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  • Punjab News: श्री अकाल तख्त साहिब के स्थापना दिवस पर कार्यक्रम आयोजित, देखें वीडियो

    Punjab News: श्री अकाल तख्त साहिब के स्थापना दिवस पर कार्यक्रम आयोजित, देखें वीडियो

    जत्थेदार गड़गज ने कहा- अकाल तख्त दुनिया का सबसे ऊंचा न्याय का स्थान हैं

    अमृतसरः श्री अकाल तख्त साहिब के स्थापना दिवस पर श्री दरबार साहिब में एक धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर सिख श्रद्धालुओं ने शिरकत की और श्री अकाल तख्त साहिब में माथा टेका और आशीर्वाद लिया। इस बीच श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि आज ही के दिन 1606 में छठे गुरु हरगोबिंद साहिब ने मीरी-पीरी के सिद्धांत को व्यक्त करते श्री अकाल तख्त साहिब की रचना की थी। उन्होंने कहा कि उस समय जब जुल्म और अन्याय का दौर था और दुनियावी गद्दी से न्याय की उम्मीद खत्म हो गई थी, तब श्री गुरु साहिब ने सिख समुदाय को सर्वोच्च न्याय का सिंहासन प्रदान किया।

    जत्थेदार ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब न केवल सिखों का धार्मिक केंद्र है, बल्कि पूरे खालसा पंथ को धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक नेतृत्व प्रदान करने वाला सर्वोच्च सिंहासन है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में रहने वाले सिख जो गुरु नानक का नाम लेते हैं, हर बड़े मुद्दे पर अकाल तख्त साहिब की ओर देखते हैं और यहां से हमेशा हक, सच्चाई और न्याय की आवाज़ उठी है। उन्होंने स्थापना दिवस के अवसर पर पूरे सिख समुदाय को बधाई दी और अपील की कि सिख समुदाय को विभाजित करने की कोशिश करने वाली ताकतों के खिलाफ सतर्क रहने की ज़रूरत है। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय को श्री अकाल तख्त साहिब के नेतृत्व में एकजुट होकर आगे आने वाली चुनौतियों का सामना करना चाहिए।

    ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने कहा कि आज भी ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं, जहां बेगुनाह लोगों के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने कहा कि फेक एनकाउंटर और बेगुनाह लोगों की हत्या जैसी घटनाएं इंसानियत के लिए चिंता की बात है। उन्होंने जोर देकर कहा कि शासकों और कानून लागू करने वाली एजेंसियों को न्याय और निष्पक्षता सुनिश्चित करनी चाहिए और किसी भी बेगुनाह व्यक्ति को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब हमेशा से पूरी इंसानियत को गले लगाने, आपसी भाईचारे और सबकी भलाई का संदेश देता रहा है। गुरुओं की शिक्षाओं के अनुसार, सिख धर्म का असली मकसद हर इंसान में भगवान को देखना और सच्चाई, न्याय और इंसानियत की सेवा के रास्ते पर चलना है।

     

     

  • अब ‘Sutlej’ नाम से रिलीज हुई Diljit की ‘Punjab-95’, SGPC सदस्य का आया बयान, देखें वीडियो

    अब ‘Sutlej’ नाम से रिलीज हुई Diljit की ‘Punjab-95’, SGPC सदस्य का आया बयान, देखें वीडियो

    अमृतसरः पंजाबी एक्टर और सिंगर दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘पंजाब 95’ लंबे समय तक विवादों में चल रही थी। लेकिन अब यह फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर ‘सतलुज’ नाम से रिलीज हो गई है। यह फिल्म ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट जसवंत सिंह खालड़ा की जिंदगी पर आधारित है। फिल्म को हनी त्रेहन ने डायरेक्ट किया है। फिल्म डायरेक्टर त्रेहन ने कहा ओटीटी पर रिलीज फिल्म में कोई कट नहीं है, सिर्फ फिल्म के टाइटल को बदला गया है। फिल्म वहीं है जो आपके लिए हमने बनाई है। वहीं शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नन ने फिल्म ‘पंजाब 95’ संबंधी मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यह फिल्म सिख मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन, उनके संघर्ष और उनके द्वारा उठाए गए अहम मुद्दों पर आधारित है।

    उन्होंने बताया कि यह फिल्म साल 2022 में सेंसर बोर्ड के पास भेजी गई थी और इसमें अभिनेता और गायक दिलजीत सिंह दोसांझ ने अहम भूमिका निभाई है। कुलवंत सिंह मन्नन ने कहा कि यह फिल्म उस दौर की सच्ची घटनाओं को सामने लाने की कोशिश करती है, जब पंजाब बहुत मुश्किल हालात से गुजर रहा था। उन्होंने कहा कि जसवंत सिंह खालड़ा ने कथित झूठे पुलिस एनकाउंटर और लापता किए गए लोगों के मामलों को दुनिया के सामने लाने के लिए लंबा संघर्ष किया। फिल्म में इसी संघर्ष और उस समय के हालात को दर्शाया गया है, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपने इतिहास की सच्चाई से अवगत हो सकें।

    उन्होंने कहा कि उस समय कई ऐसे मामले सामने आए थे, जिनमें लोगों को बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के लापता कर दिया जाता था या संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी मौत हो जाती थी। जसवंत सिंह खालड़ा ने इन मामलों की सच्चाई को उजागर करने के लिए हिम्मत से आवाज उठाई और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए अहम भूमिका निभाई। फिल्म में इन घटनाओं और उनके संघर्ष को प्रमुखता से पेश किया गया है।

    एसजीपीसी के मुख्य सचिव ने विशेष रूप से युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे यह फिल्म जरूर देखें, क्योंकि इसके माध्यम से उन्हें पंजाब के इतिहास और जसवंत सिंह खालड़ा के योगदान को समझने का मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि यदि सेंसर बोर्ड या किसी अन्य स्तर पर आवश्यक संशोधन किए गए हैं तो उनका स्वागत किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज और इतिहास से जुड़े विषयों पर बनी फिल्मों को खुले मन से देखना और समझना बहुत जरूरी है, ताकि नई पीढ़ी सच्चाई और इतिहास दोनों से अवगत हो सके।

  • Punjab News: श्री दरबार साहिब पर हमले की याद में अखंड पाठ साहिब का डाला भोग, देखें वीडियो

    Punjab News: श्री दरबार साहिब पर हमले की याद में अखंड पाठ साहिब का डाला भोग, देखें वीडियो

    अमृतसरः पंजाबी सूबा मोर्चा के दौरान 4 जुलाई, 1955 को श्री दरबार साहिब पर पुलिस हमले की याद में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब दीवान हॉल में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया। इस मौके पर श्री अखंड पाठ साहिब का भोग डाला गया, शबद कीर्तन गाया और बड़ी संख्या में SGPC सदस्य, धार्मिक हस्तियां और संगत मौजूद थी।

    इस मौके पर पत्रकारों से बात करते सचखंड श्री दरबार साहिब के ग्रंथी और विद्वान ज्ञानी राजदीप सिंह ने कहा कि 4 जुलाई 1955 सिख इतिहास का एक दुखद और अहम दिन है। उन्होंने कहा कि उस समय प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की लीडरशिप वाली केंद्र सरकार ने पंजाबी सूबा की मांग को दबाने के लिए सचखंड श्री हरमंदिर साहिब और मंजी साहिब दीवान हॉल पर हमला किया था। उन्होंने कहा कि देश के बंटवारे के बाद जब भाषा के आधार पर अलग-अलग राज्य बनाए जा रहे थे, तब सिखों ने भी पंजाबी भाषा के आधार पर पंजाबी सूबा की मांग की थी। लेकिन उस समय इस जायज मांग को मानने के बजाय सिखों को आतंकवादी, अलगाववादी और बागी कहकर बदनाम किया गया।

    ज्ञानी राजदीप सिंह ने कहा कि 1954 में जब पंजाबी सूबा मोर्चा शुरू हुआ, जब उसे लोगों का भारी सपोर्ट मिलने लगा, तो सरकार ने उसे कुचलने के लिए श्री हरमंदिर साहिब पर कार्रवाई की और उस समय के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी भूपिंदर सिंह और श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी अच्छर सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने कहा कि सरकार की सख्त कार्रवाई के बावजूद यह आंदोलन नहीं रुका और आखिरकार 1966 में पंजाबी सूबा बना। हालांकि, उन्होंने कहा कि उस समय पंजाब को पूरे अधिकार नहीं मिले थे और कई पंजाबी बोलने वाले इलाके दूसरे राज्यों में शामिल कर लिए गए थे। उन्होंने कहा कि SGPC हर साल यह ऐतिहासिक दिन मनाती है ताकि सिख समुदाय अपने इतिहास, बलिदान और संघर्ष को याद रख सके। उन्होंने संगत को गुरु साहिब से जुड़ने, अमृत लेने और बाणी-बाणा के वाहक बनने का भी न्योता दिया।

  • Punjab News : 4 ग्लॉक पिस्टल और 7 मैगजीन सहित 2 गिरफ्तार, देखें वीडियो

    Punjab News : 4 ग्लॉक पिस्टल और 7 मैगजीन सहित 2 गिरफ्तार, देखें वीडियो

    अमृतसर : देहात के थाना राजा सांसी की पुलिस ने अवैध हथियारो के साथ 2 युवको को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान हरमन सिंह पुत्र गुरदेव सिंह और सुखदेव सिंह पुत्र बलदेव सिंह वासी गांव झंजोटी के रूप मे हुई है।

    इस संबंध में जानकारी देते हुए जांच अधिकारी दिलबाग सिंह ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ युवक नाजायज असला लेकर इलाके में घूम रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने नाकाबंदी कर संदिग्ध उक्त युवकों को रोका। तलाशी के दौरान उनके कब्जे में से 4 ग्लॉक पिस्टल और 7 मैगजीन और 9 जिंदा कारतूस बरामद बरमाद हुए है।

    पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें माननीय अदालत में पेश किया। अदालत ने आरोपियों को पुलिस रिमांड पर भेज दिया है ताकि आरोपियों से पूछताछ की जा सके। पुलिस आरोपियों से जानने की कोशिश कर रही है कि नाजायज असला कहां से लाया गया था। असला किसे सप्लाई किया जाना था और इसके पीछे कौन सा गिरोह या नेटवर्क सक्रिय है। पुलिस आरोपियों को पुनः अदालत में पेश कर रिमांड बढ़ाने की मांग की जाएगी ताकि इस मामले से जुड़े अन्य लोगों तक भी पहुंचा जा सके।

  • Punjab News: ओवरलोड टिपर की चपेट में आए स्कूटर सवार, एक की मौत, देखें वीडियो

    Punjab News: ओवरलोड टिपर की चपेट में आए स्कूटर सवार, एक की मौत, देखें वीडियो

    अमृतसरः जिले के सुलतानविंद रोड पर बेहद दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। दरअसल, तेज रफ़्तार ओवरलोड टिपर ने स्कूटर सवारों को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जिससे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। मौके पर मौजूद लोगों और परिवार के सदस्यों के अनुसार, यह टिपर शहर के अंदर गैर-क़ानूनी तरीके से चल रहा था, क्योंकि दिन के समय यहां भारी वाहनों की एंट्री पर पाबंदी होती है।

    परिवार के सदस्यों का आरोप है कि ड्राइवर नशे की हालत में था और वाहन को नियंत्रित नहीं कर पा रहा था। पीड़ितों ने बताया कि मृतक अपने काम पर जा रहा था जब टिपर ने उसे टक्कर मार दी। परिवार ने प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की माँग करते हुए कहा कि केवल ड्राइवर के खिलाफ ही नहीं, बल्कि उस टिपर के मालिक के खिलाफ भी मामला दर्ज किया जाना चाहिए, जिसने लापरवाही से ड्राइवर को वाहन सौंपा।

    हादसे के बाद लोगों में भारी आक्रोश है और वे लगातार मांग कर रहे हैं कि शहर के अंदर चलने वाले ओवरलोड वाहनों पर कड़ी निगरानी की जाए ताकि आगे से किसी और घर का चिराग न बुझे। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और मृतक के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और घटना के हर पहलू की जांच की जाएगी।

  • Punjab News: जूतों में पेस्ट बनाकर सोना लाते महिला समेत 3 पैसेंजर गिरफ्तार

    Punjab News: जूतों में पेस्ट बनाकर सोना लाते महिला समेत 3 पैसेंजर गिरफ्तार

    अमृतसरः श्री गुरु राम दास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कस्टम अधिकारियों ने कुआलालंपुर होते हुए मेलबर्न से फ्लाइट नंबर MH118 से आ रहे एक पुरुष यात्री को रोका। एक्स-रे स्कैनिंग और व्यक्तिगत तलाशी सहित गहन जांच के बाद, 484 ग्राम 24-कैरेट सोना बरामद किया गया। इस मामले में कस्टम विभाग ने 1 करोड़ के सोने के साथ महिला समेत 3 यात्रियों को गिरफ्तार किया गया है। ये तीनों पेस्ट और कड़े-चेन में छुपाकर सोना ला रहे थे। कस्टम विभाग और राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) की टीमों ने ये कार्रवाई की। कस्टम अधिकारी के मुताबिक बरामद सोने को जब्त कर लिया गया है।

    सोने के साथ पकड़े यात्रियों पर सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। विभाग ने ये पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है कि इन मामलों के पीछे कोई अंतरराष्ट्रीय गोल्ड तस्करी गिरोह तो सक्रिय नहीं है।

    अफसरों के मुताबिक UAE के शारजाह-दुबई जैसे शहरों में सोना भारत के मुकाबले सस्ता होता है। भारत में आने पर ऊंची इंपोर्ट ड्यूटी लगने से तस्करों को बड़ा मुनाफा मिलता है। इसी कीमत के अंतर का फायदा उठाने के लिए वे यात्रियों के जरिए पंजाब समेत भारत में अवैध रूप से सोना पहुंचाते हैं।

    डीआरआई अमृतसर और कस्टम अधिकारियों की टीम ने शारजाह से फ्लाइट संख्या 6E1428 से पहुंचे एक यात्री को संदेह के आधार पर रोका। यात्री की जांच, एक्स-रे स्कैनिंग और व्यक्तिगत तलाशी में उसके कब्जे से पेस्ट के रूप में 174 ग्राम सोना बरामद किया। सोने को निकालने के बाद उसका वजन 150.04 ग्राम पाया गया, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 22 लाख 5 हजार 588 रुपये आंकी गई। यह सोना जूतों के अंदर छिपाकर लाया जा रहा था।

    कस्टम अधिकारियों ने शारजाह से फ्लाइट संख्या IX-138 से पहुंची एक महिला यात्री को जांच के लिए रोका। जांच और एक्स-रे स्कैनिंग के दौरान उसके पास से पेस्ट के रूप में 114 ग्राम सोना बरामद किया गया। जांच के बाद इसका वजन 90.21 ग्राम पाया गया, जिसकी कीमत 13 लाख 26 हजार 87 रुपये बताई गई।

    कस्टम अधिकारियों के मुताबिक मेलबर्न से कुआलालंपुर होते हुए फ्लाइट संख्या MH-118 से अमृतसर पहुंचे एक पुरुष यात्री को रोका। जांच में उसके पास से 24 कैरेट सोने के 2 कड़े और एक चेन बरामद हुई। बरामद सोने का कुल वजन 484 ग्राम और कीमत 70 लाख 66 हजार 400 रुपये बताई गई है। यह मामला कल देर रात का है।

    शारजाह और दुबई दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड ट्रेडिंग हब हैं, जहां सोना भारत के मुकाबले सस्ता मिलता है। भारत में आयात शुल्क, जीएसटी और अन्य टैक्स जुड़ने से कीमत बढ़ जाती है। इसी अंतर का फायदा उठाने के लिए तस्कर यात्रियों (कैरियर) के जरिए सोना पंजाब तक पहुंचाते हैं। पंजाब से यह सोना सर्राफा बाजार, अवैध नेटवर्क और हवाला चैनलों के माध्यम से खपाया जाता है, जिससे तस्करों को प्रति किलो लाखों रुपए का मुनाफा हो सकता है।

  • Punjab News: पटाखे बनाने वाले बरामदे में लगी आग, लोगों में दहशत

    Punjab News: पटाखे बनाने वाले बरामदे में लगी आग, लोगों में दहशत

    अमृतसरः अजंलाला फतेहगढ़ चूड़ियां रोड पर स्थित गांव मोहन भंडारियां में आज अफरा-तफरी मच गई, जब पटाखे बनाने वाले बरामदे में अचानक आग लग गई। आग लगने से बरामदे में रखे पटाखों में तेज धमाका हुआ, जिसकी आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी और इलाके में डर का माहौल बन गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार मोहन भंडारियां निवासी जसवंत सिंह नामक व्यक्ति लंबे समय से घर में पटाखे बनाने का काम कर रहा था और आज अचानक पटाखे बनाने वाली जगह में आग लग गई।

    आग लगने के समय उस जगह पर कोई भी व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हालांकि आग की वजह से बरामदे की चार गढ़रियों वाली छत भी ध्वस्त हो गई है। जसवंत सिंह ने बताया कि उसका ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। जब उससे पटाखे बनाने के लिए प्रशासन से अनुमति या लाइसेंस लेने के संबंध में पूछा गया तो उसने स्पष्ट जवाब नहीं दिया।

    आग लगने की सूचना मिलने पर अजंलाला से फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी घटनास्थल पर पहुंची, लेकिन उससे पहले ही गांववासियों ने आग पर काबू पा लिया था। वहीं डीएसपी अजंलाला गुरदीप सिंह संधू से बातचीत में उन्होंने कहा कि आग लगने की घटना की जांच की जा रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि उस व्यक्ति ने अपने घर के पास बरामदे में पटाखे बनाने के लिए कोई लाइसेंस लिया था या नहीं।

  • Punjab News: धार्मिक स्थल पर  माथा टेकने गए चालक का ट्रक चोरी, 3 संदिग्ध कैमरों में कैद, देखें वीडियो

    Punjab News: धार्मिक स्थल पर माथा टेकने गए चालक का ट्रक चोरी, 3 संदिग्ध कैमरों में कैद, देखें वीडियो

    अमृतसरः पुलिस ने ट्रक चोरी के एक मामले को केवल 72 घंटों के भीतर सुलझाते हुए चोरी किया हुआ ट्रक और उसमें रखा कीमती सामान बरामद कर लिया है। इस संबंध में थाना बी-डिवीजन के अधिकारी बलजिंदर सिंह औलख ने मीडिया से बातचीत में बताया कि पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, इंटेलिजेंस इनपुट और तकनीकी जांच की मदद से इस केस को ट्रेस किया है और अब आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। उन्होंने बताया कि ट्रक ड्राइवर अपना सामान लेकर अमृतसर आया था। बीती रात उसने बटाला रोड से लोडिंग के बाद ट्रक को जहाजगढ़ इलाके में एक ट्रांसपोर्ट कंपनी के बाहर खड़ा कर दिया। सुबह करीब 5 बजे वह श्री दरबार साहिब पर माथा टेकने गया। जब वह सुबह करीब 8 बजे वापस आया तो ट्रक वहां नहीं था। इसके बाद उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

    पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा नंबर 20 तहत धारा 303 बीएनएस के अंतर्गत थाना बी-डिवीजन में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। जांच के लिए विशेष टीमें बनाई गईं, जिन्होंने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, तकनीकी सर्विलांस और अन्य इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर ट्रक की लोकेशन ट्रेस की। अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने 72 घंटों के भीतर ही मोगा से चोरी किया हुआ ट्रक बरामद कर लिया। ट्रक में रख सारा सामान, जिसमें हल्दी और चाय पत्ती शामिल थी, भी सुरक्षित हालत में मिल गया है। ट्रक भी सही स्थिति में बरामद हुआ है, जिससे व्यापारी को बड़े आर्थिक नुकसान से बचा लिया गया।

    बलजिंदर सिंह औलख ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में तीन संदिग्ध व्यक्ति नजर आए हैं, जिनकी पहचान कर ली गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानों पर छापे मारे जा रहे हैं और उम्मीद है कि जल्द ही सभी दोषियों को काबू कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हालांकि ऐसे मामलों में आरोपी पुलिस को बचने के कई तरीके अपनाते हैं, लेकिन आधुनिक तकनीक, सीसीटीवी नेटवर्क और तकनीकी जांच की मदद से पुलिस ने इस केस को थोड़े समय में सुलझा लिया। पुलिस ने भरोसा जताया कि मामले में शामिल सभी आरोपी जल्द ही कानून के दायरे में लाए जाएंगे।

  • Punjab News : श्री सुखमनी साहिब के स्वरूप की बेअदबी मामले में हुई कार्रवाई, देखें वीडियो

    Punjab News : श्री सुखमनी साहिब के स्वरूप की बेअदबी मामले में हुई कार्रवाई, देखें वीडियो

    अमृतसर : कमिशनरेट के वेरका थाना क्षेत्र में श्री सुखमनी साहिब की बेअदबी का एक अत्यंत संवेदनशील मामला सामने आया है। जिसमे पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 के तहत केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को दी शिकायत में अमरजीत कौर ने बताया कि वह लोगों के घरों में सफाई का काम करके अपना गुजारा करती है। बेटा हरदीप सिंह उर्फ सोनू लंबे समय से नशे का आदी है और अक्सर नशे के लिए उससे पैसों की मांग करता रहता है।

    जानकारी देते हुए एसीपी रविंदर सिंह शिकायत के अनुसार 29 जून को शाम करीब 4 बजे वह अपने घर के बाहर बैठकर श्री सुखमनी साहिब का पाठ कर रही थी। इस दौरान हरदीप सिंह वहां पहुंचा और नशे के लिए पैसों की मांग करने लगा। जब उसकी मां ने पैसे देने से इनकार कर दिया तो वह गुस्से में आ गया। आरोपी ने मां के हाथ से श्री सुखमनी साहिब का गुटका साहिब छीन लिया और अंग फाड़कर बेअदबी को अंजाम दिया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।

    जिसके बाद अमरजीत कौर ने परिवार के सदस्यों को घटना की जानकारी दी और पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए वेरका पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस धार्मिक भावनाओं से जुड़े इस संवेदनशील मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। इस घटना के सामने आने के बाद इलाके के लोगों में भी भारी रोष है और आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

     

     

     

  • Punjab News: Signal और Zangi App से हो रही हथियारों की तस्करी, 7 पिस्टल सहित 2 गिरफ्तार, देखें वीडियो

    Punjab News: Signal और Zangi App से हो रही हथियारों की तस्करी, 7 पिस्टल सहित 2 गिरफ्तार, देखें वीडियो

    डी-एडिक्शन सेंटर चलाने वाला निकला हथियार तस्करी का आरोपी

    अमृतसरः पंजाब सरकार की ऑर्गनाइज्ड क्राइम के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कमिश्नरेट पुलिस ने सीमा पार से चल रहे अवैध हथियार तस्करी मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 7 अत्याधुनिक पिस्टल और 40 कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि सभी हथियार पाकिस्तान से ड्रोन के जरिये तरनतारन क्षेत्र में पहले से निर्धारित स्थानों पर गिराए जाते थे। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान तरनतारन के सराणा (सुरसिंह) गांव के रहने वाले सुरजीत सिंह और गुलबाग सिंह बाठ के रूप में हुई है। सुरजीत सिंह पहले से ही एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में फरार चल रहा था, जिसमें 5,000 नशीली गोलियां बरामद हुई थीं। पुलिस ने खुलासा किया कि दूसरा आरोपी गुलबाग सिंह सुल्तानविंड स्थित भाई मंझ सिंह रोड पर एक डी-एडिक्शन सेंटर चला रहा था। पुलिस को शक है कि इस सेंटर की आड़ में अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था। इस संबंध में सिविल सर्जन की टीम के साथ मिलकर रिकॉर्ड की जांच की जा रही है और फंडों के स्रोतों की भी वित्तीय जांच शुरू कर दी गई है। बरामद हथियारों में एक 9 एमएम ग्लॉक पिस्टल, एक तुर्की निर्मित .30 बोर पिस्टल, एक विशेष रूप से मॉडिफाइड .30 बोर पिस्टल, एक चीनी निर्मित .30 बोर पिस्टल और एक पाकिस्तानी निर्मित .30 बोर पिस्टल सहित कुल सात हथियार शामिल हैं। इसके अलावा 40 जिंदा .30 बोर कारतूस भी बरामद किए गए हैं। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि प्रारंभिक जांच से सामने आया है कि आरोपी पाकिस्तान आधारित तस्करों से सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड एप्लीकेशन्स के जरिये संपर्क में थे। संचार के लिए व्हाट्सएप, सिग्नल और Zangi जैसी ऐप्स का उपयोग किया जाता था। उन्होंने कहा कि जांच अभी जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इससे पहले कितनी बार हथियारों या नशीले पदार्थों की खेप मंगवाई गई थी और यह हथियार किन लोगों तक पहुंचाए जाने थे। साथ ही अन्य डी-एडिक्शन सेंटरों की भूमिका को भी जांच के दायरे में लाया जा रहा है।