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  • हिंदू मंदिर में फिर तोड़फोड़, लिखा- पंजाब इज नॉट इंडिया, देखें वीडियो

    हिंदू मंदिर में फिर तोड़फोड़, लिखा- पंजाब इज नॉट इंडिया, देखें वीडियो

    विक्टोरिया: कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत में एक हिंदू मंदिर में फिर तोड़फोड़ की गई। यह दूसरी वारदात है जो एक महीने के भीतर सामने आई है। यह मंदिर माता भामेश्वरी दुर्गा देवी का है, जो सरे में स्थित है। मंदिर पर काले रंग के स्प्रे से भारत विरोधी संदेश लिखे गए थे। मंदिर की दीवारों पर लिखा गया, “पंजाब भारत नहीं है।” सोशल मीडिया पर इसकी कई तस्वीरें भी वायरल हो रही हैं। यह जानकारी रेडियो AM600 के न्यूज डायरेक्टर समीर कौशल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी है। उन्होंने कहा, “हिंदू मंदिर श्री माता भामेश्वरी दुर्गा देवी सोसाइटी में तोड़फोड़ की गई है।

    दीवारों पर काले स्प्रे पेंट से भारत विरोधी कुछ संदेश लिखे गए हैं। समुदाय में दहशत पैदा करने के लिए इस तरह के कायरतापूर्ण हमले बढ़ रहे हैं। SurrayRCMP को सूचित कर दिया गया है।” मिली जानकारी के अनुसार पुलिस को घटना के बारे में सतर्क कर दिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है। सरे की घटना एक महीने से भी कम समय के बाद हुई है जब ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत में एक और प्रमुख मंदिर में खालिस्तानी लोगों द्वारा तोड़फोड़ की गई थी। 12 अगस्त को, दो अज्ञात लोगों ने सरे में एक मंदिर को “हिंदू विरोधी और भारत विरोधी संदेशों” से विरूपित कर दिया था।

  • 7.2 की तीव्रता से लगे भूकंप के तेज झटके, इमारतें गिरी, 296 की मौत, देखें वीडियो

    7.2 की तीव्रता से लगे भूकंप के तेज झटके, इमारतें गिरी, 296 की मौत, देखें वीडियो

    मोरोक्को: अफ्रीकी देश मोरोक्को में शुक्रवार रात 7.2 तीव्रता का भूकंप आया। इसमें अब तक 296 लोगों की मौत हो चुकी है। अमेरिका के राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के मुताबिक, ये इस इलाके में 120 साल में आया सबसे ताकतवर भूकंप है। मोरक्को के स्टेट टेलीविजन ने बताया कि भूकंप की वजह से कई इमारतें ढह गईं हैं।सोशल मीडिया पर भूकंप से जुड़े कई वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसमें लोग भागते हुए नजर आ रहे हैं। भूकंप का एपिसेंटर एटलस पर्वत के पास इघिल नाम का गांव बताया जा रहा है। जो माराकेश शहर 70 किलोमीटर की दूरी पर है ।

    भूकंप की गहराई जमीन से 18.5 किलामीटर नीचे थी।पुर्तगाल और अल्जीरिया तक भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप से इमारतें मलबे और धूल में तब्दील हो गईं। यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल ऐतिहासिक माराकेच में पर्यटकों का ध्यान खींचने वाली लाल दीवारों के कुछ हिस्से भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक, उत्तरी अफ्रीका में भूकंप काफी दुर्लभ है। इससे पहले 1960 में अगादिर के पास 5.8 तीव्रता का भूकंप आया था। तब हजारों लोगों की मौत हो गई।

  • गोलीबारी में 6 सैनिकों की मौत, बॉर्डर सील

    गोलीबारी में 6 सैनिकों की मौत, बॉर्डर सील

    नई दिल्ली : अफगानिस्तान और पाकिस्तान  के बीच सीमाओं पर तनाव बढ़ता जा रहा  है। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच मुख्य सीमा पर गोलीबारी हुई जिसमें 6 पाक सैनिकों की मौत हो गई। गोलीबारी व तालिबान लड़ाकों द्वारा 3 पाक चौंकियों पर कब्जे के बाद  अफगान-पाकिस्तान सीमा तोरखम बॉर्डर को बंद कर दिया गया है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान को जोड़ने वाले तोरखम बॉर्डर पर गोलीबारी की आवाजें सुनाई  देने पर लोग सहमें हुए है। उन्होंने बताया कि गोलीबारी की आवाजें सुन वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। इस घटना के बाद तोरखम बॉर्डर को बंद कर दिया गया है।

    एक सुरक्षा अधिकारी ने  बताया कि तालिबान और पाकिस्तान के सुरक्षा बलों के बीच गोलीबारी हुई थी। अफगानिस्तान के पूर्वी नंगाहार प्रांत में सरकार के प्रवक्ता और पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ने इस गोलीबारी पर अबतक कोई बयान नहीं दिया है। गौरतलब है कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बॉर्डर को लेकर विवाद काफी लंबे समय से चला आ रहा है।  तोरखम बॉर्डर से ही दोनों देशों के नागरिक आते-जाते है। हालांकि इसके बावजूद दोनों देशों के बीच कई हुए विवाद के कारण इस बॉर्डर को बंद करना पड़ा है। इससे पहले इसी साल फरवरी में भी तोरखम बॉर्डर को बंद किया गया है। इस वजह से हजारों ट्रक दोनों ओर सीमा पर फंसे रहे थे। फिलहाल यह नहीं पता चल पाया है कि आखिर किन कारणों से दोनों और से फायरिंग हुई है

  • स्कूल प्रिंसिपल ने 45 महिलाओं से किया दुष्कर्म, गिरफ्तार 

    स्कूल प्रिंसिपल ने 45 महिलाओं से किया दुष्कर्म, गिरफ्तार 

    अश्लील वीडियो बना करता था ब्लैकमेल

    कराचीः पाकिस्तान के कराची से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक स्कूल के प्रिंसिपल को 45 से ज्यादा महिलाओं के साथ बलात्कार करने के आरोप में  गिरफ्तार किया गया है। पाकिस्तान के अखबार ‘डॉन न्यूज’ की रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी प्रिंसिपल के मोबाइल से कई महिलाओं के वीडियो और फोटो भी बरामद किए गए हैं। आरोपी शिक्षक की पहचान इरफान गफूर मेमन के रूप में हुई है। जियो न्यूज’ ने मामले की जांच कर रहे पुलिस अफसर के हवाले से अपनी रिपोर्ट में बताया है कि सभी पीड़िताओं को रेप के बाद ब्लैकमेल भी किया गया है। जांच कर रहे पुलिस अफसर ने जियो न्यूज से बातचीत के दौरान दावा किया है कि पुलिस की टीम ने आरोपी प्रिंसिपल के मोबाइल से इसके सबूत भी बरामद कर लिए हैं और इस मामले में उससे पूछताछ जारी है।

    तस्वीरें वायरल होने के बाद हुआ खुलासा 

    डॉन न्यूज’ की रिपोर्ट के अनुसार, बीते दिनों इंटरनेट पर कुछ महिलाओं की आपत्तिजनक तस्वीरें वायरल हो रही थीं। पुलिस को जब इस बात की जानकारी मिली तो पुलिस ने इस मामले में पड़ताल करना शुरू किया। वायरल तस्वीरों के साथ एक स्कूल के प्रिंसिपल और एक महिला शिक्षक के बीच का अश्लील वीडियो भी वायरल हो रहा था। पुलिस ने वीडियो के आधार पर छानबीन की तो पाया कि यह कराची स्थित एक स्कूल का मामला है। वायरल तस्वीरों में मौजूद सभी महिलाएं कराची के स्कूल में नौकरी करती हैं। जांच के दौरान पुलिस को स्कूल के प्रिंसिपल पर शक हुआ, जिसके बाद कड़ाई से पूछताछ में उसने सारे राज उगल दिए। 

    सभी पीड़िता स्कूल की टीचर 

    रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि स्कूल में ज्यादातर महिला टीचर हैं, जो अलग-अलग वक्त पर नौकरी करती रही हैं। इसके साथ ही  स्कूल में सिर्फ पांच पुरुष टीचर हैं। स्कूल में छापेमारी के दौरान सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए तो इनमें कई आपत्तिजनक वीडियो मिले। जांच अधिकारियों ने कहा कि प्रिंसिपल के कार्यालय को सील कर दिया गया है और फोरेंसिक जांच की जाएगी। इसके साथ ही आरोपी प्रिंसिपल को सात दिन के रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि सभी पीड़िता स्कूल में टीचर के पद पर तैनात हैं। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि इंटरनेट पर वीडियो एक महिला टीचर ने अपलोड किए थे और वो इस जुर्म में शामिल है। हालांकि अभी तक आरोपी महिला टीचर को गिरफ्तार नहीं किया गया है। पुलिस ने प्रिंसिपल के खिलाफ जो केस दर्ज किया है, उसमें आरोपी पर रेप, ब्लैकमेलिंग और धमकाने जैसी धाराएं दर्ज हैं।

    शिक्षा मंत्री ने लिया एक्शन 

    सिंध के शिक्षा मंत्री राणा हुसैन के आदेश पर, निजी संस्थानों के निरीक्षण और पंजीकरण निदेशालय सिंध ने मामले की जांच के लिए एक समिति का गठन किया है। समिति में उप निदेशक कुर्बान अली भुट्टो और सहायक निदेशक जावेद अख्तर और मुमताज हुसैन क़ंबरानी शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि इस मामले में और भी संदिग्ध सामने आएंगे, जिनके पास पीड़ित महिलाओं के कई वीडियो हो सकते हैं। जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मालिर हसन सरदार ने कहा कि अभी तक पांच से अधिक महिलाएं मेमन पर यौन शोषण का आरोप लगाने के लिए सामने आ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि हम पीड़ितों से भी आवश्यक जानकारी जुटा रहे हैं।

  • इस देश के दूसरे सबसे बड़े शहर ने खुद को घोषित किया दिवालिया

    इस देश के दूसरे सबसे बड़े शहर ने खुद को घोषित किया दिवालिया

    नई दिल्ली : ब्रिटेन से एक बड़ी खबर सामने आई है, यहां का दूसरा सबसे बड़ा शहर बर्मिंघम दिवालिया हो चुका है। ये हम नहीं कह रहे बल्कि बर्मिंघम सिटी काउंसिल ने खुद इसे कबूल किया है और धारा 114 नोटिस दायर किया। इस नोटिस के मुताबिक शहर में आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी खर्चों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।

    सभी गैर जरूरी खर्च किए गए बंद

    ब्रिटेन के दूसरे सबसे बड़े शहर बर्मिंघम ने कुल 954 मिलियन डॉलर के समान वेतन के दावे जारी होने के बाद सभी गैर-जरूरी खर्च बंद कर दिए और खुद को दिवालिया घोषित कर दिया है। सिटी काउंसिल की ओर से दायर किए गए नोटिस में इसका कारण बताते हुए कहा गया है कि समान वेतन दावों की लागत के कारण वर्तमान में यह नकारात्मक आर्थिक स्थिति बनी है। इसे साफ शब्दों में समझें तो बर्मिंघम सिटी काउंसिल के पास जितने भी वित्तीय संसाधन हैं, उनसे ज्यादा उस अवधि के भीतर खर्च हो गया है। ये बड़ा कारण है कि शहर ने खुद को दिवालिया घोषित करते हुए आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी खर्चों पर रोक लगा दी है। बर्मिंघम सिटी काउंसिल की ओर से दायर किए गए नोटिस में साफ कहा गया है कि नए समान वेतन दावों की संभावित लागत 650 मिलियन पाउंड और 760 मिलियन पाउंड के बीच होगी। जबकि काउंसिल के पास इसे कवर करने के लिए पर्याप्त संसाधन मौजूद नहीं हैं।

     फाइनेंशियल ईयर 2023-2024 के लिए, शहर को अब 87 मिलियन पाउंड के घाटे का अनुमान है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, बर्मिंघम सिटी काउंसिल 10 लाख से अधिक लोगों को सेवाएं देती है। बिट्रेन के इस सबसे बड़े मल्टीकल्चरल शहर ने ही पिछले साल राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की थी. अब इसकी बदहाल आर्थिक स्थिति ने सभी को चौंका दिया है। इस साल जून 2023 में, समान वेतन के दावों को निपटाने के लिए 760 मिलियन पाउंड तक का भुगतान किए जाने की बात सामने आई थी, जिसके बाद सिटी काउंसिल ने कहा था कि वह सरकार के साथ इस मामले को लेकर बातचीत कर रही है।

     एक रिपोर्ट में भी बताया गया था कि यह बिल सर्विसेज पर उसके पूरे वार्षिक खर्च के बराबर था और हर महीने इसमें 14 मिलियन पाउंड की बढ़ोतरी हो रही थी। भारतीय मूल के ब्रिटिश प्रधान मंत्री ऋषि सुनक ने बर्मिंघम सिटी के दिवालिया होने की खबरों पर अपनी पहली टिप्पणी की है। बर्मिंघम मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधान मंत्री ने इस हालत के लिए लेबर एडमिनिस्ट्रेशन को जिम्मेदार ठहराया है।

     पीएम के प्रवक्ता मैक्स ब्लेन ने इस संबंध में कहा कि यह बर्मिंघम के लोगों के लिए बेहद चिंताजनक स्थिति है. सरकार ने पहले ही काउंसिल के लिए उसके बजट का लगभग 10% अतिरिक्त धन उपलब्ध करा दिया है, लेकिन यह स्थानीय रूप से निर्वाचित परिषदों के लिए है कि वे अपने बजट का प्रबंधन स्वयं करें।

  • बड़ा झटकाः सरकार ने Apple iPhone और अन्य विदेश ब्रांड के फोन पर लगाया Ban 

    बड़ा झटकाः सरकार ने Apple iPhone और अन्य विदेश ब्रांड के फोन पर लगाया Ban 

    नई दिल्लीः चीन ने सरकारी एजेंसियों में काम करने वाले अधिकारियों को आदेश दिया है कि वे एप्पल के आईफोन और अन्य विदेश ब्रांड वाले मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करें। सरकारी कर्मचारियों को दफ्तर में इन्हें लाने से भी मना कर दिया गया है। हाल के हफ्तों में अलग-अलग सरकारी एजेंसियों के सीनियर अधिकारियों ने अपने जूनियर कर्मचारियों को चैट ग्रुप्स और मीटिंग में सरकार के इस आदेश की जानकारी दी है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की तरफ से ये कदम तब उठाया गया है, जब वह विदेशी टेक्नोलॉजी पर निर्भरता को कम करने और साइबर सिक्योरिटी को बढ़ाने पर जोर दे रहा है। चीन नहीं चाहता है कि विदेशी ब्रांड के डिवाइस के जरिए किसी भी तरह की संवेदनशील जानकारी देश की सीमाओं के बाहर जाए। वह जानकारियों को सीमित करने के लिए काम कर रहा है। चीन को लगता है कि विदेशी ब्रांड के फोन के जरिए जासूसी की जा सकती है। 

    चीन से बड़ी कमाई करता है एप्पल

    चीनी सरकार के जरिए उठाए गए कदम की वजह से चीन में मौजूद एप्पल समेत विदेशी ब्रांड्स को खासा नुकसान हो सकता है। एप्पल चीन में सबसे ज्यादा पॉपुलर मोबाइल फोन ब्रांड है। चीन एप्पल का सबसे बड़ा मार्केट भी है। कंपनी को होने वाले मुनाफे का 19 फीसदी हिस्सा चीन से ही हासिल होता है। ये स्पष्ट नहीं है कि चीन सरकार के आदेश को कितनी कड़ाई से लागू किया जा रहा है। एप्पल की तरफ से अभी तक इस मामले पर कोई बयान नहीं दिया गया है। 

    पहले से भी लागू हैं प्रतिबंध

    चीन ने कुछ खास सरकारी एजेंसियों के अधिकारियों के लिए पहले से ही आईफोन इस्तेमाल करने पर बैन लगाया हुआ है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में बताया गया है कि नए आदेश के तहत प्रतिबंध का दायरा बढ़ा दिया गया है। माना जा रहा है कि इस बार प्रतिबंध कड़ाई से लागू होंगे। चीनी सरकार का नया आदेश चीन और अमेरिका के बीच चल रही तनातनी को दिखा रहा है। टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स को लेकर अमेरिका और चीन लगातार एक-दूसरे पर प्रतिबंध लगाते रहे हैं।

    हाल ही में अमेरिका ने हुआवेई पर लगाया था प्रतिबंध 

    दरअसल, अमेरिका ने हाल ही में हुआवेई पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। साथ ही अमेरिकी अधिकारियों को चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टिकटॉक को इस्तेमाल करने से मना किया है। माना जा रहा है कि चीन ने अमेरिकी प्रतिबंधों के जवाब में नया फरमान जारी किया है। दोनों ही मुल्कों को डाटा लीक होने का डर सताए रहता है। अमेरिका चीन पर लंबे समय से जासूसी का आरोप लगा चुका है। हालांकि, चीन अपने ऊपर लगे आरोपों को नकारता रहा है।

  • भारत के बाद अब इस देश ने मून मिशन किया लॉन्च

    भारत के बाद अब इस देश ने मून मिशन किया लॉन्च

    नई दिल्लीः भारत के बाद अब जापान ने वीरवार सुबह राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी के चंद्रमा लैंडर को ले जाने वाला रॉकेट H-IIA लॉन्च किया। मौसम की खराबी के चलते पिछले महीने एक हफ्ते में तीन बार मिशन स्थगित करने के बाद आखिरकार जापान ऐसा करने में सफल रहा। तनेगाशिमा अंतरिक्ष केंद्र से एच-आईआईए रॉकेट के जरिए यह लॉन्चिंग की गई। बार-बार खराब मौसम के चलते जापानी अंतरिक्ष एजेंसी को मून मिशन की लॉन्चिंग की तारीख को बदलना पड़ा था। जापानी एयरोस्पेश एक्सप्लोरेशन एजेंसी (JAXA) द्वारा लॉन्च किया जाने वाले मून मिशन ‘मून स्नाइपर’ में रॉकेट एक लैंडर को ले जाएगा, जिसके चार से छह महीने में चंद्रमा की सतह पर पहुंचने की उम्मीद है।

    जापान के मून मिशन में ब्रह्मांड के विकास की जांच के लिए डिजाइन किया गया एक एक्स-रे इमेजिंग उपग्रह भी होगा। यह कार्यक्रम JAXA के यूट्यूब चैनल पर लाइव स्ट्रीम किया गया, जिसमें अंग्रेजी और जापानी दोनों भाषाओं में प्रसारण की पेशकश की गई। जापान काफी लंबे समय से अपने मून मिशन पर काम कर रहा है। जापान के मून मिशन में कई चीजें शामिल हैं। इस मिशन के तहत चंद्रमा पर जांच करने के लिए स्मार्ट लैंडर को उतारना है। जापानी अंतरिक्ष एजेंसी मून स्नाइपर को एच2ए रॉकेट के जरिए चांद पर भेज रही है। मून स्नाइपर में हाई टेक्नोलॉजी के कैमरे लगे हुए हैं, जो चांद को समझने के लिए काम करेगा। SLIM की चंद्र लैंडिंग अगले साल की शुरुआत में निर्धारित है।

    जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (JAXA) द्वारा चंद्रमा पर उतरने का यह पहला प्रयास है। इस साल मई में एक निजी जापानी कंपनी द्वारा किया गया पिछला प्रयास विफलता में समाप्त हो गया था। SLIM (चंद्रमा की जांच के लिए स्मार्ट लैंडर) एक बहुत छोटा अंतरिक्ष यान है, जिसका वजन लगभग 200 किलोग्राम है। इसकी तुलना में, चंद्रयान-3 लैंडर मॉड्यूल का वजन लगभग 1,750 किलोग्राम था। एसएलआईएम का मुख्य उद्देश्य चुनी गई साइट के 100 मीटर के भीतर सटीक लैंडिंग का प्रदर्शन करना है।

  • भूकंप के तेज झटकों से हिली धरती, लोगों में मची भगदड़, देखें वीडियो 

    भूकंप के तेज झटकों से हिली धरती, लोगों में मची भगदड़, देखें वीडियो 

    जर्मनः सेंट्रल चिली के तट के पास बुधवार रात भूकंप के जोरदार झटके महसूस किये गये जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (जीएफजेड) के अनुसार भूकंप की 6.2 थी। भूकंप की तीव्रता तेज होने की वजह से धरती जोर से कांपने लगी और लोग डरकर घरों का निकलकर भागने लगे। ताकि लोगों की जन बच सके. रात का समय होने की वजह से लोग अपने घरों में थे। ऐसे में अचानक से जब घर कांपने लगे तो लोग डर कर घर से बाहर निकल पड़े। फिलहाल जान- माल का कितना नुकसान हुआ है।

    अब तक पता नहीं चल पाया है। भूकंप के बाद सामने आये वीडियो में देखा जा सकता है कि भगदड़ मची हुई है। वहीं रविवार देर रात (12 बजे के बाद 10 जुलाई को) को अफगानिस्तान की भी धरती कांपी है। यहां भी हल्की ही तीव्रता का झटका महसूस किया गया है। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (जीएफजेड) ने कहा कि रविवार (9 जुलाई) को चिली-अर्जेंटीना सीमा क्षेत्र में 5.7 तीव्रता का भूकंप आया था। जीएफजेड ने कहा कि भूकंप 112 किलोमीटर (69.59 मील) की गहराई पर था।

    चिली के अधिकारियों ने इस भूकंप के कारण तत्काल क्षति या चोटों की सूचना नहीं दी है। चिली की राष्ट्रीय आपदा रोकथाम और प्रतिक्रिया सेवा (SENAPRED) ने कहा कि भूकंप से सुनामी उत्पन्न होने का खतरा नहीं है। यह भूकंप सुनामी उत्पन्न करने की शर्तों को पूरा नहीं करता है। वहीं इसके साथ ही ,नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी की ओर से बताया गया कि रात करीब 12.10 बजे अफगानिस्तान के फैजाबाद से 93 किमी दक्षिण पूर्व में 4.4 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप की गहराई 180 किलोमीटर थी।

  • पाकिस्तान और अफगानिस्तान में भारी गोलीबारी, यह बॉर्डर सील

    पाकिस्तान और अफगानिस्तान में भारी गोलीबारी, यह बॉर्डर सील

    नई दिल्लीः पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच भारी गोलीबारी के बाद तोरखम बॉर्डर टर्मिनल को किसी भी तरह के यातायात के लिए बंद कर दिया गया है। तोरखम बॉर्डर को सील कर दिया गया है।  ‘द खुरासान डायरी’ के मुताबिक, नाम न छापने की शर्त पर पाकिस्तान के सीनियर अधिकारी ने बताया कि सेना के अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और स्थिति को शांत करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

  • बारिश और तूफान से 21 की मौत

    बारिश और तूफान से 21 की मौत

    रियो ग्रांडे डो सुलः ब्राजील के रियो ग्रांडे डो सुल प्रांत में चक्रवात के कारण हुई मूसलाधार बारिश और हवाओं की वजह से कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई और हजारों लोग अपने घरों से विस्थापित हो गए। अभी और अधिक बाढ़ आने की आशंका है। बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय मीडिया ने बताया कि मुकुम शहर के 85 प्रतिशत हिस्से में बाढ़ आ गई है। सैकड़ों लोगों को उनके घरों की छतों पर से बचाया गया।

    अधिकारियों ने कहा कि 24 घंटे से भी कम समय में राज्य में 300 मिमी से अधिक बारिश हुई, जिससे बाढ़ और भूस्खलन हुआ। स्थिति को राज्य की अब तक की सबसे खराब मौसम आपदा बताते हुए, रियो ग्रांडे डो सुल के गवर्नर एडुआर्डो लेइट ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा कि दिन में मुकुम में 15 और शव मिले हैं, जिससे मरने वालों की संख्या 21 हो गई है। बीबीसी ने स्थानीय मीडिया से म्यूकम मेयर माटेउस ट्रोजन के हवाले से कहा, “अभी भी लोग लापता हैं। मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है।

    मुकुम शहर, जैसा कि हम जानते थे, अब अस्तित्व में नहीं है।” बचावकर्मी बाढ़ से कटे इलाकों तक पहुंचने के लिए हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस बीच, राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा ने कहा कि संघीय सरकार मदद के लिए तैयार है। ब्राज़ील के साओ पाउलो प्रांत में फरवरी में बाढ़ और भूस्खलन में कम से कम 40 लोग मारे गए थे जबकि पिछले साल रेसिफ़ शहर के पास मूसलाधार बारिश के कारण भूस्खलन और कीचड़ की बाढ़ के कारण लगभग 100 लोगों की मौत हो गई थी।