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  • कतर के रास लाफान के Gas Terminal में हुआ बड़ा धमाका, 54 लोग हुए घायल, गृह मंत्रालय ने दी जानकारी

    कतर के रास लाफान के Gas Terminal में हुआ बड़ा धमाका, 54 लोग हुए घायल, गृह मंत्रालय ने दी जानकारी

    नई दिल्ली: कतर के रास लाफान के एक प्रमुख नैचुरल गैस एक्सपोर्ट टर्मिनल में रविवार रात को तेज धमाका हुआ है। हादसा तब हुआ जब ईरान के हमले के बाद यहां कर्मचारियों की ओर से टर्मिनल को दोबारा से शुरु करने की कोशिश की जा रही थी। तेज धमाके के चलते के चलते वहां भीषण आग लग गई है जिसमें करीब 54 लोगों के घायल होने की खबर है जबकि 18 लोग कई घंटों बाद तक लापता था। फिलहाल राहत बचाव टीमें मौके पर लगातार काम कर रही है।

    कतर गृह मंत्रालय ने दी जानकारी

    कतर की सरकार कंपनी कतरएनजी के अनुसार एक्सपोर्ट टर्मिनल में काम के दौरान रविवार रात बरजान गैस सप्लाई प्लांट में एक बड़ा धमाका हुआ और आग लग गई है। टर्मिनल हुए धमाके के चलते होने वाले नुकसान की अब तक कोई पुख्ता जानकारी सामने नहीं आ पाई है हालांकि अधिकारियों ने पहले कहा था कि कुछ लोग घायल हुए हैं लेकिन कतर के गृह मंत्रालय ने बाद में हादसे में घायलों होने वालों का आंकड़ा जारी किया है। कतर दुनिया के टॉप नैचुरल गैस उत्पादकों में से एक है। ऐसे में यहां के इंडस्ट्रियल एरिया में हुए इस बड़े धमाके का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ सकता है। उधर ईरान की ओर से होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने के चलते कतर अपने सप्लायर को गैस की आपूर्ति नहीं कर पा रहा था जिसके चलते कतर ने अपने उत्पादन बंद कर दिया था।

    ईरान के हमलों के बाद कतर ने रोका था गैस प्रोडक्शन

    अधिकारियों के अनुसार, मार्च में एक ईरानी मिसाइल रास लफ्फान से टकराई थी जिससे वहां भीषण आग लग गई थी और बड़ा नुकसान हुआ था। ईरान के लगातार हमलों के चलते कतर ने वहां पहले ही गैस का उत्पादन रोक दिया था। अब यूएस-ईरान के बीच बातचीत और होर्मुज में ढील देने के चलते पश्चिमी एशिया के हालात सुधरने की संभावनाओं के बीच कतर ने दोबार से अपने एक्सपोर्ट टर्मिनल को शुरु करने पर काम शुरु किया था। इसी दौरान यह बड़ा हादसा हो गया है।

    बरजान प्लांट क्यों अहम

    कतर के लिए बरजान प्लांट बहुत अहम है। इसकी अहम रोजाना लगभग 1.4 अरब स्टैंडर्ड क्यूबिक फीट गैस बेचने की थी। कतर इस गैस का इस्तेमाल मुख्य तौर पर अपने देश में बिजली बनाने और रेगिस्तानी इलाकों में पानी को साफ करने वाले जरुरी प्लांट चलाने के लिए करता था। इस प्लांट का लगभग पूरा हिस्सा कतर का है जबकि एक छोटा सा हिस्सा अमेरिकी तेल कंपनी के पास है।
  • जल्द होगी भारत और अमेरिका में Trade Deal, भारत दौरे पर आएंगे Jamieson Greer

    जल्द होगी भारत और अमेरिका में Trade Deal, भारत दौरे पर आएंगे Jamieson Greer

    नई दिल्ली: भारत और अमेरिका ट्रेड डील पर बड़ा अपडेट सामने आ गया है। फरवरी 2025 में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बातचीत शुरु होने के बाद अब इस हफ्ते अमेरिकी ट्रेड प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर भारत आ रहे हैं। इस दौरान यह केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और अन्य सीनियर सिटीजन अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। दोनों देश अमेरिका-भारत द्विपक्षीय व्यापार समझौते के अंतर्गत अंतरिम व्यापार समझौते और संयुक्त बयान पर बातचीत करेंगे। साथ ही भारत और अमेरिका के बीच डील को आगे बढ़ाएंगे। 21 जून को अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय की ओर से इसकी जानकारी दी गई है। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी सोशल मीडिया के जरिए इसकी जानकारी दी है।

    जी-7 समिट के दौरान हुई थी पीएम मोदी और ट्रंप की मुलाकात

    भारत और अमेरिका के बीच इस डील पर अपडेट तब आया है। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच जी-7 समिट के दौरान मुलाकात हुई थी। अमेरिकी की ओर से कहा गया है कि जेमिसन ग्रीयर का भारत दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 13 फरवरी 2025 को हुई बैठक के बाद डील को लेकर बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए हो रहा है। इस बैठक के अंतर्गत डील पर विस्तार से आगे की रणनीति पर चर्चा हो सकती है।

    इस वजह से महत्वपूर्ण है बैठक

    भारत और अमेरिका एक-दूसरे के प्रमुख व्यापारिक साझेदार है। कुछ साल में दोनों देशों के बीच व्यापार का आंकड़ा 190 अरब डॉलर से अधिक पहुंच चुका है। दोनों सरकारों ने आन वाले सालों में व्यापार को और बढ़ाने की इच्छा जताई है। इस कारण जेमिसन ग्रीर की बैठक को काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि इससे व्यापार वार्ता की दिशा का संकेत मिल सकता है।

    आखिर क्या हुई अभी तक डील?

    भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापर समझौते का ऐलान किया गया है लेकिन अभी दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर बातचीत पूरी नहीं हुई है। इस डील पर दोनों पक्ष लगातार बातचीत कर रहे हैं। जल्द ही इस डील पर फाइनल मोहर लग सकती है। भारत अमेरिका से टैरिफ को और कम करने की मांग रख सकता है जबकि अमेरिका भारत से एग्री के कुछ प्रोडक्ट्स को परमिशन देने की मांग कर रहा है।
  • होर्मुज को लेकर ट्रंप ने दी ईरान को बड़ी चेतावनी, कहा- बंद किया तो देश ही नहीं बचेगा

    होर्मुज को लेकर ट्रंप ने दी ईरान को बड़ी चेतावनी, कहा- बंद किया तो देश ही नहीं बचेगा

    Donald Trump News: खाड़ी क्षेत्र में एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। शांति वार्ता के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने साफ कहा कि अगर ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की कोशिश की, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

    ट्रंप ने दी सख्त चेतावनी
    डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उसने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद किया, तो उसका अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाएगा। ट्रंप ने कहा कि ईरान ऐसा कदम उठाने की गलती न करे, क्योंकि इसके बाद हालात उसके नियंत्रण से बाहर हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर ईरान इस समुद्री मार्ग को रोकने की कोशिश करता है, तो अमेरिका उसके खिलाफ कड़ा कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।

    जरूरत पड़ी तो अमेरिका संभालेगा जलमार्ग की कमान
    एक कैबिनेट बैठक के दौरान ट्रंप ने कहा कि यदि हालात बिगड़ते हैं तो अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य का नियंत्रण अपने हाथ में ले सकता है। उन्होंने कहा कि यह समुद्री मार्ग अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इसे किसी भी कीमत पर बंद नहीं होने दिया जाएगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर कोई समझौता नहीं होता, तो अमेरिका वहां से गुजरने वाले जहाजों से टोल टैक्स वसूलने पर भी विचार कर सकता है।

    खुद को बताया ‘गार्जियन एंजेल’
    ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस पूरे क्षेत्र की सुरक्षा का जिम्मा संभाल सकता है। उन्होंने खुद को और अमेरिका को होर्मुज जलडमरूमध्य का “गार्जियन एंजेल” यानी रक्षक बताया।

    ट्रंप के मुताबिक, यदि अमेरिका इस मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करता है तो वहां से गुजरने वाले तेल व्यापार में उसका भी हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अमेरिका क्षेत्र में शांति और सुरक्षित तेल आपूर्ति बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा।

    तेल आपूर्ति को लेकर अमेरिका गंभीर
    होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है। खाड़ी देशों से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल इसी रास्ते से दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचता है।

    ट्रंप ने कहा कि वैश्विक तेल आपूर्ति को प्रभावित करने की किसी भी कोशिश को अमेरिका बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा बनाए रखना अमेरिका की प्राथमिकताओं में शामिल है।

    लेबनान में ईरान की गतिविधियों पर भी निशाना
    ट्रंप ने केवल होर्मुज जलडमरूमध्य ही नहीं, बल्कि लेबनान में ईरान की भूमिका को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने ईरान से कहा कि वह लेबनान में सक्रिय अपने समर्थित समूहों और लड़ाकों को तुरंत नियंत्रित करे। अमेरिकी राष्ट्रपति का कहना है कि ईरान को अपने प्रॉक्सी समूहों की गतिविधियों पर रोक लगानी चाहिए, ताकि क्षेत्र में और अस्थिरता न फैले।

    सैन्य कार्रवाई की भी दी चेतावनी
    ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने लेबनान में अपने समर्थित समूहों को नहीं रोका, तो अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई कर सकता है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका पहले से भी अधिक शक्तिशाली जवाब देगा। ट्रंप के इस बयान के बाद खाड़ी क्षेत्र और मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। दुनिया की नजर अब ईरान और अमेरिका के अगले कदम पर टिकी हुई है।

     

     

  • Israel के वित्त मंत्री ने Donald Trump को दी चुनौती, बोले – ‘हम नहीं बदलेंगे अपना Stand’

    Israel के वित्त मंत्री ने Donald Trump को दी चुनौती, बोले – ‘हम नहीं बदलेंगे अपना Stand’

    नई दिल्ली: ईरान के साथ युद्ध खत्म करने और क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने की कोशिशों के बीच में इजरायल ने साफ संकेत दिया है वह लेबनान से अपनी सेना को हटाने के मूड में नहीं है। इजरायल के वित्त मंत्री बेजालेल स्मोट्रिच का कहना है कि इजरायली सेना आने वाले कई सालों तक दक्षिणी लेबनान में बने सुरक्षा क्षेत्र में तैनात रहेगी और अमेरिका के दबाव में पीछे नहीं हटेगी।

    इजरायल नहीं बदलेगा अपना स्टैंड

    एक इंटरव्यू में स्मोट्रिच ने कहा कि इजरायल तब तक अपने स्टैंड नहीं बदलेगा जब तक हिज्बुल्लाई पूरी तरह हथियार नहीं छोड़ देता है। उन्होंने दावा किया है कि अमेरिका भी इजरायल की रेड लाइन्स को समझता है। उन्हें नहीं लगता है कि वांशिगटन सेना हटाने की कोई औपचारिक मांग करेगा। स्मोट्रिच ने कहा कि इजरायल सिर्फ अस्थायी चौकियां नहीं बल्कि सुरक्षा क्षेत्र में स्थायी सैन्य ढांचा और बेस भी विकसित कर सकता हैं। उनके अनुसार, मौजूदा सीमा व्यवस्था इजरायल की सुरक्षा जरुरतों को पूरा नहीं करती और देश को रक्षात्मक रुप से सुरक्षित सीमाएं चाहिए। इजरायली नेता ने जोर देकर कहा कि – जब तक हिज्बुल्लाह हथियार नहीं छोड़ देता है। हम एक मिलीमीटर भी पीछे नहीं हटेंगे। स्मोट्रिच ने दावा किया कि इस मुद्दे पर पीएम बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री भी उनकी ही सोच रखते हैं। वहीं ईरान अमेरिका समझौते को लागू करने के लिए स्विटजरलैंड में अहम वार्ता शुरु होने वाली है। अमेरिकी राष्ट्रपति जेडी वेंस भी बातचीत में हिस्सा लेने के लिए स्विटजरलैंड पहुंचे हैं। माना जा रहा है कि अगले कुछ दिनों तक दोनों पक्ष युद्धविराम और समझौते के अलग-अलग पहलुओं पर चर्चा करेंगे।

    होने वाली है अहम बैठक

    स्विस विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल भी स्विटजरलैंड पहुंच चुका है। बर्गेनस्टॉक रिसोर्ट में होने वाली यह बैठक अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए समझौते को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम मानी जा रही है। हालांकि बातचीत शुरु होने से पहले ही नए तनाव उभरते दिख रहे हैं। ईरान ने एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट को फिर से बंद करने का दावा किया है जबकि लेबनान में इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच तनाव पूरी तरह खत्म ही नहीं हुआ है। ऐसे में स्विटजरलैंड की वार्ता पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई है क्योंकि इसी बातचीत से तय हुआ है कि पश्चिम एशिया में शांति की राह आगे बढ़ेगी या क्षेत्र में फिर जंग भड़क उठेगी।  
  • सीजफायर विवाद के बीच ईरान ने फिर बंद किया होर्मुज जलडमरूमध्य, नेतन्याहू का आया बयान

    सीजफायर विवाद के बीच ईरान ने फिर बंद किया होर्मुज जलडमरूमध्य, नेतन्याहू का आया बयान

    Iran US War: अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए समझौते के बाद दोनों देशों ने होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने का फैसला किया था। इससे उम्मीद जताई जा रही थी कि क्षेत्र में तनाव कम होगा और समुद्री व्यापार सामान्य रूप से जारी रहेगा। लेकिन अब ईरान ने एक बार फिर होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का फैसला लिया है। वहीं, इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि इजराइल अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। इजराइल गाजा और लेबनान में अपने सैन्य अभियान जारी रखेगा।

    ईरान ने क्यों बंद किया होर्मुज
    ईरानी मीडिया के अनुसार, तेहरान का आरोप है कि अमेरिका ने समझौते की शर्तों का पालन नहीं किया और अपने वादों से पीछे हट गया। इसी वजह से ईरान ने दोबारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का निर्णय लिया है। ईरान की शीर्ष संयुक्त सैन्य कमान का कहना है कि अमेरिका ने समझौते (MoU) की पहली ही शर्त का उल्लंघन किया है, जिससे दोनों देशों के बीच भरोसा टूट गया है।

    लेबनान में इजरायली कार्रवाई का भी हवाला
    ईरानी सेना ने दावा किया है कि दक्षिणी लेबनान में इजरायल ने फिर से हमला किया है। ईरान का कहना है कि यह युद्धविराम (सीजफायर) का लगातार उल्लंघन है।

    ईरान के अनुसार, अमेरिका और इजरायल की इन गतिविधियों को देखते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का फैसला लिया गया है। ईरानी अधिकारियों का मानना है कि क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए पहले सभी पक्षों को समझौतों का पालन करना होगा।

    अमेरिका ने ईरान के दावे पर उठाए सवाल
    दूसरी ओर,  अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के इस दावे पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं है जिससे यह साबित हो सके कि ईरान ने वास्तव में होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है। वेंस ने कहा कि अमेरिका स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और सभी घटनाक्रमों का आकलन कर रहा है।

    जेनेवा में होगी अगली बातचीत
    अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने यह भी जानकारी दी कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का अगला दौर जल्द ही स्विट्जरलैंड के जेनेवा शहर में हो सकता है।उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और हाल ही में घोषित युद्धविराम को बनाए रखा जा सकता है।

    अमेरिकी अधिकारी पहले से मौजूद
    जेडी वेंस के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारी स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर पहले से ही जेनेवा में मौजूद हैं और ईरानी प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की प्रक्रिया में शामिल हैं। अमेरिका को उम्मीद है कि कूटनीतिक बातचीत के जरिए मौजूदा तनाव को कम किया जा सकेगा और क्षेत्र में स्थिरता बहाल होगी।

    वैश्विक व्यापार पर पड़ सकता है असर
    होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। यहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस दुनिया के कई देशों तक पहुंचती है। ऐसे में यदि यह मार्ग लंबे समय तक बंद रहता है तो वैश्विक ऊर्जा बाजार और तेल की कीमतों पर बड़ा असर पड़ सकता है।

     

  • सड़क किनारे हुए 2 बम धमाकों में 7 की मौत, 3 घायल, देखें वीडियो

    सड़क किनारे हुए 2 बम धमाकों में 7 की मौत, 3 घायल, देखें वीडियो

    बन्नूः पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी इलाके के बन्नू जिले में सड़क किनारे 2 बम धमाके हुए। इन हादसों में 7 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। बन्नू जिला अफगानिस्तान की सीमा के पास है, जहां पिछले कुछ समय से लगातार आतंकी घटनाएं हो रही हैं। पुलिस ने बताया है कि पहला बम धमाका तब हुआ जब वहां से एक यात्रियों से भरी वैन गुजर रही थी। यह विस्फोट इतना जोरदार था कि इसकी चपेट में आने से 5 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इसमें 3 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने इस आईईडी हमले की कड़ी निंदा की।

    उन्होंने निर्दोष नागरिकों की मौत पर गहरा दुख जताया है। एक बयान में उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति दुख व्यक्त किया है। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। स्थानीय मीडिया आउटलेट्स में बताया है कि पहाड़ी इलाकों में बनी हुई सुरक्षा चुनौतियों के बारे में बता रही है। इस क्षेत्र से गुजरने वाले नागरिकों की सुरक्षा को लेकर स्थानीय लोगों की चिंताओं को बढ़ाती है।

    पहले धमाके के तुरंत बाद वहां मौजूद स्थानीय लोग घायलों और मृतकों को एंबुलेंस तक पहुंचाने में मदद करने लगे। इसी दौरान हमलावरों ने रिमोट कंट्रोल का इस्तेमाल कर वहीं पर दूसरा बम धमाका कर दिया। इस दूसरे विस्फोट की चपेट में आने से मदद कर रहे 2 और लोगों की जान चली गई। घटना के तुरंत बाद पुलिस और सेना ने पूरे इलाके को अपने कब्जे में ले लिया है। सुरक्षा बलों को डर है कि इलाके में कुछ और बम छिपे हो सकते हैं, इसलिए पूरे क्षेत्र की बारीकी से तलाशी ली जा रही है। सभी घायलों को इलाज के लिए पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

    फिलहाल किसी भी आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। बन्नू इलाके में पिछले कुछ समय से हिंसा बहुत ज्यादा बढ़ गई है। महज एक हफ्ता पहले उग्रवादियों ने यहां एक पुल को उड़ाने की कोशिश की थी और 12 जून को हुए हमलों में दो पुलिसवाले भी मारे गए थे। लगातार होते इन हमलों से परेशान होकर अब स्थानीय लोगों ने सरकार से सुरक्षा बढ़ाने और आतंकवाद को पूरी तरह खत्म करने की मांग की है। बढ़ती घटनाओं के बीच वीरवार को आयोजित एक जनजातीय सभा ने सरकार से तत्काल कदम उठाने और क्षेत्र से उग्रवाद का पूरी तरह सफाया करने की मांग की थी।

  • पाकिस्तान में ISIS अड्डों पर अफगान का हमला, देखें वीडियो

    पाकिस्तान में ISIS अड्डों पर अफगान का हमला, देखें वीडियो

    बलूचिस्तानः अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के अंदर घुसकर बड़ा हमला किया। ये हमले पाकिस्तान की हालिया एयरस्ट्राइक के जवाब में किया गया। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार सुबह एक बयान जारी करते हुए दावा किया कि अफगानी बलों ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांतों में इस्लामिक स्टेट खोरासान प्रोविंस के आतंकी शिविरों (ISIS) और ठिकानों पर सफल हमले किए हैं। तालिबान ने कहा है कि उसने आतंकी शिविरों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। अफगानिस्तान ने कहा है कि इन जगहों का इस्तेमाल, कुछ दुश्मन इंटेलिजेंस ग्रुप्स की मदद से, अफ़गानिस्तान के खिलाफ हमलों की प्लानिंग और कोऑर्डिनेट करने के लिए किया गया था और पहले भी कई जानलेवा हमलों की प्लानिंग करने और उन्हें लॉन्च करने के लिए ऑपरेशनल बेस के तौर पर काम किया था।

    इन हमलों में किला अब्दुल्ला डिस्ट्रिक्ट के गुलिस्तान इलाके की जगहों को टारगेट किया गया था। अफगान रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ताजा हमले गुलिस्तान, शकर आब और कंबर खेल जैसे इलाकों में किए गए। ये जगहें ISIS-K द्वारा भर्ती, प्रशिक्षण और हमलों की योजना बनाने के लिए इस्तेमाल की जा रही थीं। मंत्रालय ने दावा किया कि सभी हाई-वैल्यू टारगेट्स को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया और ऑपरेशन अफगानिस्तान की सुरक्षा के लिए जरूरी था। पाकिस्तान ने अभी तक इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

    पिछले ऐसे मामलों में पाकिस्तान अक्सर इन हमलों से इनकार करता रहा है या उन्हें अस्वीकार कर देता है। पाकिस्तान बार-बार अफगान तालिबान पर TTP (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) और ISIS-K जैसे समूहों को शरण देने का आरोप लगाता रहा है, खासकर KPK और बलूचिस्तान में होने वाले हमलों के लिए। अफगान तालिबान सरकार इन आरोपों से इनकार करती है और उलटा पाकिस्तान पर ISIS को समर्थन देने या उसे शरण देने का आरोप लगाती रही है। हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव बढ़ा है, जिसमें पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक्स और अफगानी जवाबी कार्रवाई शामिल हैं।

  • दिनदहाड़े फायरिंग, मची भगदड़, एक घायल

    दिनदहाड़े फायरिंग, मची भगदड़, एक घायल

    वाशिंगटनः न्यूयॉर्क शहर (अमेरिका) के टाइम्स स्क्वायर में कथित तौर पर गोली चलने की वीरवार दोपहर को आवाज सुनाई दी है, जिसके बाद मौके पर भगदड़ मच गई। गोलियों की आवाज सुनते ही वहां मौजूद पर्यटक और राहगीर जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे और कई लोग जमीन पर लेटकर या दुकानों में छिपकर अपनी सुरक्षा करने लगे।

    न्यूयॉर्क पुलिस विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस के अनुसार घटना के तुरंत बाद संदिग्धों का पीछा किया और एक आरोपी को जल्द ही हिरासत में ले लिया गया। न्यूयॉर्क फायर डिपार्टमेंट ने बताया कि घटना में एक व्यक्ति घायल हुआ, जिसे अस्पताल पहुंचाया गया है। हालांकि उसकी पहचान और हालत के बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं दी गई है।

    सोशल मीडिया और वेबकैम फुटेज में दिखाई दे रहा है कि काले कपड़े पहने कम से कम दो लोग चौराहे पर पहुंचे और कथित तौर पर हैंडगन से फायरिंग शुरू कर दी। गोलीबारी होते ही इलाके में भगदड़ मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए भागने लगे। इसके बाद हमलावर मौके से फरार होने लगे, जबकि वहां गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों ने उनका पीछा किया।

    चौंकाने वाली बात यह रही कि ये घटना एक पुलिस वाहन से कुछ ही दूरी पर हुई। गोलीबारी स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 3:40 बजे हुई, जब कुछ घंटे पहले ही एनबीए चैंपियन न्यूयॉर्क निक्स की विजय परेड समाप्त हुई थी।

    गौरतलब है कि पिछले सप्ताह भी टाइम्स स्क्वायर में एक 17 वर्षीय किशोर को गोली मार दी गई थी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि फायरिंग के पीछे क्या कारण था तथा इसमें कितने लोग शामिल थे।

  • America-Iran का हुआ ऐतिहासिक शांति समझौता, MOU डील पर आया Donald Trump का बयान

    America-Iran का हुआ ऐतिहासिक शांति समझौता, MOU डील पर आया Donald Trump का बयान

    नई दिल्ली: महीनों के संघर्ष के बाद आखिरकार ईरान और अमेरिका के बीच में समझौता हो गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने डिजिटल माध्यम से ईरान-अमेरिका समझौता ज्ञापन पर साइन किए। समझौते के बाद ईरान का पहला बयान सामने आया है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के मुताबिक, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि – दोनों देशों के राष्ट्रपतियों के साइन के साथ इस्लामाबाद समझौते के मसौदे को अंतिम रुप दे दिया गया है। अब ये देखने का समय है कि इस समझौते को जमीन पर कैसे लागू किया जाता है।

    ट्रंप ने ईरान समझौते को बताया ऐतिहासिक

    अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने फ्रांस में इमैनुएल मैक्रो की मौजूदगी में इस एमओयू पर साइन किए हैं। ट्रंप ने बुधवार को ईरान के साथ हुए समझौते को एक ऐतिहासिक सफलता बताया है। उन्होंने कहा कि इस समझौते से मौजूदा संघर्ष खत्म हो गया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फिर से खुल गया है। यह तय हो गया है कि ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर पाएगा।
     
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    डील पर आखिर क्या बोले ट्रंप

    ट्रंप ने कहा कि रविवार को हमने ईरान को एक साथ समझौता किया है। इससे यह सभी लक्ष्य पूरे हो गए हैं जिनको हम हासिल करना चाहते थे। संघर्ष खत्म करना, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलना और ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना य़ही इस समझौते का मकसद था। ट्रंप ने कहा कि इस समझौते की सबसे अहम बात यह है कि ईऱान ने कभी भी परमाणु हथियार न बनाने का वादा किया है। ईरान ने सहमति जताई है कि वह न तो परमाणु हथियार बनाएगा और न ही उसे हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि यह समझौता परमाणु हथियार न बनाने और न खरीदने दोनों पर लागू होता है हालांकि ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि ईरान इस समझौते का पालन नहीं करता है। फिर से सैन्य कार्रवाई भी हो सकती है। उनका कहना है कि यदि इस सणझौते का सम्मान नहीं करते हैं तो कुछ ऐसी बातें है कि जो इसमें शामिल नहीं है तो यह एक समझौता ज्ञापन है। यदि वो इसे नहीं मानते तो शायद हमें फिर से उन पर बमबारी करनी पड़ेगी और जब तक वे इसे नहीं मानते हैं।    
  • गुरुद्वारा साहिब में चली गोलियां, दपंति की मौत, जांच में जुटी पुलिस

    गुरुद्वारा साहिब में चली गोलियां, दपंति की मौत, जांच में जुटी पुलिस

    पेशावरः पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में बुधवार को गुरुद्वारा साहिब के भीतर अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर सिख सेवादार दंपति की हत्या कर दी। मृतकों की पहचान जगन्नाथ और आसमा वंती के रूप में हुई है। घटना पेशावर से करीब 60 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में मरदान के बाबू मोहल्ला इलाके में हुई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और मामले की जांच में जुट गई।

    पुलिस ने दोनों के शवों को कब्जे में ले लिया है। मरदान के जिला पुलिस अधिकारी मसूद अहमद के अनुसार, अज्ञात हमलावरों ने गुरुद्वारे के भीतर गोलीबारी की। इस घटना में जगन्नाथ और उनकी पत्नी आसमा वंती की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि हमले के मकसद का पता लगाने शामिल लोगों को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। घटना के बाद शहर में अलर्ट जारी कर दिया गया है और लगातार पुलिस टीमों द्वारा दबिश दी जा रही है।