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  • पड़ोसी देश में बिक रहा 500 रुपये किलो टमाटर, 400 में प्याज, गहराया आर्थिक सकंट

    पड़ोसी देश में बिक रहा 500 रुपये किलो टमाटर, 400 में प्याज, गहराया आर्थिक सकंट

    पाकिस्तानः पड़ोसी देश पाकिस्तान पिछले कुछ महीनों से अप्रत्याशित संकटों का सामना कर रहा है। पहले आर्थिक मोर्चे पर पाकिस्तान की हालत पस्त हुई। अभी इसका कोई हल निकल भी नहीं पाया था, उसके पहले राजनीतिक संकट ने पाकिस्तान को जकड़ लिया, जिसका परिणाम सत्ता परिवर्तन के रूप में देखने को मिला। अब पाकिस्तान के ऊपर प्रकृति कहर बरपा रही है। देश के कई हिस्सों में बाढ़ की भयावह स्थिति बनी हुई है। एक के बाद एक आ रहे इन संकटों के बीच पाकिस्तान में आम लोगों का जीना मुहाल हो गया है। आसमान छू रही महंगाई के बीच अब सब्जियों के दाम लोगों को खून के आंसू रुला रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में इन दिनों टमाटर के भाव 500 रुपये किलो पर पहुंच चुके हैं, तो प्याज 400 रुपये किलो है।

    भारत से टमाटर और प्याज का आयात करने पर हो रहा विचार 

    न्यूज एजेंसी की एक रिपोर्ट में लाहौर के सब्जी मार्केट के डीलर्स के हवाले से बताया गया है कि बेतहाशा बढ़ते दामों के बीच पाकिस्तान की सरकार भारत से टमाटर और प्याज का आयात करने पर विचार कर रही है। बता दें कि भयानक बाढ़ के कारण सब्जियों व अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ है। इसके चलते पाकिस्तान में सब्जियों समेत कई जरूरी खाने-पीने की चीजों की कमी का संकट पैदा हो गया है। सिर्फ टमाटर और प्याज ही नहीं बल्कि लाहौर समेत पाकिस्तानी पंजाब के कई हिस्सों में सभी सब्जियों के भाव रिकॉर्ड स्तर पर हैं।

    बलूचिस्तान और सिंध में बाढ़ से हजारों एकड़ फसल तबाह 

    रिपार्ट के अनुसार, बलूचिस्तान और सिंध में बाढ़ के कारण टमाटर, प्याज और अन्य सब्जियों की हजारों एकड़ फसल तबाह हो गई है। ऐसी सूचनाएं मिल रही हैं कि पाकिस्तान की सरकार वाघा बॉर्डर के जरिए भारत से टमाटर और प्याज मंगाने पर विचार कर रही है। अभी लाहौर समेत पाकिस्तानी पंजाब के अन्य शहरों को तोरखम बॉर्डर के जरिए अफगानिस्तान से टमाटर और प्याज की सप्लाई मिल रही है।

    अफगानिस्तान से मिल रही सप्लाई

    लाहौर मार्केट कमिटी के सेक्रेटरी शहजाद चीमा ने बताया, ‘तोरखम बॉर्डर पर हर रोज टमाटर के 100 कंटेनर और प्याज के करीब 30 कंटेनर मिल रहे हैं। इनमें से दो कंटेनर टमाटर और एक कंटेनर प्याज हर रोज लाहौर आ रहा है। यह पाकिस्तानी पंजाब की राजधानी लाहौर में इनकी मांग के हिसाब से बहुत कम है। शिमला मिर्च जैसी सब्जियां भी बाढ़ के कारण नहीं मिल रही हैं। ऐसे में सरकार भारत से टमाटर और प्याज मंगा सकती है।’

  • दो पत्रकारों की गोली मारकर हत्या, अपराधियों की तलाश कर रही पुलिस

    दो पत्रकारों की गोली मारकर हत्या, अपराधियों की तलाश कर रही पुलिस

    कोलंबियाः दो पत्रकारों की मोटरसाइकिल पर आए अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने कहा कि रविवार को दोनों पत्रकार अपनी कार से एक कार्यक्रम से लौट रहे थे इसी दौरान उन पर हमला किया गया। पुलिस ने बताया कि मरने वालों में एक ऑनलाइन रेडियो स्टेशन के निदेशक लेइनर मोंटेरो और एक ऑनलाइन समाचार वेबसाइट के निदेशक डिलिया कॉन्ट्रेरास थे, दोनों को फंडेसियन की नगर पालिका के गोली मार दी। दोनों साथ में एक गांव के कार्यक्रम से लौट रहे थे। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।

    उन्होंने कहा, ‘हम मगदलीना के नागरिकों के लिए कम से कम समय में इस दुखद मामले को हल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि दोनों पत्रकारों को उनके यूनियन, परिवार और परिचितों के बीच बहुत सराहा गया था। हालांकि अधिकारियों ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि क्या हत्याएं पत्रकारों के पेशे से संबंधित थीं। वहीं फाउंडेशन फॉर प्रेस फ्रीडम ने मामले की जल्द से जल्द जांच करने और जांच के दौरान उनके काम को ध्यान में रखने का आह्वान किया।

  • भारत के इस पड़ोसी देश में गहराया आर्थिक संकट…

    भारत के इस पड़ोसी देश में गहराया आर्थिक संकट…

    नई दिल्लीः भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में आर्थिक संकट गहराने लगा है। यहां पर श्रीलंका जैसे हालात नजर आने लगे हैं। लोग सड़कों पर उतर गए हैं। देश के वामपंथी संगठनों ने बीते दिन हड़ताल की। लेफ्ट डेमोक्रेटिक एलायंस (एलडीए) के आह्वान पर हुई इस हड़ताल के दौरान जगह-जगह पर विरोध प्रदर्शन हुए। एलडीए से जुड़े कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार लिया गया।

    ईंधन की महंगाई को देखते हुए बांग्लादेश की सरकार ने बिजली का उपभोग घटाने के कई उपाय घोषित किए हैं। इसके तहत अब स्कूलों को हर हफ्ते एक दिन अतिरिक्त बंद रखने का फैसला किया गया है। बांग्लादेश में शुक्रवार को स्कूलों छुट्टी रहती है। अब वे शनिवार को भी बंद रहेंगे। सरकारी दफ्तरों और बैंकों में कामकाजी घंटे घटा दिए हैं। ये तमाम उपाय बुधवार से लागू हो गए। गुरुवार को इसके खिलाफ जन विरोध का नजारा देखने को मिला।

    पर्यवेक्षकों के मुताबिक, देश के विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार आ रही गिरावट के कारण प्रधानमंत्री शेख हसीना वाजेद की सरकार को कमखर्ची लागू करने के ये उपाय अपनाने पड़े हैं। पिछले महीने बांग्लादेश के कच्चे तेल के आयात बिल में 50 फीसदी बढ़ोतरी हुई थी। अब सरकार ने कहा है कि वह रूस से सत्ता तेल हासिल करने की संभावना तलाश रही है।

    देश में महंगाई की दर भी काफी ऊंची हो गई है। इस कारण हाल के हफ्तों में पहले भी कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए हैं। अनाज की महंगाई पर काबू पाने के लिए हसीना सरकार ने रूस, वियतनाम और भारत से अनाज आयात करने का समझौता किया है। इसके तहत 83 लाख लाख टन गेहूं और चावल का आयात किया जाएगा। 

    विश्लेषकों के मुताबिक इससे देश में अनाज की महंगाई पर काबू पाने में मदद मिलेगी, लेकिन साथ ही विदेशी मुद्रा का संकट और गहराने की आशंका है। एक ताजा रिपोर्ट में बांग्लादेश में बन रही हालत की तुलना पिछले वर्ष की श्रीलंका की स्थिति से की है।

    रिपोर्ट में कहा गया है कि अभी हाल तक बांग्लादेश ने कोरोना महामारी और यूक्रेन युद्ध के कारण दुनिया भर में लग रहे आर्थिक झटकों से अपने को बचा रखा था। इसकी वजह देश का मजबूत निर्यात सेक्टर है। लेकिन अब हालत बदल रहे हैं। इसे देखते हुए शेख हसीना सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से 4.5 बिलियन डॉलर का कर्ज मांगा है।

  • अमेरिका: गुरुद्वारे के बाहर दो सिखों के ग्रुपों में फायरिंग, मची भगदड़, 3 घायल, देखें वीडियो

    अमेरिका: गुरुद्वारे के बाहर दो सिखों के ग्रुपों में फायरिंग, मची भगदड़, 3 घायल, देखें वीडियो

    वॉशिंगटन: अमेरिका के कैलिफोर्निया में गुरुद्वारे के पास गोलीबारी का मामला सामने आया है। घटना स्टॉकटन में हुई है। स्थानीय पुलिस ने गोलीबारी की घटना की पुष्टि की है। अधिकारियों को स्थानीय समय के मुताबिक शनिवार शाम की घटना की जानकारी हुई। घटना में तीन लोग घायल हो गए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस के मुताबिक कोई भी गंभीर रूप से घायल नहीं है। घटना दो सिख ग्रुप के बीच विवाद का नतीजा बताया जा रहा है। गोली चलाने वाले और पीड़ित दोनों ही सिख हैं।

    हालांकि पहले खबर थी कि गोलीबारी गुरुद्वारे के अंदर हुई है, लेकिन इसे गुरुद्वारा प्रशासन ने नकार दिया है। गुरुद्वारा प्रशासन की ओर से एक विज्ञप्ति में कहा गया कि घटना गुरुद्वारा के अंदर नहीं हुई है। इसके साथ ही ये भी कहा गया कि गोलीबारी गुरुद्वारे की हद के बाहर सड़क पर हुई है। गुरुद्वारा कमेटी ने कहा कि भारोत्तोलन के कार्यक्रम को कराया जा रहा था। गोलीबारी का उससे भी कोई लेना देना नहीं है। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाई जा रही है।
    पुलिस ने इस मामले में कहा कि जांच चल रही है। वहीं सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है, जिसे गोलीबारी के समय बनाया गया है। वीडियो को पत्रकार रविंदर सिंह रॉबिन ने ट्वीट किया है जिसमें मंच पर कार्यक्रम चलता दिख रहा है। इसी बीच कई राउंड गोलियों की आवाज सुनाई देती है। आवाज सुन कर पंडाल में बैठे हुए लोगों में अफरा तफरी मच जाती है। लोग पंडाल से भागने लगते है।

  • 2 करोड़ कैश के साथ बाॅर्डर एरिया से नेता की बेटी गिरफ्तार…

    2 करोड़ कैश के साथ बाॅर्डर एरिया से नेता की बेटी गिरफ्तार…

    नई दिल्लीः एक नेता की बेटी को बॉर्डर एरिया से दो करोड़ रुपए कैश के साथ गिरफ्तार किया गया। उसके पास से दो बंदूकें भी बरामद हुईं। अमेरिका के टेक्सास से गिरफ्तार की गई इस लड़की का नाम येशी मोरिया है। 28 साल की येशी मैक्सिको के मिचोआकैन नगरपालिका के मेयर की बेटी हैं। उन्हें US कस्टम्स और बॉर्डर प्रोटेक्शन टीम ने पकड़ा है। उनके खिलाफ मनी लांड्रिंग का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

    रिपोर्ट के मुताबिक, येशी मोरिया दो करोड़ से अधिक कैश और बंदूकों के साथ अमेरिका से मैक्सिको जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन इससे पहले कि वह बॉर्डर क्रॉस कर पातीं उन्हें टेक्सास के लारेडो में जुआरेज़-लिंकन ब्रिज पर चेकिंग के दौरान पकड़ लिया गया।

    पूछताछ में पता चला कि वह मिचोआकैन नगरपालिका के मेयर आर्टेमियो मोरिया की बेटी हैं। अधिकारियों को उनकी कार से Colt 1911 .45-कैलिबर गन और एक Glock 9mm हैंडगन मिली है। इसके अलावा दो करोड़ रुपये भी मिले। इसके बाद येशी मोरिया को वेब काउंटी शेरिफ पुलिस को सौंप दिया गया।

    हालांकि, चार लाख रुपए के मुचलके का भुगतान करने के बाद उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया। येशी ने इंस्टाग्राम पर कहा कि उनकी गिरफ्तारी राजनीति से प्रेरित थी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब राजनीतिक मकसद से उनके परिवार को बदनाम करने के लिए किया जा रहा है।

    गौरतलब है कि अमेरिकी कानून के तहत इतनी बड़ी रकम को देश में या उसके बाहर ले जाने वाले शख्स को बॉर्डर प्रोटेक्शन टीम को बताना जरूरी होता है। एक निश्चित राशि को ही बिना रोकटोक ले जाया जा सकता है।

  • पेट्रोल-डीजल कारों पर लगा बैन, सिर्फ चलेंगी क्लीन एनर्जी कार

    पेट्रोल-डीजल कारों पर लगा बैन, सिर्फ चलेंगी क्लीन एनर्जी कार

    नई दिल्ली. अमेरिकी राज्य कैलिफोर्निया में साल 2035 से पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहनों की बिक्री की नहीं होगी. जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई और क्लीन एनर्जी विकल्पों को बढ़ावा देने की ओर यह बड़ा कमद माना जा रहा है. इस फैसले के साथ यहां की सरकार दुनिया में कहीं भी ऐसा कदम उठाने वाली पहली सरकार बन गई है.

    अमेरिकी राज्य के पर्यावरण पर नजर रखने वाले विभाग कैलिफोर्निया एयर रिसोर्सेज बोर्ड ने सर्वसम्मति से एडवांस क्लीन कार II योजना को मंजूरी देने के लिए मतदान किया, जो 2035 से केवल इलेक्ट्रिक और प्लग-इन हाइब्रिड वाहन बिक्री के लिए अनिवार्य है. ब्लूमबर्ग के अनुसार, बोर्ड के अध्यक्ष लियान रैंडोल्फ ने कहा, “कैलिफोर्निया के लिए, हमारे सहयोगी राज्यों के लिए और दुनिया के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण है क्योंकि हमने शून्य उत्सर्जन भविष्य की दिशा में यह रास्ता तय किया है.”

    इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की ज्यादा कीमत और इनकी कम रेंज अब भी एक बड़ी समस्या बनी हुई है. हालांकि, इनकी लागत धीरे-धीरे कम हो रही है और बुनियादी ढांचे की बढ़ोतरी से ऐसे वाहनों को जल्दी और सुविधाजनक स्थानों पर चार्ज करने में मदद मिलेगी. इसके अलावा, कैलिफोर्निया के केवल ईवी और प्लग-इन हाइब्रिड वाहन बिक्री के निर्णय से अन्य अमेरिकी राज्यों पर भी असर पड़ने की संभावना है, जो बुनियादी ढांचे के विकास को गति दे सकता है.

    इलेक्ट्रिक कारों और अन्य क्लीन एनर्जी मोबिलिटी विकल्पों को बढ़ावा देने में कैलिफोर्निया अन्य अमेरिकी राज्यों के साथ-साथ संघीय सरकार की तुलना में तेजी से आगे बढ़ रहा है. रॉयटर्स के अनुसार, कैलिफोर्निया को उम्मीद है कि 2026 तक कुल वाहनों की बिक्री का 35 प्रतिशत हिस्सा इलेक्ट्रिक, प्लग-इन हाइब्रिड या हाइड्रोजन से चलने वाली कारों का होगा. यह 2035 तक 100 प्रतिशत होने से पहले 2030 तक बढ़कर 68 प्रतिशत हो जाएगा.

    केवल क्लीन एनर्जी वाहनों की बिक्री की अनुमति देने का यह फैसला टेस्ला और रिवियन जैसे ईवी निर्माताओं के लिए एक बड़े फैसले के रूप में देखा जा रहा है. साथ ही यह उन ऑटो निर्माताओं को भी इलेक्ट्रिक व्हीकल की ओर प्रोत्साहित करेगा, जो पहले से ही ईवी की ओर रुख कर चुके हैं. कैलिफोर्निया में सर्वसम्मति फैसला होने के बाद यह फैसला तभी लागू होगा, जब अमेरिका की जो बाइडेन सरकार इसे मंजूरी देगी.

  • इमिग्रेशन को लेकर कनाडा के मिनिस्टर सीन फ्रेजर ने कीं नई और बड़ी घोषणाएं

    इमिग्रेशन को लेकर कनाडा के मिनिस्टर सीन फ्रेजर ने कीं नई और बड़ी घोषणाएं

    ओटावाः कनाडा के इमिग्रेशन मिनिस्टर सीन फ्रेजर ने इमिग्रेशन सिस्टम के बारे में नई जानकारी देते हुए कहा कि IRCC ने लोगों को अपने इमिग्रेशन बैकलॉग को ट्रैक करने की अनुमति देने के लिए एक नई वेबसाइट लॉन्च की है। उन्होंने आवेदन बैकलॉग को कम करने, ग्राहक अनुभव में सुधार और श्रम की कमी को दूर करने के लिए वैंकूवर में आप्रवासन, शरणार्थियों और नागरिकता कनाडा (आईआरसीसी) द्वारा चल रहे काम के बारे में बात की। उन्होंने प्रसंस्करण क्षमता में तेजी लाने और बैकलॉग को कम करने के लिए 1,250 नए कर्मचारियों को काम पर रखने की घोषणा की है।

    जनवरी से जुलाई 2022 के बीच संशोधित रिकॉर्ड संख्या

    IRCC ने 2021 में कनाडा में 405,0000 नए स्थायी निवासियों का स्वागत किया, जबकि आप्रवासन स्तर की योजना के आधार पर 2022 में 431,000 को लक्षित किया। 1 जनवरी से 31 जुलाई के बीच 275,000 नए स्थायी निवासी आए। इसी अवधि में, 349,000 नए वर्क परमिट जारी किए गए, जिसमें 220,000 ओपन वर्क परमिट (OWP) शामिल हैं।

    जल्द 80 फीसदी नए आवेदनों को किया जाएगा शुरू

    आईआरसीसी का कहना है कि मानवीय संकटों के प्रति कनाडा की प्रतिक्रिया और मौजूदा मांग को पूरा करने के लिए उम्र बढ़ने की तकनीक को अद्यतन करने के कारण प्रसंस्करण में देरी हुई है। जुलाई के अंत में, व्यवसाय के सभी क्षेत्रों में, लगभग 54 प्रतिशत आवेदन आए हैं। आईआरसीसी का कहना है कि वह भविष्य में 80 फीसदी नए आवेदनों को अपनी सेवा में लाएगा।

    वेबसाइट पर मासिक डेटा करेगा प्रकाशित 

    बैकलॉग में, IRCC ने घोषणा की कि वह अपनी वेबसाइट पर मासिक डेटा प्रकाशित करेगा और आने वाले हफ्तों में वर्तमान प्रणाली में सुधार के लिए किए जा रहे अतिरिक्त उपायों के बारे में अधिक जानकारी साझा करेगा। हालांकि, आईआरसीसी द्वारा अब तक जारी किए गए हालिया आंकड़ों से पता चलता है कि 31 जुलाई तक बैकलॉग में 24 लाख आवेदकों की कमी आई है।

    नए IRCC वेबपेज के अनुसार, मौजूदा 639,500 स्थायी निवास आवेदनों में से 47 प्रतिशत इसके सेवा मानकों के अधीन हैं। इस बीच, लगभग 1.4 मिलियन अस्थायी निवास आवेदनों में से 41 प्रतिशत इसके सेवा मानकों के भीतर हैं। लगभग 379,000 नागरिकता आवेदनों पर कार्रवाई की जा रही है, जिनमें से लगभग 65 प्रतिशत आईआरसीसी के सेवा मानकों के भीतर हैं।

  • भारत में बड़ा आतंकी हमला करने की फिराक में इस्लामिक स्टेट, रूस ने साजिश रच रहे हमलावर को हिरासत में लिया

    भारत में बड़ा आतंकी हमला करने की फिराक में इस्लामिक स्टेट, रूस ने साजिश रच रहे हमलावर को हिरासत में लिया

    मास्को। रूसी संघीय सुरक्षा सेवा ने सोमवार को कहा कि उसके अधिकारियों ने एक आत्मघाती हमलावर को हिरासत में लिया है, जो इस्लामिक स्टेट आतंकवादी समूह का सदस्य है, जो भारत के नेतृत्व अभिजात वर्ग में से एक के खिलाफ आतंकवादी हमले की साजिश रच रहा था। रूसी समाचार एजेंसी स्पुतनिक ने यह जानकारी दी।

    प्राधिकरण ने एक बयान में कहा, ‘रूस के FSB ने रूस में प्रतिबंधित अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट के एक सदस्य की पहचान की और उसे हिरासत में लिया। यह मध्य एशियाई क्षेत्र के एक देश का मूल निवासी है। इसने भारत के सत्तारूढ़ हलकों के प्रतिनिधियों में से एक के खिलाफ खुद को उड़ाकर एक आतंकवादी कार्य करने की योजना बनाई थी।’

    बयान में कहा गया है कि हिरासत में लिए गए आतंकी को आईएस नेताओं में से एक ने तुर्की में आत्मघाती हमलावर के रूप में भर्ती किया था। इस्लामिक स्टेट और इसकी सभी अभिव्यक्तियों को आतंकवादी संगठन के रूप में अधिसूचित किया गया है और केंद्र सरकार द्वारा गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की पहली अनुसूची में शामिल किया गया है।

    गृह मंत्रालय के मुताबिक, आईएस अपनी विचारधारा को प्रचारित करने के लिए विभिन्न इंटरनेट आधारित सोशल मीडिया प्लेटफार्म का इस्तेमाल कर रहा है। इस संबंध में संबंधित एजेंसियों द्वारा साइबरस्पेस पर कड़ी नजर रखी जा रही है और कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।

  • इस देश की PM को पार्टी में नाचना पड़ा भारी, Video Viral…

    इस देश की PM को पार्टी में नाचना पड़ा भारी, Video Viral…

    नई दिल्लीः बहुत से लोग बड़े-बड़े नेताओं और सेलेब्रिटीज को फॉलो करते हैं और उनके फोटोज और वीडियोज देखना भी पसंद करते हैं। लेकिन हाल ही में एक देश की प्रधानमंत्री का ऐसा वीडियो सुर्खियां बटोर रहा है जिसमें वो नाचती हुई दिखाई दे रही हैं। आपको बता दें कि ये वीडियो फिनलैंड की प्रधानमंत्री सना मरीन का है। बताया जा रहा है कि ये वीडियो पब्लिक के लिए नहीं बल्कि सिर्फ उनके दोस्तों के लिए था।

    इस वीडियो के वायरल होने के बाद फिनलैंड की प्रधानमंत्री पर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। जहां एक तरफ लोग उनके साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं तो वहीं कुछ लोग उनपर निशाना साधते और लापरवाही का आरोप लगाते दिखाई दिए। पहले आप भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को देखें…

    वीडियो लीक होने के 36 घंटे बाद मरीन ने कहा कि उन्हें ड्रग टेस्ट लेने में कोई समस्या नहीं है। दरअसल इस वीडियो में फिनलैंड की प्रधानमंत्री को डांस में खोया हुआ देखा जा सकता है। मरीन का कहना है कि उन्हें इस बात का अंदाजा था कि ये वीडियो शूट किया जा रहा है लेकिन ये नहीं पता था कि वीडियो को इस तरह से पब्लिक कर दिया जाएगा। मरीन के मुताबिक वहां पर लोग शराब तो पी रहे थे लेकिन ड्रग्ज की उन्हें कोई जानकारी नहीं है।

    सोशल मीडिया पर फिनलैंड की पीएम का ये वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है। इस वीडियो को अब तक 8 मिलियन से भी ज्यादा लोग देख चुके हैं। पीएम का दावा है कि उन्होंने पार्टी में सिर्फ डांस किया और ये होने वाले चुनाव के लिए कोई पब्लिसिटी स्टंट नहीं है।

  • आसमान में दिखी जेलीफिश जैसी रहस्यमयी आकृति, देखकर हर कोई हुआ हैरान, देखें वीडियो

    आसमान में दिखी जेलीफिश जैसी रहस्यमयी आकृति, देखकर हर कोई हुआ हैरान, देखें वीडियो

    प्रकृति हमें आए दिन ऐसे नजारे दिखाती है, जो हमें हैरान कर देते हैं। द सन् ने हाल ही में अपने ट्विटर अकाउंट से एक ऐसा वीडिओ शेयर किया है, जो देखने लायक है। यह वीडियो एक साल पुराना है, लेकिन इस नजारे ने लोगों को आज भी रोमांचित कर दिया। रूस में अमूर ओब्लास्ट इलाके के लोगों ने आसमान में चमकती हुई जेलीफ़िश के आकार की चीज़ को उड़ते हुए देखा था। जिसे कैमरे में कैद कर लिया गया। वायरल हॉग ने यूट्यूब पर इस वीडियो को शेयर किया था। इसमें धूमकेतु जैसी चीज़ पृथ्वी की ओर आती हुई दिखाई दे रही है। वीडियो में दिखने वाली ये चीज़ इतनी खूबसूरत है कि लोग इसकी सुंदरता में खो गए।  एक लड़के ने यह वीडियो बनाया है जो अपने दोस्त से रूसी भाषा में बात कर रहा है। उसकी बातों से लग रहा है कि वह इसे देखकर खासा उत्साहित है। उसने ज़ूम करके उस चमकती हुई चीज़ को करीब से दिखाने की कोशिश भी की। इसके ठीक आगे की तरफ एक चमकदार बिंदू भी नजर आ रहा है।

    वीडियो के कैप्शन में यूजर ने लिखा, ‘मैंने और मेरे दोस्तों ने आसमान में किसी चीज़ को चलते हुए देखा। यह एक कॉमेट या धूमकेतु की तरह लग रहा था, लेकिन यह धीरे-धीरे उड़ रहा था और हमें एहसास हुआ कि यह किसी तरह का रॉकेट या उड़ने वाली मशीन है। थोड़ी देर बाद ही यह फट गया और जेलीफ़िश की तरह पैटर्न बन गया, हमने विस्फोट जैसी आवाज़ भी सुनी थी।’ हालांकि एक्सपर्ट्स की तरफ से इस बात की जानकारी नहीं मिली है कि ये चीज़ आखिर थी क्या, लेकिन इस वीडियो में लोगों ने कमेंट करके अंदाजा लगाया है कि ये चीज़ आखिर क्या हो सकती है। एक यूज़र ने कहा कि ये एक रॉकेट हो सकता है। उसने लिखा कि यह पृथ्वी के वायुमंडल से एक रॉकेट जाता हुआ लग रहा है।

    दूसरे व्यक्ति ने लिखा कि ये किसी सैटेलाइट का पृथ्वी के वातावरण में दोबारा प्रवेश हो सकता है और पीछे की तरफ लीथियन जल रही है। तो किसी ने कहा कि ये रॉकेट है। रूस की वोस्टोचन कोस्मोड्रोम रॉकेट लॉन्च साइट अमूर ओब्लास्ट में स्थित है। इसलिए वहां से उड़ान भरने के बाद एक मिसाइल फिर से पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश कर सकती है। इतना ही नहीं, लोग इसे देखकर इतने रोमांचित थे कि उन्होंने इसे यूएफओ, एस्टेरॉयड, धूमकेतु और उल्कापिंड तक कहा। हालांकि, एक व्यक्ति ने दावा किया कि यह एक एक उल्कापिंड हैं। एक साल में हमें इस तरह के कई उल्कापिंड देखने मिलते हैं। यह काफी आम हैं। उल्कापिंड जब हमारे वायुमंडल में प्रवेश करते हैं, तो वे जलने लगते हैं और इनके पीछे प्रकाश की एक लकीर बन सकती है। वे अक्सर समुद्र या निर्जन इलाकों पर गिरते हैं, इसलिए उनका पता नहीं चल पाता।