Category: International

  • Arizona में दो गुटों में झड़प, चली गोलियां, 9 लोग घायल

    Arizona में दो गुटों में झड़प, चली गोलियां, 9 लोग घायल

    वॉशिंगटनः एरिजोना के डाउनटाउन टक्सन से गोलीबारी की एक खबर सामने आई हैं। दो गुटों के बीच झड़प के बाद एक आरोपी ने भीड़-भाड़ वाले इलाके में गोलीबारी कर दी। इस घटना में कम से कम 9 लोग घायल होने की सूचना है। वहीं पुलिस ने मामले में संदिग्ध को शूट कर मार दिया है। पुलिस ने बताया कि मौके पर पहुंचे तो एक संदिग्ध दिखाई दिया, जिसे आत्मसमर्पण के लिए कहां गया लेकिन वह नहीं रुका। जिस पर एक अधिकारी ने उस पर फायरिंग कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई।

    पुलिस ने बताया संदिग्ध की पहचान अभी नहीं हो पाई है। घटना के सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जिनकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है।

    पुलिस के अनुसार रेगुलर पेट्रोलिंग कर रहे अधिकारियों ने गोली चलने की आवाज सुनी और तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस प्रवक्ता फ्रैंक मैगोस ने बताया कि अधिकारियों का सामना संदिग्ध से हुआ, उन्होंने बार-बार आदेश दिए और बाद में उसे गोली मार दी।

    अधिकारियों ने अभी तक गोलीबारी के पीछे का मकसद आधिकारिक तौर पर नहीं बताया है। घटना में कोई पुलिस अधिकारी घायल नहीं हुआ। टक्सन की मेयर रेजिना रोमेरो ने कहा कि एक बंदूकधारी ने भीड़-भाड़ वाले इलाके में अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें नौ लोग घायल हो गए। सभी घायलों की हालत स्थिर है और उन्हें अस्पताल ले जाया गया है, जहां उनके ठीक होने की उम्मीद है।

     

     

  • 5.5 की तीव्रता से लगे भूकंप के तेज झटके, 6 की मौत, 21 घायल

    5.5 की तीव्रता से लगे भूकंप के तेज झटके, 6 की मौत, 21 घायल

    लीमाः पेरू के एंडीज इलाके में भूकंप के झटकों से 5 लोगों की मौत हो गई है। पेरू के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि 21 लोग घायल हुए हैं, जबकि बचाव दल ढह गई इमारतों के मलबे के नीचे फंसे अन्य लोगों की तलाश जारी रखे हुए हैं। इस बीच, जर्मन भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएफजेड) ने भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.5 बताई है, जिसका केंद्र मध्य पेरू में 62.8 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था।

    वहीं अधिकारियों ने कहा कि 5.5 तीव्रता के इस भूकंप के कारण 20 से अधिक लोग घायल हैं और 300 लोग बेघर हो गए हैं। यूएंस जियोलाजिकल सर्वे ने बताया कि भूकंप रात 9:24 बजे आया। इसका केंद्र हुआनकायो प्रांत के सिकाया शहर से दो किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम में 10 किलोमीटर की गहराई पर था। पेरू के नेशनल सिविल डिफेंस इंस्टीट्यूट ने कहा कि लापता लोगों की कुल संख्या पता नहीं चल पाई है।

    भूकंप से कई इमारतें ढह गईं या उन्हें नुकसान पहुंचा, जिनमें स्थानीय चर्च भी शामिल हैं। स्थानीय सिविल डिफेंस आफिस के प्रमुख लुइस वास्केज ने बताया कि एंडियन इलाके में निर्माण कार्य में मिट्टी और कच्ची ईंटों जैसी पारंपरिक सामग्रियों के इस्तेमाल के कारण अधिक नुकसान हुआ है। पेरू में अक्सर भूकंप आते रहते हैं, क्योंकि यह प्रशांत महासागर के रिंग आफ फायर क्षेत्र में है। साल 2007 में, पिस्को प्रांत में 7.9 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें लगभग 600 लोगों की मौत हो गई थी।

  • Trump के दोस्त Dan Scavino ने शेयर किया B-2 बॉम्बर का वीडियो, ईरान-इजरायल में मची तबाही

    Trump के दोस्त Dan Scavino ने शेयर किया B-2 बॉम्बर का वीडियो, ईरान-इजरायल में मची तबाही

    नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच में बढ़ रहे तनाव के बीच में अब व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ डैन स्काविनो का एक सोशल मीडिया पैटर्न फिर से सुर्खियों में आ चुका है। ऐसा दावा किया जा रहा है कि जब-जब भी उन्होंने B-2 स्पिरिट स्टील्थ बॉम्बर का वीडियो पोस्ट किया है। उसके कुछ समय के बाद ईरान के खिलाफ बड़ा सैन्य अभियान शुरु हुए। अब उनके नए वीडियो पोस्ट ने एक बार फिर से संभावित अमेरिकी कार्रवाई की अटकलों को हवा दे दी है।

    इजरायल ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर शुरु किए हवाई हमले

    ऐसा बताया जा रहा है कि फरवरी 2026 में स्काविनो ने पहली बार B-2 बॉम्बर का वीडियो शेयर किया था। करीबन 24 घंटे बाद अमेरिका और इजरायल ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर संयुक्त हवाई हमले शुरु कर दिए थे। इसके बाद फरवरी के आखिर और मार्च की शुरुआत में अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ऑपरेशन मिडनाइट हैमर की पुष्टि की है। इस अभियान में चार B-2 बॉम्बर्स ने अंडरग्राउंड मिसाइल और परमाणु ठिकानों पर 2,000 पाउंड के बम गिराए और सैंकड़ों सैन्य लक्ष्यों को निशाना बनाया है। मई 2026 में स्काविनो ने बिना किसी कैप्शन के फिर वही 17 सैकेंड का B-2 बॉम्बर वाला वीडियो शेयर किया है। इसके तुंरत बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बंदर अब्बास समेत ईरान के कमांड सेंटर एयर डिफेंस सिस्टम और मिसाइल ठिकानो पर नए हमलों का आदेश दिया है।

    वीडियो किया शेयर

    अब फिर से स्काविनो ने एक वीडियो शेयर किया है। इसमें B-2 स्पिरिट बॉम्बर के साथ F-22 रैप्टर लड़ाकू विमान उड़ाते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह पोस्ट ऐसे समय में सामने आई है जब ईरान लगातार ही अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले कर रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप नए सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। B-2 स्पिरिट का अमेरिका का सबसे आधुनिक स्टील्थ स्ट्रैटजिक बॉम्बर माना जाता है। यह भारी सुरक्षा वाले इलाकों में रडार से बचते हुए जा रसकता है और भूमिगत बंकरों का नष्ट करने वाले शक्तिशाली बंकर बस्टर बम ले जाने में सक्षम हैं। यही कारण है कि विश्लेषकों का यह मानना है कि इस विमान की तस्वीरें या वीडियो सिर्फ सैन्य ताकत दिखाने के लिए नहीं होती बल्कि ईरान को रणनीतिक संदेश देने के लिए भी इस्तेमाल किए जाते हैं हालांकि अमेरिका के प्रशासन ने ऑफिशियल तौर पर यह नहीं कहा है कि स्काविनो की सोशल मीडिया पोस्ट किसी सैन्य कार्रवाई का संकेत होती है।
  • Hormuz में बढ़ते तनाव के चलते तेल-गैस आयात के लिए बढ़ी मुश्किलें, भारत ने बदला रास्ता

    Hormuz में बढ़ते तनाव के चलते तेल-गैस आयात के लिए बढ़ी मुश्किलें, भारत ने बदला रास्ता

    नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच फिर से जंग छिड़ने से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है। ज्यादातर जहाज होर्मुज की जगह वैकल्पिक रास्ते को अपना रहे हैं। S&P ग्लोबल एनर्जी के नए रिसर्च के अनुसार, जंग फारस की खाड़ी से तेल LNG और निर्यात को तेजी से कम कर रही है। वहीं 17 जून को समझौता होने के बाद से तेल और गैस का निर्यात तेजी से बढ़ा था परंतु अब ये कम हो चुका है।

    वैकल्पिक रास्तों का अपना रहा है

    इस रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि भारत होर्मुज जलडमरुमध्य में बढ़ते रिस्क से बचने के लिए कच्चे तेल और एलएनजी के आयात को संयुक्त अरब अमीरात और ओमान के रास्ते मोड़ रहा है। इसका मतलब है कि भारत अपने तेल-गैस की आपूर्ति को पूरी करने के लिए वैकल्पिक रास्तों को अपना रहा है।

    ईरान की वैकल्पिक रास्तों पर दी हमले की चेतावनी

    दूसरी ओर मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि उसके तेल एक्सपोर्ट को रोका गया तो वह फुजैरा पाइपलाइन और सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन समेत बाकी वैकल्पिक रास्तों का निशाना बना सकता है। एसएंडपी ग्लोबल एनर्जी के पोत ट्रैकिंग डेटा से पता चलता है कि होर्मुज जलडमरुमध्य से होकर गुजरने वाले लदे एलएनजी के संयुक्त 10 दिन एवरेज में जून के अंत में लगभग 0.8 कार्गो प्रति दिन से घटकर 15 जुलाई तक सिर्फ 0.2 कार्गो प्रति दिन रह गया है। पिछले हफ्ते फारस की खाड़ी से सिर्फ एक एलएनजी कार्गो के निकलने की जानकारी मिली है। यह कतर एनर्जी एलएनजी के अल रेकाय्यात पर 7 जुलाई को हुए हमले के बाद जहाज मालिकों के बीच बढ़ती सतर्कता के कारण हैं। संघर्ष शुरु होने के बाद से एलएनजी पोत पर यह पहला सीधा हमला था। रिसर्चर मेहरुन एतेबारी ने कहा कि हमारा अनुमान है कि निर्यात को सीमित करने वाला मुख्य कारण गैस की क्षमता में बढ़ोतरी की जगह जहाज रानी संबंधी बाधाएं हैं।

    टैंकरों में एलएनजी का भंडार बढता जा रहा है

    निर्यात में आई मंदी एलएनजी प्लांटों की एक्शन के बिल्कुल अलग है। कतर एनर्जी एलएनजी और यूएसई की एडीएनओसी एलएनजी में एलएनजी उत्पादन और जहाजों पर मॉल की लैंडिंग, बाहरी शिपिंग में रुकावट के बाद ज्यादा मजबूत गति से जारी है। इसके चलते फारस की खाड़ी में इंतजार कर रहे टैंकरों में एलएनजी का भंडार बढ़ता जा रहा है। जुलाई के मध्य तक अकेले कतर के सात लदे हुए एलएनजी वाहक जहाजों में लगभग 0.57 मिलियन मीट्रिक टन एलएनजी होने का अनुमान था वहीं एसएंडपी ग्लोबल का अनुमान है कि फारस की खाड़ी के अंदर में लगभग 1.9 मिलियन मीट्रिक टन एलएनजी टैंकर क्षमता मौजूद है। यदि आने वाले हफ्तों में होर्मुज जलडमरुमध्य की प्रभावी नाकाबंदी में ढील दी जाती है। ये जहाज निर्यात में तेजी आ सकती है। इससे पहले से उत्पादित और लोड की गई एलएनजी आपूर्ति को सामान्य कर सकती है।
  • Strait Of Hormuz में बड़ा खतरा, भारत सरकार ने नाविकों की सुरक्षा के लिए उठाया बड़ा कदम

    Strait Of Hormuz में बड़ा खतरा, भारत सरकार ने नाविकों की सुरक्षा के लिए उठाया बड़ा कदम

    DGMA ने जारी की एडवाइजरी

    नई दिल्ली: खाड़ी क्षेत्र में चल रहे संघर्ष के बीच में भारत सरकार ने अपने नाविकों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठा लिया है। समुद्री प्रशासन यानी की DGMA ने एक एडवाइजरी जारी करते हुए शिपिंग कंपनियों से साफ कहा है कि जब तक अगला आदेश नहीं आता तो भारतीय नाविकों को ऐसे जहाजों पर तैनात न किया जाए जो कि होर्मुज स्ट्रेट से होकर जाते हैं।

    Read In English : https://encounternews.in/india/india-issues-fresh-advisory-for-seafarers-amid-rising-gulf-tensions-deployment-through-strait-of-hormuz-restricted/

    एहतियाती कदम उठाने का लिया फैसला

    DGMA के सर्कुलर के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में व्यापारिक जहाजों पर लगातार हमले हुए हैं। इन हमलों में भारत के कई नाविक हताहत हुए हैं। ऐसे में फारस की खाड़ी में हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि वहां काम कर रहे नाविकों और जहाजों के लिए खतरा काफी बढ़ गया है। इसी को देखते हुए महानिदेशालय ने एहतियाती कदम उठाने का फैसला किया है।

    जहाजों पर करना होगा ये काम

    एडवाइजरी में फारस की खाड़ी, होर्मुज स्ट्रेट और आस-पास के पानी में चल रहे सभी जहाजों के कप्तानों को यह कहा गया है कि वो सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से चौकन्ने रहें। उन्हें नेविगेशन से जुड़ी चेतावनियों और सुरक्षा एडवाइजरी पर लगातार नजर रखनी होगी। इसके साथ ही आईएसपीएस कोड के अंतर्गत आने वाले सभी शिप सिक्योरिटी प्लान और कंपनी की सुरक्षा प्रक्रियाओं को सख्ती से लागू करना पड़ेगा। सबसे अहम निर्देश शिपिंग कंपनियों के लिए हैं। इसमें शिप ओनर, शिप मैनेजर और RPSL कंपनियों से कहा गया है कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाली यात्राओं पर भारतीय नाविकों की तैनाती से बचाव करें। यह रोक अगले आदेश तक लागू ही रहेगा।

    नाविकों और जहाजों के लिए दिए गए इमरजेंसी कॉन्टैक्ट

    एडवाइजरी में नाविकों और जहाजों के लिए इमरजेंसी कॉन्टैक्ट भी दिए गए हैं। किसी भी आपात स्थिति में DG कम्युनिकेशन सेंटर यानी MMDAC से संपर्क किया जा सकता है। दुनियाभर के कॉर्मशियल जहाजों पर काम करने वाले नाविकों में भारतीयों की संख्या सबसे ज्यादा में से एक हैं। होर्मुज स्ट्रेट एक इस तरह का रास्ता है जहां से दुनिया का करीबन पांचवा हिस्सा कच्चे तेल का गुजरता है। ऐसे में इस रुट पर भारतीय नाविकों की तैनाती रोकने का असर शिपिंग कंपनियों की क्रू प्लानिंग पर भी पड़ेगा। यह एडवाइजरी दिखाती है कि खाड़ी में चल रहे तनाव अब सीधे तौर पर भारतीय नागरिकों की जान के लिए खतरा बन गया है।  
  • अनाथालय में आग लगने से 11 बच्चों की मौत, मची अफरा-तफरी

    अनाथालय में आग लगने से 11 बच्चों की मौत, मची अफरा-तफरी

    अल्जीरियाः अल्जीरिया में दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। जहां एक अनाथालय में आग लगने से हाहाकार मच गया। जानकारी के मुताबिक आग राजधानी अल्जीयर्स के पूर्वी उपनगर मोहम्मदिया में दो मंजिला चाइल्ड केयर सेंटर में सुबह करीब 3:30 बजे लगी। इस हादसे में कई बच्चे चपेट में आए, जिनमें 11 बच्चों की मौत हो गई और 19 बच्चे घायल होने की सूचना है।

    अधिकारियों ने प्रभावित बच्चों की उम्र या वयस्कों के घायल होने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। लेफ्टिनेंट कर्नल नसीम बर्नोई ने कहा कि बचाव दलों ने पांच ऐसे बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला जो चल नहीं सकते थे। उन्होंने कहा कि आग से झुलसे कई बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।

    आग अल्जीरिया के राष्ट्रीय बाल दिवस के मौके पर लगी। ये घटना ऐसे समय में हुई जब देश भीषण गर्मी की लहर (हीटवेव) से जूझ रहा है। एजेंसी ने कहा कि पिछले एक हफ्ते में पूरे देश में आग लगने की करीब 1,000 घटनाएं दर्ज की गई हैं।

    जनरल डायरेक्टरेट ऑफ सिविल प्रोटेक्शन का हवाला देते बताया कि अल्जीरिया भीषण गर्मी की लहर का सामना कर रहा है। 8 जुलाई से सिविल प्रोटेक्शन यूनिट्स ने देश भर में 913 जगहों पर लगी आग को बुझाया है।

    मौके पर मौजूद अधिकारियों ने अभी तक अनाथालय में आग लगने के कारण का खुलासा नहीं किया है। उन्होंने माना कि तेज गर्मी की वजह से हाल ही में अल्जीरिया में घरों और दफ़्तरों में आग लगने की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। रिपोर्टों से पता चलता है कि आग लगने के बाद बाहर निकलने के रास्ते बंद हो गए थे, जिससे अनाथालय में रहने वाले बच्चे अंदर ही फंस गए।

     

  • अब अमेरिका ने ब्राजील पर लगा डाला 25% Tariff, भड़के राष्ट्रपति Lula Da Silva ट्रंप को सुनाई खरी-खोटी

    अब अमेरिका ने ब्राजील पर लगा डाला 25% Tariff, भड़के राष्ट्रपति Lula Da Silva ट्रंप को सुनाई खरी-खोटी

    नई दिल्ली: अमेरिका ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध के बीच में ब्राजील पर टैरिफ का बम फोड़ डाला है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्राजील पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का आदेश दे दिया है। यूएस ने ब्राजील पर आरोप लगाया है कि राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा और उनकी सरकारी ईमानदारी से सहयोग नहीं कर रही है। उसने लूला के लिए कहा है कि वो समझौते को मानने की जगह राजनीति कर रहे हैं।

    मार्को रुबियो ने शेयर की पोस्ट

    अमेरिका के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो ने टैरिफ को लेकर एक्स पर एक पोस्ट शेयर की है। उन्होंने लिखा है कि – ‘राष्ट्रपति ट्रंप ने यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव को ब्राजील से आने वाले ज्यादातर सामानों पर 25 प्रतिशत का टैरिफ लगाने का निर्देश दिया है। इस फैसले के पीछे के कारण को लेकर कोई भी भ्रम नहीं होना चाहिए। राष्ट्रपति लूला और उनकी सरकार ने अमेरिका के साथ ईमानदारी और अच्छी नीयत से बातचीत नहीं की है’।

    टैरिफ को लेकर अमेरिका पर भड़का ब्राजील

    ब्राजील ने टैरिफ के मामले को लेकर ट्रंप और अमेरिका की आलोचना कर दी है। राष्ट्रपति लूला ने इसको लेकर एक्स पर एक पोस्ट भी शेयर की है। उन्होंने लिखा कि – ‘हमारे देश के खिलाफ एकतरफा कदम उठाया जाना सही नहीं है। पिछले 15 सालों में अमेरिका ने ब्राजील से गुड्स एंड सर्विस से 424.5 अरब डॉलर का सरप्लस हासिल किया है। 2025 में अमेरिका से आने वाले करीबन 76 प्रतिशत आयात बिना किसी इम्पोर्ट ड्यूटी के ब्राजील में प्रवेश किए हैं। इसके साथ ही अमेरिकी प्रोडक्ट्स पर औसत प्रभावी शुल्क सिर्फ 3.1 प्रतिशत रहा है’। आपको बता दें कि ट्रंप ने भारत समेत दुनिया के कई देशों पर टैरिफ लगा दिया था। अब उन्होंने ब्राजील पर टैरिफ बम फोड़ दिया है। ब्राजील सरकार का कहना है कि मनमाने ढंग से लगाए गए टैरिफ के खिलाफ हम रिसिप्रोसिटी लॉ का रास्ता अपनाएंगे। वहीं ब्राजील का कहना है कि यह विवाद विश्व व्यापर संगठन तक जाएगा।
  • FBI ने गैंगस्टर नीतीश कौशल को मोस्ट वांटेड लिस्ट में किया शामिल, जग्गू भगवानपुरिया गैंग का सदस्य

    FBI ने गैंगस्टर नीतीश कौशल को मोस्ट वांटेड लिस्ट में किया शामिल, जग्गू भगवानपुरिया गैंग का सदस्य

    वॉशिंगटनः अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई (FBI) ने गैंगस्टर नीतीश कौशल को अपनी ‘मोस्ट वांटेड’ सूची में शामिल कर लिया है। आपको बता दें नीतीश जग्गू भगवानपुरिया गैंग से जुड़ा हुआ है। एफबीआई के अनुसार नीतीश कौशल पर कई गंभीर आपराधिक मामलों में शामिल रहने का आरोप है। एफबीआई के मुताबिक नीतीश कौशल पर हत्या, अपहरण, ड्रग तस्करी, रंगदारी, अवैध हथियारों की तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों में शामिल होने के आरोप हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि जग्गू भगवानपुरिया गैंग की शुरुआत पंजाब से हुई थी और समय के साथ इसका नेटवर्क अमेरिका के कैलिफोर्निया सहित कई देशों तक फैल गया।

    Read In English : https://encounternews.in/world/fbi-names-punjab-origin-suspect-in-probe-into-alleged-international-crime-syndicate/

    Read In Punjabi : https://encounternewspaper.com/world/fbi-takes-major-action-against-bhagwanpuria-gang-nitish-kaushal-included-in-most-wanted-list/

    जांच में आरोप लगाया है कि नीतीश कौशल ने गैंग के लिए अपहरण, हमले और अन्य हिंसक वारदातों को अंजाम दिया। इससे पहले एफबीआई ने ऑपरेशन हार्ड बॉल के तहत अमेरिका, कनाडा और यूरोप में जग्गू भगवानपुरिया गैंग से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की थी। इस अभियान के दौरान 50 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की गई, जिसमें बड़ी मात्रा में ड्रग्स और अन्य प्रतिबंधित सामान बरामद किया गया। इस अभियान में लारेंस बिश्नोई गैंग, गोल्डी बराड़ और जग्गू भगवानपुरिया से जुड़े कथित नेटवर्क भी जांच एजेंसियों के निशाने पर हैं। इससे पहले अमेरिकी ग्रैंड ज्यूरी ने अमेरिका, कनाडा, मेक्सिको और भारत तक फैले एक कथित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क का खुलासा किया था। आरोप पत्र में जग्गू भगवानपुरिया और उसके कई कथित सहयोगियों पर ड्रग तस्करी, अवैध हथियारों के कारोबार, रंगदारी और हत्या की साजिश जैसे गंभीर आरोप लगाए है।    
  • US-Iran War: धमाकों की आवाज से दहला बंदर अब्बास, घरों में छिपे लोग, बंद की दुकानें

    US-Iran War: धमाकों की आवाज से दहला बंदर अब्बास, घरों में छिपे लोग, बंद की दुकानें

    नई दिल्लीः पश्चिम एशिया में जारी भारी सैन्य तनाव के बीच मंगलवार को ईरान के तटीय शहर बंदर अब्बास के पश्चिमी हिस्से में कई जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इस घटना को लेकर लोगों में दहशत का माहौल पाया जा रहा है। जिसके बाद बंदर अब्बास में दुकानें जल्दी बंद हो गईं। इस धमाके के बाद स्थानीय लोग घरों में छिप गए। बंदर अब्बास स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास है, जहां से दुनिया का बड़ा तेल गुजरता है। अगर यहां तनाव बढ़ा तो पूरी दुनिया के तेल के दाम प्रभावित हो सकते हैं। ईरान के सरकारी टीवी के अनुसार शहर का पश्चिमी हिस्सा एक के बाद एक कुल 5 जबरदस्त विस्फोट हुए। यह घटना उस वक्त हुई जब अमेरिका और ईरान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नौसैनिक टकराव बढ़ रहा है।

    कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि ये धमाके अमेरिकी हमलों या ड्रोन हमलों से जुड़े हो सकते हैं। इसके अलावा दक्षिण-पश्चिमी ईरान में स्थित बुशहर की चार जगहों पर जहां परमाणु केंद्र भी हैं, अमेरिकी मिसाइलों से हमला हुआ है। सरकारी न्यूज एजेंसी ने स्थानीय लोगों के हवाले से बताया कि आवाजें इतनी तेज थीं कि आसपास के इलाकों तक महसूस की गईं। हालांकि, होर्मोजगान प्रांत के अधिकारियों ने कहा कि इन धमाकों से किसी आम नागरिक की जान नहीं गई और न ही घरों या बाजारों को नुकसान पहुंचा। फिर भी, लोग डरे हुए हैं। कई परिवारों ने सुरक्षित जगहों की ओर रुख कर लिया।

    ये धमाके उस बड़े तनाव के बीच आए हैं जब अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। बंदर अब्बास ईरान का महत्वपूर्ण बंदरगाह है, जहां से तेल निर्यात होता है और सैन्य गतिविधियां भी चलती हैं। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि ईरानी एयर डिफेंस ने एक अमेरिकी ड्रोन को गिराया, जिसके बाद ये धमाके सुनाई दिए। अमेरिकी सेना ने भी कुछ इलाकों में सटीक हमलों की पुष्टि की है, जिसमें ईरान की मिसाइल और ड्रोन साइट्स को निशाना बनाया गया। दरअसल, ईरान के कई शहरों में पहले भी ऐसे धमाके हो चुके हैं, जिससे लोग अब आदी हो रहे हैं, लेकिन डर कम नहीं हुआ।

     

  • Hormuz Straight में हुए हमले में भारतीय नाविक की मौत पर भड़की भारत सरकार, लिया सख्त एक्शन

    Hormuz Straight में हुए हमले में भारतीय नाविक की मौत पर भड़की भारत सरकार, लिया सख्त एक्शन

    नई दिल्ली: ईरान के होर्मुज स्ट्रेट में यूएई के टैंकरों पर हुए हमलों में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई है। इसके बाद अब भारत सरकार ने सख्त एक्शन ले लिया है। भारत ने दिल्ली में ईरानी दूतावास को तलब कर दिया है। इस पर उन्होंने जवाब मांगा है। ऐसे में भारत के समन किए जाने के बाद ईरानी राजनयिक विदेश मंत्रालय में पहुंच गए हैं। इनमें ईरान के डिप्टी चीफ मिशन मोहम्मद जवाद हुसैनी भी शामिल थे। भारतीय अधिकारियों ने ईरान के सामने समुद्र में काम करने वाले अपने बड़े समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंता जता दी है। बता दें कि इस इलाके में हजारों भारतीय नागरिक मर्चेंट जहाजों पर काम करते हैं और वो अक्सर सबसे ज्यादा जोखिम वाले इलाकों में होते हैं।

    भारतीय क्रू मेंबर की हुई मौत

    ईरान ने यूएई के मोम्बासा टैंकर पर अटैक किया था। इसमें एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत हो गई है वहीं बाकी के 8 लोग घायल हो गए हैं। इसमें छह भारतीय और दो यूक्रेनी भी शामिल है। इन घायलों में से 4 की हालत गंभीर है। ईरान के हमले के बाद दोनों टैंकर्स में आग लग गई थी। इन पर बाद में काबू पा लिया गया था।

    ईरान के हमलों पर भड़क गया यूएई

    यूएई ने ईरान के इन हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसको अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन करार दिया है। इसके साथ ही इस तरह के हमलों को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया है। यूएई ने कहा कि – हमारे पास इस तनाव को बढ़ाने वाली कार्रवाई का जवाब देने का पूरा अधिकार है। बता दें कि यह घटना ईरान और उसके पड़ोसी देशों के बीच में बढ़ते हुए तनाव के बीच में हुई है। इसमें होर्मुज स्ट्रेट एक संवेदनशील केंद्र बने हुए हैं। होर्मुज एक संकरा समुद्री रास्ता है जहां से दुनिया का करीबन 5वां हिस्सा तेल का एक्सपोर्ट होता है।

    इस वजह से बढ़ा पश्चिम एशिया में तनाव

    ओमान की समुद्री सीमा में ईरान ने जो हमला किया उसके बाद पश्चिम एशिया में तनाव और भी बढ़ गया है। इसके बाद होर्मुज में कमर्शियल जहाजों के नेविगेशन पर और खतरा बढ़ गया है। यूएई के रक्षा मंत्रालय ने इस हमले के बाद बयान जारी कर बताया कि जिन जहाजों पर हमला हुआ है वो तेल टैंकर मोम्बासा और एलएनजी कैरियर अल बहिया थे। UAE ने यह कहा कि दक्षिणी शिपिंग लेन से गुजरते समय दोनों जहाजों पर ईरानी क्रूज मिसाइलों से हमला किया गया है।