Jalandhar: पिपली गांव में पूर्व सैनिक पर हुए हमले में 10 गिरफ्तार, देखें वीडियो

2 पिस्तौल, 8 जिंदा कारतूस, धारदार हथियार, 2 कार, ट्रैक्टर और 5 बाइक बरामद

जालंधरः एसएसपी हरकमल प्रीत सिंह खख के दिशा-निर्देशों पर देहात पुलिस ने पिपली गांव में हुए हमले के मामले में जालंधर ग्रामीण पुलिस ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों से कई हथियार और वाहन भी बरामद किए हैं। एसएसपी खख ने बताया कि एसएचओ लोहियां बख्शीश सिंह और इंस्पेक्टर सीआईए स्टाफ जालंधर ग्रामीण के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने 10 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुखजीवन सिंह उर्फ ​​गग्गू, अमनदीप सिंह उर्फ ​​अमना, पुपिंदर सिंह उर्फ ​​पिंडू, जगदीप सिंह उर्फ ​​जग्गी, गुरजीत सिंह, हरप्रीत सिंह उर्फ ​​हैप्पी, गुरप्रीत सिंह उर्फ ​​बाबा, शमशेर सिंह उर्फ ​​साबी, जतिंदर कुमार उर्फ ​​बॉबी और योगेश कुमार उर्फ ​​जैरी के रूप में हुई है। पुलिस ने 4 जिंदा कारतूस के साथ एक .32 बोर पिस्तौल और 4 जिंदा कारतूस के साथ एक देसी पिस्तौल (.315 बोर) बरामद की है। इसके अलावा, कृपाण (औपचारिक तलवारें), दातार (घुमावदार ब्लेड), लाठी और कहिस (खेती के औजार) भी बरामद किए गए। जब्त किए वाहनों में एक होंडा सिटी कार (PB-12-F-6896), एक ऑल्टो कार (PB-12-AG-9956), एक चोरी किया हुआ सोनालीका ट्रैक्टर और पांच मोटरसाइकिल शामिल हैं। इन मोटरसाइकिलों में एक स्प्लेंडर (PB-33-1-8579), एक लाल बॉक्सर (PB-08-AE-8753), एक काले और चांदी रंग की होंडा (PB-08-EL-4370), एक काले और नीले रंग की बजाज प्लेटिना (PB-08-EH-5620) और एक काले रंग की हीरो स्प्लेंडर (PB-08-FE-4066) शामिल हैं। एसएसपी खख ने कहा कि हमले की साजिश कथित तौर पर दो एनआरआई भाइयों, दारा सिंह और दरबारा सिंह ने रची थी, जो इंग्लैंड में रह रहे हैं। जल्द ही उनके लुकआउट नोटिस जारी किए जाएंगे। सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया है और आगे की पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। जालंधर ग्रामीण पुलिस किसी भी शेष संदिग्ध की पहचान करने और उसे पकड़ने के लिए अपनी जांच जारी रखे हुए है। इसी से जुड़े घटनाक्रम में ईएसआई अवतार सिंह को लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। पुलिस उपाधीक्षक (सब डिवीजन शाहकोट) की रिपोर्ट के अनुसार, एएसआई अवतार सिंह भूमि विवाद से संबंधित एक पूर्व शिकायत पर उचित कार्रवाई करने में विफल रहे, जिससे हिंसक घटना को रोका जा सकता था। उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है।

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