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  • कोरोना के मामलों में रिकॉर्ड उछाल, नए वेरिएंट से डर रही दुनिया

    कोरोना के मामलों में रिकॉर्ड उछाल, नए वेरिएंट से डर रही दुनिया

    बीजिंग: पूरी दुनिया में कोरोना वायरस चीन से ही निकलकर फैलना शुरू हुआ और लाखों लोगों की इसमें जान चली गई। एक बार फिर से चीन में कोरोना से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। भारत में कोरोना संक्रमितों की संख्या बहुत मामूली होने के बाद भी भारत सरकार इसको लेकर अलर्ट है। इसका कारण चीन से छुपाई जा रही जानकारियां और कोरोना के नए वेरिएंट को लेकर भी है। इसके चलते सरकार कोई भी चूक नहीं करना चाहती है।

    बढ़ते मामलों के बीच बीजिंग ने भी स्वीकार कर लिया है कि कोरोना संक्रमण को ट्रैक करना असंभव हो रहा है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने भी कोरोना से मौत के आंकड़े देना बंद कर दिए हैं। कोरोना से कई हिस्से प्रभावित बताए जा रहे हैं। शमशान घाटों पर मृतकों के शव भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। चीन से आ रहे कोरोना मामलों व वहां बिगड़ते हालातों पर दूसरे देशों में भी नए वेरिएंट को लेकर चिंता है. कोरोना का नया वेरिएंट कैसा है या कितना खतरनाक है इसको लेकर अभी कोई स्थिति स्पष्ट नहीं है. ताजा लहर से नए स्ट्रेन्स सामने आए हैं। कोविड सैंपल से इसकी निगरानी की जा रही है। 

    पिछले 7 दिनों में 30 लाख केस

    पिछले 7 दिनों में कोरोना के 30 लाख से अधिक केस आए हैं और इसी दौरान 9847 लोगों की मौत हुई है, जापान में पिछले 7 दिनों में 2188 लोगों की मौत हो चुकी है। जापान में कोरोना से मौत के आंकड़े में जबरदस्त उछाल आया है। जापान के बाद दक्षिण कोरिया में कोरोना का तेजी से प्रसार हो रहा है। 

  • अब डेडबॉडी से बनाई जाएगी खाद…

    अब डेडबॉडी से बनाई जाएगी खाद…

    न्यूयार्क : अब आप डैड बाॅडी खाद बनाकर आपने बगीचे के लिए प्रयोग कर सकते हैं, न्यूयार्क में अब डैड बॉडी जलाने या दफनाने की जरूरत नहीं होगी। उसे ईको-फ्रैंडली तरीके से उपजाऊ खाद में बदला जा सकेगा। इसे खाद में बदलने के बाद मिट्टी को मृत व्यक्ति के परिवार वाले अपने बगीचे में इस्तेमाल कर सकते हैं, या चाहें तो जंगलों में बिखेरने के लिए दान भी कर सकते हैं। 

    डैड बॉडी को मिट्टी में बदलने के इस तरीके को ह्यूमन कम्पोसिंटग कहा जाता है। इस प्रक्रिया में डैड बॉडी को स्टेनलैस स्टील के एक सिलैंडर में रखा जाता है। उसके साथ बायोडिग्रेडेबल मैटीरियल भी डाला जाता है। माइक्रोब डैड बॉडी और दूसरे मैटीरियल को तोड़ते हैं। एक महीने के भीतर डैड बॉडी पोषक तत्वों से भरपूर मिट्टी में बदल जाती है। एक डैड बॉडी से 36 बैग मिट्टी बनती है। न्यूयार्क ह्यूमन कम्पोसिंटग कानून पास करने वाला छठा अमरीकी राज्य बन गया है। सबसे पहले वाशिंगटन ने ह्यूमन कम्पोसिंटग की अनुमति दी थी। 

  • हवा में दो हेलीकॉप्टर की भयानक टक्कर में 4 की मौत, देखें वीडियो

    हवा में दो हेलीकॉप्टर की भयानक टक्कर में 4 की मौत, देखें वीडियो

    क्वीन्सलैंड: समुद्र के तट पर होने वाली दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं के क्रम में एक और दर्दनाक हादसा ऑस्ट्रेलिया से सामने आया है जहां दो हेलिकॉप्टर की टक्कर में चार लोगों की मौत हो गई है। यह हादसा तब हुआ जब ऑस्ट्रेलिया के क्वीन्सलैंड में हवा में ही दो हेलिकॉप्टर्स की आपस में टक्कर हो गई। इस दौरान वहां नीचे काफी लोग मौजूद थे और वे सब इधर-उधर भागने लगे।

    समुद्र के व्यस्त बीच पर हादसा

    दरअसल, यह घटना ऑस्ट्रेलिया के क्वीन्सलैंड स्थित एक समुद्री बीच की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह घटना एक मरीन थीम पार्क के पास हुई, जब दो हेलिकॉप्टर आपस में टकरा गए। हैरानी की बात यह है कि उस समय पार्क में काफी लोग थे। बताया जा रहा है कि एक हेलिकॉप्टर पर थीम पार्क का लोगो लगा हुआ था। एक नीचे उतर रहा था जबकि एक नीचे आ रहा था।

    मृतकों में एक हेलिकॉप्टर का पायलट

    इसी बीच दोनों आपस में टकरा गए। इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई और तीन से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद पुलिस और मेडिकल टीम घटनास्थल पर पहुंची और लोगों का रेस्क्यू किया गया। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनका इलाज चल रहा है। मृतकों में नष्ट हुए हेलिकॉप्टर का पायलट और तीन लोग शामिल हैं।

    वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस घटना में एक हेलिकॉप्टर पूरी तरह क्रैश हो गया। जबकि दूसरा हेलिकॉप्टर रेत के बीच उतारने में कामयाब रहा। जिससे उस हेलिकॉप्टर के किसी यात्री को कोई गंभीर चोट नहीं आई है। घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद लोगों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया है। वीडियो देखकर घटना का अंदाजा लगाया जा सकता है।

  • अब सस्ते होंगे शराब के जाम

    अब सस्ते होंगे शराब के जाम

    दुबई : दुबई के शाही परिवार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिहाज से शराब की बिक्री पर लगने वाले 30 फीसदी टैक्स और शराब का लाइसेंस लेने के लिए लगने वाली फीस दोनों को खत्म करने की घोषणा रविवार को की। नए साल पर यह घोषणा दुबई की दो सरकारी शराब कंपनियों ने की है और यह सत्तारूढ़ अल मख्तूम परिवार के आदेश पर हुआ है। 

    एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी अधिकारियों ने तत्काल इस घोषणा की पुष्टि नहीं की है और ना ही इससे जुड़े सवालों का जवाब दिया है। दुबई को शराब की बिक्री से अभी तक राजस्व का बड़ा हिस्सा मिला करता था जो इस नए फैसले से मिलना बंद हो जाएगा, बता दें कि दुबई में शराब पीने की न्यूनतम आयु 21 साल है और शराब पीने के लिए एक प्लास्टिक कार्ड अपने पास रखना होता है। यह प्लास्टिक कार्ड  बीयर, शराब खरीदने और पीने की अनुमति देता है। अगर कोई इसका उलंघन करता है तो उसे फाइन देना पड़ सकता है या उसकी गिरफ्तारी भी हो सकती है।

  • बड़ी ख़बरः जेल में चली गोलियां, 10 सुरक्षाकर्मियों समेत 4 कैदियों की मौत 

    बड़ी ख़बरः जेल में चली गोलियां, 10 सुरक्षाकर्मियों समेत 4 कैदियों की मौत 

    सीऊडैड वारेज (मैक्सिको): उत्‍तरी अमेरिकी देश मैक्सिको में साल के पहले दिन बड़ी घटना को अंजाम दिया गया। देश के सबसे कुख्‍यात जेलों में से एक पर बंदूकधारियों ने अचानक से हमला कर दिया। जेल में तैनात सुरक्षाकर्मी कुछ समझ पाते इससे पहले ही बंदूकधारी गोलियां बरसाते हुए जेल के अंदर घुस गए। इससे जेल में अफरातफरी का माहौल हो गया। इस हमले में 10 सुरक्षाकर्मियों और 4 कैदियों के मारे जाने की पुष्टि की गई है। जेल में मची भगदड़ का फायदा उठाते हुए 24 कैदी भी फरार हो गए। इससे पहले अक्‍टूबर 2022 में भी बंदूकधारियों ने दक्षिणी मैक्सिको में हमला कर 18 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। इस हमले में शहर के मेयर की भी मौत हो गई थी।

    मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उत्‍तरी मैक्सिको के चवावा में स्थित जेल पर बख्‍तरबंद वाहनों में आए हमलावरों ने हमला कर दिया। इससे मौके पर भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई। बंदूकधारी ताबड़तोड़ गोलियां बरसाने लगे। हमले के बाद जारी बयान में बताया गया कि इस घटना में 10 सुरक्षाकर्मियों और 4 कैदियों की मौत हो गई। वहीं, 24 कैदी भी जेल से फरार हो गए। जेलब्रेक की घटना को स्‍थानीय समय के अनुसार सुबह में अंजाम दिया गया। बंदूकधारियों के हमले के बाद कैदियों के बीच झड़प हो गई, जिससे हालात और भी बिगड़ गए थे। जेल पर हमले से पहले कुछ बंदूकधारियों ने स्‍थानीय पुलिस पर भी गोलियां चलाई थीं। पुलिस ने हमले में शामिल 4 अपराधियों को पकड़ लिया था। बाद में हमलावरों ने जेल के बाहर तैनात सुर‍क्षाकर्मियों पर हमला कर दिया।

    जेल पर हमले के बाद कैदी आपस में ही भिड़ गए। इससे वहां अफरातफरी का माहौल हो गया। अधिकारियों ने बताया कि कैदियों के बीच भिड़ंत में 13 कैदी घायल हो गए। इस जेल में अन्‍य कैदियों के साथ ड्रग कार्टेल से जुड़े कुख्‍यात अपराधी भी बंद हैं। उनका कहना है कि 4 लोगों को दबोचा गया है, लेकिन फिलहाल यह बताना कठिन है कि वे कैदी हैं या फिर हमलावर। दूसरी तरफ जेल से फरार हुए 24 कैदियों की पहचान भी अभी तक नहीं हो सकी है।

    सीऊडैड वारेज शहर में स्थित जिस जेल पर हमला किया गया, उसकी सीमा अमेरिकी शहर टेक्‍सास से लगती है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल वह मामले की जांच कर रहे हैं, ताकि हमलावरों के मंसूबों के बारे में पता लगाया जा सके। सीऊडैड वारेज शहर में सिनालोआ और वारेज ड्रग माफिया गिरोह और सुरक्षाकर्मियों के बीच वर्षों से हिंसक झड़प हो रहे हैं। इसमें हजारों की तादाद में लोग मारे जा चुके हैं।

  • कनाडा सरकार ने विदेशी नागरिकों को दिया बड़ा झटका, जारी किए ये निर्देश 

    कनाडा सरकार ने विदेशी नागरिकों को दिया बड़ा झटका, जारी किए ये निर्देश 

    नई दिल्लीः कनाडा में रहने वाले विदेशी लोग जो वहां पर घर खरीदने की योजना बना रहे है, उनके के लिए बुरी खबर है। कनाडा में सरकार ने विदेशियों के लिए प्रॉपर्टी खरीदने पर रोक लगा दी है। कनाडा ने आवासीय संपत्तियों को निवेश के तौर पर विदेशियों को बेचे जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह प्रतिबंध नए साल के पहले दिन यानी रविवार को लागू हो गया है। संपत्ति की कीमतों में वृद्धि के बाद यह निर्णय लिया गया। महामारी की शुरुआत के बाद घर की कीमतों में वृद्धि के कारण कनाडा सरकार द्वारा कानून पारित किया गया था।

    क्यों लगाया गए प्रतिबंध

    आवास की कमी का सामना कर रहे स्थानीय लोगों को अधिक घर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कनाडा में रेसिडेंशियल प्रॉपर्टी खरीदने वाले विदेशियों पर प्रतिबंध लगाया गया है। कोविड-19 के देश में घर की कीमतें कोविड-19 महामारी की शुरुआत के बाद से बढ़ी हैं। वहीं, कुछ राजनेताओं का मानना है कि खरीदार निवेश के रूप में घरों की आपूर्ति को बंद करने के लिए जिम्मेदार थे।

    इस प्रॉपर्टी पर नहीं होगा प्रतिबंध

    कनाडा सरकार ने यह भी साफ किया है कि ये प्रतिबंध केवल शहर के आवासों पर लागू होगा। यह प्रतिबंध रविवार (1 जनवरी) से लागू हो गया है। ग्रीष्मकालीन कॉटेज जैसी प्रॉपर्टी पर ये प्रतिबंध लागू नहीं होगा।

    कनाडा में घर की कीमतें और ब्याज दरें

    कैनेडियन रियल एस्टेट एसोसिएशन (CREA) के अनुसार, फरवरी 2022 में कनाडा में औसत घर की कीमत $800,000 कनाडाई से अधिक हो गई। तब कीमतों में करीब 13 फीसदी की गिरावट आई थी। बैंक ऑफ कनाडा ब्याज दरें बढ़ा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप देश में उच्च बंधक दरें हैं। महामारी से पहले 2019 के अंत से सीआरईए का मूल्य सूचकांक अभी भी 38 प्रतिशत ऊपर है। हालांकि, समूह ने कहा कि बिक्री के लिए घरों की सूची पूर्व-महामारी के स्तर पर लौट आई है।

    रेसिडेंशियल प्रॉपर्टी खरीदने पर रोक

    बात दें कि कनाडा के प्रधान मंत्री जस्टिन ट्रूडो ने 2021 के चुनाव अभियान के दौरान स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए प्रोपर्टी को लेकर ये प्रस्ताव रखा था। कनाडा में बढ़ती कीमतों की वजह से कई लोगों की पहुंच से घर खरीदना बाहर है।स्थानीय लोगों को अधिक घर उपलब्ध कराने के मकसद से रेसिडेंशियल प्रॉपर्टी खरीदने वाले विदेशियों पर रोक लगाई गई है।

  • नए साल के पहले दिन सेन्य एयरपोर्ट पर हमले से 10 लोगों की मौत, 8 घायल 

    नए साल के पहले दिन सेन्य एयरपोर्ट पर हमले से 10 लोगों की मौत, 8 घायल 

    काबुलः अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के एक मिलिट्री एयरपोर्ट पर नए साल के पहले दिन रविवार को हुए धमाके में कई लोगों की मौत हो गई व कई घायल हो गए । जानकारी के अनुसार इस हमले में 10 लोगों के मारे जाने की आशंका है जबकि 8 लोग घायल भी हुए हैं। तालिबान के प्रवक्ता अब्दुल नफी टक्कुर ने धमाके की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि काबुल मिलिट्री एयरपोर्ट पर यह धमाका सुबह के समय हुआ। इससे तीन दिन पहले यानी 29 दिसंबर को भी अफगानिस्तान के तालुकन प्रोविंस में धमाका हुआ था। जिसमें 4 लोग घायल हो गए थे। इससे पहले 26 दिसंबर को भी एक बादाखशान प्रोविंस में हुए धमाके में एक पुलिस अधिकारी की मौत हो गई थी।

  • बुजुर्ग के प्राइवेट पार्ट में फंसा बम, अस्पताल में मचा हड़कंप, जाने फिर…

    बुजुर्ग के प्राइवेट पार्ट में फंसा बम, अस्पताल में मचा हड़कंप, जाने फिर…

    नई दिल्ली: फ्रांस में कुछ दिनों पहले हैरतअंगेज मामला सामने आया, जिसे देखकर डॉक्टरों की भी रूह कांप गई। 88 साल के एक बुजुर्ग अस्पताल पहुंचे और उन्होंने डॉक्टरों को बताया कि उनके प्राइवेट पार्ट में फर्स्ट वर्ल्ड वॉर का बम फंसा हुआ है। जैसे ही डॉक्टरों ने यह सुना, वहां अफरा-तफरी मच गई और अस्पताल को खाली कराना पड़ गया। बाद में उन्होंने कर्मचारियों को समझाया कि यह बम डिएक्टिव है और वह कलेक्शन का पार्ट है। यह घटना टॉलन शहर के सेंट मुसे अस्पताल की है। एहतियात के तौर पर कर्मचारियों ने कुछ मरीजों को इमारत से बाहर निकाल दिया और बम निरोधक दस्ते को सूचित किया।

    एक कर्मचारी ने लोकल न्यूजपेपर को मामले की जानकारी दी। उसने कहा, ‘हम लोगों के शरीर में कई बार अजीबोगरीब चीजों को फंसे हुए देखते हैं जैसे आम, सेब इत्यादि। लेकिन बम तो कभी नहीं।’ बुजुर्ग के अस्पताल पहुंचने के बाद वहां से कई मरीजों को निकाला गया और आने वाले अन्य मरीजों को दूसरे हॉस्पिटल जाने को कहा गया।

    जब बम दस्ते की ओर से इस बात की पुष्टि हो गई कि बम डिफ्यूज है और वह ब्लास्ट नहीं होगा तब डॉक्टरों ने बुजुर्ग की सर्जरी की और बम को बाहर निकाला। दरअसल बम बुजुर्ग के रेक्टम यानी मलाशय में फंस गया था, जिसके बाद उनके पेट का ऑपरेशन किया गया। बम की लंबाई 20 सेमी और चौड़ाई 6 सेमी थी। अपने भाई के घर से बुजुर्ग को यह बम मिला था। उनका ऑपरेशन सफल रहा और अब वह रिकवरी कर रहे हैं।

    1900 की शुरुआत में फ्रांसीसी सैनिक इस बम का इस्तेमाल करते थे। पहले वर्ल्ड वॉर में यह बम कलेक्शन का हिस्सा था। खबरों के मुताबिक बुजुर्ग यौन सुख (Sexual Pleasure) के लिए बम का इस्तेमाल कर रहा था और वह उनके अंदर ही फंस गया। साल 2021 में ब्रिटेन में भी ऐसा ही मामला सामने आया था। ऐसी ही समस्या के साथ एक शख्स अस्पताल गया था। उसके शरीर में सेकंड वर्ल्ड वॉर का बम फंसा था।  

  • भयानक एक्सीडेंट दौरान 4 भारतीय छात्रों की मौत

    भयानक एक्सीडेंट दौरान 4 भारतीय छात्रों की मौत

    मॉस्‍को: रूस के कब्‍जे वाले क्रीमिया में वीरवार देर रात को एक बड़ा हादसा हुआ है। यहां पर उस समय चार भारतीय छात्रों की मौत हो गई जब उनकी गाड़ी एक पेड़ से जा टकराई। हादसा काफी भयानक था और छात्रों की मौत मौके पर ही हो गई थी। क्रीमिया के सिम्‍फरोपोल में यह एक्‍सीडेंट हुआ था। रूस की सरकारी न्‍यूज एजेंसी रिया नोवोस्‍ती की तरफ से इस खबर की पुष्टि की गई है। क्रीमिया के गृह मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।

    ड्राइवर के संतुलन खोने से पेड़ से टकराई गाड़ी

    जिन चार छात्रों की मौत हुई है उनमें से दो छात्र मेडिकल के तीसरे ईयर की पढ़ाई कर रहे थे। वहीं दो छात्र चौथे साल की पढ़ाई कर रहे थे। शुरुआती जानकारी में कहा गया है कि जिस कार के साथ यह हादसा हुआ वह रेनो की लोगान थी। इस कार को क्रीमिया में सेंट सिम्‍फोरोपोल की ओर सर्गेव-त्सेंस्की स्ट्रीट से ड्राइव किया जा रहा था। उसी समय ड्राइवर ने अपना संतुलन खो दिया। इसी समय कार पेड़ से टकरा गई। क्रीमिया पर रूस ने साल 2014 में कब्‍जा किया था। इसके बाद से ही रूस इसे प्रशासित करता आ रहा है।

    अभी तक छात्रों के नामों की नहीं हुई पहचान

    अभी तक यह पता नहीं लग सका है कि इन छात्रों का नाम क्‍या था और ये कहां के रहने वाले थे। क्रीमिया में भारी संख्‍या में भारतीय छात्र पढ़ते हैं। यहां पर कई मेडिकल यूनिवर्सिटीज हैं जो भारतीय छात्रों की फेवरिट हैं। इस साल जब से रूस और यूक्रेन की जंग शुरू हुई तो उस समय से क्रीमिया की यूनिवर्सिटीज में पढ़ने वाने भारतीय छात्रों को कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। छात्रों के परिवार वालों को जानकारी दे दी गई है।

    जानें क्रीमिया में कितने छात्र

    16 मई 2022 तक क्रीमिया की यूनिवर्सिटीज में 2320 भारतीय छात्र मेडिकल की पढ़ाई कर रहे थे। 300 छात्र कैंपस में थे। इस साल 895 छात्रों ने एडमिशन लिया था जिसमें से 83 छात्र पांचवें साल में थे। बहुत से छात्रों ने ऑनलाइन क्‍लासेज के लिए अप्‍लाई किया था और वो तब तक भारत में रहकर पढ़ाई करना चाहते हैं जब तक कि रूस-यूक्रेन का युद्ध खत्‍म नहीं हो जाता।

  • 3 वर्ल्ड कप जीतने वाले इस दिग्गज खिलाड़ी का हुआ निधन

    3 वर्ल्ड कप जीतने वाले इस दिग्गज खिलाड़ी का हुआ निधन

    नई दिल्लीः फुटबॉल के महान खिलाड़ी पेले का 82 साल की उम्र में निधन हो गया। ब्राजील के दिग्गज फुटबॉलर पेले कैंसर से जूझ रहे थे। उन्हें इसी महीने कैंसर के ट्रीटमेंट के लिए हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था। पेले ने भले ही इस दुनिया अलविदा कह दिया हो, लेकिन वे फैंस के दिलों में हमेशा मौजूद रहेंगे। पेले ने अपने फुटबॉलर करियर के दौरान कई रिकॉर्ड बनाए, जिन्हें तोड़ना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होगा।

    पेले ब्राजील के साथ-साथ पूरे विश्व के फुटबॉल फैंस के चेहते रहे हैं। उन्होंने ब्राजील को तीन बार चैंपियन बनाया था। पेले ने 1958, 1962 और 1970 में ब्राजील को विश्वकप में जीत दिलाई। वे तीन बार फुटबॉल विश्वकप जीतने वाले दुनिया के इकलौते खिलाड़ी हैं। पेले के इस रिकॉर्ड को तोड़ना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होगा। दिलचस्प बात यह भी है कि उन्होंने चार बार विश्वकप खेला और तीन बार इसके विजेता बने। दिग्गज फुटबॉलर पेले ने फीफा विश्वकप 1958 के फाइनल मुकाबले में स्वीडन के खिलाफ दो गोल किए थे। यह पेले के लिए ऐतिहासिक मुकाबला रहा। ब्राजील चैंपियन बना।

    अगर पेले के ओवर ऑल करियर की बात करें तो उन्होंने कुल 1363 प्रोफेशनल मुकाबलों में 1283 गोल दागे। उन्होंने ब्राजील के लिए 92 मैच खेले और 77 गोल किए। पेले ने एक बेहतरीन और यादगार करियर को 1977 में विराम दिया। उन्होंने 1977 में इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास ले लिया था। गौरतलब है कि फीफा विश्वकप 1958 में ब्राजीला ने सेमीफाइनल मैच फ्रांस के खिलाफ खेला था. इस मुकाबले में ब्राजील ने हाफ टाइम तक 2-1 की बढ़त बना ली थी. इसके बाद पेले ने हैट्रिक बना दी. वे फीफा विश्वकप के इतिहास में हैट्रिक करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए थे. ब्राजील ने सेमीफाइनल मुकाबले में 5-2 से जीत दर्ज की और फ्रांस को हारकर टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा था.