Home Breaking News Amit Shah Live: ‘हमारा संविधान दुनिया के संविधानों की नकल नहीं’, राज्यसभा में बोले अमित शाह

Amit Shah Live: ‘हमारा संविधान दुनिया के संविधानों की नकल नहीं’, राज्यसभा में बोले अमित शाह

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Amit Shah Live:  ‘हमारा संविधान दुनिया के संविधानों की नकल नहीं’, राज्यसभा में बोले अमित शाह

‘महाराष्ट्र में EVM खराब है, झारखंड में ठीक है…’, कांग्रेस पर अमित शाह का वार।

Amit Shah Live : संसद के शीतकालीन सत्र का आज 18वां दिन है। संसद का बीता दिन काफी चर्चा में रहा। संविधान पर बहस पर पक्ष-विपक्ष के आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिले। हालांकि, इस बीच लोकसभा और राज्यसभा में संविधान के 75 वर्ष पूरे होने पर चर्चा का आयोजन किया गया। इसके बाद मोदी सरकार ने लोकसभा में वन नेशन वन इलेक्शन को लेकर विधेयक भी पेश किया। इस बिल को जेपीसी के पास भेजा जाएगा। दूसरी ओर देश के गृह मंत्री अमित शाह भी राज्य सभा में संबोधन दे रहे हैं।

अमित शाह ने कहा कि ये संविधान पर चर्चा हमारे संविधान के कारण देश कितना आगे बढ़ा इसका एहसास कराएगी। इससे ये भी पता चलेगा कि संविधान की भावनाओं को दरकिनार कर के कोई अपने लिए संविधान को तोड़ मरोड़ कर आगे बढ़ने का प्रयास करता है तो कैसी दुर्घटनाएं होती हैं। अमित शाह ने कहा कि ये पता लग जाएगा कि किस-किस पार्टी ने सत्ता में आने पर संविधान का सम्मान किया है।

अमित शाह ने कहा कि जब भारत आजाद हुआ तब दुनिया भर के लोगों को लगता था कि ये देश बिखर जाएगा, आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं बन पाएगा। आज 75 साल बाद भारत को देखा जाए तो मैं सरदार पटेल को धन्यवाद देता हूं कि उनके अथक परिश्रम के कारण देश मजबूत होकर दुनिया के सामने खड़ा है। भारत के साथ अनेक देश आजाद हुए लेकिन वहां कई बार लोकतंत्र सफल नहीं हुआ लेकिन हमारा लोकतंत्र पाताल तक गहरा पहुंचा हुआ है। देश की जनता और संविधान की खूबसूरती ने उन्हें भी जवाब दिया है जो ये कहते थे कि भारत आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं बन पाएगा। आज भारत दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और हम ब्रिटेन से भी आगे हैं।

‘संविधान की मूल भावनाओं के कारण ही लोकतंत्र पाताल तक गया’
राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जो कहते हैं कि लोकतंत्र देश में सफल नहीं होगा, मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि हमारा लोकतंत्र आज पाताल तक गहरा पहुंचा। उन्होंने कहा कहा कि हमने अनेक तानाशाहों के अहंकार को चूर करने का काम लोकतांत्रिक तरीके से किया है। संविधान पर चर्चा युवा पीढ़ी के लिए अच्छा है। इस देश की जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से अनेक तानाशाहों का अभिमान चूर-चूर करने का काम किया है।

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