Jalandhar News: बढ़ सकती है मजीठिया की मुश्किलें, देखें वीडियो

दर्ज FIR को लेकर ED के पूर्व अधिकारी का आया बयान

जालंधर, ENS: अमृतसर के ग्रीन एवेन्यू में स्थित घर से शिरोमणि अकाली दल के सीनियर नेता व पूर्व मंत्री बिक्रमजीत सिंह मजीठिया को विजिलेंस ने बीते दिन आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार किया गया। जहां कोर्ट से आज विजिलेंस को मजीठिया का 7 दिन का रिमांड मिला है। वहीं इस मामले को लेकर ईडी के पूर्व अधिकारी निरंजन सिंह का बयान सामने आया है। जहां उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मजीठिया के खिलाफ यह कार्रवाई अलग है, जबकि ड्रग्स के मामले में मजीठिया के खिलाफ ईडी की ओर से दिसंबर 2021 में मामला दर्ज किया गया था। ईडी के पूर्व अधिकारी ने कहा कि यह दोनों मामले अलग है।


उस मामले की जांच एसआईटी कर रही है। इस केस को विजिलेंस की टीम नहीं देख रही। उन्होंने कहा कि मजीठिया के खिलाफ अब दो दिन पहले एक नई एफआईआर दर्ज की गई है। यह Prevention of Corruption Act (पीसी एक्ट) में दर्ज की गई है और यह डीए केस में मामला दर्ज है। जो ईडी की टीम मजीठिया के खिलाफ कार्रवाई कर रही है वह 2013 के केस को लेकर की जा रही है। ड्रग्स मामले में गहनता से पूछताछ भी की जा चुकी है। वहीं विदेशों में बैठे लोगों की इन्वेस्टिगेशन करना अलग बात है। पूर्व अधिकारी ने कहा कि इस मामले में जो पुलिस अधिकारी लिप्त पाए गए थे, उन सभी को सजा हो चुकी है।

इस केस में 17 लोगों को सजा हुई थी, जिसमें पुलिस अधिकारी जगदीश भोला शामिल थे। जगदीश भोला केस में 10 साल की सजा पूरी काट चुका है। वहीं पुलिस केस में वह बेल में है, क्योंकि इस केस में सजा पेंडिंग थी। वहीं बिक्रम मजीठिया को लेकर पूर्व अधिकारी ने कहा कि इस मामले में ईडी भी अब जांच कर सकती है। आय से अधिक संपत्ति को लेकर कहा कि इस मामले में ड्रग्स से तैयार की संपत्ति के बारे में विजिलेंस ही बता सकती है। उन्होंने कहा कि अब मजीठिया के खिलाफ एक और मामला दर्ज हो गया है, ऐसे में ईडी के पास केस पेंडिंग होने के चलते अब उन्हें भी मजीठिया को केस में जांच करनी चाहिए।

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