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  • हैलोवीन पार्टी के दौरान मची भगदड़, 150 लोगों की मौत

    हैलोवीन पार्टी के दौरान मची भगदड़, 150 लोगों की मौत

    दक्षिण कोरिया: हैलोवीन पार्टी के दौरान मची भगदड़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 151 हो गई है। जबकि सैकड़ों की संख्या में लोग अभी भी घायल हैं। उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। स्थानीय पुलिस का कहना है कि इस घटना के बाद 50 से ज्यादा लोगों को कार्डियक अरेस्ट हुआ था। कई लोग सड़क पर बेसुध नजर आए। पुलिसकर्मियों को सड़क पर लोगों को सीपीआर देते नजर आए। अब इस घटना की जो जानकारी सामने आई है वो और चौंकाने वाली है। घटना के वक्त महज 4 मीटर चौड़ी गली में एक लाख से ज्यादा लोग मौजूद थे। जिसके बाद अचानक मौके पर भगदड़ मची।

    दक्षिण कोरिया के सियोल के एक क्षेत्र में संकरी गली से सैकड़ों लोगों के शव बरामद हुए हैं। मरने वालों में ज्यादातर की उम्र 20 साल के आसपास है। अधिकारियों ने इस घटना में किसी भी तरह के ड्रग्स की संलिप्तता से इनकार किया है।

  • मैसाचुसेट्स में दो कारो की भयंकर टक्कर, हादसे में 3 भारतीय छात्रों की मौत

    मैसाचुसेट्स में दो कारो की भयंकर टक्कर, हादसे में 3 भारतीय छात्रों की मौत

    नई दिल्लीः अमेरिका के मैसाचुसेट्स से दर्दनाक सड़क हादसे का मामला सामने आया है। मिली जानकारी के अनुसार, सुबह अमेरिका के मैसाचुसेट्स में सड़क हादसे में 3 भारतीय छात्रों की मौत हो गई है। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 3 छात्र जिस कार में मौजूद थे, वे दरअसल एक दूसरे की गाड़ी से टकरा गई। जानकारी के अनुसार, तीनों छात्र दक्षिण भारत के रहने वाले हैं। 

    इसके साथ ही इन मृतकों की पहचान पवनी गुलापल्ली (22), प्रेम कुमार रेड्डी गोडा (27), और साई नरसिम्हा (22) के रूप में हुई है। वहीं बर्कशायर डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी के ऑफिस के मुताबिक मैसाचुसेट्स पुलिस घटना में शामिल दो गाड़ियों की टक्कर के मामले की आगे की जांच कर रही है। इस हादसे में पांच घायल बताए जा रहे हैं, जिन्हें फिलहाल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    मामले पर पुलिस की जानकारी के अनुसार, आज  सुबह करीब साढ़े पांच बजे उत्तर दिशा की ओर से आ रही एक कार दक्षिण दिशा की तरफ से आ रहे एक पिकअप ट्रक से टकरा गई है। इससे कार में सवार चार अन्य मनोज रेड्डी डोंडा (23), श्रीधर रेड्डी चिंताकुंटा (22), विजीत रेड्डी गुम्माला (23) और हिमा ईश्वर्या सिद्दीरेड्डी (22) को इलाज के लिए बर्कशायर मेडिकल सेंटर ले जाया गया। अन्य वाहन के चालक अरमांडो बॉतिस्ता-क्रूज (46) को इलाज के लिए फेयरव्यू मेडिकल सेंटर ले जाया गया है। 

  • ट्विटर के नए मालिक बनते ही एलन मस्क ने की CEO पराग अग्रवाल की छुट्टी, जाने मामला

    ट्विटर के नए मालिक बनते ही एलन मस्क ने की CEO पराग अग्रवाल की छुट्टी, जाने मामला

    सैन फ्रांसिस्को: ट्विटर के अधिग्रहण के लिए रखी गई अंतिम समयसीमा से पहले एलन मस्क ने वीरवार (स्थानीय समयानुसार) को सोशल मीडिया कंपनी पर नियंत्रण हासिल कर लिया। रिपोर्ट्स के अनुसार अधिग्रहण के समझौते को अंतिम रूप दे दिया गया है। साथ ही ट्विटर पर अधिग्रहण करने के साथ ही मस्क द्वारा कंपनी के कई शीर्ष कार्यकारी अधिकारियों को हटाने की भी खबरें हैं। अमेरिकी मीडिया के हवाले से ये जानकारी सामने आई है। 

    पराग अग्रवाल सहित कई टॉप एग्जक्यूटिव्स की छुट्टी

    वाशिंगटन पोस्ट और सीएनबीसी ने अज्ञात स्रोतों का हवाला देते हुए कहा कि मस्क के शुरुआती कदमों में हटाए गए एग्जक्यूटिव्स में मुख्य कार्यकारी (सीईओ) पराग अग्रवाल का नाम भी शामिल है। वहीं, न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में बताया है कि मस्क ने पराग अग्रवाल के साथ-साथ CFO नेड सेगल और लीगल अफेयर-पॉलिसी हेड विजया गाड्डे को भी बाहर का रास्ता दिखाया है।

    एलन मस्क इसी साल अप्रैल में ट्विटर के अधिग्रहण की डील की घोषणा की थी। बाद में वे इससे पीछे हटते नजर आए थे। मस्क ने दरअसल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी खातों की संख्या को लेकर उन्हें और ट्विटर निवेशकों को गुमराह करने का पराग अग्रवाल सहित शीर्ष अधिकारियों पर आरोप लगाया था। विवाद बढ़ने के बाद ट्विटर ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

    मामले के कोर्ट में पहुंचने के बाद मस्क ने इसी महीने की शुरुआत में एक बार फिर डील पर आगे बढ़ने के संकेत दिए थे। ऐसे में कोर्ट ने मस्क के सामने शुक्रवार (28 अक्टूबर) तक अधिग्रहण के समझौते को पूरा करने की समयसीमा दी थी। कोर्ट ने कहा था कि अगर अधिग्रहण नहीं होता है तो वह इस मामले पर फिर से सुनवाई करेगी।  

    मस्क बुधवार को पहुंचे थे ट्विटर हेडक्वार्टर 

    इससे पहले मस्क ने बुधवार को ट्विटर के हेडक्वार्टर पहुंचने के बाद अपना एक वीडियो साझा किया था। इसमें वे एक सिंक लेकर ट्विटर के कार्यालय में दाखिल होते नजर आए। मस्क ने अपनी ट्विटर प्रोफाइल में भी बदलाव कर दिया था और अपने निजी विवरण में ‘ट्विट चीफ’ लिखा। 

    बताते चलें कि हाल में ऐसी भी खबरें आई थीं कि मस्क ने ट्विटर खरीद के लिए संभावित निवेशकों से ऐसा कहा था कि वह 7,500 कर्मचारियों में से करीब 75 फीसदी को हटा देंगे और कंपनी में न्यूनतम कर्मचारी रहेंगे।

  • कनाडा पील क्षेत्रीय पुलिस ने तीन पंजाबियों सहित 5 लोगों से भारी मात्रा में पकड़ा नशा, सरकार जल्द करेंगी इन्हें डिपोर्ट

    कनाडा पील क्षेत्रीय पुलिस ने तीन पंजाबियों सहित 5 लोगों से भारी मात्रा में पकड़ा नशा, सरकार जल्द करेंगी इन्हें डिपोर्ट

    कनाडाः विदेशी धरती कनाडा में पंजाबियों द्वारा नशा, हथियार और गैंगस्टरवाद का काफी समय से खेल चलाया रहा है। कनाडा सरकार ने पिछले दिनों गैंगस्टरों की सूची जारी की थी जो उनके देश में रहे हैं। जिन्हें जल्द ही कनाडा सरकार वहां से डिपोर्ट करने वाली है। अब कनाडा में पंजाबियों से भारी मात्रा में ड्रग्स पकड़ी गई है। यह ड्रग्स कनाडा में पील क्षेत्रीय पुलिस ने पकड़ी है। नशा, हथियार और गैंगस्टरबाद जो पंजाब में चल रहा है वही सारा खेल विदेशी धरती कनाडा में पंजाबियों ने शुरू कर दिया है। पिछले दिनों कनाडा सरकार ने गैंगस्टरों की सूची जारी की थी जो उनके देश में रहे हैं।

    जिन्हें जल्द ही कनाडा सरकार वहां से डिपोर्ट करने वाली है। अब कनाडा में पंजाबियों से भारी मात्रा में ड्रग्स पकड़ी गई है। यह ड्रग्स कनाडा में पील क्षेत्रीय पुलिस ने पकड़ी है। पील क्षेत्रीय पुलिस के अधिकारियों ने बताया है कि नशे के साथ पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से तीन पंजाबी हैं। इनके कब्जे से करीब 25 लाख डॉलर मूल्य की ड्रग्स पकड़ी गई है। यह लंबे समय से यहां पर ड्रग्स का धंधा कर रहे थे। पुलिस को सूचना मिली थी कि नशे की एक बड़ी खेप सप्लाई होने जा रही है। जिस पर तुरंत एक्शन लेते हुए पील पुलिस ने छापामारी की और ड्रग्स के साथ पांच लोगों को गिरफ्तार किया।

    कनाडा की पील क्षेत्रीय पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि जो पंजाबी पकड़े गए हैं उनकी पहचान 38 वर्षीय गुरप्रीत सिंह गाखल, 28 वर्षीय जसप्रीत सिंह और 27 वर्षीय राजिंदर सिंह बोपाराय के रूप में हुई हैं। इनके अलावा जो दो लोग और पकडे़ गए हैं उनमें एक पाकिस्तानी मूल का खलीलुल्लाह अमीन और एक चीनी मूल का नागरिक रे आईपी पकड़ा गया है। पील पुलिस के डिप्टी चीफ निक मिलोविच ने बताया कि पील क्षेत्र के इतिहास में आज तक की यह नशे की सबसे बड़ी खेप है जिसे पुलिस ने पकड़ा है। उन्होंने बताया कि यह धंधा ट्रासपोर्ट के माध्यम से चल रहा था। नशे का धंधा करने वाले लोगों को नशे की इतनी बड़ी खेप के साथ अमेरिकी पुलिस की सहायता से सीमा क्षेत्र में पकड़ा गया है।

  • टी20 वर्ल्ड कप 2022 में फिर होगी भारत और पाकिस्तान की टक्कर

    टी20 वर्ल्ड कप 2022 में फिर होगी भारत और पाकिस्तान की टक्कर

    टी20 वर्ल्ड कप 2022 में एक बार फिर क्रिकेट फैंस को भारत और पाकिस्तान के बीच महामुकाबला देखने को मिल सकता है. बता दें कि भारत और पाकिस्तान के बीच रविवार को टी20 वर्ल्ड कप 2022 का बेहद रोमांचक मुकाबला खेला गया. टीम इंडिया ने विराट कोहली के नाबाद 82 रनों की पारी के दम पर आखिरी गेंद तक खिंचे इस मुकाबले में रोमांचक जीत दर्ज की। 

    पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने बड़ी भविष्यवाणी करते हुए कहा है कि टी20 वर्ल्ड कप 2022 में एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच महामुकाबला खेला जा सकता है। भारत के हाथों मिली हार के बाद पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर बहुत गुस्से में हैं। शोएब अख्तर ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि टीम इंडिया से हारने के बाद पाकिस्तान को यहां गिरना नहीं है। 

    इस दिग्गज की चौंकाने वाली भविष्यवाणी

    शोएब अख्तर ने कहा, ‘ पाकिस्तान की टीम भारत को टी20 वर्ल्ड कप 2022 में एक बार और फेंटा जरूर लगाएगी.’ शोएब अख्तर ने कहा, ‘टी20 वर्ल्ड कप 2022 में अभी आगे बहुत सफर बाकी है। भारत ने टी20 वर्ल्ड कप 2022 में अभी तक सिर्फ एक ही मैच जीता है और पाकिस्तान की टीम सिर्फ एक ही मैच हारी है। टी20 वर्ल्ड कप 2022 में भारत और पाकिस्तान एक बार फिर एक-दूसरे से भिड़ेंगे.’ । 

    टीम इंडिया को हमें फेंटा लगाना ही लगाना है

    शोएब अख्तर के मुताबिक भारत और पाकिस्तान की टक्कर टी20 वर्ल्ड कप 2022 के फाइनल में हो सकती है। बता दें कि टी20 वर्ल्ड कप 2022 में एक ही ग्रुप में होने के कारण भारत और पाकिस्तान की टक्कर सेमीफाइनल में होना तो मुमकिन नहीं है, लेकिन फाइनल में दोनों ही टीमें जरूर मिल सकती हैं. शोएब अख्तर ने कहा, ‘अभी टीम इंडिया से हमे दोबारा मिलना है. टीम इंडिया को हमें फेंटा लगाना ही लगाना है.’ । 

  • ऋषि सुनक के पीएम बनने के बाद इन 10 मंत्रियों ने दिया इस्तीफा

    ऋषि सुनक के पीएम बनने के बाद इन 10 मंत्रियों ने दिया इस्तीफा

    लंदनः ब्रिटेन में लिज़ ट्रस के नेतृत्व वाली पिछली सरकार के कम से कम 10 सदस्यों ने ऋषि सुनक के नए प्रधानमंत्री बनने के तुरंत बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया। स्पूतनिक न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को सुनक को सत्तारूढ़ कंजर्वेटिव पार्टी का प्रमुख चुना गया और देश का नया प्रधानमंत्री चुना गया। वहीं मंगलवार को किंग चार्ल्स तृतीय ने सुनक को आधिकारिक रूप से इस पद पर नियुक्त किया और उन्हें सरकार बनाने के लिए कहा।

    विधि मंत्री ब्रैंडन लुईस ने अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए ट्वीट किया, “सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले कैबिनेट मंत्रियों में से एक होने का सम्मान मिला। चार प्रधानमंत्रियों के नेतृत्व में पांच विभागों में आठ मंत्री भूमिकाएं निभाई हैं। नए प्रधानमंत्री को हमारे सामने आने वाली कई चुनौतियों से निपटने के लिए बैक बेंच से मेरा समर्थन मिलेगा।”

    लुईस के अलावा, व्यापार मंत्री जैकब रीस-मोग, शिक्षा मंत्री किट माल्थहाउस, कार्य एवं पेंशन मंत्री क्लो स्मिथ, पर्यावरण मंत्री रानिल जयवर्धने, वेल्श मंत्री रॉबर्ट बकलैंड, पार्टी के अध्यक्ष जेक बेरी, विदेश कार्यालय में विकास राज्य मंत्री विक्की फोर्ड, मुख्य सचेतक वेंडी मॉर्टन और लेवलिंग अप सचिव साइमन क्लार्क ने भी अपने इस्तीफे की घोषणा की।

    उल्लेखनयी है कि सुनक 2022 में ब्रिटेन के तीसरे ऐसे नेता है, जिन्होंने प्रधानमंत्री की कुर्सी संभाली है। जुलाई में बोरिस जॉनसन को सरकार के उप मुख्य सचेतक क्रिस्टोफर पिंचर के खिलाफ कोविड-19 के नियमों के उल्लंघन और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाने के कारण प्रधानमंत्री का पद छोड़ना पड़ा था। इसके बाद सुश्री लिज ट्रस प्रधानमंत्री बनीं, जो इस कुर्सी पर महज 44 दिन रहीं। सुश्री ट्रस ने 20 अक्टूबर को सरकार की नई आर्थिक योजना और इसके कार्यान्वयन के लिए सार्वजनिक ऋण में वृद्धि की संभावना को लेकर हो रहे आलोचना के कारण अपने इस्तीफे की घोषणा की थी।

  • गाड़ी पर तिरंगा लगा देख भड़के खालिस्तानी समर्थक

    गाड़ी पर तिरंगा लगा देख भड़के खालिस्तानी समर्थक

    कनाडा: बंदी छोड़ दिवस पर कनाडा के शहर ब्रैम्पटन में खालिस्तानी समर्थकों ने जहां जमकर नारेबाजी की वहीं भारत की शान तिरंगे का भी अपमान किया। कार में तिरंगा झंडा लेकर जा रहे भारतीयों के हाथ से तिरंगा छीन कर अपमान किया गया। दरअसल, भारत से ब्लैक लिस्टेड खालिस्तानी समर्थक कनाडा के ब्रैम्पटन शहर में बंदी छोड़ दिवस की रात को हाथों में  खालिस्तानी झंडे लेकर सड़कों पर उतरे और खालिस्तान जिंदाबाद की  नारेबाजी करने लगे। इतने में जब वहां रहते भारतीयों को पता चला तो वह भी गाड़ियों में तिरंगे लेकर मौके पर पहुंच गए।

    गाड़ियों में लगे तिरंगे झंडे को देख कर खालिस्तानी समर्थक भड़क उठे और कारों के आगे खड़े हो गए, जोर-जोर से खालिस्तानी नारे लगाने लगे। कारों में बैठे भारतीय भी हिन्दुस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने लग पड़े। खालिस्तानी सड़क पर खड़े थे जबकि तिरंगे लेकर भारतीय कारों में थे। खालिस्तानी समर्थक तिरंगे झंडे पर टूट पड़े। विदेशी धरती पर भी भारतीयों से मिली चुनौती पर बौखलाहट में खालिस्तान समर्थकों ने कारों की खिड़कियों से तिरंगा फहरा रहे लोगों के हाथ से राष्ट्रीय ध्वज छीन कर जमीन पर फेंक कर दिया। खालिस्तानियों ने विदेशी धरती पर  भारतीय तिरंगे का अपमान किया। जिससे कनाडा में रह रहे भारतीयों में खासा रोष है।

  • St. Louis स्कूल में चली गोलियां, हमलावर समेत 3 की मौत

    St. Louis स्कूल में चली गोलियां, हमलावर समेत 3 की मौत

    अमेरिकाः गोलीबारी की घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन किसी न किसी शहर से फायरिंग की घटना सामने आ रही है। अब अमेरिका के सेंट लुइस शहर से शूटिंग की खबर सामने आई है। सेंट लुइस के एक हाई स्कूल में गोलीबारी की घटना में तीन लोगों की मौत हो गई है। जबकि 6 लोग घायल बताए जा रहे हैं। इसकी जानकारी पुलिस ने सोमवार को दी। पुलिस आयुक्त माइकल साक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि घटना में एक लड़की समेत 3 लोगों की मौत हुई है।

    उन्होंने बताया कि ‘सेंट्रल विजुअल एंड परफॉर्मिंग आर्ट्स हाई स्कूल’ में सुबह 9 बजे के बाद हुई गोलीबारी के बाद छात्रों ने दरवाजे को बंद कर लिया। इस दौरान कुछ छात्र कक्षा में कोने में छिप गए, जबकि कुछ खिड़कियों से कूदने और जान बचाने की कोशिश में इमारत से बाहर भागने के लिए मजबूर हुए। स्कूल ने ट्विटर पर बताया कि पुलिस ने हमलावर को तुरंत काबू में कर लिया। पुलिस विभाग के एक ट्वीट में बताया गया कि हमलावर को हिरासत में ले लिया गया। बाद में पुलिस ने कहा कि संदिग्ध आरोपी को जवाबी कार्रवाई में मार गिराया गया है। सेंट्रल विजुअल एंड परफॉर्मिंग आर्ट्स हाई स्कूल में लगभग 400 छात्र पढ़ते हैं। यह विजुअल आर्ट, म्यूजिकल आर्ट और परफॉर्मेंस आर्ट की एजुकेशन देने वाला स्कूल है।

    डलास-कैलिफॉर्निया में हुई थी गोलीबारी

    इससे पहले 22 अक्टूबर को, अमेरिका के डलास और कैलिफॉर्निया में गोलीबारी की दो अलग-अलग घटनाओं में 3 लोगों की मौत हो गई थी। अधिकारियों ने बताया था कि डलास के एक अस्पताल में हुई गोलीबारी में दो कर्मचारियों की मौत हो गई। जबकि पुलिस की जवाबी फायरिंग में संदिग्ध बंदूकधारी घायल हो गया। गोलीबारी मेथोडिस्ट हेल्थ सिस्टम अस्पताल के अंदर हुई थी। गोलीबारी की दूसरी घटना कैलिफॉर्निया में एक हाई स्कूल में हुई थी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई।

    लुइसियाना में पार्टी के दौरान फायरिंग

    पुलिस ने बताया कि 21 अक्टूबर को ग्रांट यूनियन हाई स्कूल में फुटबॉल मैच खत्म होने के बाद करीब 20 लोगों के बीच हुई कहासुनी के बाद गोलीबारी हुई। पुलिस ने कहा कि लगभग 20 साल के युवक को गोली लगी, जिसे पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन बाद में उसकी मौत हो गई। वहीं, 22 अक्टूबर को गोलीबारी की एक और घटना हुई थी। यह घटना अमेरिकी राज्य लुइसियाना में सदर्न यूनिवर्सिटी के पास एक मकान में आयोजित पार्टी के दौरान हुई थी, जिसमें 11 लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने बताया था कि गोलीबारी में 11 लोग घायल हो गए। हालांकि किसी की भी हालत गंभीर नहीं है। इस घटना के सिलसिले में 2 लोगों को हिरासत में लिया गया था।

  • L’Oreal Hair Products यूज करने से महिला को कैंसर, कंपनी पर ठोका मुकदमा

    L’Oreal Hair Products यूज करने से महिला को कैंसर, कंपनी पर ठोका मुकदमा

    वाशिंगटन: अमेरिका की एक महिला का दावा है कि L’Oreal के हेयर स्ट्रेटनिंग प्रोडेक्ट इस्तेमाल करने पर उन्हें गर्भाशय का कैंसर हो गया है।  महिला के वकील ने बताया कि उसने कंपनी के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा दायर किया है। जेनी मिशेल महिला ने मुकदमा दायर करते हुए कहा कि वह पिछले दो दशकों से इन प्रोडेक्ट्स का इस्तेमाल कर रही थीं, जिसकी वजह से उन्हें कैंसर हो गया। कुछ दिन पहले ही नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट के जर्नल में एक स्टडी पब्लिश हुई थी, जिसमें बालों को स्ट्रेट करने वाले केमिकल प्रोडेक्ट्स के इस्तेमाल का गंर्भाशय कैंसर से संबंध बताया गया था।

    स्टडी में पाया गया था जिन महिलाओं ने साल में चार बार से ज्यादा इन प्रोडेक्ट्स का इस्तेमाल किया, उनमें गर्भाशय कैंसर होने की संभावना उन महिलाओं की तुलना में दोगुनी थी, जिन्होंने इनका इस्तेमाल नहीं किया। गर्भाशय का कैंसर अपेक्षाकृत कम पाया जाता है, लेकिन संयुक्त राज्य अमेरिका में इसके मरीजों (खासकर अश्वेत महिलाएं) की संख्या बढ़ रही है।  

    मिशेल के वकील बेन क्रम्प ने एक बयान में कहा, ‘अश्वेत महिलाएं लंबे समय से ऐसे खतरनाक प्रोडेक्ट्स का शिकार हो रही हैं, जिन्हें उनके लिए मार्केट में उतारा गया है।’ फ्रांस की सौंदर्य प्रसाधन की दिग्गज कंपनी L’Oreal की यूएस ब्रांच से हर्जाना मांगा गया है। वकील ने साथ ही कहा, ‘हमें देखने को मिलेगा कि मिशेल का मामला अनगिनत मामलों में से एक है, जिनमें कंपनियां अपना मुनाफा बढ़ाना के लिए अश्वेत महिलाओं को गुमराह कर रही हैं.’। 

  • पूर्व पीएम को बड़ा झटका, चुनाव आयोग ने संसद सदस्यता की रद्द

    पूर्व पीएम को बड़ा झटका, चुनाव आयोग ने संसद सदस्यता की रद्द

    इस्लामाबादः पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को बड़ा झटका लगा है। चुनाव आयोग ने तोशखाना मामले में इमरान खान की संसद सदस्यता रद्द कर दी है। बताया जा रहा है कि इमरान खान पर गलत जवाब दाखिल करने का आरोप था। पाकिस्तान के मुख्य चुनाव आयुक्त सिकंदर सुल्तान रजा की अध्यक्षता वाली 4 सदस्यों की बेंच ने ये फैसला सुनाया। इस फैसले के बाद चुनाव आयोग के दफ्तर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पाकिस्तान में सत्ताधारी गठबंधन के सांसदों ने चुनाव आयोग में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि इमरान खान ने तोशखाना में जमा गिफ्ट्स को सस्ते में खरीद कर ज्यादा दामों में बेच दिया था।

    इस मामले में चुनाव आयोग ने सभी पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। इमरान खान 2018 में पीएम बने थे। उन्हें अरब देशों की यात्राओं के वक्त वहां के शासकों द्वारा महंगे गिफ्ट मिले थे। इमरान ने इन्हें तोशखाना में जमा करा दिए थे। लेकिन इमरान खान ने बाद में तोशखाना से इन्हें सस्ते दामों पर खरीदा और मुनाफे में बेच दिया। इस पूरी प्रक्रिया को उनकी सरकार द्वारा कानूनी अनुमति दी गई थी। पूर्व प्रधानमंत्री ने सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग को बताया था कि राज्य के खजाने से इन गिफ्ट्स को 2.15 करोड़ रुपए में खरीदा था और इन्हें बेचकर उन्हें करीब 5.8 करोड़ रुपए मिले थे।

    इन गिफ्ट्स में एक Graff घड़ी, कफलिंक का एक जोड़ा, एक महंगा पेन, एक अंगूठी और चार रोलेक्स घड़ियां शामिल थीं। आरोप हैं कि इमरान खान ने आयकर रिटर्न में इन गिफ्ट्स की बिक्री नहीं दिखाई। विपक्षी सांसदों ने याचिका दाखिल कर इमरान खान की सदस्यता रद्द करने की मांग की थी।