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प्रत्यक्ष कर विवाद से विश्वास योजना के प्रावधानों पर जागरूकता सेमिनार

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प्रत्यक्ष कर विवाद से विश्वास योजना के प्रावधानों पर जागरूकता सेमिनार
ऊना/ सुशील पंडित: हिमाचल प्रदेश आयकर विभाग ऊना द्वारा निजी होटल के सभागार कक्ष में श्रीमती शालिनी कौशल, आई.आर.एस., प्रिंसीपल कमिश्नर ऑफ इन्कम टैक्स चण्डीगढ़ के दिशा-निर्देर्शों एवं राजा घोष, आई.आर.एस., आयकर अपर आयुक्त, शिमला रेंज, शिमला के मार्गदर्शन में प्रत्यक्ष कर विवाद से विश्वास योजना – 2024 के प्रावधानों पर जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार को विनोद कुमार आयकर अधिकारी ऊना ने सम्बोधित किया। इस सेमिनार में जिला ऊना के चार्टर्ड अकांउटेंट / एडवोकेट एवं कर सलाहकारों के अलावा करदाताओं ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया एवं प्रत्यक्ष कर विवाद से विश्वास योजना – 2024 के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी ली। आयकर अधिकारी  विनोद कुमार द्वारा सेमिनार में उपस्थित प्रतिभागियों को बताया कि यदि किसी करदाता की विनिर्दिष्ट तिथि 22 जुलाई 24 को आयकर से संबंधित कोई अपील लंबित है वह इस योजना का लाभ ले सकता है। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए नियत तिथि 31 दिसंबर 24 है और करदाता इस तिथि तक इस योजना में आवेदन दे सकता है। योजना के प्रावधानों पर चर्चा करते हुए आयकर अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड की यह योजना मुकदमेबाजी और देय कर की रिकवरी आदि से संबंधित शिकायतों को दूर करने के लिए करदाताओं को स्वैच्छिक कर अनुपालन का अवसर प्रदान करती है।
इसके अतिरिक्त आयकर अधिकारी ने यह भी बताया कि पिछले वित्त वर्ष में लगभग 500 करदाताओं ने एडवांस टेक्स न भर के सेल्फ असैस में टैक्स का भुगतान किया था। आयकर अधिकारी ने बताया कि एडवांस टैक्स न भरने के कारण रिटर्न दायर करने के समय सेल्फ असेसमेंट टेक्स की अदायगी करने के कारण करदाता को देय कर के अलावा धारा 234बी. एवं 23सी. के ब्याज की अदायगी अतिरिक्त रूप से करनी पड़ती है । अत: आयकर अधिकारी ने सभी टैक्स प्रोफैशनल्स से अनुरोध किया कि ऐसे सभी केसों में एडवांस टैक्स की अदायगी करवाएं।
आयकर अधिकारी विनोद कुमार ने सभी उपस्थित टैक्स प्रोफैशल्स एवं करदाताओं को इस बात से अवगत करवाया कि पिछले वर्ष केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने कुछ ऐसे रिफण्ड केस वैरिफिकेशन को भेजे थे जिसमें विभाग को लगता है कि ऐसे केसों में गलत डिडक्शन क्लेम की गई हैं और ऐसे सभी रिफण्ड केसों की गहनता से जांच जारी है। उन्होंने सभी से अनुरोध किया कि गलत डिडक्शन क्लेम करने एवं झूठे रिफण्ड के दावों को प्रोत्साहित न किया जाए क्योंकि विभाग ऐसे केसों की गहनता से जांच कर रहा है और ऐसे कई केसों में कई मैट्रो शहरों में विभाग ने आई.पी. एड्रैस ट्रेस करके प्राथमिकी भी दर्ज करवाई गई है।
इस सेमिनार में विभाग की ओर से विनोद कुमार, आयकर अधिकारी, ऊना के अतिरिक्त राज कुमार ठाकुर, आयकर निरीक्षक, नमन शर्मा, कार्यालय अधीक्षक ने भाग लिया और टैक्स प्रोफेशनल्स की ओर से शिव लट्ठ, नितिश जैन, तनुज शुक्ला, सी.ए एवं एस.डी. वशिष्ठ, सुनील चोलिया और बलराम सेखड़ी एडवोकेट तथा महेश दत्ता आयकर सलाहकार मौजूद रहे।

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