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  • गृहयुद्ध की आग में फंसे नागिरकों को लेकर भारतीय दूतावास ने जारी की एडवाइजरी 

    गृहयुद्ध की आग में फंसे नागिरकों को लेकर भारतीय दूतावास ने जारी की एडवाइजरी 

    सूडानः सेना और अर्धसैनिक बलों के बीच लगातार लगातार संघर्ष जारी है। अब तक इस संघर्ष में 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी हैं जबकि सैकड़ों लोग घायल बताए जा रहे हैं। लोग घरों में दुबके हुए हैं और उन्होंने लूटपाट और बिजली कटौती होने का दावा किया है। इस हिंसा को लेकर सूडान में स्थित भारतीय दूतावास ने एक नई एडवाइजरी जारी की। खार्तूम में भारतीय दूतावास ने मंगलवार को अपने सभी नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी कर कहा है कि लूटपाट की कई घटनाएं हमारे सामने आ रही हैं, इसलिए भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि घरों के अंदर ही रहें। कृपया बाहर न निकलें। सूडान में हिंसा भड़कने के बाद 16 अप्रैल को वहां काम करने वाले एक भारतीय नागरिक की गोली लगने से मौत हो गई थी। वहीं कर्नाटक के 31 भारतीय नागरिक वर्तमान में सूडान में फंसे हुए हैं।

    भारतीयों के लिए जारी सलाह में दूतावास ने कहा, “सूडान में बिगड़ते हालात के बीच लूटपाट की कई घटनाएं हमारे सामने आ चुकी हैं। सभी भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि कृपया बाहर न निकलें। कृपया अपनी आपूर्ति को नियंत्रित करें। अभी कुछ दिन और यह स्थिति बनी रह सकती है। कृपया अपने पड़ोसियों से मदद लेने की कोशिश करें। कृपया घर पर रहें और सुरक्षित रहें।” दूतावास ने बताया कि खार्तूम में गोली लगने से एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई। खार्तूम में हिंसा भड़कने के बाद मिशन ने अपनी दूसरी एडवाइजरी में कहा, ‘नवीनतम सूचनाओं के आधार पर, लड़ाई अभी कम नहीं हुई है। हम ईमानदारी से सभी भारतीयों से अनुरोध करते हैं कि वे जहां हैं वहीं रहें और बाहर न निकलें।’ विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि सूडान में मौजूदा स्थिति के मद्देनजर जानकारी और सहायता प्रदान करने के लिए मंत्रालय में एक 24X7 नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। हेल्पलाइन नंबर 1800118797, +91-11-23012113, +91-11-23014104, +91-11-23017905, +91 9968291988 हैं।

    अफ्रीकी देश में हिंसा बढ़ने के बाद 15 अप्रैल के बाद से भारतीय दूतावास द्वारा जारी यह तीसरा परामर्श है। 15 अप्रैल को भारतीय दूतावास ने सभी नागरिकों से घर के अंदर रहने, अत्यधिक सावधानी बरतने और तत्काल प्रभाव से बाहर निकलने से बचने का आग्रह किया था। साथ ही दूतावास ने कहा था कि सूडान जाने की योजना बना रहे भारतीयों को अपनी यात्रा स्थगित कर देनी चाहिए। इसके बाद 16 अप्रैल को खार्तूम में भारतीय दूतावास ने वहां रहने वाले भारतीयों के लिए दूसरी सलाह जारी की थी, जिसमें कहा गया था, “नई सूचनाओं के आधार पर, लड़ाई दूसरे दिन कम नहीं हुई है। हम ईमानदारी से सभी साथी भारतीयों से अनुरोध करते हैं कि वे जहां हैं वहीं रहें और बाहर नहीं निकलें। कृपया शांत और शांतिपूर्ण रहें। बालकनियों या छत जैसी खुली जगहों से दूर रहें। संभव होने पर वहां से निकलने के लिए आवश्यक चीजें- दवा, पानी, पैसा, पासपोर्ट, ओसीआई कार्ड, भोजन अपने साथ तैयार रखें।”

    बता दें कि 2021 में एक सैन्य तख्तापलट के बाद देश में सत्ता पर कब्जा करने वाले दो जनरलों के बीच एक सप्ताह के सत्ता संघर्ष के चलते 15 अप्रैल को सूडान विस्फोटों और गोलियों की आवाज के साथ जागा। ये दो जनरल हैं- अब्देल फतह अल-बुरहान जो सूडान की सेना के प्रमुख हैं और अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्स के कमांडर मोहम्मद हमदान डागलो, जो अब्देल के पूर्व सहयोगी हैं। दोनों ने 2019 में सूडान के पूर्व राष्ट्रपति उमर अल-बशीर को गिराने के लिए एक साथ काम किया और 2021 के सैन्य तख्तापलट में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हालांकि, देश में नागरिक शासन को बहाल करने की योजना के हिस्से के रूप में आरएसएफ को सूडान की सेना में एकीकृत करने के लिए बातचीत उस समय शत्रुतापूर्ण हो गई जब सवाल उठा कि नए शासन में कौन किसको आदेश देगा।

  • रेलवे स्टेशन के सामने लगे बोर्ड पर चला अश्लील वीडियो, देखते ही मोबाइल से वीडियो बनाने लगे लोग

    रेलवे स्टेशन के सामने लगे बोर्ड पर चला अश्लील वीडियो, देखते ही मोबाइल से वीडियो बनाने लगे लोग

    भागलपुर: बिहार में आए दिन कुछ न कुछ ऐसा होता है जो नेशनल नहीं इंटरनेशन न्यूज बन जाती है। हाल ही में पटना रेलवे स्टेशन के डिस्प्ले बोर्ड पर अश्लील वीडियो चलने का मामला सामने आया है, जिस पर विदेशी पोर्न स्टार ने भी ट्वीट किया था। लेकिन इस बीच बिहार के भागलपुर से एक बार फिर ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां रेलवे स्टेशन के सामने लगे बोर्ड पर अश्लील कंटेट चलते देखा गया। हालांकि मामले में संज्ञान लेते हुए पुलिस ने कुछ ही देर में इसे बंद करवा दिया था।

    मिली जानकारी के अनुसार भागलपुर रेलवे स्टेशन के पास लगे एलईडी डिस्प्ले स्क्रीन पर अश्लील सामग्री दिखते ही बड़ी संख्या में लोग वहां जमा हो गए। इतना ही नहीं कुछ लोगों ने तो अपने मोबाइल फोन पर मैसेज को कैमरे में कैद कर लिया और इसे सोशल मीडिया पर डाल दिया। हालांकि, मामले की सूचना मिलते ही भागलपुर का जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया और डिस्प्ले बोर्ड व संदेश को हटा दिया। जांच में पता चला कि भागलपुर नगर निगम ने शहर के सौंदर्यीकरण के लिए जीवन जागृति सोसायटी को ठेका दिया था। इसने लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए शहर के कुछ स्थानों पर एलईडी डिस्प्ले बोर्ड लगाए हैं। एलईडी डिस्प्ले बोर्ड एक कंट्रोल रूम से संचालित होता है।
    जीवन जागृति सोसायटी के अध्यक्ष ने दावा किया कि इसे कुछ लोगों ने हैक कर लिया था इसलिए, अश्लील संदेश स्क्रीन पर प्रदर्शित हुआ। कोतवाली थाने के एसएचओ ने कहा कि जीवन जागृति सोसायटी के अध्यक्ष डॉ अजय कुमार के आवेदन पर हमने अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इसे हैक किया गया है। हम मामले की जांच कर रहे हैं। किसी को भी अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है।

  • बड़ी खबरः ऑस्ट्रेलिया के 5 Universities में भारतीय छात्रों के प्रवेश पर लगी रोक

    बड़ी खबरः ऑस्ट्रेलिया के 5 Universities में भारतीय छात्रों के प्रवेश पर लगी रोक

    मेलबर्नः फर्जी आवेदनों में वृद्धि के बीच ऑस्ट्रेलिया के कम से कम पांच विश्वविद्यालयों ने भारत के कुछ राज्यों के छात्रों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। ऑस्ट्रेलिया में इस साल भारतीय छात्रों की संख्या वर्ष 2019 के 75,000 के सर्वाधिक आंकड़े को पार कर सकती है। सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड अखबार ने मंगलवार को कहा कि छात्रों की संख्या में मौजूदा वृद्धि से ऑस्ट्रेलिया की आव्रजन प्रणाली और देश के आकर्षक अंतरराष्ट्रीय शिक्षा बाजार पर संभावित दीर्घकालिक प्रभाव को लेकर सांसदों और शिक्षा क्षेत्र से लोगों ने चिंता व्यक्त की है।

    वैश्विक शिक्षा फर्म नवितास के जॉन च्यू ने कहा, ‘आने वाले छात्रों की संख्या उम्मीद से कहीं अधिक है।’ उन्होंने कहा, ‘‘हम जानते थे कि संख्या में काफी वृद्धि होगी, लेकिन इसके साथ ही फर्जी छात्रों की संख्या भी बढ़ी है।’’ रिपोर्ट में कहा गया है कि इस स्थिति से निपटने के लिए कई विश्वविद्यालय अब प्रतिबंध लगा रहे हैं। द एज और द सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड अखबारों के अनुसार, विक्टोरिया विश्वविद्यालय, एडिथ कोवान विश्वविद्यालय, वोलोंगोंग विश्वविद्यालय, टॉरेंस विश्वविद्यालय और साउथ क्रॉस विश्वविद्यालय ने भारतीय छात्रों के आवेदनों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है।

    फरवरी में पर्थ स्थित एडिथ कोवान विश्वविद्यालय ने भारतीय राज्यों-पंजाब और हरियाणा के आवेदकों पर प्रतिबंध लगा दिया। इसके बाद मार्च में विक्टोरिया विश्वविद्यालय ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान और गुजरात सहित आठ भारतीय राज्यों के छात्रों के आवेदनों पर प्रतिबंध बढ़ा दिए। यह घटनाक्रम ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीस के भारत दौरे के दौरान विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों के साथ एक नए समझौते की घोषणा किए जाने के बाद हुआ।

  • इमारत में आग लगने से 16 लोगों की मौत

    इमारत में आग लगने से 16 लोगों की मौत

    दुबईः रिहायशी इमारत में आग लगने से 16 लोगों की मौत हो गई। हादसे में मरने वालों में केरल के एक दंपती समेत 4 भारतीय शामिल हैं। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आग दुबई के सबसे पुराने इलाकों में से एक अल-रास में स्थित इमारत की चौथी मंजिल में लगी और फिर अन्य इलाकों में भी फैल गई। अधिकारियों के मुताबिक, हादसे में 16 लोगों की मौत हुई और नौ लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं।

    दुबई में स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने हादसे में चार भारतीयों के मरने की पुष्टि की है। भारतीय वाणिज्य दूतावास में वरिष्ठ अधिकारी बिजेंद्र सिंह ने बताया, “मृतकों में रिजेश कलंगदान (38), उनकी पत्नी जेशी कंदमंगलथ (32), गुडू सलियाकुंडु (49) और इमामकासिम अब्दुल खदेर (43) शामिल हैं।” उन्होंने कहा, “हमें उनकी पासपोर्ट की प्रतियां (नसीर) वाटनपल्ली (एक भारतीय सामाजिक कार्यकर्ता) के माध्यम से प्राप्त हुई हैं। हम पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं और समर्थन के लिए पहुंचने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों को धन्यवाद देते हैं। हम उनके शवों को वापस लाने के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहे हैं।” उन्होंने कहा, ‘‘अब तक, हमने इमारत में काम करने वाले तमिलनाडु के दो पुरुषों और केरल के एक दंपत्ति समेत चार भारतीयों, तीन पाकिस्तानी भाइयों और एक नाइजीरियाई महिला की पहचान की है।’’

    अधिकारियों ने बताया कि दुबई सिविल डिफेंस ऑपरेशंस रूम को शनिवार दोपहर करीब 12 बजकर 35 मिनट पर आग लगने की सूचना मिली थी जिसके बाद दुबई सिविल डिफेंस’ मुख्यालय के एक दल ने घटनास्थल पहुंचकर इमारत में रह रहे लोगों को बाहर निकालना शुरू किया। उन्होंने बताया, ‘पोर्ट सईद फायर स्टेशन’ और ‘हमरियाह फायर स्टेशन’ से भी दमकल दलों को बुलाया गया। ‘गल्फ न्यूज’ की खबर अनुसार, आग पर अपराह्न दो बजकर 42 मिनट (स्थानीय समयानुसार) पर काबू पाया जा सका। खबर के मुताबिक, अपराह्न करीब तीन बजे सिविल डिफेंस की टीम ने क्रेन की मदद से तीसरी मंजिल पर मौजूद लोगों को बचाया। ‘दुबई सिविल डिफेंस’ के प्रवक्ता ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि इमारत में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। प्रवक्ता ने कहा कि अधिकारी आग लगने के कारणों की व्यापक जांच कर रहे हैं, ताकि एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा सके।

  • सूरज की सतह पर दिखी इस बड़ी चीज़ ने अंतरिक्ष वैज्ञानिकों को किया हैरान !

    सूरज की सतह पर दिखी इस बड़ी चीज़ ने अंतरिक्ष वैज्ञानिकों को किया हैरान !

    सूर्य की सतह पर अंतरिक्ष वैज्ञानिकों को दीवार जैसी ऊंची संरचना नज़र आई है। आपको जानकर हैरानी होगी कि सूर्य की सतह पर दिखाई देने वाली यह दीवार 1 लाख किलोमीटर ऊंची है और इसे प्लाज्मा वॉल बताया जा रहा है।

    इस दीवार को अर्जेंटीना के खगोलशास्त्री और एस्ट्रोफोटोग्राफर शाउबर पौप्यू ने अपने कैमरे में कैद किया। पौप्यू ने यह तस्वीर 9 मार्च को खींची थी। फोटो में प्लाज्मा की एक विशाल दीवार सूर्य की सतह की ओर गिरती नज़र आ रही है।

    इन दिनों सूर्य की सतह पर बहुत सी ऐसी गतिविधियां हो रही हैं खगोलशास्त्रियों को हैरान कर रही हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक यह दीवार इतनी ऊंची है कि एक के ऊपर एक 8 धरती रखी जा सकती है। ऐसी संरचनाएं सूर्य की सतह पर पहले भी देखी जा चुकी हैं। ये संरचनाएं बहुत कम अंतराल पर उभरती हैं और ध्रुवों के छल्लों के आसपास नज़र आती हैं। इन्हें पोलर क्राउन प्रॉमिनेंस (पीसीपी) कहा जाता है। जहां तक इनके गठन का संबंध है, ये साधारण प्रमुखता के समान होती हैं जो प्लाज्मा या आयनित गैस से बनती हैं।  सूर्य की सतह से यह प्लाज्मा लगातार बाहर निकलता रहता है।

    नासा के मुताबिक सूर्य पर ध्रुवों के पास जो चुंबकीय क्षेत्र होता है वो बहुत शक्तिशाली होता है और इस कारण से यह प्लाज्मा ऊपर की तरफ फटते ही नीचे की ओर गिर जाता है। इस कारण इन्हें प्लाज्मा जलप्रपात भी कहा जाता है और इसकी गति भी बहुत तेज होती है।

  • एक बार फिर बढ़ेंगे पेट्रोल के दाम, जानें कीतना हो सकता है इज़ाफा

    एक बार फिर बढ़ेंगे पेट्रोल के दाम, जानें कीतना हो सकता है इज़ाफा

    इस्लामाबादः पाकिस्तान में महंगाई ने लोगों का बुरा हाल कर रखा है, महंगाई की मार झेल रहे लोगों पर बोझ अब और बढ़ने वाला है। दरअसल, आर्थिक तंगी से जूझ रही पाकिस्तान सरकार अगले पखवाड़े के दौरान पेट्रोलियम की कीमतों में 10-14 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी करने वाली है। शनिवार को एक मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।

    सूत्रों के हवाले से खबर सामने आई है कि वैश्विक बाजारों में तेल की बढ़ती कीमतों के कारण पेट्रोलियम उत्पादों की कीमत बढ़ा सकती है। पेट्रोल की मौजूदा एक्स-डिपो कीमत 272 रुपये प्रति लीटर है, जो कि 286.77 रुपये प्रति लीटर हो सकती है।

  • वाटर पार्क में चली ताबड़तोड़ गोलियां, 7 लोगों की मौत

    वाटर पार्क में चली ताबड़तोड़ गोलियां, 7 लोगों की मौत

    मैक्सिकोः सेंट्रल मैक्सिको से एक बड़ी खबर सामने आई है। मिली जानकारी के मुताबिक शनिवार देर रात यहां के वाटर पार्क में बंदूकधारियों ने अंधाधुंध गोलियां बरसाईं हैं। गोलीबारी के दोरान 7 साल के बच्चे सहित 7 अन्य लोगों की भी मौत हो गई और एक व्यक्ति के घायल होने की भी जानकारी प्राप्त हुई  है, हालांकि उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

    इस घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। वहां के लोगों में दहशत फैल गई। घटना के बाद पुलिस तुरंत मौके पर वहां पहुंची। फिलहाल हमलावर पुलिस की गिरफ्त से फरार है। पुलिस ने बताया कि  इस घटना में मरने वालों में एक सात साल की नाबालिग के तीन पुरुष और तीन महिलाएं शामिल हैं।

  • सेना और अर्धसैनिक बल एक-दूसरे के ठिकानों पर कर रहे हमले, देखें वीडियो 

    सेना और अर्धसैनिक बल एक-दूसरे के ठिकानों पर कर रहे हमले, देखें वीडियो 

    भारतीयों को घर के अंदर रहने की सलाह, देखें वीडियो 

    खार्तूम: सूडान की राजधानी खार्तूम में अर्धसैनिक बलों और नियमित सेना ने एक-दूसरे के ठिकानों पर हमले शुरू कर दिए हैं। इसके बाद सूडान में स्थित भारतीय मिशन ने वहां रह रहे भारतीयों को घर के अंदर रहने की सलाह दी है। खार्तूम में भारतीय दूतावास के एक ट्वीट में कहा, “गोलीबारी और झड़पों की सूचना के मद्देनजर, सभी भारतीयों को अत्यधिक सावधानी बरतने, घर के अंदर रहने और तत्काल प्रभाव से बाहर निकलने से रोकने की सलाह दी जाती है। कृपया शांत रहें और अपडेट की प्रतीक्षा करें।”

    नियमित सेना में अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्स (RSF) के नियोजित एकीकरण को लेकर सैन्य नेता अब्देल फतह अल-बुरहान और उनके नंबर दो अर्धसैनिक कमांडर मोहम्मद हमदान डागलो के बीच हफ्तों तक गहराते तनाव के बाद शनिवार को सूडान में हिंसा भड़क गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने दक्षिण खार्तूम में आरएसएफ बेस के पास “टकराव” और जोरदार विस्फोट और गोलियों की सूचना दी।

    आरएसएफ का दावा

    आरएसएफ ने कहा कि उसके बलों ने खार्तूम हवाईअड्डे पर नियंत्रण कर लिया था। प्रत्यक्षदर्शियों ने भी हवाई अड्डे के परिसर में लड़ाकों से भरे ट्रक को आते देखा है। हवाईअड्डे के पास, साथ ही बुरहान के आवास के पास और खार्तूम उत्तर में गोलियों की आवाज सुनी गई। समाचार एजेंसी ने बताया कि नागरिकों को भागते देखा गया।

    सेना का दावा

    सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल नबील अब्दुल्ला ने एएफपी को बताया, “रैपिड सपोर्ट फोर्सेज के लड़ाकों ने खार्तूम और सूडान के आसपास कई सैन्य शिविरों पर हमला किया। संघर्ष जारी है और सेना देश की सुरक्षा के लिए अपना कर्तव्य निभा रही है।”

    दोनों पक्ष लगा रहे आरोप

    वीरवार को अपने बयान में, नियमित सेना ने कहा कि यह “देश एक खतरनाक ऐतिहासिक मोड़ पर है।” सेना ने कहा, “जोखिम बढ़ रहा है, क्योंकि आरएसएफ कमांड ने राजधानी और अन्य शहरों में सेना को लामबंदकर घेर लिया है।” आरएसएफ ने अपनी तैनाती का बचाव करते हुए कहा कि वह नियमित सेना के साथ समन्वय में काम करता है और इसके लड़ाके “सुरक्षा और स्थिरता हासिल करने के लिए पूरे देश में चलते हैं।” 

  • मुफ्त का आटा लेने के लिए उमड़ी भीड़ में मची भगदड़, दर्जनों घायल

    मुफ्त का आटा लेने के लिए उमड़ी भीड़ में मची भगदड़, दर्जनों घायल

    नई दिल्ली: पाकिस्तान की आर्थिक बदहाली का आलम ये है कि रमजान के महीने के दौरान भी लोगों को रोजा खोलने के लिए दो वक्त की रोटी भी नहीं मिल रही है। सरकार ने आटे के भीषण संकट का सामना कर रहे लोगों को राहत देने के लिए मुफ्त राशन की दुकानें खोली हैं जहां लोगों को आटा बांटा जाता है। ऐसे ही एक केंद्र पर मची भगदड़ में दर्जनों लोग घायल हो गए हैं। लोगों की भीड़ ने आटे की कई बोरियां भी लूट ली। पाकिस्तान के प्रमुख समाचार पत्र डॉन के अनुसार, पाकिस्तान के मनसेहरा में ओघी तहसील के करोरी इलाके में एक वितरण स्थल पर आटा बांटा जा रहा था।  सरकारी योजना के तहत मुफ्त आटा प्राप्त करने के लिए बड़ी संख्या में लोग वितरण केंद्र पहुंच गए। यहां पर विवाद हुआ और लोग अन्यायपूर्ण वितरण का आरोप लगाकर भिड़ गए। 

    इस दौरान जमकर हंगामा हुआ।  भीड़ ने आटा ले जा रहे एक ट्रक पर धावा बोल दिया और लोग आटे के सैकड़ों बोरे उड़ा ले गए। इस भगदड़ और हंगामे दर्जनों लोगों के घायल होने की खबर भी है। लोगों का कहना है कि वितरक पक्षपात कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कई लोग आटे की बहुत सारी बोरियां थैलियां लेकर भाग गए, लेकिन कमजोर तबके के लोग उपवास के दौरान लंबे समय तक कतार में लगने के बावजूद खाली हाथ लौट आए।  इससे पहले 9 अप्रैल को पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर क्षेत्र में मुफ्त आटे के वितरण में पक्षपात और विसंगतियों के खिलाफ सैकड़ों लोगों ने बाजौर प्रेस क्लब के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था।

    बता दें कि आर्थिक बदहाली के शिकार पाकिस्तान की मुद्रा की कीमत लगातार कम होती जा रही है। पाकिस्तान के पास जरूरी सामान आयात करने के लिए पर्याप्त विदेशी मुद्रा नहीं बची है और देश में हंगाई की दर 35 फीसदी तक पहुंच गई है। रमजान के महीने में फलों के दाम भी आसमान छू रहे हैं। पाकिस्तान में रोजे रखने वाले लोगों को रोजा तोड़ने में परेशान होना पड़ रहा है, क्योंकि रोजा तोड़ने के लिए फलों की उपलब्धता आसानी से नहीं है। पाकिस्तान में केला 420 रुपए प्रति किलो और सेब के दाम भी 400 रुपए से हैं।  संतरा 180 रुपए किलो बिक रहा है। प्याज की कीमत 200 रुपए के करीब है। वहीं एक किलो टमाटर की कीमत विभिन्न शहरों में सवा सौ रुपए से लेकर 250 रुपए के बीच है। आलू 100 रुपए किलो तक भी बिक रहा है। वहीं दूध 154 रुपए, ब्रेड 108 रुपए, चावल 221 रुपए प्रति किलो, चिकन 559.83 रुपए प्रतिकिलो के भाव से बिक रहे हैं। 

  • राष्ट्रपति की बढ़ी मुश्किलें, ईंधन खरीद सहायता से 400 करोड़ डॉलर के गबन के लगे आरोप

    राष्ट्रपति की बढ़ी मुश्किलें, ईंधन खरीद सहायता से 400 करोड़ डॉलर के गबन के लगे आरोप

    कीव: यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की पर गंभीर आरोप लगे है। कहा जा रहा है कि राष्ट्रपति और देश के अन्य अधिकारियों ने कम से कम 400 करोड़ डॉलर का गबन किया है, जो देश को डीजल ईंधन की खरीद के लिए दिया गया था। एजेंसी रिपोर्ट के अनुसार, रूसी समाचार एजेंसी TASS ने अमेरिकी पत्रकार सीमोर हर्श की वेबसाइट का हवाला देते हुए बताया। सीमोर हर्श ने सूत्रों का हवाला देते हुए दावा किया, “यूक्रेन के राष्ट्रपति और उनकी टीम में शामिल कई लोग डीजल ईंधन भुगतान के लिए निर्धारित अमेरिकी डॉलर से लाखों रुपये उड़ा रहे हैं। सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी के विश्लेषकों के एक अनुमान के अनुसार पिछले साल कम से कम 400 करोड़ अमरीकी डालर का गबन किया गया था।”

    स्थिति के लिए अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन को दोषी ठहराते हुए वेबसाइट ने दावा किया, “कीव में भ्रष्टाचार अफगान युद्ध की तरह आ रहा है, हालांकि यूक्रेन से कोई पेशेवर ऑडिट रिपोर्ट सामने नहीं आएगी।” पिछले साल फरवरी में शुरू हुए रूस के आक्रमण के बीच अमेरिका यूक्रेन को सहायता प्रदान करता रहा है। पिछले महीने अमेरिका ने यूक्रेन को हथियारों और उपकरणों के रूप में 350 करोड़ डॉलर देने का वादा किया था। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने कहा था, “आज, राष्ट्रपति बाइडेन के अधिकार के एक प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, मैं यूक्रेन के लिए 350 मिलियन अमरीकी डालर मूल्य के अमेरिकी हथियारों और उपकरणों के हमारे 34वें ड्रॉडाउन को अधिकृत कर रहा हूं।”

    उन्होंने ये भी कहा था, “इस सैन्य सहायता पैकेज में अमेरिका द्वारा प्रदान किए गए HIMARS और हॉवित्जर तोपों के लिए अधिक गोला-बारूद शामिल है, जिसका उपयोग यूक्रेन खुद की रक्षा के लिए कर रहा है, साथ ही ब्रैडली इन्फैंट्री फाइटिंग व्हीकल्स, HARM मिसाइलों, टैंक-रोधी हथियारों, नदी की नावों और अन्य उपकरणों के लिए गोला-बारूद भी शामिल है।”