डेली संवाद, लुधियाना। Punjab News: पंजाब में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई ने एक बार फिर राजनीतिक और कारोबारी हलकों में हलचल पैदा कर दी है। राज्य के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा (Sanjeev Arora) से जुड़े मामलों में जांच को आगे बढ़ाते हुए ईडी ने उनके करीबी माने जाने वाले नीरज सतीजा के घर पर भी छापेमारी की। यह कार्रवाई जालंधर (Jalandhar) के मॉडल टाउन स्थित सतीजा के आवास पर की गई, जहां शनिवार को ईडी की टीम पहुंची और कई घंटों तक जांच चलती रही।
शाम होते-होते अधिकारी वहां से निकल गए। नीरज सतीजा एक फार्मास्युटिकल कंपनी के सीईओ बताए जाते हैं और उनका संबंध रियल एस्टेट कारोबार से भी जुड़ा हुआ है। सूत्रों के अनुसार, सतीजा की मंत्री संजीव अरोड़ा और उनके कारोबारी सहयोगी हेमंत सूद के साथ करीबी दोस्ती है। इसी संबंध के चलते ईडी ने उनके ठिकानों को भी जांच के दायरे में लिया है।

अवैध धन को वैध निवेश में बदला जा रहा
इससे पहले ईडी ने मंत्री संजीव अरोड़ा (Sanjeev Arora) के घर और उनके व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर करीब 29 घंटे तक लंबी छापेमारी की थी। शुक्रवार सुबह करीब 6:30 बजे शुरू हुई यह कार्रवाई शनिवार सुबह लगभग 11:50 बजे समाप्त हुई। जब अधिकारी वहां से बाहर निकले तो मीडिया ने उनसे सवाल पूछने की कोशिश की, लेकिन वे बिना कुछ कहे ही गाड़ियों में सवार होकर निकल गए। इस दौरान उनके हाथों में कुछ बैग भी दिखाई दिए, जिनमें संभवतः जांच से जुड़े दस्तावेज या सामग्री हो सकती है।
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समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, ईडी को संजीव अरोड़ा के खिलाफ गंभीर आरोपों की जानकारी मिली है। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए पंजाब में अवैध सट्टेबाजी (बैटिंग) नेटवर्क को संरक्षण दिया और उससे मुनाफे में हिस्सा लिया। इसके अलावा यह भी संदेह जताया गया है कि उनकी कंपनियों और कथित एंट्री ऑपरेटरों के जरिए अवैध धन को वैध निवेश में बदला जा रहा था।
घर में काम करने वाले कर्मचारियों के बयान दर्ज
जांच एजेंसी यह भी देख रही है कि अरोड़ा की कंपनियों ने कथित तौर पर फर्जी निर्यात बिल तैयार किए, संयुक्त अरब अमीरात से फंड की राउंड-ट्रिपिंग की और गैर-मौजूद जीएसटी कंपनियों के जरिए फर्जी खरीदारी दिखाई। इन सभी पहलुओं को मनी लॉन्ड्रिंग के संभावित मामलों से जोड़कर जांच की जा रही है।
ईडी की टीम ने छापेमारी के दौरान मंत्री के घर में काम करने वाले कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए। एक कर्मचारी के अनुसार, करीब 15 अधिकारियों की टीम ने पूरे घर की गहन तलाशी ली और सभी कमरों की जांच की। कर्मचारियों से भी कई सवाल पूछे गए और उनके बयान रिकॉर्ड किए गए।

13 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
यह कार्रवाई केवल एक स्थान तक सीमित नहीं रही। ईडी ने लुधियाना, जालंधर, गुरुग्राम और चंडीगढ़ समेत कुल 13 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। लुधियाना के गुरदेव नगर स्थित मंत्री के आवास पर भी सुरक्षा बलों की तैनाती की गई और आवागमन पर प्रतिबंध लगा दिया गया। जालंधर और लुधियाना में रियल एस्टेट कारोबारी हेमंत सूद और चंद्रशेखर अग्रवाल के ठिकानों पर भी ईडी ने जांच की। बताया जाता है कि सूद ‘हैम्पटन होम्स’ के डायरेक्टर हैं और अरोड़ा के करीबी सहयोगी हैं।
अग्रवाल भी उनके रियल एस्टेट कारोबार में साझेदार माने जाते हैं। इस पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने सोशल मीडिया पर टिप्पणी करते हुए कहा कि “सब पकड़े जाएंगे।” वहीं, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि गैर-बीजेपी सरकारों को एजेंसियों के जरिए दबाने की कोशिश की जा रही है और लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है।
छापेमारी के दौरान अरोड़ा विदेश दौरे पर निकल गए
दूसरी ओर, संजीव अरोड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह एक जिम्मेदार नागरिक हैं और जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि सच्चाई सामने आएगी।
बताया जा रहा है कि छापेमारी के दौरान ही संजीव अरोड़ा विदेश दौरे पर निकल गए थे। वे ‘इन्वेस्ट पंजाब’ पहल के तहत नीदरलैंड गए हैं, जहां वे एम्स्टर्डम में निवेशकों से मुलाकात कर राज्य में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। ईडी की इस कार्रवाई ने राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है और आने वाले दिनों में जांच के नए खुलासों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
