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  • हिमाचल के सीएम का अहम ऐलान, अगले सत्र से प्रदेश में शुरु होंगे 100 CBSE School

    हिमाचल के सीएम का अहम ऐलान, अगले सत्र से प्रदेश में शुरु होंगे 100 CBSE School

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज शिक्षा विभाग की एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि अगले शैक्षणिक सत्र से प्रथम चरण में प्रदेश भर में 100 स्कूलों को सीबीएसई पाठ्यक्रम पर संचालित किया जाएगा। उन्होंने शिक्षा विभाग को इस संबंध में सभी तैयारियां समय सीमा के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीबीएसई पैटर्न आधारित स्कूलों का अलग रंग होगा और यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों की अलग रंग की वर्दी होगी। इन स्कूलों में स्मार्ट कक्षाओं के साथ-साथ मैस का प्रबंध भी किया जाएगा और विद्यार्थियों को पौष्टिक भोजन प्रदान किया जाएगा।

    शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि प्रदेश में सीबीएसई के मापदंड पूरा करने वाले अब तक 86 स्कूलों की पहचान की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शेष स्कूलों में सीबीएसई के मापदंड जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।

    सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के प्रयास कर रही है और इसके लिए धन की कोई कमी नहीं है। शिक्षा विभाग में खाली पड़े अध्यापकों के पदों को भरा जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार के प्रयासों से हिमाचल प्रदेश गुणात्मक शिक्षा में 21वें स्थान से 5वें स्थान पर पहुंच गया है और राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में पढ़ने वाले बच्चों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए निरन्तर प्रयास कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल बनाने की समीक्षा भी की और अधिकारियों को इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों में एक अच्छा कैम्पस तैयार होना चाहिए, जहां खेलकूद गतिविधियों के लिए भी पर्याप्त जगह हो। शिक्षा क्षेत्र में सुधार लाने में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल मील का पत्थर सिद्ध होंगे।

    सुक्खू ने कहा कि हर जिला में स्टेट ऑफ आर्ट कॉलेज बनाने का भी प्रयास किया जा रहा है, जहां विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के साथ-साथ सभी प्रकार की गतिविधियां उपलब्ध होंगी ताकि इनका सर्वांगीण विकास हो सके। बैठक में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, निदेशक उच्च शिक्षा अमरजीत शर्मा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

  • CM Sukhu ने विश्व बैंक टीम के साथ की HP-READY परियोजना की समीक्षा

    CM Sukhu ने विश्व बैंक टीम के साथ की HP-READY परियोजना की समीक्षा

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हिमाचल प्रदेश रेजिलिएंट एक्शन फॉर डवेल्पमेंट एंड डिजास्टर रिकवरी (एचपी-रेडी) परियोजना की समीक्षा की। यह परियोजना जनवरी 2026 से शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभाव निरंतर बढ़ रहे हैं जिससे मानव जीवन और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को क्षति पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि बार-बार प्राकृतिक आपदा के कारण प्रदेश सरकार को क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की मुरम्मत पर भारी संसाधन लगाना पड़ रहा हैं।

    सुक्खू ने कहा कि विश्व बैंक के साथ रणनीतिक सहयोग से राज्य सरकार इस बड़ी परियोजना को लागू कर रही है, जिसमें विभिन्न परियोजनाओं का प्राथमिकता के आधार पर चुनाव किया जा चुका है। इसकी कुल लागत 2,687 करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि यह मिशन न सिर्फ वर्ष 2023 और 2025 में प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान की भरपाई के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा बल्कि भविष्य में आपदाओं का सामना करने के लिए राज्य के बुनियादी ढांचे की मजबूती और पुनर्निर्माण कार्य में भी सहायता मिलेगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि एचपी-रेडी परियोजना का उद्देश्य जलवायु-संवेदनशील प्रारम्भिक चेतावनी को मजबूत बनाना, आपदाग्रस्त सड़कों, पुलों और भवनों की मुरम्मत करने के अलावा नालों का तटीकरण करना है। यह परियोजना सशक्त सार्वजनिक सेवाओं के विकास, ग्रीन पंचायतों के जरिए से रोजगार के अवसर सृजित करने और जोखिम आधारित सामाजिक सुरक्षा व बीमा तंत्र को मजबूत करने पर भी ध्यान केन्द्रित करेगी।

    सुक्खू ने किसानों और बागवानों की सुविधा के लिए बुनियादी ढांचे के निर्माण पर विशेष बल दिया ताकि आपदा के दौरान उनकी आजीविका प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के अंतर्गत राज्य के दस स्थानों पर सीए स्टोर बनाए जाएंगे जिससे किसानों की उपज सुरक्षित रहेगी और आपदा के समय नुकसान से बचा जा सकेगा।

    अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व के.के. पंत, विशेष सचिव डी.सी. राणा, परियोजना के लिए विश्व बैंक टीम प्रमुख अनूप करंथ तथा आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ विजय और शीना अरोड़ा भी बैठक में उपस्थित थे।

  • दीवाली से पहले CM Sukhu ने कर्मचारियों को दिया बड़ा तोहफा

    दीवाली से पहले CM Sukhu ने कर्मचारियों को दिया बड़ा तोहफा

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में दीवाली से पहले राज्य सरकार ने कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री ने 21,115 मिड डे मील वर्कर्स के मानदेय में 500 रुपये की बढ़ोतरी करके इसे 5000 रुपये, 877 एसएमसी सी एंड वी का मानदेय 15,509 से बढ़ाकर 16,009 रुपये, 833 एसएमसी लेक्चरार एवं डीपीई के मानदेय को 500 रुपये बढ़ाकर 19,378 रुपये, 491 एसएमसी टीजीटी का मानदेय 500 रुपये बढ़ाकर 19378 रुपये, 62 एसएमसी जेबीटी का मानदेय 500 रुपये बढ़ाकर 13762 रुपये, 31 वाटर कैरियर का मानदेय 500 रुपये बढ़ाकर 5500 रुपये किया है।

    इसके अलावा मुख्यमंत्री ने देहाड़ीदारों एवं पार्ट टाइम वर्कर की देहाड़ी 25 रुपये बढ़ाकर 425 रुपये, सिलाई अध्यापिकाओं का मानदेय 500 रुपये, 1399 पंचायत चौकीदारों के मानदेय में 500 रुपये बढ़ौतरी कर 8500 रुपये, 970 राजस्व चौकीदारों के मानदेय में 500 रुपये बढ़ौतरी कर 6300 रुपये, 3304 लंबरदारों के मानदेय में 300 रुपये वृद्धि कर 4500 रुपये किया है।

    राज्य सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों तथा शहरी निकाय के प्रतिनिधियों को मिलने वाले मानदेय में भी बढ़ोतरी की है। जिला परिषद अध्यक्ष का मानदेय एक हजार रुपये बढ़ाकर 25,000 रुपये, उपाध्यक्ष के मानदेय एक हजार रुपये बढ़ाकर 19000 रुपये, जिला परिषद के सदस्यों के मानदेय में 500 रुपये की वृद्धि के बाद 8300 रुपये, पंचायत समिति अध्यक्ष के मानदेय में 600 रुपये की वृद्धि के साथ इसे 12 हज़ार रुपये, उपाध्यक्ष पंचायत समिति के मानदेय में 600 रुपये बढ़ाकर 9000 रुपये, सदस्य पंचायत समिति के मानदेय में 300 रुपये वृद्धि कर 7500 रुपये, ग्राम पंचायत प्रधान के मानदेय में 300 रुपये की वृद्धि के साथ 7500 रुपये, उप प्रधान के मानदेय में 300 रुपये की बढ़ोतरी कर इसे 5100 रुपये, ग्राम पंचायत सदस्य के मानदेय में 600 रुपये की बढ़ौतरी कर इसे 2100 रुपये किया गया है।

    वहीं नगर निगम के मेयर के मानदेय में एक हज़ार रुपये की बढ़ोतरी कर इसे 25 हज़ार रुपये, डिप्टी मेयर के मानदेय में एक रुपये बढ़ाकर 19 हजार रुपये, पार्षदों के मानदेय में एक हजार रुपये बढ़ोतरी कर 9400 रुपये किया गया है। नगर परिषद अध्यक्ष के मानदेय में 600 रुपये बढ़ोतरी कर 10,800 रुपये, उपाध्यक्ष के मानदेय में 500 रुपये बढ़ोतरी कर 8900 रुपये, पार्षदों के मानदेय में 300 रुपये बढ़ोतरी कर 4500 रुपये, नगर पंचायत के प्रधान के मानदेय में 600 रुपये की बढ़ोतरी कर 9000 रुपये, उप-प्रधान के मानदेय में 400 रुपये की बढ़ोतरी कर 7000 रुपये तथा नगर पंचायत सदस्य के मानदेय 300 रुपये बढ़ोतरी कर 4500 रुपये किया गया है।

    राज्य सरकार ने स्पेशल पुलिस ऑफिसर के मानदेय में 300 रुपये, ऑउटसोर्स कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाकर 12,750 रुपये तथा आईटी अध्यापकों के मानदेय में 500 रुपये की वृद्धि की है।

  • हिमाचल के CM सुक्खू ने 145 करोड़ रुपये की Utility Duct परियोजना की समीक्षा की

    हिमाचल के CM सुक्खू ने 145 करोड़ रुपये की Utility Duct परियोजना की समीक्षा की

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शिमला में 145 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही यूटिलिटी डक्ट के निर्माण कार्य की आज समीक्षा की। उन्होंने लोक निर्माण अधिकारियों को छोटा शिमला से विली पार्क तक निर्मित की जा रही 7 किलोमीटर लंबी डक्ट का निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छोटा शिमला से ओक ओवर तक इसका निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है, इस कार्य को आगामी 15 दिनों के भीतर पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने सड़क की टारिंग और स्ट्रीट लाइट लगाने के कार्य भी शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।

    शिमला में बढ़ेगी पर्यटकों की संख्या

    मुख्यमंत्री ने कहा कि शिमला न केवल हिमाचल प्रदेश की राजधानी है बल्कि प्रदेश का प्रमुख पर्यटन गंतव्य है और इसके आकर्षण को बनाए रखा जाना चाहिए। इससे शहर को तारों के जाल से मुक्ति मिलेगी और पर्यटकों को भी बेहतर अनुभव मिलेगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के क्रियान्वित होने से शिमला में पर्यटकों की आमद में वृद्धि होगी। परियोजना के अन्तर्गत छोटा शिमला से विली पार्क, सचिवालय से होते हुए राजभवन से ओक ओवर तक तथा शेरे-ए-पंजाब पंजाब से लोअर बाजार से सीटीओ तक यूटिलिटी डक्ट का नेटवर्क बिछाया जा रहा है। डक्ट में बिजली, पानी की लाइनों के साथ-साथ अन्य यूटिलिटी केबल बिछाई जाएंगी। विधायक हरीश जनारथा, सुरेश कुमार और लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
  • हिमाचल के सीएम सुक्खू ने वीरभद्र सिंह की प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम की समीक्षा की

    हिमाचल के सीएम सुक्खू ने वीरभद्र सिंह की प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम की समीक्षा की

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने 13 अक्तूबर को शिमला के ऐतिहासिक रिज पर पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की प्रतिमा के अनावरण की तैयारियों के संबंध में आज आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा यह एक राजकीय कार्यक्रम होगा जिसमें कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी एवं सांसद रजनी पाटिल और कांग्रेस के सीनियर नेता शामिल होंगे।

    उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए और पुख्ता सुरक्षा प्रबंध करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी तैयारियां समय सीमा के भीतर पूरी की जाएं। बैठक में लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, विधायक हरीश जनारथा, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान, हिमुडा के उपाध्यक्ष यशवंत छाजटा, सचिव जीएडी राजेश शर्मा, उपायुक्त अनुपम कश्यप और अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

  • CM सुक्खू का बड़ा दावा, हिमाचल प्रदेश में लोगों को मिल रही आधुनिक उपचार की सुविधाएं

    CM सुक्खू का बड़ा दावा, हिमाचल प्रदेश में लोगों को मिल रही आधुनिक उपचार की सुविधाएं

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज कहा कि राज्य सरकार अधोसंरचना के विकास के जरिए एक सुदृढ़ स्वास्थ्य सेवा प्रणाली स्थापित करने के लिए प्रयासरत है। प्रदेश सरकार ने इस दिशा में अनेक पहल की हैं। ऊना में पीजीआई सैटेलाइट सेंटर और आईजीएमसी शिमला में उन्नत उपकरण, वित्तीय कवरेज के लिए हिम केयर योजना और पहुंच बढ़ाने के लिए अर्बन हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर जैसी पहल शामिल हैं। प्रदेश सरकार प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा में सुधार, कार्यबल को सुदृढ़ करने, दुर्गम क्षेत्रों की चुनौतियों से निपटने और अपने नागरिकों के लिए समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली को अपनाने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है।

    नई सुविधाओं के लिए निवेश कर रही है सरकार

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नई सुविधाओं के सृजन के दृष्टिगत निरंतर निवेश कर रही है। इसके साथ ही मौजूदा सुविधाओं का उन्नयन किया जा रहा है जिसमें ऊना में पीजीआई सैटेलाइट सेंटर, शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में ट्रॉमा सेंटर के साथ नया ओपीडी और पीईटी ब्लॉक तथा टांडा मेडिकल कॉलेज में एक पीईटी स्कैन मशीन शामिल है। प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में टेलीमेडिसिन से स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया जा रहा है। मरीजों को अटल सुपर स्पेेशलिटी संस्थान चमियाणा और टांडा मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा दी जा रहा है। अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी चरणबद्ध तरीके से रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने, विविध शहरी आबादी की आवश्यकताओं को पूरा करने और पहुंच में सुधार लाने के लिए अर्बन हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर की स्थापना करने की योजना बनाई जा रही है। प्रसव पूर्व देखभाल को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बिलासपुर और किन्नौर जैसे कुछ जिलों में समय पर प्रसव पूर्व जांच के लिए लगातार उच्च कवरेज दी जा रही है। हिम केयर योजना के जरिए आर्थिक रूप से कमजोर आबादी को आवश्यक सेवाएं प्रदान की जा रही हैं जिससे वित्तीय बोझ कम होने के साथ स्वास्थ्य सेवा तक समान पहुंच की राह भी सुगम हो रही है।

    सेवाओं को बेहतर बनाने का किया जा रहा प्रयास

    सिरमौर जिले में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा को सुदृढ़ करने जैसी पहल धरातल पर सेवाओं को बेहतर बनाने का शानदार प्रयास है, जिसमें स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों का उन्नयन और अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सशक्त बनाना शामिल है।उप-केंद्र स्तर से राज्य स्तर तक डिजिटल स्वास्थ्य सूचना प्रणाली के एकीकरण का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं में सकारात्मक बदलाव और दक्षता में सुधार करना है। प्रदेश सरकार ने रेडियोग्राफर और एक्स-रे तकनीशियन जैसे आवश्यक तकनीकी कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि की है। स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों की कमी दूर करने के लिए सरकार ने 200 मेडिकल अधिकारी, विभिन्न सुपर स्पेशियलिटी विभागों में 38 सहायक प्रोफेसर तथा 400 स्टाफ नर्सों को जॉब ट्रेनी के रूप में नियुक्त करने को मंजूरी दी है। इससे प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों और अस्पतालों की दक्षता और बढ़ेगी और लोगों को विशेष स्वास्थ्य सुविधाएं आसानी से सुनिश्चित होंगी। ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने तथा लोगांे को किफायती दरों पर विशेष चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। इन कदमों से प्रदेश के लोगों को आधुनिक उपचार की सुविधा राज्य में ही मिल रही है और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए प्रदेश से बाहर जाने की आवश्यकता नहीं है।
  • Himachal के सीएम सुक्खू ने हरी झंडी दिखाकर आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए भेजी राहत सामग्री

    Himachal के सीएम सुक्खू ने हरी झंडी दिखाकर आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए भेजी राहत सामग्री

    शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज ओक ओवर से राज्य के आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए राहत सामग्री के पांच वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अंतरराष्ट्रीय लायंस क्लब के द्वारा दी गई इस राहत सामग्री में 161 किट हैं जिनमें सूखा राशन, बर्तन, कंबल, तिरपाल और अन्य आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं। यह सामग्री संबंधित उप-मंडल मजिस्ट्रेटों के जरिए प्रभावित परिवारों को बांटी जाएंगी।

    सीएम ने किया आभार व्यक्त

    मुख्यमंत्री ने इस उदार सहायता के लिए अंतरराष्ट्रीय लायंस क्लब का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस मानसून सीजन के दौरान राज्य को बहुत भारी नुकसान हुआ है, जिसके परिणामस्वरूप न सिर्फ बहुमूल्य जानें गईं, बल्कि सार्वजनिक और निजी संपत्ति को भी भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए आगे आए विभिन्न संगठनों और लोगों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने सीमित संसाधनों में भी हर संभव सहायता दे रही है और प्रभावित लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है।

    क्षतिग्रस्त मकानों की बढ़ाई मुआवजा राशि

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने साल 2023 की तर्ज पर वर्ष 2025 में भी आपदा प्रभावित परिवारों के लिए विशेष राहत पैकेज की घोषणा की है। इसके तहत पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए मुआवजा राशि 1.30 लाख रुपये से बढ़ाकर 7 लाख रुपये की गई है। इस अवसर पर विधायक हरीश जनारथा, शिमला नगर निगम के महापौर सुरेन्द्र चौहान, कांग्रेस नेता सुरेन्द्र मनकोटिया, लायंस क्लब के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर दिनेश बत्रा, मल्टीपल चेयर कॉर्डिनेटर रमन गुप्ता, डिस्ट्रिक्ट केबिनेट सचिव धीरज जैन, डिस्ट्रिक्ट केबिनेट कोषाध्यक्ष अतुल शर्मा, रीजन चेयरपर्सन रजनीश कतना, शिमला अध्यक्ष गोपाल कृष्ण वैद, प्रोजेक्ट चेयरपर्सन डॉ. आर.के. जिष्टू सहित क्लब के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।    
  • हिमाचल के सीएम सुक्खु ने दूध प्रोत्साहन योजना और परिवहन अनुदान का किया शुभारंभ

    हिमाचल के सीएम सुक्खु ने दूध प्रोत्साहन योजना और परिवहन अनुदान का किया शुभारंभ

    शिमला: किसानों से अपना वादा निभाते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज सोलन जिला के अर्की विधानसभा क्षेत्र से दूध प्रोत्साहन योजना और परिवहन अनुदान योजना की शुरूआत की। दाड़लाघाट में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने दूध प्रोत्साहन योजना के तहत सोलन की दो निजी दूध समितियों गौ अमृत समिति पपलोटा तथा अमृत धारा समिति दाड़लाघाट व जिला बिलासपुर की दो निजी दूध समितियों कामधेनु व केहलूर दूध समिति से जुड़े 8000 पशु पालकों को जुलाई और अगस्त माह के 1.45 करोड़ रुपये डीबीटी के माध्यम से प्रदान किए।

    इसके अलावा इन दूध समितियों को 3 रुपये प्रति लीटर की दर से 1.59 करोड़ रुपये परिवहन अनुदान के रूप में प्रदान किए। राज्य सरकार ने परिवहन अनुदान को 1.50 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 3 रुपये प्रति लीटर किया है। किसानों को इन योजनाओं से प्रति वर्ष 18.24 करोड़ रुपए के वित्तीय लाभ प्राप्त होंगे। उन्होंने राजीव गांधी वन संवर्धन योजना के तहत अर्की विधानसभा क्षेत्र के आठ स्वयं सहायता समूहों को 28.80 लाख रुपए वितरित किए। इसके अलावा उन्होंने कामधेनु हितकारी मंच नम्होल के 10 प्रगतिशील दूध उत्पादकों को 34.20 लाख रुपए भी प्रदान किए। उन्होंने ट्रक ऑपरेटरों की सुविधा के लिए तैयार की गई एक मोबाइल ऐप भी लॉन्च की।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए विशेष प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने किसानों से किए सभी वायदे निभाए हैं। हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य है जहां प्रदेश दूध प्रसंघ के जरिए गाय का दूध 51 रुपये प्रति लीटर तथा भैंस का दूध 61 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीदा जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज का दिन हिमाचल प्रदेश के पशुपालक किसानों के लिए एक ऐतिहासिक दिन है कि आज प्रदेश सरकार की दूध प्रोत्साहन योजना और परिवहन अनुदान योजना का शुभारम्भ हो रहा है।

    उन्होंने कहा कि दूध प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत वे किसान जो पंजीकृत निजी दुग्ध सहकारी समितियों से जुड़े हैं और अपना दूध इन्ही समितियों को बेचते हैं, उन्हें तीन रुपये प्रति लीटर की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खाते में पहुंचेगी। साथ ही, किसानों को इसकी जानकारी तुरन्त एसएमएस के माध्यम से मिलेगी जिसके लिए हिमाचल प्रदेश एनआईसी के जरिए विशेष पोर्टल विकसित किया गया है।

    सुक्खू ने कहा कि सरकार द्वारा निजी दूध समितियों द्वारा इकट्ठा किए जा रहे दूध के लिए दिए जा रहे परिवहन अनुदान को 1.50 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है, जिससे हज़ारों किसानों को लाभ मिलेगा। प्रदेश सरकार द्वारा मिल्क फैड के माध्यम से दूध प्रसंस्करण की सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक पशुपालकों को दूध बेचने की सुविधा प्राप्त हो सके। अधिक से अधिक पशुपालकों को दूध विक्रय की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए प्रदेश में दूध सहकारी समितियां गठित करने का अभियान माह जून, 2025 से आरम्भ किया गया है तथा अब तक 320 दूध सहकारी समितियों का गठन कर लिया गया है। प्रदेश सरकार का प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में दूध सहकारी समिति का गठन करने का लक्ष्य है, जहां अधिक मात्रा में दूध उपलब्ध है।

    विधायक संजय अवस्थी ने मुख्यमंत्री का इस योजना की शुरूआत के लिए अर्की विधानसभा क्षेत्र को चुनने के लिए धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा कि ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने के लिए अनेकों प्रयास किए गए हैं। दूध के साथ प्राकृतिक रुप से उगाई जा रही मक्की, गेंहू, जौ और कच्ची हल्दी को न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया जा रहा है। किसी भी सरकार ने किसानों व बागवानों की आर्थिक हालत सुधारने के लिए आज से पहले कभी भी इतना ध्यान नहीं दिया।

    इस अवसर पर वन मंडल कुनिहार ने मुख्यमंत्री को आपदा राहत कोष में एक लाख रुपए, जबकि रिटायर्ड डीएसपी शकुंतला शर्मा ने 51 हज़ार रुपए का अंशदान दिया। इससे पूर्व, अर्की विधानसभा क्षेत्र पहुंचने पर मुख्यमंत्री का स्थानीय लोगों ने भव्य स्वागत किया और लोग बड़ी संख्या में एकत्र हुए। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डा. (कर्नल) धनी राम शांडिल, कृषि मंत्री चौधरी चंद्र कुमार, विधायक राम कुमार चौधरी, जोगिंद्रा बैंक के चेयरमैन मुकेश शर्मा, मिल्कफैड के चेयरमैन बुद्धि सिंह ठाकुर, वूल फेडरेशन के चेयरमैन मनोज ठाकुर, पूर्व विधायक बंबर ठाकुर, उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह, कांग्रेस नेता शिव कुमार, सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

  • Kangana Ranaut पर फिर बरसे जगत नेगी, केंद्र पर भी साधा निशाना, देखें वीडियो

    Kangana Ranaut पर फिर बरसे जगत नेगी, केंद्र पर भी साधा निशाना, देखें वीडियो

    शिमलाः हिमाचल प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत नेगी ने एक बार फिर से सांसद कंगना रनौत पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कंगना रनौत को जनजातीय क्षेत्र के लोगों ने भी वोट दिए, लेकिन जब आपदा आई तो वह कहीं नजर नहीं आई। आपदा के समय जयराम ठाकुर उन्हें फोन करते हैं कि यहां आपदा आई है तो ऐसे समय में यहां ना आए। इस तरह की इनकी सोच है आपदा में भी सांसद ने एक भी रुपए अपनी निधि से राहत के लिए नहीं दिया। एसी में बैठकर मेकअप कर बड़ी-बड़ी बातें करना आसान है, लेकिन धरातल में काम करना अलग बात है। उन्होंने कहा कि इसके बारे में बात करके अपना समय बर्बाद करना है। ये सिर्फ अपनी शानो शौकत के लिए जीते है। घोड़े पर बैठकर किसी महान व्यक्तित्व का किरदार निभाना आसान है, लेकिन उसे हकीकत में निभाना अलग बात है।

    राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आपदा के जख्मों को देखने के लिए यहां आए तो जरूर और घोषणा भी की परंतु वह पैसा कब आएगा यह कोई पता नहीं है। भाजपा के नेता जनता को गुमराह करने में लगे हैं। जब तक केन्द्र से विशेष रूप से प्रभावितों के लिए पैसा नहीं आता तब तक कुछ कहा नहीं जा सकता। ऐसे में बार-बार भाजपा के नेता लोगों को गुमराह करने के लिए बड़ी-बड़ी बातें कह रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कठिन आर्थिक विषमताओं के बावजूद आपदा में प्रभावित हुए लोगों की मदद कर रही है। अपने संसाधनों से सरकार लगातार प्रभावितों को बसाने के काम में जुटी है, जिन लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनको किराए पर मकान लेने के लिए किराया सरकार दे रही है और यह राशि तब तक दी जाएगी जब तक उनके अपने पक्के मकान नहीं बन जाते। प्रभावितों को जमीन के बदले में जमीन देने के लिए राज्य सरकार ने एफसीए में छूट देने की मांग केन्द्र सरकार से की। मगर अभी तक उसमें कोई निर्णय नहीं हुआ।

    केन्द्र सरकार के नेता व खुद प्रधानमंत्री यहां पर मजबूरी में आए क्योंकि भाजपा के नेता हल्ला मचा रहे थे। वर्ष 2023 में भी यहां पर भयंकर आपदा आई तब भाजपा ने हल्ला नहीं किया तो केन्द्र से भी कोई नहीं आया। मंडी जिला में वर्ष 2023 में मनरेगा से डंगे आदि लगवाने के लिए एक हजार करोड़ रूपए की स्कीम मंजूर की गई थी जिसके बाद 2024 में वहां के लिए 500 करोड़ की स्कीम मंजूर हुई। इस बार भी सरकार लगातार अपने संसाधनों से वहां के लिए पैसा खर्च कर रही है क्योंकि वहां काफी बड़ा नुकसान हुआ है।

    राजस्व मंत्री ने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार हिमाचल के साथ आपदा राहत में भेदभाव कर रही है। राज्य सरकार ने ऐतिहासिक आपदा राहत पैकेज अपने संसाधनों से प्रभावित परिवारों के लिए दिया है। इसकी अधिसूचना पूरे प्रदेश के लिए की जाएगी जिसमें पॉली हाउस की क्षतिपूर्ति के लिए भी सरकार 25 हजार रूपए तक की राहत प्रदान करेगी। इसके साथ खेतों में मलवा आ जाने पर उसे खाली करवाने के लिए भी 6 से 10 हजार रूपए प्रति बीघा की राहत राशि बतौर मुआवजा मिलेगी। इस तरह का राहत पैकेज देश में किसी भी दूसरे राज्य ने नहीं दिया, मगर अभी तक केन्द्र सरकार से केवल घोषणा हुई है और कोई विशेष सहायता वहां से नहीं मिल पाई है।

  • नशे को रोकने के लिए शुरु होगी Anti-Chitta Volunteer Scheme, एक हजार से ज्यादा वालंटियर किए जाएंगे तैनात

    नशे को रोकने के लिए शुरु होगी Anti-Chitta Volunteer Scheme, एक हजार से ज्यादा वालंटियर किए जाएंगे तैनात

    शिमला: प्रदेश सरकार नशे की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान को और मजबूत बनाने के लिए एंटी-चिट्टा वालंटियर योजना (एसीवीएस) शुरु करने जा रही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा मंडी जिले के सरकाघाट में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान की गई घोषणा के अनुरूप पुलिस विभाग द्वारा एक विस्तृत प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है।

    इस योजना के अन्तर्गत 1000 एंटी-चिट्टा वालंटियर तैनात किए जाएंगे जो पुलिस, जनता और अन्य हित धारकों के मध्य एक मजबूत सहभागिता सुनिश्चित करेंगे। यह वालंटियर समाज और युवाओं को चिट्टा और अन्य नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करेंगे, संदिग्ध गतिविधियों, हॉट-स्पॉट और अपराधियों की गुप्त रूप से जानकारी पुलिस को देंगे।

    यह स्कूलों, कॉलेजों व सामुदायों में जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। इसके अलावा यह रैलियों, नुक्कड़ नाटकों, सोशल मीडिया और जागरूकता अभियानों में सहयोग करेंगे तथा प्रभावित व्यक्तियों को परामर्श एवं पुनर्वास केंद्रों से जोड़ेंगे। योजना के तहत पंजीकृत स्वयंसेवियों को सेवाओं के लिए मानदेय भी प्रदान किया जाएगा।

    प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में पिछले अढ़ाई वर्षों में सरकार ने नशे के खिलाफ मुहिम को विशेष प्राथमिकता दी है। सरकार द्वारा इस संबंध में कई पहल की गई हैं। इस नई योजना से जमीनी स्तर पर खुफिया तंत्र सुदृढ़ करने, युवाओं और समाज में जागरूकता लाने, प्रभावित लोगों को बेहतर पुनर्वास सेवा प्रदान करने और पुलिस-जनता के मध्य सहभागिता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    इस पहल का मुख्य उद्देश्य नशा मुक्त हिमाचल के ध्येय को साकार करना है। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवकों की सुरक्षा के दृष्टिगत इन्हें फील्ड आइडेनटिफिकेशन में शामिल नहीं किया जाएगा और पुलिस द्वारा इनकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। संवेदनशील मामलों में इन्हें सुरक्षा भी प्रदान की जाएगी। इन स्वयंसेवकों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा जिसमें एनडीपीएस एक्ट की मूल जानकारी, पुलिस प्रक्रियाएं और सामुदायिक सहभागिता के संबंध में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री का कहना है कि पदभार ग्रहण करते ही प्रदेश सरकार ने नशे के विरूद्ध जंग शुरू की है और कई ठोस कदम भी उठाए हैं। प्रदेश सरकार ने स्वापक औषधि और मन प्रभावी पदार्थ अधिनियम (पीआटीएनडीपीएस) लागू किया है जबकि पूर्व भाजपा सरकार ने ऐसा नहीं किया था। नशा माफिया की 42 करोड़ रुपये से अधिक की संपति जब्त की है और पुलिस भर्ती में चिट्टे की जांच अनिवार्य की है। प्रदेश सरकार युवाओं को नशे के चंगुल से बचाने के लिए पिछले अढ़ाई वर्षों से निरंतर सकारात्मक प्रयास कर रही है।