Jalandhar News: गोली लगने से युवक की मौत, परिजनों ने लगाया धरना, देखें Live

जालंधर, ENS: कमल विहार और बशीरपुरा फाटक के पास 22 दिन पहले गोली लगने के कारण जख्मी भरत नगर का मुनीष घायल हो गया था। इस घटना में विशाल के बेटे मुनीष की 22 दिन बाद अस्पताल में ईलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं परिवार द्वारा आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई ना किए जाने को लेकर जीआरपी थाने के बाहर प्रदर्शन किया जा रहा है। मृतक बेटे के पिता का आरोप हैकि बीते दिन आरोपी लड़के के चाचे को गिरफ्तार किया गया था। परिवार का आरोप है कि दीनानाथ का कबाड़िया है और पार्टी का प्रधान है।

आरोप है कि उसकी शह पर ही बेटे का कत्ल किया गया। जबकि जिसने घटना को अंजाम दिया है, वह भी प्रधान का वर्कर है। जिसमें मणिकरण शामिल है। पुलिस ने अब तक 2 आरोपियों को ही गिरफ्तार किया है। परिवार का कहना हैकि मुनीष पर गोलियां चलाने का मुख्य आरोपी मनकरण अभी भी फरार है। जबकि एक आरोपी राजा को कुछ दिन पहले जीआरपी पुलिस ने उसके घर लम्मा पिंड से गिरफ्तार कर लिया था। बेटे की मौत के बाद पिता विशाल ने जीआरपी थाने के बाहर आकर पुलिस पर आरोपियों को न पकड़ने के आरोप लगाए हैं। वहीं, जीआरपी के एएसआई तरनजीत सिंह ने कहा कि हर रोज छापेमारी की जा रही है।

Read In English :- Father Demands Justice After Son Dies 22 Days Post Gunshot Injury in Jalandhar

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विशाल के पिता ने आरोप लगाया कि गोली मारने वाले मनकरण को प्रवासी सेल का प्रधान दीनानाथ शह दे रहा है। क्योंकि साल 2024 में उसने उनके बेटे मुनीष पर झूठी एफआईआर करवाई थी। बेटा जमानत पर बाहर आ गया तो 12 जुलाई को उसे गोली मार दी। पुलिस प्रशासन से मांग है कि आरोपियों के खिलाफ बनती कार्रवाई करे। मृतक मुनीष के भाई करन ने बताया कि गोली भाई के पेट के निचले हिस्से में फंस गई थी।

जिस कारण बाथरुम वाली थैली फट गई थी। एक आपरेशन हो गया था, दूसरा होना बाकी था। लेकिन उससे पहले ही भाई हौसला छोड़ गया। आरोपियों पर हर हालत में कार्रवाई होनी चाहिए। उधर, दीनानाथ का कहना है कि मुझे मामले बारे कोई जानकारी नहीं है। सब राजनीतिक स्टंट है। उन्हें झूठा फंसाया जा रहा है। आरोप बेबुनियाद हैं। परिवार का आरोप है कि बीते दिन जीआरपी थाना प्रभारी अशोक से बीते दिन मृतक की मौत को लेकर बात की गई। जहां परिवार ने आरोप लगाए कि दीनानाथ उन्हें धमकियां दे रहा है।

हालांकि थाना प्रभारी ने शाम 5 बजे तक पर्चा दर्ज करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अभी तक पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसी के विरोध में यह धरना लगाया गया। पार्षद राजू ने बताया कि मणिकरण को पुलिस ने नामजद किया है। उन्होंने बताया कि मनीष डीएमसी से उपचार के बाद घर आ गया था, जहां उसकी दोबारा से तबीयत खराब हो गई और उसे फिर अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती करवाया गया। जिसके बाद ईलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

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