नई दिल्ली: हम पूरे दिन अपने हाथों से मोबाइल चलाते हैं, दरवाजों के हैंडल पकड़ते हैं, पैसे लेते-देते हैं और कई सार्वजनिक जगहों की चीजों को छूते हैं। ऐसे में हाथों पर बैक्टीरिया, वायरस और दूसरे कीटाणु आसानी से जमा हो सकते हैं। अगर इन्हीं हाथों से बिना धोए आंख, नाक या मुंह को छू लिया जाए या खाना खा लिया जाए, तो संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए हाथों की नियमित और सही तरीके से सफाई करना अच्छी सेहत के लिए बेहद जरूरी माना जाता है।
सिर्फ पानी से हाथ धो लेना पर्याप्त नहीं होता। विशेषज्ञों के अनुसार, हाथों को सही तरीके से धोने की आदत कई संक्रामक बीमारियों से बचाने में मदद कर सकती है। यह आदत न केवल आपकी, बल्कि परिवार और आसपास के लोगों की सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है।
हाथ धोने का सही तरीका क्या है?
सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के अनुसार, सबसे पहले हाथों को साफ बहते पानी से गीला करें। इसके बाद साबुन लगाकर दोनों हथेलियों, हाथों के पीछे, उंगलियों के बीच, अंगूठों और नाखूनों के नीचे अच्छी तरह रगड़ें। कम से कम 20 सेकंड तक हाथों को साफ करें। इसके बाद साफ बहते पानी से हाथ धो लें और साफ तौलिये या एयर ड्रायर से अच्छी तरह सुखाएं।
अगर उस समय साबुन और पानी उपलब्ध न हो, तो कम से कम 60 प्रतिशत अल्कोहल वाला हैंड सैनिटाइजर इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, यदि हाथों पर मिट्टी, चिकनाई या गंदगी साफ दिखाई दे रही हो, तो साबुन और पानी से हाथ धोना ही सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है।
किन मौकों पर हाथ जरूर धोने चाहिए?
CDC के अनुसार, खाना बनाने से पहले, खाना बनाने के बाद और खाना खाने से पहले हाथ जरूर धोने चाहिए। इसके अलावा टॉयलेट इस्तेमाल करने के बाद, बच्चे का डायपर बदलने के बाद और किसी बीमार व्यक्ति की देखभाल करने से पहले और बाद में भी हाथ साफ करना जरूरी है।
खांसने, छींकने या नाक साफ करने के बाद, कूड़ा छूने के बाद, जानवरों या उनके भोजन को छूने के बाद तथा किसी घाव की सफाई या पट्टी करने से पहले और बाद में भी हाथ धोना चाहिए। इन छोटी-छोटी आदतों को अपनाकर संक्रमण फैलने के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
हाथ धोना एक साधारण आदत जरूर है, लेकिन इसका असर हमारी सेहत पर बहुत बड़ा होता है। नियमित रूप से सही तरीके से हाथ साफ करने से सर्दी-जुकाम, फ्लू, डायरिया, फूड पॉइजनिंग और कई अन्य संक्रामक बीमारियों से बचाव में मदद मिल सकती है।
