Category: International

  • क्या भारत और America में नहीं होगी Trade Deal? Sergio Gor ने खुद दिया जवाब

    क्या भारत और America में नहीं होगी Trade Deal? Sergio Gor ने खुद दिया जवाब

    नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच में व्यापार समझौते को भारत के द्वारा खारिज करने पर अब दोनों देशों का बयान सामने आ गया है। भारत के मंत्री पीयूष गोयल ने इस रिपोर्ट को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उसके कुछ घंटों के बाद ही भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी इस खबर को झूठ बता दिया है। अमेरिका के राजदूत ने यह साफ किया है कि किसी भी पक्ष ने किसी समझौते को अस्वीकार नहीं किया है।

    सर्जियो गोर ने कहा फेक न्यूज अलर्ट

    न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी पोस्ट शेयर की है। उन्होंने कहा कि – ‘फेक न्यूज अलर्ट किसी ने कुछ भी खारिज नहीं किया है। उन्होंने बताया कि ट्रेड डील को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहुत ही पॉजिटिव बैठकें हुई है। अमेरिकी राजदूत ने बताया कि दोनों ही पक्षों ने व्यापार समझौते को अंतिम रुप देने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहरा दी है। हम लगातार एक्टिव रुप से जुड़़े हुए हैं’। उन्होंने आगे यह कहा है कि रॉयटर्स में आप इससे भी बेहतर कर सकते हैं।

    पीयूष गोयल का आया बयान

    वहीं दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी सोशल मीडिया पर ऐसी रिपोर्ट्स को पूरी तरह से गलत और निराधार बताया है। गोयल का यह कहना है कि ये खबर पूरी तरह से असत्य, निराधार और भ्रामक के अलावा कुछ भी नहीं है। जून में जब अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर दिल्ली में आए थे। उस दौरान मेरी शानदार बैठकें हुई थी और दोनों पक्ष एक ऐसे समझौते के लिए प्रतिबद्ध हैं जो संतुलित हो और व्यावसायिक रुप से सार्थक हो। उन्होंने यह भी बताया है कि हमारी टीमें इस मकसद को हासिल करने के लिए जुटी हैं।

    डील को जल्द करेंगे पूरा

    सर्जियो गोर ने पिछले महीने ही यूएस इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम लीडरशिप समिट को संबोधित करते हुए कहा था कि ये ऐतिहासिक व्यापार समझौता इस समय अंतिम चरण में हैं। गोर ने यह कहा था कि हम इस डील के बिल्कुल आखिरी कदम पर हैं। इस समझौते का ज्यादातर काम पूरा हो चुका है। दोनों पक्षों की ओर से बस कुछ ही चीजें बची हैं। आप यह कह सकते हैं कि यह डील अब अपनी आखिरी 1 प्रतिशत हिस्से पर अटकी हुई है। उन्होंने यह कहा था कि वह इस डील को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए अब लगातार काम कर रहे हैं।
  • Iran के 5 राज्यों पर America ने किया हमला, UN के बयान पर मची खलबली

    Iran के 5 राज्यों पर America ने किया हमला, UN के बयान पर मची खलबली

    नई दिल्ली: होर्मुज स्ट्रेट में कमर्शियल जहाजों पर हमला होने के बाद अमेरिका ने ईरान के 5 राज्यों पर एकसाथ हमले किए हैं। अमेरिकी सैन्य हमलों पर ईरान की ओर से अब प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरानी विदेशी मंत्रालय ने इन हमलों की निंदा करते हुए संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताया है। इसके साथ ही ईरान के खिलाफ हमलों में अमेरिका का साथ देने वाले किसी भी देश को जवाबी कार्रवाई की भी चेतावनी दी है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने वाशिंगटन पर क्षेत्रीय स्थिरता को कमजोर करने, अंततराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करने और युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। तेहरान ने संयुक्त राष्ट्र से भी इन हमलों के लिए अमेरिका को जवाबदेह ठहराने की अपील की है।

    ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप के बयानों को किया खारिज

    ईरान ने चेतावनी दी है कि कोई भी देश जो अपने क्षेत्र या फिर सुविधाओं को तेहरान के खिलाफ सैन्य अभियानों के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति देता है। उसे रक्षात्मक कार्रवाई के लिए एक वैध लक्ष्य माना जा सकता है। तेहरान ने ओमान के मस्कट में अभी हाल की चर्चओं के परिणामों के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों को भी खारिज कर दिया है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति के बयान पूरी तरह से झूठ है। वहीं ईरान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि वार्ता में होर्मुज स्ट्रेट के मैनेजमेंट और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा से जुड़े व्यवस्थाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

    ईरान की कार्रवाई को बताया एक सैन्य टकराव

    ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने एक ऐसे बयान पर भी आपत्ति जता दी है जिसमें उन्होंने ईरान की कार्रवाई को एक सैन्य टकराव बता दिया था। तेहरान का यह कहना था कि ये सही नहीं है कि बकाई के अनुसार, अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने अपने आत्मरक्षा के वैध अधिकार का भी इस्तेमाल किया है। उन्होंने सभी देशों से अपील की है कि वो अपनी जमीन का इस्तेमाल अमेरिका को ईरान पर हमले के लिए न करने दें। इसके साथ ही उन्होंने यह कहा कि संयुक्त राष्ट्र के दिशा निर्देशों के अनुसार, पर्शियन गल्फ का नाम भी इस्तेमाल करना चाहिए।

    ईरान के पांच राज्यों पर अमेरिका ने किए थे हमले

    बता दें कि अमेरिका की ओर से रविवार को ईरान के पांच प्रांतों में हमले किए गए हैं। इसमें होर्मुगोजन, मरकाजी, अहवाज, बुशहर, खुजेस्तान और बलूचिस्तान-सिस्तान शामिल है। खुजेस्तान में एक शख्स की मौत हुई है और पांच लोग घायल हैं। सेंटकॉम ने बताया है कि अमेरिकी सेना ने ईरान पर नए हमले शुरु कर दिए हैं। इनको होर्मुज स्ट्रेट में कमर्शियल जहाजों को खतरा पहुंचाने की तेहरान की क्षमता को कम करने के प्रयास के रुप में बताया है। यूएस आर्मी ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी सेना को जवाबदेह ठहरानें और होर्मुज से सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस कार्रवाई का आदेश दिया था।  
  • ईरान का जहाज़ पर हमला, 10 भारतीयों को निकाला सुरक्षित, एक लापता

    ईरान का जहाज़ पर हमला, 10 भारतीयों को निकाला सुरक्षित, एक लापता

    नई दिल्लीः अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर टकराव की स्थिति पैदा हो गई। ओमान तट के पास एक व्यापारी जहाज ‘GFS गैलेक्सी’ पर हमला हुआ। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने बताया कि इस जहाज पर 11 भारतीय नागरिक सवार थे। इनमें से 10 को सुरक्षित बचा लिया गया है, जबकि एक भारतीय अब भी लापता है। भारत ने हमले की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि मस्कट में भारतीय दूतावास ओमान सरकार के साथ मिलकर लापता भारतीय की तलाश और बचाव अभियान पर लगातार नजर रखे हुए है।

    भारत ने इस अभियान में सहयोग के लिए ओमानी अधिकारियों का धन्यवाद भी दिया। भारत ने कहा कि क्षेत्र में व्यापारी जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना तुरंत बंद होना चाहिए। साथ ही तनाव कम करने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की। विदेश मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर बिना किसी बाधा के जहाजों की आवाजाही जल्द बहाल होनी चाहिए। अली खामेनेई के निधन के बाद पहली बार नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई का बयान सामने आया।

    उन्होंने कहा कि अपने पिता और युद्ध में मारे गए लोगों के खून का बदला लिया जाएगा। CNN ने सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर दावा किया कि ईरान पारचिन समेत कुछ न्यूक्लियर साइट्स की मरम्मत और दोबारा निर्माण कर रहा है। रिपोर्ट में इसे अमेरिका-ईरान MoU का संभावित उल्लंघन बताया गया। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका खुद MoU का उल्लंघन कर रहा है। उन्होंने कहा कि समझौता तभी चलेगा, जब दोनों पक्ष उसका पालन करें। डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अगर ईरान ने उनकी हत्या की कोशिश की, तो अमेरिका हजारों मिसाइलों से जवाब देगा। उन्होंने दावा किया कि जवाबी कार्रवाई के आदेश पहले ही दिए जा चुके हैं।

     

  • Bangkok के पब में आग, 27 लोगों की मौत; देखें वीडियो

    Bangkok के पब में आग, 27 लोगों की मौत; देखें वीडियो

    बैंकाकः थाईलैंड की राजधानी बैंककॉक में एक पब में आग लगने का मामला सामने आया है, जहां लोगों में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार पब में 27 लोगों की मौत होने की सूचना है। बताया जा रहा है कि पब में सोमवार को आग लगने की सूचना मिली थी।
     
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    फायर बिग्रेड की मौके पर सूचना दे दी गई। फायर बिग्रेड के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंच आग पर काबू पाया है। सोशल मीडिया पर तेजी से एक वीडियो भी वायरल हो रही है। वीडियो में देखा जा सकता है कि लोग भागकर पब में बाहर आ रहे है। आग उत्तरी बैंकॉक स्थित ना लाडफ्राओ (Na Ladprao) पब में लगी। थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुटिन चार्नवीराकुल ने घटनास्थल का दौरा किया और बताया कि हादसे में 27 लोगों की मौत हुई है, जबकि घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। पब में प्रस्तुति दे रहे एक संगीतकार ने बताया कि मंच के पास लगे सर्किट ब्रेकर से पहले धुआं निकलता दिखाई दिया, इसके बाद बिजली चली गई और फिर जोरदार धमाका हुआ। कुछ ही क्षणों में पूरा पब घने धुएं से भर गया, जिससे लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका। उन्होंने बताया कि मृतकों में से कई के शव पब के पीछे स्थित शौचालयों से बरामद किए गए, जहां वे धुएं और आग से बचने के लिए छिपे थे। घटना के बाद सामने आई तस्वीरों में पब का अंदरूनी हिस्सा पूरी तरह जलकर खाक दिखाई दे रहा है।    
  • Hormuz को लेकर फिर बढ़ा America-Iran में तनाव, IRGC ने युद्ध को लेकर किया अहम ऐलान

    Hormuz को लेकर फिर बढ़ा America-Iran में तनाव, IRGC ने युद्ध को लेकर किया अहम ऐलान

    नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते हुए टकराव के बीच में अब ईरान के अंदर भी रणनीति को लेकर मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं। इसी दौरान अब सबसे बड़ा विवाद दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में शामिल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर है। वहीं दूसरी ओर ईरान की ताकतवर सैन्य संस्था इस्लामिक रिव्योल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स अमेरिका के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए होर्मुज स्ट्रेट पर अपना नियंत्रण बनाए रखने की वकालत कर रही है। दूसरी ओर राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान की सरकार कूटनीतिक रास्ते से तनाव कम करने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने के पक्ष में दिखाई दे रही है।

    ईरान की सबसे बड़ी ताकत होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण

    सौफान सेंटर के सीनियर विश्लेषक केनेथ कैट्जमैन का यह कहना है कि मौजूदा हालात में ईरान के सत्ता तंत्र के अंदर दो अलग-अलग सोच काम कर रही है। उनके अनुसार, IRGC के शीर्ष कमांडर और कट्टरपंथी धड़ा मानता है कि होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण बनाए रखना ईरान की सबसे बड़ी रणनीतिक ताकत है और इसी के जरिए अमेरिका पर दबाव बनाया जा सकता है।

    अयातुल्लाह अली खामनेई की मौत का लिया जाएगा बदला

    विश्लेषक के अनुसार, आईआरजीसी का इस समय उद्देश्य सिर्फ होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी पकड़ बनाए रखना नहीं है। कट्टरपंथी धड़ा यह भी चाहता है कि मारे गए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का बदला लिया जाए। उनका मानना है कि अमेरिका का ऐसा जवाब दिया जाना चाहिए इससे भविष्य में वह ईरान के खिलाफ किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई करने से पहले भी कई बार सोचे। दूसरी ओर राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ जैसे नागरिक नेता सैन्य टकराव को आगे बढ़ाने के बजाय बातचीत को बेहतर विकल्प मान रहे हैं। विश्लेषकों का कहना है कि निर्वाचित सरकार चाहती है कि ओमान की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर वार्ता शुरु हो ताकि होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सके। एक्सपर्ट्स के अनुसार, तेहरान की नागरिक सरकार की उम्मीद है कि ओमान दोनों देशों के बीच संवाद बहाल करने में खास भूमिका निभा सकता है। सरकार की कोशिश है कि बातचीत के जरिए ऐसा रास्ता निकले इससे क्षेत्रीय तनाव कम हो और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर किसी सहमति पर पहुंचा जा सके। इस बीच अमेरिका ने भी साफ कर दिया है कि होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखना उसकी राष्ट्रीय और रणनीतिक प्राथमिकताओं में शामिल है। वॉशिंगटन का यह कहना है कि दुनिया के करीबन 20 प्रतिशत तेल व्यापार के लिए यह समुद्री मार्ग बेहद अहम है। यदि इसे बंद करने या नौवहन बाधित करने की कोशिश की गई तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा। होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक एनर्जी आपूर्ति की सबसे जरुरी समुद्री लाइनों में से एक माना जाता है। ऐसे में ईरान के अंदर रणनीति को लेकर उभरते मतभेद और अमेरिका के साथ बढ़ता तनाव सिर्फ दोनों देशों तक सीमित नहीं है बल्कि इसका असर पूरी दुनिया के तेल बाजार, समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।
  • रिपब्लिकन पार्टी के सांसद रहे अमेरिकी Senator Lindsey Graham का 71 साल की उम्र में हुआ निधन

    रिपब्लिकन पार्टी के सांसद रहे अमेरिकी Senator Lindsey Graham का 71 साल की उम्र में हुआ निधन

    नई दिल्ली: अमेरिका के साउथ कैरोलिना से लंबे समय तक रिपब्लिकन पार्टी के सांसद रहे अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राम का निधन हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी माने जाते थे। एक बयान के अनुसार, 71 वर्षीय ग्राहम शनिवार 11 जुलाई की शाम अचानक बीमार पड़ गए थे। इसके बाद उनका निधन हो गया है। उनके कार्यालय ने एक ऑफिशियल बयान जारी करते हुए कहा कि सीनेटर लिंडसे ग्राहम का शनिवार शाम को अचानक हुई बीमारी के कारण निधन हो गया है। बयान में उनके परिवार की ओर से लोगों की प्रार्थनाओं के लिए धन्यवाद दिया गया और मुश्किल समय में प्राइवेसी बनाए रखने की अपील की गई है। लिंडसे ग्राहम अमेरिका की राजनीति का एक महत्वपूर्ण शख्स था। साल 2003 से अमेरिकी सीनेट में साउथ कैरोलिना का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।

    सीनेट बजट समिति से भी जुड़े रहे लिंडसे

    फॉरन पॉलिसी, नेशनल सेफ्टी और न्यायिक मामलों पर उन्हें रिपब्लिकन पार्टी की सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों में गिन जाता था। सीनेट में आने से पहले उन्होंने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में 4 कार्यकाल पूरे किए थे। उन्होंने साल 1995 में पहली बार कांग्रेस में जगह बनाई थी। अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने कई महत्वपूर्ण समितियों में काम किया है। वह सीनेट न्यायिक समिति के अध्यक्ष भी रह चुके हैं और हाल के सालों में सीनेट बजट समिति से भी जुड़े रहे हैं।

    अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में निभा रहे थे सक्रिय भूमिका

    लिंडसे ग्राहम का निधन ऐसे समय में हुआ जब वह अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में एक्टिव भूमिका निभा रहे थे। निधन से एक दिन पहले ही वह यूक्रेन की राजधानी कीव में राष्ट्रपति व्लोदिमीर जेलेंस्की से मिले थे। इस बैठक में यूक्रेन की एयर डिफेंस की जरुरतों और रुस के खिलाफ प्रस्तावित प्रतिबंधों पर चर्चा हुई थी। बैठक के बाद ग्राहम ने कहा था कि चीन रुस की शांति वार्ता में शामिल होने के प्रेरित करने में अहम भूमिका निभा सकता है। उन्होंने यह भी कहा था कि रुस पर कड़े बैन और यूक्रेन की सैन्य क्षमता को मजबूत करने से मॉस्को को बातचीत की दिशा में लाया जा सकता है।

    सैन्य और कानूनी क्षेत्र में भी किया है काम

    लिंडसे ग्राहम ने हाल ही में यह भी कहा था कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टीम रुस पर नए प्रतिबंध लगाने वाले द्विदलीय विधेयक को आगे बढ़ाने पर सहमत हो गई है। इस कानून का मकसद रुस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर भी दबाव बनान था ताकि रुस की सैन्य गतिविधियों के लिए होने वाली फंडिंग को रोका जा सके। 9 जुलाई 1955 को साउथ कैरोलिना के सेंट्रल शहर में जन्मे ग्राहम ने यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ कैरोलिना से पढ़ाई की थी। इसके बाद उन्होंने अमेरिकी वायुसेना और बाद में एयर फोर्स रिजर्व में सेवा दी। राजनीति में आने से पहले उन्होंने सैन्य और कानूनी क्षेत्र में भी काम किया है।
  • Oman तट के Commercial जहाज पर हुआ बड़ा हमला, विदेश मंत्रालय ने की कड़ी निंदा

    Oman तट के Commercial जहाज पर हुआ बड़ा हमला, विदेश मंत्रालय ने की कड़ी निंदा

    11 भारतीय नागरिक थे सवार नई दिल्ली: विदेश मंत्रालय की ओर से ओमान तट पर एक कमर्शियल जहाज GFS Galaxy पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने रविवार को एक बयान जारी करते हुए कहा कि – जहाज पर सवार 11 भारतीय नागरिकों में से 10 को बचा लिया है। वहीं एक भारतीय नागरिक अभी भी लापता है।

    ओमान के अधिकारियों ने किया आभार व्यक्त

    विदेश मंत्रालय के अनुसार, ओमान के तट पर वाणिज्यिक जहाज जीएफएस गैलेक्सी को निशाना बनाकर किए गए हमले के तुरंत बाद राहत और बचाव कार्य शुरु कर दिया गया था। जहाज पर सवार 11 भारतीयों में से 10 को बचा लिया गया है लेकिन एक लापता भारतीय की तलाश अभी भी चल रही है। ओमान में मौजूद भारतीय दूतावास स्थिति पर पैनी नजर रख रहे हैं। इस दौरान चल रहे सर्च-रेस्क्यू ऑपरेशन में ओमान के अधिकारियों के साथ एक्टिव रुप से समन्वय कर रहा है। भारत ने संकट के इस समय के साथ देने के लिए ओमान के अधिकारियों का आभार व्यक्त किया है। मंत्रालय ने अपने बयान में इस बात पर गहरा दुख और चिंता व्यक्त की है। इस क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही है। यह बहुत चिंताजनक है। भारत सरकार ने वैश्विक मंच से एक बार फिर दोहराया है। क्षेत्र में तनाव को तुरंत कम किया जाना चाहिए। इसके साथ ही चल रहे राजनयिक वार्ताओं को किसी तार्किक और शांतिपूर्ण समाधान तक पहुंचाया जाना बहुत जरुरी है। इस पूरे क्षेत्र में फिर से शांति और स्थिरता लौट सके।

    भारत ने जताया कड़ा रुख

    भारत ने इस दौरान कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि इस क्षेत्र में वाण्जियिक जहाजों और नागरिक बुनियादी ढांचों को निशाना बनाने का ये सिलसिला अब हर हाल में बंद होना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय कानूनों के सिद्धांतों के अनुरुप क्षेत्र के सभी अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से मुक्त और बेरोकटोक नौवहन तथा वाणिज्यिक गतिविधियों को जल्द से जल्द खत्म करना चाहिए ताकि सुरक्षित तरीके से वैश्विक व्यापार चल सके।  
  • Salsa on St. Clair’ festival में गोलीबारी, 2 की मौत, देखें वीडियो

    Salsa on St. Clair’ festival में गोलीबारी, 2 की मौत, देखें वीडियो

    टोरंटोः टोरंटो में एक उत्सव के आयोजन स्थल के पास शनिवार को गोलीबारी की घटना सामने आई है, जहां दो लोगों की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए। इस मामले में टोरंटो पुलिस ने कार्रवाई की है।
     
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    टोरंटो पुलिस ने बताया कि ‘सेंट क्लेयर एवेन्यू वेस्ट’ और ‘अर्लिंगटन एवेन्यू’ के पास गोलीबारी की घटना के बाद सात लोग गोली लगने से घायल मिले थे। वहां ‘साल्सा ऑन सेंट क्लेयर’ उत्सव आयोजित किया जा रहा था, जहां दो लोगों की मौत हो गई और पांच लोग घायल हैं। मामले में अभी तक पुलिस द्वारा किसी की आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। ओंटारियो के प्रीमियर डग फोर्ड ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि साल्सा ऑन सेंट क्लेयर उत्सव में हुई हिंसा की इस घटना से दुखी हूं। इसमें दो लोगों की जान चली गई और अन्य लोग घायल हुए हैं। मेरी संवेदनाएं पीड़ितों, उनके परिवारों और इस घटना से प्रभावित सभी लोगों के साथ हैं।    
  • ईरान ने अमेरिका को सरेआम दे डाली चेतावनी, Straight Of Hormuz को लेकर कही ये बात

    ईरान ने अमेरिका को सरेआम दे डाली चेतावनी, Straight Of Hormuz को लेकर कही ये बात

    नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर से बढ़ता हुआ दिख रहा है। ईरान ने अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अब अगली सूचना आने तक बंद करने का ऐलान कर दिया है। इसके बाद तुरंत अमेरिका ने ईरान पर इस हफ्ते तीसरा सैन्य हमला शुरु कर दिया है। अमेरिका ने यह आरोप लगाया है कि ईरान ने होर्मुज से गुजर रहे साइप्रस के झंडे वाले एक व्यावसायिक कंटेनर जहाज पर हमला किया है। इसके जवाब में यह कार्रवाई की गई है।

    ईरान ने दी चेतावनी

    ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि एक जहाज तय समुद्री मार्ग का पालन नहीं कर रहा था। उसने कई चेतावनियों के बाद अपना रास्ता नहीं बदला है। इसके बाद चेतावनी के तौर पर फायरिंग कर जहाज को भी रोक दिया गया है। इसके साथ ही ईरान ने घोषणा कर दी है कि अमेरिकी हस्तक्षेप खत्म होने तक अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से किसी भी जहाज को गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ईरान ने यह भी चेतावनी दी कि किसी भी जवाबी कार्रवाई का कड़ा जवाब दिया जाएगा।

    Mou का किया जिक्र

    हैदराबाद में स्थित ईरानी वाण्जिय दूतावास के ऑफिशियल एक्स अकाउंट पर यह बोला गया है कि समझौता दोनों पक्षों की पारस्परिक जिम्मेदारी है और एक पक्ष से पालन की उम्मीद तब तक नहीं की जा सकती है जब तक दूसरा पक्ष अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी न करें। पोस्ट में यह भी बोला गया है कि एमओयू के अनुसार, ईरान ने 60 दिनों तक बिना किसी शुल्क के फारस की खाड़ी से ओमान सागर तक व्यावसायिक जहाजों के सुरक्षित आवगमन की व्यवस्था करने पर सहमति जताई थी।

    कई ठिकानों पर हुई है एयर स्ट्राइक

    अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, ईरान के हमले में कंटेनर जहाज का एक नागरिक चालक दल का सदस्य लापता हो चुका है। जहाज के इंजन रुम में आग लगने के कारण भी भारी नुकसान पहुंचा है। इसके बाद ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी सेना ने ईरान के कई ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि – ईरान ने गलत फैसला लिया है। अब उसे इसकी कीमत भी चुकानी होगी।

    वैश्विक एनर्जी आपूर्ति और तेल बाजार पर पड़ेगा असर

    ईरान के कई तटीय इलाकों में विस्फोटों की खबरें आई हैं। संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और कतर में मिसाइल और ड्रोन अलर्ट जारी किया गया है। होर्मुज जलडमरुमध्य दुनिया के तेल और गैस व्यापार का सबसे अहम समुद्री मार्ग माना जाता है। ऐसे में इसके बंद होने और अमेरिकी ईरान के बढ़ते टकराव से वैश्विक एनर्जी आपूर्ति और तेल बाजार पर बड़ा असर पड़ने की आशंका बढ़ चुकी है।  
  • बड़ा हादसाः समुद्र में पलटी भारतीय पर्यटकों से भरी स्पीडबोट, 15 की मौत, देखें वीडियो

    बड़ा हादसाः समुद्र में पलटी भारतीय पर्यटकों से भरी स्पीडबोट, 15 की मौत, देखें वीडियो

    हनोई: दक्षिणी वियतनाम में फु क्वोक द्वीप के पास बड़ा हादसा हो गया। दरअसल, भारतीय पर्यटकों से भरी स्पीडबोट पलट गई। इस हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई है। बोट पर कुल 4 क्रू मेंबर्स समेत 36 लोग सवार थे। वहीं घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे अधिकारियों द्वारा रेस्क्यू करके 21 लोगों को बचा लिया गया है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक हादसा सुबह 10:30 बजे हुआ। अधिकारियों ने बताया कि नाव में कुलत 36 लोग सवार थे। नाव के पलटने के बाद 21 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया लेकिन 15 लोग डूब गए। इस घटना में ज्यादातर तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के पर्यटक थे। वियतनाम स्थित भारतीय दूतावास ने शनिवार को हुई इस दुर्घटना पर दुख जताया है और पीड़ितों की सभी संभव मदद की बात कही है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे की वजह समुद्र की ऊंची लहरें हो सकती हैं। जो वीडियो सामने आए, उनमें लहरें उठती दिख रही हैं। बताया जा रहा है कि टूरिस्ट लाइफ जैकेट नहीं पहने हुए थे। नाव जब पलटी तो टूरिस्ट नाव के नीचे फंस गए।
     
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    दरअसल, हादसे का शिकार हुई स्पीडबोट होन मे रुट द्वीप से एन थोई बंदरगाह जा रही थी, तभी किनारे से लगभग 400 मीटर दूर वह पलट गई। उस समय समुद्र में हालात खराब थे। ऐसे में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने में राहतकर्मियों को भारी मुश्किल का सामना करना पड़ा। सर्च ऑपरेशन के बाद 15 मौतों की पुष्टि की गई है। हादसे की वजह तुरंत साफ नहीं हो पाई है। फिलहाल इसके पीछे का कारण जानने के लिए जांच चल रही है। वियतनाम में भारतीय दूतावास ने शनिवार शाम को अपने बयान में कहा है कि एक दुखद घटना में, कुछ घंटे पहले वियतनाम में फु क्वोक द्वीप के पास कई भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक नाव पलट गई। घटना की सटीक जानकारी का पता लगाया जा रहा है क्योंकि स्थानीय अधिकारियों द्वारा खोज और बचाव अभियान जारी है। दूतावास ने कहा कि उसने प्रभावित परिवारों की मदद करने और जानकारी देने के लिए हो ची मिन्ह सिटी और हनोई में कंट्रोल रूम बनाए हैं। प्रभावित परिवारों को जानकारी और सहायता प्रदान करने के लिए, हो ची मिन्ह सिटी में भारत के वाणिज्य दूतावास में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। हनोई में भी एक और कंट्रोल रूम बनाया गया है। दूतवास ने हो ची मिन्ह सिटी में भारत के कॉन्सुलेट जनरल में जो कंट्रोल रूम बनाया गया है, उस पर इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है। +84 36 281 7930, +84 91 552 37 14 और +84 33 452 0414। वहीं हनोई में +84 91 308 9165 पर संपर्क कर जानकारी ली जा सकती है। भारतीय दूतावस ने सोशल मीडिया पर कहा है कि हम हादसे के पीड़ितों के लिए किसी भी तरह की मदद और घटना से जुड़े सवालों के लिए उपलब्ध हैं।