Punjab News: पूर्व SSP-DSP सहित 5 दोषी करार, उम्रकैद की सजा, 4-4 लाख रुपए लगा जुर्माना, देखें वीडियो

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मोहालीः तरनतारन में 1993 में हुए फर्जी एनकाउंटर के मामले में शनिवार को सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने पूर्व एसएसपी भूपिंदर सिंह विर्क, डीएसपी दविंदर सिंह थानेदार सूबा सिंह, थानेदार गुलबर्ग सिंह, थानेदार रघबीर सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसी के साथ कोर्ट ने आरोपियों को 4-4 लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई। कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद पीड़ित परिवार को 32 साल बाद इंसाफ मिला है।

पीड़ित परिवारों के वकील सरबजीत सिंह वेरका ने बताया कि जांच पूरी करने के बाद सीबीआई ने 2002 में भूपिंदरजीत सिंह डीएसपी गोइंदवाल, इंस्पेक्टर के खिलाफ आरोप पत्र पेश किया था। गुरदेव सिंह एसएचओ सरहाली, एसआई ज्ञान चंद, एएसआई देविंदर सिंह, एएसआई गुलबर्ग सिंह, इंस्पेक्टर सूबा सिंह एसएचओ थाना वेरोवाल, एएसआई जगीर सिंह, एएसआई रघुबीर सिंह, एचसी मोहिंदर सिंह, एचसी अरूर सिंह को नामजद किया गया। लेकिन 2010-21 की अवधि के दौरान इस मामले की सुनवाई रुकी रही और इस अवधि के दौरान पांच आरोपियों की मृत्यु हो गई।

वेरका ने यह भी बताया कि सीबीआई ने इस मामले में 67 गवाहों का हवाला दिया था लेकिन दुर्भाग्य से देरी से सुनवाई के दौरान 36 गवाहों की भी मृत्यु हो गई और इस मामले में केवल 28 ने गवाही दी। अंत में आज शुक्रवार को पांच आरोपियों भूपिंदरजीत, दविंदर, सूबा, गुलबर्ग और रघबीर सिंह को यूएस 120 बी, 120-बी आर/डब्ल्यू 302 आईपीसी, 120 बी आर/डब्ल्यू 201 आईपीसी और 120 बी आर/डब्ल्यू 218 आईपीसी के लिए अपराध करने का दोषी ठहराया गया और दोषी को हिरासत में ले लिया गया और जेल भेज दिया गया और आज सोमवार को सजा सुनाई गई। अदालत में उपस्थित परिवार के सदस्यों ने कहा कि घटना के 32 साल बाद न्याय मिला है।

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