डेली संवाद, नई दिल्ली। Petrol-Diesel Price Hike: देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। मंगलवार 19 मई से तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में औसतन 90-90 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की है। इससे पहले 15 मई को भी ईंधन की कीमतों में 3-3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। लगातार दूसरी बार हुई इस बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
मध्य पूर्व में जारी तनाव और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर अब भारतीय बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। तेल विपणन कंपनियों (OMCs) का कहना है कि लंबे समय से पुराने रेट पर ईंधन बेचने के कारण उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था, जिसके चलते कीमतों में संशोधन करना जरूरी हो गया।

दिल्ली समेत महानगरों में नए पेट्रोल-डीजल रेट
नई बढ़ोतरी के बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल (Petrol) 87 पैसे महंगा होकर 98.64 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। वहीं डीजल की कीमत 91 पैसे बढ़कर 91.58 रुपये प्रति लीटर हो गई है। देश के अन्य महानगरों में भी ईंधन की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है।
पेट्रोल के नए दाम
- दिल्ली – 98.64 रुपये प्रति लीटर
- मुंबई – 107.59 रुपये प्रति लीटर
- कोलकाता – 109.70 रुपये प्रति लीटर
- चेन्नई – 104.49 रुपये प्रति लीटर
डीजल के नए दाम
- Delhi – 91.58 रुपये प्रति लीटर
- मुंबई – 94.08 रुपये प्रति लीटर
- कोलकाता – 96.07 रुपये प्रति लीटर
- चेन्नई – 96.11 रुपये प्रति लीटर
कोलकाता में पेट्रोल की कीमत में सबसे ज्यादा 96 पैसे की बढ़ोतरी देखने को मिली है, जबकि मुंबई में डीजल 94 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ है।

क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?
विशेषज्ञों के मुताबिक मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है। इससे क्रूड ऑयल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। भारतीय तेल कंपनियां पिछले करीब 10 हफ्तों से पुराने दामों पर ईंधन बेच रही थीं, जबकि उनकी खरीद लागत बढ़ती जा रही थी।
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पहले 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बावजूद कंपनियों का नुकसान पूरी तरह कवर नहीं हो पाया। इसी वजह से अब दूसरी बार कीमतों में इजाफा किया गया है।
आम जनता और कारोबार पर पड़ेगा असर
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ता है। ईंधन महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन लागत बढ़ जाती है, जिसका असर खाने-पीने की चीजों से लेकर रोजमर्रा के सामान तक पर दिखाई देता है।
सबसे ज्यादा असर छोटे व्यापारियों, ट्रांसपोर्ट कारोबारियों, टैक्सी और ऑटो चालकों तथा रोजाना निजी वाहन इस्तेमाल करने वाले लोगों पर पड़ सकता है। सार्वजनिक परिवहन का किराया बढ़ने की भी आशंका जताई जा रही है।
महंगाई बढ़ने का खतरा
आर्थिक जानकारों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल के दाम और बढ़ सकते हैं। इससे देश में महंगाई दर पर दबाव बढ़ेगा और आम लोगों का घरेलू बजट प्रभावित हो सकता है।
लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों ने एक बार फिर महंगाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अब लोगों की नजर सरकार और तेल कंपनियों के अगले फैसले पर टिकी हुई है।
