पटियालाः कांग्रेस में पूर्व सीएम व सासंद चरणजीत सिंह चन्नी और पंजाब प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग गुट को लेकर लगातार सियासत गरमाई हुई है। सासंद चरणजीत चन्नी और प्रदेश प्रधान अमरिंदर राजा वडिंग के बीच की गुटबाजी अब वर्करों में भी पहुंच गई है। दरअसल, आज जिले में सासंद व पंजाब प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग पहुंचे। इस दौरान चन्नी समर्थकों की ओर से राजा वडिंग का विरोध करना शुरू कर दिया। मंच पर जब राजा वडिंग ने बोलना शुरू किया तो उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी और हूटिंग की गई।
घटना स्थल पर चन्नी समर्थकों ने ‘चन्नी लियाओ-पंजाब बचाओ’, ‘चन्नी लियाओ-कांग्रेस बचाओ’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। इस दौरान राजा वडिंग भड़क गए और उन्होंने पूछा कि क्यों नारे लगा रहे हो। उन्होंने कहा कि जिसने पार्टी का प्रोग्राम खराब किया, उसके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई होगी। बताया जा रहा है कि पूर्व सीएम चरणजीत चन्नी ने प्रभारी भूपेश बघेल के दौरे का बायकॉट कर रखा है। पंजाब में बूथ मजबूत करने की ये मुहिम प्रधान राजा वड़िंग की अगुआई में चलाई जा रही है।
जिस वजह से चन्नी और उनके साथ चल रहे सांसद सुखजिंदर रंधावा भी इस मुहिम से दूर हैं। कल शुक्रवार को भी फतेहगढ़ साहिब में हुए कार्यक्रम में चन्नी नहीं पहुंचे थे। यहां सिर्फ राजा वड़िंग व उनके गुट के नेता ही मौजूद थे। यहां प्रधान राजा वड़िंग ने दावा किया था कि AAP के 6 सांसदों के बाद अब 40 से 45 विधायक भी पार्टी छोड़ सकते हैं, उन्हें लग रहा है कि 2027 के चुनाव में उनकी टिकट काटी जा सकती है। इस बारे में सीक्रेट मीटिंग भी हो चुकी है।
राजा वड़िंग को दोबारा पंजाब कांग्रेस की कमान सौंपे जाने के बाद से पंजाब कांग्रेस की अंतरकलह सार्वजनिक मंचों पर सामने आई। पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक नेताओं का मानना है कि पंजाब में लगभग 32 फीसदी दलित आबादी को ध्यान में रखते हुए पार्टी को आगामी चुनावों से पहले मुख्यमंत्री के चेहरे या मजबूत नेतृत्व को लेकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। हाल ही में बंद कमरे में भूपेश बघेल के साथ हुई बैठकों के बाद चन्नी के बयानों ने इस गुटबाजी को और सार्वजनिक कर दिया। दूसरी ओर, आक्रामक शैली और युवाओं में पकड़ रखने वाले राजा वड़िंग का तर्क है कि पार्टी आलाकमान का निर्णय सर्वोपरि है। उन्होंने हालिया बयानों में यह स्पष्ट किया कि यदि आलाकमान कल उन्हें पद से हटा भी दे या टिकट न दे, तब भी वे सच्चे सिपाही की तरह कांग्रेस के साथ रहेंगे।
