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  • Lally Infosys की बिल्डिंग की फाईल गायब, इंस्पैक्टर दिनेश जोशी को नोटिस जारी

    Lally Infosys की बिल्डिंग की फाईल गायब, इंस्पैक्टर दिनेश जोशी को नोटिस जारी

    जालंधर, अनिल वर्मा, वरुण अग्रवाल। बीएमसी चौंक स्थित लाली इंफोसिस की इमारत का मामला काफी तूल पकड़ चुका है बिल्डिंग विभाग के एक अधिकारी ने इस इमारत से संबधित रिकार्ड की फाईल को गायब कर दिया है तांकि इस मामले में विभाग के अधिकारी द्वारा की गई मनमानियों का भेद न खुल सके। पुष्ट सूत्रों अनुसार अब इस मामले में बिल्डंग इंस्पैक्टर दिनेश जोशी को नोटिस जारी किया गया है। वहीं दूसरी तरफ शिकायतकर्ता ने निकाय विभाग के डायरैक्टर को लिखित शिकायत भेजी है जिसमें आरोप लगाया गया है कि यह इमारत पूरी तरह से अवैध है लेकिन इस सैक्टर में तैनात रहे पूर्व एटीपी रजिंदर शर्मा तथा बिल्डिंग इंस्पैकटर दिनेश जोशी ने बाईलाज को दरकिनार कर प्राप्टी मालिक को फायदा पहुंचाया है यही नहीं आरोप लगाया गया है कि इस इमारत का कोई भी नक्शा पास नहीं है और सारा निर्माण अवैध है जिसकी जांच के बाद कई तथ्य सामने आएंगे।

    कंपाउंडिंग रिपोर्ट बनेगी किसी के गले की फांस

    कमिशनर दविंदर सिंह के चार्ज संभालते ही इस मामले की एमटीपी मेहरबान सिंह से रिपोर्ट मांगी गई थी और तुरन्त काम बंद करवाने के लिए आदेश दिया गया था जिसके बाद बिल्डिंग इंस्पैक्टर पाल परनीत ने मौके पर जाकर काम बंद करवाया था मगर आज सारे स्टाफ की चंडीगढ़ स्टेट इंफोरमेशन कमीशन में पेशी थी जिसकी वजह से आज सारा दिन धड़ल्ले से साईट पर काम जारी रहा। जानकारी अनुसार कंपाउडिंग रिपोर्ट में लिखा गया था कि पहली मंजिल पर रिहायशी पार्टिशन की गई है तथा रिहायश ही इस्तेमाल की जाएगी मगर मौके पर पहली मंजिल पर कोई भी पार्टिशन नहीं है और खुले हाल बनाए गए हैं जिसका कारोबारी इस्तेमाल किया जाना है। इसके अलावा दूसरी मंजिल पर भी बड़ा हाल बनाया गया है जिसका कारोबारीकरण किया जा चुका है।

    अभी भी अंडर कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग में चल रहा है इंस्टीच्यूट, सूली पर छात्रों की जान

    इस इमारत के करीब 80 फीसदी हिस्से में कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा है ऐसे में किसी भी अंडर कंस्ट्रक्शन इमारत को बिना कम्पलीशन चालू नहीं किया जा सकता एनकांऊटर न्यूज में खबर प्रकाशित करने के बाद यह खुलासा किया गया था कि यहां मौके पर ट्यूशन सैंटर चलाया जा रहा है। इस बात की पुष्टि निगम के बिल्डंग इंस्पैक्टर पाल परनीत ने भी की है उन्होने कहा कि इस संबधि प्राप्टी मालिक को नोटिस जारी कर दिया गया है।

  • नाबालिक लड़की को भगाने के मुकदमे में वांछित आरोपी गिरफ्तार

    नाबालिक लड़की को भगाने के मुकदमे में वांछित आरोपी गिरफ्तार

    जालंधर (वरुण/हर्ष)।  थाना मेहतपुर की पुलिस ने नाबालिक लड़की को भगाने के मुकदमे वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान गांव हरिपुर निवासी भजन उर्फ मनी के रूप में हुई है। थाना प्रभारी महेंद्रपाल ने बताया एएसआई स्वर्ण सिंह ने गुप्त सूचना के आधार पर भजन उर्फ मनी को गिरफ्तार किया है। भजन के ऊपर 7-7-2021 में नाबालिक लड़कियों को भगाने के जुर्म में मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसमें वह फरार था। अदालत ने आरोपी को पीओ करार कर दिया था।

  • डाक्टर शिखा भगत ने संभाला ज्वाईंट कमिशनर का चार्ज, पांच साल बाद हुई होमटाऊन वापिसी

    डाक्टर शिखा भगत ने संभाला ज्वाईंट कमिशनर का चार्ज, पांच साल बाद हुई होमटाऊन वापिसी

    विज्ञापन माफिया तथा कब्जाधारियों पर कसा था शिकंजा

    जालंधर/अनिल वर्मा। जालन्धर नगर निगम में पांच साल पहले ज्वाईंट कमिशनर पद पर तैनात रही डाक्टर शिखा भगत की जालन्धर वापिसी हो गई है ।उन्होने आज नगर निगम में बतौर ज्वाईंट कमिशनर अपना चार्ज संभाल लिया है। चार्ज संभालते ही डाक्टर शिखा भगत का पूरे स्टाफ द्वारा स्वागत किया गया। कमिशनर दविंदर सिंह आज रैड क्रास भवन में हाउस की बैठक में शामिल थे। जिसकी वजह से डाक्टर शिखा भगत को अभी किसी विभाग का चार्ज नहीं सौंपा गया। 

    बीते कार्यकाल दौरान उनके पास विज्ञापन तथा तहबाजारी विभाग था तथा उनके बेहतरनीन तर्जुबे के कारण शहर में अवैध विज्ञापन लगाने वाले माफिया पर शिकंजा कसा गया था तथा उस दौरान नगर निगम का रैवन्यू भी काफी बढ़ा था। डाक्टर शिखा भगत ने कहा कि जालन्धर उनका होम टाउन है तथा यहां की ज्यादातर समस्याओं से अच्छी तरह से अवगत हैं उन्हे जो भी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी उसे पूरी जिम्मेदारी से निभाया जाएगा।

  • जालंधरः नकली सर्टिफिकेट बनाने वाले दंपति गिरफ्तार

    जालंधरः नकली सर्टिफिकेट बनाने वाले दंपति गिरफ्तार

    120 फर्जी सार्टिफिकेट, 7 लैपटॉप, 4 प्रिंटर और लाखो की नगदी बरामद

    जालंधर (हर्ष/वरुण)। थाना 7 की पुलिस ने फर्जी सर्टिफिकेट बनाकर लोगों को बेवकूफ बनाने वाले दो शातिर आरोपियो को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान गोल्डन एवेन्यू फेस 2 निवासी पुष्कर गोयल और रजनी गोयल के रूप में हुई है। 

    डीसीपी जसकिरनजीत सिंह तेजा ने बताया  गुप्त सूचना के आधार पर एसीपी सिमरजीत सिंह की देखरेख में थाना सात के प्रभारी राजेश कुमार ने पुष्कर गोयल और उसकी पत्नी रजनी गोयल को गोल्डन एवेन्यू फेस टू उनके घर से गिरफ्तार किया है। और उनके पास से अलग-अलग कॉलेजों के 120 फर्जी सर्टिफिकेट, 7 लैपटॉप 4 प्रिंटर और 5 लाख 4 हजार 810 भी बरामद किए हैं। 

    पुलिस को पूछताछ के दौरान  आरोपियों ने बताया कि पिछले 2 साल में 1500 लोगों को फर्जी सर्टिफिकेट बना कर दे चुके हैं और यह काम लुधियाना निवासी गगनदीप सिंह उर्फ पवित्र सिंह के साथ मिलकर करते हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों को अदालत में पेश कर तीन दिन का रिमांड हासिल किया है ताकि इस स्कैम में जुड़े लोग और अन्य खुलासे हो सके।

  • नगर निगम तथा सब रजिस्ट्रार दफ्तर में हुआ गठजोड़…

    नगर निगम तथा सब रजिस्ट्रार दफ्तर में हुआ गठजोड़…

    NOC के बदले अब क्लासिफकेशन की तर्ज पर हो रही प्लाटों की रजिस्ट्रियां

    सरकार का खजाना रहेगा खाली

    जालंधर/अनिल/वरुण। पंजाब सरकार की ओर से अवैध कालोनियों में प्लाटों की बिना एनओसी के रजिस्ट्री दर्ज करने पर सख्ती से रोक लगाने का नगर निगम के बिल्डिंग विभाग ने जुगाड़ निकाल लिया है जिससे हररोज सरकार को लाखों रुपयों का रगड़ा लगाया जा रहा है। यह नैक्सिस नगर निगम के बिल्डिंग विभाग तथा सब रजिस्ट्रार दफ्तर के बीच काम कर रहा है। जिस प्लाट की एनओसी नहीं होती उस प्लाट को क्लास्फिकेशन जारी करवा कर रजिस्ट्री दर्ज करवाई जा रही है जबकि अवैध कालोनी में प्लाट की एनओसी हासिल करने के लिए 487 रुपये प्रति गज यानि एक मरले के करीब 11 हजार रुपये तथा कमर्शियल प्लाट की एनओसी हासिल करने के लिए 900 रुपये प्रति गज यानि एक मरले का करीब 20 हजार 700 रुपये सरकारी फीस है। पंजाब सरकार द्वारा 13 जून 2022 को जारी आदेशों के अनुसार 9 अगस्त 1995 से पहले किसी भी प्राप्टी या प्लाट की रजिस्ट्री दिखाने के बाद एनओसी हासिल करने की जरुरत नहीं और इसके बाद शहरी तथा देहाती क्षेत्र की अबादी में काटी गई सभी अवैध कालोनियों में प्लाट की रजिस्ट्री  संबधित विभाग से एनओसी हासिल करने के बाद ही की जानी थी इस आदेश के बाद पूरे सूबे में सब रजिस्ट्रार दफ्तर लगभग सूने हो गए थे मगर सरकार के इन आदेशों की धज्जियां उड़ाने के लिए नया जुगाड़ तैयार कर लिया गया है।

    पंजाब सरकार की ओर से जारी आदेशों के अनुसार जिला जालन्धर के शहरी क्षेत्र के आधीन प्लाट की एनओसी जारी करने के लिए नगर निगम कमिशनर को कंपीटैंट अथारिटी बनाया गया था इसी तरह देहाती क्षेत्र में काटी गई अवैध कालोनियों के प्लाटों की एनओसी जारी करने के लिए एडिशनल चीफ एडमिनस्ट्रेशन को कंपीटैंट अथारिटी बनाया गया था मगर नगर निगम में इन आदेशों को दरकिनार कर बिल्डिंग विभाग के एटीपी, एमटीपी, एसटीपी, सुपरीडैंट अपने स्तर पर ही फुल्लियां पतासों की तरह क्लासिफिकेशन जारी कर रहे हैं। जानकारी अनुसार नगर निगम से किसी भी अवैध कालोनी के प्लाट की क्लासिफिकेशन हासिल करना टेड़ी खीर है अगर आप इसके लिए 10 हजार रुपये ढीले करें तो यह क्लासिफिकेशन महज 10 मिंट में जारी कर दी जाती है जिसके आधार पर सब रजिस्ट्रार दफ्तर में कई रजिस्ट्रियां तक दर्ज हो गई। जबकि प्रत्येक मरले की एनओसी जारी करने के एवज में सरकार के खजाने में करीब 11 हजार रुपये जमा होने थे। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस गौरखधंधे में हररोज पंजाब सरकार को 10 लाख का रगड़ा लगाया जा रहा है।

    मेरे ध्यान में मामला आया है मगर बिना एनओसी के किसी भी प्राप्टी की रजिस्ट्री दर्ज नहीं की जा रही जिसका रकबा 09 अगस्त 1995 के बाद नहीं बदला। इसके अलावा जो प्लाटों की क्लासिफकेशन जारी की जा रही है उसके लिए कमिशनर नगर निगम जालन्धर को पत्र भेजा गया गया है तथा ज्वाब मांगा गया है।

                                                                                                                                                   – कुलवंत सिंह
                                                                                                                                                      सब रजिस्ट्रार-1

  • ਡਿਪਲੋਮਾ ਕੋਰਸਾਂ ਵਿੱਚ ਦਾਖਲੇ ਲਈ ਰਜਿਸਟ੍ਰੇਸ਼ਨ ਸ਼ੂਰੁ

    ਡਿਪਲੋਮਾ ਕੋਰਸਾਂ ਵਿੱਚ ਦਾਖਲੇ ਲਈ ਰਜਿਸਟ੍ਰੇਸ਼ਨ ਸ਼ੂਰੁ

    ਜਲੰਧਰ (ਵਰੁਣ)। ਪੰਜਾਬ  ਸਟੇਟ ਬੋਰਡ ਆਫ ਟੈਕਨੀਕਲ ਐਜੂਕੇਸ਼ਨ ਐਡ ਇੰਡਸਟ੍ਰੀਅਲ ਟਰੇਨਿੰਗ ਵਿਭਾਗ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਵਲੋਂ ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਸਮੂਹ ਡਿਪਲੋਮਾ ਕੋਰਸਾਂ ਵਿੱਚ ਦਾਖਲੇ ਲਈ ਆਨਲਾਈਨ ਰਜਿਸਟ੍ਰੇਸ਼ਨ 21 ਜੁਲਾਈ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋ ਰਹੀ ਹੈ। ਦਸੱਵੀ ਪਾਸ, +1 ਪਾਸ ਜਾਂ 10+2 ਪਾਸ ਵਿਦਿਆਰਥੀ ਇਸ ਲਈ ਅਪਲਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹਨ। ਜੇ 10+2 ਮੈਡੀਕਲ ਜਾਂ ਨਾਨ ਮੈਡੀਕਲ ਹੈ ਤਾ ਉਹ ਲੀਟ ਐਂਟਰੀ ਰਾਹੀ ਦੂਜੇ ਸਾਲ ਵਾਸਤੇ ਸਿੱਧਾ ਹੀ ਅਪਲਾਈ ਕਰ ਸਕਦੇ ਹਨ।

    ਪ੍ਰਿੰਸੀਪਲ ਡਾ. ਜਗਰੂਪ ਸਿੰਘ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਰਜਿਸਟਰੇਸ਼ਨ ਵਾਸਤੇ ਮੇਹਰ ਚੰਦ ਪੋਲੀਟੈਕਨਿਕ ਕਾਲਜ ਜਲੰਧਰ ਵਿਖੇ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਸੈਂਟਰ ਸਥਾਪਿਤ ਕੀਤਾ ਹੈ, ਜਿਥੇ ਆ ਕੇ ਵਿਿਦਆਰਥੀ ਰਜਿਸਟਰੇਸ਼ਨ ਕਰਵਾ ਸਕਦੇ ਹਨ। ਰਜਿਸਟਰੇਸ਼ਨ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਇਹਨਾਂ ਵਿਦਿਆਰਥੀ ਨੂੰ ਯੋਗਤਾ ਸਬੰਧੀ ਡਾਕੂਮੈਂਟ ਅਪਲੋਡ ਕਰਨ ਵਾਸਤੇ ਕਿਹਾ ਜਾਵੇਗਾ ਜਿਸ ਉਪਰੰਤ ਮੈਰਿਟ ਬਣੇਗੀ ਤੇ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆੰ ਨੂੰ ਆਪਣੇ ਮਨਪਸੰਦ ਕਾਲਜ ਤੇ ਮਨਪਸੰਦ ਕੋਰਸ ਵਿੱਚ ਮੈਰਿਟ ਦੇ ਹਿਸਾਬ ਨਾਲ ਐਡਮਿਸ਼ਨ ਪ੍ਰਾਪਤੀ ਹੋਵੇਗੀ। ਪ੍ਰਿੰਸੀਪਲ ਸਾਹਿਬ ਨੇ ਇਹ ਵੀ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਕਰੋਨਾ ਕਾਲ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਕੰਪਨੀਆਂ ਵੱਲੋਂ ਵੱਧ ਤੋਂ ਵੱਧ ਡਿਪਲੋਮਾ ਪਾਸ ਵਿਦਿਆਰਥੀ ਨੂੰ ਨੋਕਰੀਆਂ ਦਿੱਤੀ ਜਾ ਰਹੀਆਂ ਹਨ, ਜਿਸ ਕਰਕੇ ਵੀ ਵਿਦਿਆਰਥੀਆਂ ਵਿੱਚ ਡਿਪਲੋਮੇ ਵਿੱਚ ਐਡਮਿਸ਼ਨ ਲੈਣ ਲਈ ਰੁਝਾਨ ਵੱਧਿਆ ਹੈ।

  • Cambridge Co-education School की रद्द हो सकती है मान्यता

    Cambridge Co-education School की रद्द हो सकती है मान्यता

    जालंधर, (वरुण) : महानगर के चर्चित स्कूल कैम्ब्रिज को-एजुकेेशन स्कूल की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही। हाल ही में विवादों में आए गढ़ा रोड में छोटी बारादरी स्थित कैम्ब्रिज को-एजुकेेशन स्कूल की एक बार फिर से मुश्किलें बढ़ गई है। दरअसल, कुछ दिन पहले ही छोटी बारादरी स्थित कैम्ब्रिज को-एजुकेेशन स्कूल की एक शिकायत सामने आई थी जिसमें एक स्पेशल बच्चे को पढ़ाई करवाने की फीस ऐंठने के मामले में शिक्षा विभाग ने प्रबंधन को गलत ठहराया था। विभाग की ओर से इस मामले को लेकर 6 जुलाई तक जवाब मांगा गया था। लेकिन स्कूल प्रशासन की ओर से जवाब न मिलने पर शिक्षा विभाग ने 3 दिन का अल्टीमेटम दे दिया है, साथ ही जवाब ना दिए जाने के पश्चात एनओसी रद्द की कार्यवाही करने की चेतावनी दी है।

    ये है मामला

    छोटी बारादरी स्थित कैम्ब्रिज को-एजुकेेशन स्कूल के प्रबंधन ने आटिस्म की बीमारी से पीड़ित युवक को बीते कई सालों से फीस के नाम पर ठगा। जब पीड़ित के परिजनों की ओर द्वारा फीस लौटाने की बात सामने आई तो प्रबंधन की ओर से वसूली गई फीस भी लौटाने से इंकार किया गया। कैम्ब्रिज स्कूल प्रबंधन का यह मामला जब शिक्षा विभाग के पास गया। शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रबंधन को दोषी ठहराकर तत्काल स्टूडैंट के भविष्य की रक्षा यकीनी बनाने का आदेश जारी किया। लेकिन प्रबंधन ने शिक्षा विभाग के आदेश को दरकिनारे कर दिया। जिसके बाद अब शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रबंधन को दोबारा चेतावनी पत्र जारी कर दिया है। अगर प्रबंधन इस बार भी शिक्षा विभाग को इस जारी पत्र का जवाब नहीं देंगा तो शिक्षा विभाग की ओर से स्कूल की एनओसी रद्द की जा सकती है। 

    पीड़ित उप्पल ने स्कूल प्रबंधन को जारी किया लीगल नोटिस 

    उधर, पीड़ित बच्चे के पिता पराग उप्पल ने बताया कि उनके बेटा रितेश उप्पल आटिस्म बीमारी से ग्रस्त है। उन्होंने बताया कि प्रबंधन की ओर से वसूली गई फीस भी लौटाने से इंकार कर दिया गया है। जिसके बाद उन्होंने अब स्कूल प्रबंधन को लीगल नोटिस जारी कर कानूनी रूख अख्तियार कर लिया है। उप्पल ने बताया कि अपने वकील के जरिए भेजे नोटिस में उन्होंने स्कूल को वसूली 9 लाख रुपए से ज्यादा की फीस तथा 40 लाख रुपए के मुआवजे की मांग की है। 

    इस मामले को लेकर स्कूल प्रबंधन ने साधी चुप्पी

    दूसरी ओर स्कूल प्रबंधन से इस मामले को लेकर जब मीडिया ने बात करनी चाही तो प्रबंधन ने इस मामले को लेकर चुप्पी साध ली हुई है। स्कूल प्रबंधन अब मीडिया से दूरी बना रहा है। खुरला किंगरा रोड जालंधर निवासी स्पेयर पार्ट्स व्यापारी उप्पल ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे रितेश उप्पल को स्कूल में शिक्षा के लिए दाखिल करवाया था। स्कूल प्रबंधन को दाखिले के समय ही सारी जानकारी दे दी गई थी कि वो आटिस्म बीमारी से पीड़ित है। उप्पल ने बताया कि स्कूल प्रबंधन ने उनको आश्वस्त किया था कि उनका बेटा 12वीं कक्षा तक पढ़ाई कर सकता है। इस आधार पर उन्होंने 9वीं कक्षा तक उसकी पूरी फीस स्कूल भी अदा कर दी, लेकिन अचानक 10वीं कक्षा में आने पर उनको स्कूल प्रबंधन ने बेटे रितेश को 10वीं कक्षा में प्रमोट करने से इंकार कर दिया। 

    शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रबंधन को जारी किया चेतावनी पत्र 

    उप्पल ने बताया कि कारण जानने पर पता चला कि स्कूल प्रबंधन ने उनके बेटे के नाम राज्य के शिक्षा विभाग के ई-पोर्टल (ई-पंजाब) पर रजिस्टर्ड ही नहीं किया था जोकि 7वीं कक्षा के दौरान ही हो जाना चाहिए था। प्रबंधन से इस मामले को लेकर संपर्क किया गय तो उन्होंने इस मामले को लेकर टाल-मटोल करना शुरू कर दिया। कुछ समय बाद स्कूल प्रबंधन ने बेटे को स्कूल में प्रवेश से भी इंकार कर दिया। जिससे बेटे को मानसिक तौर पर गहरा आघात पहुंचा। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी की ओर से जिला शिक्षा विभाग के सम्मुख शिकायत पेश की गई जिसकी जांच में गत माह स्कूल प्रबंधन को कोताही का दोषी ठहराया गया और बेटे का नाम ई-पोर्टल पर रजिस्टर्ड करने का आदेश दिया गया लेकिन उसके बाद भी जब स्कूल प्रबंधन ने आदेश का पालन नहीं किया। जिसके बाद अब शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रबंधन को चेतावनी पत्र भी जारी किया। 

  • जालंधरः खालिस्तानी नारे लिखने वाला आरोपी गिरफ्तार 

    जालंधर, (वरुण): महानगर से बड़ी ख़बर सामने आई है। कुछ दिन पहले सीएम मान के जालंधर दौरे के दौरान श्री देवी तालाब मंदिर के पास दीवारों पर ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लिखे गए थे। आज सीआइए स्टाफ की पुलिस ने ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ लिखने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि, 15 जून को श्री देवी तालाब मंदिर के पास गौशाला के सामने एक शरारती तत्व द्वारा ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ लिख दिया गया था। दीवार पर खालिस्तान लिखने वाला पटियाला के गांव गुरदित्तपुर का रहने वाला मनजीत सिंह है।

    मनजीत सिंह को करनाल से किया गिरफ्तार 

    सीआइए स्टाफ की पुलिस ने मनजीत सिंह को करनाल से गिरफ्तार कर लिया है। मनजीत सिंह को पुलिस ने एक हफ्ते पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि इससे पहले मनजीत सिंह करनाल के स्कूल व कॉलेज की दीवारों पर खालिस्तान जिंदाबाद लिख चुका है। पुलिस ने मनजीत से पूछताछ की तो उसने माना कि उसी ने जालंधर में ऐसा किया था। कमिश्नरेट पुलिस करनाल जेल में बंद मनजीत सिंह को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई है। रिमांड पर लेकर मनजीत सिंह से पूछताछ की जा रही है।

    इंटरनेट मीडिया के जरिए अमेरिका आया था फोन 

    पुलिस के हाथ लगी सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि एक युवक बाइक पर आया और यह नारा लिखकर फरार हो गया था। मनजीत ने बताया था कि इस काम में उसकी मदद रेशम सिंह ने की थी। रेशम सिंह बरनाला का रहने वाला है। उसे अमेरिका के नंबर से इंटरनेट मीडिया के जरिए एक काल आई थी।

    अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज

    काल करने वाले ने कहा था कि अगर वह उनके कहने पर उक्त नारे लिखेगा तो उसे डेढ़ लाख रुपए दिए जाएंगे। पुलिस को शक है कि काल करने वाले कोई ओर नहीं बल्कि सिख्स फार जस्टिस का गुरपतवंत सिंह पन्नू ही है। फिलहाल थाना- 3 की पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

  • जालंधर: सरकारी बस कांट्रैक्ट वर्कर यूनियन ने किया चक्का जाम

    जालंधर: सरकारी बस कांट्रैक्ट वर्कर यूनियन ने किया चक्का जाम

    जालंधर,(वरुण): पंजाब रोडवेज पनबस और पीआरटीसी कांट्रैक्ट वर्कर यूनियन आज 2 घंटे के लिए चक्का जाम करने का एलान कर दिया है। इस दौरान आज दोपहर 12 बजे से लेकर 2 बजे तक बस स्टैंड को बंद रखा जाएगा। एक दिन पूर्व यूनियन ने गेट रैलियां कर अपना रुख जाहिर कर दिया था लेकिन सरकार की तरफ से कोई प्रतिक्रिया न आने पर अब यूनियन द्वारा 2 घंटे के लिए बस स्टैंड को बंद किया जाएगा। इससे पहले 21 जून को भी यूनियन ने कच्चे मुलाजिमों की तनख्वाह न आने व अन्य मुद्दों को लेकर 2 घंटे के लिए चक्का जाम किया था।

  • जालंधरः फिर पैर पसारने लगा कोरोना संक्रमण, मिले नए मरीज

    जालंधरः फिर पैर पसारने लगा कोरोना संक्रमण, मिले नए मरीज

    जालंधर (वरुण)। विश्व भर में कोरोना मरीजों का मिलना अभी समाप्त नहीं हुआ है। जिला जालंधर में भी अब फिर से कोरोना ने अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। जिला जालंधर से आज 12 कोरोना मरीजों के मिलने का समाचार है। फिलहाल किसी भी मरीज के मरने की पुष्टि नहीं हुई है।