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  • Tomato Mint Chutney: झटपट बन जाएगी टमाटर-पुदीने की चटनी, नोट करें ये रेसिपी

    Tomato Mint Chutney: झटपट बन जाएगी टमाटर-पुदीने की चटनी, नोट करें ये रेसिपी

    Tomato Mint Chutney: टमाटर की चटनी और पुदीने की चटनी तो आपने जरूर खाई होगी। लेकिन अगर इन दोनों का स्वाद एक साथ मिल जाए, तो चटनी का मजा और भी बढ़ जाता है। यह चटनी खट्टे-मीठे और तीखे स्वाद का ऐसा मिक्सचर है, जो आपके खाने के टेस्ट को दोगुना कर देती है। चटनी बनाने के लिए ज़रूरी सामग्री
    • 4 पके हुए टमाटर
    • 1 कप ताज़ी पुदीने की पत्तियां
    • 2 हरी मिर्च
    • 1 छोटा टुकड़ा अदरक
    • 5 लहसुन की कलियां
    • 1 प्याज (बारीक कटा हुआ)
    • 1 चम्मच जीरा
    • थोड़ा सा तेल
    • स्वादानुसार नमक
    • हरा धनिया (थोड़ा सा)
    • नींबू का रस (स्वाद बढ़ाने के लिए, वैकल्पिक)
      स्टेप 1: टमाटर को धोना और काटना सबसे पहले टमाटरों को अच्छे से धो लें। अब इन्हें बीच से दो हिस्सों में काट लें। स्टेप 2: टमाटर को भूनना कटे हुए टमाटरों को तवे पर रखकर हल्की आंच पर अच्छे से भून लें। इससे चटनी का स्वाद और भी लाजवाब हो जाएगा। स्टेप 3: तड़का लगाना एक पैन में थोड़ा सा तेल गर्म करें। अब इसमें जीरा, बारीक कटा हुआ लहसुन, अदरक, प्याज और हरी मिर्च डालकर सुनहरा (गोल्डन ब्राउन) होने तक भूनें। स्टेप 4: मिक्सी में पीसना अब मिक्सी में भुने हुए टमाटर, तड़के वाली सभी चीजें, पुदीने की ताज़ी पत्तियां, हरा धनिया और नमक डालकर बारीक पीस लें। स्टेप 5: नींबू का रस डालना पीसी हुई चटनी को एक कटोरे में निकाल लें। चाहें तो इसमें नींबू का रस डालकर स्वाद और भी बढ़ा सकते हैं। स्टेप 6: गार्निशिंग आख़िर में चटनी के ऊपर कुछ ताज़ी पुदीने की पत्तियां डालकर गार्निश करें। सर्व करने का तरीका यह चटपटी टमाटर-पुदीने की चटनी पराठे, इडली, पकौड़े, समोसे, चावल या किसी भी स्नैक के साथ खाई जा सकती है। सेहत के फायदे
    • पुदीना पाचन को बेहतर बनाता है।
    • टमाटर में विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं।
    • लहसुन और अदरक शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।
    • इसलिए यह चटनी न सिर्फ स्वादिष्ट है, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद है।
     
  • Health Tips: इन पत्तियों से भी शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मिलती है मदद

    Health Tips: इन पत्तियों से भी शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मिलती है मदद

    HEALTH TIPS: आजकल डायबिटीज यानी शुगर की समस्या बहुत ही आम होती जा रही है। लगभग हर घर में कोई न कोई व्यक्ति इस बीमारी से परेशान है। इसके पीछे सिर्फ जेनेटिक कारण (वंशानुगत कारण) ही नहीं हैं, बल्कि गलत खानपान, बिगड़ा लाइफस्टाइल, तनाव और कम एक्टिव रहना भी बड़ी वजहें हैं। पहले यह बीमारी ज्यादातर बुजुर्गों में देखने को मिलती थी, लेकिन अब कम उम्र के बच्चों और युवाओं में भी यह तेजी से बढ़ रही है।

    डायबिटीज को ठीक नहीं, लेकिन कंट्रोल किया जा सकता है। डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिसे पूरी तरह से खत्म नहीं किया जा सकता, लेकिन दवाइयों, संतुलित खानपान, और स्वस्थ दिनचर्या से इसे कंट्रोल किया जा सकता है। कुछ देसी नुस्खे और पौधों की पत्तियां भी ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करती हैं। हालांकि, इन्हें अपनाने से पहले डॉक्टर या आयुर्वेद एक्सपर्ट की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

    डायबिटीज को कंट्रोल करने में मददगार पौधों की पत्तियां
    आयुर्वेद के अनुसार, कुछ खास पौधों की पत्तियां शरीर में शुगर लेवल को कम करने में मदद कर सकती हैं। आइए जानते हैं कौन सी पत्तियां हैं वो —

    1. नीम की पत्तियां
    नीम की पत्तियों में एंटी-डायबिटिक गुण पाए जाते हैं।
    • रोज सुबह खाली पेट 5-6 नीम की पत्तियां चबाने या उनका जूस पीने से ब्लड शुगर को कंट्रोल किया जा सकता है।
    • ध्यान रहे, इसे बहुत ज्यादा मात्रा में न खाएं, वरना शुगर अचानक बहुत कम हो सकती है।

    2. जामुन की पत्तियां
    जामुन की पत्तियों में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो ब्लड शुगर को बैलेंस करने में मदद करते हैं।
    • इन पत्तियों को सुखाकर पाउडर बना सकते हैं और रोज आधा चम्मच पानी के साथ ले सकते हैं।

    3. गुड़हल की पत्तियां
    गुड़हल यानी हिबिस्कस की पत्तियों में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो शरीर में इंसुलिन की संवेदनशीलता बढ़ाने में मदद करते हैं।
    • आप इनकी चाय बनाकर पी सकते हैं।

    4. सदाबहार की पत्तियां
    सदाबहार के फूल और पत्तियां दोनों डायबिटीज कंट्रोल में फायदेमंद माने जाते हैं।
    • इसकी दो पत्तियां रोज सुबह खाली पेट पानी के साथ खाई जा सकती हैं।

    5. करेले की पत्तियां
    करेला तो डायबिटीज वालों के लिए जाना-पहचाना नाम है। इसकी पत्तियां भी उतनी ही असरदार होती हैं।
    • आप करेले की पत्तियों का जूस बनाकर सुबह पी सकते हैं।
    • यह ब्लड में शुगर की मात्रा को धीरे-धीरे कम करने में मदद करता है।

    पत्तियों का सेवन कैसे करें
    • नीम, करेले या जामुन की कुछ पत्तियां लें।
    • इन्हें साफ पानी से धो लें।
    • थोड़ा पानी मिलाकर ग्राइंड कर लें और सुबह खाली पेट इसका जूस पीएं।
    • अगर चाहें तो सीधे पत्तियां चबाकर भी खा सकते हैं।

     

  • Health Tips: कमर दर्द को ठीक करने या उससे बचाव के लिए रोजाना करें ये योगासन

    Health Tips: कमर दर्द को ठीक करने या उससे बचाव के लिए रोजाना करें ये योगासन

    HEALTH TIPS News : आजकल ज्यादातर लोग लंबे समय तक एक ही जगह पर बैठने या भारी सामान उठाने की वजह से कमर दर्द (Back Pain) की समस्या से जूझ रहे हैं। चाहे पुरुष हों या महिलाएं, यह परेशानी हर किसी में आम होती जा रही है। शुरुआत में लोग इसे हल्के में लेते हैं, लेकिन अगर ध्यान न दिया जाए तो यह दर्द क्रोनिक (लंबे समय तक रहने वाला) बन सकता है।

    अक्सर लोग पेन किलर दवाइयों या पेन रिलीफ स्प्रे का सहारा लेते हैं, जिससे कुछ समय के लिए आराम तो मिल जाता है, लेकिन ये स्थायी समाधान नहीं है। अगर आप प्राकृतिक (Natural) और लंबे समय तक असर देने वाला उपाय चाहते हैं, तो योग (Yoga) एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है।
    योग गुरु बाबा रामदेव के अनुसार, योग से शरीर की कई बीमारियों का इलाज संभव है। उन्होंने अपनी किताब “Yog: Its Philosophy & Practice” में भी बताया है कि योग शरीर और मन दोनों के लिए बेहद फायदेमंद है। आइए जानते हैं ऐसे योगासन जो कमर दर्द में राहत दे सकते हैं।

    उष्ट्रासन (ऊंट मुद्रा)
    कमर दर्द के लिए सबसे असरदार आसनों में से एक

    कैसे करें:
    • सबसे पहले ज़मीन पर घुटनों के बल बैठ जाएं।
    • अब धीरे-धीरे अपने शरीर को पीछे की ओर झुकाएं।
    • दोनों हाथों से एड़ियों को पकड़ें और सिर को भी पीछे की ओर ले जाएं।
    • इस स्थिति में कुछ सेकंड रुकें और फिर धीरे-धीरे वापस आएं।

    फायदे:
    • कमर और रीढ़ की हड्डी को मजबूती मिलती है।
    • शरीर की लचीलापन (Flexibility) बढ़ती है।
    • थकान और तनाव कम होता है।
    ध्यान दें:
    अगर आपके घुटनों में दर्द रहता है, तो नीचे मोटा गद्दा या योगा मैट जरूर बिछाएं।
    2. भुजंगासन (कोबरा मुद्रा)
    रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाता है

    कैसे करें:
    • पेट के बल ज़मीन पर लेट जाएं।
    • हथेलियों को कंधों के पास रखें।
    • अब धीरे-धीरे सिर और छाती को ऊपर उठाएं, जैसे कोई नाग फन फैलाता है।
    • कुछ सेकंड रुकें और फिर वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं।

    फायदे:
    • कमर के दर्द में राहत मिलती है।
    • रीढ़ की हड्डी लचीली बनती है।
    • पेट की चर्बी कम करने में भी मदद करता है।
    3. शलभासन (टिड्डी मुद्रा)
    कमर और पेट दोनों के लिए फायदेमंद

    कैसे करें:
    • पेट के बल लेट जाएं और दोनों हाथों को जांघों के नीचे रखें।
    • अब एक पैर को पीछे से ऊपर उठाएं और कुछ सेकंड रुकें।
    • फिर नीचे लाकर दूसरे पैर से भी यही प्रक्रिया दोहराएं।
    • धीरे-धीरे दोनों पैरों को साथ में भी उठा सकते हैं।

    फायदे:
    • कमर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं।
    • पेट की चर्बी घटाने में मदद मिलती है।
    • पाचन तंत्र बेहतर होता है।
    4. धनुरासन (धनुष मुद्रा)
    लचीलापन और पाचन दोनों के लिए उपयोगी आसन

    कैसे करें:
    • पेट के बल लेट जाएं।
    • दोनों घुटनों को मोड़कर टखनों को पकड़ें।
    • अब सांस लेते हुए दोनों पैरों और छाती को ऊपर उठाएं।
    • शरीर का आकार धनुष जैसा दिखाई देगा।
    • कुछ सेकंड रुकें और फिर धीरे-धीरे वापस आएं।

    फायदे:
    • कमर दर्द से राहत मिलती है।
    • शरीर लचीला बनता है।
    • पाचन क्रिया मजबूत होती है।

    टिप:
    शुरुआत में इसे कुछ सेकंड ही करें, फिर धीरे-धीरे समय बढ़ाएं।
    5. मर्कटासन (बंदर मुद्रा)
    रीढ़ की हड्डी को आराम देने वाला आसन

    कैसे करें:
    • पीठ के बल लेट जाएं और घुटनों को मोड़ लें।
    • दोनों हाथों को कंधों की सीध में फैलाएं।
    • अब घुटनों को दाईं ओर झुकाएं और गर्दन को बाईं ओर घुमाएं।
    • कुछ सेकंड बाद दूसरी दिशा में भी यही करें।

     

  • Health Tips: दूध में मखाने डालकर खाने से क्या होता है, जानें एक्सपर्ट की राय

    Health Tips: दूध में मखाने डालकर खाने से क्या होता है, जानें एक्सपर्ट की राय

    Health Tips: पुराने समय से ही दादी-नानी दूध को सेहत के लिए बहुत फायदेमंद मानती आई हैं। दूध में कई जरूरी पोषक तत्व होते हैं जो शरीर को ताकत देते हैं। वहीं मखाना भी एक बहुत ही हेल्दी ड्राई फ्रूट माना जाता है। अगर इन दोनों को साथ में खाया जाए तो यह सेहत के लिए और भी ज्यादा लाभकारी साबित हो सकता है। दूध में मखाने डालकर खाने से शरीर को कई तरह के पोषक तत्व मिलते हैं, जिससे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है। आइए जानते हैं इसके फायदे।

    हड्डियों को बनाता है मजबूत
    दूध और मखाने में कैल्शियम की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करती है। अगर किसी को जोड़ों में दर्द या हड्डियों से जुड़ी समस्या रहती है, तो दूध में मखाना मिलाकर खाना फायदेमंद हो सकता है। नियमित रूप से इसका सेवन करने से हड्डियां मजबूत रहती हैं और बढ़ती उम्र में भी हड्डियों की कमजोरी कम हो सकती है।

    शरीर की कमजोरी और थकान को करता है दूर
    आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में कई लोगों को जल्दी थकान और कमजोरी महसूस होती है। ऐसे में दूध और मखाने का सेवन शरीर को ताकत और ऊर्जा देने में मदद करता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व मांसपेशियों की ग्रोथ में भी सहायक होते हैं। अगर आप खुद को एनर्जेटिक रखना चाहते हैं तो अपनी डाइट में दूध और मखाना शामिल कर सकते हैं।

    पेट और पाचन के लिए फायदेमंद
    मखाना पेट के लिए भी काफी अच्छा माना जाता है। दूध के साथ इसका सेवन करने से पाचन तंत्र बेहतर रहता है। यह पेट की सूजन, गैस और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद कर सकता है। नियमित रूप से इसका सेवन करने से गट हेल्थ भी बेहतर रहती है और पाचन सही तरीके से काम करता है।

    नींद की गुणवत्ता में सुधार
    दूध और मखाने का सेवन मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी हो सकता है। अगर आपको रात में ठीक से नींद नहीं आती या बार-बार नींद खुल जाती है, तो रात में सोने से पहले मखाने वाला दूध पीना फायदेमंद हो सकता है। इससे शरीर को आराम मिलता है और नींद की गुणवत्ता भी बेहतर हो सकती है। कुल मिलाकर, दूध और मखाना एक बहुत ही हेल्दी और पौष्टिक फूड कॉम्बिनेशन है। इसका नियमित सेवन करने से शरीर को ताकत मिलती है, हड्डियां मजबूत होती हैं, पाचन बेहतर रहता है और नींद भी अच्छी आती है। इसलिए अगर आप अपनी ओवरऑल हेल्थ को बेहतर बनाना चाहते हैं, तो अपनी डाइट में दूध और मखाना जरूर शामिल कर सकते हैं।

     

     

  • Health Tips: गर्मियों में खीरा खाना सेहत के लिए क्यों होता फायदेमंद, जानें इसकी वजह

    Health Tips: गर्मियों में खीरा खाना सेहत के लिए क्यों होता फायदेमंद, जानें इसकी वजह

    Health Tips: गर्मियों के मौसम में सलाद, रायता या स्नैक्स के रूप में खीरा खाना काफी पसंद किया जाता है। खीरा शरीर को ठंडक देता है और पानी की कमी को भी पूरा करता है। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि बाहर से ताजा दिखने वाला खीरा अंदर से कड़वा निकल जाता है, जिससे पूरे सलाद या रायते का स्वाद खराब हो जाता है। अगर आप भी चाहते हैं कि खीरा खरीदते समय ही पता चल जाए कि वह कड़वा है या नहीं, तो कुछ आसान तरीकों से बिना काटे ही इसकी पहचान की जा सकती है। बिना काटे खीरा कड़वा है या नहीं, ऐसे करें पहचान
    1. खीरे के ऊपरी हिस्से को हल्का रगड़कर देखें
    खीरे के डंठल वाले हिस्से को थोड़ा काटकर उस हिस्से को खीरे पर रगड़ने से कई बार सफेद झाग जैसा निकलता है। यह झाग कुकुरबिटासिन (Cucurbitacin) नाम के यौगिक के कारण बनता है, जो खीरे में कड़वाहट का कारण होता है। अगर ज्यादा झाग निकलता है तो इसका मतलब है कि खीरे के उस हिस्से में कड़वाहट हो सकती है। पुराने समय से लोग इस हिस्से को रगड़कर कड़वाहट कम करने की कोशिश करते हैं।
    1. खीरे का रंग और सख्ती जरूर देखें
    ताजा और अच्छा खीरा आमतौर पर गहरे हरे रंग का और सख्त होता है। अगर खीरा पीला पड़ने लगा हो, ज्यादा नरम लगे या दबाने पर मुलायम महसूस हो, तो उसमें कड़वाहट होने की संभावना ज्यादा होती है। इसलिए हमेशा ऐसा खीरा चुनें जो दबाने पर कड़ा लगे और जिसकी त्वचा चमकदार दिखाई दे।
    1. खीरे का आकार भी बताता है उसकी क्वालिटी
    बहुत ज्यादा मोटे, टेढ़े-मेढ़े या असमान आकार वाले खीरे कई बार कड़वे निकलते हैं। अच्छे स्वाद के लिए मध्यम आकार का, सीधा और गहरे हरे रंग का खीरा लेना बेहतर माना जाता है। ऐसे खीरे आमतौर पर ताजे और स्वाद में अच्छे होते हैं।
    1. खुशबू से भी पहचान सकते हैं ताजा खीरा
    ताजा खीरे में हल्की और फ्रेश खुशबू होती है। अगर खीरे से अजीब या तेज गंध आए तो समझ लें कि वह ज्यादा ताजा नहीं है या खराब हो सकता है। ऐसे खीरे को खरीदने से बचना चाहिए। खीरा खाने के फायदे खीरा सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। इसमें लगभग 96 प्रतिशत पानी होता है, जो शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है और गर्मियों में शरीर को ठंडक देता है। इसके अलावा खीरा खाने के कई और फायदे भी होते हैं, जैसे पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है, कब्ज की समस्या से राहत दिलाता है, वजन कम करने में मदद करता है। ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में सहायक होता है। त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाने में मदद करता है। इसलिए गर्मियों में रोजाना सलाद या रायते में खीरा शामिल करना सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। अगर आप ऊपर बताए गए आसान टिप्स अपनाएंगे तो खीरा खरीदते समय ही कड़वाहट से बच सकते हैं और आपके खाने का स्वाद भी खराब नहीं होगा।  
  • Health Tips: सुबह खाली पेट हल्दी वाला पानी पीने के जबरदस्त फायदे

    Health Tips: सुबह खाली पेट हल्दी वाला पानी पीने के जबरदस्त फायदे

    HEALTH TIPS: हल्दी को हमारे घरों में आमतौर पर मसाले के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये सिर्फ खाने में रंग और स्वाद बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि एक बहुत ही असरदार प्राकृतिक औषधि भी है? हल्दी में मौजूद कर्क्यूमिन नामक तत्व हमारे शरीर के लिए कई तरह से फायदेमंद होता है। चलिए जानते हैं, सुबह खाली पेट हल्दी का पानी पीने से क्या-क्या लाभ होते हैं।
    1. रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाए
    • हल्दी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानीइम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं।
    • ये शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं, जो कई बीमारियों की वजह बनते हैं।
    • अगर आप रोज़ सुबह हल्दी वाला पानी पीते हैं, तो सर्दी-जुकाम या वायरल इंफेक्शन जैसी छोटी-छोटी बीमारियों से लड़ने की ताकत आपके शरीर में बनी रहती है।
    • ये शरीर को अंदर से मजबूत बनाकर बीमारियों से बचाने में मदद करता है।
    1. पाचन में सुधार करे
    • हल्दी का पानी पीने से आपका पाचन तंत्र बेहतर तरीके से काम करता है।
    • इसमें मौजूद तत्व पाचन रसों को सक्रिय करते हैं जिससे खाना जल्दी और सही तरीके से पचता है।
    • गैस, बदहजमी और पेट दर्द जैसी समस्याओं में भी आराम मिलता है।
    • साथ ही इसकेएंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पेट में सूजन या जलन को कम करने में मदद करते हैं।
    1. शरीर की सूजन कम करे
    • हल्दी में मौजूदकर्क्यूमिन सूजनरोधी (Anti-inflammatory) गुणों के लिए जाना जाता है।
    • ये शरीर के अंदर होने वाली सूजन को कम करता है।
    • जोड़ों के दर्द या आर्थराइटिस जैसी समस्याओं में भी फायदेमंद माना जाता है।
    • नियमित रूप से हल्दी वाला पानी पीने से शरीर में सूजन से जुड़ी कई पुरानी परेशानियों से राहत मिल सकती है।
    1. दिल को रखे स्वस्थ
    • हल्दी का पानी हृदय के लिए भी फायदेमंद होता है।
    • इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट दिल की धमनियों को साफ रखने में मदद करते हैं।
    • इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और दिल की बीमारियों का खतरा कम हो सकता है।
    • हल्दी शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में भी सहायक है।
    ध्यान रखने योग्य बातें
    • हल्दी का पानी हर दिन थोड़ी मात्रा में ही पिएं — लगभग आधा चम्मच हल्दी एक गिलास गुनगुने पानी में मिलाकर।
    • अगर आपको पित्त से जुड़ी समस्या, पेट में अल्सर या कोई गंभीर बीमारी है, तो हल्दी का सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
    • ज्यादा मात्रा में हल्दी लेने से कभी-कभी एसिडिटी या जलन की समस्या हो सकती है।
     
  • Health Tips: बढ़ते प्रदूषण में करें ये योग, फेफड़े होंगे मजबूत

    Health Tips: बढ़ते प्रदूषण में करें ये योग, फेफड़े होंगे मजबूत

    Health Tips: दिल्ली-एनसीआर और आसपास के इलाकों में इस समय प्रदूषण का स्तर बहुत बढ़ गया है। हवा में मौजूद धूल, धुआं और हानिकारक गैसें हमारे फेफड़ों को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचा रही हैं। डॉक्टर लोगों को प्रदूषण से बचने की सलाह दे रहे हैं। साथ ही, वे कहते हैं कि ब्रीदिंग एक्सरसाइज (सांस से जुड़ी कसरतें) करने से फेफड़ों की कार्यक्षमता बेहतर हो सकती है और फेफड़े स्वस्थ बने रहते हैं।   ब्रीदिंग एक्सरसाइज क्या होती है? ब्रीदिंग एक्सरसाइज का मतलब है – सांस को एक खास तरीके से लेना और छोड़ना। इन एक्सरसाइज से फेफड़ों को मजबूत बनाया जा सकता है और ऑक्सीजन का प्रवाह शरीर में बेहतर होता है।   ब्रीदिंग एक्सरसाइज क्यों जरूरी है? एक्सपर्ट्स के अनुसार, ये एक्सरसाइज सीओपीडी (Chronic Obstructive Pulmonary Disease), अस्थमा, और लंग्स फाइब्रोसिस जैसी बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए बहुत फायदेमंद होती हैं। ये फेफड़ों के डायाफ्राम (सांस लेने वाली मुख्य मांसपेशी) को मजबूत करती हैं और फेफड़ों की क्षमता बढ़ाती हैं। इससे सांस फूलने की समस्या में भी राहत मिलती है और व्यक्ति आसानी से शारीरिक गतिविधियां कर पाता है। नियमित अभ्यास के फायदे डॉक्टरों के मुताबिक, जो लोग रोज़ाना ब्रीदिंग एक्सरसाइज करते हैं, उन्हें कई फायदे मिलते हैं:
    1. सांस फूलने की दिक्कत कम होती है। पहले जो लोग छोटी दूरी चलने पर भी थक जाते थे, वे धीरे-धीरे अधिक देर तक चल या काम कर सकते हैं।
    2. ऊर्जा और आत्मविश्वास बढ़ता है। एक्सरसाइज करने से शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह सही रहता है, जिससे थकान कम महसूस होती है।
    3. दैनिक कामकाज आसान हो जाते हैं। व्यक्ति ज्यादा देर तक बिना थके काम कर पाता है और जीवन की गुणवत्ता में सुधार होता है।
      अस्पताल में भर्ती होने का खतरा कम डॉक्टर बताते हैं कि नियमित ब्रीदिंग एक्सरसाइज करने वालों को सांस संबंधी बीमारियों के कारण अस्पताल में भर्ती होने की संभावना कम रहती है। इन एक्सरसाइज से सीओपीडी, अस्थमा, लंग्स फाइब्रोसिस या फेफड़ों की सर्जरी से उबर रहे मरीजों को बहुत लाभ मिलता है। इनसे लंग्स की क्षमता बढ़ती है, ऑक्सीजन का स्तर सुधरता है और शरीर हल्का व ऊर्जावान महसूस करता है।   कौन सी ब्रीदिंग एक्सरसाइज हैं फायदेमंद? डॉ. के अनुसार, नीचे दी गई दो एक्सरसाइज बहुत लाभकारी हैं –
    1. बॉक्स ब्रीदिंग (Box Breathing): इसमें चारों चरण समान समय के होते हैं –
      • 4 सेकंड तक सांस लें
      • 4 सेकंड तक सांस रोकें
      • 4 सेकंड तक सांस छोड़ें
      • 4 सेकंड तक रुकें यह तकनीक तनाव घटाने और फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने में मदद करती है।
    2. अनुलोम-विलोम (Alternate Nostril Breathing): इसमें एक नथुने से सांस लेकर दूसरे से छोड़ते हैं। यह फेफड़ों को साफ रखती है, मन को शांत करती है और शरीर में ऑक्सीजन का संतुलन बनाए रखती है।
     
  • देर रात खाना खाने की आदत से बढ़ सकता है इन बीमारियों का खतरा, जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

    देर रात खाना खाने की आदत से बढ़ सकता है इन बीमारियों का खतरा, जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

    Health Tips: आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में लोगों की दिनचर्या काफी बदल गई है। काम का दबाव, देर तक मोबाइल चलाना, टीवी देखना और देर से घर पहुंचना जैसी वजहों से कई लोग रात को बहुत देर से खाना खाते हैं। धीरे-धीरे यह आदत उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन जाती है। अक्सर लोग इसे छोटी सी बात समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि खाना खाने का समय भी सेहत के लिए उतना ही जरूरी होता है जितना कि भोजन की गुणवत्ता। अगर लंबे समय तक देर रात खाना खाने की आदत बनी रहती है, तो इससे कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। शरीर की जैविक घड़ी पर पड़ता है असर डॉक्टरों के अनुसार हमारे शरीर की एक प्राकृतिक जैविक घड़ी होती है, जो दिनभर के कई कामों को नियंत्रित करती है। इसमें पाचन क्रिया, नींद का समय और शरीर की ऊर्जा का स्तर शामिल होता है। जब हम रोजाना बहुत देर से खाना खाते हैं या खाने का समय बार-बार बदलते रहते हैं, तो शरीर की इस प्राकृतिक प्रक्रिया पर असर पड़ने लगता है। इससे पाचन तंत्र सही तरीके से काम नहीं कर पाता और धीरे-धीरे कई तरह की समस्याएं शुरू हो सकती हैं। पाचन से जुड़ी समस्याएं बढ़ सकती हैं अगर कोई व्यक्ति सोने से ठीक पहले खाना खाता है, तो शरीर को भोजन पचाने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। इस कारण पाचन से जुड़ी परेशानियां होने लगती हैं। देर रात खाना खाने से एसिडिटी, गैस, अपच और सीने में जलन जैसी समस्याएं आम हो सकती हैं। कई लोगों को पेट भारी लगने या बेचैनी महसूस होने की शिकायत भी हो सकती है। अगर यह आदत लंबे समय तक जारी रहती है, तो पाचन तंत्र और ज्यादा प्रभावित हो सकता है। मोटापा और अन्य बीमारियों का खतरा स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि देर रात भारी या तला-भुना भोजन करने से शरीर में ज्यादा कैलोरी जमा हो सकती है। रात के समय शरीर की ऊर्जा खर्च करने की क्षमता कम होती है, इसलिए खाया हुआ भोजन सही तरीके से इस्तेमाल नहीं हो पाता। इस वजह से धीरे-धीरे वजन बढ़ने लगता है और मोटापे का खतरा बढ़ जाता है। मोटापा आगे चलकर कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है, जैसे हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज। नींद की गुणवत्ता भी हो सकती है खराब देर रात खाना खाने की आदत का असर नींद पर भी पड़ सकता है। जब पेट भरा हुआ होता है, तो शरीर को आराम करने में परेशानी होती है। इससे नींद ठीक से नहीं आती या रात में बार-बार नींद खुल सकती है। खराब नींद का असर शरीर के हॉर्मोन संतुलन पर भी पड़ता है। लंबे समय तक नींद पूरी न होने से शरीर की ऊर्जा कम हो जाती है और कई स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। किन लक्षणों से समझें कि आदत बन रही है समस्या देर रात खाना खाने से जुड़ी परेशानियों के कुछ लक्षण समय के साथ दिखाई देने लगते हैं।
    • बार-बार एसिडिटी या गैस की समस्या
    • सीने में जलन या पेट भारी लगना
    • सुबह उठने पर थकान और सुस्ती महसूस होना
    • सुबह भूख कम लगना
    • नींद का ठीक से न आना या बार-बार टूटना
    • धीरे-धीरे वजन बढ़ना
    •  अगर ये लक्षण लगातार दिखाई दें, तो यह संकेत हो सकता है कि आपकी खानपान की आदतें शरीर पर असर डाल रही हैं।
    स्वस्थ रहने के लिए क्या करें स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अच्छी सेहत के लिए रात का खाना समय पर खाना बहुत जरूरी है। कोशिश करें कि सोने से कम से कम 2 से 3 घंटे पहले भोजन कर लें। रात के समय हल्का और संतुलित भोजन करना बेहतर माना जाता है, ताकि पाचन आसान हो सके। तला-भुना और ज्यादा मसालेदार खाना देर रात खाने से बचना चाहिए। इसके अलावा रोजाना एक ही समय पर सोने और जागने की आदत बनाना भी शरीर के लिए फायदेमंद होता है। अगर पाचन से जुड़ी समस्या बार-बार हो रही हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।  
  • Health Tips: पुदीने का पानी सेहत के लिए फायदेमंद, जानें इसके लाभकारी गुण

    Health Tips: पुदीने का पानी सेहत के लिए फायदेमंद, जानें इसके लाभकारी गुण

    Health Tips: गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडा और स्वस्थ रखना बहुत जरूरी होता है। ऐसे में पुदीने के हरे पत्ते काफी फायदेमंद माने जाते हैं। फोटो में दिखाई देने वाले ये हरे पत्ते पुदीने के हैं, जो न केवल खाने का स्वाद बढ़ाते हैं बल्कि सेहत के लिए भी बहुत लाभकारी होते हैं। पुदीने के पत्तों से बना पानी एक नेचुरल और हेल्दी ड्रिंक है, जो शरीर को कई तरह के फायदे देता है। अगर आप अपनी पाचन शक्ति और गट हेल्थ को बेहतर बनाना चाहते हैं, तो पुदीने के पत्तों का पानी पीना शुरू कर सकते हैं। आइए जानते हैं इसके फायदे और इसे बनाने का आसान तरीका।

    पेट की समस्याओं से दिलाए राहत
    आजकल बहुत से लोग गैस, कब्ज, एसिडिटी और ब्लोटिंग जैसी पेट की समस्याओं से परेशान रहते हैं। ऐसे में पुदीने का पानी काफी मददगार साबित हो सकता है। पुदीने में मौजूद प्राकृतिक तत्व पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। इसके सेवन से गैस, पेट फूलना और एसिडिटी जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है। इसलिए गर्मियों में पुदीने के पानी का सेवन करना फायदेमंद माना जाता है।

    गर्मियों में शरीर को रखता है ठंडा
    पुदीने की तासीर ठंडी होती है, इसलिए गर्मी के मौसम में इसका पानी पीना शरीर के लिए अच्छा रहता है। यह शरीर के तापमान को संतुलित रखने में मदद करता है और लू से बचाव में भी सहायक हो सकता है। गर्मी में थकान और कमजोरी महसूस होने पर पुदीने का पानी शरीर को तरोताजा कर देता है।

    इम्यूनिटी बढ़ाने में भी मददगार
    पुदीने के पत्तों में कई तरह के पोषक तत्व और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी को मजबूत करने में मदद करते हैं। नियमित रूप से पुदीने का पानी पीने से शरीर को बीमारियों से लड़ने की ताकत मिलती है।

    वजन कम करने में सहायक
    अगर आप वजन कम करना चाहते हैं, तो पुदीने का पानी आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को तेज करने में मदद करता है, जिससे कैलोरी तेजी से बर्न होती है और वेट लॉस की प्रक्रिया आसान हो सकती है।

    तनाव कम करने में भी कारगर
    पुदीने की खुशबू और इसके प्राकृतिक गुण मन को शांत करने में मदद करते हैं। पुदीने का पानी पीने से तनाव कम हो सकता है और शरीर को ताजगी महसूस होती है।

    पुदीने का पानी बनाने का आसान तरीका
    पुदीने का पानी बनाना बहुत ही आसान है। इसके लिए सबसे पहले एक लीटर साफ पानी ले लें। अब इसमें 10 से 15 ताजी पुदीने की पत्तियां डाल दें। अगर आप इसका स्वाद बढ़ाना चाहते हैं, तो इसमें थोड़ा सा नींबू का रस, अदरक या काला नमक भी मिला सकते हैं। इसके बाद इस पानी को कुछ घंटों के लिए या रातभर के लिए ढककर रख दें, ताकि पुदीने के गुण पानी में अच्छी तरह मिल जाएं।

    अगले दिन इस पानी को दिनभर में थोड़ा-थोड़ा करके पी सकते हैं। नियमित रूप से इसका सेवन करने से शरीर को ठंडक मिलेगी और सेहत भी बेहतर बनी रहेगी।

     

     

  • Health Tips: गर्मी में Healthy और Hydrated रहने के लिए अपनाएं ये आसान आयुर्वेदिक Summer किट

    Health Tips: गर्मी में Healthy और Hydrated रहने के लिए अपनाएं ये आसान आयुर्वेदिक Summer किट

    Health Tips: गर्मी का मौसम आते ही तापमान तेजी से बढ़ने लगता है। तेज धूप और ज्यादा पसीना आने की वजह से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इसके साथ ही कई जरूरी मिनरल्स भी शरीर से बाहर निकल जाते हैं। ऐसे में लोगों को थकान, चक्कर आना, सिर दर्द और कमजोरी जैसी समस्याएं होने लगती हैं। इसलिए गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट रखना बहुत जरूरी होता है। अक्सर लोग सोचते हैं कि सिर्फ ज्यादा पानी पीना ही काफी है, लेकिन ऐसा नहीं है। सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह के अनुसार, शरीर को सही तरीके से हाइड्रेट रखने के लिए सिर्फ पानी ही नहीं बल्कि कुछ प्राकृतिक चीजों को भी अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए। उन्होंने गर्मियों के लिए एक आसान नेचुरल समर किट बताई है, जिसे बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी अपने रोज़मर्रा के जीवन में अपना सकते हैं। गर्मियों में कैसी होनी चाहिए डाइट गर्मी के मौसम में हमेशा हल्का और आसानी से पचने वाला खाना खाना चाहिए। ज्यादा तेल और मसाले वाला खाना शरीर में गर्मी बढ़ा सकता है और पेट से जुड़ी दिक्कतें पैदा कर सकता है। इस मौसम में लिक्विड फूड जैसे छाछ, नारियल पानी, नींबू पानी और ताजे फलों का सेवन करना फायदेमंद होता है। खासकर तरबूज, खरबूजा, खीरा और संतरा जैसे रसीले फल शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं। घर पर बनाएं आयुर्वेदिक समर किट गर्मियों में शरीर को अंदर से ठंडक देने और एनर्जी बनाए रखने के लिए आप घर पर ही एक आसान आयुर्वेदिक समर किट तैयार कर सकते हैं। यह पूरी तरह प्राकृतिक चीजों से बनती है और शरीर को ठंडा, ताजा और एक्टिव बनाए रखने में मदद करती है। सुबह की शुरुआत करें हर्बल काढ़े से गर्मियों में सुबह खाली पेट एक हल्का हर्बल काढ़ा पीना बहुत फायदेमंद माना जाता है। इसे बनाना भी बहुत आसान है। कैसे बनाएं काढ़ा
    • एक गिलास पानी लें उसमें सौंफ, धनिया के बीज और कुछ पुदीने की पत्तियां डालें। इसे कुछ देर तक उबालें। जब पानी का रंग थोड़ा बदल जाए तो इसे छान लें और थोड़ा ठंडा होने के बाद गुनगुना ही पी लें।
    फायदे
    • शरीर को ठंडक देता है
    • पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है
    • पेट को हल्का और आरामदायक रखता है
    दिनभर पिएं खस वाला पानी समर किट में खस (वेटिवर) का पानी भी शामिल किया जा सकता है। खस एक प्राकृतिक जड़ी-बूटी है जो शरीर को ठंडा रखने में मदद करती है। कैसे बनाएं खस का पानी
    • एक लीटर पानी लें
    • उसमें खस की जड़ें डाल दें
    • इसे कुछ घंटों के लिए ऐसे ही रहने दें
    इसके बाद इस पानी को पूरे दिन थोड़ा-थोड़ा करके पीते रहें। फायदे
    • शरीर को प्राकृतिक ठंडक देता है
    • शरीर को हाइड्रेट रखता है
    • गर्मी से होने वाली थकान को कम करता है
    पेट की जलन के लिए कूलिंग नाभि पैक गर्मियों में कई लोगों को पेट में जलन या ज्यादा गर्मी महसूस होती है। ऐसे में एक आसान और प्राकृतिक पैक राहत दे सकता है। कैसे बनाएं पैक
    • चंदन पाउडर
    • एलोवेरा जेल
    • गुलाब पाउडर
    • थोड़ा सा घी
    इन सभी चीजों को मिलाकर एक पेस्ट तैयार कर लें। कैसे लगाएं इस पेस्ट को नाभि के आसपास लगाएं और 15 से 20 मिनट तक लगा रहने दें। उसके बाद साफ पानी से धो लें। फायदे
    • पेट की जलन को शांत करता है
    • शरीर को ठंडक देता है
    • गर्मी से होने वाली बेचैनी कम करता है