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  • बम धमाके से फिर दहला काबुल, 2 रूसी राजनायिक समेत 20 की मौत 

    बम धमाके से फिर दहला काबुल, 2 रूसी राजनायिक समेत 20 की मौत 

    काबुलः अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में सोमवार को दूतावास के बाहर हुए धमाके में 2 रूसी राजनायिक समेत 20 लोगों की मौत हो गई। स्थानीय मीडिया के हवाले रूसी समाचार एजेंसी ने यह जानकारी दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह धमाका आत्मघाती हमलावर के काबुल के देह मजांग और दारूलामान रोड के आस पास हुआ है।

    प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार धमाका इतना तेज था कि आस पास के घरों की खिड़की दरवाजों में लगे कांच तक टूट गए। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हमलावर भीड़ को निशाना बनाना चाहता था, शायद इसी इरादे से उसे धमाका ऐसी जगह पर किया जहां लोग वीजा अप्लाई करने के आए थे। जिस वक्त यह धमाका हुआ उस वक्त एक रूसी राजनायिक अपने कमरे के बाहर आए थे और एक आवेदक का नाम पुकार रहे थे। तभी धमाका हो गया, इस घटना में 2 रूसी राजनायिकों समते कुल 20 लोगों की मौत हो गई है।

    बीते 2 सितंबर को उत्तरी अफगानिस्तान के हेरात शहर में एक मस्जिद में धमाका हुआ था, जिसमें एक प्रमुख मौलवी समेत कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई थी। जबकि करीब दो दर्जन लोग घायल हो गए थे। यह धमाका हेरात शहर की गुजारगाह मस्जिद में नमाज के समय हुआ था। इस विस्फोट में मुजीब-उल रहमान अंसारी नाम के एक मौलवी की भी मौत हो गई थी जो मस्जिद के प्रमुख मौलवी थे। बताते चलें कि पिछले दो दशकों में अफगानिस्तान की पश्चिम समर्थित सरकारों की आलोचना के लिए अंसारी को पूरे अफगानिस्तान में पहचाना जाता था।

  • पाकिस्‍तान में बाढ़ से हालात हो रहे हैं खराब

    पाकिस्‍तान में बाढ़ से हालात हो रहे हैं खराब

    6 लाख लोग विभिन्‍न बीमारियों की चपेट में आए

    इस्‍लामाबाद-पाकितान में बाढ़ के साथ अब हालात और खराब हो रहे हैं। अब बाढ़ प्रभावित इलाकों में संक्रमण का खतरा मंडराने लगा है। देश भर में 6.60 लाख से अधिक लोग इस बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। ये आंकड़े जुलाई से सितंबर के बीच के हैं। पाकिस्‍तान सरकार के आंकड़े बताते हैं कि 149551 लोग डायरिया और 142739 स्किन रिलेटेड बीमारी से जूझ रहे हैं। इतना ही नहीं, 132485 लोग सांस की बीमारी, करीब 50 हजार लोग मलेरिया से जूझ रहे हैं।

  • लेवाना होटल में भीषण आग, दो की मौत 

    लेवाना होटल में भीषण आग, दो की मौत 

    लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के दिल कहे जाने वाले हजरतगंज में सोमवार को होटल लेवाना में आग लग गई। भीषण आग की चपेट में आने के कारण दो की मौत हो गई है, जबकि 18 घायलों में सात गंभीर भी हैं। इनको सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फायर ब्रिगेड के 12-14 वाहन आग को नियंत्रित करने के प्रयास में लगी हैं। मौके पर दस एम्युलेंस भी हैं।

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी इस घटना का संज्ञान लिया है। इसके साथ ही देश के रक्षा मंत्री लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने भी घटना पर दुख जताया है।होटल लेवाना में भीषण आग लगने के कारण वहां पर अफरा तफरी का माहौल हो गया। होटल के सुइट में आग लगने के बाद उसने विकराल रूप धारण कर लिया। थर्ड तथा सेकेंड फ्लोर को चपेट में लेने के बाद आग बढऩे लगी। वहां पर धुंआ भरने के कारण लोगों का दम भी घुटने लगे। सीएमओ ने जिन दो लोगों के मरने की पुष्टि की है, उसमें एक महिला तथा एक पुरुष हैं। इनके दम घुटने से मौत हुई है।

  • कनाडाः चाकू के हमले में 10 लोगों की मौत, दर्जन भर से अधिक घायल

    कनाडाः चाकू के हमले में 10 लोगों की मौत, दर्जन भर से अधिक घायल

    वाशिंगटन। कनाडा के सेंट्रल सैसकैचवान प्रांत की पुलिस का कहना है कि चाकू से हमले में कम से कम 10 लोगों की जान गई है और 15 लोग ज़ख़्मी हुए हैं। 13 अलग-अलग जगहों पर इस हमले में लोग शिकार बने हैं. इनमें जेम्स स्मिथ क्री नेशन और वेलडन भी शामिल हैं. इस हमले में शामिल दो संदिग्धों के नाम हैं- 31 साल के डेमिइन सैंडर्सन और 30 साल के मिल्स सैंडर्सन. दोनों अभी छुपे हुए हैं. इन्हें हथियारों से लैस और ख़तरनाक माना जा रहा है।

    आसपास के निवासियों को घरों में ही रहने के लिए कहा गया है. पुलिस संदिग्धों को पकड़ने के लिए व्यापक पैमाने पर खोजी अभियान चला रही है. सैसकैचवान के रॉयल कनाडियन माउंटेड पुलिस ने ट्वीट कर कहा है, ”सुरक्षित ठिकानों से बाहर न निकलें और सतर्कता के तौर पर अपने घर में किसी को भी नहीं आने दें।”

    पुलिस ने अलग-अलग जगहों पर चेकपॉइंट्स लगाए हैं. पुलिस सख़्ती से आने-जाने वालों की जांच कर रही है. पुलिस ने ड्राइवरों के आग्रह किया है कि वे किसी को भी लिफ्ट ना दें. जेम्स स्मिथ क्री नेशन में आपातकाल लगा दिया गया है. यहीं उत्तर-पूर्व में वेलडन गाँव है, जो यहाँ के मूलनिवासियों के लिए सुरक्षित है. इस इलाक़े में सभी के मोबाइल पर पुलिस ने अलर्ट भेजा है।

    कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने इस हमले को भयावह बताया है. ट्रूडो ने कहा, ”मैं उन्हें लेकर चिंतित हूँ, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है और जो इस हमले में ज़ख़्मी हुए हैं।”

    रविवार की शाम पुलिस ने प्रेस वार्ता में कहा कि इस हमले में घायलों की संख्या ज़्यादा हो सकती है. पुलिस का कहना है जिनके परिजनों ने घायलों को अस्पतालों में ख़ुद भर्ती करवाया है, वे पुलिस को तत्काल सूचित करें।

    रॉयल कनाडियन माउंडेट पुलिस यानी आरसीएमपी के कमांडिग ऑफिसर रोन्डा ब्लैकमोर का कहना है कि कुछ लोगों को दोनों संदिग्धों ने जानबूझकर निशाना बनाया गया होगा और अन्य पर अंधाधुंध हमला किया होगा।

  • कनाडा में पंजाबी मूल के फिल्म निर्माता का कत्ल

    कनाडा में पंजाबी मूल के फिल्म निर्माता का कत्ल

    कनाडा के शहर सरे के 14100 ब्लॉक के 61 एवेन्यू के पास दो पड़ोसियों के बीच हुए झगड़े के दौरान पंजाबी मूल के फिल्म निर्माता मनबीर मैनी अमर की हत्या किए जाने की खबर सामने आई है। पुलिस द्वारा इस झगड़े की जांच शुरू कर दी है। यह झगड़ा वुडवर्ड हिल के पास दोपहर करीब दो बजे हुआ था। मनबीर मैनी अमर की हत्या के आरोप में पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है लेकिन उसके नाम का खुलासा नहीं किया है।

  • जुमे की नमाज के दौरान मस्जिद में विस्फोट, 14 की मौत, 200 घायल

    जुमे की नमाज के दौरान मस्जिद में विस्फोट, 14 की मौत, 200 घायल

    काबुलः अफगानिस्तान के हेरात में शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान एक मस्जिद में विस्फोट होने का मामला सामने आया है। अफगानिस्तान के हेरात प्रांत की गुजरगाह मस्जिद में बम विस्फोट से 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि 200 लोग बुरी तरह घायल हैं। अस्‍पताल में इन घायलों का इलाज किया जा रहा है। हालांकि अस्‍पताल में न तो पर्याप्‍त संख्‍या में डॉक्‍टर हैं और न ही सुविधाएं। इस धमाके में मस्जिद के इमाम मौलवी मुजीब रहमान अंसारी की मौत हो गई है। स्थानीय सूत्रों के हवाले से टोलो न्यूज ने ये खबर दी है। जबकि अभी तक इस बारे में तालिबान की सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

    अफगानिस्‍तान में पत्रकार बिलाल सरवरी ने ट्विटर हैंडल से घटना के बारे मेंं दी है। उन्‍‍‍‍‍होंने कहा है कि धमाके मेंं बुरी घायल हुए लोगों को खून की जरूरत है और अभी अस्‍पताल में खून नहीं है। बहुत कम संख्‍या में डॉक्‍टर हैं। सोशल मीडिया पर धमाके के बाद के कुछ वीडियो डाले गए हैं। जिनसे साफ है कि हेरात में गुजरगाह मस्जिद में विस्फोट के बाद काफी बड़े पैमाने पर तबाही हुई है। इस विस्फोट में हताहतों की संख्या बहुत अधिक है।

    गौरतलब है कि हाल ही में अफगानिस्तान से अमेरिकी नेतृत्व वाली सेना की वापसी और तालिबान के सत्ता में आने के एक साल पूरे हुए हैं। तालिबान पिछले अगस्त में आसानी से सत्ता में आ गया था, जब अमेरिकी नेतृत्व वाली सेनाओं ने 20 साल के संघर्ष के बाद सभी विदेशी सैनिकों की जल्दबाजी में वापसी कराई थी। हेरात में गुजरगाह मस्जिद के अंदर हुए विस्फोट में मौलवी मुजीब अंसारी मारे गए, उनको इस्लाम का एक बड़ा विद्वान और धार्मिक नेता माना जाता है। अंसारी तालिबान से जुड़े प्रमुख धार्मिक नेताओं में से एक थे। मौलवी मुजीब रहमान अंसारी को तालिबान का करीबी और एक कट्टरपंथी मौलवी माना जाता था।

  • अब कनाडा जाना हुआ महंगा, पंजाब के छात्रों के लिए आई ये बड़ी समस्या

    अब कनाडा जाना हुआ महंगा, पंजाब के छात्रों के लिए आई ये बड़ी समस्या

    कनाडा के अलग-अलग शहरों में स्थित यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में सितंबर महीने से नया सत्र शुरू हो गया है। अंतिम समय में वीजा की कमी के कारण हजारों छात्र महंगे हवाई टिकट खरीदने को मजबूर हैं। फिलहाल दिल्ली से टोरंटो के लिए सबसे सस्ता हवाई टिकट 1 लाख 67 हजार रुपये के औसत आधार मूल्य के साथ उपलब्ध है और टैक्स और चार्जिस आदि लगाने के बाद यह टिकट लगभग 2 लाख रुपये में पड़ रही है।

    ये उड़ानें एक या दो स्टॉप के साथ 26 से 30 घंटे में कनाडा पहुंचती हैं। 16 से 20 घंटे सीधे या एक या दो घंटे के स्टॉपेज वाले टिकटों की कीमत 2 लाख 20 हजार से बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दी गई है। लेकिन अगर आप तत्काल टिकट लेना चाहते हैं तो 3-3 लाख रुपये तक का टिकट मिल रही है। ऐसे में टिकटों की स्थिति में छात्रों का कनाडा जाना काफी महंगा हो रहा है। इस महंगी कीमत से छात्र और उनके अभिभावक परेशान हो रहे हैं।

    इस संबंध में कैनेडियन डॉलर खरीदने आए छात्रों ने बताया कि फिलहाल डॉलर 63.50 से 64 रुपये के भाव पर मिल रहा है, जबकि एक्सचेंज रेट 60.46 रुपये है। कई छात्र शुरू में अपने साथ रोजाना के खर्चे के लिए 5 से 10 हजार डॉलर लेकर जाते हैं और वर्तमान में हजारों छात्र कनाडा जा रहे हैं। दूसरे, कोरोना के कारण पिछले दो साल से कनाडा से बहुत कम लोग भारत आ रहे हैं, जिससे खुले बाजार में कैनेडियन डॉलर की कमी है।

  • अब इस देश में हुए श्रीलंका जैसे हालात, कई लोगों की मौत, कर्फ्यू लागू, देखें वीडियो

    अब इस देश में हुए श्रीलंका जैसे हालात, कई लोगों की मौत, कर्फ्यू लागू, देखें वीडियो

    बगदादः श्रीलंका संकट याद होगा आपको! दो महीने पहले की ही बात है। आम जनता राष्ट्रपति भवन में घुस गई थी। हर तरफ उत्पात और हिंसा का माहौल था। अब बिलकुल ऐसे ही हालात एक और देश में बन गए हैं। यहां भी आम जनता राष्ट्रपति भवन में घुस गई है। स्विमिंग पूल से लेकर अन्य सामानों का इस्तेमाल किया जा रहा है। अराजकता और अव्यवस्था से भर रहे इस देश का नाम है इराक। इराक सेना ने बढ़ते तनाव को शांत करने करने के लिए से देश में कर्फ्यू की घोषणा कर दी है।

    राष्ट्रपति भवन रिपब्लिकन पैलेस में घुसें प्रदर्शनकारी

    हालात ये हैं कि इराक की राजधानी बगदाद में फैली अराजकता अब सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही है। वीडियोज में देखा जा सकता है कि किस तरह उग्र प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति भवन रिपब्लिकन पैलेस में घुस गए हैं। स्विमिंग पूल में गोते लगाए जा रहे हैं। सामानों का इस्तेमाल किया रहा है। कई जगह पर हिंसा और आगजनी की घटनाएं भी हुई हैं।

    मशहूर नेता धर्मगुरु मुक्तदा अल-सद्र ने की थी राजनीति से संन्यास की घोषणा

    बता दें कि सोमवार को इराक के मशहूर नेता धर्मगुरु मुक्तदा अल-सद्र ने देश की राजनीति से संन्यास की घोषणा की थी। इसके बाद उनके सैकड़ों समर्थकों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। हालांकि इस पूरे माहौल की जड़ें अक्टूबर 2021 से जुड़ी हैं। साल 2021 के अक्टूबर महीने में इराक में आम चुनाव हुए थे। इस दौरान धर्मगुरु मुक्तदा अल-सद्र की पार्टी ने सबसे अधिक सीटें जीती थीं लेकिन वह बहुमत तक नहीं पहुंच पाए थे। तब बहुमत हासिल करने के लिए उन्होंने ईरान समर्थित शिया प्रतिद्वंद्वियों के साथ बातचीत करने से इनकार कर दिया था।

    अल-सद्र के संन्यास की घोषणा के बाद उनके समर्थक हुए उग्र

    इसके बाद इराक के अन्य राजनीतिक दलों ऑर्डिनेशन फ्रेमवर्क ब्लॉक की तरफ से मोहम्मद अल-सुडानी के नाम का ऐलान कर दिया। लेकिन इराक की जनता मोहम्मद अल-सुडानी को प्रधानमंत्री के रूप में नहीं चाहती। उनका कहना था कि किसी सूडानी को देश कमान नहीं सौंपने देंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक उस वक्त भी उनके समर्थक प्रतिद्वंद्वियों को सरकार बनाने से रोकने के लिए संसद में घुस गए थे। अब एक बार फिर जब अल-सद्र ने जब संन्यास की घोषणा की है तो उनके समर्थक उग्र हो गए हैं। हालांकि राजनीतिक जानकार अल-सदर के इस कदम को भी राजनीति बढ़त हासिल करने का एक दांव मान रहे हैं। हालांकि इस सबके बीच देश के हालात जरूर खराब होते नजर आ रहे हैं।

    अब तक के 5 बड़े अपडेट

    1. इराक सेना ने बढ़ते तनाव को शांत करने करने के लिए से देश में कर्फ्यू की घोषणा कर दी है।

    2. धर्मगुरु अल सद्र के समर्थकों से अपील भी की गई है कि वह हिंसक प्रदर्शन रोकें और सरकारी आवास से तुरंत बाहर आ जाएं। फिर भी आशंका जताई जा रही है कि इराक में हालात खराब हो सकते हैं। 

    3.रिपोर्ट्स के मुताबिक इन विरोध प्रदर्शनों में 300 प्रदर्शनकारी घायल हो गए। अल-सदर के सर्मथकों और सुरक्षाबलों के बीच हुई हिंसक झड़प में 20 प्रदर्शनकारियों की मौत की बात भी कही जा रही है।

    4. बता दें कि इराक में पिछले 10 महीने से ना तो सरकार है ना ही कोई सक्रिय मंत्रीमंडल। यह वजह भी है कि देश में लगातार अराजकता की स्थिति बढ़ती जा रही है।

    5. यह भी बताया जा रहा है कि अल सद्र बीते एक महीने से जल्द चुनाव कराने और संसद को भंग करने की मांग कर रहे थे। अब उन्होंने ट्विटर पर अपने संन्यास का ऐलान करते हुए लिखा था- मैं अपने फाइनल विड्रॉ की घोषणा करता हूं।

  • कनाडा में दो ट्रकों की टक्कर, वाहनों को लगी आग, जिंदा जला पंजाबी युवक

    कनाडा में दो ट्रकों की टक्कर, वाहनों को लगी आग, जिंदा जला पंजाबी युवक

    मोगाः कनाडा में दर्दनाक घटना सामने आई है। जहां गांव घोलियां के रहने वाले जगसीर सिंह गिल्ल की कनाडा के ब्रिटिश कोलंबियां में हुए सड़क हादसे दौरान मौत हो गई। हादसा इतना भयानक था कि इस हादसे में दोनों ट्रकों की टक्कर के बाद वाहनों को आग लग गई। वहीं इस हादसे में मोगा के रहने वाले युवक की मौत हो गई। 

    जानकारी के मुताबिक नेशनल हाईवे 1 पर जानवरों को ले जा रहा एक ट्रक ओवरटेक करते समय उनके ट्रक से जा टकराया। इससे उनका ट्रक पलट गया और दोनों वाहनों में आग लग गई। मृतक के पिता कुलवंत सिंह ने बताया कि गिल का शरीर आंशिक रूप से जल गया था और बाद में उन्होंने दम तोड़ दिया। इस हादसे में दूसरे ट्रक के चालक की भी जलने से मौत हो गई। लेकिन उसकी अभी शिनाख्त नहीं हो पाई है। दुर्घटना के बाद ट्रांस-कनाडा हाईवे को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया था।

    मृतक नौजवान करीब 6 साल पहले अपने अच्छे भविष्य के लिए कनाडा गया था। मृतक के परिवार वाले भी कनाडा ही रहते हैं और लड़का ट्रक ड्राईवर था। आज सुबह जैसे ही इस घटना की खबर जैसे मिली तो परिवार सहित पूरे गांव में मातम छा गया।

  • पंजाब को अलग देश बनाने की साजिश, लदंन के बाद इस देश में ट्रक रैली निकाल रहे खालिस्तानी समर्थक

    पंजाब को अलग देश बनाने की साजिश, लदंन के बाद इस देश में ट्रक रैली निकाल रहे खालिस्तानी समर्थक

    ओटावा: पंजाब को अलग देश बनाने की नापाक साजिश रच रहे खालिस्‍तानी आतंकियों ने ब्रिटेन के बाद अब कनाडा में जनमत संग्रह की तैयारी तेज कर दी है। भारत में प्रतिबंधित आतंकी संस्‍था सिख फॉर जस्टिस कनाडा में खालिस्‍तान पर 18 सितंबर को जनमत संग्रह का आयोजन करने जा रही है। भारत के खिलाफ अक्‍सर जहर उगलने वाला गुर पतवंत सिंह पन्‍नू इस आतंकी गुट का प्रमुख है। पन्‍नू पाकिस्‍तान के इशारे पर भारत व‍िरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देता है। इससे कनाडा की राजनीति बहुत गरम हो गई है और खालिस्‍तान पर जनमत संग्रह का भारतीयों ने कड़ा विरोध किया है।

    भारत समर्थक सिख कर रहे कड़ा व‍िरोध 

    इस जनमत संग्रह में आतंकी संस्‍था सिख फॉर जस्टिस कनाडा में रह रहे लोगों से यह पूछ रहा है कि क्‍या पंजाब को एक अलग देश बनाना चाहिए ? इससे पहले सिख फॉर जस्टिस ने नवंबर 2021 में ब्रिटेन में जनमत संग्रह कराने का नाटक किया था। सिख फॉर जस्टिस की इस नापाक मुहिम का कनाडा में रह रहे भारत समर्थक सिख कड़ा व‍िरोध कर रहे हैं। भारत सरकार ने भी इस जनमत संग्रह का कड़ा व‍िरोध किया है।

    कनाडा में ट्रक रैली निकाल रहे खालिस्‍तानी

    खालिस्‍तान समर्थक आतंकी 18 सितंबर को जनमत संग्रह कराने से ठीक पहले कनाडा में ट्रक रैली निकाल रहे हैं, बड़े-बड़े पोस्‍टर लगा रहे हैं और टोरंटो में गुरुद्वारे के अंदर सिखों को बरगलाने की कोशिश कर रहे हैं। इस जनमत संग्रह में एक और खतरनाक बात यह है कि इसे कनाडा सरकार के स्‍वामित्‍व वाले और संचालित किए जाने वाले कम्‍युनिटी सेंटर में अंजाम दिया जाएगा। सिख फॉर जस्टिस ने इस जनमत संग्रह की शुरुआत 31 अक्‍टूबर 2021 को लंदन में की थी।

    इसके बाद स्विटजरलैंड और इटली में भी इस जनमत संग्रह को कराया गया। इन जनमत संग्रह को पाकिस्‍तान से भरपूर समर्थन मिल रहा है और सिखों के नाम पर पाकिस्‍तानी वोट देने पहुंचे थे। सिख फॉर जस्टिस ने दावा किया था कि लंदन में हुए जनमत संग्रह में 10 से 12 हजार लोगों ने हिस्‍सा लिया लेकिन ब्रिटेन पर नजर रखने वाले लोगों का कहना था कि केवल 100 से लेकर 150 लोग ही इसमें शामिल हुए थे।

    ब्रिटेन में सिख आतंकियों ने दिया था लालच

    यही नहीं 3 खालिस्‍तान समर्थक गुरुद्वारों को छोड़कर किसी ने इस कथित जनमत संग्रह के लिए अपने प्‍लेटफार्म की अनुमति नहीं दी थी। खालिस्‍तान समर्थक ब्रिटेन में गैरकानूनी तरीके से रह रहे सिख प्रवासियों तक पहुंचे और उन्‍हें नागरिकता सहायता देने का लालच दिया। साथ ही जनमत संग्रह में हिस्‍सा लेने के लिए पैसा भी दिया था।