती है।

    इन ड्रिंक्स के साथ करें दिन की शुरुआत

    चाय बिस्कुट की जगह आप रोज सुबह सौंफ का पानी, धनिया बीज का पानी, एलोवेरा जूस या फिर नारियल पानी में दालचीनी मिलाकर पी सकते हैं। इससे आपका गट और मेटाबॉल्जिम दोनों ही चीजें स्वस्थ रहेगी।
  • ये Habits बन सकती है कब्ज का कारण, आज ही करें इन्हें दूर

    ये Habits बन सकती है कब्ज का कारण, आज ही करें इन्हें दूर

    हेल्थः कब्ज इस समय हर उम्र के लोगों की समस्या बन चुकी है। कब्ज होने पर पेट हर वक्त भरा भरा सा लगता है जिससे खाने की इच्छा बिल्कुल नहीं होती है। वहीं कई बार इसकी वजह से पेट में दर्द भी होने लगता है। कब्ज की वजह से पूरे दिन अहसज महसूस होती है और ये हमारी लाइफ क्वालिटी को भी बिगाड़ देता है। कब्ज की समस्या होने के पीछे कई कारण हो सकती है। लेकिन कुछ आदतें भी हमारी कब्ज की समस्या को पैदा कर सकती है।

    जब भी आपको टॉयलेट जाने की इच्छा हो, उसे टालें नहीं। बार-बार इच्छा को दबाने से आंतें अपनी नेचुरल गति खोने लगती हैं, जिससे मल सूख जाता है और कब्ज हो जाता है। टॉयलेट सीट पर बैठकर अखबार पढ़ना, मोबाइल चलाना या बहुत देर तक बैठे रहना सही नहीं है। यह मलाशय पर अनावश्यक दबाव डालता है और बवासीर या अन्य समस्याओं का कारण भी बन सकता है। मल त्याग में 5 से 10 मिनट से ज़्यादा समय न लगाएं।

    वेस्टर्न टॉयलेट सीट का इस्तेमाल करने पर कई लोगों को कब्ज की समस्या होती है, क्योंकि कई लोग इसपर गलत ढंग से बैठते हैं। यदि आप वेस्टर्न सीट का उपयोग करते हैं, तो अपने पैरों के नीचे एक छोटा स्टूल रखें ताकि आपके घुटने आपके कूल्हों से ऊपर उठ जाएं।

    अपने भोजन में फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ जैसे फल, सब्जियां, साबुत अनाज और दालें शामिल करें। फाइबर मल को नरम बनाता है। दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी (कम से कम 8-10 गिलास) और अन्य तरल पदार्थ पिएं। पानी की कमी से मल सख्त हो जाता है। दिनभर बैठे न रहें। नियमित रूप से टहलें, योग करें या व्यायाम करें। शारीरिक गतिविधि आंतों की गति को बनाए रखती है। तनाव भी कब्ज का एक कारण हो सकता है। योग और ध्यान से तनाव को कम करने की कोशिश करें।

  • Steal के बर्तन में न रखें ये 3 चीजें, बढ़ जाएगा Food Poisoning का खतरा!

    Steal के बर्तन में न रखें ये 3 चीजें, बढ़ जाएगा Food Poisoning का खतरा!

    सेहत: महिलाएं खाना स्टोर करने के लिए स्टील के बर्तन और टिफिन ही ज्यादा पसंद करती हैं। इसका एक बड़ा कारण यह भी है कि स्टील के बर्तन टिकाऊ होते हैं। इन्हें साफ करना आसान होता है और ये लंबे समय तक भी चलते हैं परंतु क्या आप यह जानते हैं कि कुछ खाने की चीजें स्टील के बर्तन में नहीं रखनी चाहिए। यदि आप इन चीजों को स्टील के बर्तन में रखते हैं तो इससे सिर्फ उनका स्वाद ही नहीं खराब होगा बल्कि आपकी सेहत के लिए भी खतरा हो सकती हैं।

    फूड पॉइजनिंग का बढ़ेगा खतरा

    कुछ फूड आइटम्स में ऐसे तत्व मौजूद होते हैं जो स्टील के साथ मिलकर रिएक्शन कर सकते हैं। इन फूड्स और स्टील के बर्तन के बीच में कैमिकल रिएक्शन हो सकता है। इससे खाने का स्वाद खराब हो सकता है। इसके अलावा ऐसे फूड का पोषण भी खो सकता है। इससे फूड पॉइजनिंग और पेट संबंधी दिक्कतों का खतरा बढ़ सकता है।

    अचार

    यह हर घर की रसोई में शामिल होता है और अक्सर इसको लंबे समय तक स्टोर किया जाता है। अचार में नैचुरल एसिड मौजूद होता है। यह एसिड स्टील के साथ केमिकल रिएक्शन कर सकता है। कुछ मामलों में तो यह रिएक्शन खाने को नुकसान भी पहुंचा सकता है इसलिए आचार को हमेशा कांच या प्लास्टिक के कंटेनर में ही रखना चाहिए ताकि क्वालिटी बनी रहे और सेहत पर बुरा असर न हो।

    दही

    यह सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है परंतु दही को स्टील के बर्तन में नहीं रखना चाहिए। इसमें कुछ ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो स्टील के साथ मिलकर खराब रिएक्शन कर सकते हैं। इससे दही का स्वाद भी खराब होगा और यह जल्दी खराब हो सकता है। इसके अलावा स्टील के बर्तन में दही रखने से फर्मेंटेशन की प्रक्रिया आसान होती है। इससे यह खाने योग्य नहीं रहता। ऐसे में दही को हमेशा कांच या मिट्टी के बर्तन में ही स्टोर करें। मिट्टी के बर्तन में यह सिर्फ ताजा ही नहीं रहेगा बल्कि इसका स्वाद भी अच्छा रहेगा।

    फल

    यह विटामिन्स और मिनरल्स से भरपूर होते हैं। ऐसे में इनको सही तरीके से स्टोर करना जरुरी होता है। स्टील के बर्तन में फलों को रखने से यह जल्दी खराब हो सकते हैं। इसके अलावा उनका स्वाद भी बिगड़ सकता है। स्टील के बर्तन फलों की नमी बढ़ाएंगे। इससे फल जल्दी सड़ जाएंगे। फलों को स्टोर करने के लिए एयर टाइट ग्लास कंटेनर सबसे बेस्ट रहेगा। यदि आप चाहते हैं तो अच्छी क्वालिटी वाला प्लास्टिक कंटेनर भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे फल ज्यादा समय तक ताजा और सुरक्षित रहेंगे।    
  • सोने से पहले पीएं ये हरी पत्ती की चाय, मिलेंगे शरीर को कई फायदे

    सोने से पहले पीएं ये हरी पत्ती की चाय, मिलेंगे शरीर को कई फायदे

    हेल्थः बिस्तर पर जाने के बाद घंटों तक नींद नहीं आती है तो कुछ घरेलू उपाय जो आपकों इस समस्या से निजात दिलाएंगा। सोने से पहले पुदीने की पत्तियों की चाय बनाकर पिएं। इससे शरीर को कई पोषक तत्व मिलेंगे वहीं, मूड बेहतर होगा और तनाव दूर होगा। दूसरी तरफ इस पत्तियों की चाय पीने से शरीर को कई लाभ भी मिलेंगे।

    – पेपरमिंट में नेचुरल एंटीस्पास्मोडिक गुण होते हैं जो पाचन तंत्र की मांसपेशियों को आराम देने में मदद करते हैं। यह गैस, ब्लोटिंग और इनडाइजेशन को कम कर सकता है जो अक्सर दिन भर अनियमित खाना खाने के बाद रात में ज़्यादा होता है।

    – पेपरमिंट नैचुरली कैफीन-फ्री होता है, इसकी ठंडी खुशबू मन को शांत रखती है। पेपरमिंट चाय कैफीन-फ्री होने की वजह से शरीर और दिमाग को आराम देकर, मांसपेशियों के तनाव को कम करके और पाचन में मदद करके नींद में मदद करती है। सोने से पहले आराम करने और पाचन की परेशानी और कंजेशन को कम करके नींद की क्वालिटी को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है।

    – पुदीने की चाय की खुशबू और नैचुरल सेडेटिव गुण स्ट्रेस कम करने और शांति का एहसास दिलाने में मदद कर सकते हैं। पुदीने की खुशबू का नर्वस सिस्टम पर शांत करने वाला असर देखा गया है। जब आप इसे रेगुलर पीते हैं, तो यह दिन भर बने रहने वाले स्ट्रेस को कम करने में मदद कर सकता है।

    कैसे बनाएं पुदीने की चाय?
    पुदीने की चाय बनाने के लिए पुदीने की पत्तियों को पानी से धो लें। अब, एक पैन में पानी को उबलने दें। जब पानी उबल जाए तब उसमें पुदीने की पत्तियां डालें। 5 से 10 मिनट तक उसे उबलने दें। जब पानी उबल जाए तब छलनी से छान लें और एक कप में ताजा नींबू का रस मिलाएं।

  • मंगूफली से भी हो सकते है यह Side Effects, इन लोगों को बनाकर रखनी चाहिए दूरी

    मंगूफली से भी हो सकते है यह Side Effects, इन लोगों को बनाकर रखनी चाहिए दूरी

    हेल्थः सर्दियों में मूंगफली खाने का अपना ही अलग मजा है और इसका एक फायदा यह भी है कि इसे खाने से अंडे-काजू से भी ज्यादा प्रोटीन शरीर को मिलता है। जैसे हर चीज के फायदे और नुकसान होते हैं, उसी तरह मूंगफली के भी कुछ साइड इफेक्ट्स होते हैं।

    मूंगफली हाई-कैलोरी स्नैक है। एक छोटी कटोरी मूंगफली में लगभग 250-300 कैलोरी होती है। सर्दियों में भूख ज्यादा लगती है, ऐसे में लोग चटकारे लेते-लेते जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं। लगातार ओवरईटिंग करने से वजन तेजी से बढ़ सकता है। खासकर पेट और कमर के पास चर्बी जमा हो जाती है। वजन कंट्रोल में रखना चाहते हैं, तो एक दिन में एक मुट्ठी से ज्यादा न खाएं।

    मूंगफली तासीर में गर्म होती है और भारी भी। इसलिए ज्यादा खाने पर पेट फूलना, गैस, एसिडिटी या अपच जैसी समस्याएं होना काफी आम है। जिन लोगों का डाइजेशन कमजोर है या जिन्हें बार-बार गैस बनती है, उन्हें इसे सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए। भुनी हुई मूंगफली कच्ची की तुलना में ज्यादा भारी पड़ती है।

    जिन लोगों की स्किन पहले से ऑयली है या जिन्हें मुंहासों की समस्या रहती है, उनके लिए ज्यादा मूंगफली खाना खतरनाक हो सकता है। इसमें मौजूद नेचुरल ऑयल से शरीर में सीबम प्रोडक्शन बढ़ सकता है, जिससे पिंपल्स उभरने लगते हैं।

    मूंगफली खाने से भी कुछ लोगों को एलर्जी हो सकती है, इसके लक्षण हल्के या गंभीर भी हो सकते हैं। जैसे खुजली, लाल चकत्ते, गला सूजना, सांस लेने में दिक्कत या उलटी आना। जिन लोगों को इससे एलर्जी होती है, उन्हें मूंगफली और इससे बनी चीजें (पीनट बटर, चिक्की) बिल्कुल नहीं खानी चाहिए।

    अगर आप नमक लगी हुई मूंगफली खाते हैं, तो उसमें सोडियम की मात्रा काफी बढ़ जाती है। ज्यादा सोडियम हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों के लिए खतरा हो सकता है। रोज नमकीन मूंगफली खाने से बीपी बढ़ सकता है, पानी रिटेंशन हो सकता है और दिल पर भी दबाव पड़ सकता है। अधिक सोडियम की वजह किडनी पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ता है।

  • सर्दियों में किस पानी से नहाना शरीर के लिए सही? जानें Expert की राय

    सर्दियों में किस पानी से नहाना शरीर के लिए सही? जानें Expert की राय

    सेहत: पूरे देश में इस समय ठंड पड़ रही है। सर्दियां शुरु होते ही सुबह नहाने को लेकर सबसे बड़ा कंफ्यूजन यह होता है कि ठंडे पानी से नहाए या फिर गर्म पानी के साथ। एक ओर जहां गर्म पानी शरीर को ठंड से बचाता है वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों का यह मानना है कि इससे स्किन खराब हो जाती है। ठंडे पानी के साथ नहाने के कई फायदे भी होते हैं परंतु यह डर रहता है कि ठंड में ठंडे पानी के साथ नहाने पर जल्दी बीमार हो सकते है पर सवाल यहां यह आता है कि सर्दियों में किस पानी के साथ नहाना ज्यादा सही है? एक्सपर्ट्स इस बारे में क्या बोलते हैं आपको इस बारे में बताते हैं।

    गर्म पानी के साथ नहाने के नुकसान और फायदे

    गर्म पानी ठंड के इस मौसम में शरीर को तुरंत राहत देता है। इसकी गर्माहट मांसपेशियों को आराम देती है। इसके अलावा जकड़न कम करती है। इससे ब्लड फ्लो भी अच्छा होता है। गर्म पानी की भाप नाक को खोलने में मदद करती है ऐसे में सर्दी जुकाम में आपको राहत मिलेगी। यही कारण है कि सर्दियों में लोग गर्म पानी से नहाते हैं। एक स्टडी के अनुसार, गर्म पानी स्किन की बाहरी त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है। वहीं एक्सपर्ट्स का भी यह कहना है कि ज्यादा गर्म पानी से यदि आप नहाएंगे तो स्किन का नैचुरल ऑयल खत्म हो जाएगा। इससे ड्राईनेस, खुजली, रेडनेस और एक्जिमा जैसी दिक्कतें भी बढ़ जाती है। लंबे समय तक गर्म पानी से नहाने पर स्किन की नमी भी तेजी से कम होने लगती है।

    ठंडे पानी के फायदे नुकसान

    ठंडा पानी शरीर को तुरंत एक्टिव करेगा इसके साथ ही यह इससे ब्लड सर्कुलेशन भी बढ़ेगा। ऐसा माना जाता है कि ठंडे पानी के साथ नहाने से इम्यूनिटी भी अच्छी होती है। इससे व्हाइट ब्लड सेल्स की प्रक्रिया भी तेज होगी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि बहुत ज्यादा ठंड में यदि आप ठंडे पानी से नहाते हैं तो इससे आपको शॉक लग सकता है। ठंडा पानी आपके ब्लड वेसल्स को सिकुड़ देता है। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ेगा और दिल की धड़कन तेज हो जाएगा। दिल के मरीज, हाई बीपी वाले लोग और सांस संबंधी दिक्कतों से जूझ रहे लोगों के लिए दिक्कत खड़ी कर सकती है।

    डॉक्टर ने दी सलाह

    सर्दियों में ठंडे पानी से नहाना चाहिए या फिर गर्म पानी से इस पर एक्सपर्ट्स का कहना है कि नहाने के लिए सबसे अच्छा ऑप्शन हल्का गुनगुना पानी है। यह आपके शरीर को आराम देगा और स्किन की नमी भी खत्म करेगा। नहाने के बाद मॉइश्चराइजर भी लगाना चाहिए इससे भी त्वचा पर नमी बनी रहती है। सर्दी हो या गर्मी नहाने के लिए हमेशा गुनगुना पानी ही इस्तेमाल करना चाहिए।        
  • सर्दियों में बढ़ रहा है Weight तो आजमाएं ये टिप्स, तेजी से बर्न होगी पेट की Extra चर्बी

    सर्दियों में बढ़ रहा है Weight तो आजमाएं ये टिप्स, तेजी से बर्न होगी पेट की Extra चर्बी

    सेहत: सर्दियों के इस मौसम में लाइफस्टाइल भी बदल जाती है। मौसम ठंडा होता है जिसके कारण शरीर सुस्त हो ने लग जाता है। वहीं काफी लोग इस दौरान गर्म-गर्म और स्वादिष्ट चीजें जैसे कि परांठे, पकौड़े, हलवा, समोसे, चाय-कुकीज और तली-भुनी चीजें खाने लग जाता है। कम एक्टिविटी और ज्यादा कैलोरी वाला खाना दोनों चीजें वजन बढ़ाने लगते हैं। बहुत से लोग इस मौसम में बढ़े हुए वजन के कारण परेशान हो जाते हैं। वजन बढ़ना तो आसान होता है परंतु इसको कम करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में अच्छी डाइट और थोड़ी सी सावधानी बरतकर आप अपने वजन को कंट्रोल में रख सकते हैं। इस मौसम में कुछ खास चीजें डाइट में शामिल करने से आपके पेट की बढ़ती चर्बी कम होगी और वजन भी कंट्रोल रहेगा।

    इस वजह से बढ़ता है सर्दियों में वजन

    सर्दियों के इस मौसम में ठंड के कारण शरीर बहुत आलसी बन जाता है। कम चलने फिरने और ज्यादातर समय रजाई में बैठने के कारण कैलोरी ज्यादा बर्न होती है। इसके अलावा रात में भी भारी,तला-भुना खाना और ज्यादा तेल-घी खाने से भी वजन बढ़ने लगता है। इस मौसम में चाय-कुकीज के साथ बहुत मीठा खाया जाता है जिससे शरीर में फैट जमने लगता है परंतु ठंड में शरीर खुद को गर्म रखने के लिए ज्यादा एनर्जी खर्च करता है। इससे शरीर नैचुरली कैलोरी ज्यादा बर्न करता है।

    गुनगुना पानी

    गर्म पानी आपके शरीर में जमा टॉक्सिन्स निकालेगा और पाचन को स्वस्थ रखेगा। ऐसे में रोज सुबह 1-2 गिलास खाली पेट गुनगुना पानी पिएं। इससे वजन घटाने में मदद मिलेगी।

    ग्रीन टी

    तेजी से यदि आप वजन कम करना चाहते हैं तो सुबह खाली पेट आधा कप एलोवेरा जूस भी अच्छा ऑप्शन रहेगा। इस जूस को पीने से आपका मेटाबॉलिक रेट बढ़ेगा और पाचन प्रक्रिया सुधरेगी। इससे फैट भी तेजी से बर्न होगा।

    सेब का सिरका

    वजन घटाने के लिए सेब का सिरका अच्छा ऑप्शन रहेगा। 1 गिलास पानी में 1 चम्मच सेब का सिरका मिलाकर सुबह पिएं। इसमें पाया जाने वाला एसिटिक एसिड सूजन को कम करेगा और फैट बर्निंग बढ़ाएंगा।

    फाइबर से भरपूर चीजें खाएं

    फाइबर से भरपूर चीजें खाने से भी पेट काफी समय तक भरा हुआ रहेगा। इससे आपको ओवरइटिंग नहीं होगी। गेहूं, दाल, सलाद, सूप इस मौसम में आप वजन कम करने के लिए खा सकते हैं।

    काली मिर्च

    इसमें पाइपरिन नाम का तत्व पाया जाता है। यह मोटापे को कम करने में मदद करेगा। यदि आप वजन कम करना चाहते हैं तो रोज एक चुटकी काली मिर्च अपने खाने में डालें।

    शहद और नींबू

    ये दोनों चीजें भी वजन कम करने के लिए एक अच्छा ऑप्शन रहेगी। एक गिलास गर्म पानी में 1/2 नींबू और 1-2 चम्मच शहद मिलाएं। दिन में 2-3 बार इस ड्रिंक को पिएं। नींबू में मौजूद विटामिन-सी फैट ऑक्सीडेशन तेज करेगा और शरीर में चर्बी को कम करने में मदद करेगा।  
  • क्या आप भी सुबह नहीं खाते Breakfast? इन बीमारियों का बढ़ जाएगा खतरा

    क्या आप भी सुबह नहीं खाते Breakfast? इन बीमारियों का बढ़ जाएगा खतरा

    सेहत: सुबह का ब्रेकफास्ट बहुत से लोग स्किप कर देते हैं। रात में देर से सोना और सुबह ऑफिस की जल्दी के कारण खाना ही नहीं खाते। वहीं महिलाएं ऑफिस, बच्चों या फिर घर के कामों में उलझ कर भूख लगने पर भी खाना नहीं खाती परंतु एक्सपर्ट्स की मानें तो रोज ब्रेकफास्ट अगर आप स्किप करते हैं तो इससे शरीर का नैचुरल रिदम बिगड़ सकता है। इससे धीरे-धीरे शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचता है। इससे ओवरइटिंग की आदत बनती है। इसके अलावा वजन बढ़ता है, मेटाबॉलिक सिस्टम पर बुरा असर होता है।

    पेट की चर्बी और बढ़ेगा वजन

    एक्सपर्ट्स की मानें तो ब्रेकफास्ट स्किप करने से आप सिर्फ एक मील ही नहीं छोड़ते बल्कि पूरे शरीर का ढांचा इसके कारण बिगड़ सकता है। बिना ब्रेकफास्ट के आपका शरीर लंबे समय तक न्यूट्रिशनल डेफिसिट में जाता है इससे दोपहर तक बहुत ज्यादा भूख लगती है। इसी भूख के कारण बाद में आप बड़े पोर्शन खाते हैं जिससे हाई कैलोरी फूड चुनने के कारण बन जाती है। इससे वजन और पेट में चर्बी बढ़ने लगती है।

    बढ़ेगा बैड कोलेस्ट्रॉल का लेवल

    रिसर्च में यह भी बताया गया है कि जो लोग रोज ब्रेकफास्ट स्किप करते हैं उनमें बैड कोलेस्ट्रॉल का लेवल ज्यादा होता है। इस कोलेस्ट्रॉल के कारण दिल की बीमारी और हार्ट ब्लॉकेज जैसी दिक्कतें बढ़ सकती है। सुबह का ब्रेकफास्ट न करने से शरीर में मेटाबॉलिक स्ट्रेस भी बढ़ता है और हार्ट हेल्थ को नुकसान होता है।

    नहीं मिलती एनर्जी

    अगर आप सुबह पौष्टिक खाना न मिलने के कारण शरीर को पूरी एनर्जी नहीं मिलती। सुबह नाश्ता न करने से आप ज्यादा थका हुआ महसूस करते हैं, चिड़चिड़े रहते हैं और किसी चीज में ध्यान लगाने में भी दिकक्त आती है। इसके अलावा ब्लड शुगर का लेवल भी कम होता है।

    डायबिटीज का खतरा

    ब्रेकफास्ट को स्किप करने से मेटाबॉलिक सिंड्रोम का खतरा भी बढ़ता है। इससे पेट की चर्बी, हाई बीपी, हाई शुगर और खराब कोलेस्ट्रॉल एक साथ बढ़ते हैं। इसी पैटर्न के कारण टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ता है। जो लोग सुबह नाश्ता नहीं करते उनमें डायबिटीज का खतरा ज्यादा होता है। जब सुबह से दोपहर तक लंबा गैप होता है तो शरीर जल्दी एनर्जी के लिए मीठे, फ्राइड और हाई कैलोरी फूड की ओर खींचता है। इससे डाइट की क्वालिटी खराब हो जाती है और वजन बढ़ना, शुगर और दिल की बीमारी का खतरा बढ़ता है।  
  • Milind Soman ने बताया अपनी फिटनेस का राज, इस चीज से दूर रहते हैं Supermodel

    Milind Soman ने बताया अपनी फिटनेस का राज, इस चीज से दूर रहते हैं Supermodel

    सेहत: एक्टर और सुपरमॉडल मिलिंद सोमन को देखकर उनकी उम्र का अंदाजा लगाना बहुत मुश्किल है। उन्होंने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वो सच में एक फिटनेस आइकन हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि एक स्पेशल डाइट ट्रिक के हिसाब से उन्होंने अपना 6 किलो वजन कम किया था। कोई खास जिम या फिर वर्कआउट से नहीं बल्कि एक छोटे से बदलाव को मिलिंद ने एक एक्सपेरिमेंट के तौर पर अपनाया परंतु इसका असर उनके लिए बहुत ही फायदेमंद साबित हुआ।

    इंटरमिटेंट फास्टिंग से कम किया वजन

    एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि नवंबर 2024 में 59 साल की उम्र में पहली बार इंटरमिटेंट फास्टिंग की थी। इस डाइट ने उनकी बहुत मदद की। मिलिंद ने कहा – ‘मैंने इसे सिर्फ एक्सपेरिमेंट के तौर पर शुरु किया था पिछले नवंबर मैंने 16:8 की इंटरमिटेंट फास्टिंग शुरु की बस ये देखने के लिए इसका असर कैसे होगा। मुझे ये शानदार लगा सच में बहुत अच्छा एक्सपीरियंस था’। मिलिंद ने आगे बताया कि – ‘मेरा असल में 6-7 किलो वजन कम हुआ जबकि मुझे लगा ही नहीं कि मुझे इतना वजन कम करना था। मैं तो हमेशा सोचता था कि मैं परफेक्ट हूं और आस-पास के लोग भी यही कहते थे लेकिन 6 किलो कम होने के बाद मेरे अंदर ज्यादा एनर्जी थी और मैं ज्यादा अलर्ट महसूस कर रहा था। ये बहुत ही पॉजिटिव अनुभव था’।

    बीच में छोड़ी थी इंटरमिटेंट फास्टिंग

    मिलिंद ने ये भी बताया कि उन्हें बीच में इंटरमिटेंट फास्टिंग छोड़नी पड़ी क्योंकि वो हाफ-आयरनमैन मैराथन की तैयारी कर रहे थे। उन्होंने कहा कि – ‘क्योंकि ऐसी रेस में आपको जो भी मिलता है उसे कभी भी खाना पड़ता है ये एक इंड्यूरेंस इवेंट होता है। मैंने इसे दोबारा शुरु नहीं किया परंतु ये एक्सपीरियंस मेरे लिए काफी अच्छा था फिलहाल मैं इंटरमिटेंट फास्टिंग नहीं कर रहा हूं क्योंकि आगे हमारा फुल आयरनमैन इवेंट आने वाला है’।

    नहीं खाते पैकेज्ड फूड्स

    मिलिंद ने यह भी बताया कि वो पैकेज्ड फूड से दूरी बनाकर रखते हैं। उनकी यही कोशिश रहती है कि उनके खाने में पैकेज्ड चीजें बिल्कुल जीरो हो हालांकि कभी-कभी उनकी पत्नी अंकिता कोंवर पैकेज्ड फूड खा लेती हैं परंतु मिलिंद इससे परहेज ही करते हैं। इसके अलावा उनकी पत्नी भी यह पूरा ध्यान रखती हैं कि पैकेज्ड फूड उनकी डाइट का हिस्सा न हो।
  • सुबह की धूप के कई फायदें, Vitamin D ही नहीं, शरीर की ये बीमारियां भी होंगी दूर

    सुबह की धूप के कई फायदें, Vitamin D ही नहीं, शरीर की ये बीमारियां भी होंगी दूर

    हेल्थः एक स्टडी में सामने आया है कि सुबह की धूप हमारे शरीर के लिए काफी फायदेमंद है। वहीं सुबह की धूप ब्रेन पावर बढ़ाने का एक नेचुरल तरीका है। सुबह की धूप न केवल हमारे दिन को रोशन करती है, बल्कि हमारे शरीर और दिमाग को भी एनर्जी और शक्ति प्रदान करती है। रिसर्च बताती है कि सुबह 7 से 9 बजे के बीच की धूप लेने से न सिर्फ विटामिन D मिलता है, बल्कि ब्रेन फंक्शन और फोकस भी बेहतर होता है। यह बच्चों और वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए बेहद फायदेमंद है।

    सुबह की धूप विटामिन डी का एक अच्छा स्रोत है, जो ब्रेन हेल्थ को बेहतर बनाता है और मूड को पॉजिटिव रखता है। एक अध्ययन के अनुसार, सुबह की धूप फ्लू के खतरे को कम करती है। शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत करती है और मानसिक स्वास्थ्य को सुधारती है।

    विटामिन D का स्रोत: सुबह की धूप विटामिन D का प्राकृतिक स्रोत है, जो हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाता है। यह ब्रेन फंक्शन को बेहतर बनाती है, जिससे फोकस और एकाग्रता बढ़ती है। सुबह की धूप सेरोटोनिन हार्मोन का उत्पादन बढ़ाती है, जो मूड को बेहतर बनाता है और तनाव को कम करता है। वहीं त्वचा के लिए भी फायदेमंद है, यह त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाती है।