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  • Punjab News: बढ़ती महंगाई को लेकर Auto व E-rickshaw चालकों ने की हड़ताल, देखें वीडियो

    Punjab News: बढ़ती महंगाई को लेकर Auto व E-rickshaw चालकों ने की हड़ताल, देखें वीडियो

    अमृतसरः ऑटो यूनियन और बैटरी रिक्शा चालकों की ओर से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल की गई। इस दौरान यूनियन नेताओं कहा कि शहर के ज़्यादातर मुख्य रास्तों पर ऑटो और ई-रिक्शा सेवाएँ प्रभावित रहीं और चालकों ने विरोध जताने के लिए कई जगहों पर धरना दिया। यूनियन नेताओं ने कहा कि हड़ताल का मुख्य मकसद ऑटो और बैटरी रिक्शा चालकों की आजीविका से जुड़े मुद्दों को लोगों और सरकार तक पहुंचाना था। उन्होंने कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है और मौजूदा 10 रुपये का न्यूनतम किराया चालकों के लिए काफ़ी नहीं है। इसलिए, न्यूनतम किराया स्थायी रूप से बढ़ाकर 20 रुपये किया जाना चाहिए, ताकि गाड़ियों की मरम्मत,  किश्त और अन्य खर्च पूरे किए जा सकें।

    यूनियन ने हड़ताल के दौरान लोगों को हुई परेशानी के लिए माफ़ी भी माँगी और कहा कि यह संघर्ष सिर्फ़ अपनी आजीविका बचाने के लिए किया गया है। उन्हें उम्मीद है कि आम लोग भविष्य में भी उनका समर्थन करेंगे।

    नेताओं का दावा है कि हड़ताल को लगभग 90 प्रतिशत समर्थन मिला है। आने वाले दिनों में, जो चालक संगठन से नहीं जुड़ पाए हैं, उन्हें जोड़ने के लिए नुक्कड़ सभाओं और विभिन्न स्टैंडों पर अभियान चलाया जाएगा।

    इस दौरान यूनियन ने सरकार के सामने कई अहम मांगें भी रखीं। उन्होंने कहा कि शहर में ऑटो और बैटरी रिक्शा चालकों के लिए तय स्टैंड बनाए जाएँ और सरकार हर चालक को कम से कम 20 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा कवर दे। यूनियन ने चेतावनी दी कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं तो हड़ताल और तेज़ की जाएगी।

     

  • Punjab News: Poultry Farm में हंगामा, आरोपियों ने दुकान में की तोड़फोड़, देखें वीडियो

    Punjab News: Poultry Farm में हंगामा, आरोपियों ने दुकान में की तोड़फोड़, देखें वीडियो

    अमृतसरः सुल्तानविंड रोड के पास मंडेरवाला बाजार में स्थित विर्क पोल्ट्री फार्म में मांस के लेन-देन को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद के बाद हंगामा हो गया। इस मामले में पीड़ित दुकानदार ने आरोप लगाया है कि कुछ लोग उसकी दुकान पर आए, उसके साथ गाली-गलौज की और उसे व उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी।

    पीड़ित मंजीत सिंह ने बताया कि कुछ लोग उसे बेचने के लिए मरे जानवर का मांस लाए थे, लेकिन उसने ऐसा सामान खरीदने और बेचने से इनकार कर दिया। इससे नाराज होकर, उस व्यक्ति ने पहले तो बहस की और बाद में अपने अन्य साथियों के साथ दुकान पर आ धमका। पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने दुकान में तोड़-फोड़ की, उसकी पिटाई की और उसके परिवार के सदस्यों को भी गंभीर धमकियां दीं।

    मंजीत सिंह का कहना है कि उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और न्याय की मांग की है, साथ ही कहा है कि उनकी और उनके परिवार की सुरक्षा खतरे में है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि 112 पर मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। शिकायत के आधार पर दोनों पक्षों को थाने ले जाया जा रहा है और मामले को SHO के संज्ञान में लाकर कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

     

     

  • Punjab News: BJP नेता का बड़ा बयान, एकतरफा कहानी ‘Satluj’ फिल्म, देखें वीडियो

    Punjab News: BJP नेता का बड़ा बयान, एकतरफा कहानी ‘Satluj’ फिल्म, देखें वीडियो

    अमृतसरः पंजाबी फिल्म ‘सतलुज’ बैन के बाद लगातार विवादों में घिरी हुई है। फिल्म को लेकर विभिन्न पक्ष अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। इस क्रम में भाजपा के सचिव राजीव शर्मा डिंपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके फिल्म पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि फिल्म में पंजाब के इतिहास का एक ही पक्ष दिखाया गया है और हिन्दू समुदाय तथा पंजाब पुलिस की भूमिका और कुर्बानियों को भी उचित स्थान मिलना चाहिए था। उन्होंने कहा कि वे एक हिन्दू और पंजाब के मूल निवासी होने के नाते यह प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं।

    उनका आरोप था कि फिल्म में पंजाब के इतिहास को एकतरफा तरीके से प्रस्तुत किया गया है, जिसमें केवल सिख समुदाय से जुड़ी घटनाओं को दिखाया गया है, जबकि हिन्दू समुदाय और पंजाब पुलिस द्वारा दी गई कुर्बानियों को नजरअंदाज किया गया है। राजीव शर्मा ने कहा कि आतंकवाद के दौर में लालड़ू, चहेड़ू, बटाला और अन्य कई स्थानों पर हिन्दुओं की हत्याएँ हुईं, जिनका भी इतिहास में उल्लेख होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर किसी फिल्म के माध्यम से इतिहास दिखाया जा रहा है तो उसका हर पक्ष जनता के सामने आना अनिवार्य है।

    उन्होंने पंजाब पुलिस की भूमिका का ज़िक्र करते हुए कहा कि आज पंजाब में शांति कायम करने में पुलिस की बड़ी कुर्बानियाँ रही हैं। उन्होंने माना कि किसी भी विभाग में कुछ व्यक्तियों से गलतियाँ हो सकती हैं, पर इस आधार पर पूरे पुलिस विभाग को कठघरे में खड़ा नहीं किया जा सकता। भाजपा नेता ने पूर्व डीआईजी एएस अटवाल, पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह, पूर्व डीजीपी केपीएस गिल और जूलियो रिबेरो का ज़िक्र करते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में उनकी भूमिका और कुर्बानियों को भी इतिहास का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।

     

  • Punjab News: सड़क हादसे में पिता-पुत्र की मौत, अज्ञात कार चालक फरार

    Punjab News: सड़क हादसे में पिता-पुत्र की मौत, अज्ञात कार चालक फरार

    तरनतारनः एक तेज रफ्तार कार और मोटरसाइकिल की टक्कर में मोटरसाइकिल सवार पिता और पुत्र की मौत हो गई। इस मामले में गोइंदवाल साहिब पुलिस ने अज्ञात कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    भुलर गांव के रहने वाले लखविंदर सिंह ने बताया कि उनके भाई कुलदीप सिंह गोइंदवाल साहिब की गैस एजेंसी में ट्रक ड्राइवर का काम करते थे। सुबह करीब 7 बजे वह अपने बेटे गुरजोत सिंह (14) के साथ मोटरसाइकिल पर भुलर गांव से गोइंदवाल साहिब गैस एजेंसी काम पर जा रहे थे। जब वे दोनों फतेहाबाद गांव से करीब 200 मीटर आगे गोइंदवाल रोड पर तालाब के पास पहुंचे, तो गोइंदवाल की तरफ से तेज रफ्तार कार ने गलत साइड से आकर मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मोटरसाइकिल के टायर निकल गए और कुलदीप सिंह व उनके बेटे गुरजोत सिंह की मौत हो गई। लखविंदर सिंह ने बताया कि हादसा करने के बाद ड्राइवर कार समेत मौके से भाग गया।

    गोइंदवाल साहिब के डीएसपी हरिंदर सिंह ने बताया कि अज्ञात कार चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और उसकी तलाश शुरू कर दी गई है; उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

     

     

  • Punjab News: टैक्सी ड्राइवर से बदसलूकी मामले में सुरक्षा गार्ड पर लगे गाली-गलौज के आरोप, देखें वीडियो

    Punjab News: टैक्सी ड्राइवर से बदसलूकी मामले में सुरक्षा गार्ड पर लगे गाली-गलौज के आरोप, देखें वीडियो

    IIM के बाहर यूनियन का धरना, कॉलेज जाम करने की दी चेतावनी

    अमृतसरः जिले के आई.आई.एम. मानवांला में एक टैक्सी ड्राइवर के साथ कथित बदसलूकी का मामला सामने आया है। टैक्सी ड्राइवरों का आरोप है कि सुरक्षा गार्ड ने न केवल उनके साथ गाली-गलौज की, बल्कि आईडी वापस देने के मामले में भी बेवजह विवाद खड़ा किया। इस घटना के बाद टैक्सी यूनियन के सदस्य मौके पर एकत्र हुए और इंसाफ की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो कड़ा संघर्ष किया जाएगा। पीड़ित टैक्सी ड्राइवर प्रभबीर सिंह ने बताया कि वह उबर राइड पर आई.आई.एम. मानवांला सवारी लेने पहुंचे थे। सुरक्षा नियमों के तहत उन्होंने अपना ड्राइविंग लाइसेंस सिक्योरिटी गार्ड के पास जमा करवाया। सवारी को बिठाने के बाद जब वह अपना लाइसेंस लेने गए और सिर्फ यह सुझाव दिया कि भविष्य में बैरिकेड पर ही आईडी वापस कर दी जाए, तो इस दौरान विवाद पैदा हो गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद अन्य टैक्सी ड्राइवर भी मौके पर पहुंच गए। यूनियन सदस्यों का कहना है कि कई घंटों तक इंतजार करने और पुलिस के पहुंचने के बावजूद उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। ड्राइवरों ने मांग की कि कैंपस में आईडी जमा करवाने की प्रथा खत्म की जाए और भविष्य में किसी भी ड्राइवर के साथ इस तरह का व्यवहार न हो। वहीं टैक्सी यूनियन के पंच प्रधनी चेयरमैन परगट सिंह ने इस घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में सिख ड्राइवरों के साथ ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं और अब पंजाब में भी ऐसे मामले सामने आना चिंता का विषय है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषी सुरक्षा कर्मी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की गई तो यूनियन धरना प्रदर्शन करेंगी और जरूरत पड़ी तो कॉलेज का घेराव कर जाम भी लगाया जाएगा। फिलहाल टैक्सी ड्राइवर इंसाफ और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन और आई.आई.एम. मानवांला प्रबंधन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। और दूसरी ओर जब इस संबंध में पुलिस अधिकारियों से बातचीत करने की कोशिश की तो उन्होंने भी बातचीत करने से इनकार कर दिया।
  • Punjab News: सरपंची विवाद में चली ताबड़तोड़ गोलियां, एक की मौत, 9 गिरफ्तार, देखें वीडियो

    Punjab News: सरपंची विवाद में चली ताबड़तोड़ गोलियां, एक की मौत, 9 गिरफ्तार, देखें वीडियो

    अमृतसरः थाना घरिंडा के अंतर्गत आते गांव भकना कलां की अनाज मंडी में सरपंची को लेकर चल रहे पुराने झगड़े से खूनी संघर्ष में बदल गया। दोनों पक्षों द्वारा हुई अंधाधुंध फायरिंग के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हो गया। मामले की जानकारी देते हुए डीएसपी अटारी यदविंदर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि 9 जुलाई की शाम लगभग साढ़े 7 बजे थाना घरिंडा के एसएचओ इंस्पेक्टर अमनदीप सिंह को सूचना मिली थी कि गांव भकना कलां में सरपंच गुरदीप सिंह और पंचायती सदस्य परगत सिंह उर्फ़ बल्लू के समूह आमने-सामने हैं।

    पुलिस के मुताबिक दोनों पक्षों के बीच काफी समय से सरपंची को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते दोनों पक्षों ने अनाज मंडी में मिलने का समय तय किया था। दोनों तरफ से 10 से 15 गाड़ियों में युवक मौके पर पहुंचे और बातचीत के दौरान झगड़ा इतना बढ़ गया कि दोनों ओर से ताबड़तोड़ गोलियाँ चल गईं।

    इस गोलीबारी में परगत सिंह पक्ष के गुरशरण सिंह उर्फ़ चीनी, वासी कोटली सक्का, थाना राजासांसी की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि सुखमन नामक व्यक्ति घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तत्क्षण कार्रवाई करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। घायल सुखमन अस्पताल में उपचाराधीन है, जहां पुलिस ने सुरक्षा तैनात कर उसे भी इस मामले में गिरफ्तार दिखाया है। इस तरह अब तक कुल 9 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं। पुलिस का कहना है कि मामले में नामजद अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही उन्हें पकड़कर अदालत में पेश किया जाएगा।

     

  • Punjab News: 8 किलो हेरोइन और 2 लाख की ड्रग सहित 2 गिरफ्तार, देखें वीडियो

    Punjab News: 8 किलो हेरोइन और 2 लाख की ड्रग सहित 2 गिरफ्तार, देखें वीडियो

    अमृतसर: कमिश्नरेट पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नशा तस्करी सहित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 8 किलो 378 ग्राम हेरोइन और 2 लाख रुपये की ड्रग मनी बरामद कर 2 आरोपियों को काबू किया है, जिनमें एक जुवेनाइल भी शामिल है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि यह कार्रवाई इंटेलिजेंस आधारित ऑपरेशन के तहत की गई। पहले चरण में थाना छाटा की पुलिस ने लवप्रीत सिंह उर्फ लव और एक जुवेनाइल को गिरफ्तार कर 2 किलो हेरोइन बरामद की।

    पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने 3 किलो 10 ग्राम हेरोइन और 2 लाख रुपये की ड्रग मनी बरामद की। इस तरह पहले ऑपरेशन में कुल 5 किलो 10 ग्राम हेरोइन हाथ लगी। इसके बाद जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने एक और ऑपरेशन चलाया, जिसके दौरान 3 किलो 368 ग्राम हेरोइन और बरामद की गई। इससे कुल बरामदगी 8 किलो 378 ग्राम हेरोइन तक पहुंच गई। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि मुख्य आरोपी लवप्रीत सिंह खासा गांव का 28 वर्षीय बीए पास युवक है, जिसके खिलाफ पहले कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं था। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी और रातों-रात अमीर बनने की सोच के कारण कई युवा नशा तस्करों के जाल में फंस रहे हैं।

    जांच के दौरान सामने आया है कि पाकिस्तान आधारित स्मगलर ड्रोन के जरिए भारतीय सीमा के अंदर पहले से तय की गई जगहों पर हेरोइन गिराते थे, जहां से स्थानीय युवक इसे उठाकर आगे सप्लाई करते थे। पुलिस ने कहा कि इस गिरोह से जुड़े कई अन्य लोगों की पहचान हो चुकी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने माता-पिता और समाज से अपील की है कि वे अपने बच्चों की सही काउंसलिंग करें ताकि वे नशा तस्करों के झांसे में न आएं। उन्होंने कहा कि पड़ोसी मुल्क पंजाब के युवाओं को नशे के जरिए गुमराह करने की कोशिश कर रहा है, जिसका मुकाबला समाज और पुलिस को मिलकर करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।

  • Punjab News: पावन स्वरूपों को कंटेनरों से विदेश भेजने के मामले में श्री अकाल तख्त साहिब को सौंपा मांग पत्र, देखें वीडियो

    Punjab News: पावन स्वरूपों को कंटेनरों से विदेश भेजने के मामले में श्री अकाल तख्त साहिब को सौंपा मांग पत्र, देखें वीडियो

    अमृतसरः गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूपों को कंटेनरों के माध्यम से कनाडा के सूरी शहर भेजे जाने के मामले को लेकर ‘आवाज़-ए-कौम’ संगठन के नेताओं ने आज श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचकर जत्थेदार साहिब को मांग पत्र सौंपा। संगठन ने इस मामले को गंभीर बताते हुए इससे जुड़े जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त धार्मिक और कानूनी कार्रवाई की मांग की। संगठन के नेता हरजिंदर सिंह ने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूपों को कंटेनरों के माध्यम से विदेश भेजना सिख मर्यादा और सिद्धांतों के विपरीत है।

    उन्होंने दावा किया कि इस घटना के कारण सिख कौम में भारी रोष पाया जा रहा है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संगठन ने जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब से शिकायत करके मांग की है कि इस घटना से जुड़े हर व्यक्ति की जिम्मेदारी तय की जाए और श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा उचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सिख संगत श्री अकाल तख्त साहिब के फैसलों को सर्वोच्च मानती है, इसलिए इस मामले में सख्त रुख अपनाना समय की जरूरत है। हरजिंदर सिंह ने दावा किया कि सूरी में 200 से अधिक स्वरूप भेजे गए हैं, जबकि वहां इतनी संख्या में स्वरूपों की आवश्यकता नहीं थी।

    उन्होंने कहा कि सूरी के प्रमुख गुरुद्वारों में पहले ही बड़ी संख्या में गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूप मौजूद हैं और स्थानीय संगत द्वारा भी इस मामले पर आपत्ति जताई गई है। उन्होंने दावा किया कि लंबे समय तक कंटेनरों में समुद्री रास्ते सफर के दौरान पावन स्वरूपों के सम्मान और मर्यादा को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब जी की सुख-आसन और सेवा सिख मर्यादा के अनुसार होनी चाहिए, न कि उन्हें आम माल की तरह कंटेनरों में भेजा जाए। आवाज़-ए-कौम के नेताओं ने कहा कि वे इस मामले में श्री अकाल तख्त साहिब से सख्त हस्तक्षेप की उम्मीद करते हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि संगठन इस मामले को अंत तक उठाता रहेगा।

  • Punjab News: अब होगी मुफ्त डॉक्टरी जांच, घर-घर इलाज पहुंचाएगी Mobile Medical Van, राज्यपाल दिखाएंगे हरी झंडी, देखें वीडियो

    Punjab News: अब होगी मुफ्त डॉक्टरी जांच, घर-घर इलाज पहुंचाएगी Mobile Medical Van, राज्यपाल दिखाएंगे हरी झंडी, देखें वीडियो

    अमृतसरः जिले के गरीब और स्लम इलाकों में रहने वाले लोगों को घर के पास मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से भवंज हेल्थ केयर ऑन विलेज द्वारा ‘हेल्थ केयर ऑन व्हील्स’ (मोबाइल अस्पताल) सेवा की शुरुआत की जा रही है। इस मोबाइल मेडिकल वैन को पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया कल शाम 5:30 बजे भवन आश्रम से हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। भवंज हेल्थ केयर ऑन व्हील्स के प्रबंधकों ने बताया कि संस्था का सपना था कि शहर के उन स्लम इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएं जहां गरीब लोगों को छोटी-छोटी बीमारियों के इलाज के लिए भी दूर जाना पड़ता है।

    इस मकसद के लिए विशेष तौर पर मोबाइल मेडिकल वैन तैयार की गई है, जिसमें एक फिजिशियन डॉक्टर, एक डेंटल डॉक्टर, डेंटल मशीन और जरूरी दवाओं की व्यवस्था की गई है। प्रबंधकों के मुताबिक शुरुआती चरण में तीन स्लम इलाकों का चयन किया गया है। यह मोबाइल वैन हफ्ते में दो दिन हर इलाके में जाकर सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक लोगों की जांच करेगी और जरूरी दवाएं मुफ्त मुहैया कराएगी। इस सेवा के लिए किसी भी मरीज से कोई फीस नहीं ली जाएगी। उन्होंने बताया कि पहले लगाए जाने वाले मेडिकल कैंपों के दौरान लोगों द्वारा नियमित इलाज की जरूरत महसूस कराई जाती थी।

    इसी कारण यह विचार आया कि एक ऐसी मोबाइल सेवा शुरू की जाए जो निर्धारित दिनों पर नियमित रूप से इलाकों में पहुंचे, ताकि मरीजों की फॉलो-अप जांच और इलाज लगातार जारी रह सके। प्रबंधकों ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कोई अस्थायी योजना नहीं, बल्कि स्थायी सेवा है। उन्होंने कहा कि यदि यह प्रयास सफल रहता है तो भविष्य में और मोबाइल वैनें भी शुरू करके अधिक स्लम इलाकों को इस सेवा से जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया भवन आश्रम स्थित सीनियर सिटीजन होम और मानसिक रूप से विशेष जरूरतों वाले बच्चों के लिए चलाए जा रहे स्कूल का दौरा भी करेंगे। इसके बाद वह ‘हेल्थ केयर ऑन व्हील्स’ मोबाइल अस्पताल को हरी झंडी दिखाकर जनसेवा के लिए रवाना करेंगे।

  • Punjab News: गरमाया Satluj Film का मामला, SGPC का रोष मार्च, किया ये ऐलान, देखें वीडियो

    Punjab News: गरमाया Satluj Film का मामला, SGPC का रोष मार्च, किया ये ऐलान, देखें वीडियो

    अमृतसरः मानवाधिकारों के रक्षक भाई जसवंत सिंह खलड़ा के जीवन और शहादत पर आधारित फिल्म सतलुज (पहले पंजाब 95) पर लगाई गई पाबंदी के विरोध में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने ऐतराज जताया। एसजीपीसी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी की अगुवाई में श्री हरिमंदर साहिब के बाहर प्लाज़ा में बड़ा इकट्ठ हुआ, जिसके बाद एसजीपीसी के कर्मचारियों ने डिप्टी कमिशनर कार्यालय तक रोष मार्च निकाला। इस मौके पर पंजाब के राज्यपाल के नाम एक मांग पत्र भी सौंपा गया।

    रोष मार्च के दौरान पत्रकारों से बातचीत में एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि भाई जसवंत सिंह खलड़ा ने पंजाब में अनपहचान लाशों के संस्कारों की सच्चाई सामने लाकर मानवाधिकारों की रक्षा के लिए ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि ऐसे महान शहीद के जीवन पर बनी फिल्म को रोकना न सिर्फ दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि सच को दबाने की कोशिश भी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सेंसर बोर्ड द्वारा कई कट लगाए जाने और फिल्म का नाम बदलने के बावजूद इसे रिलीज़ न करने से सरकारों की मंशा पर सवाल उठते हैं।

    एडवोकेट धामी ने मांग की कि फिल्म से तुरंत पाबंदी हटाकर इसे रिलीज़ करने की अनुमति दी जाए, ताकि नई पीढ़ी उस दौर की वास्तविकता और इतिहास से परिचित हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि सेंसर बोर्ड में ऐसजीपीसी का एक प्रतिनिधि शामिल किया जाना चाहिए, ताकि धार्मिक और ऐतिहासिक विषयों से संबंधित फिल्मों के साथ न्याय हो सके।

    एसजीपीसी अध्यक्ष ने घोषणा की कि यदि फिल्म से पाबंदी नहीं हटाई जाती तो ऐसजीपीसी इसे गांव-गांव की संगत तक पहुंचाने के लिए प्रयास करेगी। उन्होंने संगत से भी 14 तारीख को सतलुज नदी के किनारे होने वाले अरदास समागम में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की।