Category: Health

  • बिना Icecream छोड़ Fitness Coach ने घटाया 10 Kg वजन, Chat Gpt की ली मदद

    बिना Icecream छोड़ Fitness Coach ने घटाया 10 Kg वजन, Chat Gpt की ली मदद

    सेहत: आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस अब सिर्फ क्लासरुम औऱ ऑफिस तक ही सीमित नहीं है। यह अब लोगों के किचन और फिटनेस रुटीन में भी शामिल हो चुकी है। डाइट प्लान बनाने से लेकर कैलोरी ट्रेक का इस्तेमाल करने के लिए लोग अपनी वेट लॉस जर्नी में इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। हाल ही में फिटनेस कोच सिमरन वलेचा ने बताया है कि उन्होंने कैसे चैट जीपीटी की मदद से अपने पसंदीदा स्नैक्स को छोड़े बिना 10 किलो वजन कम किया है। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर लिखा कि – ‘मेरा चैट जीपीटी प्रॉम्पट लें और अपना वजन घटाने का डाइट प्लान बनाएं। उन्होंने कैप्शन में बताया है कि उन्होंने चैट जीपीटी की मदद कैसे मांगी थी। सिमरन ने लिखा कि – मेरी ऊंचाई इतनी और वजन इतना है मैं स्थायी तरीके से वजन कम करना चाहती हूं क्या आप मेरे लिए एक इंडियन डाइट चार्ट तैयार कर सकते हैं जिसमें 3 मुख्य भोजन और 2-4 नाश्ते शामिल हो। मैं 9-6 की नौकरी करती हूं और इतने घंटे ट्रैवल करती हूं मैं घर से भी काम करती हूं मैं सुबह/शाम/रात में कसरत करती हूं’।
    इतना ही नहीं सिमरन ने चैट जीपीटी को नाश्ते, लंच और डिनर में अपनी पसंद के हिसाब से डाइट चार्ट बनाने के लिए भी कहा। ऐसे में आप इस तरह की इंस्ट्रक्शन के जरिए चैट जीपीटी से अपने लिए भी डाइट चार्ट बनवा सकते हैं परंतु इस बात का ध्यान रखें कि चैट जीपीटी मेडिकल कंडीशन नहीं जानता है ऐसे में आप अपना डाइट प्लान किसी डॉक्टर से बनवाएं और फिर कोई भी डाइट प्लेन फॉलो करने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरुर लें।  
  • मोटें चश्मों से परेशान है तो ये Foods खाएं, आंखों को मिलेगी राहत

    मोटें चश्मों से परेशान है तो ये Foods खाएं, आंखों को मिलेगी राहत

    हेल्थः पहले समय में उम्र के साथ आंखों की रोशनी कमजोर होती थी और लोगों को चश्मा लगता था, लेकिन आजकल के दौर में कम उम्र में ही यहां तक कि बच्चों को भी मोटा चश्मा लग जाता है। आंखों के स्वास्थ्य को ठीक रखने में खानपान अहम भूमिका निभाता है। अगर अपनी आंखों को स्वस्थ रखना चाहते हैं तो आपको विटामिन-ए, विटामिन सी, ई और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए। इसके अलावा ल्यूटिन और जेक्सैंथिन जैसे एंटीऑक्सिडेंट्स का भी सेवन करना चाहिए।

    – गाजर और शकरकंद: गाजर और शकरकंद दोनों में बीटा-कैरोटीन की मात्रा अधिक होती है जिसे शरीर विटामिन ए में परिवर्तित कर देता है. इसलिए इसका सेवन आंखों की रोशनी की कमजोरी में जरूर करना चाहिए।

    – पत्तेदार हरी सब्जियांः केल, पालक और अन्य पत्तेदार सब्जियां ल्यूटिन और जेक्सैंथिन का अच्छा स्रोत होती हैं। ये आपकी आंखों के लिए एक प्राकृतिक सनब्लॉक का काम करती हैं जो उन्हें हानिकारक नीली रोशनी से बचाते हैं।

    – फैटी फिशः साल्मन, टूना, मैकेरल और बाकी फैटी फिश ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होती हैं जो रेटिना के स्वास्थ्य को अच्छा रखने में मदद करती हैं। ओमेगा-3 उम्र से संबंधित मैकुलर डिजनरेशन (एएमडी) की दिक्कत और आंखों की ड्राईनेस के रिस्क को कम करने में भी मदद कर सकता है।

    खट्टे फलः संतरे, अंगूर, कीवी, नींबू और कीनू विटामिन सी से भरपूर होते हैं जो एक शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट है और ओवरऑल आंखों की सेहत के लिए अच्छा है। विटामिन सी आंखों में हेल्दी ब्लड वेसल्स को बनाए रखने में मदद करता है और मोतियाबिंद के जोखिम को कम कर सकता है।

  • बालों की रुकी Growth से हो रहे है परेशान, Healthy Diet के साथ अपनाएं ये तरीका

    बालों की रुकी Growth से हो रहे है परेशान, Healthy Diet के साथ अपनाएं ये तरीका

    हेल्थः अगर आप भी घने, काले, लंबे और सुंदर बाल चाहते है तो कुछ घरेलू ऊपाए है जो आपकी मदद कर सकते हैं। लेकिन कुछ मामलों में आपको डॉक्टर से परामर्श भी करना चाहिए। बालों की ग्रोथ और डेसिंटी कई फैक्टर्स पर निर्भर करती है जिसमें व्यक्ति की जेनेटिक हिस्ट्री, खानपान, पोषण की कमी, स्ट्रेस और खराब लाइफस्टाइल जैसे कुछ घरेलू फैक्टर्स शामिल हैं।

    प्रोटीन इनटेक बढ़ाएंः शरीर, स्किन और बालों के लिए प्रोटीन की बेहद जरूरत होती है। नए बाल उगाने के लिए भी प्रोटीन की जरूरत होती है। प्रोटीन की कमी के कारण बाल झड़ सकते हैं। इसलिए अपनी डाइट में प्रोटीन को ज्यादा से ज्यादा शामिल करें। आप प्रोटीन के लिए कुछ चीजें बीन्स, अंडे, मछली, ड्राई फ्रूट्स, लीन मीट और बीज जैसी चीजें खा सकते हैं। किसी व्यक्ति की दैनिक प्रोटीन की जरूरतें इस बात पर निर्भर करती हैं कि वो कितना शारीरिक रूप से सक्रिय है और उसकी मांसपेशियों का कितना वजन है।

    आयरन का सेवन बढ़ानाः बालों को हेल्दी बनाने के लिए आयरन की भी जरूरत होती है। आहार में आयरन के कुछ स्रोतों में शामिल हैं। इसलिए अपनी डाइट में दालें, कद्दू के बीज, पालक, सफेद बीन्स, लीन बीफ जैसे खाद्य पदार्थों को शामिल कर सकते हैं।
    एक रिपोर्ट के अनुसार, जो लोग मांस नहीं खाते, उन्हें मांस खाने वालों की तुलना में आयरन की आवश्यकता 1.8 गुना ज्यादा होती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि शरीर आयरन के नॉन एनिमल प्रोटीन को उतनी प्रभावी ढंग से अवशोषित नहीं कर पाता।

    सिर की मालिश करेंः सिर की मालिश करने से सिर की त्वचा में रक्त प्रवाह को बढ़ावा मिलता है जिससे बालों के विकास को बढ़ावा मिल सकता है। एक छोटे से जापानी अध्ययन में पाया गया कि जिन पुरुषों ने प्रतिदिन 4 मिनट तक सिर की मालिश करने वाले उपकरण से सिर की मालिश की, उनके 6 महीने बाद बाल घने हो गए। लोग अपनी उंगलियों के पोरों से सिर की त्वचा पर हल्के गोलाकार तरीके से मालिश कर सकते हैं। सिर की मालिश करने वाले उपकरण दवा की दुकानों और ऑनलाइन भी उपलब्ध हैं।

    सीड्स का सेवन करेंः सभी प्रकार के सीड्स खासकर कद्दू के बीज का सेवन और उसके तेल की मालिश से बालों के विकास में मदद मिलती है क्योंकि इनमें प्रोटीन और कई प्रकार के मिनरल्स होते हैं।

  • पानी ही नहीं दही में Chia Seeds मिलाकर खाने से मिलेंगे ढेरों Health Benefits

    पानी ही नहीं दही में Chia Seeds मिलाकर खाने से मिलेंगे ढेरों Health Benefits

    सेहत: चिया सीड्स सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद माने जाते हैं। बहुत से लोग इसी वजह से इनको अपनी डेली डाइट का हिस्सा बनाते हैं। हर किसी के चिया सीड्स खाने का तरीका अलग-अलग होता है। कुछ लोग पानी में चिया सीड्स डालकर खाते हैं तो कुछ स्मूदी में लेकिन क्या आप जानते हैं कि दही के साथ चिया सीड्स खाना और भी फायदेमंद माने जाते हैं। दही में पाया जाने वाला प्रोटीन, फैट और प्रोबायोटिक्स इसके फायदे को और बढ़ा देते हैं।

    2 चम्मच चिया सीड्स में 10 ग्राम फाइबर होता है ऐसे में यह ब्लड शुगर कंट्रोल करते हैं और लंबे समय तक आपका पेट भरा हुआ रखते हैं। इसके अलावा दही में प्रोटीन पाया जाता है जो आपके मसल्स को रिपेयर, एनर्जी और भूख को कंट्रोल करने में मदद करता है।

    दही में कैल्शियम, पौटेशियम और विटामिन-बी भी मौजूद होता है वहीं चिया सीड्स में ओमेगा-3 मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। दोनों चीजों को जब आप साथ में खाते हैं तो आपकी सेहत को और भी कई तरह के फायदे होते हैं।

    दही के साथ चिया सीड्स का कॉम्बो प्रोटीन, हेल्दी फैट और फाइबर पाया जाता है। यह डाइजेशन को स्लो करता है और ब्लड शुगर धीरे-धीरे बढ़ती है। यह डायबिटीज और एनर्जी लेवल दोनों के लिए अच्छी होती है।

    दही और चिया सीड्स सिर्फ ब्रेकफास्ट में ही नहीं बल्कि कई तरह से इस्तेमाल होते हैं। इनको आप रातभर पुडिंग, व्हीप्ड क्रीम, स्मूदी या ठंडे दही के पोप्स में मिलाकर अलग-अलग फ्लेवर और टेक्सचर का मजा ले सकते हैं। वहीं चिया सीड्स का पानी बस पीने तक ही सीमित होता है। दही के साथ चिया सीड्स स्वाद और वैरायटी दोनों ही बढ़ा देंगे।

    चिया सीड्स में फाइबर पाया जाता है। यह आपके पेट के अच्छे बैक्टीरिया को खाना देता है। दही सीधे अच्छे बैक्टीरिया शरीर में पहुंचाएग और दोनों मिलकर आपके पाचन को बेहतर करेंगे और ब्लोटिंग की दिक्कत भी दूर करेंगे।

    दही और चिया सीड्स को एक साथ खाने से ब्लड शुगर कंट्रोल में रहती है। इसमें प्रोटीन, हैल्दी फैट और फाइबर पाया जाता है। यह खाने को धीरे-धीरे पचाता है। इससे शुगर धीरे-धीरे ब्लड में जाती है और एनर्जी लंबे समय तक शरीर में रहती है।

    पानी में चिया सीड्स खाना अच्छा होता है पर यदि आप इनको दही के साथ खाते हैं तो आपको पोषण के साथ-साथ स्वाद भी मिलेगा। दोनों ही चीजें एक साथ खाना हेल्दी ऑप्शन साबित होगा।

  • अगर आपके भी नाखून हो रहे है डैमेज तो अपनाए ये नुस्खा, कुछ दिनों में होंगे चट्टान जैसे मजबूत

    अगर आपके भी नाखून हो रहे है डैमेज तो अपनाए ये नुस्खा, कुछ दिनों में होंगे चट्टान जैसे मजबूत

    हेल्थः लड़कियां अपने नाखूनों का जान से ज्यादा ध्यान रखती है। लेकिन सभी के नाखून परफेक्ट शेप वाले और मजबूत नहीं होते हैं। कई महिलाएं और पुरुष ऐसे भी होते हैं, जिनके नाखून बहुत ही पतले और पीले रंग के दिखने लगते हैं। अब सवाल ये उठता है कि बहुत ही आसानी से टूटने वाले और काले धब्बों वाले नाखूनों की समस्या से पीछा किस तरह छुड़ाया जा सकता है?

    दरअसल, यहां हम आपको नाखूनों के पीला होने की वजह और उनसे बचाव का बेहतरीन तरीका भी बताएंगे। बता दें कि पतले और पूरी तरह से डैमेज नाखूनों की स्थिति भी आजकल के समय में बहुत ही कॉमन हो गई है।

    ​फंगल नेल इन्फेक्शन का मुख्य कारण फंगस को समझा जा सकता है। ये आमतौर पर त्वचा पर पाए जाते हैं, लेकिन नाखूनों में इंफेक्शन कर सकते हैं। बता दें कि ये फंगस गर्म, नम और अंधेरी जगहों पर बढ़ना ज्यादा पसंद करती है। जैसे कि पैर में ये परेशानी हो सकती हैं। मगर इसके लिए आपको महंगे प्रोडक्ट्स को खरीदने या ट्रीटमेंट करवाने की कोई जरूरत नहीं है। आइए अब बचाव के लिए उपाय जान लेते हैं?

    नुस्खे में इस्तेमाल सामग्री
    – ​सरसों का तेल – 2 बड़े चम्मच
    – लहसुन – 3-4 कलियां (कुटी हुई)
    – मेथी के दाने – ½ छोटा चम्मच
    – हल्दी – 1 छोटा चम्मच
    – हींग – एक चुटकी

    बनाने की विधि
    – एक कड़ाही में सरसों का तेल गरम करें।
    – इसके बाद लहसुन, मेथी, हल्दी और हींग को मिलाकर डाल लें।
    – अब इसे 1-2 मिनट तक भुनने दें
    – अब आपको गैस की आंच बंद कर देनी है और नुस्खे को थोड़ा ठंडा होने दें।

    कैसे करें इस्तेमाल?
    – गर्म तेल को नाखूनों और आसपास की त्वचा पर दिन में दो बार लगाएं।
    – ​ब्लड सर्कुलेशन में सुधार के लिए हल्के हाथों से मालिश करें।
    – बेहतरीन रिजल्ट्स के लिए 10-15 दिनों तक इस नुस्खे को फॉलो करना है।

    ये क्यों काम करता है?
    – सरसों का तेल – एंटीफंगल और ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करता है।
    – लहसुन – नेचुरल एंटीऑक्सीडेंट की तरह है।
    – मेथी – नाखूनों को मजबूत बनाने का काम करती है।
    – हल्दी – सूजन-रोधी और हीलिंग प्रॉपर्टीज पाई जाती हैं।
    – हींग – संक्रमण और दर्द को कम करती है।

  • सेहत के लिए वरदान है यह Fruit, जानें Expert की राय

    सेहत के लिए वरदान है यह Fruit, जानें Expert की राय

    हेल्थः पुराने जमाने से पपीते को सेहत के लिए वरदान माना जाता रहा है। हेल्थ एक्सपर्ट्स भी अक्सर पपीते को डेली डाइट प्लान का हिस्सा बनाने की सलाह देते हैं। अगर आप हर रोज सुबह-सुबह खाली पेट एक कटोरी पपीता खाना शुरू कर देते हैं, तो आपकी सेहत को चौतरफा लाभ मिल सकता है। आप पोषक तत्वों से भरपूर पपीता खाकर अपनी ओवरऑल हेल्थ को काफी हद तक मजबूत बना सकते हैं।

    पपीते को गट हेल्थ के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। पपीते में फाइबर समेत कई पोषक तत्वों की अच्छी खासी मात्रा पाई जाती है। अगर आप पेट से जुड़ी समस्याओं से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो आपको हर रोज नियम से पपीता खाना शुरू कर देना चाहिए। कब्ज से राहत पाने के लिए भी पपीते को डेली डाइट प्लान का हिस्सा बनाया जा सकता है।

    पोषक तत्वों से भरपूर इस फल का सेवन करना शुरू कर देना चाहिए। पपीता आपके इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मददगार साबित हो सकता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पपीते को दिल की सेहत के लिए भी काफी ज्यादा फायदेमंद माना जाता है।

    पपीते में पाए जाने वाले तत्व न केवल पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस करवाते हैं बल्कि आपके शरीर के मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करने में भी असरदार साबित हो सकते हैं। हालांकि, बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए सही मात्रा में और सही तरीके से इस फल का सेवन करना बेहद जरूरी होता है।

  • नसों में चिपके Cholesterol को निकालेगा यह कश्मीरी लहसुन, जानें कैसे करें इस्तेमाल?

    नसों में चिपके Cholesterol को निकालेगा यह कश्मीरी लहसुन, जानें कैसे करें इस्तेमाल?

    हेल्थः खराब खान पान की वजह से हमारे शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा तेजी से बढ़ने लगती है। इन दिनों लोग जंक फ़ूड और डिब्बाबंद खाद पदार्थ का सेवन बहुत ज़्यादा करने लगे हैं। इनमें अनहेल्दी फैट्स बहुत ज़्यादा होते हैं जो शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल को तेजी से बढ़ाते हैं। इस वजह से हार्ट से जुड़ी बीमारियों की संभावना तेजी से बढ़ जाती है। ऐसे में नसों में चिपके गंदे कोलेस्ट्रॉल को निकालने के लिए आप कश्मीरी लहसुन का इस्तेमाल कर सकते हैं। कई पोषक तत्वों से भरपूर यह लहसुन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है।

    कश्मीरी लहसुन शरीर में हाई कोलेस्ट्रॉल के स्तर को प्रभावी ढंग से कम करने के लिए जाना जाता है। यह शरीर में एलडीएल कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स को कम करता है। अध्ययनों से पता चला है कि लहसुन का सेवन करने वाले रोगियों में एलडीएल कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स 20% तक कम होते हैं। दूसरा, यह रक्त के घनत्व को कम करके प्लाक और थक्कों के निर्माण को रोकता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि नियमित रूप से लहसुन का सेवन करने वाले रोगियों में हानिकारक रक्त के थक्कों का खतरा 83% कम होता है।

    कैसे करें इस्तेमाल?
    सुबह खाली पेट कश्मीरी लहसुन का सेवन करें। एक गिलास गुनगुना पानी पैन और लहसुन की 2 कलियां छील लें और फिर उसे चबाकर खाएं और फिर यह गुनगुना पानी पिएं।

    इन समस्याओं में भी है फायदेमंद:
    – सर्दी-खांसी का इलाज: नियमित रूप से सेवन करने पर यह सर्दी-खांसी होने के जोखिम को 50% से भी ज़्यादा कम करने में मदद करता है। इसमें मौजूद एलिसिन नामक यौगिक सर्दी-खांसी को कम करने में मदद करते हैं।
    – मधुमेह से लड़ता है: नियमित रूप से कश्मीरी लहसुन की 2-3 कलियां खाने से रक्त शर्करा के स्तर को कम करने और नियंत्रित करने में मदद मिलती है। इसमें मौजूद विटामिन बी और थायमिन के साथ एलिसिन की उपस्थिति अग्न्याशय को शरीर में इंसुलिन बनाने के लिए प्रेरित करती है।
    – हाई ब्लड प्रेशर में है फायदेमंद: हाई ब्लड प्रेशर की स्थिति में, यह लहसुन मांसपेशियों को आराम पहुँचाता है और इस प्रकार रक्तचाप के स्तर को कम करने में मदद करता है।

  • जिम छोड़ने के बाद इस वजह से बढ़ता है Weight, जानें Scientific कारण

    जिम छोड़ने के बाद इस वजह से बढ़ता है Weight, जानें Scientific कारण

    सेहत: जिम जाना ज्यादातर लोगों की डेली रुटीन में शामिल है। जिम जाकर घंटों पसीना बहाकर सभी अपनी बॉडी को फिट रखते हैं पर जिम छोड़ देने के बाद कुछ लोगों का वजन काफी तेजी से बढ़ने लग जाता है। इसका कारण है कैलोरी का कम बर्न होना और मेटाबॉल्जिम का स्लो हो जाना। जब आप एक्सरसाइज करना बंद कर देते हैं तो शरीर कम कैलोरी बर्न करता है। यदि खाने-पीने की आदतें वही रहती है तो बची हुई कैलोरी फैट के तौर पर शरीर में जमा होने लग जाती है। इसके अलावा मसल्स कम होने के कारण भी वजन बढ़ने लग जाता है क्योंकि मसल्स आराम की हालात में भी शरीर से कैलोरी बर्न करने लगते हैं। फिटनेस एक्सपर्ट्स की मानें को जिम छोड़ते ही तुरंत कोई मोटा नहीं होता परंतु यह वजन बढ़ने का कारण जरुर बन सकता है। जब आप रेगुलर वर्कआउट करते हैं तो आप बहुत सारी कैलोरी बर्न करते हैं। वहीं दूसरी ओर जब आप जिम छोड़ देते हैं और कोई दूसरी फिजिकल एक्टिविटी भी नहीं करते हैं और खाने-पीने की आदतें नहीं बदलते हैं तो आप उतनी ही कैलोरी लेते हैं लेकिन बर्न कम करते हैं जिससे वजन धीरे-धीरे बढ़ने लग जाता है। जिम छोड़ने के बाद वजन बढ़ने का एक कारण खाने के प्रति लापरवाही भी है। लोग फिटनेस पर पहले की तरह ही ध्यान नहीं देते और जंक फूड और मीठा खाना शुरु कर देते हैं। जिम छोड़ने के बाद वजन कितने दिन में बढ़ता है यह असल में पर्सन टू पर्सन पर निर्भर करता है। कुछ लोगों का कुछ हफ्तों में फर्क महसूस हो सकता है वहीं कुछ लोगों का महीनों तक ज्यादा बदलाव नहीं दिखता।

    जिम छोड़ने के बाद इस तरह रहें फिट

    यदि आपने जिम जाना छोड़ ही दिया है तो पहले की अपेक्षा कैलोरी कम ही लें। न्यूट्रिशन से भरपूर खाना लें, प्रोसेस्ड फूड, चीनी और हाई कैलोरी ड्रिंक लेने से बचें। ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं अच्छी नींद लें और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं। जिम न जाने पर भी खुद को एक्टिव ही रखें। इसके लिए जितना हो सके उतना चले। घर पर कोई एक्सरसाइज करें चाहें तो रनिंग या फिर साइकिलिंग आप कर सकते हैं।
  • क्या आप भी Obesity कम करने के लिए लेते हैं Injection तो हो जाएगी ये गंभीर बीमारी

    क्या आप भी Obesity कम करने के लिए लेते हैं Injection तो हो जाएगी ये गंभीर बीमारी

    सेहत: ओजेम्पिक, वेगोवी और मौनजारो जैसी दवाईयां इन दिनों वजन कम करने के लिए ट्रेंड में चल रही हैं। ये दवाईयां ब्लड शुगर कंट्रोल करती हैं, भूख कम करती हैं परंतु हाल ही में एक नई रिसर्च में यह चेतावनी दी है कि इन दवाईयों से आंखों की गंभीर समस्याएं और अचानक रोशनी कम होने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। आज आपको बताते हैं कि रिपोर्ट में क्या सामने आया है।

    आंखों को ऐसे पहुंचाएगी नुकसान

    इन दवाईयों को लेने से जो सबसे ज्यादा गंभीर बीमारी आपको होगी वो है NAION (नॉन-आर्टेरिटिक एंटीरियर इस्केमिक ऑप्टिक न्यूरोपैथी)। यह एक दुर्लभ आंखों की बीमारी है जिसको आंखों का स्ट्रोक भी कहते हैं। ये उस समय होती है जब ऑप्टिक नर्व में अचानक से खून का बहाव कम हो जाए या रुक जाए। डॉक्टर्स की मानें तो उन्हें अभी तक इसका सटीक कारण नहीं पता चल पाया है और इस समय में इसका कोई भी इलाज मौजूद नहीं है। डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों में ये रोग होने की संभावना ज्यादा होती है। NAION में आमतौर पर आंख की रोशनी अचानक और बिना दर्द के चली जाती है जो अक्सर सुबह उठते ही महसूस होती है। अगले कुछ हफ्तों में नजर आपकी और भी खराब हो सकती है या फिर स्थिर हो जाती है परंतु लगभग 70% मामलों में नजर कभी भी पूरी वापिस नहीं आती है।

    पिछली रिसर्च में सामने आई ये बात

    2024 की एक रिसर्च में यह पाया गया है कि डायबिटीज से जूझ रहे लोग सेमाग्लूटाइट लेते हैं। उनको NAION होने की संभावना चार गुणा ज्यादा होती है ऐसे में वजन घटाने के लिए इसे लेने वालों में यह जोखिम लगभग आठ गुना ज्यादा होता है। इसी कारण से यूरोपीय औषधि एजेंसी अब NAION को एक बहुत ही दुर्लभ दुष्प्रभाव के तौर पर लिस्ट करती है। यह 10,000 लोगों में से 1 को होती है। इन दवाओं पर अलर्ट लेबल लगाने भी जरुरी हो गया है। GLP-1 दवाईयां आंखों की अन्य गंभीर समस्याएं जैसे डायबिटीक रैटिनोपैथी को भी खराब कर सकती हैं। ये कंडीशन उस समय होती है जब हाई ब्लड प्रेशर रेटिना की छोटी-छोटी खून की नसों को नुकसान पहुंचाता है। कुछ मामलों में ब्लड शुगर में तेज गिरावट इन नसों को और भी ज्यादा नाजुक बनाती है जिससे आंखों के अंदर ब्लीडिंग हो सकती है।

    नई रिसर्च में सामने आए नतीजे

    अमेरिका में टाइप-2 डायबिटीज के लाखों मरीजों पर 2 साल तक दो रिसर्च की गई। इसमें पहली रिसर्च में यह सामने आया है कि सेमाग्लूटाइड या टिरजेपेटाइड लेने वालों में NAION का खतरा नहीं बढ़ा लेकिन डायबिटीक रेटिनापैथी के मामले थोड़े ज्यादा थे अच्छी बात यहां पर यह है कि GLP-1 दवाईयां लेने वालों में आंखों की गंभीर दिक्कतें कम हुई हैं। उन्हें दूसरे मरीजों की तुलना में कम मुश्किल इलाज की जरुरत हो सकती है।

    जीएलपी-1 दवाईयां लेते हैं तो करें ये काम

    ओजेम्पिक, वेगोवी और मौंजेरो जैसी GLP-1 दवाईयां बहुत ही असरदार होती है। यह ब्लड शुगर कंट्रोल, वजन कम करने और हार्ट अटैक का खतरा कम करने और उम्र बढ़ाने में मदद करेगी परंतु यदि आप पहले से ही स्लीप एपीनिया, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या ऑप्टिक नर्व जैसी दिक्कतें है तो आप थोड़े अलर्ट रहें। ये समस्याएं NAION का खतरा बढ़ाएगी। ऐसी स्थिति में ये दवाईयां शुरु करने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरुर लें।

    ऐसे करें अपनी आंखों की देखभाल

    . यदि आपकी एक आंख की रोशनी अचानक चली जाए तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। डॉक्टर के पास यदि आप समय पर जाएंगे तो काफी फर्क पड़ेगा। . अपना ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल का हेल्दी लेवल मैंटेन करें। इससे आपकी आंखे और ओवरऑल हेल्थ अच्छी रहेगी। . यदि आपको कोई दिक्कत है तो अपनी आंखों को डॉक्टर से चेक करवाते रहें। डॉक्टर को यह जरुर बताएं कि आप GLP-1 दवाई ले रहे हैं। इससे कोई भी समस्या जल्द पता लगेगी। . अगर आपको स्लीप एपनिया या फिर दिल संबंधी कोई दिक्कत है तो इसका इलाज करवाएं। इस कंडीशन से आपकी आंखो की समस्या का खतरा कम होगा।
  • आपके दिमाग को नुकसान पहुंचाएंगी ये Drinks, पीने से पहले हो जाएं Alert

    आपके दिमाग को नुकसान पहुंचाएंगी ये Drinks, पीने से पहले हो जाएं Alert

    सेहत: दिमाग को तेज और हेल्दी रखने के लिए लोग क्या-क्या नहीं करते। मेडिटेशन और हेल्दी डाइट फॉलो करते हैं ताकि दिमाग तेज हो पाए परंतु आपने कभी सोचा है कि रोजमर्रा की जिंदगी में पी जाने वाली कुछ ड्रिंक भी आपके दिमाग को नुकसान पहुंचा सकती हैं। हैरानी की बात यह है कि इनमें से कुछ ड्रिंक्स हम लोग हेल्दी समझकर पी लेते हैं पर ये याददाश्त, सोचने की क्षमता और नींद की क्वालिटी पर बुरा असर डालेगी। हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो जो चीज आपके दिल और पेट के लिए खराब होती है वो आपके दिमाग को भी नुकसान पहुंचा सकती हैं। आज आपको कुछ ऐसे ड्रिंक्स के बारे में बताते हैं जो आपके दिमाग को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

    मीठा सोडा और सॉफ्ट ड्रिंक्स

    ज्यादातर लोगों का यह मानना है कि सोडा सिर्फ वजन ही बढ़ाता है परंतु यह आपके दिमाग तक जाता है। इसमें पाई जाने वाली शुगर बिना फाइबर के आपका ब्लड शुगर और इंसुलिन लेवल बढ़ाती है। यह शरीर में सूजन भी पैदा करती है और दिमाग की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकती है। इसको पीने से आप समय से पहले बूढ़े हो सकते हैं। डाइट सोडा भी हेल्दी नहीं होता। इसमें पाया जाने वाला आर्टिफिशियल स्वीटर डायबिटीज और मेटाबॉलिक डिजीज का खतरा बढ़ाते हैं।

    शराब

    यह आपके शरीर को कैसे नुकसान पहुंचा रही है इस पर लंबे समय से बहस हो रही है। हाल ही के सालों में कुछ स्टडीज में यह साबित हुआ है कि यह दिमाग के लिए अच्छी नहीं है। शराब का असर धीरे-धीरे होता है। यह याददाश्त को कमजोर करती है, नींद का पैटर्न बिगाड़ती है और आंतों में मौजूद हैल्दी बैक्टीरिया को खत्म कर देती है। इसके अलावा गट हेल्थ का आपकी ब्रेन हेल्थ से सीधा कनेक्शन होता है ऐसे में यदि आपकी आंतों का बैलेंस बिगड़ेगा तो दिमाग पर भी असर पड़ेगा।

    नल का पानी

    कुछ लोग नल का पानी बहुत आम मानते हैं परंतु इसमें पाया जाने वाला फ्लोराइड लंबे समय से ब्रेन फंक्शंस को प्रभावित कर सकता है। कुछ रिसर्च यह भी बताती है कि फ्लोराइड का ज्यादा सेवन करने से बच्चों का आईक्यू लेवल कम हो सकता है। दांतों की सुरक्षा के नाम पर पानी में मिलाया जाने वाला फ्लोराइड निगलने पर शरीर में जमा होकर नुकसान पहुंचा सकता है। सुरक्षित रहने के लिए आरो या डिस्टिल्ड वाटर ही पिएं।