इस डिवाइस को फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) द्वारा मंजूरी मिल चुकी है और इसे ब्रेकथ्रू डिवाइस डेजिग्नेशन दिया गया है। इसका मतलब है कि यह उपकरण जीवन के लिए खतरा पैदा करने वाली स्थितियों को रोकने में मददगार होगा। मस्क ने पहले बताया था कि न्यूरालिंक इस साल आठ मरीजों के दिमाग में चिप इम्प्लांट करने की योजना बना रहा है, जिससे पैरालाइज मरीजों को भी लाभ मिल सकेगा। यह चिप, जो एक छोटे सिक्के के आकार की है, मस्तिष्क और कंप्यूटर के बीच एक सीधा संवाद स्थापित करेगी। यदि ह्यूमन ट्रायल सफल होते हैं, तो दृष्टिहीन लोग इस चिप के माध्यम से देख सकेंगे, और पैरालाइज लोग चलने-फिरने में सक्षम होंगे। प्रारंभिक चरण में, डिवाइस लो-रेजोल्यूशन विजन प्रदान करेगी, जो समय के साथ बेहतर होती जाएगी। इसके अलावा, उपयोगकर्ता इन्फ्रारेड और अल्ट्रावॉयलेट लहरों को भी देख सकेंगे, जिससे उनके अनुभव और भी समृद्ध हो जाएंगे। यह तकनीक न केवल दृष्टिहीनों के लिए एक नया जीवन प्रदान कर सकती है, बल्कि मानवता के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। एलन मस्क के इस अविश्वसनीय प्रयास से उम्मीद की जा रही है कि हम सभी के लिए एक बेहतर और अधिक समावेशी भविष्य का निर्माण हो सकेगा।View this post on Instagram
Technology News: Elon Musk की कंपनी ने दृष्टिहीनों के लिए बनाई नई डिवाइस, जन्म से नेत्रहीन लोग भी देख सकेंगे

नई दिल्ली: एलन मस्क की कंपनी Neuralink ने एक अनोखी तकनीक विकसित की है, जो दृष्टिहीन लोगों के लिए उम्मीद की नई किरण बन सकती है। इस नवाचारी उपकरण का नाम “ब्लाइंडसाइट” है, जो एक चिप के माध्यम से मस्तिष्क को सिग्नल भेजकर दृष्टि पुनः प्राप्त करने में मदद करेगा।
हमारी दुनिया में अनुभव करने के लिए दृष्टि सबसे महत्वपूर्ण इंद्रियों में से एक है। यदि यह क्षमता छिन जाए, तो यह व्यक्ति को कई तरह से प्रभावित कर सकती है। लेकिन अगर दृष्टिहीन लोग भी दुनिया को देख सकें, तो यह कितना अद्भुत होगा!
न्यूरालिंक का दावा है कि “ब्लाइंडसाइट” डिवाइस उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी, जिन्होंने अपनी दोनों आंखें खो दी हैं या जिनकी ऑप्टिक नर्व में नुकसान हुआ है। यह तकनीक न केवल दृष्टिहीनों को देखने में सहायता करेगी, बल्कि जन्म से नेत्रहीन लोगों के लिए भी एक नई संभावना प्रस्तुत करेगी।
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