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  • असगानिस्तान में बड़ा बंम्ब धमाका,15 की मौत, 27 घायल

    असगानिस्तान में बड़ा बंम्ब धमाका,15 की मौत, 27 घायल

    अफगानिस्तान:अफगानिस्तान के समांगन प्रांत के ऐबक शहर में बुधवार की दोपहर जाहदिया मदरसे में बम विस्फोट हुआ है। इस धमाके में कम से कम पंद्रह लोगों की मौत हो गई जबकि 27 गंभीर रूप से घायल हो गए। धमाका दोपहर की नमाज के बाद हुआ। वहीं, बीएसएफ के महानिरीक्षक डी.के. बूरा ने कहा, सीमा सुरक्षा बल ने अच्छा काम किया है और पड़ोसी देशों के कई प्रयासों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय सीमा खतरों से मुक्त रखा है। वे एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

    उन्होंने कहा, सीमा पार से घुसपैठ की सात कोशिशें हुईं और सभी को नाकाम कर दिया गया। उन्होंने बताया कि चार एके-47 राइफल, गोला-बारूद और पचास किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई है। उन्होंने कहा, इसके लिए मैं अधिकारियों और जवानों को बधाई देता हूं।

  • ‘मैक्रोनी’ को लेकर महिला ने कंपनी पर ठोका 40 करोड़ का मुकदमा!

    ‘मैक्रोनी’ को लेकर महिला ने कंपनी पर ठोका 40 करोड़ का मुकदमा!

    अमेरिका: यह नया जमाना ‘रेडी टु कुक‘ फूड का जमाना है। लोग खाना बनाने पर मेहनत नहीं करना चाहते. बस ये चाहते हैं कि कुछ ऐसा उन्हें मिल जाए, जिसे बनाने में समय न लगे या 2-4 मिनट का ही समय लगे और वो उसे खाकर अपनी भूख शांत कर लें। मार्केट में ऐसे कई ‘रेडी टु कुक’ फूड आ गए हैं, जिनको लेकर कंपनियां दावा करती हैं कि उन्हें बनाने में बस कुछ ही मिनट लगेंगे।

    यह मामला अमेरिका से सामने आया है, जिसने सभी को हैरान करके रख दिया है. दरअसल, एक महिला ने ‘रेडी टु कुक’ फूड वाली एक कंपनी पर केस कर दिया और वो भी सिर्फ इसलिए कि जितना समय प्रोडकट को बनाने के लिए डिब्बे पर लिखा हुआ था, उतने समय में वो प्रोडक्ट बनकर तैयार नहीं हुआ।

    जिस महिला ने केस किया है, वह साउथ फ्लोरिडा की रहने वाली है। महिला ने आरोप लगाया है कि कंपनी गलत तरीके से व्यापार कर रही है. उसने बताया कि कंपनी ने (मैक्रोनी) के डिब्बे पर उसे बनाने के लिए जो समय लिखा है, उसे बनाने में उससे ज्यादा समय लगता है।

  • चीन में उठी राष्ट्रपति को हटाने की मांग 

    चीन में उठी राष्ट्रपति को हटाने की मांग 

    शंघाई: चीन के लोग रविवार सुबह से शंघाई में विरोध प्रदर्शन कर रहैं  है। चीन के कई शहरों के यहां आए लोग शी चिनफिंग को हटाओ, हमें आजादी चाहिए जैसे नारे लगा रहे हैं. मौके पर काफी संख्या में पुलिस भी मौजूद है और उसके सामने ही लोग नारे लगा रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी लोग इस विरोध प्रदर्शन को सपोर्ट कर रहे हैं।
     
    दरअसल, शिंजियांग क्षेत्र की राजधानी उरुमकी में गुरुवार को एक ऊंची इमारत में आग लगने से 10 लोगों की मौत हो गई। इससे पूरे चीन में गुस्सा फैल गया है. इसका कारण यह है कि लोगों का अनुमान है कि इमारत में आग लगने पर लोग इसलिए समय से नहीं बच सके क्योंकि कोरोना के चीनी नियमों के तहत इमारत आंशिक रूप से बंद थी। हालांकि, शहर के अधिकारियों ने इसे इनकार किया है।

    शंघाई चीन का सबसे अधिक आबादी वाला और वित्तीय केंद्र है।  पुलिस यहां काफी संख्या में मौजूद है और कभी-कभी भीड़ को हटाने की कोशिश भी कर रही है। चीन अभी भी कोरोना से जूझ रहा है, इसके कारण देश भर के शहरों में लॉकडाउन और अन्य प्रतिबंध लगे हुए हैं।

  • प्लेन के रनवे पर बैठे प्रदर्शनकारी, फ्लाइट का चक्का जाम

    प्लेन के रनवे पर बैठे प्रदर्शनकारी, फ्लाइट का चक्का जाम

    नई दिल्लीः किसी चीज के विरोध में या अपनी बात कहने के लिए लोग प्रदर्शन करते हैं तो प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हैं। इससे ज्यादा सड़क जाम कर लेते हैं और अगर बहुत हुआ तो रेलवे ट्रैक जाम कर लेते हैं। लेकिन एक ऐसा मामला सामने आया है जहां कुछ प्रदर्शनकारियों ने प्लेन के रनवे पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसके बाद वहां बवाल मच गया।

    दरअसल, यह मामला जर्मनी के बर्लिन का है। रिपोर्ट्स के मुताबिक जर्मनी के ब्रांडेनबर्ग एयरपोर्ट पर गुरुवार को यह सब हुआ है। इसके लिए पहले प्रदर्शनकारियों ने एयरपोर्ट की एक एक किनारे की फेंसिंग को तोड़कर एंट्री मारी और फिर रनवे वाले इलाके में घुस गए। वहां घुसते ही वे सब जाकर रनवे पर ही बैठ गए। इतना ही नहीं वे अपने साथ साइकिल भी चलाने लगे।

    जैसे ही एयरपोर्ट के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को ऐसा करते देखा उनके हाथ पांव फूल गए। आनन फानन में उन्हें बाहर करने लिए मशक्कत शुरू हुई। उधर इस प्रदर्शन के चलते रनवे पर उस दिन शाम तक लैंडिंग और टेकऑफ के सारे ऑपरेशन बंद रखने पड़े। जब किसी तरह उनको बाहर किया गया तो जाकर फिर से संचालन शुरू हुआ। हालांकि प्रदर्शनकारियों की संख्या सिर्फ तीन थी।

    रिपोर्ट्स में बताया गया कि क्लाइमेट चेंज की ओर ध्यान खींचने के लिए कुछ एक्टिविस्ट एयरपोर्ट के रनवे वाले इलाके में घुस गए थे और वहां साइकिल लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। एयरपोर्ट पर प्रदर्शन करने के लिए घुसे इन लोगों की मांग थी की ट्रैवल करने के लिए हवाई जहाजों का इस्तेमाल बंद हो। उनका कहना था कि दुनिया की लगभग 80 फीसदी आबादी ने कभी प्लेन में सफर नहीं किया है लेकिन यह सबसे ज्यादा ग्रीन हाउस गैस एमिशन के लिए जिम्मेदार है।

  • चीनी मिल में लगी भयंकर आग

    चीनी मिल में लगी भयंकर आग

    मेरठ – मोहिद्दीनपुर की एक चीनी मिल की टरबाइन में भयंकर आग लग गई। इस टरबाइन के पास तेल की पाइप लाइन जा रही थी, जो आग की चपेट में आ गई। चीफ इंजीनियर नरेंद्र कुमार आग बुझाने के लिए छत पर चढ़ गए, आग से खुद को घिरा देखकर चीफ इंजीनियर नरेंद्र कुमार छत से कूद गए जिससे वो घायल हो गए ।

    घायल होने पर उपचार के लिए मोदीनगर अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान नरेंद्र की मौत हो गई। इस आग पर काबू पाने के लिए पांच गाड़ियों को लगाया गया। करीब दो घंटे की भारी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका ।

    इस आग में मिल के कई मजदूरों के झुलसने की सूचना है। सूचना के आधार पर आग लगने के पीछे शॉर्ट सर्किट को कारण बताया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। अपर मुख्य सचिव चीनी को तत्काल घटना स्थल पर जाकर आग लगने के कारणों की जांच के निर्देश दिये हैं ।

  • संकट से जूझ रहा पाकिस्तान इस ‘जुगाड़’ से चुकाएगा कर्ज

    संकट से जूझ रहा पाकिस्तान इस ‘जुगाड़’ से चुकाएगा कर्ज

    नई दिल्ली: गिरती अर्थव्यवस्था के संकट से गुजरा रहा पाकिस्तान एक अरब डॉलर के अंतरराष्ट्रीय बॉन्ड का भुगतान तय तारीख से तीन दिन पहले करेगा। पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक प्रमुख ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पाकिस्तान स्टेट बैंक के गवर्नर जमील अहमद ने कहा कि एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक समेत बहुपक्षीय और द्विपक्षीय स्रोतों के माध्यम से से अगले सप्ताह मंगलवार तक 500 मिलियन अमरीकी डॉलर की व्यवस्था की गई थी।

    गवर्नर ने कहा कि नवंबर में 1.8 बिलियन अमरीकी डॉलर के भुगतान के बावजूद, विदेशी मुद्रा भंडार स्थिर था। हालांकि, अहमद ने उम्मीद जताई कि स्थिति में सुधार होगा और जून 2023 में वित्तीय वर्ष के अंत तक देश बेहतर स्थिति में होगा। भुगतान संतुलन से जुड़ी चिंताओं के कारण पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति नाजुक बनी हुई है।

  • Army यूनिफार्म पहनकर 2 स्कूलों में नाबालिग ने की अंधाधुंध फायरिंग, 3 की मौत

    ब्रासीलिया : ब्राजील में एस्पिरिटो सैंटो राज्य के 2 स्कूलों में गोलीबारी की घटना सामने आई है। अराक्रुज शहर में स्थित इन स्कूलों में एक किशोर ने बंदूक से गोलीबारी कर 3 लोगों की हत्या कर दी और 11 अन्य को घायल कर दिया। घायल छात्रों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    गोलीबारी की यह घटना सुबह करीब 9:30 बजे हुई। मीडिया ने पुलिस अधिकारी का हवाला देते हुए कहा कि एक युवक सरकारी स्कूल के स्टाफ रूम में घुस गया और 2 टीचर्स की हत्या कर दी। इसके बाद वह कार से उसी गली में निजी स्कूल की ओर चला गया जहां उसने एक छात्र की हत्या कर दी और कार से भाग गया।

    वहीं पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कि सैन्य पोशाक में एक अज्ञात किशोर ने दो स्कूलों पर गोलियां चलाईं। वो दोपहर के समय तक लापता था। राज्य में तीन दिन के शोक की घोषणा करने वाले गवर्नर रेनाटो कासाग्रांडे ने कहा कि अधिकारियों ने शूटर को गिरफ्तार कर लिया है।

  • दर्दनाक घटनाः 13 वर्षीय युवक ने 3 साल की बच्ची से किया घिनौना काम

    दर्दनाक घटनाः 13 वर्षीय युवक ने 3 साल की बच्ची से किया घिनौना काम

    हाफिजाबादः पाकिस्तान में गांव संधुवा तरार से शर्मनाक घटना सामने आई है। जहां 13 वर्षीय नौजवान ने गांव की ही एक 3 साल की बच्ची से दुष्कर्म करने की कोशिश की। पुलिस ने इस घटना के आरोप में युवक को गिरफ्तार कर लिया है। सूत्रों के अनुसार गांव वासी अबदुल्ल रहमान ने पुलिस को शिकायत दी कि उसकी तीन साल की भतीजी को आरोपी अपने घर ले गया और वहां उसके साथ दुष्कर्म करने की कोशिश की गई।

    जब कुछ समय बाद भतीजी घर वापस न आई तो मैंने बच्ची के पिता के साथ मिलकर बच्ची की तलाश करनी शुरू कर दी, जिस दौरान उसके एक घर के अंदर रोने की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद हमारे वहां पहुंचने पर आरोपी मौके से फरार होने में सफल हो गया। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर बच्ची को गांव भट्टी के अस्पताल में दाखिल करवाया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। 

  • दुनिया की सबसे बड़ी एपल फैक्ट्री में भड़के श्रमिक, देखें वीडियो

    दुनिया की सबसे बड़ी एपल फैक्ट्री में भड़के श्रमिक, देखें वीडियो

    हेनानः चीन में स्थित दुनिया की सबसे बड़ी एप्पल आईफोन (iPhone) फैक्टरी में श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन की ख़बर सामने आई है। चीन के हेनान प्रांत के झेंगझोऊ स्थित फॉक्‍सकॉन फैक्‍टरी के कर्मचारियों ने ये विरोध प्रदर्शन किया है। फैक्ट्री के इन कर्मचारियों में  सख्‍त कोविड प्रतिबंधों और वेतन नहीं मिलने को लेकर नाराजगी है। इन कर्मचारियों में कोरोना संक्रमण के तेजी से फैलने से घबराहट भी है। फॉक्सकॉन, एप्पल सहित कई अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों के लिए गैजेट्स को असेंबल करने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कॉन्ट्रैक्ट इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माता कंपनी है।

    फॉक्‍सकॉन की फैक्‍टरी में सितंबर में लॉन्‍च हुए Apple के iPhone 14 को असेंबल किया जाता है। फॉक्‍सकॉन फैक्‍टरी के कर्मचारियों के प्रदर्शन के कई वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिख रहा है कि दर्जनों कर्मचारी सड़क पर प्रदर्शन कर रहे हैं और नारे लगा रहे हैं। दंगारोधी पुलिस भी वहां तैनात दिख रही है। पुलिसकर्मियों के साथ भी कर्मचारियों की झड़प हो रही है।

    रॉयटर्स समाचार एजेंसी के मुताबिक चीन स्थित एप्पल आईफोन के दुनिया के सबसे बड़े कारखाने में कर्मचारियों को कोरोना वायरस के कारण लागू प्रतिबंधों के बीच कॉन्ट्रेक्ट संबंधी विवाद के चलते पीटा गया और हिरासत में रखा गया। सोशल मीडिया पर बुधवार को पोस्ट किए गए कुछ वीडियो में यह नजर आ रहा है और कारखाने के कर्मचारियों ने भी यह जानकारी दी। चीनी सोशल मीडिया पर मौजूद कारखाने के वीडियो में नकाब पहने हजारों प्रदर्शनकारी सफेद सुरक्षात्मक सूट पहने पुलिसकर्मियों का सामना करते हुए दिख रहे हैं। एक शख्स के सिर पर डंडा मारा गया और एक अन्य को उसके हाथ पीछे की ओर बांधकर ले जाते हुए दिख रहा है।

    मध्‍य चीन में स्थित फॉक्‍सकॉन की इस फैक्‍टरी को आईफोन सिटी भी कहा जाता है। यहां करीब 2 लाख से ज्‍यादा कर्मचारी काम करते हैं। इस फैक्‍टरी में दुनिया का सबसे ज्‍यादा आईफोन असेंबल किए जाते हैं। झेंगझोऊ इलाके में कोविड-19 के कई मामले सामने आने के बाद से ही सख्‍त लॉकडाउन लगा दिया गया है। फॉक्‍सकॉन फैक्‍टरी में भी कर्मचारी इन प्रतिबंधों के बीच ही काम करने को मजबूर हैं। इस फैक्टरी के कुछ वीडियो पहले भी सोशल मीडिया पर दिखाई दिया था। 31 अक्‍टूबर को वायरल हुए इन वीडियो में फॉक्‍सकॉन फैक्‍टरी की दीवार फांदकर कुछ श्रमिक भागते दिखे थे। उस वक्त कहा गया था कि फैक्‍टरी के कुछ कर्मचारियों के कोरोना संक्रमित मिलने के बाद डरे हुए कर्मचारी अपना सामान हाथों में लेकर भाग रहे हैं। उन्‍हें आशंका थी कि सरकार कर्मचारियों को फैक्‍टरी में ही बंद कर देगी। लॉकडाउन लागू होने के बाद यहां काम कर रहे लोग दहशत में थे। 

    चीन के कारखानों में काम कर रहे श्रमिकों में यहां की सरकार की ओर से आपनाई जा रही जीरो कोविड नीति को लेकर डर के साथ नाराजगी भी है। चीन की सरकार इस नीति के तहत जहां भी कोरोना के मामले सामने आते हैं, वहां सख्त लॉकडाउन लागू कर देती है। इसके साथ ही संक्रमित लोगों को क्‍वारंटाइन कर देती है। चीन की सरकार की इस सख्त नीति से फैक्टरी के लोगों को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एप्पल इंक ने पहले चेतावनी दी थी कि झेंगझोउ कारखाने पर लगाए गए प्रतिबंधों के कारण नए iPhone 14 मॉडल बाजार में देरी से उपलब्ध होंगे।

  • 2 साल के छोटे बच्चे को घर छोड़ माता पिता गए छुट्टियां मनाने,  दोनों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

    2 साल के छोटे बच्चे को घर छोड़ माता पिता गए छुट्टियां मनाने,  दोनों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

    अमेरिका: अमेरिका से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। एक माता पिता अपने 2 साल के छोटे बच्चे को एक फ्लैट में अकेले छोड़ कर छुट्टियां मनाने चले गए। अब इन दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। 24 साल के डोनाल्ड गेकोंगे और डार्लिन एल्ड्रिच अमेरिका के दक्षिण कैरोलिना में रहते हैं। अपार्टमेंट के मैनेजर ने बताया कि मां-बाप को लगातार फोन किया गया लेकिन उन्होंने इसका कोई जवाब नहीं दिया। बाद में इसकी सूचना पुलिस को दी गई और फिर बच्चे को बाहर निकाला गया।

    ब्रिटिश अखबार द मिरर के मुताबिक जब पुलिस पहुंची तो बच्चा गंदे डायपर में था,वो लिविंग रूम में बिस्तर पर सोया हुआ पाया गया। अधिकारियों के मुताबिक राहत की बात ये है कि वो सुरक्षित था। पुलिस ने बताया कि बच्चा अपनी पानी की बोतल के लिए पहुंचा लेकिन वह खाली थी। फ्लैट के एक चश्मदीद ने डब्ल्यूसीबीडी-टीवी को बताया, ‘जब पुलिस प्लैट में घुसी तो बच्चा जाग गया और ‘तुरंत अपनी खाली पानी की बोतल के लिए पहुंचा.’ बाद में इस बच्चे को जांच के लिए एक अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    मां-बाप ने बनाए बहाने

    अपार्टमेंट मैनेजर ने कई बार माता-पिता से संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन वे असफल रहे। लेकिन जब गीकोंगे ने आखिरकार खुद मैनेजर को फोन किया तो उसने उन्हें बताया कि वह सुबह-सुबह ही फ्लैट से निकल गया था और वो कुछ ही दूरी पर था। हालांकि, पिता ने बाद में कहा कि वो बिजनेस के सिलसिले में न्यूयॉर्क में थे और कहा कि मां एल्ड्रिच बच्चे की देखभाल कर रही थी। बाद में उसने फिर से अपनी कहानी बदल दी और माना की उसकी वाइफ भी न्यूयॉर्क में थी। दोनों कपल को गिरप्तार कर जेल में डाल दिया गया है।