पंजाबः लोगों ने चुनावों का बायकाट करने का किया ऐलान, लगाए पोस्टर

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कुरालीः सरकारों और राजनीतिक पार्टियों की अनदेखी के चलते मोहाली के गांव चटोली और फतेहगढ़ चटोली के निवासियों ने सड़क नहीं, वोट नहीं का नारा बुलंद करते हुए लोकसभा चुनाव के बहिष्कार करने की घोषणा की है। दोनों गांवों में बोर्ड लगा के राजनीतिक पार्टियों के नेताओं और उम्मीदवारों को भी गांव में प्रवेश नहीं करने को कहा गया है। राष्ट्रीय मार्ग पर स्थित गांव बनमाजरा से लेकर कंडी क्षेत्र के गांव खिजराबाद तक दर्जनों गांवों को जोड़ने वाली बनमाजरा-खिजराबाद की जर्जर हालत के बारे में जानकारी देते हुए दोनों गांवों के निवासियों ने बताया कि उनके क्षेत्र को जोड़ने वाली यह सबसे महत्वपूर्ण सड़क की पिछले कई वर्षों से किसी ने सुध नहीं ली।

इस संबंध में जानकारी देते हुए पूर्व सरपंच हरदीप कौर फतेहगढ़ चटोली, पूर्व सरपंच सरबजीत कौर चटौली, हरी सिंह नलुआ क्लब के प्रधान जग्गी धनोआ, एडवोकेट गुरप्रीत सिंह खटड़ा, गुरप्रीत सिंह गोल्डी, नंबरदार बलजीत सिंह, सतनाम सिंह, गुरदीप सिंह व अन्य ने बताया कि सड़क के निर्माण को लेकर वे मौजूदा और पिछली सरकार से शिकायत करते-करते थक चुके हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के कुछ ही दिनों के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान हलके की अन्य सभी सड़कें बन गईं, जबकि उनकी सड़क नहीं बनी। लोगों ने कहा कि मौजूदा कैबिनेट मंत्री अनमोल गगन मान भी उनसे कई बार मिल चुके हैं, लेकिन उन्हें आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला।

दोनों गांवों के निवासियों ने मीटिंग कर चुनाव के बहिष्कार की घोषणा कर दी और दोनों गांवों में बोर्ड लगा दिए। ग्रामीणों ने राजनीतिक दलों और नेताओं से अपील की है कि जब तक उनकी सड़क नहीं बन जाती, तब तक कोई भी नेता या उम्मीदवार गांव में न आए। दोनों गांवों के लोगों ने लोकसभा चुनाव के बाद संघर्ष शुरू करने की भी घोषणा की। दोनों विधानसभा के विधायक एक ही पार्टी के, लेकिन समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है जग्गी धनोआ, गुरप्रीत सिंह खटड़ा ने कहा कि उनके दोनों जिले मोहाली, रूपनगर और दो विधानसभा क्षेत्र खरड़ और चमकौर साहिब भौगोलिक रूप से एक जैसे हैं, इसलिए गांवों के निवासियों को यह सजा भुगतनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि अब भले ही दोनों विधानसभा क्षेत्रों के विधायक एक ही पार्टी के हैं, फिर भी समस्या का समाधान नहीं हुआ है जिसके चलते उन्हें ये फैसला लेना पड़ा है।

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