इसके अतिरिक्त आयकर अधिकारी ने यह भी बताया कि पिछले वित्त वर्ष में लगभग 500 करदाताओं ने एडवांस टेक्स न भर के सेल्फ असैस में टैक्स का भुगतान किया था। आयकर अधिकारी ने बताया कि एडवांस टैक्स न भरने के कारण रिटर्न दायर करने के समय सेल्फ असेसमेंट टेक्स की अदायगी करने के कारण करदाता को देय कर के अलावा धारा 234बी. एवं 23सी. के ब्याज की अदायगी अतिरिक्त रूप से करनी पड़ती है । अत: आयकर अधिकारी ने सभी टैक्स प्रोफैशनल्स से अनुरोध किया कि ऐसे सभी केसों में एडवांस टैक्स की अदायगी करवाएं।
आयकर अधिकारी विनोद कुमार ने सभी उपस्थित टैक्स प्रोफैशल्स एवं करदाताओं को इस बात से अवगत करवाया कि पिछले वर्ष केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने कुछ ऐसे रिफण्ड केस वैरिफिकेशन को भेजे थे जिसमें विभाग को लगता है कि ऐसे केसों में गलत डिडक्शन क्लेम की गई हैं और ऐसे सभी रिफण्ड केसों की गहनता से जांच जारी है। उन्होंने सभी से अनुरोध किया कि गलत डिडक्शन क्लेम करने एवं झूठे रिफण्ड के दावों को प्रोत्साहित न किया जाए क्योंकि विभाग ऐसे केसों की गहनता से जांच कर रहा है और ऐसे कई केसों में कई मैट्रो शहरों में विभाग ने आई.पी. एड्रैस ट्रेस करके प्राथमिकी भी दर्ज करवाई गई है।
इस सेमिनार में विभाग की ओर से विनोद कुमार, आयकर अधिकारी, ऊना के अतिरिक्त राज कुमार ठाकुर, आयकर निरीक्षक, नमन शर्मा, कार्यालय अधीक्षक ने भाग लिया और टैक्स प्रोफेशनल्स की ओर से शिव लट्ठ, नितिश जैन, तनुज शुक्ला, सी.ए एवं एस.डी. वशिष्ठ, सुनील चोलिया और बलराम सेखड़ी एडवोकेट तथा महेश दत्ता आयकर सलाहकार मौजूद रहे।