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  • कनाडा में भारतीय मेनिंदर और सतगिल की गोली मारकर हत्या 

    कनाडा में भारतीय मेनिंदर और सतगिल की गोली मारकर हत्या 

    कनाडा के लोकप्रिय स्की शहर व्हिस्लर गांव में रविवार ब्रदर्स कीपर्स गैंगस्टर मेनिंदर धालीवाल सहित दो भारतीय मूल के लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। धालीवाल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके दोस्त सतिंदरा गिल जो कि गिरोह का हिस्सा नहीं था उसने स्थानीय अस्पताल में दम तोड़ दिया।

    इसकी सूचना वैंकूवर सन ने दी उन्होंने कहा कि दोनों को कई बार गोली मारी गई है। वैंकूवर के पुलिस प्रमुख एडम पामर ने कहा, “आज हम जो तस्वीरें जारी कर रहे हैं, वे उन लोगों का प्रतिनिधित्व करती हैं, जो यहां वैंकूवर शहर में महत्वपूर्ण सार्वजनिक सुरक्षा जोखिम पैदा करते हैं।” न्यूयॉर्क पोस्ट ने सूचना दी कि घटना के बाद व्हिस्लर के स्की शहर को लॉकडाउन के तहत रखा गया है।, 

    बता दें कि पिछले साल 29 वर्षीय धालीवाल के बड़े भाई हार्ब की 17 अप्रैल 2021 को कोल हार्बर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने कहा कि शूटिंग लोअर मेनलैंड गिरोह के चल रहे संघर्ष से जुड़ी थी। “अधिकारियों द्वारा गतिशील प्रतिक्रिया और तेजी से साक्ष्य संग्रह के परिणामस्वरूप, सी-टू-स्काई आरसीएमपी कई व्यक्तियों का पता लगाने और उन्हें पकड़ने में सक्षम था।

    हालांकि यह एक व्यस्त गांव में दिन दिहाड़े गोलीबारी हुई थी, ”अधिकारी टिमोथी पियरोटी ने कहा कि उन्हें बाद में पर्मिगन प्लेस के 3300-ब्लॉक में एक जलता हुआ वाहन मिला और यह हत्याओं से जुड़ा हुआ है।

  • बाढ़ से मचा हाहाकार! 17 लोगों की मौत, 6 लापता

    बाढ़ से मचा हाहाकार! 17 लोगों की मौत, 6 लापता

    ईरान के सूखा प्रभावित दक्षिणी फार्स प्रांत में अचानक आई बाढ़ के कारण कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई। सरकारी टीवी चैनल पर शनिवार को प्रसारित रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। रिपोर्ट में एस्ताहबान के गवर्नर युसेफ कारेगर के हवाले से बताया गया कि शहर में बहने वाली रूदबल नदी का जलस्तर भारी बारिश के कारण काफी बढ़ गया।

    कारेगर के मुताबिक, बचाव दलों ने बाढ़ में फंसे 55 लोगों को बचा लिया, जबकि कम से कम छह लोग अब भी लापता हैं। ईरान जलवायु परिवर्तन के कारण दशकों से सूखे का सामना कर रहा है। मौसम विज्ञान विभाग ने पिछले दिनों देशभर में संभावित भारी मौसमी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की थी।

    विशेषज्ञों के मुताबिक, ईरान में नदियों के किनारे बड़े पैमाने पर इमारतों और सड़कों के निर्माण से अचानक आने वाली बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। मार्च 2018 में फार्स प्रांत में अचानक आई बाढ़ से 44 लोगों की जान चली गई थी। 

  • नवजात शिशु सहित बच्चे में मिले मंकीपॉक्स के लक्षण

    नवजात शिशु सहित बच्चे में मिले मंकीपॉक्स के लक्षण

    देश-विदेश में मंकीपॉक्स तेजी से फैला रहा हैे। अब इस संक्रमण की चपेट में वयस्क ही नहीं, बच्चे भी आ रहे हैं। अमेरिका में पहली बार बच्चों में मंकीपॉक्स के संक्रमण पाए गए हैं। अमेरिका के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक कैलिफोर्निया में एक बच्चे और एक नवजात शिशु में मंकीपॉक्स के लक्षण मिले हैं। अमेरिका के स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि देश में पहली बार बच्चों में मंकीपॉक्स का वायरस मिला है।

    इससे पहले वयस्कों में ही मंकीपॉक्स का लक्षण मिला था। वहीं सीडीसी ने कहा कि दो मामले मिले हैं, जो कि एक-दूसरे से कनेक्टेडट नहीं है। दोनों बच्चे फिलहाल ठीक है, उनका इलाज किया जा रहा है। एजेंसी के मुताबिक सीडीसी ने कहा कि मंकीपॉक्स एक-दूसके के संपर्क में आने से फैल रहा है। इस साल अब तक 60 से अधिक देशों में मंकीपॉक्स के 14,000 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं और अफ्रीका में 5 मौतें हो चुकी हैं।


    सीडीसी के डॉ. जेनिफर मैकक्विस्टन ने कहा कि यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि मंकीपॉक्स अब बच्चों को भी शिकार बना रहा है। अभी तक कहा जा रहा था कि मंकीपॉक्स के प्रसार में यौन संबंधों बड़ी वजह थी, लेकिन अब यह तेजी से बच्चों में भी फैलने लगा है। उन्होंने बताया कि अमेरिका में अभी तक 2,891 मंकीपॉक्स के मरीज सामने आए हैं, इसमें से 99% पुरुषों में मंकीपॉक्स संक्रमण मिला है। जबकि कुछ महिलाएं और कुछ ट्रांसजेंडर भी शामिल हैं।

    व्हाइट हाउस के कोविड कॉर्डिनेटर डॉ. आशीष झा ने कहा कि सरकार ने मंकीपॉक्स वैक्सीन की 300,000 वैक्सीन वितरित की गई हैं। जबकि डेनमार्क से 786,000 वैक्सीन का शिपमेंट लाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि न्यूयॉर्क शहर में आधी से अधिक योग्य आबादी और वाशिंगटन डीसी में 70% से अधिक योग्य आबादी को वैक्सीन की पहली डोज लगाने के लिए पर्याप्त खुराक हैं।

  • बम की धमकी मिलने से मचा हड़कंप

    बम की धमकी मिलने से मचा हड़कंप

    अमरीका के सैन फ्रांसिस्को से बड़ी खबर सामने आई है। यहां इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बम की खबर मिलने के बाद हड़कंप मच गया। बम की सूचना मिलते ही एयरपोर्ट अधिकारी भी सकते में आ गए और सुरक्षा के लिहाज से तुरंत हवाई अड्डा टर्मिनल खाली कराया गया। खास बात यह है कि इस मामले में एक शख्स को हिरासत में भी लिया गया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बम की धमकी मिलने के बाद सैन फ़्रांसिस्को हवाईअड्डे से जुड़े अधिकारियों ने तुरंत एक्शन लिया और लोगों की सुरक्षा के लिहाज से टर्मिनल को खाली करवा दिया गया।

    वहीं इस मामले की सूचना तुरंत पुलिस को भी दी गई। पुलिसदल मौके पर पहुंचा और क्षेत्र को कवर कर लिया गया। पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि बम की धमकी के कारण शुक्रवार रात सैन फ्रांसिस्को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अंतर्राष्ट्रीय टर्मिनल से यात्रियों को निकाला गया। इसके साथ ही उस दौरान की सभी फ्लाइट्स को भी कैंसिल किया गया।

    संदिग्ध पैकेज बरामद, हिरासत में एक शख्स

    सैन फ़्रांसिस्को पुलिस विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि, एयरपोर्ट परिसर से जांच के दौरान अधिकारियों को एक संदिग्ध पैकेज मिला और इस सामान को संभवतः ज्वलनशील माना जा रहा है। इस पैकेज के आधार पर फिलहाल पुलिस ने इस घटना से जुड़े एक शख्स को हिरासत में लिया गया है।

    बन निरोधक दस्ता भी पहुंचा

    सैन फ्रांसिस्को हवाई अड्डे पर मिली बम की धमकी के चलते वहां पुलिसबल के साथ बम निरोधक दस्ता भी पहुंचा। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। हवाई अड्डे के अधिकारियों ने कहा कि पुलिस की कुछ गतिविधियों के कारण लोगों को अंतर्राष्ट्रीय टर्मिनल से निकाला गया है।

  • रिपुदमन सिंह मलिक की हत्या में इस्तेमाल की गई कार की तस्वीर आई सामने

    रिपुदमन सिंह मलिक की हत्या में इस्तेमाल की गई कार की तस्वीर आई सामने

    कनाडा में रहने वाले विवादित सिख नेता रिपुदमन सिंह मलिक की वीरवार को गोली मारकर हत्या कर दी गई। उनका मर्डर कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के वैंकूवर में हुआ। रिपुदमन के परिवारवालों के मुताबिक जब वे कार से ऑफिस से घर जा रहे थे, तब उन पर हमला हुआ। इस हमले को लेकर संबंध में इंटैरेग्रेटिड होमीसाइड टीम (I.HIT) द्वारा संवाददाता सम्मेलन में साझा की गई।

    जानकारी के अनुसार, संदिग्ध हमलावार सफेद होंडा एसयूवी में आया था। इस एसयूवी को सुबह 8.11 बजे घटना प्लाजा में धीमी गति से देखा गया। उसने मलिक पर हमला करने के लिए करीब डेढ़ घंटे तक इंतजार किया था। पुलिस ने संदिग्ध एसयूवी की तस्वीरें और वीडियो फुटेज भी जारी किए हैं। यह एसयूवी चोरी की है या नहीं, इस बारे में पुलिस ने कुछ नहीं बताया।

    इस मामले को लेकर सार्जेंट डेविड ली ने कहा कि पूरी जांच के बिना हम कुछ नहीं कह सकते कि एसयूवी में कितने हमलावर थे, लेकिन यह जरूर पता लगा है कि हमलावर हमले से पहले एक सफेद एसयूवी में बैठा और इंतजार कर रहा था। गोली चलने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मलिक उस समय खून से लथपथ और घायल अवस्था में था।

    घटना के कुछ देर बाद उक्त एसयूवी 82 एवेन्यू में 122 ए स्ट्रीट पर जली हुई मिली। पुलिस का मानना ​​है कि एसयूवी में आग लगाने के बाद हमलावर दूसरे वाहन में सवार होकर फरार हो गया। सार्जेंट डेविड ली ने जनता से इस हत्या को लेकर इस तरह के कयास न लगाने की अपील की, पुलिस तथ्यों और सूचनाओं के आधार पर पूरे मामले की जांच करना चाहती है।

  • हिंदू मंदिर में तोड़ी गई महात्मा गांधी की मूर्ति

    हिंदू मंदिर में तोड़ी गई महात्मा गांधी की मूर्ति

    भारत ने कनाडा के ओंटारियो के रिचमंड हिल शहर में महात्मा गांधी की एक प्रतिमा को तोड़े जाने और तोड़फोड़ की जांच के लिए अपनी गहरी पीड़ा व्यक्त की। वहीं पुलिस ने कहा कि हेट क्राइम के रूप में जांच की जा रही है। कनाडाई ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (सीबीसी) ने यॉर्क रीजनल पुलिस के हवाले से बताया कि योंग स्ट्रीट और गार्डन एवेन्यू के विष्णु मंदिर में प्रतिमा को तोड़ा गया।

    भारतीय दूतावास ने किया ट्वीट

    टोरंटो में भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने ट्वीट करते हुए लिखा, “रिचमंड हिल के विष्णु मंदिर में महात्मा गांधी की प्रतिमा को तोड़े जाने से हम व्यथित हैं। बर्बरता के इस आपराधिक, घृणित कृत्य ने कनाडा में भारतीय समुदाय की भावनाओं को बहुत आहत किया है। हम इस घृणा अपराध की जांच के लिए कनाडा के अधिकारियों के संपर्क में हैं।” ओटावा में उच्चायोग ने कहा कि भारतीय समुदाय को आतंकित करने की कोशिश करने वाले इस घृणा अपराध से भारत बहुत दुखी है। उच्चायोग ने यह भी कहा कि भारत ने जांच के लिए कनाडा सरकार से संपर्क किया है और सुनिश्चित किया है कि अपराधियों को तेजी से न्याय के कटघरे में लाया जाए।

    जवाब में उच्चायोग ने किया ट्वीट 

    उच्चायोग ने ट्वीट करते हुए लिखा, “भारतीय समुदाय को आतंकित करने की कोशिश करने वाले इस घृणा अपराध से हम बहुत दुखी हैं। इससे यहां के भारतीय समुदाय में चिंता और असुरक्षा बढ़ गई है। हमने जांच करने और अपराधियों को शीघ्र न्याय के कटघरे में लाने के लिए कनाडा सरकार से संपर्क किया है।” स्थानीय पुलिस ने इसे घृणा और “पूर्वाग्रह से प्रेरित घटना” के रूप में वर्णित किया। यॉर्क रीजनल पुलिस के प्रवक्ता कॉन्स्टेबल एमी बौद्रेउ ने कहा कि किसी ने ‘बलात्कारी’ और ‘खालिस्तान’ सहित ‘ग्राफिक शब्दों’ से मूर्ति को विरूपित किया है। यॉर्क रीजनल पुलिस किसी भी रूप में घृणा अपराध को बर्दाश्त नहीं करती है।” 

    सीबीसी से उन्होंने कहा, “जो लोग नस्ल, राष्ट्रीय या जातीय मूल, भाषा, रंग, धर्म, उम्र, लिंग, लिंग पहचान, लिंग अभिव्यक्ति और इस तरह के आधार पर दूसरों को पीड़ित करते हैं, उन पर कानून की पूरी सीमा तक मुकदमा चलाया जाएगा। हम मानते हैं कि घृणा अपराधों का समुदाय-व्यापी प्रभाव दूरगामी है और हम घृणा अपराधों और किसी भी घृणा पूर्वाग्रह की घटनाओं की सभी घटनाओं की सख्ती से जांच करते हैं।”

  • दक्षिण अफ्रीका में हुई गोलीबारी, 14 लोगों की मौत

    दक्षिण अफ्रीका में हुई गोलीबारी, 14 लोगों की मौत

    जोहान्सबर्ग. दक्षिण अफ्रीका में जोहान्सबर्ग के सोवेटो टाउनशिप स्थित एक बार में हुई भयंकर गोलीबारी में 14 लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य की हालत गंभीर बनी हुई है. यह जानकारी पुलिस ने दी. पुलिस अभी इस बात का पता नहीं लगा सकी है कि बार में हुए इस भीषण हमले की असली वजह क्या है?

    पुलिस ने बताया कि वे उन रिपोर्ट की जांच कर रहे हैं कि शनिवार देर रात एक मिनीबस टैक्सी में कुछ लोगों का एक समूह आया और उसने बार में जमकर गोलीबारी की. पुलिस ने रविवार सुबह शवों को हटाया और जांच शुरू की कि ये भयंकर गोलीबारी क्यों हुई? गंभीर रूप से घायल तीन व्यक्तियों और एक अन्य घायल व्यक्ति को क्रिस हानी बरगवनथ अस्पताल ले जाया गया है.

    गौतेंग प्रांत के पुलिस आयुक्त लेफ्टिनेंट जनरल इलियास मावेला ने बताया कि घटनास्थल पर मिले कारतूसों की संख्या से संकेत मिलता है कि ये अपराधी प्रवृत्ति के लोगों का एक बड़ा गिरोह था, जिन्होंने बार में घुसकर इस गोलीबारी की वारदात को अंजाम दिया और बार के संरक्षकों को सामूहिक रूप से गोली मारी. मावेला ने बताया कि ‘प्राथमिक जांच से पता चलता है कि वहां पर घटना के समय मौजूद लोग एक लाइसेंस वाले बार में जश्न मना रहे थे.’

    उन्होंने कहा कि ‘अचानक इन लोगों ने गोलियों की आवाज सुनी और बार से बाहर निकलने की कोशिश की. इस घटना के पीछे मकसद क्या है और इन लोगों को क्यों निशाना बनाया गया. इस बारे में फिलहाल हमारे पास पूरी जानकारी नहीं है.’ उन्होंने कहा कि ‘आप देख सकते हैं कि ‘हाई कैलिबर’ बन्दूकों का इस्तेमाल इस हमले में किया गया है और वे अंधाधुंध ढंग से गोलीबारी कर रहे थे. आप देख सकते हैं कि ये सभी लोग बार से बाहर निकलने के लिए कोशिश कर रहे थे.’

  • राष्ट्रपति भवन पर प्रदर्शनकारियों ने किया कब्जा

    राष्ट्रपति भवन पर प्रदर्शनकारियों ने किया कब्जा

    श्रीलंका में आर्थिक हालात से त्रस्त जनता ने शनिवार को राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे के आवास पर कब्जा कर लिया है। वहीं राष्ट्रपति अपना आवास छोड़कर भाग गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने राजपक्षे के आधिकारिक आवास पर घुसकर जमकर तोड़फोड़ भी की। उधर, रैली के दौरान श्रीलंका की पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प होने का मामला सामने आया है। इसमें करीब 100 लोग घायल हो गए। 

    इस बीच हालात काबू में करने के लिए श्रीलंका के मौजूदा प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने पार्टी नेताओं की आपात बैठक बुलाई है। उन्होंने ने स्पीकर से संसद सत्र बुलाने की भी अपील की है।

    उधर, श्रीलंका पोदुजाना पेरामुना (एसएलपीपी) के 16 सांसदों ने पत्र लिखकर राष्ट्रपति गोटबाया से तत्काल इस्तीफा देने का अनुरोध किया है। इससे पहले 11 मई को तत्कालीन प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे पूरी परिवार के साथ भाग गए थे। उग्र भीड़ ने कोलंबो में राजपक्षे के सरकारी आवास को घेर लिया था।

  • एलन मस्क ने ट्विटर डील की कैंसिल, ये वजह आई सामने

    एलन मस्क ने ट्विटर डील की कैंसिल, ये वजह आई सामने

    नई दिल्लीः टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने ट्विटर खरीद की डील को कैंसिल कर दिया। एलन मस्क ने कहा कि ट्विटर अपने फेक अकाउंट का डिटेल नहीं दे पा रही है। मस्क ने यह डील 44 अरब डॉलर (3.37 लाख करोड़ रुपए) में तय की थी। डील कैंसल होने के बाद कंपनी ने कहा है कि वह एलन मस्क के खिलाफ कोर्ट में जाएगी। 

    टेलर ने ट्विट करते हुए कहा, ‘ट्विटर बोर्ड, मस्क के साथ सहमत कीमत और शर्तों पर लेनदेन को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है और साथ ही कंपनी विलय समझौते को लागू करने के लिए कानूनी कार्रवाई करने की योजना बना रहा है। टेलर ने कहा, ‘हमें विश्वास है कि हम डेलावेयर कोर्ट आफ चांसरी में विजयी होंगे।’

    बता दें कि शनिवार को मस्क की टीम द्वारा भेजे गए एक पत्र में 44 अरब अमरीकी डालर के ट्विटर खरीद सौदे को समाप्त करने की घोषणा की। मस्क ने खरीद समझौते के कई उल्लंघनों के कारण सौदे को स्थगित करने का फैसला किया। पत्र के अनुसार, टेस्ला के सीइओ की टीम का मानना ​​है कि स्पैम और नकली खातों का अनुपात 5 प्रतिशत से बेहद अधिक है। पत्र में शुक्रवार को कहा गया, मस्क विलय समझौते को समाप्त कर रहे हैं क्योंकि ट्विटर समझौते के कई प्रावधानों का भौतिक उल्लंघन कर रहा है।

  • इस देश में पीएम पर बढ़ा इस्तीफे का दवाब, क्या आज छोड़ देंगे पद?

    इस देश में पीएम पर बढ़ा इस्तीफे का दवाब, क्या आज छोड़ देंगे पद?

    महाराष्ट्र में कुछ दिन पहले जैसा हाल सीएम उद्धव ठाकरे का हुआ था, अब वैसा ही ब्रिटेन में हो रहा है। जिस तरह से उद्धव ठाकरे के खिलाफ उनकी ही पार्टी में बगावत शुरू हो गई थी, वैसी ही बगावत बोरिस जॉनसन की अपनी ही कंजर्वेटिव पार्टी में भी शुरू हो गई है। अब तक चार कैबिनेट मंत्री समेत 40 से ज्यादा मंत्रियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। अब ऐसे में जिस तरह से उद्धव सरकार पर संकट आ गया था, वैसा ही संकट बोरिस जॉनसन की सरकार पर भी आ गया है।

    वित्त मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने दिया इस्तीफा

    लेकिन बोरिस जॉनसन की सरकार पर आए इस संकट की शुरुआत वित्त मंत्री ऋषि सुनक और स्वास्थ्य मंत्री साजिद जाविद के इस्तीफे से हुई। दोनों ने 5 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उनका कहना था कि बोरिस जॉनसन की लीडरशिप पर उन्हें भरोसा नहीं है। ऋषि सुनक ने अपने इस्तीफे में कहा था कि लोग सरकार से उम्मीद करते हैं कि वो ठीक तरह से काम करेगी। वहीं, साजिद जाविद ने कहा था कि सरकार राष्ट्र हित में काम नहीं कर रही है। दोनों ने ये इस्तीफा बोरिस जॉनसन से माफी मांगने के बाद दिया था। हालांकि, दोनों अब भी सरकार में बने हुए हैं।

    बगावत के बाद बोरिस जॉनसन पर बढ़ा इस्तीफे का दबाव  

    ऋषि सुनक और साजिद जाविद के बाद एक और कैबिनेट मंत्री साइमन हार्ट ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके अलावा एक और कैबिनेट मंत्री ब्रैंडन लुईस ने भी इस्तीफा दे दिया है। बगावत होने के बाद बोरिस जॉनसन पर इस्तीफे का दबाव बढ़ गया है। विपक्ष ने उनसे इस्तीफा देने की मांग की है। हालांकि, इसके बावजूद जॉनसन इस्तीफा देने के मूड में नहीं है। जॉनसन का कहना है कि उन्हें वोटर्स ने चुना था। 

    जॉनसन की बढ़ सकती हैं मुश्किलें 

    माना जा रहा है कि मंत्रियों के इस्तीफे का सिलसिला थमने वाला नहीं है। कई मंत्री और सांसद ऋषि सुनक की राह पकड़ सकते हैं। ऐसा होता है तो जॉनसन की मुश्किलें बढ़ सकतीं हैं। हो सकता है कि जिस तरह थेरेसा मे (पूर्व प्रधानमंत्री) को अपनी ही पार्टी में वोटिंग का सामना करना पड़ा था, वैसा ही जॉनसन को भी करना पड़ सकता है। हालांकि, थेरेसा मे वोटिंग में जीत गई थीं।

    Yougov के सर्वे में 69% लोगों ने क्या कहा

    40 से ज्यादा मंत्रियों के बाद जॉनसन पर इस्तीफे का दबाव बढ़ गया है। उनकी ही पार्टी के लोग उन्हें इस्तीफा देने के लिए बोल सकते हैं। हाल ही में हुए Yougov के सर्वे में 69% लोगों ने कहा था कि जॉनसन को अपना पद छोड़ देना चाहिए।

    चूंकि जॉनसन पर उनकी ही पार्टी का भरोसा नहीं रहा है और एक के बाद एक लोग इस्तीफा देते जा रहे हैं, तो अब वो खुद ही प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दें। हालांकि, जॉनसन कह चुके हैं कि उन्हें लोगों ने चुना है।

    विपक्ष कर रही पीएम से इस्तीफे की मांग 

    विपक्षी लेबर पार्टी प्रधानमंत्री जॉनसन से इस्तीफा तो मांग रही है, लेकिन खुलकर सामने नहीं आई है। लेबर पार्टी प्रधानमंत्री को सदन में विश्वास मत साबित करने के लिए मजबूर कर सकती है।