उन्होने कहा कि इस वन टाईम पंजीकरण योजना के तहत पंजीकृत होने वाले कारखाने या व्यापारिक संस्थान का पिछले पांच का कोई भी रिकार्ड जांचा नहीं जाएगा। और जिस तिथि से उद्यमी पंजीकृत होना चाहे उसी तिथि से उसको विभाग की ईएसआई योजना में पंजीकृत कर दिया जाएगा। वहीं एमनेस्टी योजना के तहत मार्च 2025 तक जो भी कोर्ट केस लंबित है कर्मचारी राज्य बीमा निगम में राहत दी जाएगी। वहीं दूसरी ओर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) बददी जिला कार्यालय के प्रवर्तन अधिकारी रफीक मुहम्मद ने बताया कि भारत सरकार की पीएम विकसित भारत रोजगार योजना (पूर्व में रोजगार प्रोत्साहन योजना) पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। यह योजना 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच सृजित रोजगार के लिए लागू होगी। भाग ए में पहली बार काम करने वाले कर्मचारियों के लिए पहली बार ईपीएफओ के साथ पंजीकृत कर्मचारियों को अधिकतम 15 हजार रुपये का एक महीने का वेतन दो किस्तों में दिया जाएगा। जिसकी पात्रता एक लाख तक के वेतन वाले कर्मचारियों के लिए है। भाग बी में नियोक्ताओं के लिए प्रोत्साहन सभी क्षेत्रों में अतिरिक्त रोजगार सृजन विशेषकर विनिर्माण क्षेत्र पर ध्यान देना है जिसमें एक लाख रुपये तक के वेतन वाले कर्मचारियों के लिए नियोक्ताओं को प्रति कर्मचारी 3000 रुपये प्रतिमाह (2 साल तक) का प्रोत्साहन दिया जाएगा।
मार्च 2025 तक जो भी कोर्ट केस लंबित है कर्मचारी राज्य बीमा निगम में राहत दी जाएगी

वन टाईम पंजीकरण योजना में पंजीकृत होने वालों का रिकार्ड नहीं जांचा जाएगा
विभागों की योजनाओं से एमएसएमई सैक्टर को मिला लाभ-अशोक राणा
बददी में ईएसआई व पीएफ की नई योजनाओं का विभाग ने किया बखान
बद्दी/सचिन बैंसल: आज भारत सरकार के श्रम एंव रोजगार मंत्रालय के तहत ईएसआईसी व पीएफ विभाग ने लघु उद्योग संघ सभागार में उद्योग जागरुकता सैमीनार का आयोजन किया गया। इसमें दोनो विभागों ने अपनी अपनी योजनाओं का बखान किया और उद्यमियों ने इसका लाभ उठाया। कार्यक्रम में कर्मचारी राज्य बीमा निगम के हिमाचल प्रदेश के क्षेत्रीय निदेशक कर्नल मंजीत कटोच व उप निदेशक कर्णपाल सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि के तौर पर भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता लघु उद्योग संघ के प्रदेशाध्यक्ष अशोक राणा ने की जबकि विशिष्ट अतिथि के तौर फेडरेशन आफ इंडियन इंडस्ट्री के प्रदेशाध्यक्ष चिरंजीव सिंह ठाकुर व गत्ता उद्योग संघ के अध्यक्ष हेमराज चौधरी ने शिरकत की। क्षेत्रीय निदेशक कर्नल मंजीत कटोच ने बताया कि ईएसआईसी की स्प्री योजना एमनेस्टी योजना के बारे में बताया जिसमें 1 जुलाई 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक स्प्री योजना के तहत जो नए नियोजक पंजीकृत होंगे उनको उसके लाभ के बारे में अवगत कराया।
उन्होने कहा कि इस वन टाईम पंजीकरण योजना के तहत पंजीकृत होने वाले कारखाने या व्यापारिक संस्थान का पिछले पांच का कोई भी रिकार्ड जांचा नहीं जाएगा। और जिस तिथि से उद्यमी पंजीकृत होना चाहे उसी तिथि से उसको विभाग की ईएसआई योजना में पंजीकृत कर दिया जाएगा। वहीं एमनेस्टी योजना के तहत मार्च 2025 तक जो भी कोर्ट केस लंबित है कर्मचारी राज्य बीमा निगम में राहत दी जाएगी। वहीं दूसरी ओर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) बददी जिला कार्यालय के प्रवर्तन अधिकारी रफीक मुहम्मद ने बताया कि भारत सरकार की पीएम विकसित भारत रोजगार योजना (पूर्व में रोजगार प्रोत्साहन योजना) पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। यह योजना 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच सृजित रोजगार के लिए लागू होगी। भाग ए में पहली बार काम करने वाले कर्मचारियों के लिए पहली बार ईपीएफओ के साथ पंजीकृत कर्मचारियों को अधिकतम 15 हजार रुपये का एक महीने का वेतन दो किस्तों में दिया जाएगा। जिसकी पात्रता एक लाख तक के वेतन वाले कर्मचारियों के लिए है। भाग बी में नियोक्ताओं के लिए प्रोत्साहन सभी क्षेत्रों में अतिरिक्त रोजगार सृजन विशेषकर विनिर्माण क्षेत्र पर ध्यान देना है जिसमें एक लाख रुपये तक के वेतन वाले कर्मचारियों के लिए नियोक्ताओं को प्रति कर्मचारी 3000 रुपये प्रतिमाह (2 साल तक) का प्रोत्साहन दिया जाएगा।
उन्होने कहा कि इस वन टाईम पंजीकरण योजना के तहत पंजीकृत होने वाले कारखाने या व्यापारिक संस्थान का पिछले पांच का कोई भी रिकार्ड जांचा नहीं जाएगा। और जिस तिथि से उद्यमी पंजीकृत होना चाहे उसी तिथि से उसको विभाग की ईएसआई योजना में पंजीकृत कर दिया जाएगा। वहीं एमनेस्टी योजना के तहत मार्च 2025 तक जो भी कोर्ट केस लंबित है कर्मचारी राज्य बीमा निगम में राहत दी जाएगी। वहीं दूसरी ओर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) बददी जिला कार्यालय के प्रवर्तन अधिकारी रफीक मुहम्मद ने बताया कि भारत सरकार की पीएम विकसित भारत रोजगार योजना (पूर्व में रोजगार प्रोत्साहन योजना) पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। यह योजना 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच सृजित रोजगार के लिए लागू होगी। भाग ए में पहली बार काम करने वाले कर्मचारियों के लिए पहली बार ईपीएफओ के साथ पंजीकृत कर्मचारियों को अधिकतम 15 हजार रुपये का एक महीने का वेतन दो किस्तों में दिया जाएगा। जिसकी पात्रता एक लाख तक के वेतन वाले कर्मचारियों के लिए है। भाग बी में नियोक्ताओं के लिए प्रोत्साहन सभी क्षेत्रों में अतिरिक्त रोजगार सृजन विशेषकर विनिर्माण क्षेत्र पर ध्यान देना है जिसमें एक लाख रुपये तक के वेतन वाले कर्मचारियों के लिए नियोक्ताओं को प्रति कर्मचारी 3000 रुपये प्रतिमाह (2 साल तक) का प्रोत्साहन दिया जाएगा।
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