Punjab News: मजीठिया के मामले में पूर्व ED अधिकारी निरंजन का आया बड़ा बयान, देखें वीडियो

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मोहालीः पंजाब में आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस ने शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को कुछ दिन पहले गिरफ्तार किया था। जिसके बाद कोर्ट से विजिलेंस ने मजीठिया का 7 दिन का रिमांड हासिल किया था। वहीं इस केस में मजीठिया की मुश्किलें बढ़ती हुई दिखाई दे रही है। बीते दिन मजीठिया के खिलाफ ड्रग केस को लेकर पूर्व डीजीपी डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय विजिलेंस के समक्ष पेश हुए थे। वहीं इस केस को लेकर ईडी के पूर्व डिप्टी डॉयरेक्टर निरंजन सिंह को विजिलेंस विभाग ने पूछताछ के लिए तलब किया था, जिसके बाद उन्होंने आज अपने बयान दर्ज करवाए हैं।

निरंजन सिंह ने कहा कि 2021 में उनके रिटायर होने तक यह जांच जारी थी और अदालत में इसकी स्टेटस रिपोर्ट भी दाखिल की जा चुकी है, इसलिए फिलहाल वह ज्यादा जानकारी साझा नहीं कर सकते। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि 6 हजार करोड़ के भोला वाले ड्रग मामले में उनकी तरफ से जांच की गई थी। इस मामले में 17 लोगों को सजा हो चुकी है। उस समय बिक्रम मजीठिया का नाम सीधे तौर पर नहीं आया था। लेकिन जब भोला व बिट्‌टू औलख की स्टेटमेंट्स ली गई तो उसमें बिक्रम मजीठिया का जिक्र था।

आज की जांच ड्रग मामले में नहीं, आय से अधिक संपत्ति के मामले में है। लेकिन ग्राउंड वही है। इसलिए उन्हें स्टेटमेंट देने के लिए बुलाया गया। उन्होंने विजिलेंस को बताया कि अन्य आरोपियों व भोला ने उन्हें क्या-क्या कहा है। जो ईडी में मैंने जांच के दौरान अपनी स्टेटमेंट्स दी थी, वे बता दी हैं। मेरी जांच रिपोर्ट के आधार पर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में रिपोर्ट दाखिल की गई थी। इसी को आधार पर हाईकोर्ट ने एसटीएफ को जांच व कार्रवाई के लिए कहा था। एसटीएफ ने भी अपनी अब्जर्वेशन लगा कर रिपोर्ट हाईकोर्ट में दी।

हाईकोर्ट ने रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई के लिए कहा था, लेकिन तब की सरकार ने कोई एक्शन नहीं लिया। 2021 में मेरी व एसटीएफ की रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर होती है। ये मामला विजिलेंस ने किया है। ये सभी मामले एक दूसरे से लिंक हैं। आगे विजिलेंस जांच करेगी। बता दें कि निरंजन सिंह वही अधिकारी हैं, जिन्होंने 2014 में मजीठिया के खिलाफ ईडी की जांच में अहम भूमिका निभाई थी। वे पहले भी बता चुके हैं कि पुलिस की एफआईआर में उनका नाम नहीं था, लेकिन आरोपियों से पूछताछ के दौरान उनका नाम सामने आया था। बाद में मामले के वित्तीय पहलुओं की जांच भी उन्होंने ही की थी।

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