Category: Tech

  • DeepSeek ऐप डाउनलोड करने में भारत टॉप पर, कई देश लगा सकते हैं बैन

    DeepSeek ऐप डाउनलोड करने में भारत टॉप पर, कई देश लगा सकते हैं बैन

    टेक्नोलॉजीः दुनियां में आज कई सारे ऐप हैं जो लोगों का मनोरंजन करते है तथा कई कार्यों में लोगों की सहायता करते हैं। इसी तरह अब DeepSeek ऐप का जलवा पूरी दुनिया में देखा जा रहा है। वही भारत में भी यह ऐप टॉप चार्ट पर बना हुआ है।

    DeepSeek ऐप ने 26 जनवरी को ऐपल ऐप स्टोर पर ग्लोबली पहला पायदान हासिल कर लिया था। Appfigures data की मानें, तो DeepSeek ऐप के डाउनलोड में भारत की हिस्सेदारी 15.6 फीसद है। मतलब अगर पूरी दुनिया में 100 लोगों ने ऐप को डाउनलोड किया है, तो उसमें 16 भारतीय शामिल थे।

    यह ऐप अमेरिका में Android Play Store पर टॉप पोजिशन पर पहुंच गया है। सेंसर टॉवर रिसर्च की मानें, तो लॉन्च के पहले 18 दिनों में ऐप को 16 मिलियन डाउनलोड मिले हैं। आपको बता दें, DeepSeek ऐप को पॉपुलैरिटी पर रोक लग सकती है, क्योंकि कई देश इस ऐप पर बैन लगा रहे हैं। दरअसल कई देश डीपसीक के डेटा इस्तेमाल को लेकर सतर्क हो गए हैं।

    चीन के सीईओ लियांग वेनफेंग ने चैटजीपीटी को बनाया है। इनके पिता एक प्राइमरी स्कूल टीचर थे। सबसे खास बात है कि डीपसीक को मात्र 5 से 6 मिलियन डॉलर में बनाया गया है, जो कि चैटजीपीटी के मुकाबले काफी सस्ता है।

  • 1 फरवरी से ब्‍लॉक होंगी ये UPI Transactions

    1 फरवरी से ब्‍लॉक होंगी ये UPI Transactions

    Tech: UPI से पेमेंट करना आजकल बिल्‍कुल आम बात हो गई है। ई-रिक्‍शा से लेकर मेट्रो ट्रेन और सब्‍जी की दुकान से लेकर करियाना स्टोर तक हर तरफ पेमेंट के लिए UPI का इस्‍तेमाल होता है। इसी बीच यूपीआई पेमेंट को लेकर एक खबर सामनेस आई है, जो आपको कुछ पेमेंट करने से रोक सकती है। अगर आप भी यूपीआई से पेमेंट करते हैं तो आपको यह जानना जरूरी है कि एनपीसीआई ने 1 फरवरी से कुछ ट्रांजेक्‍शन को ब्‍लॉक करने का ऐलान किया है।

    NPCI का यह निर्देश 1 फरवरी, 2025 से बदलने वाला है। एनपीसीआई ने यूपीआई ऑपरेटरों को यह बात स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें UPI ट्रांजेक्शन आईडी के लिए अल्फान्यूमेरिक कैरेक्टर का इस्तेमाल करना शुरू कर देना चाहिए, नहीं तो सेंट्रल सिस्टम उस ऐप से किसी भी यूपीआई ट्रांजेक्शन की अनुमति नहीं देगा। इस इंस्‍ट्रक्‍शन का पालन करने की जिम्मेदारी पेमेंट ऐप पर है।

    भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम ने इसके बारे में सर्कुलर जारी करते हुए जानकारी दी कि 1 फरवरी से स्‍पेशल कैरेक्टर्स से बनी ID वाले ट्रांजेक्‍शन एक्‍सेप्‍ट नहीं किए जाएंगे। यूजर्स केवल अल्फान्यूमेरिक कैरेक्टर्स के जरिए बनी ID से ही ट्रांजेक्‍शन एक्‍सेप्‍ट किए जाएंगे। जो लोग इसका पालन नहीं करेंगे, ऐसे लोगों की ID ब्लॉक कर दी जाएगी।

    नेशनल पेमेंट्स इंटरफेस ऑफ इंडिया ने पहले ही लोगों को यूपीआई आईडी के लिए स्पेशल कैरेक्टर्स की जगह अल्फान्यूमेरिक कैरेक्‍टर्स का इस्तेमाल करने की सलाह दी थी। जिसके बाद कई लोगों ने इसका इस्‍तेमाल करना शुरू कर दिया, लेकिन अभी भी कुछ यूजर्स इसका पालन नहीं कर रहे हैं। अब एनपीसीआई इसका पालन करवाने के लिए सख्ती अपनाने जा रहा है।

    NPCI ने यह फैसला ऐसे समय लिया है जब खुदरा पेमेंट ऑपरेटर्स लेनदेन के लिए यूपीआई के विकल्प के इस्तेमाल को बढ़ाने का लक्ष्य बना चुके हैं। भारत में साल 2016 में हुई नोटबंदी के बाद से ही डिजिटल लेनदेन तेजी से उभरा है। इसके अलावा, विदेशों में भी यूपीआई ट्रांजेक्‍शन हो रहे हैं। श्रीलंका, भूटान, यूएई, मारिशस और फ्रांस में यूपीआई ट्रांजेक्‍शन हो रहे हैं।

    केंद्रीय प्रणाली ऐसे सभी ट्रांजेक्‍शन को एक्‍सेप्‍ट नहीं करने को कहा है, जिसके यूपीआई आईडी में स्पेशल कैरेक्‍टर्स जुड़े हों। इसके अलावा, एनपीसीआई ने सभी बैंकों को इसका सख्‍ती से अनुपालन करने की भी सलाह दी है।

  • First Solar वेव ईवा कार भारत में LAUNCH

    First Solar वेव ईवा कार भारत में LAUNCH

    250km की रेंज , शुरुआती कीमत ₹3.25 लाख

    Tech : इलेक्ट्रिक व्हीकल स्टार्ट-अप वायवे मोबिलिटी ने भारतीय बाजार में पहली सोलर पावर से चलने वाली इलेक्ट्रिक कार वेव ईवा को लॉन्च कर दिया है। कंपनी का दावा है कि कार एक बार फुल चार्ज करने पर 250 किलोमीटर चलेगी। वेव ईवा एक छोटी कार है, जो क्वाड्रिसाइकिल जैसी है। इसमें 2 व्यक्ति और एक बच्चा बैठ सकता है। यह EV 5 सेकंड में 0-40 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड पकड़ सकती है। ये कार MG की कॉमेट को टक्कर देगी। इसे पहली बार ऑटो एक्सपो 2023 में इसके कॉन्सेप्ट अवतार में प्रदर्शित किया गया था। एक्स शोरूम कीमत वेव ईवा को तीन वैरिएंट- नोवा, स्टेला और वेगा में पेश किया गया है। इसके बेस वैरिएंट नोवा की शुरुआती एक्स शोरूम कीमत 3.25 लाख है। इसमें बैटरी सब्सक्रिप्शन प्लान के रूप में है। जबकि, कस्टमर बैटरी सब्सक्रिप्शन के बिना ईवी को 3.99 लाख रुपए के शुरुआती एक्स शोरूम प्राइस पर खरीद सकेंगे। ये कीमतें पहले 25,000 कस्टमर्स के लिए होगी, जिसकी डिलीवरी 2026 में शुरू होगी। कंपनी ने बताया कि वेव ईवा में फ्लेक्सिबल सोलर पैनल दिया गया है, जिसके जरिए कार हर दिन 10 किलोमीटर चल सकती है।
  • होंडा एक्टिवा-ई और होंडा QC1 भारत में लॉन्च, 90,000 से शुरू

    होंडा एक्टिवा-ई और होंडा QC1 भारत में लॉन्च, 90,000 से शुरू

    102km तक की रेंज, टॉप स्पीड 80kmph

    Tech: होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया ने भारत मोबिलिटी ग्लोबल एक्सपो 2025 में अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर एक्टिवी-ई और QC1 लॉन्च कर दिए हैं। एक्टिवी-ई की शुरुआती कीमत 1.17 लाख रुपए (एक्स शोरूम) और QC1 की प्राइस 90,000 रुपए (एक्स शोरूम) रखी गई है। ये कंपनी के पहले इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स हैं। इन दोनों स्कूटर की बुकिंग कंपनी पहले ही शुरू कर चुकी है। आप 1,000 रुपए की टोकन राशि पर इनकी बुकिंग करा सकते हैं। कंपनी ने दोनों ईवी को नवंबर-2024 में भारत में पेश किया था। इन दोनों स्कूटर की डिलीवरी फरवरी में शुरू होगी। यह दोनों EV स्कूटर ओला की S1 सीरीज को टक्कर देंगी। एक्टिवा-ई में स्वेपेबल बैटरी और QC1 में फिक्स्ड बैटरी पैक ऑप्शन दिया गया है। कंपनी का दावा है कि एक्टिवा-ई 80 किमी की टॉप स्पीड हासिल कर सकती है और एक बार फुल चार्ज करने पर 102km चलेगी। वहीं, QC1 में फुल चार्ज पर 80km की रेंज और टॉप स्पीड 50kmph मिलेगी। होंडा 3 साल/50,000 किमी की वारंटी, तीन मुफ्त सर्विस और कॉम्प्लिमेंट्री रोडसाइड असिस्टेंस दे रही है। ये वारंटी ऑफर शुरुआती एक साल में ईवी खरीदने वालों के लिए अवेलेबल है। होंडा एक्टिवा इलेक्ट्रिक और QC1 एक एडवांस्ड और अट्रेक्टिव डिजाइन वाली ईवी है। दोनों ईवी का डिजाइन एक जैसा ही है, सिर्फ QC1 के रियर व्हील में हब मोटर दी गई है। वहीं, एक्टिवा-ई के रियर व्हील के साइड में इलेक्ट्रिक मोटर लगी है। दोनों ईवी के फ्रंट एप्रन में LED हेडलैंप दिया गया है, जो टर्न इंडिकेटर्स और स्लीक LED DRL के साथ इंडीकेटेड है। बॉडीवर्क शाइनी है, जिसमें कर्व्ड और सीधी लाइनों का मिक्सअप दिया गया है। दोनों ईवी में 5 कलर ऑप्शन मिलेंगे। जिसमें पर्ल सेरेनिटी ब्लू, पर्ल मिस्टी व्हाइट, मैट फोगी सिल्वर मेटैलिक, पर्ल इग्नियस ब्लैक और पर्ल शैलो ब्लू शामिल हैं।
  • Redmi Turbo 4 Launch : नए फिचर के साथ बना युवाओं की पसंद, 45 मिनट में होगा 100% चार्ज

    Redmi Turbo 4 Launch : नए फिचर के साथ बना युवाओं की पसंद, 45 मिनट में होगा 100% चार्ज

    Tech. टेक कंपनी शाओमी की सब-ब्रांड रेडमी ने अपनी होम मार्केट चीन में रेडमी टर्बो 4 स्मार्टफोन लॉन्च किया है। इस फोन को भारत में पोको X7 प्रो नाम से बेचा जाएगा। रेडमी टर्बो 4 स्मार्टफोन मीडियाटेक डायमेंसिटी 8400-अल्ट्रा चिपसेट वाला दुनिया का पहला स्मार्टफोन है। इसमें पावर बैकअप के लिए 6550mAh बैटरी दी गई है। वहीं, 50MP का प्राइमरी कैमरा और 16GB रैम भी मिलती है।

    रेडमी टर्बो 4 को चीन में चार वैरिएंट्स में लॉन्च किया गया है। इसके 12GB रैम + 256GB स्टोरेज वाले बेस वैरिएंट की कीमत करीब 23,490 है, जो 16GB रैम + 512GB स्टोरेज वाले टॉप वैरिएंट में 29,370 तक जाती है। फोन में क्लाउड वाइट, लाइट सी ब्लू और शेडो ब्लैक कलर ऑप्शन मिलते हैं।

    गेमिंग के लिए मोबाइल में 5000mm² स्टेनलेस स्टील VC कूलिंग और अल्ट्रा-थिन 3D आइसलूप सिस्टम लगाया गया है। फोन को प्लास्टिक फ्रेम के साथ मैटल बॉडी पर बनाया गया है। इसमें टेक्सचर्ड और ग्लास दिया गया है। यह मोबाइल IP66 + IP68 + IP69 सर्टिफाइड है, जो इसे डस्टप्रूफ और वॉटरप्रूफ बनाता है।

    रेडमी टर्बो 4 में 2712 x 1220 पिक्सल रेजोल्यूशन वाली 6.67-इंच की 1.5K डिस्प्ले दी गई है। यह स्क्रीन OLED पैनल पर बनी है, जो 120हर्ट्ज रिफ्रेश रेट पर काम करती है। इसकी PWM डिमिंग 1920हर्ट्ज और पीक ब्राइटनेस 3200निट्स है। सेफ्टी के लिए डिस्प्ले को गोरिल्ला ग्लास 7i से प्रोटेक्ट किया गया है।

    फोटोग्राफी के लिए रेडमी टर्बो 4 के बैक पैनल पर डुअल रियर कैमरा सेटअप मिलता है। इसमें एक 50 मेगापिक्सल सोनी LTY-600 प्राइमरी सेंसर है, जो OIS व EIS सपोर्ट करता है और दूसरा 8 मेगापिक्सल का अल्ट्रा वाइड एंगल लेंस है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फोन में 20 मेगापिक्सल OV20B कैमरा सपोर्ट करता है।

    रेडमी टर्बो 4 एंड्रॉयड 15 पर बेस्ड हाईपर ऑपरेटिंग सिस्टम 2 पर काम करता है। प्रोसेसिंग के लिए मोबाइल में 4 नैनोमीटर फेब्रिकेशन्स पर बना मीडियाटेक डाइमेंसिटी 8400 अल्ट्रा चिपसेट दिया गया है। यह 8-कोर प्रोसेसर 3.25GHz तक की क्लॉक स्पीड पर रन करने की क्षमता रखता है। वहीं ग्राफिक्स के लिए फोन में माली-G720 MC6 GPU दिया गया है।

    रेडमी टर्बो 4 फोन LPDDR5X रैम और UFS 4.0 स्टोरेज तकनीक पर काम करता है। इसमें दो रैम- 12जीबी और 16जीबी का ऑप्शन मिलता है, जबकि स्टोरेज के लिए 256जीबी और 512जीबी मैमोरी का ऑप्शन मिलेगा, जिसे SD कार्ड के जरिए 1TB तक बढ़ाया जा सकता है।

    पावर बैकअप के लिए फोन में 80वॉट फास्ट चार्जिंग तकनीक के साथ 6550mAh की बैटरी दी गई है। यह कार्बन-सिलिकॉन बैटरी है। कंपनी के अनुसार यह -35°C तापमान में भी ड्यूरेबल रहती है। इसे 45 मिनट में 100% चार्ज किया जा सकता है।

  • Scam के लिए महिला को बताया कि ‘तुम्हारा पति Gay है और…’, WhatsApp चैट वायरल

    Scam के लिए महिला को बताया कि ‘तुम्हारा पति Gay है और…’, WhatsApp चैट वायरल

    नई दिल्लीः एक महिला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कुछ चैट के स्क्रीनशॉट्स शेयर करते हुए बताया कि कैसे एक शख्स उसके साथ स्कैम करने की कोशिश कर रहा था। वो उससे कहता है कि आपका पति ‘गे’ है और उसके साथ रिलेशनशिप में है। हालांकि महिला उसके झांसे में नहीं आई। जिससे वो स्कैम से भी बच गई। एक्स पर @Salemschild_ नाम के अकाउंट से पोस्ट करते हुए महिला ने बताया कि स्कैमर ने एक बड़ी गलती कर दी।

    उसने महिला का सरनेम हबीबी बताया, वो भी उसके पति के नाम के साथ जोड़कर। जबकि ये उसके पिता का सरनेम है। व्हाट्सएप चैट्स के स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए महिला ने कहा, ‘अजीबो-गरीब घटना. किसी को मेरा नंबर पता नहीं कहां से मिला गया। उसे लगा कि मेरा सरनेम मेरे पति से मिला है और उसने मुझे ये बताने की कोशिश की कि वो समलैंगिक है। यह कहा जाना कि मेरे 70 साल के पिता, जो कि स्ट्रिक्ट फौजी हैं, वो समलैंगिक हैं, 2024 में ऐसा किसी के द्वारा कहे जाने की मुझे उम्मीद नहीं थी। इसलिए, मैंने सोचा कि इसी को मजाक में लूं।’

    स्क्रीनशॉट से पता चलता है कि मैसेज करने वाले शख्स ने खुद को अहमद बताया। उसने कहा कि उसे फरवरी में हबीबी की शादी के बारे में पता चला और वो उसे उनके कथित रिश्ते के बारे में बताना चाहता था। जब उससे पूछा गया कि उसने नंबर कहां से लिया, तो कहने लगा, ‘उसके पति की कार में कुछ पेमेंट स्लिप्स थीं।’ जब पूछा तो कहने लगा कि इसमें गलती से किसी ने मिसेज लिख दिया है।

    महिला समझ चुकी थी कि उसके साथ कोई स्कैम कर रहा है। उसने भी स्कैमर के साथ मजाक-मजाक में नई कहानी बुन दी। वो उसे जवाब देते हुए कहने लगी कि पति को तलाक दे देगी और बॉयफ्रेंड के पास वापस चली जाएगी। उसने अहमद यानी स्कैमर से कहा कि इस खबर से उसे राहत मिली है। उसने कहा कि उसके पति को HIV हो गया है। महिला ने इस पोस्ट को कुछ दिन पहले शेयर किया था। उसके पोस्ट को अभी तक 2.41 लाख से अधिक लोगों ने देख लिया है। इसे 2300 लोगों ने लाइक किया। साथ ही लोग पोस्ट पर कमेंट करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

  • WhatsApp यूजर्स के लिए बड़ी चेतावनी, किसी भी वक्त खाली हो सकता है बैंक अकाउंट, जानें मामला

    WhatsApp यूजर्स के लिए बड़ी चेतावनी, किसी भी वक्त खाली हो सकता है बैंक अकाउंट, जानें मामला

    नई दिल्लीः दुनिया के सभी एंड्रॉयड WhatsApp यूजर्स के लिए सबसे बड़ी चेतावनी है। आपका WhatsApp किसी भी वक्त हैक हो सकता है और आपके बैंक अकाउंट को भी खाली किया जा सकता है। दरअसल यह पूरा मामला एक मैलवेयर से जुड़ा है जिसका नाम PixPirate है। PixPirate को लेकर IBM ट्रस्टीयर ने अलर्ट जारी किया है। यह मैलवेयर खुद को फोन में छिपा सकता है और स्क्रीन पर होने वाली प्रत्येक हरकत को रिकॉर्ड कर सकता है।

    क्या-क्या कर सकता है PixPirate मैलवेयर?

    रिपोर्ट के मुताबिक यह मैलवेयर स्क्रीन के प्रत्येक स्वाइप को रिकॉर्ड कर सकता है। इसके अलावा कीबोर्ड पर टाइप होने वाले प्रत्येक वर्ड को भी रिकॉर्ड कर सकता है। PixPirate की मदद से हैकर्स आपकी सभी तरह की निजी जानकारियों को हासिल कर सकते हैं। यह मैलवेयर बैंक से आने वाले सभी मैसेज को पढ़ता है और उसके बाद उसे डिलीट भी कर देता है। ऐसे में यूजर्स को किसी भी तरह के ट्रांजेक्शन की जानकारी ही नहीं मिल पाती है। यह फोन की प्रत्येक एक्टिविटी को ट्रैक करता है और इंटरनेट बैंकिंग से जुड़ी हर एक जानकारी को इकट्ठा करता है। यह मैलवेयर इतना खतरनाक है कि टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) को भी बायपास कर सकता है, क्योंकि यह मैसेज को डिलीट और एडिट भी कर सकता है।

    फोन में इस तरीके से पहुंच रहा यह PixPirate मैलवेयर

    रिपोर्ट के मुताबिक यह मैलवेयर फर्जी व्हाट्सएप एप और dodgy टेक्स्ट मैसेज एप के जरिए लोगों के फोन में पहुंच रहा है, हालांकि ये दोनों एप्स गूगल प्ले-स्टोर पर नहीं हैं। इन दोनों एप्स को यूजर्स किसी थर्ड पार्टी स्टोर या एपीके फाइल के जरिए डाउनलोड कर रहे हैं।

  • भारत में लाॅन्च हुआ नया JioPhone, चलता है WhatsApp और YouTube, जानें कीमत

    भारत में लाॅन्च हुआ नया JioPhone, चलता है WhatsApp और YouTube, जानें कीमत

    नई दिल्लीः Reliance Jio ने अपना नया फोन लॉन्च कर दिया है, जिसका नाम JioPhone Prima 4G है। दरअसल, कंपनी ने इस हैंडसेट को Indian Mobile Congress 2023 (IMC) के दौरान शोकेश किया था और अब इस हैंडसेट को JioMart वेबसाइट पर लिस्टेड कर दिया है।

    यह फीचर फोन है और इसमें प्रिमियम डिजाइन का इस्तेमाल किया है। इस फीचर हैंडसेट में कई सोशल मीडिया ऐप्स का इस्तेमाल करने को मिलेगा, जिसमें WhatsApp और YouTube जैसे ऐप्स मिलेंगे।

    JioPhone Prima 4G को Jiomart ईकॉमर्स वेबसाइट पर लिस्टेड किया, इसकी जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स से मिली है। इस हैंडसेट की कीमत 2599 रुपए बताई गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हैंडसेट को दो कलर वेरिएंट ब्लू और येलो में पेश किया।

    JioPhone Prima 4G में 2.4 Inch का डिस्प्ले है। 320×240 रेजोल्यूशन पिक्सल मिलेगा। इसमें TFT डिस्प्ले दिया है। वहीं रियर पैनल पर दो सर्कल तैयार किए हैं, जिसमें Jio Logo मौजूद हैं। इसमें 128GB का माइक्रोएसडी कार्ड लगा सकते हैं।

    Jio का यह हैंडसेट KaiOS पर काम करेगा। साथ ही यह एक सिंगल सिम हैंडसेट है। इसमें ARM Cortex A53 प्रोसेसर दिया है। इस फोन में Bluetooth version 5.0 वर्जन मिलेगा।

    JioPhone Prima 4G में 23 भाषाओं का सपोर्ट दिया है। इसमें 4G कनेक्शन का सपोर्ट मौजूद है। यह हैंडसेट 1800mAh की बैटरी के साथ आता है। इस हैंडसेट में 0.3MP का फ्रंट कैमरा दिया है। बताते चलें कि रिलायंस जियो इससे पहले भी कई फीचर फोन लॉन्च कर चुकी हैं, जो अपने प्राइम सेगमेंट और स्पेशल रिचार्ज की वजह से काफी लोकप्रिय हैं।

  • Apple iPhone बनाने वाली Foxconn की बढ़ी मुश्किलें, अधिकारियों ने शुरू की जांच 

    Apple iPhone बनाने वाली Foxconn की बढ़ी मुश्किलें, अधिकारियों ने शुरू की जांच 

    नई दिल्लीः चीन का ताइवान और अमेरिका से बिगड़ते रिश्तों के बीच दुनियाभर की ज्यादातर कंपनियां भारत की तरफ रुख कर रही हैं। इसमें ऐपल के आईफोन बनाने वाली कंपनी फॉक्सकान का नाम भी शामिल है। ताइवान की इस कंपनी के भारत में एंट्री करने के बाद iPhone मैन्युफैक्चरिंग ने रफ्तार पकड़ ली है और ऐपल Samsung को पछाड़कर भारत की सबसे बड़ी स्मार्टफोन निर्यातक कंपनी बन गई है। मगर यह सब चीन को रास नहीं आता दिख रहा है। चीन की एक स्टेट मीडिया रिपोर्ट ने रविवार को बताया कि देश की टैक्स अथॉरिटी ने आज Foxconn की जांच कर रही है।

    टैक्स अथॉरिटीज ने की 4 फैक्टरियों की तलाश

    चीनी सरकारी ग्लोबल टाइम्स अखबार की एक रिपोर्ट के अनुसार, फॉक्सकॉन, जो आधिकारिक तौर पर हॉन हाई प्रिसिजन इंडस्ट्री कंपनी लिमिटेड (Hon Hai Precision Industry Co., Ltd) के रूप में रजिस्टर्ड है। कंपनी चीन में भारी मात्रा में ऐपल के प्रोडक्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग करती है। चीन के गुआंग्डोंग (Guangdong) और जियांग्सू (Jiangsu) प्रांतों में टैक्स अधिकारियों द्वारा कंपनी के कार्यालयों की तलाशी ली गई। प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय ने हेनान (Henan) और हुबेई (Hubei ) प्रांतों में फॉक्सकॉन कार्यालयों का भी निरीक्षण किया, जहां कंपनी के प्रमुख फैक्टरीज हैं। गौरतलब है कि फॉक्सकॉन ने पूरे चीन में लाखों कर्मचारियों को रोजगार दिया है, और जिस तरह से कंपनी अपनी फैक्टरीज को चीन के बाहर ऑपरेट करने का ऑप्शन तलाश रही है, यह देखना होगा कि चीन इन कंपनियों को लेकर क्या कार्यवाही करता है।

    फॉक्सकॉन करती है चीन में सबसे ज्यादा मैन्युफैक्चरिंग

    बता दें कि फॉक्सकॉन अपनी ज्यादातर मैन्युफैक्चरिंग चीन में करती है। कंपनी के फाउंडर टेरी गौ (Terry Gou) ने अगस्त में घोषणा की थी कि वह ताइवान के राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार के रूप में भाग लेंगे, जो अगले साल की शुरुआत में होगा। इसके बाद उन्होंने फॉक्सकॉन के बोर्ड में अपनी सीट से इस्तीफा दे दिया। टेरी को एक चीन-हितैषी उम्मीदवार के रूप में देखा जाता है, जिनकी राजनीति ज्यादातर द्वीप की वर्तमान विपक्षी पार्टी कुओमिंगटांग (Kuomingtang) के साथ जुड़ी हुई है। हाल के वर्षों में चीन और ताइवान के बीच तनाव काफी बढ़ा हुआ है। चीन ताइवान के लोकतांत्रिक स्वशासित द्वीप को अपने क्षेत्र का हिस्सा होने का दावा करता है। 1949 में गृहयुद्ध के बाद दोनों पक्ष अलग हो गए और उनके बीच कोई आधिकारिक संबंध नहीं है लेकिन वे अरबों डॉलर के व्यापार और निवेश से जुड़े हुए हैं।

    भारत में इन्वेस्टमेंट दोगुना करने का प्लान

    iPhone बनाने वाली यह कंपनी भारत में इन्वेस्टमेंट का बड़ा प्लान बना रही है। ब्लूमबर्ग की हाल की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑक्सकॉन भारत में अपने निवेश को दोगुना करने और रोजगार भी बढ़ाकर दोगुना करने का प्लान बना रही है और इसकी वजह चीन और अमेरिका के बढ़ती तनातनी हो सकती है।

  • पहाड़ों की सैर हुई महंगीः टैक्स बढ़ाने को लेकर टैक्सी ऑपरेटरों ने बॉर्डर बंद करने की दी चेतावनी

    पहाड़ों की सैर हुई महंगीः टैक्स बढ़ाने को लेकर टैक्सी ऑपरेटरों ने बॉर्डर बंद करने की दी चेतावनी

    शिमलाः हिमाचल के पहाड़ों की सैर महंगी हो गई है। दरअसल, सरकार ने इनकम बढ़ाने के लिए बाहरी राज्यों की टैक्सियों, टैंपो और टूरिस्ट बसों पर भारी-भरकम टैक्स लगाया है। इससे नाराज गुजरात और कोलकाता के ट्रैवल एजेंट पहले ही हिमाचल का बायकॉट कर चुके हैं। अब चंडीगढ़-पंजाब के टैक्सी ऑपरेटरों ने भी हिमाचल का बहिष्कार के साथ बॉर्डर बंद करने की चेतावनी दी है। चंडीगढ़-पंजाब से इन दिनों इक्का-दुक्का टैक्सी ही हिमाचल आ रही हैं। इसका असर राज्य की टूरिज्म इंडस्ट्री पर भी साफ दिखने लगा है। विभिन्न प्रदेशों के टूरिस्ट अपनी एडवांस बुकिंग कैंसिल करवा रहे हैं। ट्रांसपोर्टरों के साथ साथ ट्रैवल एजेंसियां भी हिमाचल के लिए पर्यटकों के टुअर नहीं बना रही।

    आजाद टैक्सी यूनियन चंडीगढ़-पंजाब के अध्यक्ष शरनजीत कलसी ने बताया कि यूनियन ने हिमाचल की बुकिंग लेना बंद कर दी है और एडवांस बुकिंग कैंसिल कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पंजाब व चंडीगढ़ के सभी टैक्सी, टैंपो और बस संचालकों से बातचीत की जा रही है। इसके बाद भी यदि हिमाचल सरकार ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट वाहनों पर टैक्स खत्म नहीं करती तो 15 अक्टूबर तक बॉर्डर बंद करने को मजबूर होंगे। इससे पहले भी चंडीगढ़-पंजाब के टैक्सी ऑपरेटर बॉर्डर सील करने की तैयारी में थे। इसके बाद डीसी सोलन के आश्वासन पर उन्होंने अपनी हड़ताल को स्थगित किया था। शरनजीत ने बताया कि टैंपू और बसों से 6000 रुपए प्रति दिन के हिसाब से टैक्स लिया जा रहा है। 

    यह जायज नहीं है। इस वजह से चंडीगढ़-पंजाब के टैक्सी ऑपरेटर टूरिस्ट को कश्मीर, नैनीताल, उटी आदि पर्यटन स्थलों पर ले जा रहे हैं। शरनजीत ने बताया कि उन्होंने कई बार मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू से मिलने की कोशिश की, लेकिन हिमाचल के अफसरों ने मुख्यमंत्री से मिलने ही नहीं दिया और सीएम दफ्तर में कई घंटे बैठाकर रखा। ऐसे में उन्होंने मजबूरन हिमाचल का बायकॉट करने का निर्णय लिया। पंजाब के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र और कोलकाता के अधिकतर टूअर एंड ट्रैवल एजेंट हिमाचल के लिए बुकिंग नहीं ले रहे। प्रदेश सरकार द्वारा कमाई बढ़ाई के लिए लगाए गए अतिरिक्त टैक्स से पर्यटकों के लिए पहाड़ों की सैर महंगी हो गई है। इसका असर हिमाचल के पर्यटन उद्योग पर पड़ रहा है।

    शिमला होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष एमके सेठ ने बताया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में पर्यटक बाहरी राज्यों की टैक्सियों और बसों में आता है। खासकर इन दिनों पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और गुजरात का टूरिस्ट बढ़ी संख्या में आता है, लेकिन टैक्स लगाने से टूरिस्ट नहीं आ रहा और होटलों की बुकिंग कैंसिल करवा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इससे टूरिज्म इंडस्ट्री को नुकसान हो रहा है। इसलिए यह टैक्स वापस लिया जाना चाहिए। ऐसा नहीं किया गया तो टूरिज्म इंडस्ट्री पर इसकी मार पड़ेगी। पहले कोरोना और अब आपदा के कारण पर्यटन उद्योग को अरबों रुपए का नुकसान हो चुका है। अब टैक्स का भी बुरा असर पड़ेगा, क्योंकि हर साल लाखों लोग लग्जरी बसों, टैंपो ट्रेवलर और टैक्सियों ने प्रदेश के पर्यटन स्थलों पर पहुंचते हैं।