एक्टर दिलीप कुमार साढ़े 3 लाख रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार

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पटनाः यूट्यूबर और भोजपुरी एक्टर दिलीप कुमार साहू को दहिसर साइबर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। एक्टर पर साढ़े तीन लाख रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी करने का आरोप लगा है। दावा किया जा रहा है कि उन्होंने कम से कम कमीशन के साथ क्रेडिट कार्ड स्वाइप के बदले कैश करने के बहाने एक मुंबईकर के साथ ठगी की है। साथ ही कई अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया है। 41 साल के भोजपुरी एक्टर दिलीप कुमार साहू को उत्तर प्रदेश के कौशांबी से हिरासत में लिया गया। फिर 28 जून को ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई लाया गया। मिडडे की एक रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें 1 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

जांच में पता चला है कि दिलीप कुमार साहू ने कांदिवली, गोरेगांव और शहर के अन्य इलाकों में भी इसी तरह की धोखाधड़ी की है। कौशांबी में भी उसके खिलाफ शिकायतें दर्ज की गई हैं। बोरीवली में रहने वाले बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (BEST) के 44 साल के ड्राइवर को कथित तौर पर धोखाधड़ी वाली कैश-ऑन-क्रेडिट-कार्ड योजना के झांसे में आकर 3.5 लाख रुपये की ठगी का शिकार होना पड़ा। ये घोटाला तब सामने आया, जब पीड़ित ने दहिसर साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित के अनुसार, धोखाधड़ी की शुरुआत मई 2025 में हुई, जब वो कांदिवली के पोइसर डिपो में काम करने के लिए जा रहा था।

उसने एक पोस्टर देखा, जिस पर लिखा था ‘क्रेडिट कार्ड से कैश लीजिए’ और साथ में एक मोबाइल नंबर भी था, जिसे उसने सेव कर लिया। 13 मई को पीड़ित ने उस नंबर पर संपर्क किया और एक व्यक्ति से बात की, जिसने खुद को दिलीप कुमार साहू बताया। उसने कथित तौर पर क्रेडिट कार्ड स्वाइप के बदले में नकद देने की पेशकश की, जिसमें केवल 2.5 प्रतिशत कमीशन लिया गया। प्रस्ताव पर भरोसा करते हुए, पीड़ित ने व्हाट्सएप पर सीवीवी और ओटीपी सहित अपने क्रेडिट कार्ड की डिटेल शेयर कीं। कुछ ही समय बाद, उन्हें 20,000 रुपये के लेनदेन से 500 रुपये की कटौती के बाद Google Pay के माध्यम से 19,500 रुपये मिले। इसके बाद पीड़ित सफल लेनदेन से उत्साहित हो गया। उसने 16 मई को फिर से संपर्क किया और 3.5 लाख रुपये मांगे।

उन्होंने अपने दो क्रेडिट कार्ड की जानकारी और ओटीपी नंबर शेयर किया। इस बार कई लेनदेन में 3,50,020 रुपये डेबिट हो गए, लेकिन उनके खाते में कोई पैसा ट्रांसफर नहीं हुआ। दहिसर पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की कि दिलीप कुमार साहू ने पीड़ित को आश्वासन दिया था कि अमाउंट उसके बचत खाते में जमा कर दी जाएगी, लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ। ठगे जाने का अहसास होने पर पीड़ित ने सबसे पहले राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर मामले की सूचना दी और फिर स्थानीय पुलिस से संपर्क किया। जोन 12 के वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में एपीआई अंकुश डांडगे और कांस्टेबल श्रीकांत देशपांडे ने आरोपी को कौशांबी से ढूंढ निकाला और उसे गिरफ्तार कर लिया।

 

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