Jalandhar News: Mandakini Farms को कोर्ट ने दिया झटका, देने होंगे 2 लाख रुपए

पंजाब, (जालंधर) ENS: नेशनल हाइवे-1 परागपुर स्थित Mandakini Farms को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, कंज्यूमर कोर्ट ने कोरोना काल 2020 के दौरान भाविष कालिया द्वारा मैरिज ईवेंट की बुकिंग के मामले में हुई सुनवाई के बाद Mandakini Farms को मालिक को बड़ा झटका दिया है। माननीय फोरम (कोर्ट) के फुल बैंच ने Mandakini Farms के संचालकों पुनीत जैन तथा अशोक कुमार जैन को सेवा में कोताही तथा अनुचित व्यापार व्यवहार का दोषी करार देते हुए भाविष कालिया की ओर से मैरिज ईवेंट की बुकिंग के तौर पर अदा की 2 लाख रुपए की रकम लौटाने का आदेश दिया है।

माननीय बैंच ने Mandakini Farms पैलेस संचालको को ग्राहक को परेशानी व मानसिक तंगी देने के चलते 15 हजार रुपए मुआवजा भी अदा करने के आदेश जारी किए है। यही नहीं बैंच ने कानूनी खर्च 8 हजार रुपए भी अदा करने का आदेश दोषी पैलेस मालिकों को दिया है। बता दें कि कपूरथला रोड जालंधर स्थित 223 राजा गार्डन निवासी भाविष कालिया ने बेटी की शादी 20.11.2020 को तय की थी। इस दौरान 01.03.2020 को 800 मेहमानों के कार्यक्रम के लिए Mandakini Farms की बुकिंग करवाते हुए 2 लाख रुपए चैक के जरिए प्रबंधन को अदा किए गए थे। बुकिंग के करीब 20 दिन बाद कोरोना महामारी ने देश भर में दस्तक दे दी। जिसके बाद देश सहित पंजाब व जालंधर में लॉकडाउन लग गया और प्रशासन द्वारा मैरिज पैलेसों सहित अन्य स्थलों पर पाबंदी लागू हो गई।

इस दौरान शादी में आने वाले लोगों की संख्या भी प्रशासन द्वारा नाममात्र कर दी गई थी। भाविष के वकील सुशांत कुमार ने माननीय बैंच को अवगत कराया कि कोरोना के कारण शादी की बुकिंग कैंसिल करने पर रिसोर्ट मालिक कन्नी काट गए। जिसके चलते उन्होंने इस मामले को लेकर जालंधर के डीसी को भी शिकायत की थी। बताया जा रहा हैकि डीसी को शिकायत करने पर दोनों रिसोर्ट मालिकों ने लिखित एग्रीमैंट में स्वीकार किया था। इस दौरान कहा गया था कि कि वे भाविष द्वारा दी गई रकम लौटा देंगे, लेकिन दोनों ने पैसे नहीं लौटाए।

इस मामले की अब सुनवाई के दौरान माननीय बैंच के तलब करने पर दोनों रिसोर्ट मालिकों पुनीत जैन व अशोक जैन ने पहले पेशी में माना, मगर बाद में पेशी से कन्नी काट ली। जिसके बाद कोर्ट ने फैसला एकतरफा कर दिया गया। अत: बैंच ने बुकिंग रकम 2 लाख रुपए रिफंड करने के साथ हैवी पैनेल्टी व लीगल फीस 45 दिनों के अंदर करने का आदेश जारी कर दिया।

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