Jalandhar News: मेन चौक पर रिकवरी कर्मियों ने नाबालिगों से छीनी एक्टिवा, देखें Live

शिकायत करने पर समझौता करवाने में जुटी पुलिस

जालंधर, ENS: महानगर में रिकवरी कर्मियों द्वारा भगवान वाल्मीकि चौक पर नाबालिग भाई-बहन से एक्टिवा छीनने का मामला सामने आया है। मिली जानकारी के अनुसार दोनों भाई-बहन किसी काम के सिलसिले से जा रहे थे। इस दौरान रिकवरी कर्मियों द्वारा रास्ते में ही दोनों से एक्टिवा छीन ली गई। रिकवरी कर्मियों का कहना है कि उनकी किश्त अधूरी रहती है, जिसके चलते एक्टिवा छीनी गई। वहीं घटना की शिकायत देने के लिए परिवार थाने पहुंचा। जहां पुलिस कर्मियों द्वारा पीड़ित परिवार को समझौता करने के लिए कहा गया। मामले की जानकारी देते हुए व्यक्ति ने बतायाकि उनके घर से बहन के साथ भाई सामान लेने के लिए आए थे। इस दौरान लक्की नाहर रिकवरी के कर्मियों ने एप्प के जरिए नंबर मोबाइल में डालकर रास्ते में रोककर गाड़ी रिकवर कर ली। जिसकी शिकायत देते के लिए थाना 4 में एएसआई मंजीत सिंह से बात की गई, लेकिन एएसआई द्वारा शिकायत नहीं दर्ज की गई। व्यक्ति ने कहा कि एएसआई ने कहाकि वह दोनों पक्ष आपस में समझौता कर लें। आरोप है कि एएसआई मंजीत सिंह उन्हें कह रहे हैकि लोन खड़ा होने के चलते कर्मियों द्वारा एक्टिवा को रोका जा सकता है। पीड़ित का कहना है कि अगर रिकवरी कर्मियों ने पेंडिंग किश्त लेनी है तो वह इस मामले में घर पर आकर बात कर सकते है। वहीं उन्होंने कहा कि थर्ड पार्टी से किश्त लेने का कर्मियों को कोई अधिकार नहीं है। वहीं कोई रास्ते में गाड़ी रोककर छीन लेना गलत है। व्यक्ति ने कहा कि राजू नामक व्यक्ति का परिवार घर से एक्टिवा मांगकर लेकर गया था। लेकिन रास्ते में उनको रोकना ठीक नहीं है। व्यक्ति ने कहा कि अगर लक्की ने एक्टिवा की किश्त लेनी है तो वह उस पार्टी के लोगों से किश्त लें, लेकिन थर्ड पार्टी से एक्टिवा कर्मियों द्वारा कैसे छीनी जा सकती है। थर्ड पार्टी से अगर पैसे लेने है तो वह रिकवरी का ऑर्डर सेक्शन लेकर आए और उन्हें दिखाए। रिकवरी कर्मियों द्वारा एक्टिवा छीनने के चलते परिवार में डर का माहौल है। व्यक्ति ने कहाकि कर्मियों द्वारा एक तो एक्टिवा छीनी गई और लक्की नाहर द्वारा 5 हजार रुपए फीस मांगी जा रही है। वहीं दूसरी ओर लक्की नाहर मीडिया के सामने आए। उन्होंने कहा कि किसी के साथ कोई धक्का नहीं किया गया। लक्की नाहर ने बताया कि गाड़ी बांसा बाजार में रोकी गई। जिसके बाद उन्हें दफ्तर में बुलाया गया। जिसके बाद उनकी गाड़ी ली गई। वहीं 5 हजार रुपए लेने के मामले को लेकर लक्की ने कहा कि वह आरोप है। उन्होंने कहा कि रोहित नामक व्यक्ति ने फोन करके कहा कि कर्मियों की फीस लेकर उन्हें छोड़ दिया जाए। लक्की ने कहा कि डीलर को कहा जाता है कि कुछ पैसे लिए जाते है। व्यक्ति से 2 से 5 हजार तक सिक्योरिटी फीस ली जाती है। जिसके बाद उन्हें अन्य पैसे जमा करवाने के लिए महीने का समय दिया जाता है। जिसको लेकर मैसेज भी किया जाता है। अगर 63 हजार रुपए खड़े होते है तो उनकी सेटलमेंट कम पैसों में करवाई जाती है। वहीं कर्मियों को लेकर कहाकि उनके किसी कर्मी पर कोई मामला दर्ज नहीं है। लक्की ने कहा कि अगर केस हुआ तो थर्ड पार्टी को नहीं बल्कि फर्स्ट पार्टी को स्लिप दी जाती है और इस बार भी दी गई है। जिसके बाद आज गाड़ी छीनने के बाद मैनेजर को अपडेट कर दिया गया। बता दें कि रिकवरी कर्मियों द्वारा रास्ते में लोगों को रोककर उनकी एक्टिवा छीनने का यह पहला मामला नहीं है। कुछ दिन पहले भी एक्टिवा छीनने के मामले सामने आए थे। जिसके बाद उच्च अधिकारियों द्वारा भी समझौता करने की बात कही गई थी।  

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