Punjab News: कहीं आप तो नहीं पी रहे मिलावटी दूध, 76 मामले दर्ज

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मोहालीः मिलावटी दूध का खेल देश भर में कई राज्यों में चल रहा है। हालांकि इस मिलावटी खेल की बात करें आकंड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश सबसे आगे है। जहां मिलावटी दूध के मामले पकड़े जा चुके है। यह निष्कर्ष फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथारिटी आफ इंडिया (एफएसएसएआइ) की ओर से तीन वर्ष में लिए गए सैंपलों की रिपोर्ट के आधार पर निकला है। वहीं तमिलनाडू ने 944, केरला ने 737, महाराष्ट्र 191, बिहार 174, हरियाणा 117, पंजाब 76, राजस्थान 83, हिमाचल ने 8 लोगों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करवाए। दूध के पैकेट, उससे बने उत्पाद, मिठाई इसके अलावा बिस्कुट, पनीर, दही आदि के सैंपल लिए जाते है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से राज्यसभा में पेश एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2023-24 की बात करें तो पंजाब में 6041 में से 929 सैंपल फेल पाए गए। वहीं, पड़ोसी राज्य हिमाचल में 1617 में 396, हरियाणा 3485 में से 856, राजस्थान में 18264 में से 3565 सैंपल फेल हुए। रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब की अगर बात की जाए तो दूध व दूध से बने उत्पादों के 20988 सैंपल तीन साल में लिए गए, जिसमें 3712 सैंपल फेल हो गए।

दूध में पानी मिलाने की शिकायतें आम है, लेकिन पिछले कुछ सालों से दूध की मात्रा बढ़ाने के लिए पानी की बजाय उसमें यूरिया, डिटर्जेंट, कास्टिक सोडा, माल्टोडेक्सट्रिन, पाउडर की मात्रा बढ़ी है। जोकि सेहत के लिए हानिकारक है। दूध में फैट और सॉलिड नॉन फैट होता है। मिलावटखोरों की ओर से दूध में इस तरह की चीजें मिलाने का उद्देश्य दूध की मात्रा के साथ सॉलिड नॉन फैट (एसएनएफ) और फैट बढ़ाना है। दूध जल्दी खराब न हो इस लिए उसमें हाइड्रोजन पेराक्साइड और फार्मालिन मिलाया जाता है। अमोनिया व यूरिया के कारण खराब हुए टेस्ट को ठीक करने के लिए उसमें आटा व स्टार्च मिलाया जाता है।

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