Jalandhar News: 3 महीनों से बिल्डंग विभाग की सब कमेटी की कार्यशैली Zero, आज भी बेनतीजा रही बैठक

न कोई सुझाव और न ही कोई स्कैंडल उजागर कर पाई कमेटी, शहर में अवैध बिल्डिंगों की भरमार..

जालंधर, ENS: शहर में अवैध बिल्डिंगों का ग्राफ कम करने और नगर निगम रैवन्यू बढ़ाने के मकसद से बनाई गई बिल्ड़िंग सब कमेटी पिछले तीन महीनों से कुछ भी नहीं कर पाई और न ही शहर की किसी अवैध बिल्डिंग का काम बंद करवा पाई और न ही किसी रिकार्ड की जांच कर कोई स्कैंडल सामने ला पाई। इसके पीछे सब कमेटी के तमाम सदस्यों का बिल्डिंग विभाग की कार्यप्रणाली सबंधी तजुर्बा न होना ही है। जिसकी वजह से बिल्डिंग विभाग के अधिकारी सब कमेटी के चेयरमैन अश्विनी अग्रवाल को हल्के में ले रहे हैं।

सब कमेटी के चेयरमैन द्वारा कमेटी का गठन होने के बाद एमटीपी विभाग के साथ पांच बार मीटिंग की गई ।मगर इन मीटिंगो का कोई भी असर न तो बिल्डिंग विभाग के किसी अधिकारी पर हुआ और न ही  कमेटी का शहर में अवैध बिल्डिंगें बनाने वाले किसी बिल्डर पर दबाव बना।

हर अवैध बिल्डिंग के पीछे एक राजनेता का हाथ

जालन्धर में पिछले कुछ सालों से एक चलन चल रहा है कि अगर कोई बिल्डिंग बिना नक्शा पास करवाए बनवानी है तो राजनेता की शरण लेनी जरूरी है। इसके बिना कई तरह की कानूनी परेशानियां सामने आ सकती है। दमोरिया पुल से किशनपुरा चौंक की ओर गुरु रविदास स्कूल के साथ एक राजनेता के करीबी दुकानदार ने एक खंडर तथा रिहायशी इलाके में कई मकान खरीदे और उसे तोड़ कर वहां 30 मरले की कल्ब कमर्शियल बिल्डिंग का लैंटर डालने के लिए शटरिंग कर दी गई।

इस सबंधी नगर निगम कमिशनर के पास लिखिती शिकायतें भी पहुंची और सब कमेटी के चेयरमैन द्वारा भी इस मुद्दे को उठाया गया जिसके बाद इसका असर महज दो दिन ही रहा औऱ बाद में अंदरखाते बिल्डिंग का लैंटर डलवा दिया गया और मामला रफा दफा कर दिया गया। आसपास दुकानदारों ने नाम न छापने के चलते बताया कि इस बिल्डिंग के बदले नगर निगम में सैटिंग हो चुकी है तथा अब कोई भी अधिकारी यहां कारवाई नहीं करेगा क्योंकि इस सैटिंग में मुख्य भूमिका एक पार्षद ने निभाई थी।

सैदां गेट की एक बड़ी बिल्डिंग के बदले भी लाखों रुपयों की सैटिंग की चर्चा

सैंट्रल हल्के में स्थित सैदां गेट में बड़ा खेल होने की चर्चा है , जहां गल्त नक्शा पास करके नगर निगम को रगड़ा लगाया गया है। यहां बिल्डिंग मालिक के पास ग्राउंड फ्लोर की 4 मरले की रजिस्ट्री थी मगर कागजों में हेरफेर करके वहां 10 मरले का लैंटर डलवा दिया गया। मामले संबधी भी शिकायत कमिशनर तथा मेयर दफ्तर तक पहुंची मगर यह मामला सियासी गलियारों में गुम हो गया। फिलहाल इस मामले सबंधी शिकायतकर्ता लोकपाल पंजाब में केस दायर करने की तैयारी कर रहा है।

दिलकुशा मार्किट के करीब एक दुकान का नक्शा पास करवाकर बनवा दी 22 दुकानें

सिविल लाईन रोड पर स्थित होटल रणवीर प्राईम के पार्किंग एरिया का सब डविजन करवा कर वहां एक दुकान का नक्शा पास करवाया गया। मगर बिल्डिंग विभाग के एक शातिर अधिकारी ने वहां 22 दुकाने बनवा दी नगर निगम का 25 लाख का रगड़ा लगाया। इस मामले में भी न तो निगम प्रशासन कोई कारवाई कर पाया और न ही बिल्डिंग सब कमेटी के हाथ कोई रिपोर्ट लगी।

आज हुई बैठक दौरान सब कमेटी ने एक बार फिर रिकार्ड लेने का रौना रौया मगर आज भी एमटीपी इकबालप्रीत सिंह रंधावा ने कोई रिकार्ड नहीं दिया। इससे पहले कांग्रेस सरकार दौरान बनाई गई सब कमेटी ने निगम के खजाने को भरने के लिए कई प्रयास किए थे जिसके बाद निगम को करोड़ों रुपयों का रैवन्यू भी मिला था।

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