नालागढ़ उपचुनाव में आजाद प्रत्याशी बिगाड़ सकते हैं समीकरण

दोनो दलो की बढ़ी चुनोती
नालागढ़/ सचिन बैंसल : नालागढ़ विधानसभा में उपचुनाव की तारीख आते ही सियासी हवाएं तेज हो गई है। जहां भाजपा की ओर से के एल ठाकुर अपनी ताल ठोक रहे हैं ।वही कांग्रेस से हरदीप बाबा का टिकट लगभग तय है। मुकाबला तो भाजपा और कांग्रेस के बीच ही होना तय है। लेकिन इस बार कुछ आज़ाद उमीदवार भाजपा और कांग्रेस के रास्ते मे रोड़े बन सकते है। बात करें पिछली बार हुए चुनाव की तो के एल ठाकुर जो कि आजाद प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़कर  विजय हुए थे और भाजपा की ओर से लखविंदर राणा ने चुनाव लड़ा था जो कि तीसरे नंबर पर रहे थे। के एल ठाकुर ने पिछले चुनाव में एक तरफा जीत हासिल की थी जबकि कांग्रेस प्रत्याशी हरदीप सिंह बाबा लगभग 20000 वोट लेकर दूसरे स्थान पर रहे थे।

क्या नालागढ़ विधानसभा की जनता फिर के एल ठाकुर पर अपना विश्वास जता पाएगी । इस बार आज़ाद प्रत्याशी भी मैदान में है। अगर बात भाजपा से पूर्व में  विधायक रहे स्वर्गीय हरि नारायण सिंह सैनी के भतीजे हरप्रीत सैनी भी आजाद प्रत्याशी के तौर पर मैदान में कूद पड़े और वही नरेंद्र सिंह राजपुरा  के रहने वाले भी आजाद प्रत्याशी के रूप में अपनी ताल ठोक रहे हैं। इस बीच नालागढ़ विधानसभा में उपचुनाव काफी रोमांचक होगा। जिसमें यह कहना मुश्किल है की जीत का सेहरा किसके सिर पर सजेगा। हरप्रीत सैनी का मैदान में उतरना के एल ठाकुर के लिए मुसीबत बन सकता है क्योंकि हरप्रीत सैनी स्वर्गीय हरि नारायण सैनी के भतीजे है ।जिन्होंने बीजेपी को नालागढ़ में कई बार जिताया है। इस पर भाजपा समर्पित लोग हरप्रीत सैनी के साथ भी जाएंगे।जिससे कि के एल ठाकुर की जीत की संभावनाएं थोड़ी कम हो जाती है । वही हरप्रीत सैनी का फायदा सीधे तौर पर हरदीप बाबा को  होगा क्योंकि भाजपा की वोट बंट जाएगी और कांग्रेस के प्रत्याशी हार्दिक बाबा इसका फायदा उठा सकते है।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *