अमृतसरः पंजाब बंद के आह्वान के दौरान अमृतसर के राम तीर्थ रोड स्थित गांव माहल में उस समय विवाद खड़ा हो गया जब पावन वाल्मीकि तीर्थ एक्शन कमेटी के पंजाब अध्यक्ष शशि गिल के नेतृत्व में प्रदर्शनकारी दुकानें बंद करवाने पहुंचे। इस दौरान एक किराने की दुकान से चीनी का बोरा उठाने के आरोप लगे हैं। घटना की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है। घटना के बाद दुकानदार और शशि गिल दोनों ने मीडिया के सामने अपना-अपना पक्ष रखा। दुकानदार बचित्र सिंह कोटला ने कहा कि वह पहले ही दुकान बंद कर चुके थे और बंद का समर्थन भी कर रहे थे।
उनका कहना है कि कुछ लोगों ने शटर उठाया और सीसीटीवी कैमरों के सामने चीनी का बोरा गाड़ी में रख लिया। उन्होंने कहा कि अगर चाय-पानी के लिए चीनी की जरूरत थी तो मांग लेते, लेकिन इस तरह सामान उठाना ठीक नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास मौजूद लाइसेंसी रिवॉल्वर केवल सुरक्षा के लिए है और किसी पर फायर नहीं किया गया। वहीं पावन वाल्मीकि तीर्थ एक्शन कमेटी के पंजाब अध्यक्ष शशि गिल ने कहा कि बरनाला घटना के विरोध में दिए गए पंजाब बंद के दौरान वे शांतिपूर्ण ढंग से दुकानें बंद कराने पहुंचे थे।
उन्होंने कहा कि ज्यादातर दुकानदारों ने सहयोग दिया, लेकिन संबंधित दुकान पर उनके समाज के प्रति आपत्तिजनक शब्द कहे गए। शशि गिल ने यह भी आरोप लगाया कि कशमकश के दौरान दुकानदार के परिवार द्वारा पिस्टल दिखाकर धमकी दी गई। उनका कहना है कि चीनी का बोरा चोरी के लिए नहीं, बल्कि स्थिति के दौरान उठाया गया था और बाद में मामला शांत होने पर वहां से चले गए। फिलहाल पूरी घटना की सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और दोनों पक्षों ने अपने-अपने पक्ष रखे हैं।









