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  • Health Tips : जानें वजन घटाने में सौंफ का पानी कितना फायदेमंद है

    Health Tips : जानें वजन घटाने में सौंफ का पानी कितना फायदेमंद है

    Health Tips : सौंफ एक ऐसी घरेलू चीज़ है जो न सिर्फ़ खाने का स्वाद बढ़ाती है, बल्कि सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद होती है। खासकर वजन कम करने और पेट को स्वस्थ रखने में सौंफ का पानी काफी मददगार माना जाता है। आइए इसे विस्तार से जानते हैं…

    सौंफ कैसे मदद करती है वजन कम करने में?
    सौंफ शरीर से गंदगी (टॉक्सिन्स) बाहर निकालने में मदद करती है और मेटाबॉलिज़्म को तेज करती है। आयुर्वेद के अनुसार, सौंफ शरीर के पित्त दोष को संतुलित करती है, जिससे पाचन सही रहता है और वजन कंट्रोल में रहता है।

    मेटाबॉलिज़्म बढ़ाने में सौंफ का रोल
    सौंफ में कुछ खास तत्व होते हैं जैसे एनेथोल, फेनचोन, एस्ट्रागोल ये तत्व पेट में बनने वाले एंजाइम्स को बढ़ाते हैं, जिससे खाना जल्दी और अच्छे से पचता है। शरीर को पोषक तत्व सही तरीके से मिलते हैं। अगर आपको बार-बार भूख लगती है या रात में कुछ खाने की आदत है, तो सौंफ आपकी भूख को कंट्रोल करने में भी मदद कर सकती है।

    सौंफ का पानी कैसे बनाएं और पिएं?
    सौंफ का पानी बनाना बहुत आसान है।

    तरीका:
    1. 1 से 2 चम्मच सौंफ लें
    2. एक गिलास पानी में रात भर भिगो दें
    3. सुबह पानी को छान लें
    4. खाली पेट यह पानी पिएं
    अगर चाहें तो इसे हल्का उबाल भी सकते हैं। भीगी हुई सौंफ को चबा भी सकते हैं ।

    ध्यान रखें:
    • इसमें चीनी या शहद न मिलाएं
    • ज्यादा उबालने से इसके फायदे कम हो जाते हैं

    कितने दिनों तक पिएं?
    वजन कम करने के लिए कम से कम 15 से 30 दिन तक रोज़ पिएं। आप इसे लंबे समय तक भी ले सकते हैं। लेकिन हर 1–2 महीने बाद कुछ दिनों का ब्रेक लेना बेहतर होता है।

    पेट की समस्याओं में सौंफ के फायदे
    सौंफ सिर्फ वजन ही नहीं घटाती, बल्कि पेट से जुड़ी कई समस्याओं में भी राहत देती है:
    • गैस कम करती है
    • कब्ज से राहत देती है
    • पेट दर्द और जलन में आराम देती है
    इसे एक प्राकृतिक एंटासिड की तरह समझ सकते हैं, जो बिना कड़वे स्वाद के पेट को आराम देता है।

     

  • चेहरे के लिए वरदान से कम नहीं Lemon Peels, इस्तेमाल करने से आएगा गुलाबी निखार

    चेहरे के लिए वरदान से कम नहीं Lemon Peels, इस्तेमाल करने से आएगा गुलाबी निखार

    सेहत: नींबू का रस सेहत और स्वाद के लिए तो सभी इस्तेमाल करते हैं लेकिन इसके छिलकों को बेकार समझकर डस्टबिन में फेंक देते हैं। क्या आप जानते हैं कि जिस निखार के लिए आप महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स खरीदते हैं वो राज इन छिलकों में ही छिपा है। विटामिन-सी और एंटी ऑक्सीडेंट्स से भरपूर नींबू के छिलके आपकी स्किन के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

    नींबू के छिलके होते हैं बेहद फायदेमंद

    यदि आप भी चेहरे पर खास गुलाबी निखार और कुदरती चमक दिखाती है तो इन छिलकों को फेंकने की गलती न करें।

    ऐसे होंगे नींबू के छिलके के फायदे

    नेचुरल ब्लीच के तौर पर करेगा काम

    इससे त्वचा के दाग-धब्बों को हल्का करने में मदद करता है।

    गुलाबी निखार

    यह स्किन के ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाता है। इससे चेहरे पर नेचुरल ग्लो आता है।

    डेड स्किन होगी दूर

    छिलके का पाउडर एक बेहतरीन एक्सफोलिएटर का काम करता है।

    इस तरह से करें मसाज

    आप छिलकों का लेमन पील पाउडर फेस पैक बना सकते हैं। इसके लिए नींबू के छिलकों को धूप में सुखाकर पीस लें और पाउडर बना लें। अब 1 चम्मच पाउडर में 1 चम्मच शहद और थोड़ा सा गुलाब जल मिलाएं। अब इसमें 1 चम्मच पाउडर में 1 चम्मच शहद और थोड़ा सा गुलाब जल मिलाएं। इसे चेहरे पर 15 मिनट के लिए लगाएं और फिर ठंडे पानी से धो लें।

    छिलके से मसाज

    ताजे नींबू के छिलके के अंदरुनी हिस्से पर थोड़ी सी चीनी या शहद छिड़कें।

    स्किन पर लगाएं टोनर

    नींबू के छिलकों को पानी में उबाल लें। इसके बाद पानी ठंडा कर लें। इस पानी को स्प्रे बोतल में भरकर फ्रिज में रखें। रात को सोने से पहले इसे चेहरे पर लगाएं। इससे चेहरे की सुस्ती दूर होगी।

    इस बात का रखें ध्यान

    नींबू का इस्तेमाल करने के बाद तुरंत धूप में न निकलें। यदि आपकी स्किन बहुत ज्यादा सेंसिटिव है तो पहले पैच टेस्ट जरुर करें। नींबू के छिलके के साथ हमेशा शहद या दही जैसी ठंडी चीजें मिलाएं ताकि जलन न हो।
  • Health Tips : चाय पीने के तुरंत बाद पानी क्यों नहीं पीना चाहिए?  

    Health Tips : चाय पीने के तुरंत बाद पानी क्यों नहीं पीना चाहिए?  

    Health Tips : अक्सर बड़े-बुजुर्ग कहते हैं कि चाय पीने के तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिए। इसके पीछे कुछ वजहें हैं, जो हमारी सेहत से जुड़ी होती हैं। जब आप गर्म चाय पीते हैं और उसके तुरंत बाद पानी पी लेते हैं, तो शरीर के अंदर अचानक तापमान बदल जाता है।
    • इससे पेट का संतुलन बिगड़ सकता है
    • पाचन प्रक्रिया (डाइजेशन) धीमी हो सकती है
    • गैस, भारीपन या अपच जैसी दिक्कतें हो सकती हैं
    यानी आपकी छोटी-सी आदत पेट की समस्या बन सकती है। दांतों में हो सकती है संवेदनशीलता गर्म चाय के तुरंत बाद पानी पीने से दांतों पर भी असर पड़ता है। अचानक ठंडा-गर्म होने से दांतों की ऊपरी परत (इनेमल) कमजोर हो सकती है। दांतों में झनझनाहट या दर्द महसूस हो सकता है । अगर आपके दांत पहले से ही सेंसिटिव हैं, तो यह आदत और ज्यादा नुकसान कर सकती है। एसिडिटी और जलन की समस्या कुछ लोगों को चाय पीने के बाद सीने में जलन या एसिडिटी महसूस होती है।
    • तुरंत पानी पीने से यह समस्या और बढ़ सकती है
    • पेट में एसिड का संतुलन बिगड़ सकता है
    सही तरीका क्या है? अगर आपको पानी पीना ही है, तो इन बातों का ध्यान रखें।
    • चाय पीने के तुरंत बाद पानी न पिएं
    • कम से कम 15–20 मिनट का गैप रखें
    • बेहतर है कि चाय पीने से 15 मिनट पहले पानी पी लें
    इससे एसिडिटी और पेट की समस्या से बचा जा सकता है।    
  • Health Tips : पिएं गोंद कतीरा और सौंफ का पानी, भयंकर गर्मी में है अमृत समान

    Health Tips : पिएं गोंद कतीरा और सौंफ का पानी, भयंकर गर्मी में है अमृत समान

    Health Tips : गर्मियों के दिनों में शरीर को ठंडा रखना और पानी की कमी से बचाना काफी मुश्किल हो जाता है। तेज धूप और लू के कारण शरीर जल्दी थक जाता है और कई बार चक्कर, कमजोरी या पेट की दिक्कतें भी होने लगती हैं। ऐसे समय में सौंफ, धनिया और गोंद कतीरा से बना यह देसी ड्रिंक बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है। यह मिश्रण शरीर को अंदर से ठंडक देता है और गर्मी से जुड़ी कई समस्याओं से बचाता है। क्यों फायदेमंद है यह देसी मिश्रण?
    1. शरीर को अंदर से ठंडा रखता है सौंफ, धनिया और गोंद कतीरा तीनों की तासीर ठंडी होती है। यह शरीर के तापमान को संतुलित रखते हैं और लू लगने का खतरा कम करते हैं।
    2. पानी की कमी नहीं होने देता गर्मी में शरीर से पसीने के जरिए पानी जल्दी निकल जाता है। यह मिश्रण शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है और आपको लंबे समय तक हाइड्रेटेड रखता है।
    3. पाचन को सुधारता है सौंफ और धनिया पेट को ठंडा रखते हैं। इससे गैस, जलन, एसिडिटी और अपच जैसी समस्याएं कम होती हैं और पाचन बेहतर रहता है।
    4. शरीर को देता है हल्की ऊर्जा गोंद कतीरा शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ हल्की ऊर्जा भी देता है। इससे दिनभर सुस्ती या कमजोरी महसूस नहीं होती।
    5. त्वचा के लिए भी अच्छा है यह मिश्रण शरीर को अंदर से ठंडा रखता है, जिससे गर्मियों में होने वाले स्किन रैशेज, जलन और पिंपल्स जैसी समस्याएं कम हो सकती हैं।
    कैसे तैयार करें यह ड्रिंक?
    • रात को 1 चम्मच सौंफ और 1 चम्मच धनिया पानी में भिगो दें।
    • सुबह इस पानी को छान लें।
    • इसमें पहले से भिगोया हुआ 1 छोटा चम्मच गोंद कतीरा मिलाएं।
    • स्वाद के लिए थोड़ा शहद डाल सकते हैं।
    • इसे ठंडा करके पिएं।
    इसे पीने का सही तरीका आप इस मिश्रण को ठंडे पानी या दूध में मिलाकर शरबत की तरह भी पी सकते हैं। यह गर्मी में तुरंत ठंडक देता है और शरीर को तरोताजा बना देता है।      
  • Health Tips : तांबे के बर्तन में पानी पीने के क्या हैं फायदे, जानें एक्सपर्ट की राय

    Health Tips : तांबे के बर्तन में पानी पीने के क्या हैं फायदे, जानें एक्सपर्ट की राय

    Health Tips : भारतीय परंपरा में तांबे के बर्तन में पानी पीने की आदत बहुत पुरानी है। हमारे बड़े-बुजुर्ग भी इसे सेहत के लिए अच्छा मानते थे। आयुर्वेद में भी तांबे के पानी को फायदेमंद बताया गया है। आजकल जब लोग हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने लगे हैं, तो तांबे के बर्तन फिर से ट्रेंड में आ गए हैं। माना जाता है कि तांबे के बर्तन में रखा पानी शरीर को साफ (डिटॉक्स) करता है, पाचन को बेहतर बनाता है और इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है। लेकिन हर चीज की तरह इसका सही तरीके से और सही मात्रा में इस्तेमाल जरूरी है, क्योंकि कुछ लोगों के लिए यह नुकसानदायक भी हो सकता है। तांबे के बर्तन में पानी पीने के फायदे
    1. बैक्टीरिया खत्म करने में मदद तांबे में प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं। इसका मतलब है कि यह पानी में मौजूद हानिकारक कीटाणुओं को खत्म करने में मदद करता है, जिससे शरीर संक्रमण से बच सकता है।
    2. पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है तांबे का पानी पीने से पाचन बेहतर होता है। यह गैस, एसिडिटी और अपच जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करता है।
    3. मेटाबॉलिज्म सुधारता है नियमित रूप से तांबे का पानी पीने से शरीर का मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है, जिससे वजन को संतुलित रखने में मदद मिल सकती है।
    4. खून की कमी में मददगार तांबा शरीर में आयरन के अवशोषण (absorption) को बढ़ाता है। इससे हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद मिलती है और एनीमिया जैसी समस्या से राहत मिल सकती है।
    किन लोगों को नहीं पीना चाहिए तांबे के बर्तन का पानी
    1. जिनको लीवर से जुड़ी समस्या है अगर किसी को लीवर की बीमारी है, तो ज्यादा तांबा शरीर में जमा होकर नुकसान कर सकता है।
    2. छोटे बच्चे और गर्भवती महिलाएं इनके लिए ज्यादा तांबे का सेवन सुरक्षित नहीं माना जाता, इसलिए डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
    3. जिनको उल्टी या पेट की समस्या रहती है तांबे का ज्यादा पानी पीने से उल्टी, मतली या पेट दर्द हो सकता है।
    4. ज्यादा मात्रा में सेवन करने वाले लोग अगर कोई बहुत ज्यादा तांबे का पानी पीता है, तो इससे शरीर में तांबा बढ़ सकता है, जो नुकसानदायक हो सकता है।
    तांबे का पानी पीने का सही तरीका
    • पानी को तांबे के बर्तन में रात भर (6–8 घंटे) रखें
    • सुबह खाली पेट एक गिलास पानी पिएं
    • दिन भर बार-बार इसका सेवन न करें
    • बर्तन को नियमित रूप से साफ करते रहें
       
  • Health Tips: ज्यादा सोचने से कौन सी बीमारियां हो सकती हैं… जानें इससे बचने का उपाय

    Health Tips: ज्यादा सोचने से कौन सी बीमारियां हो सकती हैं… जानें इससे बचने का उपाय

    Health Tips: आजकल बहुत से लोगों को छोटी-छोटी बातों को लेकर बार-बार सोचने की आदत होती है। इसे ओवरथिंकिंग कहा जाता है। शुरू में यह सामान्य लग सकता है, लेकिन धीरे-धीरे यह आदत मानसिक और शारीरिक दोनों तरह की समस्याओं का कारण बन सकती है। इसलिए इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। जब कोई व्यक्ति हर बात को बार-बार सोचता है, तो उसका दिमाग हमेशा सक्रिय रहता है। इससे उसे आराम नहीं मिल पाता।
    • दिमाग थका हुआ महसूस करता है
    • नींद ठीक से नहीं आती
    • हर समय चिंता बनी रहती है
    • आत्मविश्वास कम होने लगता है
    धीरे-धीरे व्यक्ति छोटी-छोटी बातों में उलझने लगता है और सही फैसले लेने में भी परेशानी होती है। ज्यादा सोचने से होने वाली बीमारियां विशेषज्ञों के अनुसार, ओवरथिंकिंग कई तरह की मानसिक और शारीरिक समस्याओं को जन्म दे सकती है।
    1. तनाव और चिंता (Stress & Anxiety)
    बार-बार सोचने से दिमाग पर दबाव बढ़ता है, जिससे व्यक्ति हर समय बेचैन रहता है।
    1. डिप्रेशन (Depression)
    अगर यह आदत लंबे समय तक बनी रहे, तो व्यक्ति उदास रहने लगता है और डिप्रेशन का खतरा बढ़ जाता है।
    1. नींद की समस्या (Insomnia)
    ज्यादा सोचने से दिमाग शांत नहीं होता, जिससे नींद नहीं आती या बार-बार टूटती है।
    1. सिरदर्द और माइग्रेन
    लगातार सोचने से सिरदर्द और माइग्रेन की समस्या बढ़ सकती है।
    1. पाचन से जुड़ी समस्याएं
    तनाव का असर पेट पर भी पड़ता है, जिससे गैस, एसिडिटी, पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
    1. हाई ब्लड प्रेशर
    लंबे समय तक तनाव रहने से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है, जो दिल की सेहत के लिए नुकसानदायक है। ज्यादा सोचने से कैसे बचें? इस आदत को कंट्रोल करना जरूरी है। इसके लिए कुछ आसान तरीके अपनाए जा सकते हैं।
    1. खुद को व्यस्त रखें
    खाली समय में ज्यादा सोचने की आदत बढ़ती है, इसलिए खुद को किसी काम में व्यस्त रखें।
    1. योग और मेडिटेशन करें
    योग और ध्यान करने से मन शांत रहता है और सोचने की आदत कम होती है।
    1. नियमित एक्सरसाइज करें
    व्यायाम करने से तनाव कम होता है और शरीर भी स्वस्थ रहता है।
    1. समय पर सोएं
    अच्छी नींद लेना बहुत जरूरी है। इससे दिमाग को आराम मिलता है।
    1. पॉजिटिव सोच अपनाएं
    नेगेटिव सोच से बचें और हर स्थिति में अच्छा देखने की कोशिश करें।
    1. अपनी बात शेयर करें
    दोस्तों और परिवार से बात करने से मन हल्का होता है और चिंता कम होती है। डॉक्टर से कब मिलें? अगर ज्यादा सोचने की आदत आपकी रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित करने लगे, तो इसे नजरअंदाज न करें। इन लक्षणों पर ध्यान दें:
    • लगातार चिंता या घबराहट
    • नींद की कमी
    • हमेशा उदासी महसूस होना
    • खुद से कंट्रोल न कर पाना
    ऐसी स्थिति में डॉक्टर या काउंसलर से सलाह लेना जरूरी है। सही समय पर इलाज और मार्गदर्शन से इस समस्या को आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है।
  • Health Tips : गर्मियों में चिया सीड्स का पानी पीने से क्या फायदा होता है, जानें एक्सपर्ट की राय 

    Health Tips : गर्मियों में चिया सीड्स का पानी पीने से क्या फायदा होता है, जानें एक्सपर्ट की राय 

    Health Tips : चिया सीड्स छोटे-छोटे बीज होते हैं, लेकिन इनके फायदे बहुत बड़े होते हैं। ये शरीर को ठंडक देने, हाइड्रेट रखने और हेल्दी बनाए रखने में मदद करते हैं। इनमें ओमेगा-3, प्रोटीन और फाइबर जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। आइए इसे विस्तार से समझते हैं। भीगे हुए चिया सीड्स क्यों फायदेमंद हैं? जब चिया सीड्स को पानी में भिगोया जाता है, तो ये फूलकर जेल जैसे बन जाते हैं। ये शरीर में पानी की कमी नहीं होने देते और लंबे समय तक हाइड्रेट रखते हैं। शरीर को ठंडा और हाइड्रेट रखते हैं गर्मियों में शरीर जल्दी डिहाइड्रेट हो जाता है। ऐसे में चिया सीड्स बहुत काम आते हैं। ये पानी को सोखकर शरीर में नमी बनाए रखते हैं, जिससे आपको ठंडक महसूस होती है। इसलिए इन्हें गर्मियों के लिए एक बेहतरीन ड्रिंक माना जाता है। पाचन (डाइजेशन) को सुधारते हैं चिया सीड्स में फाइबर बहुत ज्यादा होता है, जो पेट के लिए फायदेमंद है। ये पेट साफ रखने में मदद करते हैं और गैस, एसिडिटी व पेट फूलने जैसी समस्याओं को कम करते हैं। भीगे हुए चिया सीड्स पेट में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाने में भी मदद करते हैं। शरीर को देते हैं एनर्जी चिया सीड्स में प्रोटीन, ओमेगा-3 और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो शरीर को एनर्जी देते हैं। इनका सेवन करने से शरीर भारी नहीं लगता और आप दिनभर एक्टिव महसूस करते हैं। कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करते हैं इनमें मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड दिल के लिए अच्छे होते हैं। ये खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने और दिल को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। वजन कम करने में मददगार अगर आप वजन कम करना चाहते हैं, तो चिया सीड्स बहुत उपयोगी हैं। इनमें फाइबर और प्रोटीन ज्यादा होता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और बार-बार खाने की इच्छा कम होती है। ब्लड शुगर को कंट्रोल करते हैं चिया सीड्स शरीर में शुगर के अवशोषण को धीमा करते हैं। इससे ब्लड शुगर लेवल अचानक नहीं बढ़ता और कंट्रोल में रहता है। यह डायबिटीज के मरीजों के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। चिया सीड्स का सेवन कैसे करें? चिया सीड्स का सही तरीके से सेवन करना बहुत जरूरी है:
    1. रात को सोने से पहले
    1 चम्मच चिया सीड्स एक गिलास पानी में भिगो दें
    1. सुबह इसे हल्का गुनगुना कर लें
    इसमें थोड़ा नींबू का रस और काला नमक मिलाएं
    1. सेवन करें
    इसे अच्छी तरह मिलाकर खाली पेट पिएं ध्यान रखने वाली बातें
    • चिया सीड्स को हमेशा भिगोकर ही खाएं
    • ज्यादा मात्रा में न लें (1–2 चम्मच काफी है)
    • पानी के साथ ही सेवन करें
  • बढ़ती उम्र के साथ जरुरी हैं ये Vitamins, इस तरह से करें Diet में शामिल

    बढ़ती उम्र के साथ जरुरी हैं ये Vitamins, इस तरह से करें Diet में शामिल

    सेहत: जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है वैसे-वैसे शरीर भी कमजोर होता जाता है। शरीर में कई तरह के बदलाव आने लगते हैं। इसका सबसे ज्यादा असर एनर्जी, हड्डियों की मजबूती, याददाश्त और इम्यून सिस्टम पर साफ दिखता है। खासतौर पर 50 के बाद शरीर पोषक तत्वो को अच्छे से अब्जॉर्ब नहीं कर पाता ऐसे में सही खान-पान और विटामिन्स पर ध्यान देना बहुत जरुरी है। विटामिन्स भले ही मात्रा में छोटे होते हैं परंतु शरीर को सही तरीके से चलाने में इनकी भूमिका बहुत बड़ी होती है। सही विटामिन्स मिलने से न सिर्फ बीमारियों का खत्म कम होता है। बल्कि उम्र बढ़ने के बाद शरीर एक्टिव और फिट बना रहता है।

    विटामिन-डी

    रिपोर्ट्स के अनुसार, विटामिन-डी को सनशाइन भी कहते हैं। यह शरीर में उस समय बनता है जब त्वचा धूप के संपर्क में आती है परंतु उम्र बढ़ने के साथ शरीर की यह क्षमता कम हो जाती है। यही कारण है कि बुजुर्गों में इसी कमी ज्यादा देखने को मिलती है। विटामिन-डी का मुख्य काम कैल्शियम को अब्जॉर्ब करना होता है। यह हड्डियों को मजबूत रखने के लिए जरुरी होता है। इसकी कमी से हड्डियां कमजोर हो सकती हैं और फ्रैक्चर का खतरा बढ़ा जाता है। रिसर्च के अनुसार पर्याप्त मात्रा में विटामिन-डी लेने से ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा कम होता है।

    कैल्शियम और विटामिन-B12 

    कैल्शियम भी शरीर के लिए उतना ही जरुरी है खासतौर पर 50 साल के बाद। उम्र के साथ हड्डियों में घनत्व कम होने लग जाता है और महिलाओं में मेनोपॉज के बाद यह प्रक्रिया तेज हो जाती है। दूध, दही, पनीर और हरी सब्जियां कैल्शिम के सोर्स है। इसके अलावा विटामिन का भी खास महत्व है। यह दिमाग के सही काम करने और रेड ब्लड सेल्स के निर्माण में मदद करता है। उम्र बढ़ने के साथ शरीर में B12 का अवशोषण कम हो जाता है जिससे थकान, कमजोरी और याददाश्त से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।

    विटामिन-सी और ई

    विटामिन-सी इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाता है। यह शरीर की मरम्मत में मदद करता है। त्वचा को स्वस्थ रखता है। स्ट्रॉबेरी, कीवी, संतरा और ब्रोकोली जैसे खाद्य पदार्थ इसके अच्छे स्त्रोत हैं। विटामिन-ए एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट्स हैं जो सेल्स को नुकसान से बचाता है। विटामिन-के खून के थक्के बनने और हड्डियों को मजबूत रखने में मदद करता है। पालक, केल और ब्रोकोली जैसी हरी सब्जियों में यह काफी अच्छी मात्रा में मौजूद होता है।
  • शरीर में दिखते ऐसे Symptoms देते हैं Vitamin-B12 की कमी का संकेत, न करें नजरअंदाज

    शरीर में दिखते ऐसे Symptoms देते हैं Vitamin-B12 की कमी का संकेत, न करें नजरअंदाज

    सेहत: जिस हिसाब से आज के समय में लोगों का लाइफस्टाइल बदल रहा है। उसी तरह उन्हें कई तरह की दिक्कतों का सामने करना पड़ रहा है। आजकल बहुत से लोग खान-पान के बाद लगातार थकान, कमजोरी और फोकस की कमी महसूस करते हैं। इसके पीछे एक बड़ा कारण है विटामिन-बी-12 की कमी हो सकती है। जो अक्सर नजरअंदाज हो सकती है। एक स्टडी के अनुसार, उत्तर भारत में करीबन 47 प्रतिशत लोगों में इसकी कमी पाई गई है। चलिए आपको बताते हैं कि इसकी कमी को कैसे दूर कर सकते हैं।

    इस वजह से जरुरी है विटामिन-B12

    विटामिन-B12 शरीर के लिए बहुत जरुरी है। यह रेड ब्लड सेल्स बनाने, नर्वस सिस्टम को मजबूत रखने और खाने को ऊर्जा में बदलने में मदद करता है। इसकी कमी होने पर शरीर धीरे-धीरे कमजोर होने लगता है और लंबे समय में गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर भारत में करीबन 47 प्रतिशत लोगों में इसकी कमी आई है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, शाकाहारी लोगों ने यह समस्या ज्यादा देखी जाती है क्योंकि B-12 मुख्य रुप से एनिमल बेस्ड- फूड में मौजूद होता है। इसके अलावा उम्र बढ़ने और कुछ दवाईयों के लंबे इस्तेमाल से भी इसकी कमी हो सकती है।

    लक्षण

    शुरुआती लक्षण अक्सर हल्के होते हैं। जैसे थके रहना, ध्यान न लगना या हल्की सांस फूलना लेकिन समय के साथ यह समस्या बढ़कर हाथ-पैरों में झुनझुनी, याददाश्त कमजोर होना और बैलेंस बिगड़ने तक पहुंच सकती है। यही कारण है कि इस संकेतों को समय रहते पहचानना बहुत जरुरी है।

    इन चीजों से होगी कमी पूरी

    यदि आप नॉन वेज खा लेते हैं तो अंडे, मछली, चिकन और डेयरी प्रोडक्ट्स अच्छे सोर्स माने जाते हैं। शाकाहारी लोगों का दूध, दही, पनीर के साथ फोर्टिफाइड फूडस जैसे सीरियल्स और प्लांट बेस्ड मिल्क को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए क्योंकि सामान्य वेज फूड्स में B-12 बहुत कम होता है। कुछ मामलों में सिर्फ खान-पान से कमी पूरी नहीं हो पाती है। एक्सपर्ट्स की मानें तो यदि B12 की लंबे समय तक बने रहे तो यह शरीर में कमजोरी, ब्रेन फॉग और स्थायी न्यूरोलॉजिकल नुकसान का कारण बन सकती है। ऐसे में डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट्स या इंजेक्शन लेना जरुरी हो सकता है। रेगुलर जांच, संतुलित आहार और सही समय पर इलाज जरुरी है।        
  • Besan Dhokla Recipe: बिना तेल और झंझट के घर पर बनाएं बेसन ढोकला, जानें मिनटों में तैयार होने वाली रेसिपी

    Besan Dhokla Recipe: बिना तेल और झंझट के घर पर बनाएं बेसन ढोकला, जानें मिनटों में तैयार होने वाली रेसिपी

    Besan Dhokla Recipe News: सुबह का नाश्ता दिन का सबसे ज़रूरी मील होता है। अगर आप कुछ हेल्दी और टेस्टी खाना चाहते हैं, तो बेसन का ढोकला एक बेहतरीन विकल्प है। इसे बनाना बहुत आसान है और इसका स्वाद घर के हर सदस्य को पसंद आता है। तो चलिए जानते हैं घर पर झटपट बेसन ढोकला बनाने की आसान रेसिपी।

      ढोकला बनाने के लिए सामग्री

    मुख्य सामग्री

    • बेसन (चने का आटा) – 1 कप
    • दही – आधा कप
    • पानी – आधा कप (ज़रूरत के अनुसार)
    • अदरक – 1 छोटा चम्मच (कद्दूकस किया हुआ)
    • हरी मिर्च – 1-2 (बारीक कटी हुई)
    • हल्दी पाउडर – ¼ छोटा चम्मच
    • नमक – स्वादानुसार
    • ईनो फ्रूट सॉल्ट या बेकिंग सोडा – 1 छोटा चम्मच

    तड़के के लिए सामग्री

    • तेल – 1-2 बड़े चम्मच
    • राई (सरसों के दाने) – आधा छोटा चम्मच
    • करी पत्ता – 8-10 पत्ते
    • हरी मिर्च – 2-3 (लंबाई में कटी हुई)
    • पानी – आधा कप
    • चीनी – 1 छोटा चम्मच
    • नमक – स्वादानुसार
    • नींबू का रस – 1 छोटा चम्मच
    • हरा धनिया – गार्निश के लिए (बारीक कटा हुआ)

      Step 1: बेसन का घोल तैयार करें

    सबसे पहले एक बड़े बाउल में बेसन डालें।
    अब इसमें दही और थोड़ा पानी डालकर अच्छी तरह मिलाएं ताकि एक चिकना घोल बन जाए।
    फिर इसमें अदरक, हरी मिर्च, हल्दी पाउडर और नमक डालकर अच्छे से मिलाएं।
    ध्यान रखें कि घोल में कोई गुठलियां न रहें।
    अब इसे 10 से 15 मिनट के लिए ढककर रख दें, ताकि यह थोड़ा सेट हो जाए।

      Step 2: स्टीम करने की तैयारी

    ढोकला बनाने के लिए स्टीमर या बड़ी कढ़ाही में पानी गरम करें।
    जिस थाली या सांचे में आप ढोकला बनाएंगे, उसे तेल से चिकना कर लें ताकि ढोकला चिपके नहीं।

      Step 3: ईनो मिलाएं

    स्टीम करने से ठीक पहले, तैयार घोल में ईनो फ्रूट सॉल्ट या बेकिंग सोडा डालें और जल्दी से मिला लें।
    ईनो डालते ही घोल में झाग उठेगा — यही ढोकले को फूला हुआ बनाएगा।
    अब तुरंत इस घोल को चिकनी की हुई थाली में डाल दें।

      Step 4: ढोकला स्टीम करें

    थाली को गरम स्टीमर में रखें और ढक्कन लगाकर मध्यम आंच पर 10–15 मिनट तक पकने दें।
    समय पूरा होने पर एक टूथपिक या चाकू डालकर देखें —
    अगर वह साफ बाहर आ जाए तो ढोकला पक गया है।
    अब गैस बंद करें और ढोकले को थोड़ा ठंडा होने दें।

      Step 5: तड़का तैयार करें

    एक छोटी कड़ाही में तेल गरम करें।
    अब इसमें राई डालें और जब वह तड़कने लगे तो करी पत्ता और हरी मिर्च डालें।
    इसे कुछ सेकंड भूनें, फिर इसमें आधा कप पानी, चीनी और नमक डालकर उबालें।
    उबाल आने पर गैस बंद करें और नींबू का रस डाल दें।

      Step 6: ढोकले पर तड़का डालें

    ढोकले को चाकू से चौकोर टुकड़ों में काट लें।
    अब तैयार तड़के वाला पानी धीरे-धीरे हर टुकड़े पर डालें ताकि ढोकला अंदर तक नरम और रसदार बन जाए।

      Step 7: परोसने का तरीका

    ऊपर से हरा धनिया छिड़कें।
    आपका स्वादिष्ट, फूला हुआ और हेल्दी बेसन ढोकला तैयार है।
    इसे हरी चटनी या इमली की मीठी चटनी के साथ गरम या ठंडा दोनों तरीकों से परोसें।